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गौ रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए युवाओं द्वारा एक अनूठी पहल

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भरतपुर: भरतपुर के बयाना क्षेत्र में सड़कों पर भटकने वाली गायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गौ रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए युवाओं द्वारा एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है. टीम दादा जी गौ सेवा’ नामक इस समूह का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर गायों को दुर्घटनाओं से बचाना है, जो अक्सर रात में सड़कों पर बैठकर दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं.

सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए रेडियम पट्टों का उपयोग
टीम के सदस्य योगी जाट ने लोकल 18 को बताया कि टीम ने इस समस्या के समाधान के लिए गायों की गर्दन और सींगों पर रेडियम पट्टे बांधने की पहल की है. ये पट्टे अंधेरे में चमकते हैं, जिससे रात में गायें आसानी से दिखाई देती हैं और वाहन चालक उन्हें देखकर सुरक्षित दूरी बना सकते हैं. इस प्रयास से गायों को दुर्घटनाओं से बचाया जा सकता है. इसके साथ ही, टीम घायल गायों का उपचार भी करती है और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखती है.

 

किसानों के लिए भी लाभकारी पहल
योगी जाट ने बताया कि यह पहल केवल सड़कों पर गायों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे किसानों को भी लाभ होगा. खेतों में घुसने वाली गायें अब रेडियम पट्टों की वजह से टॉर्च की रोशनी में स्पष्ट दिखाई देती हैं, जिससे फसलें सुरक्षित रह सकेंगी. इस पहल से सड़कों पर दुर्घटनाओं में कमी आ रही है, और किसानों के लिए यह राहत का विषय बन गया है.

सेल्सफोर्स से मिलेगी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के लिए डिजिटल परिवर्तन को गति

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मुंबई : सेल्सफोर्स ने अपनी डिजिटल परिवर्तन यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रमुख फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL) के साथ रणनीतिक सहयोग की घोषणा की। इस अगली पीढ़ी के गो-टू-मार्केट (GTM) प्लेटफ़ॉर्म का लॉन्च TCPL के बिक्री और वितरण संचालन में उल्लेखनीय गति और दक्षता के साथ क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है।

TCPL द्वारा सेल्सफोर्स सेल्स क्लाउड, सर्विस क्लाउड, प्लेटफार्म, Mulesoft को लागू करने का निर्णय, ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए उन्नत तकनीक का लाभ उठाते हुए, डिजिटल-प्रथम, डेटा-संचालित संगठन में बदलने के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप है। Mulesoft ने TCPL को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और स्थिरता प्रदान करते हुए सिस्टम में विशाल एकीकरण के सरलीकरण के माध्यम से डेटा की पूरी क्षमता का दोहन करने में सक्षम बनाया है। सेल्सफोर्स की उन्नत डेटा प्रबंधन और AI क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, TCPL ने उल्लेखनीय गति और दक्षता के साथ अपने डिजिटल परिवर्तन को गति दी है। प्लेटफ़ॉर्म का विकास और परिनियोजन चार महीनों के भीतर 3,000 से अधिक वितरकों के लिए एक राष्ट्रव्यापी रोलआउट द्वारा संचालित किया गया था। इस रोलआउट के चरम पर, एक ही दिन में ~200 वितरकों को सफलतापूर्वक शामिल किया गया, जो प्लेटफ़ॉर्म की मापनीयता और चपलता को प्रदर्शित करता है। प्लेटफ़ॉर्म सेल्सफोर्स के टूल के साथ सहजता से एकीकृत होता है, वास्तविक समय की बाज़ार खुफिया जानकारी प्रदान करता है और सेल्सफोर्स ग्राहक 360 सूट के माध्यम से वितरक बिक्री और खुदरा शेल्फ गतिविधि में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

यह सहयोग TCPL के व्यापक खुदरा नेटवर्क में दक्षता को बढ़ावा दे रहा है, जो 1.63 मिलियन से अधिक आउटलेट में फैला हुआ है। प्लेटफ़ॉर्म का उपयोगकर्ता-अनुकूल डिज़ाइन वितरकों और बिक्री प्रतिनिधियों को न्यूनतम प्रशिक्षण के साथ इसे अपनाने में सक्षम बनाता है, जो उपभोक्ता-ग्रेड अनुप्रयोगों के समान एक बेहतर अनुभव प्रदान करता है। उपयोग में आसानी ने TCPL को वितरक ऑनबोर्डिंग समय को एक सप्ताह से घटाकर केवल 45 मिनट करने की अनुमति दी है, जबकि नए खुदरा विक्रेताओं को अब दो मिनट से कम समय में ऑर्डर देने के लिए सेट किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, रिकॉर्ड समय में प्लेटफ़ॉर्म पर कई भागीदारों को शामिल करने की TCPL की क्षमता तेजी से तैनाती क्षमताओं को दर्शाती है।

