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बिजनेसमैन डॉ निकेश जैन माधानी को भूमिका चावला ने किया तमस आईकॉनिक अवॉर्ड्स 2024 से सम्मानित

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मुंबई। मलाड में 17 मार्च को तमस आईकॉनिक अवॉर्ड्स 2024 के दूसरे सीजन का आयोजन संपन्न हुआ जहां वीआईपी गेस्ट के रूप में बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी उपस्थित रहे। इस अवार्ड शो की मुख्य आकर्षण अभिनेत्री भूमिका चावला रहीं जिन्होंने सलमान खान के साथ फिल्म तेरे नाम में मुख्य भूमिका निभाई थी। इस अवार्ड शो में निकेश जैन को बेस्ट बिजनेस का अवार्ड तो मिला साथ ही उन्होंने स्टेज पर भूमिका चावला के साथ कई प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया। तमस टैलेंट स्प्री प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत इस अवॉर्ड शो के आयोजक राज राजपूत गंगौरा और सीमांत सिंह थे।

आपको बता दें कि हाल ही में बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को दिग्गज अभिनेता निर्माता निर्देशक धीरज कुमार, गदर 2 के एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा और डिस्को डांसर गीत के गायक विजय बेनेडिक्ट एवं शो के ओर्गेनाइजर संजीव कुमार के हाथों बेस्ट बिजनेसमैन कैटेगिरी में राष्ट्रीय अचीवर अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया था। तो वहीं डॉ निकेश जैन माधानी रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया के हाथों दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड 2024, पार्श्वगायक उदित नारायण के हाथों अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 और अभिनेता सोनू सूद के हाथों एशियन एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 प्राप्त हुआ है।
विदित हो कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
विदित हो कि डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं और इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि माधानी फाइनेंस, माधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, माधानी ट्रेडिंग कंपनी, माधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

केसीएफ मिस, मिसेज इंडिया एंड नारी शक्ति सम्मान 2024 का आयोजन संपन्न

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कृष्णा चौहान द्वारा आयोजित समारोह में दिलीप सेन, सिंगर दीपा नारायण झा, बीएन तिवारी, पूर्व एसीपी संजय पाटिल, भारती छाबड़िया सहित कई बॉलीवुड हस्तियां हुईं शामिल

मुम्बई। मायानगरी मुम्बई में लगातार अवार्ड शो करने वाले कृष्णा चौहान ने महिला दिवस के उपलक्ष्य पर 14 मार्च 2024 को ‘मिस, मिसेज इंडिया एंड नारी शक्ति सम्मान 2024’ के तीसरे सीज़न का सफलतापूर्वक आयोजन महानगर के प्रसिद्ध उपनगर अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में किया। केसीएफ प्रस्तुत इस पुरस्कार समारोह में समाज सेवा और मानव सेवा का उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी कला और व्यक्तित्व का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समाज को नई दिशा प्रदान की है। कृष्णा चौहान द्वारा आयोजित इस अवार्ड समारोह में कई हस्तियां मौजूद रहीं जिनमें संगीतकार दिलीप सेन, सिंगर दीपा नारायण झा (प्रसिद्ध पार्श्वगायक उदित नारायण की पत्नी), बी एन तिवारी, पूर्व एसीपी संजय पाटिल, भारती छाबड़िया और एक्टर रमेश गोयल का नाम उल्लेखनीय है।


केसीएफ मिस एंड मिसेज इंडिया के ज्यूरी मेम्बर्स में डॉ दीपा नारायण झा, निक्की बत्रा, डॉ भारती छाबड़िया, प्रेम गड़ा और असंता नस्कार यादव थीं। मॉडल्स का मेकअप लता सोलंकी ने किया था जबकि फैशन डिजाइनर कुसुम गुप्ता थीं।
कृष्णा चौहान के साथ दिलीप सेन, एसीपी संजय पाटिल, भारती छाबड़िया, निक्की बत्रा ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की। संजय पाटिल और मंगेश ने कई गीत स्टेज पर गाए। कार्यक्रम की एंकर आरजे जयश्री पंवर थीं।


