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भोजपुरी सुपरस्टार ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया

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Pawan Singh on Lok Sabha Election: बीजेपी की तरफ से शनिवार (2 मार्च) शाम लोकसभा चुनाव के लिए 195 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की गई. इसमें भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को भी टिकट दिया गया. बीजेपी ने पवन सिंह को पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया. हालांकि, टिकट मिलने के 24 घंटे के भीतर ही पवन सिंह ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है. उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.

भोजपुरी सुपरस्टार ने रविवार (3 मार्च) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दिल से आभार प्रकट करता हूं. पार्टी ने मुझ पर विश्वास करके आसनसोल का उम्मीदवार घोषित किया, लेकिन किसी कारण वश में आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाऊंगा.’ उन्होंने अपने इस ट्वीट में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डी को टैग किया है.

मुंबई पुलिस सख्त, बिना लाइसेंस हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू

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यूबीटी वाली शिवसेना के नेता अभिषेक घोसालकर की फेसबुक लाइव के दौरान हत्या के बाद मुंबई पुलिस सख्ते में आ गई है। पुलिस ने सभी इकाइयों को निजी सुरक्षा के लिए हथियार रखने वाले लोगों और सुरक्षा सेवाएं मुहैया कराने वालों के लाइसेंस सत्यापित करने का आदेश दिया है।

एक अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा की इकाई छह और सात ने बिना लाइसेंस के हथियार रखने के खिलाफ कार्रवाई करने के तहत 10 दिनों के अंदर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

हथियारों के लाइसेंस की जांच जारी
संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम ने बताया, ‘बिल्डरों, नेताओं आदि की सुरक्षा के लिए रखे गए सुरक्षा गार्ड और निजी अंगरक्षक जांच के दायरे में हैं और उनके हथियार लाइसेंस का सत्यापन किया जा रहा है। जिन लोगों के पास दूसरे राज्यों का लाइसेंस है और मुंबई में अपने हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अपने लाइसेंस स्थानांतरित करने होंगे। इसके बाद अपने हथियारों से संबंधित दस्तावेज शहर की पुलिस को जमा कराने होंगे।’

पिछले महीने नेता को मारी थी गोली
अधिकारी ने बताया कि शिवसेना यूबीटी नेता विनोद घोसालकर के बेटे अभिषेक घोसालकर की पिछले महीने मुंबई में गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। हमलावर मौरिस नोरोन्हा ने बाद में अपने अंगरक्षक की पिस्तौल से खुद को गोली मार ली थी। यह घटना एक फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी। पुलिस ने बाद में नरोन्हा के अंगरक्षक अमरेंद्र मिश्रा को शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया था।

अधिकारी ने कहा, अगर हथियार रखने वाला व्यक्ति इससे संबंधित पर्याप्त दस्तावेज दिखाने में असफल होता है तो उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि जो लोग हथियार रखते हैं, चाहे वे सुरक्षा गार्ड हों या निजी अंगरक्षक, वह इसका दिखावा नहीं कर सकते।’

इन पर की गई कार्रवाई
उन्होंने बताया कि हाल ही में की गई कार्रवाई में अपराध शाखा की यूनिट सात ने 26 वर्षीय जमरूल हनीफ खान और 34 वर्षीय मोहम्मद यासर मोहम्मद इकबाल को 21 फरवरी को घाटकोपर से गिरफ्तार किया था। उनके पास से हथियार बरामद किए गए थे, जिसके बारे में उनका दावा है कि उन्हें पुंछ में एक अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने उनकी सुरक्षा के लिए दिया था।’

अधिकारी ने बताया कि दोनों ने महाराष्ट्र पुलिस के समक्ष अपने हथियारों का पंजीकरण नहीं कराया था और शस्त्र अधिनियम के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसी तरह, अपराध शाखा ने 29 फरवरी को उपनगर कुर्ला में हनुमंत प्रताप विष्णुदत्त पांडे के पास से एक रिवॉल्वर और चार कारतूस बरामद होने के बाद उसे गिरफ्तार किया था।

पांडे ने कथित तौर पर स्वतंत्र रूप से सुरक्षा सेवाएं कीं और हथियारों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया, जिसे उन्होंने उत्तर प्रदेश से खरीदा था। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने महाराष्ट्र को लाइसेंस हस्तांतरित नहीं किया था और न ही संबंधित अधिकारियों को सूचित किया था।

लोकसभा चुनाव 2024 -शिवराज सिंह चौहान को बनाया उम्मीदवार

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नई दिल्ली:   लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Elections 2024 ) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. इस सूची में कुल 195 उम्मीदवारों को टिकट देने की घोषणा की है. पहली सूची में पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नाम शामिल है.पार्टी ने अपने कई मौजूदा सांसदों को आगामी चुनाव में टिकट ना देने का भी फैसला किया है. बात अगर मध्यप्रदेश की करें तो बीजेपी ने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विदिशा से अपना उम्मीदवार बनाया है. वहीं, भोपाल से मौजूदा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को इस बार अपना उम्मीदवार नहीं बनाया है. ठाकुर उन छह मौजूदा सांसदों में से एक हैं जिनका टिकट काट दिया गया है. जबकि पार्टी ने 13 मौजूदा सांसदों को दोबारा टिकट देने का ऐलान किया है.

शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा से उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर एनडीटीवी से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि मैं केंद्रीय नेतृत्व का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे मौका दिया. खास तौर पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी का धन्यवाद करना चाहता हूं. उन्होंने आगे कहा कि मैं विदिशा के लोगों के बहुत करीब हूं, हम परिवार की तरह हैं. विदिशा का रोडमैप तैयार है. बीजेपी मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतेगी.

BJP की पारंपरिक सीट है विदिशा

विदिशा को देश में भाजपा के गढ़ के तौर पर माना जाता है.  इसे 1991 में पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और 2009 और 2014 में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज ने जीता था.आपको बता दें कि बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री और पूर्व कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को गुना से उम्मीदवार बनाया गया है. यह सीट 2002 से 2019 में भाजपा के कृष्ण पाल सिंह यादव से हारने तक उनके पास थी.

