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जलगांव ट्रेन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ी, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

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जलगांव: जलगांव जिले में एक ट्रेन में आग की अफवाह के बाद पटरी पर उतर गए कुछ यात्री पास की पटरी पर विपरीत दिशा से आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गये और इस हादसे में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 लोग घायल हो गए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार घायलों का मुफ्त इलाज कराएगी।

पूरे हालात पर हमारी नजर

देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘पचोरा के निकट एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कुछ लोगों की मौत बहुत दर्दनाक है। मैं उन्हें अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरे सहयोगी मंत्री गिरीश महाजन और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और जिला कलेक्टर कुछ ही समय में वहां पहुंच रहे हैं। पूरा जिला प्रशासन रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहा है और घायलों के इलाज के लिए तत्काल इंतजाम किए जा रहे हैं। आठ एंबुलेंस भेजी गई हैं। घायलों के इलाज के लिए सामान्य अस्पताल के साथ-साथ आसपास के अन्य निजी अस्पतालों को तैयार रखा गया है। आपातकालीन प्रणालियों जैसे ग्लासकटर, फ्लड लाइट आदि को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। हम पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सभी आवश्यक सहायता तुरंत प्रदान की जा रही है। मैं जिला प्रशासन के संपर्क में हूं।’

माहेजी और परधाडे स्टेशनों के बीच की घटना

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने जिलाधिकारी द्वारा दी गई सूचना के हवाले से कहा कि यह दुर्घटना पचोरा के निकट माहेजी और परधाडे स्टेशनों के बीच हुई जहां शाम करीब पांच बजे लखनऊ-पुष्पक एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह के कारण किसी ने चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई। मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता स्वप्निल नीला ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस के कुछ यात्री नीचे उतर गए और बेंगलुरु से दिल्ली जा रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।

‘ब्रेक बाइंडिंग’ की वजह से निकली चिंगारी

जहां यह हादसा हुआ वह मुंबई से 400 किलोमीटर से अधिक दूर है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि  ‘‘हमारी प्रारंभिक जानकारी है कि पुष्पक एक्सप्रेस के एक कोच में ‘हॉट एक्सिल’ या ‘ब्रेक बाइंडिंग’ (जैमिंग) की वजह से चिंगारी निकली और कुछ यात्री घबरा गए। उन्होंने चेन खींच दी और उनमें से कुछ नीचे कूद गए। उसी समय पास की पटरी से कर्नाटक एक्सप्रेस गुजर रही थी और कुछ यात्री ट्रेन की चपेट में आ गए।”

 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर विशेष – क्रांतिवीर नेताजी सुभाषचंद्र बोस

