लालकुआं-अमृतसर मध्य ट्रेन संचालन पर मुख्यमंत्री धामी ने किया केंद्र सरकार का आभार
देहरादून,20 फरवरी, केंद्र आदेशनुसार लालकुआं रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन के लिए ट्रेन संचालन को रेल मंत्रालय ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण मार्ग में रेल संचालित होने से निश्चित ही यात्रियों को यात्रा करने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत 2 दिसंबर 2023 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर काठगोदाम से अमृतसर के मध्य रेल सेवा के संचालन का अनुरोध किया था।
रेल मंत्रालय ने लालकुआं-अमृतसर के मध्य ट्रेन संचालन को मंजूरी प्रदान कर दी है। रेल मंत्रालय द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है कि नयी ट्रेन के संचालन को मंजूरी दे दी गई है।जिस पर मुख्यमंत्री ने केंद्र के इस निर्णय का हार्दिक स्वागत किया है !
भावुक हुए धामी ने कहा, रोम-रोम भक्तिमय और प्रफुल्लित हुआ मन
देहरादून,20फरवरी, मंगलवार को उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इस दौरान सभी बेहद उत्साहित और भक्ति भाव में डूबे हुए नजर आए।
मुख्यमंत्री धामी मंत्रिमंडल में अपने सहयोगियों सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ धन सिंह रावत, श्रीमती रेखा आर्य एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के साथ जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा में पहुंचने पर मुख्यमंत्री धामी और उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों का भव्य स्वागत हुआ।
इस अवसर पर वातावरण जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। यहां से वह राम जन्मभूमि के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री एवं उनके सहयोगी श्री अयोध्या धाम में प्रभु राम को साष्टांग नमन कर पूजा अर्चना की। दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भावुक हो कहा कि श्री रामलला के दर्शन से रोम-रोम भक्तिमय और मन प्रफुल्लित है। यह सत्य है कि रामलला को कई वर्षों तक टेंट में रहना पड़ा। आज भव्य मंदिर में रामलाला के दर्शन किए। मैं भाव विह्वल हूं और प्रभु श्रीराम के चरणों में समर्पित हूं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में उत्तराखंड वासियों के लिए उत्तराखंड सरकार राज्य अतिथि गृह बनाने की तैयारी कर चुकी है। 4700 वर्ग मीटर में बनने वाले इस राज्य अतिथि गृह को बनाने के लिए हमारी सरकार ने
भूमि की खरीद को लेकर 32 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से भगवान श्री राम के दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंचने वाले श्रीराम भक्तों को इस राज्य अतिथि गृह में सुविधा मुहैया करवायी जाएगी।
गाजीपुर उत्तर प्रदेश की रहने वाली दोनो बहन और भाई सोसल मीडिया पे धूम मचा रखे हैं
गाजीपुर उत्तर प्रदेश की रहने वाली दोनो बहन और भाई सोसल मीडिया पे धूम मचा रखे हैं। इनके YouTube Channel का नाम #Yadavpoonam08 and #yadavkriti880 आप लोग को बता दू की इनकी शॉर्ट फिल्म (प्राथमिक विद्यालय ) बहुत जल्द आप लोग को देखने को मिले गी। जिसके डायरेक्टर उन लोग के बड़े भाई
सुनील यादव सोनुवा जी है।
बहुत हि अच्छी स्टोरी बताई जा रही है।
जिसमे कई कलाकार हैं जैसे की उमेश यादव युवी, विशाल यादव, अमित यादव, संजना सिंह, और कई बाल कलाकार है। इस फिल्म के कैमरा मैन धर्मेंद्र विश्वकर्मा जी है।
बहुत जल्द इसका दूसरा पोस्टर भी लॉन्च होगा.