सेल्सफोर्स इंडिया की चेयरपर्सन और सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा कि हम टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ उनकी डिजिटल परिवर्तन यात्रा में भागीदार बनकर उत्साहित हैं। पिछले कुछ वर्षों में, सेल्सफोर्स ने एआई नवाचार की कहानी का नेतृत्व किया है, जिसका नवीनतम उदाहरण एजेंटफोर्स है, जो दुनिया का पहला स्वायत्त, अनुकूलन योग्य एजेंट और उपकरण है जो आपके कर्मचारियों और कार्यबल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करता है। टीसीपीएल के साथ हमारा सहयोग हमारे लिए कई मायनों में खास है और हमें साथ मिलकर व्यवसाय की सफलता को आगे बढ़ाने का पूरा भरोसा है। हम अपने ग्राहकों के लिए व्यवसाय की सफलता और ग्राहक संतुष्टि प्रदान करने वाले सर्वश्रेष्ठ सहज, स्केलेबल और एआई-संचालित समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के सीईओ और प्रबंध निदेशक सुनील डिसूजा ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की वृद्धि को आगे बढ़ाने वाले छह प्रमुख रणनीतिक स्तंभों में से एक है। सेल्सफोर्स के साथ हमारी साझेदारी हमारी डिजिटल क्षमताओं को बढ़ाने और तेजी से बदलते बाजार की गतिशीलता के साथ हमारे संचालन को संरेखित करने में सहायक रही है। इतने कम समय में इस तरह के एक व्यापक प्लेटफॉर्म को तैनात करने की क्षमता उद्योग में अभूतपूर्व है।

मुंबई के कालबादेवी-जवेरी बाजार क्षेत्र में पुनर्विकास से बनेगा ‘ड्रीम कॉरिडोर’, शहर को मिलेगा नया अंतरराष्ट्रीय स्वरूप

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मुंबई। कालबादेवी और जवेरी बाजार का ऐतिहासिक और व्यावसायिक क्षेत्र जल्द ही एक नए युग में प्रवेश करने वाला है। वित्त विशेषज्ञ भरतकुमार सोलंकी की बीएमसी के डीपी प्लान विभाग के अभियंता के साथ हुई हालिया बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मुंबई का यह व्यावसायिक दिल अब एक वैश्विक मानक के ‘ड्रीम कॉरिडोर’ में बदलने जा रहा है। इस पुनर्विकास योजना के तहत कालबादेवी रोड, विट्ठलवाड़ी कॉर्नर से लेकर कॉटन एक्सचेंज होते हुए शेखमेमन स्ट्रीट की महाजन गली, एलके मार्केट, सट्टागली, तेलगली और विठोबा लेन तक का सारा क्षेत्र एक नए और आधुनिक अवतार में सामने आएगा।

ड्रीम कॉरिडोर, एक विदेशी शहर का नमूना:
यह योजना एक विदेशी शहर की परिकल्पना को साकार करती नजर आ रही है। जब इस क्षेत्र का पुनर्विकास होगा, तो जर्जर और पुरानी इमारतों की जगह गगनचुंबी इमारतें, अत्याधुनिक शॉपिंग मॉल्स और हरे-भरे सार्वजनिक स्थान बनेंगे। इन इमारतों में एयरकंडीशन दुकानों के साथ हाई-टेक सुविधाएं जैसे वाई-फाई और एम्फीथिएटर सिस्टम भी उपलब्ध होंगे, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक केंद्र बनाएंगे।
इसके अलावा, इस कॉरिडोर में बनने वाले व्यापारिक केंद्र किसी यूरोपीय शहर के मॉल्स और स्ट्रीट शॉपिंग अनुभव से कम नहीं होंगे। व्यापारी और ग्राहक दोनों के लिए यह एक आधुनिक और सुविधाजनक वातावरण तैयार करेगा, जहां आरामदायक खरीदारी और व्यवसाय करना संभव होगा।

व्यवसायिक और आवासीय क्रांति:
इस क्षेत्र के पुनर्विकास के बाद, न केवल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि रिहायशी जीवन भी पूरी तरह से बदल जाएगा। अब, आधुनिक आवासीय टावरों में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जैसे हरे-भरे उद्यान, जिम, कम्युनिटी हॉल और उच्च सुरक्षा वाली इमारतें। ये टावर किसी विदेशी मेट्रोपॉलिटन शहर के रिहायशी क्षेत्रों की तरह होंगे, जहां हर सुविधा मौजूद होगी।

