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अब स्वाति मालीवाल पर बवाल

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(राकेश अचल-विभूति फीचर्स)
आम आदमी पार्टी की ख़ास नेत्री सुश्री स्वाति मालीवाल   के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निज सचिव द्वारा की गयी मारपीट की घटना अब रोचक हो गयी है। इस घटना की तह में जाने से पहले आपको स्वाति का अर्थ और स्वाति का महत्व समझना चाहिए। स्वाति का अर्थ है सरस्वती। स्वाति का अर्थ है तलवार। स्वाति हिन्दू धर्म से जुड़ा बहुत ही मन मोहने वाला नाम है। स्वाति सरस्वती है और एक नक्षत्र भी। स्वाति नाम की राशि कुंभ है। इस राशि की लड़कियां स्वभाव से बेहद ईमानदार होती हैं। यह किसी भी परिस्थिति के हिसाब से अपने आप को ढाल लेती हैं। स्वाति नाम की लड़कियां अक्सर दोस्ती करने से पहले सामने वाले व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से परखती है। इस राशि की स्वाति नाम की लड़कियों के करियर की बात करें तो यह फोटोग्राफर, वैज्ञानिक, लेखिका, मनोवैज्ञानिक व वकील सफलतापूर्वक बन सकती हैं।

आप की नेता और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ जो कुछ हुआ वो विस्मयकारी,पीड़ादायक और निंदनीय है । लेकिन सवाल ये है कि सामाजिक आंदोलन से होते हुए आम आदमी पार्टी से जुड़ी स्वाति के साथ मुख्यमंत्री के निज सचिव को इतनी बदतमीजी करने का साहस अचानक आ कहाँ से गया ? स्वाति न मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए नई हैं और न उनके निज सचिव के लिये ।  आप ने स्वाति  को महिला आयोग का अध्यक्ष भी बनाया और राज्य सभा  भी भेजा,जाहिर है कि वे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रहीं हैं ,लेकिन अचानक उनके साथ मुख्यमंत्री के निज सचिव का दुर्व्यवहार ये जाहिर करता है कि स्वाति के किसी क्रियाकलाप से मुख्यमंत्री के निज सचिव अवगत  थे और उन्होंने इसीलिए स्वाति को मुख्यमंत्री से मिलने से रोका और जब नहीं रुकीं तो जो किया सो सब सीसीटीवी में कैद है।
इस घटना के बाद स्वाति आप में रहेंगीं इसमें  मुझे संदेह है। मुझे आशंका है कि वे आजकल में ही भाजपा के  शिविर में आश्रय ले सकतीं है।मामला पुलिस के पास पहुँच चुका है और पुलिस मुख्यमंत्री आवास के कार्यालय तक। आखिर में स्वाति भाजपा के काम आयीं और उन्होंने जानबूझकर एक तय पटकथा के तहत जो करना था सो किया। उन्हें इसका फल मिलेगा ,न्याय भी मिलेगा लेकिन उन्होंने अपने आपको समाप्त भी कर लिया।

आपको बता दें की स्वाति नक्षत्र आकाश मंडल में 15 वां नक्षत्र है तथा इसका स्वामी राहु यानि अधंकार है।स्वाति मालीवाल भी मुमकिन है कि आम आदमी पार्टी का 15  वां  नक्षत्र ही हों और उनका स्वामी भी कोई अन्धकार ही  हो।  कहावत भी है कि जब स्वाति नक्षत्र में ओस की बूँद सीप पर गिरती है तो मोती बनता है। इस बूँद के लिए चातक भी तरसता है और सीप भी। मुमकिन है कि आप भी स्वाति को इतना ही महत्वपूर्ण मानता हो। लेकिन अब आम आदमी पार्टी के लिए स्वाति पहले वाली स्वाति नहीं रही। आम आदमी पार्टी की मंत्री आतिशी ने कहा कि स्वाति मालीवाल के लगाए सारे आरोप झूठे और निराधार है।  साजिश के तहत स्वाति को बीजेपी ने भेजा था।  स्वाति सीएम हाउस में जबरदस्ती घुसी थी।  बीजेपी ने पूरे मामले की साजिश रची है।  बिभव पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

स्वाति हर पार्टी में है।  हर पार्टी का अपनी महिला नेत्रियों के प्रति एक जैसा रवैया होता है। मैंने अपने पांच दशक के पत्रकारिता के जीवन में निकट से जाना है कि चाहे कांग्रेस हो,भाजपा हो,वामपंथी हों ,समाजवादी हों या फिर और कोई विचारधारा के दल महिलाओं का केवल इस्तेमाल करते हैं और वक्त आने पर उन्हें दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकाल भी फेंकते है।  उन्हें संरक्षण  कोई नहीं देता ।  स्वाति ने भी इस हकीकत को शायद समझा नहीं या समझ लिया तो कुछ ज्यादा ही समझ लिया।  अब पुलिस और अदालत स्वाति को जितना न्याय दिला सकती है शायद दिला भी दे किन्तु स्वाति का जो नुकसान होना था उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता ,न भाजपा और न आप।

स्वाति को कांग्रेस के जमाने के स्त्री उत्पीड़न के मामले शायद याद नहीं है,वे संभवतः राजनीति का तंदूर कांड भी भूल गयीं । वे पीड़िता हैं इसलिए मैं उनके साथ हूँ किन्तु उन्होंने जिस तरह से अपना इस्तेमाल होने दिया उसे देखते हुए मैं उनके साथ नहीं भी हूं।  वे अब स्वाति नक्षत्र की उस बूँद जैसी हैं जो किसी सीप में पड़े कच्चे माल को मोती में तब्दील नहीं कर सकतीं। वे किसी अतृप्त चातक के लिए जीवनदायनी भी साबित नहीं हो सकती।  वे द्रोपदी की तरह अपमानित भी हुईं और महाभारत भी नहीं करा पायीं,क्योंकि उनके होने या न होने से अब आप का कोई नुकसान होने वाला नहीं है।
बहरहाल अब आने वाले दिनों  में स्वाति को न्याय मिलेगा या नहीं ? भाजपा उन्हें शरण देगी या नहीं ? आप उन्हें अपनाएगी या नहीं ? ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब कोई नहीं दे सकता। बस प्रतीक्षा कीजिये कि आने वाले दिनों में राजनीति कितनी और बदसूरत हो सकती है। अब हर दल की स्वातियों को सावधान हो जाना चाहिए और अपने आपको इस्तेमाल होने से बचाना चाहिए।(विभूति फीचर्स)