चर्चाओं के बीच एक बार फिर आ गई ‘खुदाई’
भारतीय फिल्म जगत के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना की फिल्म ‘खुदाई’ 1994 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में दीपिका चिखिलिया और माधवी ने भी काम किया था। मानवीय संवेदनाओं को परिभाषित करती इस फिल्म को सिनेदर्शकों ने अपना भरपूर प्यार दिया था। इस फिल्म के बाद अभिनेत्री दीपिका चिखिलिया का नाम तेजी से उभर कर सामने आया और बाद में रामानंद सागर की ‘रामायण’ में सीता बन कर सिनेफलक पर छा गई। अब 21वीं सदी के दौर में ए जे फिल्म्स क्रिएशन बैनर तले निर्मित फिल्म ‘खुदाई’ एक बार फिर सिने दर्शकों तक पहुंच चुकी है और फिलवक्त बॉलीवुड में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह फिल्म असत्य पर सत्य की जीत की कहानी है। एक जांबाज पुलिस ऑफीसर महेश पंडित शिव भक्त है। सत्य की राह पर चलते हुए न्याय के लिए समाज के जालिमों लड़ता है। महाकाल की कृपा से वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होता है।
महाकाल अपने भक्त की कैसे मदद करते हैं, यही ‘खुदाई’ है। यह एक्शन प्रधान फिल्म है। एक्शन डायरेक्टर रॉबर्ट जॉन फोंसेका ने जबरदस्त मारधाड़ के दृश्य फिल्माए हैं। एक्शन के साथ इस फिल्म में इमोशंस, ड्रामा और रोमांस भी है। अब्दुल जब्बार अंसारी, स्नेहा, अनिल धवन, रमेश गोयल, अली खान, जावेद हैदर, अखिलेश गौड़, अरुण सिंह, श्री राज, आर के शुक्ला आदि ने फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. अब्दुल जब्बार अंसारी की इस फिल्म में महाकाल की महिमा व शिव की शक्ति का बहुत खूबसूरती से फिल्मांकन किया गया है। यूसुफ अली खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म के संपादक स्वदेश मिश्रा हैं। सह निर्माता उमेरा अंसारी और कार्यकारी निर्माता शोएब अंसारी हैं। गीतकार जमील अहमद के गीतोंं को संगीतकार राजा अली और सलीम सेन ने रितु पाठक, शाहिद माल्या और मनीष शर्मा के मधुर स्वर में संगीतबद्ध किया है। सभी गानों को महेश जैन ने कोरियोग्राफ किया है। फिल्म के लेखक सलीम अहमद और छायाकार मनोज राजभर हैं।
प्रस्तुति : काली दास पांडेय
अनिल धवन, राजेश मित्तल, अरुण बख्शी, राजू श्रेष्ठा की उपस्थिति में “संदेह द डाउट” का ट्रेलर हुआ लॉन्च
फिल्म “संदेह द डाउट” के ट्रेलर में है रोमांस, सस्पेंस के साथ भावनात्मक कहानी की झलक
मुंबई। निर्माता प्रदीप श्रीवास्तव की हिंदी फिल्म संदेह द डाउट का ट्रेलर मुम्बई के इम्पा में लॉन्च किया गया।
इस अवसर पर अभिनेता अनिल धवन, फिल्म वितरक और निर्माता निर्देशक राजेश मित्तल, अरुण बख्शी सहित फिल्म के सभी कलाकार मौजूद थे। फ़िल्म के निर्देशक अयाज़ खान, राइटर श्वेता श्रीवास्तव, सह निर्माता सोनी राय हैं। इम्पल्स सिने एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संजय राय ने इस फ़िल्म को प्रस्तुत किया है।
मित्तल एडवरटाइजिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन के राजेश मित्तल द्वारा यह फ़िल्म 1 मार्च 2024 को ऑल इंडिया रिलीज होने जा रही है। राजेश मित्तल अब तक 150 से भी अधिक फिल्मों का वितरण कर चुके हैं। इसके साथ ही वे बतौर निर्माता निर्देशक 40 फिल्में बना चुके हैं।
इस अवसर पर ट्रेलर के साथ फ़िल्म के गाने भी दिखाए गए। दिल बावरा एक रोमांटिक गीत है तो वहीं इसमे एक पार्टी सॉन्ग भी है साथ ही एक सैड सॉन्ग दिल रोया भी है।
निर्माता प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि हम राजेश मित्तल के बेहद आभारी हैं कि उन्होंने मुम्बई में हमें अपनी बात रखने का इतना बड़ा मंच दिया। फ़िल्म 1 मार्च को रिलीज होगी और इसमे समाज के लिए एक सीख है।
इस अवसर पर अनिल धवन, अरुण बक्शी, राजू श्रेष्ठ, कल्याणजी जाना, अरुण बख्शी सहित कई अतिथियों को शॉल देकर सम्मानित किया गया।
राजेश मित्तल ने कहा कि फ़िल्म संदेह “वो कौन थी” की याद दिलाती है। कौन मर्डर करता है पता नही चलता। मैं 50 साल से इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ हूं। मैं सिर्फ कमीशन के आधार पर फिल्में रिलीज करता हूं इसीलिए मेरे पास आज कई फिल्में हैं, यह सब निर्माताओं का प्यार है। अनिल धवन ने मेरी कई फिल्मों में काम किया है।
