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मथुरा में एक साथ 40 गाय मृत मिलीं, दृश्य देख गौ संरक्षक दलों में फैला आक्रोश

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मथुरा के धौरेरा के जंगल में एक साथ 40 गाय मृत मिलीं, तो गौ रक्षा संगठनों में आक्रोश फैल गया। मार्ग जाम कर आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले में जांच का आश्वासन दिया है।

मथुरा के थाना जैंत क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने से लोगों में आक्रोश फैल गया। गोवंश के अवशेष देख आक्रोशित लोगों ने मथुरा-वृंदावन रोड जाम कर दिया। रोड जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जाम लगा रहे लोगों को समझाने का प्रयास करना शुरू कर दिया।

मथुरा वृंदावन रोड पर मिले अवशेष

शुक्रवार की सुबह मथुरा वृंदावन रोड स्थित पीएमवी कॉलेज के जंगलों की तरफ जब कुछ लोग गए तो वहां पर कुछ गोवंश मृत अवस्था में पड़े थे, तो कुछ के अवशेष पड़े थे। गोवंश के अवशेष देख लोगों में गुस्सा फैल गया। जिसके बाद गौ रक्षकों के अलावा तमाम हिंदूवादी संगठनों को इसकी सूचना दी गई।

मथुरा वृंदावन रोड किया जाम

गोवंश के शव और अवशेष मिलने की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में गौ रक्षक और हिंदूवादी दलों से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित हुए लोगों ने मथुरा वृंदावन रोड जाम कर दिया। जिसके कारण दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई।

14 दिसंबर को हॉरर फिल्म ‘ब्लडी इश्क़’ का स्टार गोल्ड पर होगा वर्ल्ड प्रीमियर 

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                        ‘बालिका वधू’ फेम अविका गोर और अभिनेता वर्धन पुरी अभिनीत हॉरर-थ्रिलर ‘ब्लडी इश्क’ का वर्ल्ड प्रीमियर स्टार गोल्ड पर 14 दिसंबर को रात 8 बजे होगा। विक्रम भट्ट की यह फिल्म में सेंसेशनल ट्विस्ट और अनपरिडिक्टेबल टर्न्स समाहित है। यह फिल्म एक पावर-पैक एंटरटेनिंग फिल्म है जो दर्शकों को उनकी टीवी स्क्रीन के सामने बैठाये रखेगा। ‘ब्लडी इश्क’ एक प्रेमी जोड़े नेहा और रोमेश की कहानी बयां करती है। नेहा के जीवन में कुछ भयानक रहस्यमय घटनाएं होती हैं जिसकी वजह से उसकी याददाश्त चली जाती है। उनका समुद्र तटीय सुंदर घर झूठ और धोखे का भूतिया घर बन जाता है, क्योंकि नेहा को पता चलता है कि रोमेश उससे रहस्य छिपा रहा है। आगे क्या होता है, जब पत्नी स्वतः यह उजागर करना शुरू कर देती है कि उसका पति क्या छिपा रहा है, जबकि वह एक डरावनी अशुभ शक्ति से घिरा हुआ है, यही सस्पेंस फिल्म का क्लाइमेक्स है जो युगल जोड़ी के रोमांचक कहानी का मूल आधार है। ‘ब्लडी इश्क’ के मेकिंग की विस्तृत चर्चा करते हुए निर्देशक विक्रम भट्ट कहते हैं ” ‘ब्लडी इश्क’ में मैने एक क्लासिक हॉरर फिल्म को एक जबरदस्त प्रेम कहानी के रूप में स्क्रीन पर उतारने का प्रयास किया है। ‘ब्लडी इश्क’ मेरे लिए बेहद निजी प्रोजेक्ट है।
जिसमें जहां एक ओर नेहा के रूप में अविका गोर का किरदार इंटेंस और वर्नेरेबल दोनों है वहीं दूसरी ओर रोमेश के रूप में वर्धन पूरी का प्रदर्शन शानदार और मनोरम है। उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री शानदार है, और उन्होंने किरदारों को इस तरह से जीवंत कर दिया है जो रोमांचक और अविस्मरणीय है। अब जब 14 दिसंबर को रात 8 बजे स्टार गोल्ड पर ब्लडी इश्क का प्रीमियर होगा तो यह काफी बड़े दर्शकों तक पहुंचेगा, मुझे यकीन है कि हर कोई इस फिल्म का आनंद  उठाएगा।”
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