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 *जय हिंद के नारे से राष्ट्रीय चेतना जगाने वाले क्रांतिवीर नेताजी सुभाषचंद्र बोस*
(अतिवीर जैन “पराग”-विनायक फीचर्स)
     सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक उड़ीसा के एक बंगाली कायस्थ परिवार में हुआ था l उनके सात भाई और छह बहनें थी l वह अपने माता पिता की नौवीं संतान थे l इनके पिता जी का नाम जानकीनाथ बोस और माता का नाम प्रभावती था l
पिता जानकी नाथ बोस कटक के प्रसिद्ध वकील थे l  पहले वे सरकारी वकील थे l बाद में उन्होंने सरकार की वकालत छोड़कर अपनी प्रैक्टिस शुरू कर दी थी l  बंगाल विधानसभा के सदस्य भी रहे थे l अंग्रेज सरकार ने उन्हें रायबहादुर का खिताब दिया था l 1930 में महात्मा गांधी ने जब सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया तो ब्रिटिश सरकार ने उसे कुचलने के लिए आतंक और दमन का मार्ग अपनाया l इसके विरोध स्वरूप जानकीनाथ ने अपना रायबहादुर का खिताब वापस कर दिया था l अपने सभी भाइयों में सुभाष को सबसे अधिक लगाव दूसरे नंबर के भाई शरद चंद्र बोस से था l
    नेताजी ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई कटक से ही पूरी की l और उसके बाद वे कोलकाता चले गए जहां पर प्रेसीडेंसी कॉलेज से दर्शनशास्त्र में 1919 में  स्नातक किया l सितंबर 1919 में नेताजी भारतीय सिविल सेवा  (आईसीएस ) के लिए इंग्लैंड पढ़ने चले गए l 1920 में आवेदन कर इस परीक्षा में उन्होंने चौथा स्थान प्राप्त किया l पर जलियांवाला बाग के नरसंहार से व्यथित और भारत की आजादी के लिए व्याकुल नेताजी ने 1921 में भारतीय सिविल सेवा से इस्तीफा दे दिया l जून 1921 में मानसिक एवं नैतिक विज्ञान में ऑनर्स की डिग्री लेकर सुभाष चंद्र वापस स्वदेश लौट आए l
    भारत लौटकर आने के बाद वे स्वतंत्रता की लड़ाई में कूद गए l रविंद्रनाथ टैगोर की सलाह पर सबसे पहले मुंबई गए l और महात्मा गांधी से मुलाकात की l महात्मा गांधी मुंबई में मणिभवन में रहते थे l जहां 20 जुलाई 1921 को सुभाष चंद्र की गांधी जी के साथ पहली मुलाकात हुई l गांधी जी ने उन्हें कोलकाता जाकर चितरंजनदास के साथ काम करने की सलाह दी l उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ज्वाइन किया l नेताजी श्री देशबंधु चितरंजनदास को अपना राजनीतिक गुरु और स्वामी विवेकानंद को अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे l
ब्रिटिश राज सिंहासन के वारिस प्रिंस ऑफ वेल्स के नवम्बर 1921 में भारत दौरे का ऐलान किया गया l कांग्रेस ने इस दिन युवराज के मुंबई में उतरने के दिन सम्पूर्ण हड़ताल का आव्हान कर दिया l कोलकाता में देशबंधु के साथ सुभाष चंद्र ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया l दिसंबर 1921 के दूसरे हफ्ते में देशबंधु तथा अन्य नेताओं के साथ सुभाष को भी गिरफ्तार कर लिया गया l और अलीपुर की सेंट्रल जेल में रखा गया l आठ महिनों बाद इन्हें जेल से छोड़ा गया l य़ह सुभाष की पहली गिरफ्तारी थी l अपने जीवन मे सुभाष की कुल ग्यारह बार गिरफ्तारी हुई l इसी के साथ सुभाष चंद्र बोस देश के बड़े नेताओं में शामिल हो गये l
  सन 1928 में कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में कोलकाता में संपन्न हुआ इस अधिवेशन में गांधी जी ने अंग्रेजों से भारत को डोमिनियन स्टेट का दर्जा देने की मांग की l लेकिन सुभाष बाबू पूर्ण स्वराज की मांग की बात कर रहे थे l अंत में तय हुआ कि अंग्रेज सरकार को डोमिनियन स्टेट देने के लिए एक साल का वक्त दिया जाए l और अगर एक साल में अंग्रेज सरकार नहीं मानती है तो कांग्रेस पूर्ण स्वराज की मांग करेगी l अंग्रेज सरकार ने एक साल में यह मांग नहीं पूरी की l इसलिए 1930 में जब कांग्रेस का वार्षिक अधिवेशन जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में लाहौर में हुआ तब तय किया गया कि 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाएगा l  26 जनवरी 1931 को कोलकाता में राष्ट्रध्वज फहराकर सुभाष चंद्र एक विशाल मोर्चे का जब नेतृत्व कर रहे थे पुलिस ने उन पर