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उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने विकास के मामलों में राजनीति करने के प्रति सचेत किया

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उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने विकास के मामलों में राजनीति करने के प्रति सचेत किया


श्री जगदीप धनखड़ ने कहा, ”जब भी हम देश से बाहर जाते हैं तो हम अपने देश के राजदूत होते हैं”

उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा, राष्ट्र-विरोधी यात्राएं हमारी सामूहिक पहचान को कमजोर करती हैं

उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने बल देकर कहा, भारत के स्वास्थ्य को नष्ट करना भारत माता के सीने में खंजर घोंपने से कम नहीं है

उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा, अटलजी के कार्य एक ही लक्ष्य द्वारा निर्देशित थे- ‘मेरा भारत महान, मेरा भारत, मेरा राष्ट्रवाद’

उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने सिलवासा के डोकमार्डी सभागार में सार्वजनिक समारोह को संबोधित किया

उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने देशवासियों से 24 घंटे राजनीति का शिकार न होने की अपील की। श्री धनखड़ ने कहा, “राजनीति राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती।  विकास के मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए. हम राष्ट्रवाद, राष्ट्र की प्रगति और विकास के मूल्य पर अत्यधिक राजनीति का शिकार नहीं हो सकते।”

श्री धनखड़ ने आज दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव के सिलवासा में डोकमर्डी ऑडिटोरियम में सार्वजनिक समारोह में एक सभा को संबोधित किया।  उपराष्ट्रपति महोदय ने अपने संबोधन में विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करते समय राष्ट्र की गरिमा और गौरव को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ”किसी को भी भारत के बाहर जाकर भारत के बारे में बुरा बोलने, भारत के दुश्मनों के साथ बैठने का अधिकार नहीं है। जब भी हम देश से बाहर जाते हैं तो हम देश के राजदूत होते हैं, राष्ट्रवाद के अलावा कुछ और सोच ही नहीं सकते।”

विदेशों में भारत की छवि खराब करने वाले व्यक्तियों की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, “आज, हम चिकित्सा पर्यटन और सफारी पर्यटन को फलते-फूलते देख रहे हैं, लेकिन राष्ट्र- विरोधी पर्यटन क्यों हो रहा है? अगर हम विदेश जाते हैं और अपने देश के बारे में बुरा बोलते हैं, तो यह अस्वीकार्य है। ऐसा व्यवहार न केवल देश को हानि पहुँचाता है बल्कि हमारी सामूहिक पहचान को भी कमज़ोर करता है।”

उपराष्ट्रपति महोदय ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के अनुकरणीय आचरण का हवाला देते हुए, उस समय की ओर इशारा किया जब विपक्ष के नेता होते हुए भी श्री वाजपेयी जी ने विदेश में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, और उस समय देश में कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा, “अटलजी के कार्य एक ही लक्ष्य – ‘मेरा भारत महान है, मेरा भारत, मेरा राष्ट्रवाद’ द्वारा निर्देशित थे।”

श्री धनखड़ ने सभी क्षेत्रों में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, “हर चीज में विकास की गुंजाइश है। हर दिन, हम देखते हैं कि हम आज जो कुछ भी करते हैं, वह कल के लिए बेहतर होना चाहिये।” उन्होंने देश की प्रगति को आगे बढ़ाने में प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया, लेकिन देश और उसके लोगों के स्वास्थ्य से समझौता करने वाले कार्यों के प्रति सचेत भी किया। उन्होंने घोषणा की,  “भारत के स्वास्थ्य को नष्ट करना भारत माता के सीने में खंजर घोंपने से कम नहीं है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

स्थानीय स्तर पर उत्पादित की जा सकने वाली आयातित वस्तुओं के उपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रश्न पूछते हुए उन्होंने कहा,  “हम मौद्रिक लाभ के लिए विदेशी वस्तुओं का उपयोग क्यों करते हैं? क्या हमारे देश में फर्नीचर विदेश से आएगा? क्या बोतलें विदेश से आएंगी? यहां तक ​​कि पतंग, दीया, मोमबत्तियां और कपास भी अब विदेशों से आ रहे हैं।”

उन्होंने इस प्रथा की तीन प्रमुख हानियों पर प्रकाश डाला: विदेशी मुद्रा की कमी, घरेलू कर राजस्व की हानि और भारतीय उद्यमियों के लिए समाप्त होने वाले अवसर जो बढ़ने और पनपने चाहिए थे।  उपराष्ट्रपति महोदय ने इस तथ्य पर अफसोस व्यक्त किया कि आयातित वस्तुओं पर ऐसी निर्भरता अल्पकालिक आर्थिक लाभ से प्रेरित हैं और अंततः देश की दीर्घकालिक समृद्धि को नुकसान पहुंचाती हैं।

श्री धनखड़ ने समानता और सामाजिक गतिशीलता की दिशा में भारत की अविश्वसनीय यात्रा को दर्शाते हुए, विविध पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को नेतृत्व के उच्चतम पदों तक पहुंचने के लिए सशक्त बनाने में देश की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने कहा,  “गरीबी के बावजूद एक चाय बेचने वाला भारत का प्रधानमंत्री कैसे बन गया? एक किसान का बेटा उपराष्ट्रपति कैसे बन गया? जनजातीय पृष्ठभूमि की एक महिला देश की राष्ट्रपति कैसे बन गई?”