निर्माता प्रदीप श्रीवास्तव ने फ़िल्म में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई है। अनिल धवन ने कहा कि मेरी ओर से इस फिल्म के सभी एक्टर्स, निर्माता निर्देशक को ढेर सारी शुभकामनाएं। नए प्रतिभाशाली कलाकारों का बॉलीवुड हमेशा स्वागत करता है। वे अपने टेलेंट के दम पर ही टिक पाते हैं।
फिल्म में रिया कपूर, पुलकित रायजादा, पवन विक्रम, नीतीश भलुनी, गौरव कुमार, प्रदीप श्रीवास्तव, रितिका गुप्ता, सोनम सैनी, दुष्यंत सिंह, शिवानी सौम्या, लोकेश मोहन खट्टर और संजय रायजादा ने अभिनय किया है। ट्रेलर देखने से लगता है कि फ़िल्म सस्पेंस थ्रिल मर्डर मिस्ट्री से भरपूर है साथ ही गीत संगीत और खूबसूरत लोकेशन भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी।
– संतोष साहू
जोशीमठ का मुकुट है औली का जादुई संसार
(दीपक नौगाई-विभूति फीचर्स)
चमोली जिले मे बदरीनाथ मार्ग पर जोशीमठ नगर आजकल चर्चा में है। कमजोर पहाड़ियां दरक रही है । घरों में दरारें आ गई है और लोग डर के साए मे जी रहे है । भविष्य में क्या होगा कोई नहीं जानता ।
जोशीमठ के ठीक ऊपर है औली, जिसे हम आज स्कीइंग के लिए जानते है । सुना है औली रोप वे का एक टावर भी खतरे में है । भविष्य में औली के ढलानों में भी दरारें पड़ सकती हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता । फिलहाल तो सरकार यहाँ विंटर गेम्स की तैयारी कर रही है ।
नब्बे के दशक में युवक मंगल दल की ओर से औली जाने का अवसर मिला था । यदि वाहन से जाए तो जोशीमठ से औली की दूरी 12 किलोमीटर है , पर हम ट्रेकिंग करते हुए 5 किलोमीटर की सीधी चढाई चढ़ते हुए और बर्फ मे चलते हुए औली पहुँचे । यह दिसंबर माह की बात है । ट्रेकिंग हेतु कपड़े, जूते , छड़ी आदि आपको जोशीमठ में किराए पर मिल जाएंगे ।
औली मे अब बहुत कुछ बदल गया है । अब तो कई होटल बन गए है । एक कृत्रिम झील भी बनाई गई है । कुछ साल पहले एक चर्चित शादी समारोह से औली काफी चर्चा में आया था । मामला कोर्ट तक भी गया था । सारे नेता शादी मे मौजूद थे । इस चर्चित शादी समारोह से औली के प्राकृतिक स्वरुप से कितनी छेड़छाड़ हुई , इसकी चिंता किसी ने नहीं की ।
औली मूलतः निकट के गांवो का गोचर है । यह एक प्राकृतिक मैदान है, जिसे पहाड़ मे बुगयाल कहा जाता है । बुगयाल यानी मखमली घास की लहलहाती धरती । छह महीने यह बुगयाल बर्फ से ढका रहता है । बुगयाल हिमालय में वृक्ष समाप्ति रेखा है और शाश्वत हिम रेखा के बीच का क्षेत्र है , जो गर्मियों में अतुलनीय हरियाली की ओढनी ओढ़ लेता है । अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहाँ वृक्ष बहुत कम पाए जाते हैं । यहां की घास में छोटे छोटे रोए पाए जाते हैं, जो घास को अत्यधिक सर्दी से बचाते हैं ।
औली सालो से आसपास के गांवों के पशुओं का चरागाह था । 1962 मे भारत पर चीन के आक्रमण के बाद इसे सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र माना गया और इस हेतु जोशीमठ से औली तक हल्के वाहनों को पहुंचाने के लिए सड़क बनाई गई, जो ‘ वनटन रोड ‘ के नाम से जानी जाती है ।
औली आज अपने खूबसूरत स्कीइंग मैदानों के लिए जाना जाता है । कई स्कीइंग प्रेमियों ने इसकी तुलना स्विट्जरलैंड के मैदानों से की है । 1939 मे औली में क्रिसमस के अवसर पर जो खेलकूद हुए, उसे ही देश की पहली स्कीइंग प्रतियोगिता माना जाता है । लेकिन सही मायने मे औली में स्कीइंग के खेल की शुरुआत करने का श्रेय भारत तिब्बत सीमा पुलिस को जाता है , जिसने सत्तर के दशक के शुरुआती सालों में अपने जवानों को स्कीइंग के खेल का प्रशिक्षण देने हेतु विंटर क्राफ्ट सेंटर की स्थापना की ।
1978 से यहाँ स्कीइंग का खेल बकायदा शुरु हुआ । तब से लेकर अब तक पुलिस खेलों के अलावा कई राष्ट्रीय शरदकालीन स्कीइंग प्रतियोगिताओ का आयोजन यहाँ हो चुका है । औली के ढलानों को विश्व के कई प्रसिद्ध ढलानों के समान माना जाता है । ये ढलान समुद्र सतह से लगभग 2519 से 3049 मीटर ऊँचाई तक फैली हुई है ।
