मूक पशुओं की सेवा के लिए एम्बुलेंस के उद्घाटन के अवसर पर पशुपालन और डेयरी केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने अपने सम्बोधन में आह्वाहन करते हुए कहा कि -” हमें उन पशु चिकित्सक का भी सम्मान करना चाहिए जो इन अबोध मूक पशुओं की पीड़ा को समझ कर उनका ईलाज करते है , हम लोग तो अपनी तकलीफ़ बता सकते है मगर इन अबोध मूक पशुओं का क्या जो बोल नहीं सकता है , यैसे में ये हमारे पशु चिकित्सक उनकी पीड़ा को समझ कर उनका ईलाज कर के उनको ठीक करते है जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है। ” ज्ञात हो कि इस तरह के पशु एम्बुलेंस की बहुत जरुरत थी , मुम्बई महानगर में बहुत ही कम संख्या में एनिमल एम्बुलेंस है यैसे में समस्त महाजन के द्वारा ११ एनिमल एम्बुलेंस का दान महानगर को देना बहुत बड़ा और सराहनीय कार्य है। ” 

मुम्बई – जीवदया को ले कर काम करने वाली संस्था समस्त महाजन के माध्यम से कल राजभवन मुम्बई में ११ पशु रक्षा और उनकी चिकित्सा के लिए एनिमल एम्बुलेंस का उद्घाटन महाराष्ट्र राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी तथा केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला के साथ राजभवन मुंबई से 11 पशु चिकित्सा एम्बुलेंस को झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
समाचार के अनुसार समस्त महाजन के गिरीश भाई शाह के प्रयासों से बृहन्मुंबई क्षेत्र में मूक जानवरों और गौवंश की सेवा के लिए ११ पशु चिकित्सा एम्बुलेंस प्रदान की गईं। समस्त महाजन संगठन की पहल पर इन पशु चिकित्सा एंबुलेंस को राजभवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के समय बड़ा गरिमामय माहौल रहा।
इस दौरान पर्यटन एवं महिला बाल कल्याण मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, पशुपालन विभाग के मुख्य सचिव जे पी गुप्ता, समस्त महाजन संस्था के विश्वस्त गिरीश शाह मौजूद थे.संस्था के प्रमुख गिरीश भाई शाह के अनुसार इस एम्बुलेंस को वसई विरार, दहिसर से मलाड, गोरेगांव से जुहू पार्ले, बांद्रा-खार-सांताक्रूज, दादर, दक्षिण मुंबई, मुलुंड, ठाणे, भिवंडी और नवी मुंबई के इलाकों में उपलब्ध करवाया जायेगा।
इस को प्रोजेक्ट: अर्हम अनुकंपा के तहत किया जा रहा है ,समस्त महाजन (सुपर स्पेशलिटी एनिमल एम्बुलेंस ) जो टोल फ्री नंबर पर कॉल करने से घटना स्थल पर एम्बुलेंस तुरंत मदद के लिए पहुंचेगा।

गिरीश जयंतीलाल शाह पेशेवर रूप से एक व्यवसायी हैं, लेकिन वे अपनी दिनचर्या की शुरुआत सामाजिक गतिविधियों से करते हैं। उन्होंने खुद को आम आदमी से जोड़ने के लिए माध्यम चुना है, पशु और पर्यावरण एक स्वैच्छिक संगठन है जिसे “समस्त महाजन” कहा जाता है।
समस्त महाजन पर्यावरण, पारिस्थितिकी तंत्र, ग्रामीण विकास की पारंपरिक प्रणाली की रक्षा और गाय संरक्षण, संरक्षण और संरक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देकर मनुष्य और पशु के लिए दया और करुणा के लिए समर्पित है। उनके गतिशील नेतृत्व और मार्गदर्शन के कारण, समस्त महाजन गुजरात और राजस्थान जैसे विभिन्न राज्यों में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। महाराष्ट्र राज्य में उत्कृष्ट सेवाओं को जल संरक्षण के लिए सरकार द्वारा मान्यता दी गई है। पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए, उनका संगठन राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्तकर्ता है।
Previous articleसरकार ने प्रदेशभर में गौवंश सवंर्धन व संरक्षण के लिए भिजवाए 45 करोड़: गर्ग
Next articleखान के फैन अरमान ‘तस्वीर इश्क की’ रोमांटिक फिल्म से करने जा रहे हैं डेब्यू

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here