Mahakumbh : महाकुंभ के लिए आज संगम पर गंगा पूजन करेंगे पीएम मोदी

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New Delhi करोड़ों की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी अमृत काल के सिद्धि योग में वह मानवता की अमूर्त धरोहर के तौर पर विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम के रूप में महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन करेंगे। पूजन में उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जेटी पर मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी 55 सौ करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज संगम पर जब पहुंचेंगे, तब अमृत काल लग चुका होगा। अमृत काल के सिद्धि योग में वह मानवता की अमूर्त धरोहर के तौर पर विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम के रूप में महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन करेंगे। पूजन में उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जेटी पर मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी 55 सौ करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री संगम पर दोपहर 12:15 बजे पहुंचेंगे। काली मछली निशान वाले तीर्थ पुरोहित पं. दीपू मिश्रा के आचार्यत्व में सात वैदिक आचार्य पूजा कराएंगे। अमृत कलश की पूजा के लिए तैयार की गई भव्य जेटी पर मंत्रोच्चार के साथ पहले गौरी-गणेश का पूजन होगा। प्रधानमंत्री महाकुंभ के वैश्विक आयोजन की सफलता की कामना करने के साथ ही विश्व शांति के लिए भी मां गंगा से प्रार्थना करेंगे। करीब 20 मिनट तक पूजा के बाद पीएम गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर मां गंगा की आरती भी उतारेंगे।

प्रयागराज में बिजली विभाग की लापरवाही से गौ माता ने बचाई कई जिंदगियां

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उत्तर प्रदेश: प्रयागराज के मेजा सिरसा नगर पंचायत क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही से एक बड़ा हादसा होने से बचा। घटना तब घटी जब बिजली के खंबे में लाइनमैन की लापरवाही के कारण बिजली का खतरनाक तार ढीला हो गया था। यह खंभा महुआ कोठी मोहल्ले के पास था, जहां बच्चे पढ़ने आते थे। अगर तार गिरकर किसी पर गिर जाता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।

इस खतरनाक स्थिति से गौ माता ने अपने जीवन की आहुति देकर कई लोगों की जान बचाई। बीरबल नामक एक व्यक्ति जो गांधीनगर का निवासी है और गौ माता का मालिक है, अपनी गौ के बलिदान से सभी को सुरक्षित बचाने में कामयाब हुआ। गौ माता ने तार को छुआ और इस कारण करंट लगने से उसकी मृत्यु हो गई, लेकिन इसने आसपास के लोगों को बचा लिया, खासकर बच्चों को, जो पास में पढ़ाई कर रहे थे।

यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर करता है, क्योंकि खंभे में तारों की स्थिति सही नहीं थी। इस मामले में बिजली विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। बीरबल और उनके परिवार को न तो कोई अधिकारी मिलने आया और न ही उनके नुकसान की भरपाई की गई।

स्थानीय लोग और समाजसेवी अब बिजली विभाग से यह अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द खंबों का ठीक से निरीक्षण किया जाए और सभी खंबों को सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य जान का नुकसान न हो। इसके साथ ही बिजली विभाग की लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की जा रही है।

कई लोगों का मानना है कि यदि ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ग्राउंड बिजली व्यवस्था लागू की जाए तो भविष्य में किसी भी प्रकार का हादसा टला जा सकता है।

सिर्फ 250 रुपये में गाय देगी बछिया को जन्म, बाछा होने पर पूरा पैसा वापस

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गया : गाय पालने वाले पशुपालकों के लिए एक अच्छी खबर है. अब गाय बछड़ा की जगह सिर्फ बछिया ही जन्म देगी. इसके लिए सेक्स शार्टेड सीमेन तैयार किया गया है. इस सीमेन के प्रयोग से बछड़ों की जगह पर गायों में केवल बछिया का जन्म होगा. इस सीमेन के प्रयोग से 90 फीसद बछिया जन्म लेने की बात कही जा रही है. आधुनिकता के इस दौर में बैल की उपयोगिता नहीं के बराबर है. डेयरी उत्पाद की मांग बढ़ने के कारण गाय की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. हर पशुपालक चाहते है कि उनकी गाय सिर्फ बछिया को जन्म दे. केंद्र सरकार ने इसके लिए विशेष सीमेन इजाद की है जिसका नाम सेक्स सॉर्टड सीमन है. यह ऐसा सीमेन है जिसके उपयोग से गाय 85 से 90 फीसदी बछिया को ही जन्म देगी.