1984 मे गढ़वाल मण्डल विकास निगम ने औली को पर्यटन विकास के मद्देनजर सेंटर के रुप मे विकसित करने की पहल की । आज यहाँ सैलानियों के ठहरने के पर्याप्त इंतजाम है । अब यहाँ जनवरी से मार्च तक प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है । अनुभवी प्रशिक्षक आन द स्पाट प्रशिक्षण देते हैं । तब यहाँ का नजारा देखने लायक होता है । अगर आप को ठंडी हवाओं और गुनगुनी धूप के बीच बर्फ में
गऊ मांस की होती थी होम डिलीवरी – मेवात में गौ-तस्कर के ठिकानों पर चला बुलडोजर
राजस्थान की भाजपा सरकार ने गौतस्करों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए खैरथल-तिजारा जिले के मेवात इलाके में तस्करों के ठिकानों पर बुलडोजर चलाया । पुलिस और प्रशासन ने गौतस्करों के अवैध मकानों,गायों व इनके मांस को रखने के लिए किए गए निर्माण कार्य पर बुलडोजर चलाया। इनके बिजली के कनेक्शन काट दिए गए।
सोमवार सुबह पुलिस ने खैरथल-तिजारा व अलवर जिलों के मेावत क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस टीमों ने खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास तहसील के रूंध गिदावड़ा गांव पिछले काफी समय से गायों का मांस बिकने की सूचना प्रशासन को मिल रही थी।
इस गांव में बाकायदा बीफ की मंडी लगती थी। एक दिन पहले मामला सरकार में उच्च स्तर तक पहुंचा तो सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई की गई। हालांकि पुलिस के स्तर पर सूचना लीक होने के कारण तस्कर मौके से फरार हो गए। मौके पर गायों की हड्डियां पड़ी हुई मिली।
गौतस्करों और पुलिस के बीच मिलीभगत की खबर आई सामने
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान जंगल में गौकशी के लिए लाई गई दस गायें मिली,जिन्हे मुक्त करवाकर गौशाला भेजा गया है। इस बीच गौतस्करों से मिलीभगत के आरोप में जिला पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह ने किशनगढ़बास के पुलिस थाना अधिकारी सहित 38 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।
वहीं, चार को निलंबित किया गया है। पुलिस और प्रशासन की छापेमारी के दौरान प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे । शर्मा ने कहा,अब गौतस्करों के खिलाफ नियमित अभियान चलेगा। आरोपितों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा,मौके से गायों का मिलना पुलिस की लापरवाही है। पुलिस ने दो दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद गोकशी रिपोर्ट दर्ज की है। फरार तस्करों की तलाश के लिए पुलिस की टीम गठित की गई है।
होम डिलीवरी की थी सुविधा
जांच में सामने आया कि गौतस्कर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से मेवात में गायों को लाकर उनका वध करते थे। फिर गौमांश बेचते थे। यही नहीं घर बैठे फोन पर ( होम डिलीवरी ) उपलब्ध करवाया जाता था। रूंध गिदावड़ा और बरसंगपुर में प्रतिदिन दोपहर बाद गोमांस बेचने की मंडी लगती थी। स्थानीय पुलिस की मिलीभगत के कारण तस्करों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।
रविवार को इस बारे में सरकार में उच्च स्तर तक रिपोर्ट पहुंची तो जयपुर से पुलिस महानिरीक्षक उमेश दत्ता को भेजा गया। वन एवं पर्यावरण मंत्री ने पूरी कार्रवाई पर निगरानी रखी। पुलिस उप अधीक्षक सुरेश कुडी ने बताया कि दस किलोमीटर क्षेत्र में दबीश दी गई।
घरों व जंगल में बने ठिकानों से अवैध मांस,मांस काटने का सामान,एक दर्जन से अधिक बाइक,पिकअप और अन्य सामान बरामद किया गया है। छापेमारी की दौरान प्रत्येक घर में जाकर जांच की गई। सोमवार को विश्व हिंदू परिषद एवं विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस उप अधीक्षक के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
भाजपा विधायक बाबा बालकनाथ ने एक बयान में कहा,गायों का मांस बेचने वालों को कांग्रेस का संरक्षण हासिल है। कांग्रेस की सरकार में गोकशी शुरू हुई थी। वहीं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा,भाजपा की सरकार के कार्यकाल में गोकशी की घटना शर्मनाक है। कांग्रेस सरकार में ऐसा नहीं होता था।
