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हम सभी यहां यात्रियों की तरह हैं,अपना काम करते हैं और फिर चले जाते हैं – मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़

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भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ रविवार को पद से मुक्त हो जाएंगे। लेकिन 9 और 10 तारीख को शनिवार व रविवार को कोर्ट की छुट्टी रहेगी। इसलिए, उनके सम्मान में विदाई समारोह आज ही आयोजित किया गया। सुप्रीम कोर्ट में आज उनका अंतिम कार्य दिवस है। 10 नवंबर को न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की सेवानिवृत्ति के बाद न्यायमूर्ति संजीव खन्ना उनका स्थान लेंगे। वह देश के 51वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने 9 नवंबर 2022 को भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। 13 मई 2016 को उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय से पदोन्नत किया गया था।  

‘जब मैं छोटा था, सुप्रीम कोर्ट आकर देखी थी कार्रवाई’
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने विदाई समारोह के मौके पर भावुक होते हुए कहा, ‘रात को मैं सोच रहा था कि दोपहर दो बजे कोर्ट खाली होगा और मैं स्क्रीन पर खुद को देख रहा होउंगा। आप सभी की मौजूदगी से मैं अभिभूत हूं।’ सीजेआई ने कहा, ‘जब मैं छोटा था, तो सुप्रीम कोर्ट में आकर यहां की कार्यवाही और कोर्ट में लगी दो तस्वीरों को देखता था। उन्होंने कहा, बॉम्बे हाईकोर्ट में भी न्यायमूर्ति चागला का बहुत प्रभाव था।’

हम सब यात्रियों की तरह, कुछ समय के लिए आते हैं…’
उन्होंने आगे कहा, ‘हम सभी यहां यात्रियों की तरह हैं, जो कुछ समय के लिए आते हैं, अपना काम करते हैं और फिर चले जाते हैं। कोर्ट के रूप में यह संस्थान हमेशा चलता रहेगा और इसमें विभिन्न विचारों वाले लोग आते रहेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे बाद न्यायमूर्ति खन्ना इस संस्थान को मजबूती और गरिमा के साथ आगे बढ़ाएंगे।’

‘जीवन को नया दृष्टिकोण देते हैं नए लोग’
सीजेआई ने यह भी बताया कि वह न्यायमूर्ति जे.बी.पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा के साथ बैठकर काम करने के अनुभव को बहुत याद करेंगे। उन्होंने कहा, ‘यही कोर्ट है, जो मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हम ऐसे लोगों से मिलते हैं, जिन्हें हम नहीं जानते थे और ये अनुभव जीवन को एक नया दृष्टिकोण देते हैं।’

‘किसी को कोई तकलीफ पहुंची हो तो माफी चाहता हूं….’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं आज बहुत कुछ सीखा हूं। कोई भी मामला पहले के मामले जैसा नहीं होता। अगर कोर्ट में किसी कोई तकलीफ पहुंची हो तो मैं विनम्रतापूर्व माफी चाहता हूं। अंत में धन्यवाद देते हुए न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, आप सभी का दिल से धन्यवाद, आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए। इसके लिए मैं सदा कृतज्ञ रहूंगा।’

कपिल सिब्बल बोले- जटिल मुद्दों को सुलझाने के लिए तत्पर थे न्यायमूर्ति चंद्रचूड़
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के विदाई समारोह में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष कपिल सिब्बल ने कहा, हम किसी भी जज की आलोचना कर सकते हैं, क्योंकि जीवन में संपूर्णता नाम की कोई चीज नहीं होती। सच भी हमेशा एक जैसा नहीं होता। संपूर्णता और सच दोनों एक जैसे हैं (समय और स्थिति के हिसाब से बदलते हैं)। हमें किसी व्यक्ति या जज का मूल्यांकन उस समय और हालात के आधार पर करना चाहिए, जिसमें हम जी रहे हैं। जब हम न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के बारे में लिखेंगे, तो हम उनके फैसलों, उनके व्यवहार, उनकी सादगी, उनके धैर्य पर चर्चा करेंगे। ये सभी गुण एक महान जज के होते हैं।

सिब्बल ने आगे कहा, सीजेआई चंद्रचूड़ उन जटिल मुद्दों को सुलझाने के लिए तैयार थे, जिन्हें पहले के मुख्य न्यायाधीश वर्षों तक न सुलझा पाए थे, जैसे कि अनुच्छेद 370 और चुनावी बांड। आपने इन मुद्दों को सुलझाने की पहल की और इन्हें बड़ी स्पष्टता से सुलझाया। इसलि हमें आपका धन्यवाद करना चाहिए और आपको सलाम करना चाहिए। हम आपसे हर बात पर सहमत नहीं हो सकते। लेकिन यह मानना होगा कि आप जटिल मुद्दों को सुलझाने के लिए तैयार थे और आपने यह काम बखूबी किया।