गौरतलब हो कि पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए बाजार में औसतन 12 से 15 सौ रुपये में सीमेन मिलता था लेकिन यह सीमेन पशुपालकों को मात्र ढाई सौ रुपये(250 रुपये) में मिल रहा है. केंद्र सरकार ने इस सीमेन पर अनुदान की व्यवस्था कर दी है. प्रति पशु दो बार सीमेन के लिए किसानों को अनुदान मिलेगा. गर्भ नहीं ठहरने पर पूरी राशि पशुपालकों के बैंक खाते में वापस आएगी. इस सीमेन से 90 प्रतिशत तक बछिया ही पैदा होने का दावा विभाग कर रही है. हालांकि 10 प्रतिशत गाय से अगर नर पशु(बाछा) पैदा होता है तो फिर ऐसे पशुपालकों द्वारा दावा करने पर सीमेन की राशि बैंक खाते में वापस करने का प्रावधान किया गया है.

पशुपालन मगध क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. निर्मल कुमार सिंह ने लोकल 18 को बताया कि पशुधन के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमन बहुत अच्छी पहल है. मगध प्रमंल के सभी जिलों में जरूरतमंद किसान मवेशी अस्पताल से संपर्क कर सेक्स सॉर्टेड सीमन का उपयोग करवा रहे हैं. इन्होने बताया कि सेक्स सॉर्टेड सीमन से 90 फीसदी बछिया ही जम्न लेती है. इससे मवेशी पालकों को बहुत लाभ है. दूध का उत्पादन बढ़ेगा.

इन्होंने बताया पिछले कई सालों से देखा जा रहा है कि बैल की उपयोगिता नहीं के बराबर है. बैल(बाछा) जन्म होने पर किसानों के सामने कई तरह की परेशानी आती है. अब जब सेक्स सॉर्टेड सीमन से बछिया जन्म लेगी तो बैल से होने वाली समस्या समाप्त हो जाएगी. अक्सर देखा जाता रहा था कि बाछा या बैल को ऐसे ही रोड पर छोड दिया जाता है जिस कारण सडक दुर्घटना भी अधिक हो रही थी और पशु तस्करी भी होती थी. इसी को ध्यान में रखते हुए तथा पशुपालकों की आमदनी दोगुनी करने के उद्देश्य से सरकार ने ऐसी सीमेन तैयार की है. मगध प्रमंडल के सभी जिलों के पशु अस्पताल में यह सीमेन उपलब्ध है.

 

साइड इफेक्‍ट्स की परवाह छोड़ने की इच्‍छा रखने वालों के लिये पार्टीस्‍मार्ट एक गेम-चेंजर है-आदित्‍य रॉय कपूर 

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मुंबई (मुंबई): बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और पार्टीस्‍मार्ट के ब्रैंड एम्‍बेसेडर आदित्‍य रॉय कपूर ने मुंबई में एक शानदार कार्यक्रम के दौरान पार्टीस्‍मार्ट गमीज़ की पेशकश की। हैंगओवर प्रीवेंशन कैटेगरी में यह अपनी तरह का पहला लॉन्‍च था। आदित्‍य ने पार्टी करने का एक ज्‍यादा स्‍मार्ट तरीका दिया है। इसके साथ उपभोक्‍ता सुरक्षित, प्राकृतिक एवं सुविधाजनक तरीके से जश्‍न का मजा ले सकते हैं। वह जिम्‍मेदारी से जश्‍न मनाएंगे और उन्‍हें पार्टी के बाद होने वाली परेशानियों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। चिकित्‍सकीय आधार पर प्रमाणित सुरक्षा के साथ, बिना दुष्‍प्रभाव के और अनोखे गमी फॉर्मेट में पार्टीस्‍मार्ट त्‍यौहारों के इस सीजन में जश्‍न मनाने का अंदाज़ बदलने जा रहा है।
पार्टी गुरु आदित्‍य रॉय कपूर को हाल ही में पार्टीस्‍मार्ट का चेहरा बनाया गया है, ने नये उत्‍पाद को लेकर अपना रोमांच दिखाते हुए कहा, ‘‘पार्टीस्‍मार्ट के इस शानदार इवेंट का हिस्‍सा बनकर मैं बहुत उत्‍साहित हूँ। यहाँ हम बेहतरीन पलों का मजा लेने के लिये आये हैं और तय कर रहे हैं कि हमारा तरीका स्‍मार्ट भी हो। सामाजिक आयोजनों में जबर्दस्‍त तरीके से वक्‍त बिताने और उसके बाद साइड इफेक्‍ट्स की परवाह छोड़ने की इच्‍छा रखने वालों के लिये पार्टीस्‍मार्ट एक गेम-चेंजर है।
हिमालया वेलनेस के बिजनेस डायरेक्‍टर राजेश कृष्‍णमूर्ति ने कहा, “एक कंपनी के तौर पर हम हमेशा से ऐसे उत्‍पादों की आपूर्ति के लिये प्रतिबद्ध रहे हैं, जो प्रकृति का संयोजन विज्ञान से करते हैं। इस तरह से हम सुनिश्चित करते हैं कि हमारे उपभोक्‍ता स्‍वस्‍थ रहें। पार्टीस्‍मार्ट हमारी इसी सोच को दिखाता है। यह सुरक्षित होने, लिवर की सेहत में सहयोग देने और लोगों को सशक्‍त करने के लिये चिकित्‍सकीय आधार पर प्रमाणित है, ताकि वे अपनी तंदुरुस्‍ती से समझौता किये बिना जिम्‍मेदार तरीके से जश्‍न का मजा ले