शिवराज सिंह के करीबियों को भी मिला टिकट

बीजेपी ने अपनी पहली सूची में शिवराज सिंह चौहान के करीबियों को भी टिकट दिया है. भोपाल के पूर्व महापौर आलोक शर्मा (जो पिछले साल के विधानसभा चुनाव में भोपाल उत्तर सीट से हार गए थे) को भोपाल से, राज्य किसान मोर्चा के प्रमुख दर्शन सिंह चौधरी को होशंगाबाद से और मौजूदा सांसद रोडमल नागर को राजगढ़ से मैदान में उतारा गया है. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री के वफादार नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता नागर सिंह चौहान को रतलाम-झाबुआ (एसटी) सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.

विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के वफादार भरत सिंह कुशवाह को पिछले साल ग्वालियर ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद ग्वालियर सीट से टिकट दिया गया है. तोमर के दो अन्य वफादारों, मौजूदा सांसद संध्या राय और पूर्व विधायक शिवमंगल सिंह तोमर को क्रमशः भिंड (एससी) और मुरैना सीटों से उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है. ये निर्वाचन क्षेत्र ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हैं.

प्रज्ञा ठाकुर के अन्य पांच मौजूदा सांसदों का भी कटा टिकट

खास बात ये है कि प्रज्ञा ठाकुर के अलावा, पांच अन्य मौजूदा सांसदों का भी टिकट काटा गया है. पार्टी ने गुना से जहां केपी सिंह यादव की जगह ज्योतिरादित्य सिंधिया को टिकट दिया है, वहीं सागर से मौजूदा सांसद राजबहादुर सिंह की जगह महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष लता वानखेड़े को टिकट दिया गया है. रतलाम-झाबुआ में जीएस डामोर की जगह अनिता नागर सिंह चौहान ने ली है.रमाकांत भार्गव ने शिवराज चौहान के लिए रास्ता बनाया है और ग्वालियर में पूर्व मंत्री भरत सिंह कुशवाह को टिकट मिलने का मतलब विवेक शेजवलकर को नहीं मिला है.

जिन 13 मौजूदा सांसदों को उनकी सीटों से फिर से मैदान में उतारा गया है, उनमें केंद्रीय मंत्री और 3 बार के सांसद वीरेंद्र कुमार शामिल हैं, जो टीकमगढ़-एससी सीट से चुनाव लड़ेंगे. सबसे वरिष्ठ मौजूदा सांसद वीरेंद्र कुमार खटीक को आठवीं बार लोकसभा चुनाव का टिकट मिला है. राज्य भाजपा प्रमुख वीडी शर्मा खजुराहो से, हिमाद्री सिंह शहडोल (एसटी), गणेश सिंह सतना से और छह बार के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला (एसटी) से चुनाव लड़ेंगे.

राष्ट्रीय लोकदल औपचारिक रूप से NDA गठबंधन में हुई शामिल

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नई दिल्ली:  लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सभी दलों की तरफ से तैयारी जारी है. पक्ष और विपक्ष की तरफ से अपने गठबंधन को मजबूत किया जा रहा है. इस बीच उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) को एक और गठबंधन सहयोगी मिल गया.  राष्ट्रीय लोकदल शनिवार को औपचारिक रूप से NDA गठबंधन में शामिल हो गया. पार्टी नेता जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) ने शनिवार को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की.

अमित शाह ने ट्वीट कर जयंत चौधरी का किया स्वागत
जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा कि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी
जी का एनडीए परिवार में स्वागत करता हूं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की नीतियों में विश्वास प्रकट करते हुए उनके एनडीए में आने से किसान, गरीब और वंचित वर्ग के उत्थान के हमारे संकल्प को और बल मिलेगा. आगामी लोकसभा चुनाव में एनडीए 400 पार कर अमृत काल में विकसित भारत के निर्माण के लिए कटिबद्ध है.

जयंत चौधरी के साथ मुलाकात के बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि आज माननीय गृहमंत्री अमित शाह जी की उपस्थिति में के अध्यक्ष जयंत चौधरी जी से मुलाकात हुई.  मैं उनके एनडीए परिवार में शामिल होने के निर्णय का हृदय से स्वागत करता हूं. आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत की यात्रा और उत्तर प्रदेश के विकास में आप महत्वपूर्ण योगदान करेंगे. जेपी नड्डा के एक्स पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए जयंत चौधरी ने लिखा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विकास और गरीब कल्याण का समांतर साक्षी बन रहा है! अमित शाह और नरेंद्र मोदी जी से भेंट कर NDA में शामिल होने का निर्णय लिया गया है. विकसित भारत के संकल्प और अबकी बार 400 पार के नारे को पूरा करने के लिए NDA तैयार है!

विधायकों से बातचीत के बाद लिया गया निर्णय
गौरतलब है कि रालोद प्रमुख ने सोमवार को कहा था कि उनके दादा चौधरी चरण सिंह को ‘भारत रत्न’ देने की घोषणा के बाद उनकी पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद एनडीए के साथ जाने का फैसला किया गया.  ये पूछे जाने पर कि क्या पार्टी के विधायक रालोद के राजग में शामिल होने से नाराज हैं, उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई ये खबर दे रहा रहा है, तो मुझे नहीं लगता कि उन्होंने विधायकों से बात की है. मैंने विधायकों और कार्यकर्ताओं से बात की और उसके बाद कोई निर्णय लिया.”

आरएलडी को दो लोकसभा सीट और एक राज्यसभा सीट देने पर चर्चा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आरएलडी की जाटों और किसानों के बीच अच्छी पैठ है. चर्चा है कि बीजेपी के साथ गठबंधन में उसे बागपत और बिजनौर दो लोकसभा सीट और एक राज्यसभा सीट दी जाएगी. साथ ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल और केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सीटों की भी चर्चा हुई, लेकिन इन मांगों की स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है.खबर आयी थी कि यूपी के पश्चिमी क्षेत्र में राज्य की 80 सीटों में से 29 सीटें हैं, जिनमें से पिछले महीने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के साथ आरएलडी का सात सीटों पर समझौता हुआ था.