ए रियल एनकाउंटर”: सस्पेंस और एक्शन की कहानी, 15 नवंबर को रिलीज़

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मुंबई (अनिल बेदाग) : बहुप्रतीक्षित थ्रिलर फिल्म “ए रियल एनकाउंटर” 15 नवंबर को देशभर में रिलीज़ होने जा रही है, जो एक सच्ची घटना पर आधारित पुलिस एनकाउंटर की कहानी को पेश करेगी। सबीर शेख द्वारा निर्देशित और प्रदीप चुड़ीवाल के मैकनील इंजीनियरिंग लिमिटेड बैनर के तहत निर्मित इस फिल्म में शाहबाज़ खान ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट की भूमिका निभाई है। बाला कृष्ण श्रीवास्तव द्वारा ए वन सिने क्रिएशन के जरिए यह फिल्म पूरे भारत में वितरित की जाएगी।
फिल्म की प्रमुख कास्ट में शाहबाज़ खान, एहसान खान, मुश्ताक खान, रज़ा मुराद, अली खान, हिमायत आलम अली, अखिलेश वर्मा, ब्रतूति गांगुली, अनिल नागरथ, राकेश पुजारा, संगीता सिंह, ऋषिकेश तिवारी, अमृत दुजारी और कलीम अख्तर जैसे कलाकार शामिल हैं। फिल्म का कथानक प्रदीप चुड़ीवाल ने लिखा है, और इसका ट्रेलर पहले से ही दर्शकों को प्रभावित कर चुका है, जिसमें कुछ दमदार संवाद हैं, जैसे “अगला एनकाउंटर किसका होगा, ये कोई नहीं जानता” और रज़ा मुराद का प्रभावशाली संवाद “ये एनकाउंटर नकली है।”
हिंदी के अलावा, यह फिल्म गुजराती में भी रिलीज होगी, जिससे इसके क्षेत्रीय संदर्भों का सम्मान किया गया है। इस फिल्म में एक कोर्टरूम ड्रामा भी शामिल है जो पुलिस कर्मियों के सामने आने वाली नैतिक उलझनों और दबाव को उजागर करता है।
निर्देशक सबीर शेख ने इस फिल्म के माध्यम से माता-पिता को यह संदेश दिया है कि बच्चों की गतिविधियों पर नज़र रखें ताकि वे सही रास्ते पर रहें। वहीं, मुश्ताक खान ने इस फिल्म में मस्कान के पिता का भावुक किरदार निभाया है, जबकि अनिल नागरथ एक राजनीतिज्ञ की भूमिका में नजर आएंगे, जो राजनीति के गहरे पहलुओं को उजागर करता है।
15 नवंबर को “ए रियल एनकाउंटर” सिनेमाघरों में देखें और एक्शन, सस्पेंस और सामाजिक मुद्दों से भरपूर इस फिल्म का लुत्फ उठाएं।

सुपरस्टार प्रभास ने लॉन्च की ‘द स्क्रिप्ट क्राफ्ट’ वेबसाइट

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लेखकों और कहानियों को मिलेगा नया मंच

मुंबई (अनिल बेदाग) : इंडिया के सबसे बड़े सुपरस्टार प्रभास ने राइटर्स को सपोर्ट और प्रोत्साहन देने के लिए द स्क्रिप्ट क्राफ्ट नाम का वेबसाइट लॉन्च किया है। कहानी कहने के प्रति अपने जुनून के लिए जाने जाने वाले प्रभास की इस पहल को समर्थन मिल रहा है, जिससे राइटर्स अपनी कहानी के आइडियाज साझा कर सकें, अपनी क्रिएटिविटी का प्रदर्शन कर सकें, और एक बड़े दर्शक वर्ग तक अपनी पहुंच बना सकें।

द स्क्रिप्ट क्राफ्ट पर राइटर अपनी कहानी के आईडिया को 250 शब्दों के सारांश में भेज सकते हैं। दर्शक फिर आइडियाज को पढ़ सकते है और रेट कर सकते हैं, और जो सबसे ज्यादा पॉपुलर कहानियां होगी, वो टॉप पर आ जाएगी। इसमें फीडबैक सिस्टम में कमेंट्स के बजाय रेटिंग्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे एक सकारात्मक माहौल बनता है, जो राइटर्स को अपने आइडियाज के लिए आत्मविश्वास और समर्थन देता है।

इसके लॉन्च का जश्न मनाने के लिए, द स्क्रिप्ट क्राफ्ट ने एक स्पेशल कांटेस्ट शुरू किया है, जिसका नाम है “अपने पसंदीदा हीरो की कल्पना सुपरपावर के साथ करें!” राइटर्स को 3,500 शब्दों तक की कहानी भेजने के लिए इनवाइट किया गया है, जिसमें उन्हें एक सुपरहीरो के रूप में सोचना है। आख़िर में, एक राइटर को दर्शकों की रुचि के आधार पर चुना जाएगा, जिसका एक असली प्रोजेक्ट पर असिस्टेंट राइटर या असिस्टेंट बनने का खास मौका मिलेगा-ये एक कीमती अनुभव है, जो नए राइटर्स को हाइलाइट करेगा।