गौ-शालाओं को स्वावलम्बी बनाने का नवाचार

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पन्ना: किसानों की आय बढ़ाने और गौ-शालाओं को स्वावलम्बी बनाने का नवाचार – दक्षिण पन्ना वन मंडल द्वारा गोबर हस्तशिल्प कार्यशाला का 3 दिवसीय प्रशिक्षण पवई में किया गया। प्रशिक्षण वन विभाग के ग्रीन इंडिया मिशन अंतर्गत स्थानीय जीविकोपार्जन विकास के लिये आयोजित किया गया। कार्यशाला में गौ-शालाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़, सशक्त और स्वावलम्बी बनाने की दिशा में एक विशेष पहल की गयी। पवई परिक्षेत्र के अंतर्गत विद्यासागर गौ-वंश समिति की गौ-शाला में कार्यशाला आयोजित की गयी। इसमें पवई और मोहन्द्रा क्षेत्र के लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यशाला में ग्रामीणों को गोबर से बनाये जाने वाले विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के बारे में सिखाने के लिये वन विभाग ने स्वानंद गौ-विज्ञान के संस्थापक श्री जितेन्द्र भकने को आमंत्रित किया था। ग्रामीणों को उत्पादों की मार्केटिंग पर मार्गदर्शन देने के लिये गौ-इरा स्टार्ट-अप की फाउण्डर सुश्री कृति अग्रवाल भी उपस्थित थीं।

प्रतिभागियों ने कार्यशाला में गोबर से दीपक, श्रीगणेश, आदि योगी एवं भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ, माता लक्ष्मी के चरण, मोबाइल होल्डर और साज-सज्जा की कई आकर्षक वस्तुएँ बनाना सिखाया गया। पवई उप वन मण्डल अधिकारी श्रीमती कल्पना तिवारी एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री नीतेश पटेल ने कार्यशाला का पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन किया। कार्यशाला के सफल आयोजन में डिप्टी रेंजर  बी.के. खरे, वन-रक्षक  दिनेश राठौर,   जयप्रकाश नारायण दुबे और मनीष वर्मा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। गोबर हस्तशिल्प उत्पादन प्रशिक्षण की द्वितीय 3 दिवसीय कार्यशाला 13 से 15 दिसम्बर तक आयोजित की जायेगी।