लाठी चलाई l और उन्हें घायल कर जेल भेज दिया l जब सुभाष जेल में थे तब गांधी जी ने अंग्रेज़ सरकार से समझौता कर लिया और सब कैदियों को रिहा करवा दिया l 5 नवंबर 1925 को देशबंधु चितरंजनदास कोलकाता में चल बसे l उस समय सुभाषचंद्र बोस मांडले जेल में थे l सुभाषचंद्र बोस की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई l और उन्हें तपेदिक हो गया l फिर भी अंग्रेज सरकार ने उन्हें रिहा करने से मना कर दिया l अंग्रेज सरकार ने शर्त रखी कि यदि सुभाष  इलाज के लिए यूरोप जाए तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा l लेकिन सुभाष चंद्र ने ऐसा स्वीकार नहीं  किया l और अंत में उनकी ज्यादा हालत खराब होने पर अंग्रेजी सरकार ने सुभाष चंद्र को रिहा कर दिया l और सुभाष इलाज के लिए डलहौजी चले गए l 1930 में जब सुभाष चंद्र बोस जेल में थे तो कोलकाता में उन्होंने महापौर का चुनाव जेल से ही लड़ा और जीत गए l सरकार को उन्हें जेल से रिहा करना पड़ा l 1932 में सुभाष को फिर से जेल भेजा गया इस बार उन्हें अल्मोड़ा जेल में रखा गया l वहां उनकी तबीयत खराब हो गई और चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें इलाज के लिए यूरोप जाने जाना पड़ा l  सन 1933 से लेकर 1936 तक सुभाष यूरोप में ही रहे l 1934 में सुभाष चंद्र को अपने पिता की तबीयत खराब होने की खबर मिली l खबर सुनते ही वह हवाई जहाज से कराची से होते हुए कोलकाता लौटे l जहां अंग्रेज सरकार ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया और कई दिन जेल में रखकर वापस यूरोप भेज दिया l
   कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन में 1938 में वे कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए l इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय योजना समिति का गठन किया l 1939 के त्रिपुरा अधिवेशन में भी सुभाष चंद्र बोस को दोबारा कांग्रेस का अध्यक्ष चुन लिया गया l गांधीजी चाहते थे कि सीतारमैया अध्यक्ष बने l सुभाष चंद्र बोस को चुनाव में 1580 मत मिले और सीतारमैया को 1377 मत मिले l इस प्रकार गांधी जी के विरोध के बावजूद सुभाष चंद्र 203 मतों से अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गए थे l तभी विश्व युद्ध शुरू हो गया l नेताजी ने अंग्रेजों को छह महीने का अल्टीमेटम देश छोड़ने का दिया l नेताजी के अल्टीमेटम का गांधीजी ने विरोध किया जिससे इन्होंने कांग्रेस की अध्यक्षता छोड़ दी और फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की l कुछ दिन बाद ही सुभाष चंद्र को कांग्रेस से निकाल दिया गया और फॉरवर्ड ब्लॉक एक स्वतंत्र पार्टी बन गई l सुभाष चंद्र बोस ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों द्वारा भारत के संसाधनों का उपयोग करने का घोर विरोध किया और जनआंदोलन शुरू कर दिया l  इसलिए अंग्रेजों ने उन्हें कोलकाता के घर में नजरबंद कर दिया l
  1941 में सुभाषचंद्र बोस किसी तरह अंग्रेजों की कैद से छूटकर अफगानिस्तान के रास्ते जर्मनी पहुंच गए l  1941 के अंत में  बर्लिन में उन्होंने फ्री इंडिया सेंटर की स्थापना की l यहीं से ‘जन गण मन ‘को भारत का राष्ट्रगान घोषित किया l देश को जय हिंद का नारा  भी नेताजी ने ही दिया l यहीं पर  सुभाष चंद्र बोस को ‘नेताजी ‘ की उपाधि दी गई l मई 1942 में जर्मनी में सुभाषचंद्र बोस ने हिटलर से मुलाकात की l हिटलर से उन्हें कोई सकारात्मक सहयोग नहीं मिला l इसी दौरान सुभाषचंद्र बोस की भेंट ऑस्ट्रेलिया की महिला एमिली से हुई जो उनकी सचिव रही,और बाद में नेताजी ने उनसे शादी कर ली l जिससे उनके एक बेटी अनिता बोस  हुई l