इसके अलावा, स्क्रिप्ट क्राफ्ट एक ऑडियोबुक फीचर पेश करने की योजना बना रहा है, जो एरोटर्ड को अपनी कहानियों को इमर्सिव ऑडियो अनुभवों में बदलने की अनुमति देगा। यह पहल राइटर्स को उन लिसनर तक पहुंचने में मदद करेगी जो ऑडियो स्टोरीटेलिंग को पसंद करते हैं।

प्रभास ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है,”अपनी कहानी शेयर करें, इस प्लेटफार्म पर दुनिया को प्रेरित करें, जहाँ राइटर्स अपने शब्दों को जीवंत करते हैं और दर्शक वास्तविकता को आकार देने के लिए वोट करते हैं। मूवमेंट में शामिल हो जाएं।

प्रभास का द स्क्रिप्ट क्राफ्ट के साथ जुड़ना यह दर्शाता है कि वे राइटर्स के लिए एक सकारात्मक और सहयोगी माहौल बनाने के लिए कितने समर्पित हैं, ताकि वे अनोखी कहानियों का विकास कर सकें। द स्क्रिप्ट क्राफ्ट उनकी इस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो कहानी सुनाने की कला को महत्व देता है और राइटर्स का समर्थन करता है।

फैंस प्रभास को कई आने वाली फिल्मों में देखने के लिए उत्सुक हैं, जिनमें द राजा साब, सलार: पार्ट 2 – शौर्यंगा पर्वम, कल्कि 2 और हनु राघवपुडी के साथ एक अन टाइटल प्रोजेक्ट शामिल है

सेबी अध्यक्ष ने किया ‘इंडिया@2024: एक्सपैंडिंग हॉरिज़ोन्स फॉर प्रोफेशनल्स’ पर 52वें राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

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मुंबई। भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (ICSI) के 52वें राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन सेबी अध्यक्ष श्रीमती माधबी पुरी बुच ने किया। यह आयोजन 8 से 10 नवंबर, 2024 को मुंबई के होटल सहारा स्टार में आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन के पूर्व, ICSI के अध्यक्ष सीएस बी नारायणन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने सम्मेलन की थीम “‘इंडिया@2024: एक्सपैंडिंग हॉरिज़ोन्स फॉर प्रोफेशनल्स’ के बारे में जानकारी साझा की।

सीएस बी नरसिम्हन ने कहा कि हमारे इस अधिवेशन का उद्देश्य उन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है जो भारत के भविष्य को आकार देने में मदद करेंगे। इस साल का विषय है ‘इंडिया@2047: एक्सपैंडिंग हॉरिज़ोन्स फॉर प्रोफेशनल्स,’हम कॉरपोरेट गवर्नेंस, स्थिरता, और कंपनी सेक्रेटरीज की आर्थिक विकास में भूमिका पर गहन चर्चा करेंगे।

ICSI ने हाल के वर्षों में कॉरपोरेट गवर्नेंस, स्थिर विकास और पेशेवर उत्कृष्टता के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की है।

ICSI गाइडिंग प्रिंसिपल्स ऑन स्टीवर्डशिप (IGPS), संस्थागत निवेशकों को स्थायी और नैतिक निवेश के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करता है, जो वैश्विक ESG मानकों के अनुरूप है। ICSI ने कार्यस्थल पर समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध, और निवारण पर एक मानक भी विकसित किया है, जो शिकायत प्रबंधन, जांच प्रक्रियाओं, और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण को सुनिश्चित करता है।

अदालती बोझ को कम करने के लिए, ICSI इंटरनेशनल ADR सेंटर एक मंच प्रदान करता है जो विवादों को जल्दी सुलझाने में मदद करेगा। सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में, ICSI इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल ऑडिटर्स (ISA) ने सामाजिक प्रभाव आकलन को सुदृढ़ किया है और नए सोशल ऑडिट स्टैंडर्ड्स पेश किए हैं।

ICSI स्टार्टअप और MSME कैटलिस्ट पहल के तहत, छोटे व्यवसायों को वित्त, अनुपालन और पंजीकरण में व्यापक सहायता प्रदान की जाती है। ICSI ने राष्ट्रीय कॉरपोरेट गवर्नेंस उत्कृष्टता पुरस्कार भी स्थापित किया है, और यूनीक डॉक्युमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (UDIN) और कंपनी सेक्रेटरी पहचान संख्या (eCSin) जैसी प्रणालियों के माध्यम से प्रमाणन और रोजगार में पारदर्शिता को बढ़ावा देता है।