उन्होंने वर्ष 1990 में एक मंत्री के रूप में जम्मू- कश्मीर की अपनी यात्रा का स्मरण करते हुए तब और अब के बीच दिखाई दिए काफी अंतर की ओर इशारा किया। उन्होंने एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में क्षेत्र के महत्वपूर्ण पुनरुत्थान को रेखांकित करते हुए कहा, “उस समय, मैंने अपनी यात्रा के दौरान 30 लोगों को नहीं देखा था और इस वर्ष, 2 करोड़ पर्यटकों ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा की है।”

श्री धनखड़ ने किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार की पहल का हवाला देते हुए भारत के कृषि क्षेत्र की वृद्धि और विकास की भी प्रशंसा की। उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा, “आज,  10 करोड़ किसानों को साल में तीन बार सीधे भुगतान मिलता है।”

इस अवसर पर केंद्रशासित प्रदेश दादर  और नगर हवेली तथा दमन और दीव तथा लक्षद्वीप के माननीय प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल, दादर और नगर हवेली की माननीय सांसद श्रीमती डेलकर कलाबेन मोहन भाई और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

आम्रपाली दुबे की फ़िल्म “मातृ देवो भवः” का मुहूर्त मुम्बई में सम्पन्न , शूटिंग 25 सितम्बर से .!

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मुंबई -भोजपुरी फ़िल्म जगत की सबसे सफल और वर्तमान में सबसे अधिक सुपरहिट फिल्में देने वाली सुपरहिट अभिनेत्री आम्रपाली दुबे की फ़िल्म “मातृ देवो भवः” का मुहूर्त आज मुम्बई में धूम धाम से सम्पन्न हुआ। इस फ़िल्म की शूटिंग इसी महीने सितम्बर की 25 तारीख से उत्तरप्रदेश के अंबेडकर नगर में की जाएगी । फ़िल्म में आम्रपाली दुबे मुख्य भूमिका में नज़र आएंगी । फ़िल्म के मुहूर्त के मौक़े पर निर्देशक मछिंद्र चाटे ने बताया कि “मातृ देवो भवः” का मुहूर्त मुम्बई में हुआ है । यह एक बेहद ही खूबसूरत फ़िल्म होगी और यह एक पारिवार के अंदर विभिन्न विचारधारा के लोगों के आपसी सामंजस्य को लेकर खींचतान पर आधारित फिल्म होगी , जिसमें रिश्तों को निभाने और उसमें कड़वाहट को चरितार्थ करने की कहानी को भी दिखाया जाएगा । इस फ़िल्म में माँ की ममता को उजागर करते हुए दिखाया जाएगा कि किस तरह से इस घनघोर आर्थिक युग मे भी माँ अपने सपनों को तिलांजलि देकर भी अपने संतान की सुख के लिए हर कष्ट उठाने को तैयार रहती है । फ़िल्म में इमोशन और रोमांच के साथ मनोरंजन भी भरपूर मात्रा में दर्शकों को देखने को मिलेगा । आजकल की बनने वाली टिपिकल फिल्मों से अलग इस फ़िल्म की अपनी पहचान होगी , और मातृशक्ति पर आधारित इस फ़िल्म को दर्शक एक नए प्रयोग के तौर पर देखेंगे । फ़िल्म के निर्माता निर्देशक ने इस मातृ देवो भवः को एक अलग कलेवर देने के लिए बिल्कुल अलहदा कहानी को चुना है । फ़िल्म के लेखक सभा वर्मा ने कहानी की ऐसी बनावट है कि जिसके अंदर से प्यार , संस्कार, जिम्मेवारी और इमोशन स्वतः निकलकर आएगा और यह दर्शकों के लिए एक सरप्राइजिंग एलिमेंट के तौर पर देखा जाएगा । क्योंकि आजकल की एकतरफा किचन की किचकिच से अलग यह फ़िल्म होगी । एक मां के ममता के मातृत्व की अतुल्य कहानी है “मातृ देवो भव:”!
देवयानी मूवीज के बैनर तले बनने वाली फिल्म “मातृ देवो भवः” के निर्माता निर्देशक हैं मछिंद्र चाटे, फ़िल्म के गीत व कथा लिखा है सभा वर्मा ने। वहीं संगीत से सजाया है साजन मिश्रा ने । फ़िल्म के छायाकार होंगे फिरोज खान और फाइट मास्टर हीरा यादव, नृत्य निर्देशन करेंगे आकाश सेठी, तो प्रोडक्शन हेड हैं सागर शेलखे। फ़िल्म मातृ देवो भवः के कलाकार हैं आम्रपाली दुबे, डॉ महेश कुमार , मनोज टाईगर, संजय पाण्डेय , लोटा तिवारी, देव सिंह, अनूप अरोड़ा, स्वीटी सिंह राजपूत , रम्भा साहनी और बबलू खान। फ़िल्म की शूटिंग आगामी 25 सितम्बर से उत्तरप्रदेश के अम्बेडकर नगर में की जाएगी । यह जानकारी फ़िल्म प्रचारक संजय भूषण पटियाला ने दिया ।

संगीत के अनोखे माध्यम से हिंदुत्व तथा राष्ट्रभक्ति की अलख जगा रही है श्री बजरंग सेना

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मुंबई /सूरत(अनिल बेदाग) : लंका जाने के लिए जो पुल का निर्माण भगवान राम ने किया उसमें सभी ने अपनी अपनी क्षमता तथा श्रद्धा से योगदान दिया, जिसमें एक गिलहरी भी थी। इसी प्रकार का योगदान सुरत की श्री बजरंग सेना संगीत लेबल के माध्यम से दे रही है, इस कड़ी में देश की जानी-मानी गायिका इशिता विश्वकर्मा से हनुमान चालीसा का संगीतमय पाठ करवा कर रीलिज भी कर दिया गया है।