शो के दौरान म्युज़िक डायरेक्टर दिलीप सेन ने कहा कि कृष्णा चौहान की हिम्मत की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। वह दुनिया मे हटकर काम करते हैं। सभी अवार्डी को मेरी ओर से बधाई और शुभकामनाएं। कार्यक्रम चित्रा ने भी अच्छा गीत गाया।
एसीपी संजय पाटिल ने कहा कि जो नारियों का सम्मान करता है वह महान होता है और यह महान कार्य कृष्णा चौहान करते आ रहे हैं, इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं।
भारती छाबड़िया ने कहा कि पिछले तीन साल से कृष्णा चौहान नारी शक्ति सम्मान दे रहे हैं। केसीएफ फाउंडेशन के द्वारा वह मिस मिसेज इंडिया का प्लेटफार्म भी क्रिएट करते हैं ताकि महिलाओं को एक सुनहरा मौका मिले।
दिलीप सेन की पत्नी रेशमा दिलीप सेन को पहला अवार्ड मिला जिसे पाकर उन्होंने कृष्णा चौहान का आभार जताया।
दीपा नारायण झा ने कृष्णा चौहान का आभार जताया और कहा कि वो महिलाओं को सम्मानित करते हैं उन्हें हौसला देते हैं। यह उनकी बेहतरीन पहल है।
दीपा नारायण को ब्रांड अम्बेसडर के रूप में क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया साथ ही असंता को भी सम्मानित किया गया।
मिस इंडिया कैटगरी में कियारा रावत को विनर घोषित किया गया। मिस इंडिया की फर्स्ट रनरअप चित्रा देवी जमातिया, मिस इंडिया की सेकन्ड रनरअप दीया मंडल थी। जबकि मिसेज इंडिया की कैटगरी में कोमल कटारिया सिल्वर क्लास की विनर, अनु पंडित गोल्ड क्लास की विनर और मेघा हेमदेव प्लेटेनियम क्लास की विनर हुईं। मिसेज इंडिया की फर्स्ट रनरअप लवीना जोसफ रहीं।
अपने सभी अवार्ड समारोह में समाज सेवकों, बिज़नेसमैन, फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ साथ कृष्णा चौहान कई पत्रकारों, फोटोग्राफर को भी सम्मानित करते हैं।
कृष्णा चौहान पिछले दो दशक से फिल्म इंडस्ट्री में बतौर निर्देशक काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को राशन वितरित किया और भगवतगीता भी भेंट किया।
आपको बता दें कि कृष्णा चौहान अपनी हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग भी जल्द शुरू करने जा रहे हैं। इस फिल्म में प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन का संगीत होगा।
उल्लेखनीय है कि कृष्णा चौहान बॉलीवुड डायरेक्टर के साथ सोशल वर्कर भी हैं।
कृष्णा चौहान अपने जन्मदिन 4 मई 2024 को ‘लीजेंड दादासाहेब फाल्के 2024’ का पांचवी बार आयोजन करने जा रहे हैं। सिनेमा, टीवी, वेब सीरीज के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

“एक था राजा” के साथ एक क्रांतिकारी यात्रा पर निकल पड़े हैं बादशाह

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मुंबई (अनिल बेदाग ) : एक रोमांचक संगीत रहस्योद्घाटन के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि भारतीय पॉप उद्योग के अग्रणी बादशाह अपने बहुप्रतीक्षित तीसरे स्टूडियो एल्बम, “एक था राजा” (अनुवादित – वन्स देयर वाज़ ए किंग) का अनावरण करने के लिए तैयार हैं, जो मार्च में रिलीज़ के लिए तैयार है।

बादशाह ने एक घोषणा वीडियो के माध्यम से एक अभूतपूर्व दृश्य दावत पेश की है, जिसमें 16 गानों में सहयोग की पहले कभी न देखी गई लाइन-अप का खुलासा किया गया है। प्रशंसकों के बीच उत्साह को एक पायदान ऊपर ले जाते हुए बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान ने खुद अपनी राजा जैसी आवाज देते हुए यह अभूतपूर्व घोषणा की है। बादशाह की कहानी दूसरे बादशाह से बेहतर कौन बता सकता है।

यह महत्वपूर्ण रिलीज़ न केवल संगीत उद्योग में बादशाह के प्रतिष्ठित 12+ वर्षों का जश्न मनाती है, बल्कि कलात्मक सीमाओं को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता को भी उजागर करती है। इस महत्वपूर्ण दशक का जश्न मनाते हुए बादशाह अपने प्रशंसकों को वह सब कुछ दे रहे हैं जिसके लिए वे उन्हें सबसे अच्छी तरह से जानते हैं – असाधारण संगीत।