आधुनिक यातायात और इंफ्रास्ट्रक्चर:
ड्रीम कॉरिडोर का एक प्रमुख हिस्सा यातायात व्यवस्था में सुधार करना है। इसके तहत नई और चौड़ी सड़कों का निर्माण होगा, जो स्थानीय और बाहरी ट्रैफिक के लिए सुगम मार्ग प्रदान करेगी। पार्किंग की समस्या को भी ध्यान में रखते हुए, विशाल भूमिगत और मल्टी-लेवल पार्किंग स्पेस तैयार किए जाएंगे, ताकि यहां आने वाले व्यापारियों और ग्राहकों को कोई कठिनाई न हो।

आर्थिक और सांस्कृतिक उन्नति:
यह कॉरिडोर केवल व्यापारिक और आवासीय उन्नति तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्रों का निर्माण भी किया जाएगा, जो इस क्षेत्र को एक सांस्कृतिक हब के रूप में भी स्थापित करेगा। स्थानीय समुदाय के लोगों को यहां आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे समाज में एकजुटता और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिलेगा।

मुंबई का भविष्य, वैश्विक स्तर पर:
यह ‘ड्रीम कॉरिडोर’ न केवल मुंबई के नागरिकों के लिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। शहर की पुरानी गलियों और बाजारों का यह रूपांतरण मुंबई को भविष्य के लिए तैयार करेगा और इसे वैश्विक व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। इस योजना को साकार करने के लिए, बीएमसी और संबंधित विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और बहुत जल्द इस योजना का ब्लूप्रिंट तैयार होगा। एक बार लागू होने के बाद, यह क्षेत्र मुंबई का एक ऐसा नया चेहरा बनेगा, जो शहर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने गौ-संवर्धन की दिशा में ऐतिहासिक फैसला

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UP Yogi government decision: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गौ-संवर्धन की दिशा में ऐतिहासिक फैसला लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में मौजूद शत्रु संपत्तियों पर चारा उत्पादन और पशु संरक्षण केंद्र स्थापित करने का आदेश दिया है। बताया कि प्रदेश में 6,017 से ज्यादा शत्रु संपत्तियां हैं। इनका उपयोग हम गोवंश संरक्षण और संवर्धन के लिए करेंगे।

चारा उत्पादन की जरूरत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अभी 7,624 गो-आश्रय संचालित हैं, जिनमें 12 लाख से ज्यादा गोवंश मौजूद हैं। इससे हरे चारे की कमी दूर की जा सकेगी। नई योजना के तहत शस्त्रु सम्पत्तियों में चारा उत्पादन के साथ कृत्रिम गर्भाधान और शोध केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

केंद्र सरकार से मांगा सहयोग 
उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से शत्रु संपत्तियों का ब्यौरा मांगा है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, केंद्र सरकार आवश्यक भूमि मुहैया कराएगी और राज्य सरकार इसमें आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराएगी।

आधुनिक तकनीक लेस होंगे केंद्र 
चारा उत्पादन और पशु संरक्षण केंद्र आधुनिक तकनीक से लेस होंगे। इनमें देसी गायों के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया जाएगा। सीएम ने ऐसी सभी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं।

क्या हैं शत्रु संपत्तियां?  
दरअसल, भारत-पाकिस्तान विभाजन और युद्ध के दौरान भारतीयों द्वारा छोड़ी गई सम्पत्तियों को शत्रु संपत्तियां कहते हैं। सरकार ने इन संपत्तियों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। 2017 में शत्रु संपत्ति अधिनियम में संशोधन कर यह संपत्तियां केंद्र ने अपने अधीन कर ली है।

पीएस ने बताया उद्देश्य 
उत्तर प्रदेश पशुधन और दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव के. रविंद्र नायक ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य चारे की पर्याप्त आपूर्ति और पशुओं से संबंधित शोध केंद्रों का विकास करना है। ताकि, पशुधन का संरक्षण और विकास किया जा सके।

रुड़की की गौशाला में 19 गायों की मौत

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गौशाला में 2 दिन में 19 गायों की मौत (Photo- ETV Bharat)
गौशाला में 2 दिन में 19 गायों की मौत (Photo- ETV Bharat)

रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की में स्थित एक गौशाला में 19 गाय और बछड़ों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से हड़कंप मच गया. इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. गौ शाला संचालक का कहना है कि उनके द्वारा गायों का उपचार भी करवाया गया, लेकिन किस कारण इनकी मौत हुई है यह पता नहीं लग सका.

रुड़की की गौशाला में 19 गायों की मौत: जानकारी के मुताबिक रुड़की के पनियाला गांव के रोड पर स्थित शिवपुरम कॉलोनी की गली नंबर 9 में बांके बिहारी नाम की एक गौशाला है. इसका संचालन संजय नाम का एक व्यक्ति करता है. बताया जा रहा है कि रविवार को गौशाला में दस गायों की मौत हो गई थी. इसके बाद सरकारी पशु चिकित्सालय की टीम ने गौशाला पहुंचकर पशुओं की जांच की और सैंपल भी लिए गए.