52वां राष्ट्रीय अधिवेशन ICSI के कॉरपोरेट गवर्नेंस में सकारात्मक बदलाव और भारतीय व्यवसायों के भविष्य को आकार देने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया जा रहा है।

Big News – गऊ माता के शव को दफनाने के लिए खोद रहे थे गड्ढा, निकले चांदी के सिक्के

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गाय के शव को दफनाने के लिए वह गांव के लोग खाली प्लाट में गड्ढा खोदवा रहे थे।खोदाई के दौरान मिट्टी में दबे कुछ चांदी के सिक्के दिखाई दिए। तभी वहां पर मौजूद गांव के कुछ बच्चे उन सिक्कों को लेकर भागने लगे।

गांव दरियापुर में 7 नवंबर को गाय के शव को दफनाने के लिए गड्ढा खोदते समय चांदी के सिक्के निकल आए। बताते हैं कि करीब 40 से 50 चांदी के सिक्के निकले हैं। इन सिक्कों को लेकर वहां मौजूद बच्चे इधर-उधर भाग निकले।

गांव के अभिषेक पचौरी ने बताया कि 6 नवंबर की रात गांव में एक निराश्रित गाय की मौत हो गई थी। उसी गाय के शव को दफनाने के लिए वह गांव के ही देवेंद्र बघेल, राहुल शर्मा, मुकेश शर्मा, रघुवीर शर्मा के साथ देवेंद्र बघेल के खाली प्लाट में गड्ढा खोदवा रहे थे। खोदाई के दौरान मिट्टी में दबे कुछ चांदी के सिक्के दिखाई दिए। तभी वहां पर मौजूद गांव के कुछ बच्चे उन सिक्कों को लेकर भागने लगे। इनमें से कुछ सिक्के देवेंद्र बघेल के पास मौजूद हैं।

MVA की चुनावी रैली में गाया गया सावरकर का लिखा गीत

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Maharashtra Assembly Election 2024: महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी की बुधवार को आयोजित एक रैली में हिंदुत्व विचारक वी. डी. सावरकर की ओर से स्वतंत्रता और मातृभूमि की प्रशंसा में लिखा गया गीत ‘जयस्तुते’ गाया गया. एमवीए ने इस रैली में 20 नवंबर को होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए पांच गारंटी पेश की.

बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में आयोजित एमवीए की रैली में सावरकर के कटु आलोचक माने जाने वाले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे, लेकिन यह गीत गांधी के सभा को संबोधित करने से पहले गाया गया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सभा को संबोधित किया. ये सभी एमवीए के घटक दल हैं. राहुल गांधी सहित एमवीए नेताओं के भाषण शुरू करने से बहुत पहले सावरकर द्वारा लिखा गया गीत ‘जयस्तुते’ गाया गया. गांधी अक्सर सावरकर पर निशाना साधते रहे हैं.

राहुल गांधी करते रहे हैं सावरकर की आलोचना
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर वी. डी. सावरकर की आलोचना करते रहे हैं. वे सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन मिलने का जिक्र करते रहे हैं. इसके अलावा कांग्रेस नेता की तरफ से ये भी कहा गया था कि सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी. राहुल गांधी के इस बयान पर अक्सर बीजेपी उन्हें घेरते भी है. इसके लिए देश के कई पुलिस स्टेशनों में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायतें भी दर्ज है.

वे कई बार कोर्ट के चक्कर भी लगा चुके हैं. ऐसे में महाविकास अघाड़ी की रैली में वी. डी. सावरकर के लिखे गाने की प्रस्तुति हैरान कर देने वाली है. राजनीतिक गलियारों में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि, यह गाना राहुल गांधी के सभा में संबोधन से पहले गाया गया था.

सलमान खान-लॉरेंस बिश्नोई पर गाना लिखने वाले को एक महीने के अंदर मार दिया जाएगा

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Salman Khan Threat News: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को एक बार फिर से कथित लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से धमकी भरा संदेश मिला है. मुंबई के ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में सलमान खान के लिए धमकी भरा मैसेज आया है. कंट्रोल रूम को गुरुवार रात करीब 12:00 बजे धमकी भरा मैसेज मिला. इसमें लिखा है कि सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई पर एक गाना लिखा गया है, उसे नहीं छोड़ा जाएगा.

धमकी भरे मैसेज में आगे लिखा है, “एक महीने के अंदर गाना लिखने वाले को मार दिया जाएगा, गाना लिखने वाले की हालत ऐसी हो जाएगी कि वह अपने नाम से गाना नहीं लिख पाएगा. अगर सलमान खान में हिम्मत है तो वह उन्हें बचाएं.” फिलहाल इस मामले में मुंबई पुलिस जांच कर रही है.