चयनित 892 वन आरक्षी एवं 104 सहायक लेखाकारों को मुख्यमंत्री धामी ने प्रदान किये नियुक्ति पत्र.
वन विभाग के अधीन 2017 से 2023 तक समूह ग के 4406 विभिन्न पदों पर हुई नियुक्ति जिसमें जुलाई 2021 से अब तक हुई 2528 नियुक्तियां हैं शामिल।
देहरादून,19 फरवरी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंंह धामी ने सोमवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र गढ़ीकैंट में वन विभाग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 892 वन आरक्षी तथा 104 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।

इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल भी उपस्थित थे। नियुक्ति पाने वाले 104 सहायक लेखाकारों में 59 वन तथा 45 तकनीकि शिक्षा विभाग के शामिल हैं। वन विभाग के अधीन अप्रैल 2017 से अब तक समूह ग के विभिन्न 4406 पदों पर नियुक्ति की गई है, जिसमें जुलाई 2021 से अब तक 2528 नियुक्तियां भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनायें देते हुए कहा कि अब वे उत्तराखंड शासन, प्रशासन का हिस्सा बनने जा रहे हैं सभी सच्ची लगन और मेहनत से अपने कार्य को निपुणता से करेंगे, इसकी उन्होंने अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि त्वरित रूप से विभागों के अन्तर्गत रिक्त पदों पर प्रदेश के होनहार नौजवानों को अवसर प्रदान कराएं जाएं। यह अभियान लगातार और तेज गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले हैं, उन पर प्रदेश के वन क्षेत्रों की सुरक्षा की बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जबकि तकनीकी शिक्षा से जुड़े युवाओं पर उत्तराखण्ड शासन प्रशासन को एडवांस तकनीक से सुसज्जित करने की भी चुनौतियां है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों हमारा यह प्रयास धीरे-धीरे धरातल पर उतरने लगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अधिक से अधिक युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के और अधिक अवसर मिल पाएंगे।
उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही धांधली की शिकायतें को दूर कर हमने भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव किया है। पहले की सरकारों में नौकरी के लिए विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र देने तक बहुत लंबा समय लग जाता था। इस देरी का फायदा उठाकर, रिश्वतखोरों द्वारा जमकर रिश्वत का खेल होता था। लेकिन हमारी सरकार ने भर्ती की प्रक्रिया को अब पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है और भर्ती प्रक्रिया एक तय समय सीमा के भीतर पूरी की जा रही है। इसका परिणाम इतना सुखद है कि अब प्रत्येक युवा को समान अवसर मिलने लगे हैं।
नकल विरोधी कानून के प्राविधान इतने कड़े किये हैं कि अब युवाओं के भविष्य के साथ कोई भी नकल माफिया खिलवाड़ नहीं कर सकेगा। इस कानून के तहत दोषियों के लिए आजीवन कारावास तक का प्राविधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश जन सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए 1905 एप् के साथ अपणी सरकार पोर्टल तैयार किया गया है। जन शिकायतों की निस्तारण प्रक्रिया का समय-समय पर वे स्वयं भी परीक्षण करते हैं।
प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिले इसके लिए हाल ही में आयोजित वैश्विक निवेश सम्मेलन में 3.50 लाख करोड़ के निवेश प्राप्त हुए हैं। इसमें 50 से अधिक देशों के निवेशक भी शामिल हैं इससे प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं को रोजगार के और अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है।