इस बारें में बात करे हुए श्री बजरंग सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री हितेश विश्कर्मा ने बताया कि नई पीढी हो या हमारे बडे़ बुजुर्ग सभी लोग संगीत से जोडे़ जा सकते हैं. हमारी संस्कृति में संगीत माता सरस्वती का रूप है. हम हिन्दुत्व तथा राष्ट्रभक्ति की अलख जगाने के लिए माता सरस्वती का आशीर्वाद ले रहे हैं।

इस कड़ी में हमने माता सरस्वती की रूप ऐसी देश की जानी माती गायिका इशिता विश्वकर्मा से ही हनुमान चालीसा का पाठ करवाया जो पूरे देश लाखों भक्तों तथा हमारे कार्यकर्ताओ द्वारा सुना व सराहा जा रहा है।

हम भविष्य में भी ऐसे ही लेबल्स के साथ संगीत के माध्यम से हिन्दुत्व, देशभक्ति तथा हमारी संस्कृति के उत्थान के लिए काम करे रहेंगें।

 

मेरठ में कार की डिग्गी में बछिया को कटान के लिए ले जा रहे गौ-तस्करों का पुलिस से आमना-सामना

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Meerut News: मेरठ में गौ तस्कर गोकशी के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. कार की डिग्गी में बछिया को कटान के लिए ले जा रहे गो तस्करों का पुलिस से आमना-सामना हो गया. इस दौरान पुलिस और गो तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गयी. जिसमें दो गो तस्कर पुलिस मुठभेड़  में घायल हो गए. पुलिस को इन पकड़े गए दो गो तस्करों से पूछताछ में कई बड़ी और अहम जानकारियां भी हाथ लगीं हैं.

मेरठ पुलिस को सूचना मिली थी कि दौराला थाना इलाके के मामुरी गांव के पास गो तस्कर गोकशी करने जा रहें हैं. इस पर दौराला और फलावदा थाना पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए घेराबंदी कर डाली. सामने से डस्टर कार आती हुई देखकर पुलिस ने कार को रूकने का इशारा किया तो गो तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और कार को दौड़ा दिया. आगे से पुलिसकर्मियों ने भी फायरिंग कर डाली तो बदमाश कार को खेत की तरफ ले गए और भागने लगे और फिर पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ शुरू हो गई. गोलियों की आवाज थमी तो बदमाश पुलिस की गोली से घायल हो गए थे.

दो बदमाशों के पैर में लगी गोली और दो भाग निकले
पुलिस की गोली दो बदमाशों अकरम और रिहान के पैर में लगी और दो बदमाश पुलिस की घेराबंदी तोड़कर फरार हो गए. अकरम मेरठ के सरूरपुर और रिहान मेरठ के फलावदा थाना इलाके का रहने वाला है और दोनों गोकशी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं. इनके दोनों साथियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस ने खेतों में काम्बिंग की, लेकिन दोनों बदमाश फरार हो गए. पुलिस ने अकरमल्ल और रिहान से दोनों बदमाशों के बारे में जानकारी जुटा ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस दबिश दे रही है.

गो तस्करों ने गो तस्करी और गोकशी करने के लिए पुलिस से बचने के लिए नए-नए तरीके खोज लिए हैं. अभी कुछ दिन पहले किसान बनकर रात के वक्त बैल के गोकशी के लिए ले जा रहे गो तस्करों से भी पुलिस की मुठभेड़ हुई थी और अब बछिया को गो तस्करी के लिए ले जा रहे गो तस्करों से मुठभेड़ हुई है. इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि गो तस्करी के बाद मीट को ठिकाने लगाने के लिए भी इन गो तस्करों के बड़े इंतजाम हैं. हालांकि अभी तक पुलिस के वो लोग हत्थे नहीं चढ़े हैं जो इस मीट की डिमांड करते हैं या फिर सप्लाई करते हैं.

कार की डिग्गी में बछिया देखकर चौंकी पुलिस
पुलिस मुठभेड़ में घायल अकरम और रिहान जिस डस्टर कार से पुलिस पर फायरिंग करके भागे थे, पुलिस ने जब उस गाड़ी की तलाशी ली तो ये देखकर चौक गए कि कार की डिग्गी में गाय की काले रंग की बछिया थी, जिसके पैर बांधकर उसको डिग्गी में ठूस रखा था. पुलिस ने गोकशी करने के समान, दो तमंचे, तीन कारतूस और चार खोखे भी बरामद किए हैं. एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जब चैकिंग की तो कार सवारों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी. ये पूरा गैंग कई गोकशी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है, बाकी साथी भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे.