अपने पिछले एल्बमों की जीत के बाद बादशाह “एक था राजा” के साथ एक क्रांतिकारी यात्रा पर निकल पड़े हैं, जिसमें पारंपरिक संगीत-निर्माण से परे एक एल्बम तैयार करने के लिए 18 महीने समर्पित किए गए हैं। भारत और दुनिया भर के 25 से अधिक कलाकारों और निर्माताओं के साथ, यह बहुप्रतीक्षित एल्बम सहयोगात्मक रचनात्मकता का एक प्रमाण है।

बहुरंगी संदेशों का रंगीला उत्सव : होली

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उमेश कुमार साहू – विभूति फीचर्स

जीवन में हर पल उल्लास-उमंग का संचार होता रहे, इसलिए हमारी संस्कृति में अनेक प्रकार के प्रावधान बनाए गए हैं। ऋतुक्रम में शीतकाल ठिठुरन में बीतता है और जैसे ही बसंत का आगमन होता है, प्रकृति में सर्वत्र उल्लास छा जाता है। िनष्क्रियता सक्रियता में परिवर्तित हो जाती है। बसंत से होलिका पर्व तक का समय प्राय: चालीस दिन की अवधि का होता है और यह अवधि प्रकृति के परिपूर्ण यौवन-उल्लसित प्राणवान्ï उमंगों की पे्ररणाओं से भरी होती है।

चारों  ओर कुछ विलक्षण मादकता, पवित्रता-सात्विकता अनुभव होने लगती है। होलिका पर्व न केवल सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बल्कि शरीर विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान एवं वर्तमान के भौतिक विज्ञान की कसौटी पर ऐसा खरा उतरता है कि कभी-कभी लगता है हमारे ऋषि-मनीषियों ने कितना सोच-समझकर यह निर्धारण किया होगा। फाल्गुन पूर्णिमा की रात्रि बीच में रख दो दिनों तक मनाया जाने वाला उल्लास भरा पर्व है होलिका दहन व धुलैंडी। पर अभी भी भारत के अधिकांश क्षेत्रों में यह बसंत पंचमी से मनाया जाने लगता है एवं रंगपंचमी तक चलता है। विविधता में एकता का दर्शन कराने वाली हमारी संस्कृति के रंग निराले हैं। ब्रज में,  राजस्थान में, मालवा में, बुंदेलखंड में, मिथिला में हर जगह होली उल्लास भरे पर्व के रूप में मनाई जाती है।
भारत एक कृषि प्रधान देश है। अन्न देवता पहले यज्ञीय ऊर्जा से संस्कारित हों, फिर समाज को यह अन्न समर्पित हो, इसीलिए जगह-जगह होलिका दहन यज्ञ का प्रचलन था। आज भी धरती के प्रदूषण एवं बहुराष्ट्रीयकरण के कारण ढेर सारे अनाज के होते हुये भी, असमान वितरण के चलते आत्महत्या करते किसानों के बाद भी इस पर्व की गरिमा यथावत्ï है।
यह पर्व एवं इसमें निहित दर्शन की स्थापना ही इन समस्याओं से इस कृषि प्रधान देश को मुक्ति दिला पाएगी। होली पर्व के पीछे क्या पौराणिक मान्यताएं हैं, यदि इन्हें अलग रख दें तो इसके साथ जुड़ी विशेषताएं इसे समता का, पारस्परिक सद्ïभाव के विस्तार का पर्व स्थापित करती है। यही एकमात्र ऐसा त्यौहार है, जिसमें हिन्दू ही नहीं, सभी संप्रदायों के व्यक्ति, ऊंच-नीच का भेद छोड़कर एक साथ मिलते हैं। हम सबका जीवन इन रंगों की तरह वैविध्यपूर्ण गुणों से भर जाए, व्यक्ति में ये गुण समा जाएं, इस भाव से इसे मनाया जाता है।
छोटे से छोटा व्यक्ति भी उच्च पद पर आसीन अधिकारी वर्ग के साथ पारस्परिक सौहार्द के साथ होली खेल लेता है। इसीलिए इस पर्व के साथ प्रहलाद के कथानक से जुड़े नृसिंह भगवान का पूजन तो किया ही जाता है, मातृभूमि रज- त्रिधा समता देवी का पूजन एवं क्षमावाणी के माध्यम से पारस्परिक व्यवहार में शालीनता के समावेश जैसी विशिष्टता भी जुड़ी हुई हैं। यह एक विडंबना ही है कि सांस्कृतिक प्रदूषण की आंधी में आज इसका स्वरूप फूहड़ होकर रह गया है। दिव्य प्रेरणाओं से भरा यह पर्व गंदे हंसी-मजाक से लेकर अश्लील प्रदर्शन एवं ओछी हरकतों का परिचायक बनता जा रहा है। होली जलाई जाती है, तो उसके साथ सारा कूड़ा-करकट, ईष्र्या-द्वेष, घृणा-कामुकता के बुरे भाव आदि भी जला दिए जाते हैं, परंतु आज इससे विपरीत ही हो रहा है। अनेक बार इसी पर्व पर दंगे उठ खड़े होते हैं।
समाज में पारस्परिक सामंजस्य-समरसता स्थापित करने हेतु स्थापित यह पर्व ऐसी बिगड़ी हुई स्थिति तक आ पहुंचेगा, यह कभी सोचा भी नहीं गया था। होली जले तो अश्लीलता की, अश्लील पोस्टरों की, उस कूड़ा-करकट की जो पिछले कई दिनों से हमारे अंदर-बाहर जमा होता है। यदि यह न होकर मात्र कुछ टन लकड़ी आग में डाल दी जाए, तो यह पर्यावरण प्रदूषण में ही सहायक होगा। अब राष्ट्र एवं विश्व में खून की नहीं, स्नेह-सद्ïभावना के विस्तार की, एक-दूसरे को आगे बढ़ाने की होली खेली जानी चाहिए। यदि इस रूप में यह पर्व मनाया जा सका तभी हम अपनी संस्कृति व भावी पीढ़ी के साथ उचित न्याय कर पाएंगे।