   26 जनवरी 1943 को बर्लिन में भारतीय स्वाधीनता दिवस धूमधाम से मनाया गया l जिसमें नेता जी ने मुख्य भाषण दिया और उसके बाद जापान चले गए l जून 1943 में नेताजी की मुलाकात जापानी प्रधानमंत्री से हुई lजहां उन्होंने भारत की संपूर्ण स्वाधीनता पाने के लिए बिना शर्त पूरे समर्थन की अधिकृत घोषणा की l यह उस समय के परिप्रेक्ष्य में बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना थी l किसी भी विदेशी शासन प्रमुख द्वारा द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इस प्रकार भारत को बिना शर्त पूरा समर्थन देने की घोषणा की गई थी l हालांकि गांधीजी इस प्रकार की कोई भी घोषणा ब्रिटिश सरकार या उसके मित्र देशों से नहीं करवा पाए थे l य़ह नेताजी की एक बड़ी जीत थी l इसके बाद नेताजी ने अपनी मौजूदगी जग जाहिर कर दी और नागरिक रेडियो पर अपना विशेष प्रसारण किया l जुलाई 1943 में नेताजी सिंगापुर पहुंच गए l जहां रासबिहारी बोस
, इंडियन नेशनल आर्मी आजाद हिंद फौज के अफसरों और नेताओं ने नेताजी का स्वागत किया l आजाद हिंद फ़ौज में अंग्रेजी सेना में कार्यरत वे भारतीय सैनिक थे जिन्हें जापान ने बंदी बनाया था l
 पांच जुलाई 1943 को नेताजी के जीवन का सर्वाधिक वैभवशाली दिन था ,उस दिन सिंगापुर टाउन हॉल के एक बड़े मैदान में उन्होंने सर्वोच्च सेनापति सुप्रीम कमांडर के रूप में आजाद हिंद फौज की सलामी ली l यही पर उन्हें नेताजी का नाम दिया गया l उन्होंने अपनी फ़ौज को संबोधन में कहा था “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा “। उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्यवाद की कब्र  बनाने का आव्हान सैनिकों से किया l 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में एक ऐतिहासिक सभा में उन्होंने आजाद प्रथम अंतरिम आजाद हिंद सरकार की स्थापना का ऐलान किया l इस अंतरिम सरकार को विश्व के तीन प्रमुख देश जापान, जर्मनी और इटली समेत कुल 9 देशों ने मान्यता प्रदान कर दी l इस प्रकार दो सौ वर्ष में भारत के स्वाधीनता सेनानियों को अपने स्वाधीन राष्ट्र की अनुभूति हुई थी l आजाद हिंद सरकार की पहली घोषणा थी अमेरिका और ब्रिटेन के विरुद्ध युद्ध l 22 अक्टूबर 1943 को नेताजी ने आजाद हिंद फौज की रानी झांसी रेजीमेंट का औपचारिक उद्घाटन किया l  जिसमें भारतीय महिलाओं की भागीदारी थी l आजाद हिंद सरकार की स्थापना के बाद , आजाद हिंद बैंक ने ₹10 से लेकर ₹1,00,000 तक के नोट के जारी किए l और ₹1,00,000 के नोट में नेताजी की तस्वीर छापी गई थी l
  29 दिसंबर 1943 को नेताजी अंडमान पहुंचे यहां राष्ट्र अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जिमखाना मैदान में भारी जन समुदाय के बीच राष्ट्रीय तिरंगा फहराया l नेताजी ने अंडमान को “शहीद दीप समूह ” तथा निकोबार को
 ” स्वराज दीप समूह ” का नया नाम दिया था । जनवरी 1944 में नेताजी अपना मुख्यालय सिंगापुर से भारत के नजदीक रंगून(तत्कालीन बर्मा,अब म्यांमार) में ले आए l आजाद हिंद फौज ने 18 मार्च 1944 को इंफाल के रास्ते भारत में प्रवेश किया l जापान की हार के कारण नेताजी का आजाद हिंद फौज के द्वारा स्वतंत्रता का सपना पूरा ना हो पाया l
   ऐसा माना जाता है कि 18 अगस्त 1945 को जापान जाते समय नेताजी का विमान ताइवान में क्रैश हो गया परंतु उनका शरीर नहीं मिला और तब से लेकर आज तक उनकी मृत्यु एक विवाद और रहस्य का विषय बनी हुई हैं l
  पर नेताजी का यह संघर्ष व्यर्थ नहीं गया। उनके जय हिंद नारे से राष्ट्रीय चेतना जागृत हो गई और 1946 के आरंभ तक जैसा कि नेता जी ने सोचा था रॉयल इंडियन एयर फोर्स तथा रॉयल इंडियन नेवी में खुला विद्रोह हो गया l भारतीय सशस्त्र सेनाओं की वफादारी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की ओर हो गई l इस प्रकार भारत ने नेताजी के जाने के बाद भी नेताजी का सोचा हुआ सामरिक लक्ष्य पा लिया और अंत में अंग्रेजों को अगस्त 1947 में भारत छोड़कर जाना पड़ा l
   आज भी जय हिंद का उद्घोष जनमानस में जोश भरने और देश प्रेम की भावना को जीवित करने का साधन बना हुआ है l अपनी क्रांतिकारी सोच के कारण नेताजी ने उस समय के जनमानस को उद्वेलित किया और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष को प्रेरित किया l जिसने भारत की आजादी में उत्प्रेरक का काम किया l उनकी विचारधारा भारतीय जनमानस में सदा बसी रहेगी l देश आज भी नेताजी को एक क्रांतिकारी नेता के रूप में याद करता है और सदा करता रहेगा।(विनायक फीचर्स) (लेखक पूर्व उपनिदेशक, रक्षा मंत्रालय हैं)