सलमान खान को धमकी देने के एक आरोपी को पुलिस ने पकड़ा

इससे पहले सलमान खान को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में राजस्थान के एक व्यक्ति को बुधवार को पकड़ा गया और महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान भीखा राम (32) के रूप में हुई है, जिसे विक्रम के नाम से भी जाना जाता है और वह राजस्थान के जालौर का निवासी है.

हावेरी के पुलिस अधीक्षक अंशु कुमार ने बताया, ‘‘महाराष्ट्र एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ते) से प्राप्त सूचना के आधार पर हावेरी कस्बे में एक व्यक्ति को पकड़ा गया और उसे उनके हवाले कर दिया गया.’’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी लगभग डेढ़ महीने पहले हावेरी आने से पहले कर्नाटक में विभिन्न स्थानों पर रह रहा था.

आरोपी ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई का प्रशंसक होने का किया दावा

उन्होंने बताया कि वह निर्माण स्थलों पर काम कर रहा था और गौदर ओनी में किराये के कमरे में रह रहा था. पुलिस के एक सूत्र ने कहा, ‘‘आरोपी एक क्षेत्रीय समाचार चैनल देख रहा था, तभी उसने अचानक मुंबई पुलिस नियंत्रण कक्ष में फोन करके सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी. वह एक दिहाड़ी मजदूर है और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का प्रशंसक होने का दावा करता है. यह उसका बयान है, लेकिन उससे विस्तृत पूछताछ और जांच मुंबई पुलिस करेगी. हमारी टीम ने उसे मुंबई पुलिस को सौंप दिया

महाराष्ट्र के धुले में चुनावी रैली – कुछ लोगों की राजनीतिक का आधार केवल लूट है -पीएम मोदी

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महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव प्रचार का आगाज कर दिया है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के धुले में चुनावी रैली को संबोधित किया। पीएम मोदी ने सभा में आई जनता आभार जताया और इसके बाद महाविकास अघाड़ी पर जमकर बरसे। पीएम मोदी ने रैली में कहा कि महाराष्ट्र से मैंने जब भी कुछ मांगा है, महाराष्ट्र के लोगों ने दिल खोलकर मुझे अपना आशीर्वाद दिया है।

2014 के विधानसभा चुनाव में आया था- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जनसभा में कहा कि 2014 के विधानसभा चुनाव में मैं आपके बीच यहां धुले आया था। मैंने आपसे महाराष्ट्र में भाजपा सरकार के लिए आग्रह किया था। आपने महाराष्ट्र में 15 साल के सियासी कुचक्र को तोड़कर भाजपा को अभूतपूर्व जीत दिलाई थी। आज मैं एक बार फिर यहां धुले की धरती पर आया हूं। धुले से ही मैं महाराष्ट्र में चुनाव अभियान की शुरुआत कर रहा हूं।

MVA में ड्राइवर सीट के लिए झगड़ा- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों की राजनीतिक का आधार केवल लूट है। महाविकास अघाड़ी की गाड़ी में ड्राइवर सीट के लिए ही झगड़ा है। इनकी गाड़ी में न पहिया न ब्रेक है। ये सत्ता में आकर विकास को ठप्प कर देते हैं। हमारी योजनाएं MVA को बर्दाश्त नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि हम जनता की सेवा के लिए राजनीति में हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अगले 5 वर्ष महाराष्ट्र की प्रगति को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। महाराष्ट्र को जो सुशासन चाहिए, वो सिर्फ महायुति की सरकार ही दे सकती है।

महायुति का वचननामा शानदार- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने रैली में आए लोगों से कहा कि हम सभी को, भाजपा को महायुति को, महायुति के एक-एक उम्मीदवार को आपका आशीर्वाद चाहिए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि पिछले 2.5 वर्षों में महाराष्ट्र के विकास को जो गति मिली है, उसे रुकने नहीं दिया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि महायुति का वचननामा शानदार है, महायुति के संकल्पों की चर्चा हो रही है।