सचिन गुर्जर बने सुमावली विधानसभा से गौ विधायक

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मुरैना – बंधा गांव में जोधा बाबा मन्दिर पर आज गौसेवकों के द्वारा गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें मुख्य रूप से जोधा बाबा मन्दिर के महंत मुखिया बाबा भारती व बाबा कृष्णा भारती उपस्थित रहे बैठक का आयोजन गौमाता राष्ट्रमाता प्रतिष्ठा आंदोलन के निमित्त किया गया जिसमें आगामी कार्यक्रम व आंदोलन की रूप रेखा बनाई गई बैठक में जिले व ग्राम पंचायतों में गौ ध्वज की स्थापना, चम्बल गौ अभ्यारण, गौमाता को राज्य में राज्यमाता का दर्जा दिलाने आदि कार्यक्रम पर चर्चा हुई
बैठक में परम्अराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी व गोपालमणि महाराज जी के निर्देशानुसार जोधा बाबा मन्दिर के महंत मुखिया बाबा व बाबा कृष्णा भारती के आशीर्वाद से गौ सांसद रुद्रप्रताप सिंह रणबंका के द्वारा सुमावली विधानसभा से सचिन गुर्जर को गौ विधायक नियुक्त कर नियुक्ति पत्र प्रदान किया गोष्ठी में गौ रक्षा दल के चम्बल संभाग अध्यक्ष सौरभ कुशवाह,जिला अध्यक्ष राहुल राठौर, नवीन पंडित, अरुण कंसाना, रवि अटल, मातादीन, राहुल सिंह, जशवंत सिंह, हरेंद्र सिंह गुर्जर, अमरेश गुर्जर, राजकिशोर राठौर, अशोक कुमार, पान सिंह, पटेल राठौर, आकाश रजक, अंकित राठौर आदि गौसेवक उपस्थित रहे।

 

एनपीसीआई ने लॉन्च किया ‘रूपए  ऑन -द -गो ‘ कैंपेन

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मुंबई (अनिल बेदाग): नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया  ने अपने नवीनतम अभियान ‘रूपए  ऑन -द -गो ‘ को लॉन्च किया है। यह अभियान नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे अपनाने के लिए शुरू किया गया है। इस अभियान में रूपए एन सी एम सी को ट्रांजिट के लिए सबसे उपयुक्त पेमेंट समाधान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो अद्वितीय गति, सुविधा और सरलता प्रदान करता है।
रूपए एनसीएमसी एक नया भुगतान समाधान है, जो भारत के परिवहन टिकटिंग प्रणाली से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करता है। अपने एकीकृत, ओपन-लूप और अंतर-संचालित डिजाइन के साथ, यह कार्ड मेट्रो, बस, टोल, पार्किंग और रिटेल भुगतान को एक ही समाधान में समेकित करता है। स्टोर्ड वैल्यू फंक्शन के साथ, यात्री तेज़ और ऑफ़लाइन लेन-देन का लाभ उठा सकते हैं, जो इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने पर भी उनकी यात्रा को तेज़ और निर्बाध बनाता है।
रूपए एनसीएमसी अब भारत के विभिन्न परिवहन नेटवर्क्स में सक्रिय है, जिनमें मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद और कानपुर जैसे शहरों की मेट्रो शामिल हैं, साथ ही मुंबई (बेस्ट), गुवाहाटी, हरियाणा, जम्मू, श्रीनगर, हिमाचल और औरंगाबाद जैसे शहरों की बस सेवाएं भी इसमें शामिल हैं।
‘रूपए ‘ अभियान रूपए एनसीएमसी की उपयोगिता को उन गतिशील व्यक्तियों के लिए प्रस्तुत करता है, जो समय और प्रभावशीलता को महत्व देते हैं। मेट्रो और बसों में मल्टीमोडल उपयोग को सक्षम बनाकर यह अभियान नियमित यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करता है। रूपए कार्ड पर मौजूद कॉन्टैक्टलेस सिंबल इसे सार्वजनिक परिवहन के साथ जोड़ता है, जबकि इसका बहुआयामी उपयोग इसे आधुनिक और गतिशील जीवनशैली के लिए एक प्रमुख विकल्प उपलब्ध करता है।’ को लॉन्च किया है। यह अभियान रूपए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे अपनाने के लिए शुरू किया गया है। इस अभियान में RuPay NCMC को ट्रांजिट के लिए सबसे उपयुक्त पेमेंट समाधान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो अद्वितीय गति, सुविधा और सरलता प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव का एक साल चाणक्य बने या चुनौतियों से घिरे

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(पवन वर्मा-विनायक फीचर्स)