कर्नाटक के बाद अब असम में गऊ माता की निर्मम हत्या

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सार

असम में पिकनिक के दौरान गौ हत्या का वीडियो वायरल होने के बाद 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने गाय का मांस खाया और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
गुवाहाटी। असम में पुलिस ने छह लोगों को सार्वजनिक रूप से गाय की हत्या करने के मामले में गिरफ्तार किया है। इनमें सबसे कम उम्र वाले आरोपी की उम्र 19 साल है। इन लोगों ने पिकनिक के दौरान एक गाय की हत्या की और उसके मांस को खाया। इतना ही नहीं, घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।असम के पुलिस महानिदेशक जी.पी. सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि वायरल वीडियो के प्रसारित होने के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

आरोपियों ने गौ हत्या का वीडियो बना किया पोस्ट

आरोपियों की पहचान 20 साल के साहिल खान, 19 साल के हफीजुर इस्लाम, 20 साल के रोकिबुल हुसैन, 30 साल के साहिदुल इस्लाम, 26 साल के इजाज खान और 24 साल के जाहिदुल इस्लाम के रूप में हुई है। ये सभी असम के कामरूप जिले के असलपारा गांव के रहने वाले हैं। इन लोगों द्वारा बनाए और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में बड़े चाकुओं को तेज करते, बर्तनों और गाय को नाव पर रखकर ले जाते देखा गया। वीडियो के दूसरे हिस्से में आरोपियों को गाय का वध करते और उसके मांस को पकाते देखा गया।

वीडियो वायरल होने के बाद फैल गया था आक्रोश

इस वीडियो के वायरल होने के बाद इलाके के हिंदू समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया था। मामले में पुलिस ने संज्ञान लिया और कार्रवाई की। बता दें कि असम में मवेशियों के अवैध वध और व्यापार पर रोक है। इसके लिए असम मवेशी संरक्षण अधिनियम 2021 में सख्त प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा इस कानून के सख्त पालन के बारे में मुखर रहे हैं। उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में इसके महत्व पर जोर दिया है।