विकसित भारत देकर जाने वाला हूं – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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मुंबई: शुक्रवार को शिवाजी पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भव्य रैली का आयोजन किया गया , जिस में एनडीए के सभी घटक दलों ने भाग लिया। वैसे तो यह सभा मनसे द्वारा आयोजित की गई थी मगर पूरी कमांड भाजपा प्रदेश का था।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने पीएम मोदी के साथ मंच साझा किया और अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने जैसे फैसलों के लिए केंद्र सरकार की जमकर तारीफ की।

दादर के विशाल शिवाजी पार्क मैदान में रैली को संबोधित करते हुए, राज ठाकरे ने अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी से उनके तीसरे कार्यकाल में अपनी अपेक्षाओं को बताया। ठाकरे ने मौजूदा लोकसभा चुनावों में बीजेपी और महाराष्ट्र में उसके सत्तारूढ़ सहयोगियों को बिना शर्त समर्थन दिया है।

मनसे नेता ने राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 को हटाने और तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने जैसे केंद्र सरकार के फैसलों का हवाला देते हुए कहा, ‘मैं इन्हें साहसी फैसले मानता हूं। अब, मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देंगे, देश में स्कूली पाठ्यक्रमों में मराठा इतिहास को शामिल करेंगे और शिवाजी-युग के किलों को संरक्षित करेंगे।’

इस रैली में मनसे प्रमुख राज ठाकरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक ही मंच पर पहली बार दिखे. एनडीए (NDA) की रैली को एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने संबोधित किया. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की जीत का दावा किया और कहा कि “पंडित नेहरू के बाद तीसरी बार पीएम बनने वाले नरेंद्र मोदी का स्वागत है.”

उद्धव ठाकरे और शरद पवार पर निशाना साधते हुए राज ठाकरे ने कहा कि “जो सत्ता में नहीं आने वाले उनके बारे में क्या बोलना.” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “90 के दशक में बाबरी मस्जिद में प्रकरण हुआ. मुलायम सिंह यादव के लोगों ने कारसेवकों पर गोली चलाई. वो तस्वीर मैं नहीं भूलता. राम मंदिर बनेगा क्या, ये हमेशा सोचता था. मोदी हैं इसलिए मंदिर बना.”

पीएम मोदी ने मुंबई में क्या कहा?

पीएम मोदी ने शुक्रवार (17 मई) को महाराष्ट्र के मुंबई में चुनाव प्रचार किया था। यहां उन्होंने एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार के लिए वोट मांगे और लोगों से कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में मुंबई की अहम भूमिका होगी।

शिवाजी पार्क में अपना भाषण खत्म करने के बाद उन्होंने बाला साहेब ठाकरे और वीर सावरकर को श्रद्धांजलि भी दी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि अगर देश की आजादी के बाद गांधी की सलाह पर कांग्रेस को भंग कर दिया गया होता तो देश पांच दशक आगे होता।

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज दुनिया का आधुनिकतम इंफ्रास्ट्रक्चर मुंबई को मिल रहा है। आज यहां अटल सेतु है, मुंबई मेट्रो का विस्तार हो रहा है, मुंबई लोकल का आधुनिकीकरण हो रहा है, नवी मुंबई में एयरपोर्ट बन रहा है, वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं और वो दिन दूर नहीं, जब देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई को मिलेगी।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं गारंटी देता हूं कि मैं आपको विकसित भारत देकर जाने वाला हूं। इसलिए मोदी 24×7 for 2047 के मंत्र के साथ… हर पल आपके नाम, हर पल देश के नाम… जी जान से जुटा है।’