गायों की मौत पर हिंदू संगठन ने किया हंगामा: इसके बाद सोमवार देर रात को भी 9 और गायों की मौत हो गई. इतनी बड़ी संख्या में हुई गायों की मौत के बाद हड़कंप मच गया. वहीं मामले की जानकारी जैसे ही आग की तरह नगर के लोगों तक पहुंची, तो मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. इसके बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए. हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने वहां जमकर हंगामा किया. उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए.

गौशाला संचालक ने क्या कहा: गौशाला संचालक संजय शर्मा का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से गायों की मौत हो रही है. डाक्टरों की टीम ने भी गायों का उपचार किया है, लेकिन अभी तक मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है. बताते चलें, इस गौशाला में 50 से अधिक गाएं हैं. कई अनियमिताएं भी गौशाला में देखने को मिली हैं. अभी भी कई गायों की हालत खराब है. गायों की मौत के के बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही जानकारी मिल पाएगी.

अहमदाबाद -मॉरिस सैमुअल चला रहा था फर्जी कोर्ट, खुद बनता था जज

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आप इण्डिया की खबर के अनुसार  अहमदाबाद में नकली अदालत स्थापित कर सरकारी जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। आरोपित मॉरिस सैमुअल क्रिश्चियन ने खुद को एक मध्यस्थ जज (अर्बिट्रेटर) के रूप में पेश किया और एक फर्जी अदालत की स्थापना की। इस अदालत में उसने नकली वकील और कर्मचारी भी रखे, ताकि यह एक वास्तविक कोर्ट जैसा दिखे। मॉरिस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों और फैसलों के आधार पर अहमदाबाद के पालदी क्षेत्र की 100 एकड़ सरकारी जमीन हड़प ली।

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब अहमदाबाद सिटी सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार हार्दिक सागर देसाई ने आरोपित मॉरिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत कारंज पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मॉरिस को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 170, 419, 420, 465, 467, 471 और 120B के तहत मामला दर्ज किया गया, जिनमें धोखाधड़ी, फर्जी पहचान, सरकारी अधिकारी की नकल, और साजिश रचने जैसी गंभीर आरोप हैं। इस मामले की FIR की कॉपी ऑपइंडिया के पास भी उपलब्ध है।

पुलिस के अनुसार, मॉरिस ने पालदी के निवासी बाबूजी छनाजी ठाकोर के मामले में फर्जी मध्यस्थ बनकर सरकार के खिलाफ दावा किया। बाबूजी कई वर्षों से पालदी में जमीन को लेकर सरकार के साथ विवाद में थे। इस दौरान मॉरिस ने खुद को मध्यस्थ घोषित करते हुए बाबूजी के पक्ष में फैसला सुना दिया। इस पूरे मामले में मॉरिस के पास न तो मध्यस्थता का कोई वैध अनुबंध था और न ही वह कानूनी रूप से मध्यस्थता करने का अधिकारी था। इसके बावजूद उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बाबूजी के पक्ष में 200 करोड़ की जमीन के स्वामित्व का दावा किया।

मॉरिस के फैसले को अदालत में प्रस्तुत किए जाने के बाद उसकी असलियत सामने आई। जब अहमदाबाद सिटी सिविल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, तो न्यायाधीश जेएल चोवटिया ने पाया कि यह पूरी प्रक्रिया फर्जी है और मॉरिस ने धोखे से सरकारी जमीन हथियाने की कोशिश की है। इसके बाद न्यायाधीश ने कोर्ट के रजिस्ट्रार को मॉरिस के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज करने का आदेश दिया, जिससे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

मॉरिस ने न सिर्फ खुद को जज के रूप में पेश किया, बल्कि उसने अदालत जैसा माहौल बनाने के लिए नकली वकील, क्लर्क और अन्य कर्मचारी भी नियुक्त किए। उसकी योजना थी कि वह फर्जी अदालतों के जरिए लोगों को झूठे फैसले दिलाकर उनसे पैसे ऐंठे। मॉरिस ने कई बार अपनी अदालत में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निर्णय सुनाए और फिर उन फैसलों को असली अदालत में पेश किया।

पहले भी फर्जीवाड़ा कर चुका था मॉरिस

मॉरिस का यह पहला अपराध नहीं था। इससे पहले भी उस पर इसी तरह के फर्जीवाड़े के आरोप लग चुके हैं। 2015 में भी उसके खिलाफ मणिनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, और गुजरात हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला चलाया था। उसने बाबूजी के नाम पर 7/12 उतार में सरकार का नाम हटाकर खुद को जमीन का कब्जेदार घोषित कर दिया था, जबकि इसके लिए कोई कानूनी आधार नहीं था।