नागालैंड में बुनियादी ढांचे के विकास को मंजूरी दी गई

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New Delhi – माननीय प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत-समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण की भावना में, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने नागालैंड में मल्टी-डिसिप्लिनरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और ‘महिला उद्यमिता सुविधा केंद्र’ के लिए 172.108 करोड़ रुपये आवंटित करके राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

 

स्वीकृत ‘स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ न केवल आवश्यक खेल बुनियादी ढांचे के विकास में सहायता करेगा, बल्कि राज्य में खेल या अन्य मनोरंजक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक संभावित माध्यम के रूप में कार्य करके आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगा। ‘महिला उद्यमिता सुविधा केंद्र’ राज्य की उद्यमी महिलाओं के साहस को बढ़ावा देगा और साथ ही उनके लिए बाजार संपर्क और बाजार सुविधा भी पैदा करेगा। सामुदायिक संपत्ति होने के कारण खेल परिसर से लगभग 19.8 लाख आबादी जिसमें से 91% अल्पसंख्यक हैं को लाभ होगा। उद्यमिता केंद्रों से 3.25 लाख महिलाओं को लाभ होगा, जिनमें 3.16 लाख अल्पसंख्यक महिला आबादी शामिल है।

समावेशी और समग्र बुनियादी ढांचे के महत्व को स्वीकार करते हुए, खेल परिसर और महिला उद्यमिता केंद्रों को मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय विकास में सहायता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामुदायिक संपत्ति के रूप में मंजूरी दी गई है। यह आयोजन भारत के 2047 दृष्टिकोण के प्रति अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

शाम छह बजे शिवाजी पार्क में शुरू होगी विपक्ष की महारैली

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मुंबई: 2024 लोकसभा चुनावों के ऐलान के साथ ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुंबई में एक और यात्रा पूरी हो गई। भारत जोड़ो न्याय यात्रा का समापन डॉ. बी आर आंबेडकर के स्मारक चैत्य भूमि पर होगा। राहुल गांधी ने आज मुंबई में मणि भवन से अगस्त क्रांति मैदान तक ‘न्याय संकल्प पदयात्रा’ निकालेंगे। इसके बाद वह शाम को ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में विपक्ष की एक मेगा रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली में I.N.D.I.A अलायंस के तमाम नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसे विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इस सब के बीच सवाल बना हुआ कि I.N.D.I.A अलायंस के घटक दलों के बीच सीटों के समझौते पर कब मुहर लगेगी? ऐसी संभावना है कि MVA की सीट शेयरिंग पर भी फैसला हो सकता है। शिवाजी पार्क में महारैली के बीच आज के दिन को काफी अहम माना जा रहा है।
मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित महारैली में विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (INDIA) के लिए शक्ति प्रदर्शन में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश शामिल होने की उम्मीद है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज, भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन भी रैली में हिस्सा लेंगी। रैली में शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल होंगे।