समय, काल, परिस्थिति पर किसी का बस नहीं चलता, ठीक एक साल पहले यानि दिसंबर के शुरूआती दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में शिवराज सिंह चौहान सबसे बड़ा नाम हुआ करते थे मध्यप्रदेश की पूरी राजनीति उनके आसपास ही सिमटी हुई थी, लेकिन उसी दिसंबर में वक्त बदला भाजपा के विधायक दल की बैठक शुरू होने से पहले मोहन यादव पांचवी पंक्ति में बैठे थे, चंद मिनट बाद वे प्रथम पंक्ति के सबसे अहम किरदार हो गए। इस वक्त मध्य प्रदेश भाजपा की राजनीति में शिवराज सिंह चौहान के कद के समान कोई दूसरा नेता नहीं था। मुख्यमंत्री की दौड़ में शिवराज सिंह चौहान के साथ कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल जैसे दिग्गजों के नाम थे। इन सबके बावजूद मोहन यादव को मुख्यमंत्री का ताज दिया गया। मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनते ही उनके सामने कई चुनौतियां थी। जिसमें सबसे पहली चुनौती अपने काम के बल पर सफलता की नई कहानी लिखने की थी। तो दूसरी तरफ चाणक्य बनकर राजनीति की आड़ी तिरछी चालों से मुकाबला करना था।

अब इस दिसंबर में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस पद पर बने हुए एक साल हो रहा है। इस एक साल में उनके खाते में उपलब्धियां खूब आई तो राजनीति की चालों में वे विरोधियों के साथ साथ अपनों के निशाने पर भी रहे और उनके वार भी झेलते रहे। वहीं अपनी कूटनीति और रणनीति से वे प्रदेश भाजपा के कई मजबूत नेताओं को एक निश्चित दायरे में सीमित करने में भी सफल रहे। विरोधाभास यह भी कि कई फैसलों में दिल्ली ताकतवर नजर आई तो कई फैसलों में अफसरशाही हावी दिखाई दी। डॉ. मोहन यादव ने जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती मध्य प्रदेश भाजपा के ताकतवर नेताओं के कद्दावर कद के बीच में स्वयं को स्थापित करने की थी।

सबसे पहले उनके सामने चुनौती तब आई जब उनके मंत्रिमंडल में कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल जैसे राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मध्य प्रदेश के दिग्गज और वरिष्ठ नेताओं को मंत्री बना दिया गया। इनके साथ ही प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रहे राकेश सिंह को भी मंत्रिमंडल में जगह दे दी गई। हालांकि भाजपा में यह परम्परा नई नहीं थी, बाबूलाल गौर को मुख्यमंत्री पद से हटाकर उन्हें शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था । इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी भी सुंदरलाल पटवा के मंत्रिमंडल में शामिल हुए। मंत्रिमंडल के गठन के पहले ही दिन से इस चुनौती से मोहन यादव जूझते रहे। हालांकि कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह ने भी मुख्यमंत्री का साथ दिया और उनके कदम से कदम मिलाकर निर्णयों का स्वागत किया। इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री इस चुनौती से वे उभरते दिखाई दे रहे थे लेकिन राजनीति सदैव परिवर्तन शील ही रहती है यह तब दिखाई दिया जब दिसंबर में हुई कैबिनेट की बैठक में कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने सड़कों को लेकर आए प्रस्ताव पर आपत्ति जता दी। यानि दिग्गजों की इस चुनौती से मोहन यादव पूरी तरह से उभर नहीं सकें हैं।

सिमटते शिवराज सिंह

इधर मुख्यमंत्री बनने के बाद महज 6 महीने बाद ही शिवराज सिंह चौहान विदिशा लोकसभा सीट से सांसद बनकर दिल्ली चले गए। वे वहां केंद्रीय कृषि मंत्री बन गए। शिवराज सिंह चौहान का दिल्ली जाना मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए सुखद रहा। दरअसल शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के रूप में मध्य प्रदेश में खासी लोकप्रियता हासिल कर ली थी। वे महिलाओं के भाई और मामा बन चुके थे। युवाओं में भी उनका क्रेज कम नहीं था। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शिवराज सिंह चौहान के नाम और लोकप्रियता के आगे स्वयं को स्थापित करना भी कम चुनौती भरा नहीं था। शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं प्रदेश में लागू की। जिसमें लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना ने उन्हें लोकप्रियता के शिखर तक पहुंचा दिया। मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान पूरे प्रदेश में सक्रिय थे। मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद जब चौहान केंद्रीय मंत्री बने तो मध्यप्रदेश में वे केवल विदिशा-रायसेन-सीहोर और देवास जिले तक यानि अपने लोकसभा क्षेत्र तक ही सिमट गए हैं। वैसे केंद्रीय कृषि मंत्री के रुप में शिवराज सिंह मध्य प्रदेश के बाहर दूसरे राज्यों में अब खासे सक्रिय हो गए हैं।