सरकारी वकील ने सिटी सिविल कोर्ट में तर्क दिया कि बाबूजी ने मॉरिस को कानूनी रूप से मध्यस्थ नियुक्त नहीं किया था और कोर्ट ने भी मॉरिस को मध्यस्थता के लिए मंजूरी नहीं दी थी। मॉरिस ने एकतरफा फैसले लिए और इन्हें लागू कराने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। सरकारी वकील ने सवाल उठाया कि अगर कोई मध्यस्थता अनुबंध नहीं था, तो मॉरिस ने सरकारी अधिकारियों को नोटिस कैसे भेजा और सरकार ने जवाब क्यों नहीं दिया।

कोर्ट ने बाबूजी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया और मॉरिस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए। जाँच में यह भी पता चला है कि मॉरिस ने ऐसे 10 अन्य मामलों में भी फर्जी फैसले सुनाए हैं। पुलिस अब इन सभी मामलों की भी जाँच कर रही है और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, मॉरिस सैमुअल क्रिश्चियन का यह फर्जीवाड़ा अब पूरी तरह उजागर हो चुका है, और पुलिस उसकी गतिविधियों की गहन जाँच कर रही है ताकि इस बड़े घोटाले का पूरा सच सामने आ सके।

70000 की गाय 9.25 लाख रुपये में बिकी, टूट गए सभी रिकॉर्ड

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नई दिल्ली: हाल ही में भारत सरकार के केंद्रीय पशु प्रजनन फार्म में थारपारकर नस्ल की गायों की नीलामी में नया रिकॉर्ड बना. नीलामी में एक थारपारकर गाय की 9.25 लाख रुपये में बोली लगी, जिससे सारे रिकॉर्ड टूट गए. पशुपालन और डेयरी विभाग ने बताया कि इस साल की नीलामी में 85 किसानों ने भाग लिया. विभाग ने कहा कि किसानों में देसी थारपारकर नस्ल की गायों को लेकर सबसे ज्यादा रुचि देखी गई.

पशुपालन और डेयरी विभाग केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आता है. विभाग के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा गया, “थारपारकर की रिकॉर्ड नीलामी! 18 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय पशु प्रजनन फार्म (सूरतगढ़) में आयोजित खुली नीलामी में एक थारपारकर गाय (गाय संख्या-8034) 9.25 लाख रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर बेचा गया, जो फार्म के इतिहास में सबसे बड़ी बोली है. इस साल की नीलामी में 85 किसान शामिल हुए. देसी थारपारकर नस्ल में रुचि बढ़ती जा रही है.”

महाराष्ट्र ने लगाई सबसे अधिक बोली
मीडिया रिपोर्ट में केंद्रीय पशु प्रजनन फार्म के अधिकारियों ने बताया कि कुल 43 पशुओं को नीलामी में शामिल किया गया. महाराष्ट्र के सातारा जिले के एक किसान ने थारपारकर गाय (संख्या 8034) के लिए रिकॉर्ड 9.25 लाख की बोली लगाकर उसे खरीद लिया. अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल यहां थारपारकर गाय 3.05 लाख रुपये में बिकी थी, जो उस समय सबसे अधिक बोली थी.

‘दुधारू सोना’ कही जाती है थारपारकर गाय
थारपारकर नस्ल की गाय काफी दुधारू होती है और प्रतिदिन 15-18 लीटर तक दूध देती हैं. इस वजह से इन्हें दुधारू सोना भी कहा जाता है. इन गायों के दूध और घी की बहुत मांग होती है. आम तौर पर थारपारकर नस्ल की गाय 20,000 से लेकर 70,000 रुपये में बिकती हैं. इन गायों का रंग सफेद होता है. थारपारकर गायों का दूध भीषण गर्मी में भी कम नहीं होता है. ये गायें अन्य नस्ल गयों से अलग होती हैं और इन पर सर्दी और गर्मी का प्रभाव नहीं पड़ता है.

मुंबई में कैरेटलेन के 300वें स्टोर का उद्घाटन फैशन डिजाइनर नैन्सी त्यागी के हाथों हुआ