भारत में आस्था का महाकुंभ और विदेशों में बढ़ती नास्तिकता* 

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(सुभाष आनंद-विभूति फीचर्स)
     इन दिनों प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है, जहां  देश विदेश से करोड़ों लोग आ रहे हैं और पुण्य स्नान का लाभ उठा रहे हैं। यहां आने वाले लोग सनातन धर्म में भरपूर आस्था रखते हैं। एक ओर प्रयागराज के महाकुंभ में आस्था का समुन्दर उमड़ रहा है वहीं दूसरी ओर शेष विश्व में नास्तिकों की संख्या  तेजी से बढ़ रही है।
        प्रोफेसर डेविड बूथ का कहना है कि पिछले 40-50 वर्षों  में पश्चिमी देशों में धर्म के नाम पर आस्था निरंतर कम हुई है, लेकिन भारत,पाकिस्तान,ईराक ,ईरान में धर्म पर आस्था बढ़ती दिख रही है। वैसे यह भी सत्य है कि दुनिया में आस्था कभी भी समाप्त नहीं हो सकती कम अवश्य  हो सकती है।
             भारत से बाहर शेष विश्व में जिस प्रकार नास्तिक  लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है तो क्या वहां धार्मिक होना अतीत की बात हो जाएगी,इस प्रश्न का उत्तर मुश्किल ही नहीं बल्कि बहुत मुश्किल है।
कैलिफोर्निया में क्लेरमांट के पिटजुर  कालेज में सामाजिक विज्ञान के प्रोफेसरों ने एक सर्वे किया है और उनका कहना है कि दुनिया भर में नास्तिक लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और धार्मिक आस्था में कमी आ रही है। इस तथ्य की  पुष्टि गैल्प इंटरनेशनल ने भी की है। गैल्प इंटरनेशनल ने 2020 से 2024 तक  97 देशों में एक लाख से अधिक लोगों को अपने सर्वे में शामिल किया।
 *नास्तिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है*
       सर्वे में कहा गया है कि जिन 100 देश के लोगों को शामिल किया गया, उनके अनुसार धर्म के नाम पर उनकी आस्था बहुत तीव्रता से कम हो रही है । धर्म को मानने वालों की संख्या 76 फ़ीसदी से कम होकर अब 64% तक रह गई है । खुद को नास्तिक बताने वालों की संख्या भी बढ़ रही है।  विश्व में नास्तिकों की संख्या 26 % को पार कर चुकी है,
सर्वे से पता चला है कि चीन में 91% लोग नास्तिक है,जापान में 86%, स्वीडन में 78%, चैक रिपब्लिकन में 75%, यूके में 72 फीसद, बेल्जियम में 71%, एस्टोनिया में 70.8%, ऑस्ट्रेलिया में 70%, नार्वे में 70%, डेनमार्क में 68% नास्तिक हैं। सर्वे के नुसार नास्तिकों की संख्या में सबसे ज्यादा वृद्धि उन देशों में हुई है जो अपने नागरिकों को आर्थिक, राजनीतिक और अस्तित्व की ज्यादा सुरक्षा देते हैं।
100 वर्ष पहले जापान, ब्रिटेन, नीदरलैंड, जर्मनी,फ्रांस जैसे देशों में धर्म को उच्च स्थान दिया जाता था, अब इन देशों में ईश्वर को मानने वालों की संख्या बड़ी तेजी से कम हो रही है। दूसरी ओर रूढ़िवादी  देशों में धर्म के नाम पर आस्था बढ़ रही है।
                वही , ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों का कहना है कि नास्तिकों के बढ़ने के कारण धर्म कभी समाप्त नहीं होगा, हां शनै: शनै: कम जरूर हो जाएगा,       मौलवी,पंडित ,धर्मगुरु, प्रचारकों और पादरियों का कहना है कि जैसे-जैसे विश्व में नास्तिकों की संख्या बढ़ रही है त्यों त्यों  धरती पर पाप बढ़ रहे हैं जिससे आगे दु:ख बढ़ेगा।
 धर्मगुरुओं का कहना है कि भविष्य में जलवायु परिवर्तन से विश्व पर संकट बढ़ेगा और प्राकृतिक संसाधनों की कमी होगी । वह चाहते हैं कि दुनिया की परेशानियां  चमत्कारिक ढंग से दूर हों ,हम शांतिपूर्वक ढंग से जीवन का निर्वाह करें , ऐसा तब ही होगा जब धर्म हमारे आसपास रहेगा। ऐसा इसलिए है कि मानव के विकास के दौरान ईश्वर की जिज्ञासा हमारी प्रजाति के तांत्रिका तंत्र से बची रहती है। इसको समझने के लिए दोहरी प्रक्रिया के सिद्धांत को समझने की जरूरत है ।
       मनोवैज्ञानकों का कहना है कि हमारे दो विचार सिस्टम है ,सिस्टम एक और सिस्टम दो।  सिस्टम दो अभी-अभी विकसित हुआ है ,यह अपने-अपने दिमाग की उपज है जो हमारे दिमाग में बार-बार गूंजती है। कभी चुप हो जाती है कभी योजना बनाने और यांत्रिक रूप से सोचने को मजबूर करती है।
दूसरा सिस्टम एक सहज ,स्वाभाविक और ऑटोमेटिक है। यह बातें इंसान के जीवन में नियमित विकसित होती रहती है । इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता कि इंसान कहां पैदा हुआ है वह अस्तित्व का तंत्र या सिस्टम बिना सोचे समझे हमें बिना ज्यादा प्रयास किये सजीव और निर्जीव चीजों की पहचान करने की क्षमता देता है। बच्चों को माता-पिता की पहचान कराता है। यह दुनिया को बेहतर ढंग से समझने, प्राकृतिक आपदाओं या अपने  करीबियों की मौत की घटनाओं को समझने में मदद करता है। इंसान स्वाभाविक तौर पर मानना चाहता है कि वह किसी बड़ी तस्वीर का हिस्सा है और जीवन पूर्ण रूप से निरर्थक नहीं है।
         हमारा मन उद्देश्य और स्पष्टीकरण के लिए लालायित रहता है, धार्मिक विचारों को अपनाना मनुष्य के लिए सबसे कम प्रतिरोध का रास्ता है। धर्म से छुटकारा पाने के लिए आपको मानवता में कुछ  मूलभूत बदलाव लाने होंगे। ईश्वर के प्रति आस्था की बात करें तो  25% अमेरिकन किसी चर्च से संबंध नहीं रखते ,लेकिन सर्वे में 62 फ़ीसदी ने बताया कि वह ईश्वर में विश्वास रखते हैं ,32% ने बताया कि वह धार्मिक प्रवृत्ति के लोग हैं। दुनिया भर के सर्वे के पश्चात कुछ लोगों ने कहा है कि उन्हें ईश्वर में कोई यकीन नहीं, अभी तक उसे किसी ने देखा नहीं है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि अलौकिक सजा एक परिकल्पना है तो मुल्ला,मौलवियों ,पादरियों ,पंडितों,धर्म गुरुओं का कहना है कि धर्म इंसानों से कभी दूर नहीं जा सकता ,धर्म मनुष्य के दिलों में डर और प्रेम दोनों बनाए रखता है।
 *भारत में क्यों ज्यादा है आस्तिक?*
एक प्रश्न के उत्तर में यह बताया गया है कि भारत में 90% लोग आस्तिक हैं और केवल 10 फ़ीसदी लोग नास्तिक हैं। भारत में लोग धर्म गुरुओं और डेरो से भी जुड़े हुए हैं । सिखों का गुरुद्वारे में अथाह विश्वास है। उसी प्रकार इस्लाम धर्म से जुड़े मुस्लिम समाज भी मस्जिदों में सजदा करते है। ईसाई लोग अपने पवित्र गिरजाघर में जबकि हिंदू किसी व्यक्ति विशेष से जुड़ने के बजाए अपने घरों में और धार्मिक स्थलों पर ईश्वर आराधना में विश्वास रखते हैं। हर समाज में अनेक धर्मगुरु हैं। धर्मगुरु अपने-अपने धर्म का प्रचार करने में लगे हुए हैं । केवल 10 % लोग ही यहां नास्तिक हैं।(विभूति फीचर्स)