रघुपति  सहाय फिराक गोरखपुरी -हजारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है

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काजिम रिजवी- विभूति फीचर्स

रघुपति सहाय फिराक गोरखपुरी का जन्म 28 अगस्त 1896 को गोरखपुर में हुआ था। अपने समय के प्रसिद्ध कवि तथा उर्दू के विद्वान श्री गोरखप्रसाद इबरत के पुत्र फिराक साहब ने अपने जीवन में जो कुछ सीखा वह सब अपने पिता से ही सीखा। फिराक साहब बनवारपार तहसील बांस गांव जिला गोरखपुर के मूल निवासी थे। प्रारंभिक शिक्षा उस समय के रीति- रिवाजों के अनुसार उर्दू और फारसी की घर पर ही हुई। तत्पश्चात् मॉडल स्कूल और मिशन स्कूल गोरखपुर में शिक्षा प्राप्त करने के तत्पश्चात् वे राजकीय जुबली स्कूल में दाखिल हुए और वहीं से 1913 में हाईस्कूल फिर इण्टरमीडियट की परीक्षा पास करने के पश्चात् उच्च शिक्षा हेतु इलाहाबाद चले गए।

29 जून 1914 को उनका विवाह अपने समय के विख्यात जमींदार बिन्देश्वरी प्रसाद की बेटी किशोरी देवी से हुआ। स्नातक शिक्षा के पश्चात 1918 में फिराक साहब ने आई. सी. एस. (भारतीय प्रशासनिक सेवा) की परीक्षा पास की, लेकिन 1918 का वर्ष बड़ा ऐतिहासिक वर्ष था। इस समय अंगे्रज पूरे भारत में मनमानी पर उतारू थे। महामना पं. मदनमोहन मालवीय, भारत रत्न ड़ॉ भगवानदास, महाकवि फायज बनारसी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, खान अब्दुल गफ्फार खां, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, जयप्रकाश नारायण, रफी अहमद किदवई, गोविंद वल्लभ पन्त और जवाहरलाल नेहरू सरीखे नेता अंग्रेजों को देश से बाहर निकालने के लिए एड़ी- चोटी का जोर लगाए हुए थे। भारतवासी महात्मा गांधी के आह्वïान पर करो या मरो पर तुले हुए थे। फिराक साहब के जीवन पर भी इन नेताओं के कार्यों का गहरा प्रभाव पड़ा और यही कारण था कि उन्होंने आई.सी.एस. की नौकरी को लात मार दी।

इलाहाबाद में रहने के कारण वे पं. जवाहरलाल नेहरू के निकट आए और वह नेहरू जी के साथ देश की आजादी के संघर्ष में कूद पड़े। देखते ही देखते वह जवाहरलाल जी के घनिष्ठ मित्रों में से एक हो गए। स्वराज्य भवन का दरवाजा उनके लिए सदा खुला रहा।

इसके बाद फिराक साहब उच्च कोटि के राष्ट्र भक्त उर्दू कवि के रूप में सारे देश के सामने उभरे। फिर क्या था एक तो आई. सी. एस. की नौकरी को लात मारना और दूसरे कविता के माध्यम से अंग्रेजों के विरुद्ध आग उगलना। ये दोनों ही बातें अंग्रेजों को अखरी। जो काम तलवार न सकी थी वह काम अब फिराक साहब की कविताएं कर रहीं थीं। अब अंग्रेजों से न रहा गया और उन्होंने फिराक साहब को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फिराक साहब के सीने में भी देश के लिए कुछ कर दिखाने की लालसा थी। जेल में भी उन्होंने अपना रंग दिखाया और वहां देश भक्त कैदियों को अपने आग उगलते गीत लिखकर दिए। जब जेल में उन कैदियों ने इन गीतों को एक साथ गाना शुरू किया तो सारी जेल में हड़कम्प मच गया। रात में अंग्रेज जेलर का सोना हराम हो गया। सजाएं बढ़ती रहीं गीत गाने वालों की आवाजें और तेज होती गई। अंत में तंग आकर अंग्रेजों ने फिराक साहब को जेल से रिहा कर दिया। एक वर्ष की सजा काटने के पश्चात् जब वह रिहा हुए तो उन्होंने अपने आपको पूरी तरह कांग्रेस पार्टी के कार्यों में झोंक दिया। महात्मा गांधी ने जब अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया तो फिराक साहब ने उसमें बढ़- चढ़ कर हिस्सा लिया। उन्होंने शिक्षा जगत के लिए भी कुछ करने की ठानी। पहले क्रिश्चियन कालेज लखनऊ, फिर सनातन धर्म कालेज कानपुर में अध्यापन कार्य किया। बाद में 1930 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय, जो उस समय सारे देश के विश्वविद्यालयों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता था, में अंग्रेजी विभाग के प्रवक्ता नियुक्त हुए। जहां वे 1958 तक सेवा कार्य में लगे रहे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय को फिराक साहब जैसा विद्वान मिला यह विश्वविद्यालय के लिए सौभाग्य की बात है।

1918 का समय जहां देशभक्तों के लिए महत्वपूर्ण रहा वहीं इस दौर में उर्दू साहित्य में महाकवि फायज बनारसी और अमीर मीनाई संपूर्ण भारत में छाए हुए थे। यह लोग उर्दू साहित्य के अनमोल रत्न थे और पूरे देश के उर्दू साहित्य में इन लोगों का सिक्का चलता था। जब फिराक साहब का उर्दू साहित्य में प्रवेश हुआ तो वह समय बड़ा ही नाजुक समय था। फायज बनारसी और अमीर मीनाई के सामने किसी का टिकना आसान न था लेकिन फिराक साहब ने बड़े ही साहस के साथ उर्दू साहित्य में प्रवेश किया और अमीर मीनाई के साथ वैसा ही इन्साफ किया जैसा गालिब के साथ हाली ने किया था। बताया जाता है कि वाराणसी में 1925 में मदनपुरे में एक बहुत बड़ा अखिल भारतीय मुशायरा महाकवि फायज बनारसी के शिष्य मुन्शी गनी और मुन्शी बेताब ने आयोजित किया था। वाराणसी की यह बहुत पुरानी परम्परा रही है कि यहां के विद्वान जब तक किसी सार्वजनिक मुशायरे में किसी शायर की रचना को सुनकर उसको स्वीकृति नहीं देते तब तक वह शायर नहीं कहलाता।