अंजली पाटिल, शारिब हाशमी स्टारर फ़िल्म  “मल्हार” का पोस्टर लॉन्च

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 हिंदी व मराठी में 31 मई को होगी रिलीज़
मुंबई (अनिल बेदाग):  पिछले कुछ वर्षों में एक ही सिनेमा में एंथॉलॉजी फिल्मों का चलन बढ़ा है। 31 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही फिल्म “मल्हार” श्रीनिवास पोकळे, शारिब हाशमी, अंजलि पाटिल जैसे मंझे हुए कलाकारों से सजी यह अपकमिंग फिल्म तीन कहानियों का खूबसूरत मिश्रण है जो आपस में जुड़ी हुई हैं और एक ही गांव की हैं। निर्माता प्रफुल पसाड की फ़िल्म मल्हार का पोस्टर लॉन्च मुम्बई के रेड बल्ब स्टूडियो में किया गया जहाँ प्रोड्यूसर डायरेक्टर और सभी ऐक्टर्स के साथ फ़िल्म से जुड़ी पूरी टीम उपस्थित थी। पोस्टर में अंजली पाटिल का लुक एकदम अलग दिख रहा है जो उनके अनोखे किरदार की झलक प्रस्तुत कर रहा है वहीं शारिब हाशमी भी घनी मूंछों में प्रभावित कर रहे हैं।
निर्माता प्रफुल्ल पसाड का कहना है कि मल्हार गांव कच्छ में घटित हो रही तीन स्टोरीज का अद्भुत संगम है। हमने फ़िल्म को रोचक अंदाज में पिरोया है ताकि दर्शकों के लिए पूरा मनोरंजन मिले। यह फिल्म दो सबसे अच्छे दोस्तों की कहानी कहती है। सुनने के यंत्र की मरम्मत के लिए उनके संघर्ष के इर्द-गिर्द यह स्टोरी घूमती है।
चक्रव्यूह और न्यूटन सहित कई हिंदी, मराठी और साउथ फिल्मों में अपनी अदाकारी के जौहर दिखा चुकी अभिनेत्री अंजली पाटिल भी मल्हार की इंगेजिंग कहानी को लेकर काफी उत्साहित हैं। वह कहती हैं कि फ़िल्म की तीन कहानियों में से एक कहानी केसर की है जिसकी शादी लक्ष्मण से हाल ही में हुई है जो उस गांव के सरपंच का बेटा है। शादी के कुछ दिनों बाद भी वह गर्भवती नहीं हो रही है इसलिए उसके ससुराल वाले उसे लगातार कोस रहे हैं और वह इससे कैसे बाहर निकलती है।
अभिनेता शारिब हाशमी मल्हार का हिस्सा बनकर खुश हैं। वह कहते हैं कि फ़िल्म की 3 स्टोरीज में से एक स्टोरी जावेद और उसकी बड़ी बहन जैस्मीन की है। जैस्मीन को हिंदू लड़के जतिन से प्यार हो जाता है। कहानी उनके मिलने और एक साथ रहने के संघर्ष को दिखाती है कैसे वे इस प्यार और इसके परिणाम का सामना करते हैं, कहानी इसी बारे में है।
फ़िल्म में श्रीनिवास पोकळे, शारिब हाशमी, अंजली पाटिल, ऋषि सक्सेना, मोहम्मद समद और अक्षता आचार्य ने अभिनय किया है फ़िल्म के निर्माता प्रफुल्ल पसाडऔर निर्देशक विशाल  कुंभार द्वारा निर्देशित है। फिल्म के संवाद सिद्धार्थ साळवी, स्वप्नील सीताराम और पटकथा विशाल कुंभार, अपूर्वा पाटील ने लिखे हैं। छायांकन गणेश कांबळे का, संकलन अक्षय कुमार , संगीत टी. सतीश और सारंग कुलकर्णी ने दिया है। फ़िल्म हिन्दी और मराठी भाषा में एक साथ ३१ मई को सिनेमागृहों में रिलीज़ होगी ।

आज मुंबई शिवाजी पार्क में पीएम मोदी की रैली

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Mumbai – शुक्रवार को भाजपा की गठबंधन इकाई महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा शिवाजी पार्क में आयोजित एक विशाल रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी से पहले, मुंबई यातायात पुलिस क्षेत्र में 14 सड़कों पर पार्किंग कर रही है क्योंकि अनुमान है कि कई वीवीआईपी यात्रा करेंगे। घटना के लिए. यदि आवश्यकता पड़ी तो एसवीएस रोड के दोनों दिशाओं से यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ दिया जाएगा।

एनडीए की अगुवाई वाली रैली में मोदी की निर्धारित भागीदारी से पहले, इस कार्यक्रम में 40,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि मुंबई पुलिस ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने का दावा किया है और यातायात पुलिस ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक योजना भी बनाई है कि शहर के यातायात पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार को एक एडवाइजरी जारी की और कहा कि मनसे की ‘जाहिर सभा’ ​​में पीएम के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे , उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और देवेंद्र फड़नवीस के साथ-साथ अन्य मंत्रियों और वीवीआईपी के भाग लेने की संभावना है। शिवाजी पार्क.शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में समर्थकों के आने की उम्मीद है, पश्चिमी और पूर्वी एक्सप्रेस राजमार्गों पर बड़ी संख्या में वाहनों के मौजूद होने की संभावना है। विशेषकर आयोजन स्थल की ओर जाने वाली सड़कों पर यातायात भीड़भाड़ की संभावना है .

एसवीएस रोड (सिद्धिविनायक जंक्शन से यस बैंक जंक्शन तक) के उत्तर की ओर जाने वाले हिस्से पर यातायात को विनियमित किया जाएगा और इसे एक वैकल्पिक मार्ग (सिद्धिविनायक जंक्शन से) के साथ एसके बोले रोड-अगर बाजार-पुर्तगाली चर्च या एसके बोले रोड पर मोड़ा जा सकता है।

एसवी एस रोड के दक्षिण की ओर जाने वाले हिस्से के लिए, यातायात को दांडेकर चौक से पांडुरंग नाइक मार्ग, फिर राजा बाधे चौक से दाएं मुड़कर एलजे रोड से गोखले रोड या एनसी केलकर रोड की ओर मोड़ दिया जाएगा।

रैली में भाग लेने वालों के लिए सलाह

वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के माध्यम से पश्चिमी और उत्तरी उपनगरों से आने वाले वाहन प्रतिभागियों को माहिम रेलवे स्टेशन से रूपारेल कॉलेज क्षेत्र के बीच सेनापति बापट रोड पर छोड़ देंगे और माहिम रेती बंदर, कोहिनूर पीपीएल पार्किंग, इंडिया बुल्स फाइनेंस सेंटर पीपीएल पार्किंग, कामगार में पार्किंग के लिए आगे बढ़ेंगे। स्टेडियम और सेनापति बापट रोड पर। हल्के मोटर वाहन इंडियाबुल्स वन सेंटर पीपीएल पार्किंग में पार्क किए जा सकते हैं।

ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के माध्यम से ठाणे और नवी-मुंबई से आने वाले वाहन उपस्थित लोगों को दादर टीटी सर्कल के पास छोड़ देंगे और फाइव गार्डन, माटुंगा और आरएके फोर रोड की ओर पार्किंग के लिए आगे बढ़ेंगे।

वीर सावरकर रोड के माध्यम से दक्षिण मुंबई से आने वाले वाहन प्रतिभागियों को रवींद्रनाथ नाट्य मंदिर में छोड़ देंगे और इंडिया बुल्स फाइनेंस सेंटर पीपीएल पार्किंग, रहेजा पीपीएल पार्किंग, सुदाम कालू अहिरे रोड, वर्ली, पदुरंग बुधकर मार्ग ग्लैक्सो जंक्शन से कुमे चौक, सुदाम तक पार्किंग के लिए आगे बढ़ेंगे। कालू अहिरे रोड, वर्ली, नारायण हार्डिकर मार्ग। बीए रोड से आने वाले वाहन प्रतिभागियों को दादर टीटी सर्कल पर उतारेंगे और फाइव गार्डन या आर एके फोर रोड पर निर्दिष्ट पार्किंग स्थल पर पार्किंग के लिए आगे बढ़ेंगे।