विपक्षी दलों के गलत आरोप से महाराष्ट्र की छवि धूमिल हुई : फडणवीस

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मुंबई (अनिल बेदाग) : कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी के नेतृत्व में विपक्षी दल अब ‘रिन्यू विनिवेश’ विवाद पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, विपक्ष का दावा है कि रिन्यू पावर लिमिटेड द्वारा 18,000 करोड़ रुपये का निवेश, जिससे लगभग 3,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है, को गुजरात में स्थानांतरित कर दिया गया है। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के नेता के बयान की आलोचना की। हालांकि, रीन्यू ने दावों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हुए उन्हें “भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत” कहा है। 550 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ चल रही परियोजनाओं और 15,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ निर्माणाधीन अतिरिक्त 2,000 मेगावाट पर प्रकाश डालते हुए, कंपनी ने महाराष्ट्र के लिए अपने प्यार को दोहराया।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दलों के दावों की कड़ी आलोचना की है और स्पष्ट किया है कि कोई भी परियोजना महाराष्ट्र से बाहर स्थानांतरित नहीं की गई है। रिन्यू कंपनी द्वारा यह स्पष्ट करने के बाद कि वह महाराष्ट्र से बाहर नहीं जा रही है, देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दल को कड़ी फटकार लगाई और विपक्षी दल पर लगातार महाराष्ट्र को बदनाम करने का आरोप लगाया।
“कंपनी के स्पष्टीकरण के बावजूद, विपक्ष भ्रामक रिपोर्ट फैला रहा है, वर्तमान प्रशासन पर” “लापरवाही” “और गुजरात में महत्वपूर्ण निवेश खोने का आरोप लगा रहा है।” यह एनडीए सरकार के खिलाफ एक द्वेषपूर्ण अभियान का हिस्सा है। इस आख्यान की राजनीतिक व्यवहार्यता से अंधे और फडणवीस को निशाना बनाते हुए, विपक्ष राज्य के आर्थिक विकास और व्यावसायिक माहौल पर इन दावों के नकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखने में विफल रहा है। महाराष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का कथन न केवल भ्रामक है, बल्कि महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा और संभावित निवेशकों के लिए इसके आकर्षण के लिए भी हानिकारक है। कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि विपक्ष को राजनीतिक लाभ के लिए राज्य के हितों को खतरे में नहीं डालना चाहिए। वर्तमान में विपक्ष फडणवीस को बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रहा है। पिछले लोकसभा चुनावों और अब विधानसभा चुनावों से पहले, विपक्ष ने राज्य सरकार को बदनाम करने और देवेंद्र फडणवीस को निशाना बनाने के उनके दृष्टिकोण पर लगातार निशाना साधा है। चाहे कोई भी मुद्दा हो, विपक्ष सारा दोष देवेंद्र फडणवीस पर डालता दिख रहा है। हालांकि, सत्तारूढ़ सरकार विपक्ष की अनदेखी करके महाराष्ट्र के औद्योगिक आधार को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। हाल ही में, राज्य सरकार। आर. आर. पी. इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने 12,035 करोड़ रुपये के निवेश के साथ राज्य के पहले सेमीकंडक्टर विनिर्माण ओएसएटी (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) संयंत्र का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य आयातित सेमीकंडक्टर चिप्स पर भारत की निर्भरता को कम करना और लगभग 400 नौकरियों का सृजन करना है।

ट्रज़ी इनोवेशन्स ने होलोकनेक्ट्स के साथ लॉन्च किया होलोबॉक्स, मिली भारत में विशिष्ट डिस्ट्रीब्यूटर की उपाधि 

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मुंबई। भारत के प्रमुख इवेंट मार्केटिंग सर्विस प्रोवाइडर, ट्रज़ी इनोवेशन्स ने एआई-संचालित होलोग्राफिक समाधानों के अग्रणी डच टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर, होलोकनेक्ट्स के साथ साझेदारी में होलोबॉक्स लॉन्च किया है। उक्त लॉन्च एक प्रमुख इवेंट के दौरान किया गया। इस साझेदारी से भारत के मार्केटिंग परिदृश्य में उन्नत होलोग्राफिक डिस्प्ले का चलन तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। ट्रज़ी इनोवेशन्स को भारत में होलोकनेक्ट्स के होलोबॉक्स द्वारा विशिष्ट डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर के रूप में भी चुना गया है।