मदनपुरे के इस मुशायरे की चर्चा दूर- दूर तक थी। इसमें अपने समय के प्राय: सभी विद्वान मौजूद थे। इस आयोजन की अध्यक्षता महाकवि फायज बनारसी स्वयं कर रहे थे। बताया जाता है कि इस समय फिराक साहब की आयु मात्र 29 वर्ष की थी, लेकिन उन्होंने वहां जो अपना कलाम प्रस्तुत किया वह इतने ऊंचे स्तर का था कि समारोह की अध्यक्षता कर रहे महाकवि फायज बनारसी को भी उनकी पीठ थपथपानी पड़ी। बस यहीं से उन्हें एक राह मिली। वे जो आगे बढ़े तो बढ़ते ही चले गए। एक के बाद एक कलाम कहते रहे और उर्दू साहित्य में अपना स्थान दिनों- दिन ऊंचा करते रहे। यूं तो उर्दू साहित्य को जौक, मोमिन, बहादुर शाह जफर, मीर, गालिब, अमीर मीनाई, मुंशी प्रेमचन्द, जिगर मुरादाबादी, फायज बनारसी, अकबर इलाहाबादी आदि अनेक विद्वानों ने अनमोल भेंट दी है लेकिन फिराक साहब ने सन् 1918 से 1982 तक जो साहित्य दिया है उसे उर्दू साहित्य कभी भूल नहीं सकता। पं. जवाहर लाल नेहरू ने भारत के आजाद होने के पश्चात् फिराक साहब को जो स्थान दिया कोई अन्य न पा सका। फिराक साहब गालिब, दाग और जिगर के बाद उर्दू गजल के जादूगर थे। उनके कलाम में ऐसा जादू था जो सर चढ़कर बोलता था। यही कारण था कि देश के जिस अखिल भारतीय मुशायरे में फिराक साहब न होते वो मुशायरा पूरा न कहलाता।

संभवत: बात 1960 की है काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग ने एक अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन किया। जिसमें उस समय के सभी उच्चकोटि के शायरों ने भाग लिया। जहां तक मुझे याद है कि इस मुशायरे में प्रख्यात उर्दू शायर जिगर मुरादाबादी ने भी भाग लिया था। जिगर साहब ने शायद इसके बाद फिर किसी मुशायरे में भाग नहीं लिया क्योंकि उसी वर्ष उनका निधन हो गया। जिन दिनों उनकी सेहत ठीक थी और वह प्राय: उच्चकोटि के मुशायरों में जाया करते थे। मैंने प्रथम बार फिराक साहब को काशी में देखा और उनका कलाम सुना। उनके पढऩे का अंदाज बड़ा निराला था। जो कलाम प्रस्तुत करते वह दिल की गहराइयों में समाकर लिखा जाता और जब सार्वजनिक रूप से वह कलाम लोगों को सुनने का मौका मिलता तो लोगों के दिल में समा जाता।

फिराक साहब के कलाम की प्रशंसा डॉ. राजेंन्द्र प्रसाद, डॉ. जाकिर हुसैन, पंडित जवाहरलाल नेहरू सहित देश के प्राय: सभी उच्चकोटि के विद्वानों, साहित्यकारों और कवियों ने समय – समय पर की है। उनसे सभी लोग प्यार करते थे। उन्होंंने अपने जीवन में अनमोल गजलें लिखीं है। हर गजल अपनेे आप में अद्भुत हैं। उर्दू साहित्य में गालिब के बाद यदि गजलों को श्रेष्ठ स्थान दिलाने का श्रेय किसी को है तो वह फिराक साहब को है। उन्हें उर्दू भाषा से बड़ा लगाव रहा। उन्होंने इस भाषा को जो स्थान दिलाया उसे कभी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्वयं एक अवसर पर कहा था कि बिना उर्दू भाषा के फिराक कुछ नहीं।

सन् 1921 में कांग्रेस के प्राय: सभी महत्वपूर्ण नेता गांधीजी के असहयोग आंदोलन के कारण जेल जा चुके थे। उस समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर देश के प्रख्यात नेता देशबंधु चितरंजनदास आसीन थे। पंडित मोतीलाल नेहरू के आग्रह पर कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन सन् 1921 में इलाहाबाद में आयोजित होना था लेकिन अभी अधिवेशन संपन्न हो भी न पाया था कि अंग्रेजों ने देशबंधु चितरंजनदास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। डॉ. एनीबेसेन्ट, सरोजनी नायडू, मौलाना मोहम्मद अली, सर हसन इमाम, महामना पंडित मदनमोहन मालवीय सरीखे महान नेता अधिवेशन की तैयारी में लगे हुए थे। इस अधिवेशन की नाकामयाबी के लिए अंग्रेजों ने एड़ी – चोटी का जोर लगाया। सांप्रदायिकता का बीज भी बोने का प्रयास किया। लेकिन कांग्रेसियों ने देश के विख्यात हकीम अजमल खां को कांग्रेस का निर्विरोध अध्यक्ष चुनकर उनकी अध्यक्षता में इलाहाबाद में ही धूमधाम से कांग्रेस अधिवेशन कर अंग्रेजों को भारत से निकाल बाहर करने की प्रतिज्ञा की। फिराक साहब ने इस अधिवेशन को बड़े करीब से देखा। इसमें बढ़ – चढ़कर हिस्सा लिया। यहीं से उन्हें राष्ट्रीय स्तर की ख्याति मिलनी शुरू हुई । उन्होंने कांग्रेस के उच्च नेताओं जैसे लाला लाजपतराय, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद आदि के विचारों को मनन कर बड़ी ही गहराई से न केवल अपने जीवन में उतारा वरन् पूरे तौर से उसका अनुसरण भी किया। इस अधिवेशन मेें लोगों ने महात्मा गांधी के विचारों को एक उद्देश्य मानकर देश के लिए जीने और मरने की ठानी। जिसका परिणाम यह हुआ कि जब 1923 में बेलगाम में कांग्रेस का अगला अधिवेशन हुआ तो उसमें महात्मा गांधी पहली बार सर्वसम्मति से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। फिराक साहब को इलाहाबाद का माहौल रास आया। उन्होंने राजनीति के अतिरिक्त यहां पहले शिक्षा के क्षेत्र में अपना एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया। फिर साहित्य के क्षेत्र में वह पनपे। उन्हें राजर्षि परुषोत्तमदास टंडन, सर तेजबहादुर सप्रू आदि जैसे लोगों की संगत मिली। जिनके साथ रहकर फिराक साहब ने बहुत कुछ सीखा उन्होंने अपनी लेखनी का लोहा सारे देश के लोगों से मनवाया। इलाहाबाद उस समय राजनीति के अतिरिक्त शिक्षा का भी एक बहुत बड़ा केंद्र था जो उस समय सारे देश को दिशा- निर्देश दे रहा था। ऐसे समय में फिराक साहब का व्यक्तित्व भी लोगों के सामने उभरकर आया और अब फिराक साहब सारे देश में पहचाने जाने लगे थे। फिराक साहब ने अपनी शायरी का डंका सारे देश में बजाया। उनको भारत के लोगों से और भारत के लोगों को उनसे गहरी मोहब्बत थी। भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता पद्मभूषण फिराक साहब ने अपने जीवन में सरकारी व गैर सरकारी स्तर के वह सभी महान पुरस्कार पाए जिसके वह योग्य थे।