ट्रैफिक अधिकारियों ने गुरुवार को एक एडवाइजरी जारी की कि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के एमएमआरडीए ग्राउंड (फायरक्रैकर ग्राउंड) में आयोजित शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की रैली में बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने की उम्मीद है। एक अधिकारी ने कहा, “इसलिए 17 मई 2024 को सुबह 10 बजे से आधी रात तक मरीन ड्राइव, ईस्टर्न एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न एक्सप्रेसवे पर यातायात की भीड़ से बचने के लिए आवश्यक यातायात व्यवस्था की योजना बनाई गई है।” अधिकारी ने कहा, “इसलिए, हवाई या रेल से यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों को बारी-बारी से अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए और समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में असुविधा से बचना चाहिए।”

PM Modi in Jaunpur -अब गरीब के बच्चे भी आईएएस और डॉक्टर बनेंगे।

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PM Modi in Jaunpur: पीएम नरेंद्र मोदी ने जौनपुर में जनसभा के दौरान कहा कि अब गरीब के बच्चे भी आईएएस और डॉक्टर बनेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच सालों में जौनपुर की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने लोगों से भोजपूरी में पूछा कि मछलीशहर में कमल क फूल खिली न?

जौनपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 4 जून को जौनपुर में इतनी इमरती बंटेगी कि सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे। बता दें इमरती एक मिठाई होती है और जौनपुर की इमरती काफी मशहूर होती है। भारतीय जनता पार्टी ने जौनपुर से कृपाशंकर सिंह को उतारा है, जो एक जमाने में महाराष्ट्र के गृह मंत्री थे और कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा की शुरुआत में कहा, ‘आपका ये आशीर्वाद, आपका स्नेह ये दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में इंडी गठबंधन वालों के लिए एक सीट भी जीतना मुश्किल है। 4 जून को जौनपुर में इतनी इमरती बंटेगी कि सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे। ये चुनाव देश के प्रधानमंत्री चुनने का अवसर है। ऐसा प्रधानमंत्री जो एक दमदार सरकार चलाए, जिस पर दुनिया रौब न जमा सके, लेकिन वो भारत के दमखम से दुनिया को परिचित कराए, इसलिए जब आप जौनपुर से हमारे कृपाशंकर सिंह को वोट देते हैं, मछलीशहर से बीपी सरोज को वोट देते हैं, तो आपका वोट दमदार सरकार बनाता है। वो वोट जो इनको देंगे वो सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘दमदार सरकार काम कैसे करती है, ये आपने काशी में देखा है। ये आप अयोध्या में होते देख रहे हैं। पहले लोग विकास की बातें करते थे, तो चर्चा कभी दिल्ली की होती थी, तो कभी मुंबई की। अब देश-दुनिया काशी की चर्चा करता है, अयोध्या की भी चर्चा करता है। विकसित भारत बनाना ये प्रण है और विकसित भारत का ग्रोथ इंजन पूर्वांचल होगा, पूर्वी भारत होगा, इसलिए जब मैं एक्सप्रेसवे बनाता हूं तो जौनपुर वालों को बड़ा लाभ होता है, जब मैं बनारस के हवाई अड्डे अपग्रेड करता हूं, तो भी यहां के लोगों को फायदा होता है।’

जौनपुर की मेधा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जौनपुर देश को आईएएस, आईपीएस देने वाला जिला है। एनडीए सरकार परीक्षा से लेकर भर्ती तक नई और पारदर्शी व्यवस्था बनाने में जुटी है। पहले केंद्र सरकार के ग्रुप-सी और डी की भर्तियों में इंटरव्यू होते थे, मोदी ये खत्म कर दिया, ताकि युवाओं को बेवजह की परेशानी ना हो, पारदर्शिता के साथ उनका चयन हो।’

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी हमने बड़ा फैसला लिया। मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पहले सिर्फ अंग्रेजी में होती थी। अगर आपका बच्चा स्कूल में अंग्रेजी में पढ़ा है, तभी उसके आगे जाने की खिड़की खुलती है। एक गरीब मां बेटा-बेटी को अंग्रेजी पढ़ाने के लिए कहां जाएगी, क्या मेरा दलित-पिछड़े का बच्चा डॉक्टर नहीं बनेगा। इसलिए मैंने तय कर लिया कि अब आप अपने गांव की भाषा में पढ़कर आएंगे, तो भी डॉक्टर और इंजीनियर बनेंगे।’

पीएम मोदी ने आरक्षण के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी युवाओं के अकांक्षा को समझती है। ये भाजपा है जिससे मेडिकल की परीक्षा में ओबीसी आरक्षण लागू किया। हमने सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10% आरक्षण दिया। पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त कानून मोदी सरकार ने बनाया है। हमारी सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज बना रही है। हम रिकॉर्ड संख्या में आईआईटी, आईआईएम और एम्स बना रहे हैं और इस महाअभियान का सबसे ज्यादा फायदा युवाओं को मिल रहा है।’

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा, ‘इस चुनाव में देश के सामने दो मॉडल है- एक मोदी, भाजपा एनडीए है। हम लोगों का रास्ता संतुष्टीकरण का है। हर किसी को संतुष्टि देना। दूसरी तरफ- सपा, कांग्रेस हो घमंडिया गठबंधन, उनका मॉडल तुष्टीकरण मॉडल है। देश में जब सपा-कांग्रेस का तुष्टीकरण मॉडल चलता था, तो सिर्फ और सिर्फ कुछ परिवारों को ही लाभ हुआ। सामाजिक न्याय के नाम पर दलित, गरीब, पछड़ों के साथ छल हुआ है, अपराध हुआ है। कच्चे घर, गंदा पानी, खुले में शौच, बिजली और गैस का अभाव, ना जाने कितने अपमान।’