होलोबॉक्स, होलोकनेक्ट्स का प्रमुख प्रोडक्ट है। बदलाव लाने के लिए तैयार किया गया यह होलोग्राफिक डिस्प्ले सिस्टम व्यवसायों को इमर्सिव 3डी विज़ुअल बनाने की सुविधा देता है, वह भी विशेष चश्मे या हेडसेट्स की आवश्यकता के बिना। आकर्षक डिज़ाइन वाले होलोबॉक्स में यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस शामिल है। होलोबॉक्स यह पुनः परिभाषित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ब्रैंड्स ग्राहकों के साथ कैसे जुड़ते हैं। यह प्रोडक्ट की परफॉर्मेंस, आकर्षक विज्ञापन अभियानों और बेहतर अनुभव वाले मार्केटिंग एक्टिवेशन्स के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करता है। होलोबॉक्स और होलोबॉक्स मिनी न सिर्फ ‘प्लग एंड प्ले’ सिस्टम्स हैं, बल्कि यूज़र-फ्रेंडली भी हैं। दोनों ही प्रोडक्ट्स को कहीं भी होलोग्राम प्रदर्शित करने के लिए केवल बिजली और इंटरनेट की आवश्यकता होती है।
भारत में होलोबॉक्स के विशिष्ट डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में, ट्रज़ी इनोवेशन्स होलोग्राफिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में मदद करते हुए भारतीय व्यवसायों को सशक्त बनाएगा। ट्रज़ी इनोवेशन्स का व्यापक नेटवर्क और भारतीय बाजार की समझ तथा होलोग्राफिक इनोवेशन में होलोकनेक्ट्स की विशेषज्ञता मिलकर इस साझेदारी को मजबूत बनाते हैं। इससे विभिन्न उद्योगों के मार्केटर्स के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे।
उक्त साझेदारी पर अपने विचार रखते हुए, चैतन्य बगई (फाउंडर और सीईओ, ट्रज़ी इनोवेशन्स) ने कहा कि हमें भारत में होलोबॉक्स लॉन्च करते हुए बहुत खुशी हो रही है। यह अभूतपूर्व 3डी कॉन्टेंट और लाइव टेलीपोर्टेशन क्षमताओं को शामिल करता है। होलोकनेक्ट्स के साथ हमारी साझेदारी क्षेत्र में हमारे गहन अनुभवों को फिर से परिभाषित करेगी। यह यूज़र्स को उन तरीकों से जुड़ने और अपनाने में सक्षम बनाता है, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।
लॉन्च इवेंट में विभिन्न क्षेत्रों में होलोबॉक्स की बहुमुखी प्रतिभा और प्रभाव देखने को मिला। इन क्षेत्रों में रिटेल, ऑटोमोटिव, शिक्षा और मनोरंजन शामिल हैं। उपस्थित लोगों ने देखा कि कैसे होलोग्राफिक विज़ुअल्स, प्रोडक्ट के प्रेज़ेंटेशन्स को किस प्रकार सबसे बेहतर बना सकते हैं, ब्रैंड की स्टोरीटेलिंग को बढ़ावा दे सकते हैं और ग्राहकों को उत्तम अनुभव प्रदान कर सकते हैं। इवेंट में मेहमानों के लिए एक इंटरैक्टिव ज़ोन भी सेट किया था, जो होलोबॉक्स के अंदर एक फोटो सेशन और एक लाइव टेलीपोर्टेशन से सुसज्जित था।
इस अभूतपूर्व टेक्नोलॉजी को भारत में पेश करने को लेकर अपना उत्साह साझा करते हुए, एंड्री स्मिथ (सीईओ और को-फाउंडर, होलोकनेक्ट्स) ने कहा कि हम ट्रज़ी एक्स के साथ साझेदारी करके बेहद उत्साहित हैं। यह एक ऐसी कंपनी है, जो टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और सामुदायिक विकास के प्रति हमारे दृष्टिकोण से मेल खाती है। साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य होलोबॉक्स की परिवर्तनकारी शक्ति को भारत में लाना, कनेक्शन्स बढ़ाना, कम्युनिकेशन को बेहतर बनाना और व्यवसायों को आगे बढ़ने में मदद करना है।
भारत में होलोबॉक्स को शुरू करने के पीछे का दृष्टिकोण मार्केटिंग परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव लाना है। इससे ब्रैंड्स को चुनौतियों से निपटने और अपने दर्शकों के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद मिलेगी। इसके संभावित अनुप्रयोग असीमित हैं, जिनमें इंटरैक्टिव इन-स्टोर डिस्प्ले और वर्चुअल प्रोडक्ट्स के लॉन्च से लेकर इमर्सिव ट्रेड शो अनुभव और एजुकेशनल प्रेज़ेंटेशन्स तक बहुत कुछ शामिल हैं।
होलोबॉक्स में सर्वश्रेष्ठ टेक्नोलॉजी शामिल है और बदलाव लाने की अभूतपूर्व क्षमता है। ऐसे में, इसका लक्ष्य भारत के मार्केटिंग क्षेत्र में खुद को गेम-चेंजर के रूप में स्थापित करना है। ट्रज़ी इनोवेशन्स और होलोकनेक्ट्स की साझेदारी व्यवसायों को सशक्त बनाने की उनके साझा दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो होलोग्राफिक इनोवेशन के माध्यम से प्रभावशाली अनुभव पेश करने पर आधारित है।
आपको बता दें कि ट्रज़ी इनोवेशन्स की स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी, तब से ही इसने देश की सबसे बड़ी और सबसे प्रसिद्ध इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक के रूप में अपनी पहचान बरकरार रखी हुई है। 16 वर्षों के अनुभव के साथ, कंपनी यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक इवेंट अटूट उत्साह के साथ संपन्न हो। ट्रज़ी एक फुल-सर्विस इवेंट प्लानिंग कंपनी है, जो कॉर्पोरेट और सामाजिक दोनों आयोजनों के लिए संपूर्ण योजना, परामर्श और पर्यवेक्षण की पेशकश करती है। यह व्यक्तिगत रुचियों और प्राथमिकताओं के अनुरूप रचनात्मकता और अनूठापन जोड़ते हुए प्रत्येक इवेंट को शानदार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। चाहे वह कॉर्पोरेट इवेंट हो या फिर सामाजिक, ट्रज़ी आपके इवेंट को सुरुचिपूर्ण, अद्वितीय और यादगार बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ थीम, डिज़ाइन लेआउट, इवेंट फॉर्मेट और सजावट का उपयोग करता है।

ट्रज़ी एक्स के बारे में बता दें कि हम अपने ग्राहकों को अत्यधिक वैयक्तिकृत सेवा ही प्रदान नहीं करते हैं, बल्कि उनके साथ मजबूत संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से स्मार्ट और इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी का उपयोग भी करते हैं। हम आपके ब्रैंड और इवेंट के अनुरूप प्रचार गतिविधियों की एक अनुकूलित श्रृंखला बनाते हैं, ताकि आपको सबसे सबसे बेहतर अनुभव मिल सकें। हमारी टीम पारंपरिक मार्केटिंग में सर्वोत्तम नवाचारों को अपनाने के लिए टेक्नोलॉजी में लगातार प्रगति करती है। ट्रज़ी एक्स टेक और कॉर्पोरेट इवेंट्स में विशेषज्ञता रखता है। इनमें एरियल बैनर, ड्रोन शो, कस्टमाइज़्ड ब्लिंप, स्काई राइटिंग, पारदर्शी एलईडी स्क्रीन, 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग, जेट सूट पायलट, होलोग्राफिक अनुभव, फ्लाइंग एलईडी स्क्रीन, आरएफआईडी ब्रेसलेट्स पीवीसी रिस्टबैंड, स्काईडाइविंग पोस्टर रिवील, 3डी बिलबोर्ड आदि शामिल हैं।