फिराक साहब ने अपने जीवन में दाग देहलवी और नूह नारवी के काव्य को बहुत पसन्द किया। उन्होंने उनके काव्य को अपने दिल में भी जगह दी। फिराक साहब ने अपने जीवन मेें जो कुछ लिखा वह आज एक महान दार्शनिक धरोहर है। जब 3 मार्च 1982 को दिल्ली के एक अस्पताल में उनका निधन हुआ तो वहां पहुंचने वाले सभी लोगों को गालिब के शागिर्द अल्ताफ हुसैन हाली का वह शेर याद आया।

‘ बुलबुले हिन्द मर गया हाय – हाय।

जिसकी थी हर एक बात में एक बात।

और यह बात सही भी थी उनका अंदाज -ए बयां निराला ही था, उन्होंने साहित्य को जो कुछ दिया है उस पर सालों तक शोघ किया जा सकता है। आने वाली पीढिय़ों को जब फिराक के बारे में कुछ जानने को मिलेगा तो उनको इस बात का बहुत बड़ा सदमा होगा कि काश हमने फिराक को देखा होता।

लेकिन फिराक साहब ही के शब्दों में ‘मुझे जानना है तो मेरी गजलों और नजमों में डूबो, जितनी गहराई से तुम इसमें डूबोगे उतनी ही गहराई से तुम फिराक को पाओगे।Ó आज फिराक साहब हमारे बीच में नहीं हैं, उनके नगमें हजारों कानों में गंूज रहे हैं और ऐसा लगता है कि जैसे वह हमारे सामने खड़े हैं। किसी ने सच ही कहा है।

हजारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है। बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा। (विभूति फीचर्स)

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने चीन से पाकिस्तान जा रहे एक पोत को मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर रोका

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भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने चीन से पाकिस्तान जा रहे एक पोत को मुंबई के न्हावा शेवा बंदरगाह पर रोका। कराची जा रहे इस पोत को शक के आधार पर रोका गया। ऐसी सूचना थी कि इसमें ऐसा संदिग्ध सामान ले जाया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सीमा शुल्क अधिकारियों ने खुफिया जानकारी के आधार पर माल्टा के झंडे वाले व्यापारिक जहाज सीएमएम सीजेएम अत्तिला को 23 जनवरी को भारतीय बंदरगाह पर रोका। यह कराची जा रहा था। अधिकारियों ने बंदरगाह पर खेप का निरीक्षण किया, जिसमें कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (सीएनसी) मशीन भी शामिल थी। जिसे मूल रूप से इटली एक एक कंपनी के द्वारा बनाया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि ये सीएनसी मशीनें कप्यूटर से नियंत्रित होती हैं। ये मिसाइल निर्माण के अहम हिस्सों को मजबूती, स्थिरता और सटीकता प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक टीम ने भी खेप का निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने इसकी पुष्टि की कि इनका इस्तेमाल पड़ोसी देश अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए कर सकता है। 

सीएनसी मशीनों को 1996 में शुरू की गई ‘वासेनार अरेंजमेंट’ में शामिल किया गया था। यह अंतरराष्ट्रीय हथियार नियंत्रण व्यवस्था है, जिसका मकसद नागरिक और सैन्य दोनों के लिए उपकरणों के प्रसार को रोकना है। भारत उन 42 सदस्य देशों में शामिल है, जो पारंपरिक हथियारों और दोहरे इस्तेमाल वाले सामान व प्रौद्योगियों के हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) को लेकर सूचना साझा करते हैं।  

अधिकारियों ने बताया कि सीएनसी मशीन का इस्तेमाल उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम में किया था। उन्होंने कहा कि बंदरगाह के अधिकारियों ने विशेष खुफिया जानकारी को भारतीय रक्षा अधिकारियों के साथ साझा किया। जिसने बाद में खेप को जब्त कर लिया। सुरक्षा एजेंसियों की जांच से संकेत मिला है कि 22,180 किलोग्राम वजन की खेप ताइयुआन माइनिंग इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट कंपनी लिमिटेड द्वारा भेजी गई थी और इसे कॉसमॉस इंजीनियरिंग के लिए पाकिस्तान भेजा जा रहा था।

मॉनसून से पहले मुंबई में सड़कों के गड्ढे भरने पर बीएमसी 110 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी

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मुंबई: मॉनसून से पहले मुंबई में सड़कों के गड्ढे भरने पर बीएमसी 110 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। इसके लिए बीएमसी ने मुंबई सिटी सहित पश्चिम और पूर्व उपनगर के लिए टेंडर जारी किया है। खासबात यह है कि बीएमसी गड्ढे भरने के लिए फिर से पुरानी पद्धति पर लौट आई है। बीएमसी सड़कों के गड्ढे और पैचेज असफाल्ट और मास्टिक पद्धति से भरेगी। जबकि, बारिश के दौरान एम-60 ग्रेड तकनीक, हॉट मिक्स और कोल्ड मिक्स का इस्तेमाल किया जाता है और बीएमसी दावा करती है कि इससे दोबारा गड्ढे नहीं पड़ेंगे। बारिश के दौरान सड़कों पर बनने वाले गड्ढों और पैचेज की वजह से बीएमसी को नागरिकों से लेकर जनप्रतिनिधियों की आलोचना का सामना करना पड़ता है। बीएमसी ने सड़कों के गड्ढे भरने पर मास्टिक और अस्फाल्ट दोनों का उपयोग करने का फैसला किया है। मुंबई में कुल 2,050 किमी लंबी सड़कें हैं। इन सड़कों को बीएमसी ने दो भागों में बांटा है। इसमें 9 मीटर से कम और 9 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कें शामिल हैं। दोनों का अलग-अलग टेंडर जारी किया गया है।

9 मीटर से कम चौड़ी सड़क में छोटी और मुख्य सड़कों से छोड़कर गलियों की सड़क शामिल होती हैं। इस पर गड्ढे पड़ने से स्थानीय लोगों को अधिक परेशानियां होती हैं। जबकि मुख्य सड़क पर गड्ढे पड़ने से लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है।

बीएमसी हर साल मॉनसून पूर्व सड़क पर बनने वाले गड्ढों को भरने के लिए ठेकेदार नियुक्त करती है, लेकिन इसके बावजूद मॉनसून के दौरान बीएमसी को गड्ढे की वजह से आलोचना झेलनी पड़ती है। गड्ढों को भरने के लिए ठेकेदार नियुक्त होने के बाद भी खुद सड़क पर बनने वाले गड्ढों को भरने का काम करती है।
कहां, कितना होगा खर्च
जोन – 1 कोलाबा से लेकर भायखला 17.5 करोड़ रुपये
जोन – 2 महालक्ष्मी से दादर और एंटॉप हिल, धारावी 16 करोड़ रुपये
जोन – 3 बांद्रा पूर्व-पश्चिम से अंधेरी पूर्व-पश्चिम तक 14.5 करोड़ रुपये
जोन – 4 जोगेश्वरी से मालाड तक 14.5 करोड़ रुपये
जोन – 5 गोवंडी, मानखुर्द, चेंबूर और कुर्ला 14.5 करोड़ रुपये
जोन – 6 घाटकोपर मुलुंड तक 14.5 रुपये
जोन – 7 कांदिवली से दहिसर तक 14.5 करोड़ रुपये
हर बारिश में बीएमसी को सड़कों के गड्ढों की वजह से लोगों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ता है। पिछले 25 सालों में बीएमसी सड़कों के गड्ढे भरने पर 21,000 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। सड़कों के गड्ढे भरने के लिए कई तकनीक का इस्तेमाल कर चुकी है। इस साल बीएमसी एक बार फिर असफाल्ट और मस्टिक तकनीक पर लौट आई है। पहले भी यह तकनीक इस्तेमाल हुई है, लेकिन पूरी तरह से सफल साबित नहीं हुई। बारिश के दौरान बीएमसी अब तक पेवर ब्लॉक, हॉट मिक्स, कोल्ड मिक्स और एम-60 ग्रेड तकनीक का इस्तेमाल कर चुकी है।
बीएमसी इन पर करोड़ों रुपये भी खर्च कर चुकी है और इसके कई फायदे भी गिना चुकी है। एक बार फिर बीएमसी पुरानी तकनीक पर लौट आई है। हालांकि, बीएमसी के अधिकारियों को भी आशंका है कि यह तकनीक बारिश के दौरान ज्यादा कारगर साबित नहीं होगी। हर साल की तरह इस साल भी सड़कों के गड्ढों की वजह से उन्हें लोगों की आलोचना का सामना करना पड़ेगा।

धीरज कुमार, टीनू वर्मा, संजीव कुमार और विजय बेनेडिक्ट के हाथों राष्ट्रीय अचीवर अवार्ड से सम्मानित हुए डॉ निकेश जैन माधानी 

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मुंबई। 1 मार्च 2024 को मुक्ति कल्चरल हब अंधेरी, मुंबई में बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को दिग्गज अभिनेता निर्माता निर्देशक धीरज कुमार, गदर 2 के एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा और डिस्को डांसर गीत के गायक विजय बेनेडिक्ट एवं शो के ओर्गेनाइजर संजीव कुमार के हाथों बेस्ट बिजनेसमैन कैटेगिरी में राष्ट्रीय अचीवर अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में अभिनेत्री मेघना नायडू और एसीपी संजय पाटिल भी उपस्थित रहे तथा डॉ निकेश जैन की कंपनी माधानी ग्रुप, पुष्पा गृह उद्योग और पुष्पम पापड़ एवं कही बड़ी कंपनी इस शो के स्पॉन्सर रहे। शोथीम प्रोडक्शन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राजनेता, समाजसेवक, बिजनेसमैन, रियल एस्टेट, डॉक्टर, कलाकार, सिंगर, संगीतकार, यूटूबर और इनफ्लुएंसर जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित किया गया।

आपको बता दें कि हाल ही में डॉ निकेश जैन माधानी को भारत सरकार की युवा मामले एवं खेल मंत्रालय युवा मामले विभाग, नेहरू युवा केन्द्र संगठन द्वारा सम्मान मिला। वहीं निकेश जैन को रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया के हाथों दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड 2024, पार्श्वगायक उदित नारायण के हाथों अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 और अभिनेता सोनू सूद के हाथों एशियन एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 मिला है।
विदित हो कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। पिछले दिनों ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं और इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि माधानी फाइनेंस, माधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, माधानी ट्रेडिंग कंपनी, माधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