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मुंबई। भारत के अग्रणी ओमनी-चैनल आभूषण ब्रांड कैरेटलेन ने धनतेरस के अवसर पर मुंबई के मलाड पश्चिम में अपने 300वें स्टोर के शुभारंभ के साथ एक शानदार उपलब्धि हासिल की है। इस स्टोर का उद्घाटन फैशन डिजाइनर, कंटेंट क्रिएटर और कैरेटलेन के #WearYourWins कैम्पेन की ब्रांड एम्बेसडर नैन्सी त्यागी ने फिता काटने की रस्म के साथ किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में निष्ठावान ग्राहकों ने अपनी मौजूदगी से समारोह की गरिमा को बढ़ाया। इसके बाद ग्राहकों द्वारा स्टोर के अंदर कोल-ब्रेकिंग की परंपरा का पालन किया गया। इस परंपरा को आगे के समृद्ध समय की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। पूरे भारत में खूबसूरत और आकर्षक आभूषणों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के अपने मिशन के मुताबिक, ब्रांड ने अब तक टियर 3 शहरों में 55 से अधिक स्टोर लॉन्च किए हैं, जिनमें दीमापुर, पठानकोट और अट्टापुर जैसे शहर भी शामिल हैं।

वर्तमान में, देशभर के 130 शहरों में 3,70,000 वर्ग फुट से अधिक रिटेल स्पेस के साथ ब्रांड कैरेटलेन की मजबूत उपस्थिति कायम है। मलाड में नया माइलस्टोन स्टोर 900 वर्ग फीट में फैला है, जिसमें 1500 से ज्यादा लुभावने डिज़ाइन हैं और यह ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करता है – यह ब्रांड की बेहतरीन सेवा की पहचान को आगे बढ़ाता है, जो एक अच्छी तरह से एकीकृत ओमनी चैनल अनुभव के ज़रिए संभव हुआ है। स्टोर में तुरंत नक्काशी, कान छिदवाना, बड़े साइज़ की अंगूठियों का तैयार स्टॉक और व्यक्तिगत उपहार देने जैसी सेवाएँ भी उपलब्ध हैं, जो ग्राहकों के खरीदारी संबंधी अनुभव को और भी बेहतर बनाती हैं।

सौमेन भौमिक, एमडी-सीईओ, कैरेटलेन ने कहा,‘‘करवा चौथ के शुभ दिन पर 300वें स्टोर की लॉन्चिंग कैरेटलेन की कामयाबी की अब तक की यात्रा में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। हमने इस नवरात्रि के दौरान देशभर में 12 नए स्टोर खोले, ताकि ज्यादा से ज्यादा भारतीय महिलाओं तक खूबसूरत और किफ़ायती आभूषण पहुँचाने का हमारा प्रयास जारी रहे। हम अमेरिका में अपना पहला स्टोर न्यू जर्सी में भी लॉन्च कर रहे हैं, जो हमारे ग्लोबल फुटप्रिंट की शुरुआत को दर्शाता है।‘’

कैरेटलेन के कलैक्शन में खूबसूरत जड़ित और बिना जड़ित आभूषणों का मिश्रण मिलता है, जिसमें बटरफ्लाई, आरण्य और ऑम्ब्रे जैसे इसके बेहतरीन आइकॉनिक संग्रह शामिल हैं। दिलचस्प आईपी सहयोगों के माध्यम से, ब्रांड अपने डिज्नी, हैरी पॉटर और मिनियन संग्रह के साथ उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करता है। ये ऐसे आभूषण हैं जो पुरानी यादों को ताजा करते हैं। हाल ही में, कैरेटलेन ने त्यौहारी सीज़न के दौरान 22कैरेट में रोजमर्रा में पहनने वाले सोने के ब्यूटीफुल और कंटेम्परेरी आभूषण भी लॉन्च किए – यह एक ऐसा कदम था जो ब्रांड ने पहले कभी नहीं उठाया था।

ब्रांड सभी उम्र के लोगों की पसंद को ध्यान में रखता है, और 7,000 से अधिक डिज़ाइन पेश करता है जो इसे हर आभूषण की ज़रूरत के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं। वर्तमान में, त्यौहारी ऑफ़र पर 4000 से अधिक डिज़ाइन उपलब्ध हैं।

गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के मुद्दे पर भाजपा कांग्रेस समेत सभी पार्टियों का रवैया एक जैसा, आरएसएस ने भी निराश किया : शङ्कराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द जी महाराज

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नेता साथ नहीं, पर जनता हमारे साथ है, इसलिए अब वोट की चोट की जाएगी 

शङ्कराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द जी महाराज चण्डीगढ़ में गौ ध्वज को स्थापित कर गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने पधारे

श्री अयोध्या धाम से शुरू हुई गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा पहुंची चण्डीगढ़   