होलोकनेक्ट्स के बारे में बता दें कि कुलेम्बर्ग, नीदरलैंड में स्थित प्राइवेट कंपनी, होलोकनेक्ट्स की स्थापना वर्ष 2020 में की गई थी। यह एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो एआई-संचालित होलोग्राफिक समाधानों में विशेषज्ञता रखती है। होलोकनेक्ट्स के पास उद्योग विशेषज्ञों की एक कुशल टीम है, जो निरंतर रूप से नवाचार अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अत्याधुनिक समाधान देने के लिए समर्पित यह कंपनी विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों को बढ़ावा देते हुए उन्हें सशक्त बनाने का कार्य करती है।

मुंबई में ग्लोबॉइल इंडिया 2024 का 27वां संस्करण सफल आयोजन

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मुंबई। 19 सितंबर 2024 को मुंबई के वेस्टिन पवई लेक में ग्लोबॉइल इंडिया के 27वें संस्करण का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। टेफलाज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम वैश्विक खाद्य तेल और कृषि-व्यवसाय क्षेत्र के सबसे प्रमुख आयोजनों में से एक है। इस कार्यक्रम में 60 से अधिक देशों से 1,500 से अधिक प्रतिनिधि, 100 प्रदर्शक, और कई उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस वर्ष का मुख्य विषय “खाद्य तेलों का भविष्य: नवाचार, स्थिरता और बाजार की गतिशीलता” था, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण चर्चाएँ की गईं।

इस कार्यक्रम ने ज्ञान साझा करने, नेटवर्किंग करने, और महत्वपूर्ण व्यावसायिक सौदों को अंतिम रूप देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया। आयोजन के दौरान $500 मिलियन से अधिक के सौदे संपन्न हुए। इस कार्यक्रम में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, स्थिरता, और खाद्य तेल बाजार में नवीनताओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए उद्योग के नेता, नीति निर्माता, और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए।

मुख्य आकर्षण:

प्रमुख वक्ता: इस कार्यक्रम में कई प्रभावशाली वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें ओआईएल वर्ल्ड के कार्यकारी निदेशक थॉमस मील्के, गॉदरेज इंटरनेशनल लिमिटेड के दोरब मिस्त्री, और पतंजलि फूड्स लिमिटेड के सीईओ संजय अस्थाना शामिल थे। इन्होंने बाजार की प्रवृत्तियों और विकास रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए।

वैश्विक भागीदारी: इस वर्ष इंडोनेशिया को कंट्री पार्टनर, अदानी विल्मर को टाइटल पार्टनर और पतंजलि को नेमिंग राइट्स पार्टनर के रूप में शामिल किया गया। इसने वैश्विक स्तर पर सरकारों और संगठनों से व्यापक ध्यान आकर्षित किया।

प्रदर्शनी और नेटवर्किंग: इस आयोजन में नवीनतम तकनीकों और खाद्य तेल तथा कृषि-व्यवसाय क्षेत्रों में नवाचारों की एक व्यापक प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसमें उपस्थित लोगों को नए व्यापारिक अवसरों की खोज करने, संभावित साझेदारों से मिलने, और बाजार की प्रवृत्तियों पर अपडेट रहने का अवसर मिला।

ग्लोबॉइल अवार्ड्स: प्रतिष्ठित ग्लोबॉइल अवार्ड्स ने उद्योग में नेतृत्व, रचनात्मकता और नवाचार के उत्कृष्ट उदाहरणों को सम्मानित किया, जिसने इस कार्यक्रम की महत्ता को और भी बढ़ा दिया।

टेफलाज के प्रबंध निदेशक और ग्लोबॉइल इंडिया के आयोजक कैलाश सिंह ने सभी भागीदारों और साझेदारों का धन्यवाद करते हुए कहा, “ग्लोबॉइल ने खाद्य तेल उद्योग के भविष्य को आकार देने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में लगातार काम किया है। उद्योग के हितधारकों के योगदान से हम नवाचार, स्थिरता और विकास को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे।”

ग्लोबॉइल इंडिया के 27वें संस्करण के सफल समापन के साथ, सभी उपस्थित लोग खाद्य तेल बाजार के भविष्य के प्रति नई दृष्टिकोण और सकारात्मकता के साथ लौटे। यह आयोजन वैश्विक स्तर पर उद्योग में सहयोग और प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में अपनी पहचान बनाए रखता है।

टेफलाज के बारे में: टेफलाज एक प्रमुख आयोजक है, जो उद्योग-विशिष्ट सम्मेलनों और प्रदर्शनियों का आयोजन करता है, और विभिन्न क्षेत्रों में संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। ग्लोबॉइल इंडिया, ग्लोबॉइल इंटरनेशनल, ग्लोबल ग्रेन फूड एंड फीड, और दुबई कमोडिटी कॉन्क्लेव जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से, टेफलाज भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अब तिरुपति प्रसादम् के लड्डुओं में चर्बी की मिलावट* 