Lok Sabha elections 2024 -बीजेपी ने जारी की 195 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, पीएम मोदी बनारस से करेंगे दावेदारी

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नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 100 से ज्यादा कैंडिडेट्स के नाम घोषित किए गए हैं। पहली लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी नाम शामिल है। पीएम मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे। 34 केंद्रीय मंत्री और राज्य मंत्री के नाम पहली सूची में है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का भी नाम इस लिस्ट में हैं। 34 केंद्रीय मंत्री, लोकसभा स्पीकर, दो पूर्व मुख्यमंत्री, 28 महिलाओं को पहली सूची में जगह मिली है। 50 से कम उम्र वाले 47 उम्मीदवार इस लिस्ट में हैं।

बीजेपी की पहली लिस्ट की बड़ी बातें

बीजेपी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में एससी से 27, एसटी से 18 और ओबीसी से 57 उम्मीदवार हैं। इसमें यूपी से 51, बंगाल से 20, एमपी से 24, गुजरात से 15, राजस्थान से 15, केरल से 12 तेलंगाना से 9, असम से 11 झारखंड से 11, छत्तीसगढ़ से 11 उम्मीदवारों को टिकट मिला है। दिल्ली से 5 सीट, जम्मू कश्मीर 2, उत्तराखंड 3, गोवा 1, त्रिपुरा 1, अंडमान और निकोबार 1, दमन दीव 1 सीट पर नाम का ऐलान किया गया है। केरल में शशि थरूर के सामने राजीव चंद्रशेखर को टिकट दिया गया है

बीजेपी की पहली लिस्ट में किस-किस को मिला टिकट

दिल्ली
चांदनी चौक- प्रवीण खंडेलवाल
उत्तर पूर्वी दिल्ली- मनोज तिवारी
नई दिल्ली- बांसुरी स्वराज
पश्चिमी दिल्ली- कमलजीत सहरावत
दक्षिण दिल्ली- रामवीर सिंह विधूड़ी

यूपी में इन सीटों पर उम्मीदवार घोषित
वाराणसी- नरेंद्र मोदी
कैराना- प्रदीप कुमार
मुजफ्फरनगर- संजीव कुमार बालियान
नगीना- ओम कुमार
रामपुर- घनश्याम लोधी
संभल- परमेश्वर लाल सैनी
अमरोहा- कंवर सिंह तोमर
गौतमबुद्ध नगर- महेश शर्मा
बुलंदशहर- डॉ भोला सिंह
मथुरा- हेमा मालिनी
आगरा- सत्यपाल सिंह बघेल
फतेपुर सीकरी- राजकुमार चाहर
एटा- राजवीर सिंह राजू भैया
आंवला- धर्मेंद्र कश्यप
शाहजहांपुर- अरुण कुमार सागर
खीरी- अजय मिश्रा टेनी
धौरहरा- रेखा वर्मा
सीतापुर- राजेश वर्मा
हरदोई- जयप्रकाश रावत
मिसरिख- अशोक कुमार रावत
उन्नाव- साक्षी महाराज
मौहनलाल गंज- कौशल किशोर
लखनऊ- राजनाथ सिंह
अमेठी- स्मृति इरानी
प्रतापगढ़- संगम लाल गुप्ता
इटावा- रामशंकर कठेरिया
कन्नौज- सुब्रत पाठक
अकबरपुर- देवेंद्र सिंह भोले
झांसी- अनुराग शर्मा
हमीरपुर- पुष्पेंद्र सिंह चंदेल
बांदा- आरके सिंह पटेल
फतेहपुर- साध्वी निरंजन ज्योति
बाराबंकी- उपेंद्र सिंह रावत
फैजाबाद- लल्लू सिंह
अंबेडकरनगर- रितेश पांडेय
श्रावस्ती- साकेत मिश्रा
गोंडा- कीर्तिवदन सिंह
डुमरियागंज- जगदंबिका पाल
बस्ती- हरीश द्विवेदी
संत कबीरनगर- प्रवीण निषाद
महाराजगंज- पंकज चौधरी
गोरखपुर- रवि किशन
कुशीनगर – विजय कुमार दुबे
बांसगांव- कमलेश पासवान
लालगंज- नीलम सोनकर
आजमगढ़- दिनेश लाल यादव निरहुआ
सलेमपुर- रवींद्र कुशवाहा
जौनपुर – कृपाशंकर सिंह
चंदौली- महेंद्र नाथ पांडेय
फर्रुखाबाद- मुकेश राजपूत