सरकार की योजनाएं गिनाते हुए पीएम मोदी ने जनसभा में कहा, ‘यूपी में 50 लाख पक्के घर लाभार्थियों को मिल चुके हैं। इसमें से एक लाख घर जौनपुर जिले में मिले हैं। ये EVM-EVM चिल्लाते हैं, इनको मालूम नहीं कि ये ईवीएम का खेल नहीं, हर मां-बहन का आशीर्वाद है, जिनको रहने के लिए पक्का घर मिला है। मुझे कभी-कभी मौका मिल जाता है, तो मैं इन लाभार्थियों के घर जाकर देखता हूं। इनमें शौचालय, नल से जल, बिजली, सस्ता सिलेंडर ये सारी सुविधाएं घर के साथ होती हैं। घर यानी पक्का घर। मोदी जो घर देता है, वो महिलाओं के नाम पर देता है। मैंने तो तय किया है कि मैं तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने वाला हूं।’

विपक्षियों पर धर्म के आधार पर आरक्षण की वकालत का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘ये धर्म के आधार पर देश में आरक्षण की वकालत करते हैं। ये संविधान बदलकर एससी/एसटी को जो आरक्षण मिला है उसका हक छीनना चाहते हैं। ये काम उन्होंने कर्नाटक में कर दिया है। रातों-रात सभी मुसलमानों को एक हुक्म जारी कर ओबीसी बना दिया। ये मॉडल पूरा देश में लागू करना चाहते हैं। क्या मेरे जीते जी ये कर पाएंगे? मैं जब तक जिंदा हूं तब तक मैं ये राजनीति नहीं करने दूंगा।’

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘ये कांग्रेस वाले एक एक्सरे मशीन लाए हैं। उससे सावधान रहने की जरूरत है। वो कहते हैं कि हम आपकी संपत्ति का एक्सरे निकालेंगे और आपकी आवश्यकता से अधिक है वो हम छीन लेंगे। मैं छीनने दूंगा क्या? इनका तो इरादा है कि जो आपके पास है वह मरने के बाद आप अपने बच्चे को नहीं दे सकते, आधे से ज्यादा सरकार ले लेगी।’

सनातन धर्म के खिलाफ विपक्ष की बयानबाजी पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘सपा-कांग्रेस की नीति खतरनाक है। वो आपसे वोट मांग रहे हैं और दक्षिण भारत में जाकर उत्तर प्रदेश के लिए अनाप-शनाप बोलते हैं। ये लोग सनातन धर्म को गालियां दिलवाते हैं। इसके साथ ही डीएमके के लोग हों, केरल में लेफ्ट के लोग हों, कर्नाटक और तेलंगाना कांग्रेस के लोग हों, ये दल यूपी के लोगों को गालियां देते हैं, तो सपा-कांग्रेस वाले अपने कान में रुई डाल लेते हैं। क्या यूपी के लोगों को गाली देने वाले इंडी गठबंधन को आप माफ कर देंगे? विकसित भारत के लिए हमें भाजपा को जिताना है।’

कान्स में सम्मानित होना सिनेमाई के शिखर पर चढ़ना है-उर्वशी रौतेला

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मुंबई (अनिल बेदाग) : अपनी कई मिस यूनिवर्स विजय से लेकर जज और फ्रंटलाइन बॉलीवुड सुपरस्टार के रूप में लोगों का मार्गदर्शन करने तक, आकर्षक और आकर्षक अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने निश्चित रूप से अपने जीवन में एक लंबा सफर तय किया है। यह सब उनके अनुशासन, कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और दृढ़ता की बदौलत है। एक व्यक्तित्व के रूप में उर्वशी रौतेला शायद भारतीय मनोरंजन उद्योग की एकमात्र अभिनेत्री हैं जिन्हें पूरी दुनिया में जबरदस्त प्यार और पहचान मिलती है।

सिर्फ भारत में ही नहीं, अपने आकर्षण और शानदार करियर की बदौलत, उर्वशी रौतेला को अतीत में कई प्रशंसाएं और पुरस्कार सम्मान मिले हैं। अच्छा अंदाजा लगाए? इस साल 77वें फेस्टिवल डे कान्स के उद्घाटन समारोह में उर्वशी रौतेला के लिए चीजें एक अलग स्तर पर बड़ी और बेहतर हो गईं। न केवल उन्हें जबरदस्त सम्मान से सम्मानित किया गया, बल्कि उन्होंने इसे अद्भुत मेरिल स्ट्रीप की उपस्थिति में भी प्राप्त किया, जो उनके साथ विशिष्ट अतिथि भी थीं। खुश और प्रसन्न उर्वशी रौतेला ने विशेष पुरस्कार सम्मान के बारे में अपनी भावनाओं को साझा किया और कहा, “मैं इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की खबर पाकर बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूं और साथ ही मेरिल स्ट्रीप से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए उत्साहित हूं। अंतरराष्ट्रीय कलात्मक समुदाय द्वारा सम्मानित संस्थान कान्स में सम्मानित होना सिनेमाई के शिखर पर चढ़ना है।”

मेरे सामने इस मंच की शोभा बढ़ाने वाले दिग्गजों के बीच खड़ा होना एक विनम्र लेकिन उत्साहवर्धक अनुभव है। मैं इस मई में फ्रांस में व्यक्तिगत रूप से अपना हार्दिक धन्यवाद देने के अवसर का उत्सुकता से इंतजार कर रही हूं।” उर्वशी रौतेला ने निश्चित रूप से एक बार फिर साबित कर दिया है कि किसी अन्य भारतीय अभिनेत्री को वैश्विक स्तर पर उतना सम्मान, प्यार और प्रशंसा नहीं मिलती जितनी उन्हें मिलती है।

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आम आदमी पार्टी में हो सकती है बगावत