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*अब तिरुपति प्रसादम् के लड्डुओं में चर्बी की मिलावट*
(राकेश अचल-विभूति फीचर्स)
  भारत के सबसे अमीर माने जाने वाले तिरुपति मंदिर के प्रसादम् हेतु बनाये जाने वाले लड्डू भी मिलावट के शिकार हो गए है । लड्डू बनाने वाले इनके निर्माण में देशी घी के बजाय चर्बी का इस्तेमाल करते आये हैं। अब इसकी पुष्टि भी हो गयी है,लेकिन न भगवान तिरुपति इन अधम लोगों का कुछ बिगाड़ पाए हैं और न आंध्र प्रदेश की सरकार इनका कुछ बिगाड़ पायेगी । हाँ प्रसादम् के लड्डुओं की अपवित्रता को लेकर राजनीति अवश्य होने लगी है।
आपको बता दूँ कि तिरुपति मंदिर में शुद्ध देसी घी के रोज 3.50 लाख लड्‌डू बनते हैं।आंध्र के मुख्यमंत्री और टीडीपी  सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार, को जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली वायएसआरसीपी सरकार पर तिरुपति प्रसाद में पशु चर्बी मिलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि जगन मोहन सरकार ने प्रसादम् की पवित्रता खंडित कर दी है। तेलुगु देशम पार्टी  ने तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम् बनाने के लिए भेजे गए गाय के घी के सैंपल की लैब रिपोर्ट दिखाई। टीडीपी  प्रवक्ता अनम वेंकट रमना रेड्डी ने दावा किया कि इसमें गोमांस और सुअर की चर्बी के अलावा फिश ऑयल की पुष्टि की गई है।वेंकट रमना रेड्डी ने गुरुवार, 19 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में लैब रिपोर्ट सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि गुजरात स्थित लाइवस्टॉक लेबोरेटरी, एनडीडीबी  लिमिटेड को 9 जुलाई, 2024 को सैंपल भेजा गया था। लैब रिपोर्ट 16 जुलाई को मिली।सेंटर फॉर एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइव स्टॉक एंड फूड गुजरात के आनंद में स्थित (नेशनल डेयरी डेवलपमेंट  बोर्ड) की लेबोरेटरी है।
चंद्रबाबू नायडू कहते हैं  कि पिछले 5 साल में वायएसआरसीपी  के नेताओं ने तिरुमाला की पवित्रता को धूमिल किया। तिरुमाला के पवित्र लड्डू में घी की जगह जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया। हालांकि, अब हम प्रसादम् में शुद्ध घी का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम  की पवित्रता की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। नायडू ने कहा कि जिस कंपनी से घी लिया जा रहा था, उससे करार खत्म कर ब्लैक लिस्ट कर रहे हैं। मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी गई है। एक साल पहले ही कंपनी को सप्लाई का टेंडर मिला था।लड्डू में चर्बी कांड उजागर होने कि बाद  कांग्रेस नेता और जगन मोहन की बहन शर्मिला ने सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
एक जानकारी कि मुताबिक मंदिर में प्रसादम् के लड्डू बनाने कि लिए  हर छह महीने में 1400 टन घी मंदिर में लगता है। बीते 50 साल से कर्नाटक कॉपरेटिव मिल्क फेडरेशन  रियायती दरों पर ट्रस्ट को घी दे रहा था। जुलाई 2023 में कंपनी ने कम रेट में सप्लाई देने से मना कर दिया, जिसके बाद पिछली जगन सरकार ने 5 दूसरी फर्मों  को सप्लाई का काम दिया। इसी साल 17 जुलाई को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की फूड लैब काल्फ  ने बताया कि तिरुमाला के लड्‌डुओं में पशु चर्बी, मछली तेल से बने घी का इस्तेमाल हो रहा है। जांच में एक फर्म का घी मिलावटी मिला था।
इसके बाद जुलाई में तिरुमाला ट्रस्ट के ईओ जे. श्यामला राव ने बैठक कर लडडुओं के नमूने  फिर जांच कि लिए प्रयोगशाला  भेजे। अब इसकी रिपोर्ट नायडू ने उजागर किया। इसमें पता चला कि घी में बीफ, फिश ऑयल और सुअर की चर्बी मिलाई गई थी तिरुपति मंदिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय और अमीर धर्मस्थलों में से है। यहां हर दिन करीब 70 हजार श्रद्धालु भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करते हैं। इसका प्रशासन तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम  संभालता है।
मैं कोई दो दशक पहले इस मंदिर में गया था।  मैं भी प्रसादम् के कुछ लड्डुओं कि पैकेट लेकर आया था । उस समय के लड्डुओं में चर्बी थी या नहीं ये मुझे ज्ञात नहीं है ।  मैंने उन लड्डुओं को खुद खाया और अपने नाते-रिश्तेदारों को भी खिलाया था। इस  मंदिर परिसर में बनी रसोई कोई आज की नहीं बल्कि तीन सौ साल पुरानी है। इसे  ‘पोटू’ कहते है।  यहां रोज 3.50 लाख लड्‌डू बनते हैं,वो भी शुद्ध देसी घी के। यह मंदिर का मुख्य प्रसाद है, जिसे करीब दो सैकड़ा ब्राह्मण बनाते हैं। लड्‌डू में शुद्ध बेसन, बूंदी, चीनी, काजू और शुद्ध घी होता है। मजे की बात  ये है कि तिरुपति  ट्रस्ट ने करीब एक लाख लड्‌डू राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के वक्त अयोध्या भेजे थे।अब ये लड्डू किस-किसने खाये ,राम ही जानें ?
खबर है कि आंध्र में भी दूसरे राज्यों की तरह लागत कम करने के लिए चर्बी मिलाकर देशी घी बनाया जाता है। दिलचस्प यह भी है कि आंध्र प्रदेश की टीडीपी सरकार ने घी सप्लाई का काम 29 अगस्त को केएमएफ़ को फिर से दे दिया है। केएमएफ़ नंदिनी ब्रांड का देसी घी सप्लाई करता है। उधर, न्यास  ने घी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए चार सदस्यीय विशेष समिति बना दी है।अब गौर करने की बात ये है की एनएबीएल  घी  में चर्बी की मिलावट की बात मानने को राजी नहीं है ।  उसके अधिकारियों का दावा है कि शुद्ध घी में कभी भी चर्बी का इस्तेमाल नहीं होता। हालांकि, कई बार उत्पादन लागत कम करने के लिए इनका उपयोग हो रहा है।पिछले साल जब केएमएफ़  ने सप्लाई रोकी थी, तब उसने दावा किया था कि यदि कोई भी कंपनी इससे कम कीमत पर ट्रस्ट की बोली हासिल करती है तो वह निश्चित तौर पर लड्‌डू की गुणवत्ता से समझौता करेगी। इसका प्रभाव प्रसादम् पर देखने को मिलेगा।
लाभ कमाने के लिए हम भारतीय किस हद तक गिर सकते हैं ,ये तिरुपति के प्रसादम् में मिलावट की इस घटना से जाहिर होता है।  हम मुनाफे के लिए न पवित्रता देखते हैं और न भगवान से डरते है। इंसान से  तो डरने का सवाल ही नहीं उठता। अब यदि आपने भी ये प्रसादम् खाया हो तो जाइये किसी पंडित से मिलिए और प्रायश्चित कीजिये,क्योंकि सरकारें तो प्रायश्चित करतीं नहीं हैं फिर चाहे वो जगन की सरकार हो या चंद्र बाबू की। सरकारों का काम तो सिर्फ मुनाफा कामना होता है। भगवान वैंकटेश्वर सबकी रक्षा करें । आप भी प्रसादम पाकर अपने कल्याण का भाव छोड़ दें तो इस जाने-अनजाने पाप से बच सकते है। वैसे इस देश में खाद्य पदार्थों में देशी घी के नाम पर चर्बी परोसे जाने का काम युगों से चल रहा है।चॉकलेट हो या बिस्कुट,केक हो या आइसक्रीम ,नमकीन हो या मिठाई सभी में देशी घी  के नाम पर चर्बी धड़ल्ले से मिलाई जा रही है ,क्योंकि इस देश में भगवान के नाम पर राजनीति सब करते हैं,लेकिन भगवान से डरता कोई नहीं है,सिवाय गरीबों के।(विभूति फीचर्स)