26 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम

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बिहार, हरियाणा, गुजरात, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 26 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग ने लोकसभा आम चुनाव, 2024 के साथ निम्नलिखित विधानसभा क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए उपचुनाव कराने का निर्णय लिया है:

क्र.सं. राज्य का नाम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या एवं नाम रिक्ति का कारण
बिहार 195- अगियान (एससी) श्री मनोज मंज़िल को अयोग्य ठहराया जाना
गुजरात 26 – वीजापुर, डॉ. सी जे चावड़ा का इस्तीफा
108 – खम्‍भात श्री चिरागकुमार अरविंदभाई पटेल का इस्तीफा
136 – वाघोडिया श्री धर्मेन्द्रसिंह रानूभा वाघेला का इस्तीफा
85 – मानावडार श्री अरविंदभाई जिनाभाई लदानी का इस्तीफा
83 – पोरबंदर श्री अर्जुनभाई देवाभाई मोढवाडिया का इस्तीफा
हरियाणा 21-करनाल श्री मनोहर लाल का इस्तीफा
झारखंड 31- गांडेय डॉ सरफराज अहमद का इस्तीफा
महाराष्ट्र 30-अकोला पश्चिम श्री गोवर्धन मांगीलाल शर्मा उर्फ ​​लालाजी का निधन
त्रिपुरा

 

7-रामनगर श्री सुरजीत दत्त का निधन
 

 

त्तर प्रदेश

 

 

136- दादरौल श्री मानवेन्द्र सिंह का निधन
173-लखनऊ पूर्व श्री आशुतोष टंडन ‘गोपाल जी’ का निधन
292-गैसड़ी डॉ शिव प्रताप यादव का निधन
403 – दुधी (एसटी) श्री राम दुलार को अयोग्य ठहराया जाना
पश्चिम बंगाल

 

62-भगवान गोला श्री इदरीस अली का निधन
113- बारानगर श्री तापस रॉय का इस्तीफा
तेलंगाना 71-सिकंदराबाद छावनी (एससी) सुश्री लस्या नंदिता सयाना का निधन
 

 

 

 

 

हिमाचल प्रदेश

18- धर्मशाला श्री सुधीर शर्मा को अयोग्य ठहराया जाना
21 – लाहौल और स्पीति (एसटी) श्री रवि ठाकुर को अयोग्य ठहराया जाना
37-सुजानपुर श्री राजिंदर राणा को अयोग्य ठहराया जाना
39-बारसर श्री इंदर दत्त लखनपाल को अयोग्य ठहराया जाना
42-गागरेट श्री चैतन्य शर्मा को अयोग्य ठहराया जाना
45-कुटलहर श्री देविंदर कुमार (भुट्टो) को अयोग्य ठहराया जाना
राजस्थान 165 – बागीडोरा (एसटी) श्री महेंद्र जीत सिंह मालवीय का इस्तीफा
कर्नाटक 36 – शोरापुर (एसटी) श्री राजा वेंकटप्पा नाइक का निधन
तमिलनाडु 233 – विलावनकोड एस विजयधरानी का इस्तीफा

 

उप-चुनावों का कार्यक्रम अनुलग्नक-I में संलग्न है।

  1. मतदाता सूचियां

आयोग का दृढ़ विश्वास है कि त्रुटिमुक्‍त और अद्यतन मतदाता सूचियां स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनावों का आधार है। इसलिए, इनकी गुणवत्ता, स्थिति और विश्वस्तता में सुधार पर गहन और निरंतर ध्यान दिया जाता है। चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम-2021 द्वारा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 की धारा 14 में संशोधन के बाद, एक वर्ष में मतदाता के रूप में नामांकन के लिए चार अर्हक तिथियों का प्रावधान किया गया है। तदनुसार, आयोग ने अर्हक  तिथि के रूप में 1 जनवरी, 2024 के संदर्भ में मतदाता सूची का विशेष सारांश पुनरीक्षण किया, जिसमें अर्हक तिथि के रूप में 1 जनवरी, 2024 के संबंध में मतदाता सूची में पंजीकरण कराने के इच्‍छुक पात्र नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। 1 जनवरी, 2024 को अर्हक तिथि के संदर्भ में मतदाता सूचियों के विशेष सारांश पुनरीक्षण के समयबद्ध समापन के बाद, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया है –