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सुभाष आनंद – 
देश में जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव का अंतिम दौर नजदीक आता जा रहा हैं वैसे-वैसे पार्टियों में हलचल बढ़ती जा रही है। आम आदमी पार्टी जिन्होंने पंजाब में अपने  आठ उम्मीदवारों के चुनाव लडऩे की घोषणा की थी उनमें से एक उम्मीदवार के बगावत करके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के पश्चात पार्टी को बहुत बड़ा धक्का लगा है।  दूसरा आम आदमी पार्टी में स्वाति मालीवाल प्रकरण के बाद  निराशा और हताशा बढ़ती जा रही है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के अचानक राजनीति से लुप्त होने के पश्चात पंजाब की राजनीति में नए-नए प्रश्न उभर रहे है।
राघव चड्ढा को जिस प्रकार पंजाब से राज्यसभा के  द्वार से प्रवेश करने के पश्चात वह राजनीति में छाए हुए थे। कुछ राजनीतिक पंडितों का मानना है की भगवंत सिंह मान पंजाब के मुख्यमंत्री हैं परंतु असली रूप से पंजाब के मुख्यमंत्री की भूमिका राघव चड्डा ही निभा रहे थे। 
 देश की राजनीति में राघव चड्ढा की शादी पर जिस प्रकार भूचाल उठा था, वह किसी से लुकी छिपी  बात नहीं है । पंजाब की राजनीति पर जिस प्रकार राघव छाए हुए थे, उसको लेकर भगवंत सिंह मान अनईजी महसूस कर रहे थे। आम आदमी पार्टी के विधायक ने पिछले दिनों ट्वीट किया है की क्या से क्या हो गया आम आदमी पार्टी में , कुंवर विजय सिंह के इस ट्विट से राजनीति मैं नई हलचल देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर शीशे से बने होते हैं उन्हें दूसरों के घरों मैं पत्थर फेंकने से परहेज करना चाहिए।
राघव चड्डा के लुप्त होने पर आम आदमी पार्टी के बीच बड़े प्रश्न उठ रहे है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ई डी द्वारा जिस प्रकार आम आदमी पार्टी के लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है उनमें राघव चड्ढा का नाम भी प्रमुख है। पार्टी के भीतर कुछ लोग बातें कर रहे हैं कि केजरीवाल के संकट के समय में जिस प्रकार राघव चड्डा लुप्त हुए हैं उससे कई प्रकार के प्रश्न सामने आ रहे हैं, राघव चड्डा आंखों का ऑपरेशन करवाने के बहाने विदेश में गए हैं,सूत्रों से पता चला है कि वह राजनीति को त्याग कर वहां ही सेटल होना चाहते हैं। पंजाब की राजनीति पर एकमात्र कब्जा करने के पश्चात सरकारी कामों में भी खुलकर हस्तक्षेप करते थे। संकट की घड़ी में जिस प्रकार राघव प्रताप अपनी आंखों के इलाज के बहाने विदेश जा भागे है वह पार्टी के लिए एक यज्ञ है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर राघव चड्ढा और अमित शाह के बीच कई मीटिंग हो चुकी है राघव चड्डा अपने भविष को ले कर बहुत चिंतित है वह राजनीति में लंबी पारी खेलने के लिए मैदान तैयार कर रहे हैं।
 राघव चड्ढा का पंजाब की राजनीति से लुप्त होना बड़े प्रश्न खड़े कर रहा है, अब भगवंत मान ने भी राघव चड्ढा को महत्व देना छोड़ दिया है। पंजाब के बड़े नेता समझते हैं की आम आदमी पार्टी में यदि केजरीवाल नंबर 1 तो दूसरे नंबर पर भगवंत मान का नाम आता है पार्टी में जिस प्रकार बगावत का असर देखने को मिल रहा है उसे आम आदमी पार्टी में बड़ी चिंता की बात है। कोई समय था जब पंजाब की राजनीति  इर्द-गिर्द घूमती थी। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राघव भाजपा के बड़े नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं वह केजरीवाल के लाडले माने जाते थे परंतु संकट की घड़ी केजरीवाल का साथ देने की बजाय वह विदेश जाकर बैठ गए है। (विभूति फीचर्स)