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद निकलेंगे भारत यात्रा पर

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भोपाल: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 22 सितंबर से अयोध्या से गौ प्रतिष्ठा भारत यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं. यात्रा से पहले शंकराचार्य अयोध्या में गौ ध्वज की स्थापना करेंगे और फिर अलग-अलग प्रदेशों में जाएंगे. इस यात्रा का उद्देश्य है कि गौ माता को पशुओं की सूची से हटाया जाए और गौ हत्या बंद की जाए. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि केन्द्र और राज्य की सरकारें गौ माता को पशु की सूची से हटाएं. उन्होंने कहा कि देश में जो गौ हत्या हो रही हैं वो दोष भी है, पाप भी है और अपराध भी है. देश में गौ हत्या को दंडनीय अपराध घोषित करने की उनकी मांग है.

‘पशुओं की सूची से गौ माता को बाहर निकालें’

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि “गौ माता जब हम कहते हैं तो गाय को माता का दर्जा देते हैं. लेकिन केन्द्र और राज्य की सरकारों ने गौ माता को पशु की सूची में दर्ज किया हुआ है. आज की सरकारें उन्हें पशु की सूची से हटाएं. आदरणीय के रूप में गायों को रखें. उन्होंने कहा कि जो गौ हत्या हो रही है, वो दोष भी है, पाप भी है और अपराध भी है. भावनाओं पर आघात भी है, ऐसे में गौ हत्या को रोकना चाहिए. गौ हत्या को दंडनीय अपराध घोषित करना चाहिए. इसी मांग के लिए पूरे देश में हम तरह तरह के कार्यक्रम कर रहे हैं. गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के अंतर्गत भारत के अलग-अलग प्रदेशों में जाएंगे. अयोध्या में 22 सितंबर को गौ ध्वज की स्थापना करेंगे इसके बाद यहीं से गौ प्रतिष्ठा भारत यात्रा की शुरुआत होगी और अलग-अलग प्रदेशों में जाएंगे.”

गौ-वध रोकने पदयात्रा कर चुके हैं शंकराचार्य

इसके पहले गौ वध रोकने की मांग को लेकर 14 मार्च से 28 मार्च तक शंकराचार्य महाराज गोवर्धन गिरिराज से दिल्ली तक नंगे पैर पदयात्रा कर चुके हैं. अब दूसरे चरण में गौ प्रतिष्ठा भारत यात्रा निकाली जा रही है. 22 सितंबर से शुरू हो रही इस यात्रा में भारत के 36 प्रदेशों की राजधानियों में गौ प्रतिष्ठा ध्वज की स्थापना की जाएगी. इसी कार्यक्रम के तहत यह यात्रा 8 अक्टूबर को मध्य प्रदेश पहुंचेगी और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज भोपाल में धर्म सभा को संबोधित करेंगे. इन यात्राओं में ज्यादा से ज्यादा गौ भक्तों के शामिल होने की अपील की गई है. यात्रा की शुरुआत अयोध्या से होगी.

गौ माता के लिए शंकराचार्य चलाएंगे आंदोलन, अयोध्या से यात्रा कर पीएम को सौंपेंगे ज्ञापन

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भोपाल। गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन चलाया जाएगा। ये आंदोलन ज्योतिष पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के नेतृत्व में चलाया जाएगा। आंदोलन से जुड़ी जानकारी देने के लिए ज्योतिष पीठ से मुकुंदानंद जी महाराज राजधानी भोपाल पहुंचे । जहां उन्होंने झरनेश्वर मंदिर में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
इस दौरान उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राजधानी भोपाल में गो ध्वज स्थापित किया जाएगा… आगामी  22 सितंबर से 26 अक्टूबर तक यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा की शुरुआत अयोध्या धाम से होगी जो भारत के सभी राज्यों की राजधानी से होकर दिल्ली में संपन्न होगी। दिल्ली में यात्रा से जुड़े हुए सभी पहलुओं का निष्कर्ष निकाला जाएगा और उसके बाद गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।