मध्य प्रदेश
मुरैना- शिवमंगल सिंह तोमर
भिंड- संध्या राय
ग्वालियर- भारत सिंह
गुना- ज्योतिरादित्य सिंधिया
सागर- लता वानखेड़े
टीकमगढ़- वीरेंद्र खटीक
दमोह- राहुल लोधी
खजुराहो- वीडी शर्मा
सतना- गणेश सिंह
रीवा- जनार्दन मिश्र
सीधी- राजेश मिश्रा
शहडोल- हिमाद्रि सिंह
जबलपुर- आशीष दुबे
मंडला- फग्गन सिंह कुलस्ते
होशंगाबाद- दर्शन सिंह चौधरी
विदिशा- शिवराज सिंह चौहान
भोपाल- अनूप शर्मा
राजगढ़- रोडमल नागर
देवास- महेंद्र सिंह सोलंकी
मंदसौर- सुधीर गुप्ता
रतलाम- अनिता नागर सिंह चौहान
खरगौन- गजेंद्र पटेल
खंडवा- ज्ञानेश्वर पाटिल
बैतूल- दुर्गादास
छत्तीसगढ़
सरगुजा- चिंतामणि महाराज
रायगढ़- राधेश्याम राठिया
जागीरचंपा – कमलेश जांगडे
कोरबा – सरोज पांडे
बिलासपुर – तोकल साहू
राजनंदगांव- संतोष पांडे
दुर्ग – विजय बघेल
रायपुर- बृजमोहन अग्रवाल
महासमुंद- रूपकुमारी चौधरी
बस्तर- महेश कश्यप
कांकेर- भोजराज नाग
गुजरात
कच्छ- विनोदभाई चावड़ा
बनासकांठा- रेखाबेन हितेशबाई चौधरी
पाटन- भरत सिंह जी दादी
गांधीनगर- अमित शाह
अहमदाबाद पश्चिम- धीरेशभाई मकवाना
राजकोट- पुरुषोत्तम भाई रुपाला
पोरबंदर- मनसुखभाई मंडावीया
जामनगर- पूनमबेन माडव
आणंद- नीतेशभाई पटेल
खेड़ा -देवुसिंह चौहान
पंचमहल- राजपाल सिंह जाधव
दाहोद- जसवंत सिंह
भरूच- मनसुख भाई वसावा
बारडोली- प्रभुभाई नागर भाई वसावा
नवसारी- सीआर पाटिल
झारखंड
राजमल- ताला मरांडी
दुमका- सुनील सोरेन
गोड्डा- निशिकांत दुबे
कोडरमा- अन्नपूर्णा देवी
रांची- संजय सेठ
जमशेदपुर- विद्यु महतो
सिंहभूम- गीता कोडा
कुंटी- अर्जुन मुंडा
लोहरदगा- समीर उरांव
पलामू- विष्णुदयाल राम
हजारीबाग- मनीष जयसवाल
केरल
कासरवड- एमएल अश्विमी
कन्नूर- सी रघुनाथ
वडकरा- प्रफुल्ल कृष्ण
कोझिकोड- एमटी रमेश
मंगलापुरम- अब्दुल सलाम
पोन्नामी- निवेदिता सुब्रमण्यम
पल्लकड- सी कृष्णकुमार
त्रिशूर- सुरेश गोपी
अलकुजा- शोभा सुरेंद्रन
पत्तनमटिटा – अनिल एंटनी
अटिंगल- वी मुरलीवरन जी
तिरुअनंतपुरम- राजीव चंद्रशेखर
अरुणाचल
अरुणाचल प्रदेश वेस्ट- किरण रिजिजू
अरुणाचल ईस्ट तापिर गाव
असम
करीमगंज- कृपानाथ मल्लाह
सिलचर- परिमल शुक्ला वैद्य
ओटोनोमस जिला अमर सिंह
गोवाहाटी- बिजुलि कलिता
मंगलदोई -दिलीप सेकिया
तेजपुर- रंजीत दत्ता
नौगांव- सुरेश बोरा
कलियाबोरा- कामक्य प्रसाद तासा
जोरहाट – तपन कुमार गोगोई
डिब्रूगढ़ – सर्वानंद सोनवाल
लखिमपुरपुर – प्रदान बरुआ
जम्मू कश्मीर
उधमपुर- डॉक्टर जितेंद्र सिंह
जम्मू- जुगलकिशोर शर्मा


नॉर्थ गोवा- श्रीपाद नाईक
अंडमान निकोबार- विष्णु पराडे
दादर नगर हवेली- लालू भाई पटेल

29 फरवरी को हुई BJP चुनाव समिति की बैठक

29 फरवरी को बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी। ये बैठक रात करीब 11 बजे शुरू हुई जो सुबह 4 बजे तक चली थी। माना जा रहा कि इसी में उम्मीदवारों के नाम पर सहमति बन गई थी। ये बैठक पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई थी। जिसमें बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत पार्टी के दिग्गज नेता शामिल हुए। इस बैठक में बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल थे।

Election 2024 भोजपुरी स्टार पवन सिंह समेत बंगाल की 20 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान

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कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है। बीजेपी ने शनिवार को पहले चरण के लिए 195 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। वहीं बंगाल से भी 20 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है। भोजपुरी स्टार पवन सिंह की बंगाल की आसनसोल सीट से टिकट दिया गया है। वहीं निसिथ प्रमाणिक को भी मौका दिया गया है। आइए अब एक नजर डालते हैं बंगाल के पहले चरण के उम्मीदवारों की सूची पर।

बंगाल में किसको कहां से टिकट
कूचबिहार लोकसभा सीट- निसिथ प्रामाणिक
अलीपुरदुआ लोकसभा सीट- मनोज तिग्गा
बेलूरघाट लोकसभा सीट- सुकांत मजूमदार
मालदा उत्तर लोकसभा सीट- खगेल मुर्मू
मालदा दक्षिण लोकसभा सीट- श्रीरूपा मित्रा चौधरी
बहरामपुर लोकसभा सीट- निर्मल कुमार साहा
मुर्शिदाबाद लोकसभा सीट- गौरी शंकर घोष
राणाघाट लोकसभा सीट- जगन्नाथ सरकार
बनगांव लोकसभा सीट- शांतनु टैगोर
जॉयनगर लोकसभा सीट- डॉ अशोक कंडारी
जादवपुर लोकसभा सीट- अनिर्बान गांगुली
हावड़ा लोकसभा सीट- रथिन चक्रवर्ती
हुगली लोकसभा सीट- लॉकेट चटर्जी
कांथी लोकसभा सीट- सौमेंदु अधिकारी
घाटल लोकसभा सीट- हिरण्मय चट्टोपाध्याय
पुरुलिया लोकसभा सीट- ज्योतिर्मय सिंह महतो
बांकुरा लोकसभा सीट- सुभाष सरकार
बिष्णुपुर लोकसभा सीट- सौमित्र खान
आसनसोल लोकसभा सीट- पवन सिंह
बोलपुर लोकसभा सीट- प्रिया साहा

बीजेपी उम्मीदवारों की सूची

पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची को लेकर अटकलें चल रही थीं। कौन कहां से खड़ा हो सकते है, या पिछले चुनाव में जीतने वालों में से कितनों को टिकट मिलेगा, कौन से नए चेहरे उम्मीदवार होंगे, ये सब चल रहा था। इसी बीच दोपहर में अचानक सूत्रों से पता चला कि बीजेपी आज शाम पहले दौर के उम्मीदवारों की घोषणा करने वाली है। तब से स्वाभाविक रूप से सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सूची कौन बनाएगा। वहीं शाम को बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों की सूची भी घोषित कर दी गई।