अमेठी में चुनाव कितना सरल कितना कठिन

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(शिव शरण त्रिपाठी-विनायक फीचर्स)
 कभी कांग्रेस की खानदानी सीट मानी जाने वाली अमेठी से 2019 में पहले भाजपा की स्मृति ईरानी से चुनाव हारना और अब 2024 में राहुल गांधी का पलायन करना नि:संदेह यह बताने को काफी है कि कांग्रेस इस सीट पर स्मृति ईरानी से टक्कर लेने का साहस नहीं दिखा पा रही है।
अलबत्ता कांग्रेस ने राहुल गांधी की बजाय अर्से तक गांधी परिवार के अमेठी, रायबरेली में चुनाव प्रबन्धक एवं वफादार सिपहसालार रहे किशोरी लाल शर्मा को चुनाव मैदान में उतारकर यह जताने की कोशिश अवश्य की हैं कि गांधी परिवार अमेठी से अपने पुराने रिश्ते को बरकरार रखना चाहता है।
कांग्रेस के रणनीतिकारों को उम्मीद थी कि चूंकि राहुल गांधी पड़ोस में ही गांधी परिवार की खानदानी सीट रायबरेली से चुनाव लड़ रहे हैं सो किशोरी लाल शर्मा को इसका लाभ मिलना तय है। यही नहीं चूंकि उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठबंधन के तहत रायबरेली व अमेठी सीट कांग्रेस के खाते में गई अतएवं दोनों ही सीटों पर गठबंधन की प्रमुख भागीदार सपा के वोटों का लाभ मिलना तय है।
कांग्रेस के रणनीतिकार अपनी इस रणनीति से भले ही संतुष्ट हो, भले ही गांधी परिवार अपनी साख बचाने की  कोई भी दलील दे पर सच्चाई यही है कि राहुल गांधी ने अमेठी सीट से चुनाव लड़ना कतई उचित नहीं समझा।संभवतः राहुल गांधी को अमेठी से ज्यादा सुरक्षित श्रीमती सोनिया गांधी की जीती हुई रायबरेली  सीट ही लगी।
जहां तक अमेठी सीट से किशोरी लाल शर्मा को मैदान में उतारने की बात है तो कांग्रेस के इस निर्णय से अमेठी में न तो कोई उत्साह की लहर है न तो शर्मा को अमेठी के कांग्रेस कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं। कांग्रेस के पदाधिकारियों के अलावा न तो कोई बड़ा कांग्रेसी नेता उनके पक्ष में दिखाई दे रहा है और न ही उन्हें गांधी परिवार से कोई विशेष तरजीह दी जा रही है। श्री शर्मा के नामांकन के मौके पर प्रियंका पड़ोस में यानी रायबरेली में अपने भाई राहुल के नामांकन के अवसर पर जोश-ओ-खरोश के साथ उपस्थित थी लेकिन नजदीक ही अमेठी में नामांकन के समय न तो प्रियंका उपस्थित थी न ही कांग्रेस का कोई बड़ा नेता अमेठी पहुंचा।  जहां तक विपक्षी गठबंधन के प्रमुख दल सपा का कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन मिलने का सवाल है, हालात बता रहे हैं कि सपा समर्थक खासकर यादव समाज के लोगों का रूझान कांग्रेस प्रत्याशी की तुलना में भाजपा प्रत्याशी की ओर ज्यादा है।
भाजपा ने यादव बाहुल्य वाले इस क्षेत्र में  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ० मोहन यादव को स्मृति ईरानी के जुलूस से लेकर नामांकन पत्र दाखिल करने के मौके पर साथ रखा और उन्होने भी खुद को पड़ोस के सुल्तानपुर को अपनी सुसराल बताकर अपने को यहां का दामाद बताते हुए अपना हक जताया।भाजपा के इस दांव से  यादव बिरादरी का रुख भी बदलना  तय माना जा रहा है जिसका लाभ  निश्चित ही स्मृति इरानी को मिलेगा।
यहां यह भी कम गौरतलब नहीं है कि अमेठी की जिन दो विधानसभा सीटों पर सपा विधायकों का कब्जा है उनमें से एक गौरीगंज के सपा विधायक सपा से लगभग नाता तोड़ चुके हैं। उनका पूरा परिवार हाल ही में भाजपा में शामिल हो चुका है। वैसे सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह गौरीगंज सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीतकर एक रिकार्ड बना चुके हैं। उनका इस सीट के मतदाताओं पर काफी अच्छा प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उनके समर्थकों के अधिकाधिक वोट कांग्रेस के  शर्मा की बजाय भाजपा की ईरानी को मिलना तय माना जा रहा है।
सपा की दूसरी विधान सभा सीट अमेठी पर भी ऐसा ही नजारा दिखने को मिल रहा है। यहां से सपा की विधायक महाराजी देवी हैं।उनके  बेटे और बेटी सहित पूरा कुनबा ही स्मृति ईरानी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने में जुटा हुआ है। वैसे महाराजी देवी के पति गायत्री प्रजापति भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते एक अर्से से जेल में बंद हैं और उन्हें लगता है कि भाजपा की शरण में जाने से उनके पति व परिवार को राहत मिल सकती है।
महाराजी देवी प्रजापति ओबीसी से आती हैं और उनकी बिरादरी कुम्हार है,अपनी बिरादरी के अलावा मौर्य, नाई जातियों में भी गायत्री प्रजापति के परिवार का काफी दबदबा है।
जानकार सूत्रों का कहना है  कि जब 2019 में कांग्रेस प्रत्याशी राहुल गांधी को सपा-बसपा गठबंधन का पूरा समर्थन प्राप्त था तब भी भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को ओबीसी के 70 फीसदी मतदाताओं का समर्थन हासिल हुआ था और कुर्मी तथा कोरी जाति का तो 80 फीसदी से अधिक समर्थन मिला था। बसपा के सपा से अलग होकर स्वतंत्र चुनाव लड़ने से बसपा प्रत्याशी ओबीसी जाति के रवि प्रकाश मौर्य भाजपा व कांग्रेस दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यहां यह भी कहा जा रहा है कि बसपा के चलते मुस्लिम व दलित वोटों में बंटवारा तय है। जिसका खामियाजा कांग्रेस को ही भुगतना पड़ेगा।
अमेठी में अभी तक कांग्रेस और सपा की ओर से बड़े नेता  कोई खास दिलचस्पी नहीं दिख रहे हैं जबकि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्मृति ईरानी के समर्थन में अब तक दो बार रैलियां करके उदासीन मतदाताओं को जोश में लाने के प्रयास कर रहे है।भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी यहां सभा कर चुके हैं।
कुल मिलाकर आज की स्थिति में अमेठी किसी के लिए भी सरल नहीं हैं एक ओर जहां भाजपा स्मृति इरानी को जिताने के लिए भरपूर ताकत के प्रचार प्रसार कर रही है तो  किशन लाल शर्मा भी चुनाव जीतने के लिए गांधी परिवार से अपनी नजदीकियों को भुनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। (विनायक फीचर्स)

मरुस्थल में गऊ माता के लिए कूलर की ठंडी हवा

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बीकानेर. मरुस्थलीय प्रदेश राजस्थान में गर्मी के दिन जला देने वाले होते हैं. आसमान से इन दिनों धूप नहीं आग बरस रही है. इंसान तो इंसान, पशु भी परेशान हैं. इंसान तो गर्मी से निपटने के लिए अपना इंतजाम कर लेता है. बेजुबानों क्या करें. इसलिए गौ माता की देखभाल के लिए गौ शाला में कूलर और पंखे लगाए गए हैं

राजस्थान में सबसे अधिक तापमान बीकानेर संभाग में रहता है. भीषण गर्मी का असर अब सीधे दुधारू पशुओं पर पड़ने लगा है. गर्मी से दूध उत्पादन में कमी दिख रही है. पशुओं का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है. पशुओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए बीकानेर की गौशाला में कूलर लगाया गया है. इसके साथ-साथ पंखे की व्यवस्था भी की गई है.