चण्डीगढ़ : गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के मुद्दे पर भाजपा कांग्रेस समेत देश भर की सभी पार्टियों का रवैया कमोबेश एक जैसा ही है। इससे भी बढ़ कर उन्हें आरएसएस से भी निराशा मिली। ये कहना था पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्‌गुरु शङ्कराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज 1008 का। वे आज गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा का नेतृत्व करते हुए चण्डीगढ़ के कैम्बवाला गांव स्थित श्री गोपाल गौलोक धाम, गौशाला में पधारे थे, जहां उन्होंने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। शंकराचार्य जी महाराज इस ऐतिहासिक यात्रा के माध्यम से भारत भूमि की ऊपर से सम्पूर्णतया गौहत्या का कलंक मिटाकर गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए प्रयासरत्त हैं। इस ऐतिहासिक यात्रा को विगत दिनों तब एक बडी सफलता मिली जब पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज के निर्देश पर महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री एकनाथ सम्भाजी शिन्दे जी ने देसी (रामा) गाय को राज्यमाता घोषित करके केबिनेट की प्रस्ताव की कापी शंकराचार्य जी के चरणों में सौंपी।

उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक मोदी जी ने उन्हें मुलाकात का समय नहीं दिया। उनके मुताबिक मोदी जी ने कहला रखा है कि यदि कोई गौ माता के मुद्दे पर मिलने आए, तो समय नहीं देना है। शंकराचार्य ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री खुद गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर हैं, परंतु वे भी इस मसले पर उदासीन हैं।

 

यहां तक कि हिंदूवादी संगठन के नाम से पहचान रखने वाले आर एस एस का रवैया तो और भी चौंकाने वाला था। उनके बड़े नेता मोहन वैद्य ने तो साफ कह दिया कि इस संगठन के लगभग 30 हज़ार स्वयंसेवक गौ मांस का सेवन करते हैं।
उन्होंने कहा कि इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात ये रही कि उन्हें छत्तीसगढ़ से एक वीडियो प्राप्त हुआ, जिससे हजारों मुसलमानों ने गौ के मुद्दे पर एक बैठक करके उनका साथ देने की घोषणा की। उनके मुताबिक देश के अधिसंख्य लोगों से उन्हें समर्थन मिल रहा है, जोकि काफी उत्साहजनक बात है। शंकराचार्य ने आगे कहा कि ये बड़ी ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश में अधिकांश बूचड़खाने हिंदुओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को हिंदू धर्म से बहिष्कृत कर देना चाहिए।

गौ-ध्वज की स्थापना की

पूज्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्‌गुरु शङ्कराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द के निर्देशन एवं नेतृत्व में सम्पूर्ण भारत में गौ प्रतिष्ठा आन्दोलन के अन्तर्गत गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा बीती 22 सितम्बर से श्री अयोध्या धाम से आरम्भ हुई जोकि आज चण्डीगढ़ में पहुंची। यहां गौ प्रतिष्ठा आन्दोलन के संयोजक पूज्य गोपाल मणि जी महाराज, जो पूरे समर्पण और शक्ति के साथ यात्रा की सफलता हेतु प्राण-प्रण से शङ्कराचार्य जी के साथ इस यात्रा पर हैं, ने चण्डीगढ़ में उनके पधारने पर श्री गोपाल गौलोक धाम गौशाला, कैंबवाला में उनका स्वागत किया।  पूज्य जगद्‌गुरू शङ्‌कराचार्य जी ने यहाँ सर्वप्रथम गौ ध्वज की स्थापना की व तत्पश्चात गौ महासभा को भी सम्बोधित किया ।

26 अक्तूबर तक चलने वाली ये यात्रा भारत के समस्त 36 प्रदेशों की राजधानियों तक जा रही है तथा वहाँ एक गौ ध्वज की स्थापना की जा रही है। यात्रा का समापन 26 अक्टूबर को दिल्ली में होगा।

उल्लेखनीय है कि संविधान एवं कानून में गाय को राज्य सूची से हटाकर केंद्रीय सूची में प्रतिष्ठित कर गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने तथा गौहत्यामुक्त भारत बनाने के लिए सम्पूर्ण भारत में गौ प्रतिष्ठा आंदोलन चलाया जा रहा है। इस गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा का लक्ष्य सम्पूर्ण भारत में गो प्रतिष्ठा आन्दोलन हेतु समस्त राष्ट्र के गौभक्त हिन्दुओं को जागृत कर एक सूत्र में पिरोने का है तथा गोमाता की दुर्गति, गौ हत्या के कलङ्क को मिटाकर, पशु सूची के अपमान से हटाकर राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाना है।  इस गो ध्वज स्थापना पद यात्रा का सूत्रवाक्य है- गौ माता, राष्ट्र माता राष्ट्र माता, भारत माता।

गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा के उपरान्त देश की राजधानी दिल्ली में गोपाष्टमी के अवसर पर 7, 8 और 9 नवम्बर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी गो प्रतिष्ठा महासम्मेलन होगा जो भारत की सरकार को गौहत्या के कलङ्क को मिटाकर गौमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने हेतु निर्णायक होगा।

गोदावरी बायोरिफाइनरीज लिमिटेड की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश 23 अक्टूबर को खुलेगी