i गुजरात, हिमाचल प्रदेश और त्रिपुरा के लिए 5 जनवरी, 2024;

ii. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु के लिए 22 जनवरी, 2024;

iii. उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के लिए 23 जनवरी, 2024; और

iv. तेलंगाना और राजस्थान के लिए 8 फरवरी, 2024 ।

हालांकि, मतदाता सूची को निरंतर अद्यतन करने की प्रक्रिया, निकटस्‍थ अर्हक तिथि के संबंध में, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक जारी रहेगी।

2.इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) और वीवीपैट

आयोग ने उपचुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवीपैट उपलब्ध कराए गए हैं और इन मशीनों की मदद से सुचारू रूप से  मतदान सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए गए हैं ।

3. मतदाताओं की पहचान

मतदाता की पहचान का मुख्य दस्तावेज मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) होगा। हालांकि निम्‍नलिखित पहचान दस्तावेजों में से भी कोई दस्‍तावेज भी मतदान केंद्र पर दिखाया जा सकता है:

i आधार कार्ड,

ii. मनरेगा जॉब कार्ड,

iii. बैंक/डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक,

iv. श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड,

v. ड्राइविंग लाइसेंस,

vi. पैन कार्ड,

vii. एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड,

viii. भारतीय पासपोर्ट,

ix. फोटो सहित पेंशन दस्तावेज़,

x केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू/सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, और

xi. सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी आधिकारिक पहचान पत्र ।

xii. विशिष्ट दिव्‍यांगता आईडी (यूडीआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार

4.आदर्श आचार संहिता

आदर्श आचार संहिता उस जिले (जिलों) में तत्काल प्रभाव से लागू होगी, जहां आयोग के दिनांक 02 जनवरी, 2024 के पत्र संख्या 437/6/1NST/ECI/FUNCT/MCC/2024/(उपचुनाव) (आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध) के तहत निर्देश के प्रावधान के अधीन, चुनाव के दायरे में आ रहे किसी विधानसभा क्षेत्र का पूरा या कोई हिस्‍सा में शामिल है।

5. आपराधिक पृष्ठभूमि के संबंध में जानकारी

आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को प्रचार अवधि के दौरान तीन अवसरों पर समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनलों के माध्यम से इस संबंध में जानकारी प्रकाशित करनी होती है। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को चुनाव में उतारने वाले राजनीतिक दल को भी तीन अवसरों पर अपने उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में अपनी वेबसाइट और समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनलों पर जानकारी प्रकाशित करनी होती है।

आयोग ने दिनांक 16 सितंबर, 2020 के अपने पत्र संख्या 3/4/2019/SDR/Vol. IV के माध्यम से निर्देश दिया है कि निर्दिष्ट अवधि निम्नलिखित तरीके से तीन ब्लॉकों के साथ तय की जाएगी, ताकि ऐसे उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि के बारे में जानने के लिए मतदाताओं के पास पर्याप्त समय हो:

ए. नाम वापसी से पहले 4 दिनों के भीतर

बी. अगले 5वें से 8वें दिन के बीच

सी. 9वें दिन से प्रचार के आखिरी दिन तक (मतदान की तारीख से पूर्व दूसरा दिन)

(उदाहरण: यदि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि महीने की 10 तारीख है और मतदान महीने की 24 तारीख को हैतो घोषणा के प्रकाशन का पहला ब्लॉक महीने की 11 और 14 तारीख के बीच होगादूसरा और तीसरा ब्लॉक उस महीने की क्रमशः 15 वीं और 18वीं तथा19वीं और 22वीं तारीख के बीच होगा।)

यह आवश्यकता 2015 की रिट याचिका (सी) संख्या 784 (लोक प्रहरी बनाम भारत संघ और अन्य) और 2011 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 536 (पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य) में मानीय उच्‍चतम न्यायालय के फैसले के अनुसरण में है।

यह जानकारी अपने उम्मीदवारों को जानें शीर्षक वाले ऐप पर भी उपलब्ध होगी।

6. उप-चुनाव के दौरान कोविड संबंधी व्यवस्था

आयोग ने आम चुनाव और उप-चुनावों के संचालन के दौरान पालन किए जाने वाले कोविड दिशानिर्देश जारी किए हैं जो आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