MVA के लोग महिलाओं को गाली दे रहे- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने रैली में कहा कि महाविकास अघाड़ी के लोग महिलाओं को गाली दे रहे हैं। महाराष्ट्र की जनता इन्हें माफ नहीं करेगी। वे महिलाओं को सशक्त नहीं होने देना चाहते हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि MVA के लोग महिलाओं को नीचा दिखाते हैं। ये लाडली बहना योजना को बंद कर देंगे। कांग्रेस और उसके साथियों ने ठान लिया है कि अगर उन्हें सत्ता मिली, तो सबसे पहले इस योजना को बंद कर देंगे। इसलिए महाराष्ट्र की हर महिला को इन अघाड़ी वालों से सतर्क रहना है। ये लोग कभी नारीशक्ति की सशक्त होते हुए नहीं देख सकते। पीएम मोदी ने धुले की जनसभा में कहा कि विकसित महाराष्ट्र-विकसित भारत के लिए हमारी बहनों-बेटियों का जीवन आसान बनाना, उन्हें सशक्त करना बहुत जरूरी है। जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो पूरा समाज तेजी से प्रगति करता है। इसलिए, पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने महिलाओं को केंद्र में रखकर बड़े फैसले लिए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि पूरा महाराष्ट्र देख रहा है कि कांग्रेस और अघाड़ी वाले लोग अब महिलाओं को किस तरह गाली देने पर उतर आए हैं। कैसी-कैसी अभद्र भाषा, कैसे-कैसे कमेंट, महिलाओं को नीचा दिखाने की कोशिश। महाराष्ट्र की कोई माता-बहन कभी भी अघाड़ी वालों के इस कृत्य को माफ नहीं कर सकती।

आपके आशीर्वाद से महायुति की सरकार बनी- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि आपने महाअघाड़ी वालों के धोखे से बनी सरकार के 2.5 साल देखें हैं। इन लोगों ने पहले सरकार लूटी और फिर महाराष्ट्र के लोगों को लूटने में भी वो लोग लग गए थे। इन लोगों ने मेट्रो परियोजनाओं को ठप्प कर दिया। वधावन पोर्ट के काम में अड़ंगा लगा दिया, समृद्धि महामार्ग बनने में रुकावटें पैदा की। अघाड़ी वालों ने हर उस योजना पर रोक लगा दी, जिससे महाराष्ट्र के लोगों का भविष्य निश्चित उज्ज्वल होने वाला था। फिर आपके आशीर्वाद से यहां महायुति की सरकार बनी। महायुति की सरकार ने 2.5 वर्षों में महाराष्ट्र ने विकास के नए रिकॉर्ड बनाएं। शिंदे जी की कमान में 2.5 वर्षों में महाराष्ट्र को उसका गौरव और विकास का भरोसा वापस मिला है।

मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा दिया- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने चुनावी रैली में कहा कि मुझे गर्व है कि हमारी सरकार ने मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा दिया है। मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिले, ये दशकों से महाराष्ट्र के लोगों की इच्छा थी। कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र और केंद्र, दोनों जगह एक साथ सरकारें चलाईं। लेकिन, मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिले, इन्हें इसकी जरूरत नहीं लगी। इन्होंने हमेशा मराठी भाषा के सम्मान की मांग को अनदेखा किया। उन्हें अब भी परेशानी हो रही है कि मोदी ने ये काम कैसे कर दिया, क्यों कर दिया! महाराष्ट्र के नाम पर राजनीति करने वाले अघाड़ी वालों का यही असली चेहरा है।

हम आदिवासी परंपरा को पहचान दे रहे- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आदिवासियों के हितों की भी बात की। पीएम ने कहा कि आदिवासी विरासत को न्याय मिले, आदिवासी युवाओं के बेहतर भविष्य के काम में दशकों लग गए। जब अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार आई, तब अलग आदिवासी मंत्रालय बना। तब पहली बार आदिवासी हितों को, इस समाज की अपेक्षाओं को महत्व मिला। हमारी सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मजयंती पर ‘जनजातीय गौरव दिवस’ की शुरुआत की है। इसका मकसद यही है कि आदिवासी परंपरा को पहचान मिले। इस बार 15 नवंबर से अगले 1 वर्ष तक हम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्मजयंती मनाएंगे।

कांग्रेस एक जाति को दूसरे से लड़ा रही- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाने का खतरनाक खेल खेला जा रहा है। और ये खेल इसलिए खेला जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस कभी दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों को आगे बढ़ते नहीं देख सकती। यही कांग्रेस का इतिहास है। भाजपा ने हमेशा ‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीयत से काम किया है। इस संकल्प का प्रमुख हिस्सा हमारा आदिवासी समाज भी है। ये वो समाज है, जिनका देश की आजादी में, देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन कांग्रेस और उसके साथियों ने कभी आदिवासी गौरव, आदिवासी स्वाभिमान पर ध्यान नहीं दिया।

कांग्रेस ने बाबा साहेब अंबेडकर का विरोध किया

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि आजादी के समय कांग्रेस के समय बाबा साहेब अंबेडकर ने बहुत कोशिश की थी कि शोषितों-वंचितों को आरक्षण मिले। लेकिन नेहरू जी अड़े हुए थे कि किसी भी कीमत पर दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। बहुत मुश्किल से बाबा साहेब दलितों और पिछड़ों के लिए आरक्षण का प्रावधान करा पाए। नेहरू जी के बाद इंदिरा जी आई, उन्होंने भी आरक्षण के खिलाफ ऐसा ही रवैया जारी रखा। उनका भी मकसद यही था कि किसी भी कीमत पर एससी, एसटी, ओबीसी को प्रतिनिधित्व न मिल पाए।