गायों के लिए कूलर
लक्ष्मीनाथ मंदिर गौ शाला के मैनेजर हरिओम पुरोहित ने बताया गर्मी को देखते हुए डेढ़ माह पहले ही गौ वंश के लिए कूलर और पंखे लगा दिए गए हैं. यहां ज्यादतर कमजोर गौ वंश या छोटे बछड़ों के लिए कूलर लगाए हैं. वहीं अन्य गौ वंश के लिए पंखे की व्यवस्था की गई है. यहां गौ शाला में एक हजार से अधिक गाय हैं. जहां इनके लिए 5 से 7 कूलर लगाए गए हैं. 10 कूलर और लगाए जाना हैं. लेकिन पंखे हर जगह हैं.

ठंडा पानी, गुड़ का शरबत
गौवंश के लिए पीने के पानी और हरे चारे की व्यवस्था की गयी है. शाम को गुड का शरबत बनाकर देते हैं. ताकि गायों को गर्मी में राहत मिल सके.गर्मी की वजह से गाय अच्छे से खा नहीं रही हैं. इसलिए दूध उत्पादन पर काफी असर पड़ रहा है.जो गाय सामान्य मौसम में दस लीटर तक दूध देती हैं, इन दिनों पांच से छह लीटर ही दूध दे रही हैं. मसलन 40 से 50 फीसदी तक दूध का उत्पादन घट गया है. गर्मी की वजह से पशु हांफ रहे हैं वो चारा नहीं खा रहे हैं.

कार्तिक आर्यन अपने शहर ग्वालियर में करेंगे “चंदू चैंपियन” का ट्रेलर लॉन्च

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साजिद नाडियाडवाला और कबीर खान द्वारा प्रोड्यूस्ड फिल्म “चंदू चैंपियन” में कार्तिक आर्यन को एक नए और अलग किरदार में देखने के लिए दर्शक काफी उत्साहित थे। ऐसे में अब मेकर्स द्वारा फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर से पर्दा उठा दिया गया है और दर्शक चाहकर भी उससे अपनी नजर नहीं हटा पा रहे हैं। बता दें कि नेटीजेंस से लेकर इंडस्ट्री तक ने कार्तिक आर्यन के रेसलर अवतार को लेकर चर्चा बड़े पैमाने पर हो रही है। इन सब के बीच, मेकर्स साजिद नाडियाडवाला और कबीर खान ने फिल्म के पोस्टर लॉच के साथ कैंपेन की भी शुरुआत कर दी है। फर्स्ट पोस्टर बिना किसी शक हाल के दिनों में सामने आया सबसे बड़ा और जबरदस्त पोस्टर है। फैंस और दर्शक पोस्टर पर अपना प्यार लुटा रहे हैं और अब सभी की निगाहें ट्रेलर पर टिकी हैं।

फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के आने वाले ट्रेलर को लेकर हर कोई एक्साइटेड है। ट्रेलर लॉन्च को खास बनाने के लिए फिल्म मेकर्स ने एक अनोखी प्लानिंग बनाई है। जी हां! प्लान के मुताबिक सुपरस्टार कार्तिक आर्यन फिल्म के दमदार ट्रेलर से 18 मई 2024 को अपने होम टाउन ग्वालियर में पर्दा उठाने के लिए रवाना होने वाले हैं। कई सालों की कड़ी मेहनत, संघर्ष और अपने शानदार प्रदर्शन और ब्लॉकबस्टर फिल्मों से ग्लोबल सफलता पाने के बाद, कार्तिक आर्यन ने एक बड़ा फैन बेस हासिल कर लिया है। इतने लंबे समय में यह पहली बार होगा, जब वह अपने होम टाउन ग्वालियर का दौरा करेंगे।

इंडस्ट्री में कार्तिक आर्यन का सफर किसी ‘चैंपियन’ से कम नहीं रहा है। उन्होंने हर तरह से खुद को साबित किया है। कार्तिक आर्यन असल जिंदगी में एक चैंपियन हैं और यह दौरा उनके, उनके फैंस और दर्शकों के लिए एक बहुत बड़ा पल होगा। ‘चंदू चैंपियन’ की बात करें तो कार्तिक आर्यन ने अपने किरदार के लिए काफी मेहनत की है। फर्स्ट पोस्टर में उनका लुक उनकी मेहनत की कहानी को बयां करता है।

वहीं, बात करें फिल्म चंदू चैंपियन में उनके द्वारा निभाए जाने वाले किरदार की तो, फिल्म में अपने रोल को लेकर कार्तिक आर्यन का डेडिक्टेयन उनके जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन में साफ नजर आता है। अपने किरदार को असल बनाने के लिए उन्होंने बिना रुके 14 महीने तक बॉक्सिंग ट्रेनिंग की है। बता दें कि कार्तिक पहली बार ऐसे रोल में कदम रख रहे हैं, और इस तरह से उन्होंने इसे परफेक्ट बनाने के लिए किसी तरह को कसर नहीं छोड़ी है।

मिडिलवेट कैटेगरी में इंटेंस ट्रेनिंग के साथ-साथ, कार्तिक ने अपनी डाइट पर भी ध्यान दिया है। पूरी तरह से शुगर को एलिमिनेट करते हुए, एक्टर ने एक बॉक्सर की फिजिक को पाने के लिए 20 किलोग्राम वजन कम किया। फिल्म की ऑथेंटिसिटी बढ़ाने के लिए, कार्तिक ने असल दुनिया के चैंपियंस के साथ रिंग शेयर कर प्रोफेशनल बॉक्सिंग की दुनिया में खुद को डुबो दिया है।

साजिद नाडियाडवाला और कबीर खान दोनों द्वारा प्रोड्यूस ‘चंदू चैंपियन’ का ट्रेलर 18 मई 2024 को रिलीज होने वाला है, जबकि 14 जून, 2024 को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह कहना बनता है कि फिल्म अपनी रिलीज के साथ ही दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली है।