आज होगा लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान

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चुनाव आयोग शनिवार को शाम 3 बजे लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा. माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी 7 चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जा सकते हैं. चुनाव आयोग ने 2019 में 10 मार्च को लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था.  11 अप्रैल से 19 मई तक 7 चरणों में देशभर में मतदान हुआ था. नतीजे 23 मई को आए थे. चुनाव आयोग के तारीखों का ऐलान करते हुए देशभर में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी. आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण बदलाव आ जाएगा.

1- कितने चरणों में हो सकते हैं चुनाव?

माना जा रहा है कि इस बार लोकसभा चुनाव 7-8 चरणों में हो सकते हैं. 2019 में चुनाव आयोग ने 7 चरणों में चुनाव कराए थे. जबकि 2014 में 7 अप्रैल 2014 से 12 मई 2014 के मध्य 9 चरणों में चुनाव हुए थे. जबकि नतीजे 16 मई को आए थे.

2- क्या होती है आदर्श आचार संहिता?

चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए संवैधानिक अधिकार के तहत आदर्श आचार संहिता लागू करती है. इसके तहत राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए कुछ मानदंड तय किए जाते हैं. आचार संहिता का उद्देश्य सभी के लिए समान अवसर तैयार करना है.

3- आचार संहिता लागू होने के बाद क्या क्या बदल जाएगा?

आचार संहिता लागू होने के बाद सरकारी योजना की घोषणा या फिर शिलान्यास पर रोक रहेगी.

– लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा होने के बाद सरकारी अधिकारियों को छोड़कर कोई भी शिलान्यास या किसी भी प्रकार की परियोजनाओं या योजनाओं को शुरू नहीं कर सकता.

– आचार संहिता के दौरान चुनावी प्रक्रिया से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी अधिकारियों/कर्मचारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग पर रोक रहेगी. केवल चुनाव आयोग की इजाजत पर अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग हो सकती है.

– पार्टी की उपलब्धियों के विज्ञापन सरकारी खर्च पर नहीं दे सकते.

पंजाब में आम आदमी पार्टी ने पुराने चेहरों पर खेला दांव

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 पांच कैबिनेट मंत्रियों को उतारा मैदान में
सुभाष आनंद-
लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी नए चेहरों पर दांव खेलने से घबरा गई लग रही है।संभवतः इसीलिए पार्टी नए चेहरों पर विश्वास न कर पुराने चेहरों खासकर  विधायकों व कैबिनेट मंत्रियों को चुनावी मैदान में उतारने की घोषणा कर चुकी है।पंजाब में आम आदमी पार्टी ने राज्य की 8 लोकसभा सीटों से खड़े होने वाले उम्मीदवारों के नाम की  पहली लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी के संचालक केजरीवाल व मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने 5 कैबिनेट मंत्रियों पर फिर से दांव खेला है।मुख्यमंत्री ने अपने खुद के हलके से कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर को चुनावी मैदान में उतारने की घोषणा की  है,जबकि जालंधर लोकसभा से उपचुनाव में विजयी रहने वाले सुशील कुमार रिंकू को फिर से हाईकमान ने मौका दिया है।आप हाईकमान ने खेतीबाड़ी मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां को बठिंडा से चुनाव लड़ाने के लिए मैदान में उतारने का फैसला लिया है जबकि कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर  खडूर साहिब से और पंजाबी फिल्मों के अदाकार व मुख्यमंत्री के साथी कर्मजीत अनमोल को फरीदकोट से चुनावी मैदान में उतारने का फैसला लिया गया है।फतेहगढ़ साहिब से गुरप्रीत सिंह जी.पी और पटियाला से सेहत मंत्री डाक्टर बलबीर सिंह के नाम की घोषणा की गई है।पार्टी ने अमृतसर से कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल पर दांव खेला है,
 अभी आम आदमी पार्टी को पांच सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम की दूसरी लिस्ट जारी करनी है और उस लिस्ट में फिरोजपुर ,गुरदासपुर ,लुधियाना से उम्मीदवारों के नाम की घोषणा होनी बाकी है,इन सीटों पर किस की किस्मत जागेगी अभी यह कहना मुश्किल है।राजनीतिक जानकारों की मानें तो उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी अपने विधायकों को चुनावी मैदान में उतारने की इच्छुक लग रही है,हाईकमान का नये नेताओं पर विश्वास न होना इस बात को साबित कर रहा है।वैसे विधानसभा में 92 सीटें जीतने वाली पार्टी अब लोकसभा चुनाव में अपने कितने सदस्य भेज पाएगी यह वोटर ही उजागर करेंगे। (विनायक फीचर्स)