पीएम मोदी ने कहा कि इंदिरा जी के बाद राजीव गांधी जी आए, उनकी भी सोच और अप्रोच अपने खानदान से अलग नहीं थी। राजीव गांधी ने भी ओबीसी आरक्षण का खुलकर विरोध किया था। ये लोग जानते थे कि अगर एससी, एसटी और ओबीसी समाज सशक्त हो गया, तो उनकी राजनीति की दुकान का शटर गिर जाएगा। राजीव गांधी के बाद अब इस परिवार की चौथी पीढ़ी के युवराज भी इसी खतरनाक भावना के साथ काम कर रहे हैं।

कांग्रेस का एजेंडा SC/ST समाज को तोड़ना- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा है – किसी भी तरह SC/ST समाज की एकता को तोड़े, OBC समाज की एकता को चकनाचूर कर दें। कांग्रेस चाहती है कि SC समाज अलग-अलग जातियों में बिखरा रहे, ताकि SC समाज की सामुहिक शक्ति कमजोर पड़ जाए। कांग्रेस OBC और ST समाज को भी अलग-अलग जातियों में बाटनें की कोशिश कर रही है।

 

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस ने दक्षिण मुंबई के कालबादेवी में 12 लोगों के पास से 2.3 करोड़ रुपये नकद जब्त किए

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महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। 23 नवंबर को चुनाव का रिजल्ट जारी होगा। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस ने दक्षिण मुंबई के कालबादेवी में 12 लोगों के पास से 2.3 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। शुक्रवार को अधिकारियों ने यह जानकारी साझा की। दरअसल गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। लोकमान्य तिलक मार्ग थाना पुलिस और निर्वाचन अधिकारियों ने गुरुवार की रात कुछ लोगों को रोका। अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों की जब तलाशी ली गई तो उनके पास से 2.3 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए।

नकदी ले जा रहे 12 लोग गिरफ्तार

तलाशी के दौरान नकदी लेकर जा रहे ये लोग न तो नकदी से संबंधित कोई डॉक्यूमेंट प्रस्तुत कर सके और न ही वे इतनी बड़ी रकम ले जाने का कारण बता पाए। बता दें कि राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद निर्वाचन आयोग के निर्देश पर गठित निगरानी टीम नकदी, शराब और अन्य संभावित प्रलोभनों जैसी वस्तुओं को लेकर अलर्ट है। शुक्रवार को अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में सुबह तक कागजी कार्रवाई की गई। पूछताछ के बाद पैसे को जब्त कर लिया गया। वहीं नकदीं ले जा रहे 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि बाद में जांच के लिए नकदी को आयकर विभाग को सौंप दिया गया है।

23 नवंबर को आएगा रिजल्ट

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 20 नवंबर को मतदान किया जाएगा। वहीं वोटों को गिनती और चुनाव परिणाम की घोषणा 23 नवंबर को की जाएगी। बता दें कि महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी और महायुति के  बीच कांटे की टक्कर है। महाविकास अघाड़ी में कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी, एनसीपीएसपी तीन प्रमुख पार्टियां हैं। वहीं महायुति में शिवसेना, भाजपा, एनसीपी तीम प्रमुख पार्टियां हैं। दोनों ही गठबंधन के दलों का कहना है कि अगली सरकार उनकी ही आ रही है। अब इसका फैसला तो 23 नवंबर को ही हो सकेगा।

चुनौती पूर्ण है दिनकर के काव्य ‘उर्वशी’ को मंचित करना

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(कुमार कृष्णन-विभूति फीचर्स)

ऋग्वेद में वैदिक संस्कृति की पहली कथा उर्वशी और राजा पुरुरवा की है। दो भिन्न संस्कृतियों की टकहराट की प्रतीक है यह मार्मिक प्रणय-गाथा। उर्वशी के लिए रामधारी सिंह ‘दिनकर’ को ज्ञानपीठ सम्मान से सम्मानित किया गया था।
हाल ही में कला संस्कृति एवं युवा विभाग,बिहार सरकार के सौजन्य एवं जिला प्रशासन,मुंगेर के सहयोग से कला जागरण,पटना द्वारा रामधारी सिंह दिनकर की अविस्मरणीय कृति उर्वशी का मंचन मुंगेर में किया गया। मुंगेर में इस मंचन के मायने है क्योंकि मुंगेर प्रमंडल के बेगूसराय का सिमरिया गाँव दिनकर की जन्मभूमि है ।