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मुंबई (अनिल बेदाग) : गोदावरी बायोरिफाइनरीज लिमिटेड (“जीबीएल” या “कंपनी”), बुधवार, 23 अक्टूबर, 2024 (“बोली / प्रस्ताव खोलने की तारीख”) को इक्विटी शेयरों (“प्रस्ताव”) की अपनी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश खोलने का प्रस्ताव करती है। इस ऑफर में 325 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों का ताजा निर्गम (“ताजा निर्गम”) और 6,526,983 इक्विटी शेयरों की बिक्री के लिए ऑफर (“बिक्री के लिए ऑफर”, ताजा इश्यू के साथ, “कुल ऑफर का आकार”) शामिल है।
ऑफर का प्राइस बैंड 334 से 352 रुपये प्रति इक्विटी शेयर (“प्राइस बैंड) तय किया गया है। न्यूनतम 42 इक्विटी शेयरों और उसके बाद 42 इक्विटी शेयरों के गुणों में बोलियाँ लगाई जा सकती हैं (“बोली का आकार”)।
कंपनी का इरादा शुद्ध आय का उपयोग कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया उधारों के पूर्ण या आंशिक रूप से पुनर्भुगतान/पूर्व भुगतान के लिए करना है, जिसकी अनुमानित राशि 240 करोड़ रुपये है और शुद्ध आय की शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उ‌द्देश्यों (सामूहिक रूप से, “प्रस्ताव के उ‌द्देश्य”) के लिए करना है।
बिक्री के लिए प्रस्ताव में सोमैया एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 500,000 इक्विटी शेयर, समीर शांतिलाल सोमैया द्वारा 500,000 इक्विटी शेयर, लक्ष्मीवाड़ी माइन्स एंड मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 200,000 इक्विटी शेयर, फिल्मीडिया कम्युनिकेशन सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 300,000 इक्विटी शेयर, सोमैया प्रॉपर्टीज इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड दद्वारा 100,000 इक्विटी शेयर और मंडला कैपिटल एजी लिमिटेड द्वारा 4,926,983 इक्विटी शेयर शामिल हैं।
यह प्रस्ताव प्रतिभूति संविदा (विनियमन) नियम, 1957 के नियम 19 (2) (बी), संशोधित (“एससीआरआर”), सेबी आईसीडीआर विनियमनों के विनियमन 31 के अनुसार है। यह ऑफर सेबी आईसीडीआर विनियमन के विनियमन 6 (1) के अनुसार बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें ऑफर का 50% से अधिक हिस्सा आनुपातिक आधार पर योग्य संस्थागत खरीदारों (“क्यूआईबी”) (“क्यूआईबी हिस्सा”) को आवंटित करने के लिए उपलब्ध नहीं होगा। बशर्ते कि हमारी कंपनी बीआरएलएम के परामर्श से, सेबी आईसीडीआर विनियमन (“एंकर निवेशक हिस्सा”) के अनुसार विवेकाधीन आधार पर क्यूआईबी हिस्से का 60% तक एंकर निवेशकों को आवंटित कर सकती है, जिसमें से एक तिहाई घरेलू म्यूचुअल फंड के लिए आरक्षित होगा। बशर्ते कि एंकर निवेशकों को आवंटित मूल्य (“एंकर निवेशक आवंटन मूल्य”) पर या उससे अधिक पर घरेलू म्यूचुअल फंड से वैध बोलियां प्राप्त हों। एंकर निवेशक हिस्से में कम-सब्सक्रिप्शन या गैर-आवंटन की स्थिति में, शेष इक्विटी शेयरों को क्यूआईबी हिस्से (एंकर निवेशक हिस्से के अलावा) (“नेट क्यूआईबी हिस्सा”) में जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा, नेट क्यूआईबी हिस्से का 5% आनुपातिक आधार पर केवल म्यूचुअल फंड को आवंटित करने के लिए उपलब्ध होगा, बशर्ते कि ऑफर मूल्य पर या इससे ऊपर वैध बोलियां प्राप्त हों, और नेट क्यूआईबी हिस्से का शेष हिस्सा आनुपातिक आधार पर म्यूचुअल फंड सहित सभी क्यूआईबी को आवंटित करने के लिए उपलब्ध होगा, बशर्ते कि ऑफर मूल्य पर या इससे ऊपर वैध बोलियां प्राप्त हों।
हालांकि, यदि म्यूचुअल फंडों से कुल मांग नेट क्यूआईबी हिस्से के 5% से कम है, तो म्यूचुअल फंड हिस्से में आवंटन के लिए उपलब्ध शेष इक्विटी शेयरों को सभी क्यूआईबी को आनुपातिक आवंटन के लिए शेष नेट क्यूआईबी हिस्से में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, प्रस्ताव का कम से कम 15%