संगठन में भी सफल रहे यादव

डॉ. मोहन यादव ने जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तब संगठन में उनके समर्थकों की संख्या कम थी, उस वक्त संगठन के अधिकांश नेता शिवराज सिंह चौहान की ताारीफों के कसीदे गढ़ते थे लेकिन अब इनमें से अधिकांश नेता मोहन यादव के समर्थक हो गए हैं। इस मामले में वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा से ज्यादा मजबूत माने जाने लगे हैं। संगठन के पदाधिकारी मोहन यादव के निर्णयों का खासा प्रचार कर, उनकी लोकप्रियता बढ़ाने में जुटे हुए हैं। इस काम में लगभग पूरा संगठन मुख्यमंत्री के साथ कदम ताल करने लगा है। हालांकि केंद्रीय योजनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम-काज का प्रचार करने में ये पदाधिकारी उतने सक्रिय नहीं हैं, जितने डॉ. मोहन यादव की योजनाओं और कामकाज का प्रचार-प्रसार और तारीफ करते हैं।

अफसरों पर कभी भारी तो कभी कमजोर

मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के तेवर देख कर अफसर भी दंग थे। शाजापुर जिले के तत्कालीन कलेक्टर किशोर कान्याल ने एक ड्राइवर को अपमानित कर दिया, इस पर मुख्यमंत्री ने उनका तबादला कर दिया। ऐसे ही कई उदहारण उन्होंने अफसरशाही में प्रस्तुत किए। इसी दौरान उन्होंने ऐसे अफसरों को फील्ड से हटाया जो लंबे समय से फील्ड में पदस्थ थे। इससे कई ऐसे अफसरों को मौका मिला जो कुछ वर्षो से उपेक्षा का शिकार सा महसूस कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय में अफसरों की पदस्थापना की। इन्हीं में से एक अफसर को मुख्य सचिव बनाए जाने की चर्चा होने लगी थी, लेकिन मुख्य सचिव का फैसला दिल्ली से ही तय हुआ माना गया। वहीं इसी दौरान उन्होंने किशोर कान्याल को श्योपुर जिले का फिर से कलेक्टर बना दिया, यानि उनके तेवर कान्याल को लेकर क्यों नरम हुए, यह सवाल खड़ा हो गया। दूसरी ओर पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति में मोहन यादव ने अपनी ताकत का अहसास करवाया और अपनी पसंद के कैलाश मकवाना को यहां पर पदस्थ किया। इसके साथ साथ चर्चाएं तो यह भी हैं कि अफसर मुख्यमंत्री के आदेशों में जमकर अडंगे लगा रहे हैं और मुख्यमंत्री के सैकड़ों आदेशों को दबा दिया गया है।

उम्मीदें जो बाकी हैं

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. यादव का एक साल अच्छे से बीत गया, अब आने वाले वर्षो में उनसे सबसे ज्यादा उम्मीद उन लाड़ली बहनों को होगी, जिन्हें पिछले साल से ही हर महीने 1250 रुपए मिल रहे हैं। यह राशि तीन हजार रुपए तक ले जाने का भाजपा का वादा है। अब इस राशि में कब बढ़ोतरी होती है, इस उम्मीद में प्रदेश में सवा करोड़ से ज्यादा महिलाएं हैं। वहीं मध्य प्रदेश में इन दिनों रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव हो रहे हैं। इसमें आने वाले निवेश का भी लोगों को इंतजार है, बेरोजगारों को रोजगार का इंतजार है। राज्य पर बढ़ते कर्ज के बोझ से कैसे छुटकारा मिलेगा इसका भी लोगों को इंतजार है।

कुल मिलाकर एक साल में डॉ. मोहन यादव प्रदेश में चुनौतियों से लगभग उभर चुके हैं और मजबूती से स्थापित हो गए हैं, अब दूसरा साल उनका शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय नेताओं और केंद्रीय सरकार से भरपूर सहयोग मिलने से यह उम्मीद की जा सकती है कि मुख्यमंत्री का दूसरा साल पहले साल से बेहतर साबित होगा और उनके कार्यकाल में मध्यप्रदेश के नागरिकों का जीवन सुख,समृद्धि और खुशहाली से भरपूर रहेगा।(विनायक फीचर्स)