नाटक के कथानक का मूल है कि उर्वशी स्वर्ग लोक की मुख्य अप्सरा थी। वह देवों के राजा इन्द्र की सभा में नृत्य किया करती थी। परम सुन्दरी उर्वशी ने अपना हृदय किसी को अर्पित नहीं किया था। एक बार उर्वशी अपनी अन्य सखियों के साथ भूलोक पर भ्रमण के लिए गई, जहाँ एक असुर की उन पर दृष्टि पड़ी और उसने उनके अपहरण का प्रयास किया। उर्वशी की चीत्कार को सुन राज पुरूरवा ने असुर पर आक्रमण कर उसे मुक्त करा लिया| उर्वशी और पुरुरवा से एक पुत्र का जन्म होता है जिसका पालन महर्षि च्यवन की पत्नी सुकन्या द्वारा किया जाता है। आयु के सोलह वर्ष के होने पर सुकन्या उसे पुरुरवा की राजसभा में ले जाती है। अंत में अपना राजपाट पुत्र आयु को सौंपकर पुरुरवा वन चले जाते हैं।
नाटक की शुरुआत उर्वशी के स्वर्ग से पृथ्वी पर आगमन से होती है, जहां वह पुरूरवा से मिलती है। दोनों में प्रेम होता है, लेकिन उर्वशी को स्वर्ग वापस जाना पड़ता है। पुरूरवा उसके बिना जीवन का अर्थ नहीं समझ पाता और आत्मसमर्पण कर देता है।

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की रचना उर्वशी का नाट्य मंचन दर्शकों को प्रभावित करने में पूरी तरह सफल होता है।
नाटक के सभी पात्र अपनी -अपनी भूमिका में खरे उतरते हैं। उर्वशी की भूमिका में यामिनी, पुरुरवा की भूमिका में कुमार सौरभ और औशिनरी की भूमिका में श्रीपर्णा चक्रवर्ती ने अपने अभिनय कौशल से दर्शकों को प्रभावित किया। वहीं अन्य पात्र सुकन्या/चित्रालेखा के रूप में श्वेता सुरभि, नट की भूमिका में सौरभ सिंह, नटी /कंचुकी की भूमिका में अपराजिता, रंभा की भूमिका में अंकिता चौधरी, मेनका की भूमिका में कशिश राज, सहकन्या की भूमिका में तान्या शर्मा ,अपाला की भूमिका में आन्या सिंह, निपुणिका की भूमिका में चन्दावती कुमारी, अमात्य की भूमिका में चंदन राज, विश्वमना की भूमिका में मिथलेश कुमार सिन्हा, राक्षस की भूमिका में हरिकृष्ण सिंह मुन्ना और प्रतिहारी की भूमिका में अरविंद कुमार अपने अपने किरदार के साथ न्याय करते दिखे।

नाटकों के मंचन में संगीत केवल एक सहयोगी तत्व ही नहीं अपितु एक अनिवार्य अंग है। भरत से लेकर आज तक संगीत नाटकों को न सिर्फ लोकप्रिय बनाता रहा है अपितु उसकी गूढ व्यंजनाओं को भी सरलीकृत रूप में लोक-हृदय तक पहँचाने में अपनी सार्थक भूमिका निभाता आ रहा है। इस नाटक में भी संगीत का प्रयोग किया गया है। छंदबद्धता, लयात्मकता और संगीतात्मकता सुंदर है।

नाटक में संगीत निर्देशन सरोज दास का था, जबकि संगीत रचना का, मुख्य गायन स्वर नंदिता चक्रवर्ती का और कोरस स्वर नेहा पांडे, खुशी कुमारी और समाहिता का था, जो प्रभावोत्पादक रहा।
स्त्र विन्यास, रीना कुमारी का, प्रकाश एवं ध्वनि, उपेन्द्र कुमार का और यामिनी तथा मनोज मयंक का रूप सज्जा
अनुकुल था।

नाटक के सहायक निदेशक डॉ. किशोर सिन्हा के अनुसार उर्वशी के बारे में तो हर काल में गद्य में, पद्य में काफी कुछ लिखा गया है, पर राष्ट्र कवि दिनकर के काव्य में पहुँच कर सिर्फ उर्वशी ही अवतरित नहीं हुई है, उसके पीछे नारी के प्रति एक चिरंतन दृष्टि, सामाजिक ताना -बाना, पुरुषवादी संस्कृति की सोच और उससे भी बढ़कर स्त्री के उदार हृदय की वाणी भी अवतरित हुई है, नहीं तो कोई कारण नहीं था कि उर्वशी पुत्र आयु को, पुरुरवा पत्नी औशिनरी खुले हृदय और अगाध क्षमता के साथ स्वीकार कर लेती है। इसे नाट्य रुप में संपादित करना चुनौती से कम नहीं था।

निर्देशक सुमन कुमार के निर्देशन में मंचित इस नाटक में कलाकारों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। यह नाटक प्रेम, बलिदान और मानवीय संवेदनाओं की गहराई को उजागर करता है।(विभूति फीचर्स)