गर्भावस्था जागरूकता और शिक्षा के लिए मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म “रेडी टू बी मॉम” का शुभारंभ

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मुंबई (अनिल बेदाग) : इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को गर्भधारण पूर्व देखभाल के बारे में वैध जानकारी प्रदान करना है, ताकि गर्भावस्था के दौरान जोखिमों को कम करने के लिए गर्भधारण करने का निर्णय लेने से पहले उन्हें नियमित जांच के लिए परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
इस पहल के तहत हर महीने एक विषय पर समर्पित इंटरैक्टिव डॉक्टर पॉडकास्ट विभिन्न प्लेटफार्मों पर प्रसारित किया जाएगा। छह-श्रृंखला पहल की पहली श्रृंखला अंग्रेजी और हिंदी दोनों में उपलब्ध है। इसके बाद के धारावाहिक तमिल, बंगाली, कन्नड़ और मलयालम इन चार अतिरिक्त क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रस्तुत किए जाएंगे। प्रत्येक श्रृंखला में इंटरैक्टिव क्विज़, पोल जैसे बहुत कुछ अतिरिक्त तत्व होंगे।
डॉ. रोहन पालशेतकर, प्रख्यात प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, मुंबई, प्रोफेसर, डीवाई पाटिल स्कूल ऑफ मेडिसिन और अध्यक्ष एफओजीएसआई यंग टैलेंट प्रमोशन कमेटी महत्वपूर्ण बिंदु बताते हैं, “विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने हाल ही में रिपोर्ट दी है कि दुनिया भर में बांझपन दर १० % से १७ %बढ़ गई है।  इस वृद्धि में योगदान देने वाले कारकों में उम्र, विलंबित गर्भावस्था, देर से शादी और करियर प्राथमिकता शामिल हैं और ये कारक प्रजनन दर को प्रभावित करते हैं। हालाँकि ये निर्णय महत्वपूर्ण हैं, फिर भी ये गर्भधारण प्राप्त करने में चुनौतियाँ पेश कर सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान होने वाले संभावित जोखिम कारकों की पहचान करने और उन्हें कम करने के लिए गर्भधारण की इच्छुक महिलाओं के लिए गर्भधारण पूर्व जांच अमूल्य हो सकती है।”
मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटर्निटी होम, आगरा की डॉ नेहरिका मल्होत्रा कहती है , “बड़ी विडंबना है कि हमारे देश में जब तक हम किसी बड़ी मुश्किल में न पड़ जाएं डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं। जबकि डॉक्टरों का मानना है कि विवाह से पूर्व भी चिकित्सकीय परामर्श अति आवश्यक होता है। विवाह के बाद कब गर्भधारण करना है, गर्भ निरोधक गोलियों का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में करना है, कब तक करना है आदि प्रश्नों के सही उत्तर आपको एक डॉक्टर ही दे सकता है। जितना आप अपने डॉक्टर से संपर्क में रहेंगे उतना डॉक्टर को भी आपकी मेडिकल हिस्ट्री पता रहेगी। वे आपकी मदद और मार्गदर्शन कर सकेंगे। कुछ उपाय होते हैं जो वे आपको पहले से बता सकते हैं। जैसे फॉलिक एसिड सप्लीमेंट बहुत जरूरी है, हीमोग्लोबिन अच्छा होना चाहिए, आपको अपनी जीवनशैली में क्या बदलाव लाने हैं, खान पान कैसा होना चाहिए, शराब का सेवन नही करना है, व्यायाम कब और कितना करना है, नियमित रूप से नींद पूरी हो रही है या नही, लाइफ स्टाइल में तनाव कितना है। इन सभी बातों की जानकारी आपके डॉक्टर को होना जरूरी है और यह तभी संभव है जब आप नियमित रूप से डॉक्टर के पास जा रहे हैं और आवश्यक जांचें करा रहे हैं।”