वन एवं तकनीकि शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का 71 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र के अधीन है। प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता के साथ वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा का कार्य वन आरक्षियों का रहता है। उन्होंने वन आरक्षियों को फ्रंट लाइन वर्कर बताते हुए कहा कि जंगल को बचाने तथा मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने एवं वनाग्नि को रोकने का भी उनका दायित्व रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को तकनीकि दक्षता के लिए पॉलिटेक्निक एवं आई.टी.आई आदि कॉलेजों को अवस्थापना सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। तकनीकि संस्थाओं के माध्यम से अधिक से युवाओं का प्लेसमेंट हो इस दिशा में भी प्रयास किये जा रहे है। गत वर्ष 65 प्रतिशत छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है।
वन प्रमुख (हॉफ) श्री अनूप मलिक तथा सचिव तकनीकि शिक्षा श्री रविनाथ रमन ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर वन एवं तकनीकि शिक्षा के अधिकारी सहित नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवा उपस्थित थे।
मध्य प्रदेश-अनौपचारिक चर्चा में गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने को रणनीति बनी
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन सरकार गायों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रही है। इसको लेकर सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में सड़कों पर घूमती गौ माताओं को लेकर अनौपचारिक हुई। सरकार गौ माता को लेकर कई नए प्रावधान करने जा रही है। इसमें गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही गौ माता की मृत्यु पर दाह संस्कार अनिवार्य किया जाएगा। ताकि उनके अवशेष कहीं अपमानित ना हो।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अक्सर वर्षा काल में प्रमुख सड़कों और राजमार्गों पर गौ माता के बैठे रहने की घटनाएं सामने आती हैं। गौ माता दुर्घटनाओं की शिकार भी हो जाती है। ऐसी व्यवस्था आवश्यक है कि गौ माता सड़कों पर न दिखे। इसके लिए गौशालाओं के लिए राशि और मानदेय वृद्धि का निर्णय लिया जाएगा।
सीएम ने कहा कि श्रेष्ठ प्रबंधन से गौ माता के सम्मान में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। यदि गौ माता मृत्यु का शिकार होती है तो उनके सम्मानजनक दाह संस्कार की व्यवस्था की जाए। साथ ही गौ माता के अवशेष कहीं अपमानित न हों, इसके लिए समाधि अथवा अन्य व्यवस्थाओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। मंत्री परिषद के सदस्यों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का हर्ष ध्वनि के साथ मेजें थपथपाकर स्वागत किया। मंत्री परिषद के सदस्यों ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी इस कार्य में लिया जाए। मुख्यमंत्री ने पशु पालन एवं डेयरी विभाग को इस संबंध में आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए।
गौशाला संचालकों की बैठक आयोजित
पशु पालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि वे शीघ्र ही गौशाला संचालकों को बैठक में आमंत्रित कर सुझाव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी माह यह बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरों के महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल किए जाएं। बैठक में गौ शालाओं के बेहतर संचालक, गौ पालकों द्वारा भी गौ माता के स्वतंत्र विचरण पर अंकुश, पुलिस द्वारा सहयोग प्राप्त करने और केंद्र सरकार से इस संबंध में अधो संरचनात्मक कार्यों के लिए राशि प्राप्त करने पर भी चर्चा हुई।
मंत्री परिषद ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताया
मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही राम जन्मभूमि न्यास का बड़ा कार्य है। इस नाते न्यास भी बधाई का पात्र है। स्वतंत्रता के पश्चात यह ऐसा बड़ा प्रथम घटनाक्रम है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले के क्रियान्वयन में सभी धर्म के प्रतिनिधियों की सहमति और सामाजिक सद्भाव का एक बड़ा उदाहरण हमारे सामने आया है। मध्य प्रदेश मंत्री परिषद सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करती है। यह कार्य इस बात का भी उदाहरण है कि हमारी न्याय व्यवस्था का सम्मान करते हुए प्रबल इच्छा शक्ति का क्रियान्वयन सामने आया है।