राजस्थान में गौ-तस्करों को पकड़कर बजरंग दल के कार्यकर्ता ने पीटा

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कई दिनों से आवारा गौवंश के गायब होने की सूचना मिल रही थी. जिसके बाद गौ सेवक और बजरंग दल के सदस्यों की टीम एक्टिव हुई थी. टीम की ओर से इलाके में लगातार गौ तस्करों की रैकी की जा रही थी.

Rajasthan News: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में मंगलवार देर रात गौवंश से भरी पिकअप को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रोक लिया. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पिकअप में सवार 2 तस्करों की जमकर पिटाई कर दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों तस्करों को बचाकर गिरफ्तार कर लिया. साथ ही सभी गौवंश को गौशाला में छुड़वा दिया.

अंधेरा में भाग निकले 3 गौ तस्कर

यह वारदात खंडार उपखंड क्षेत्र के सुमनपुरा गांव में बने सरकारी स्कूल के सामने हुई. बताया जा रहा है कि पिकअप में 4 से 5 युवक तस्कर सवार थे, जो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को देखकर घबरा गए और अंधेरा का फायदा उठाकर फरार हो गए. हालांकि 2 तस्कर बजरंग दल कार्यकर्ताओं के हत्थे चढ़ गए, जिनकी खूब पिटाई की गई.

नंदी बैल बांधते देखने पर हुआ था शक

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर पिकअप गाड़ी में नंदी बैलों को बांध रहे हैं. इसके बाद सवाई माधोपुर, छाण, अल्लापुर, बहरावंडा खुर्द से गौ सेवक और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे गए और तस्करों को दबोच लिया. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रभारी दौलत सिंह बहरावंडा खुर्द को दोनों तस्करों को सौंप दिया.

पिकअप में भरे गौवंश की तस्वीर.

पिकअप में भरे गौवंश की तस्वीर.
Photo Credit: NDTV Reporter

पुलिस ने तस्करों की पिकअप की जब्त

पुलिस ने दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया. तस्करों की पिकअप गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया है. फिलहाल पुलिस मुकदमा दर्ज करके अग्रिम कार्रवाई कर रही है.

कई दिनों से रैकी कर रहे थे कार्यकर्ता

गौरतलब है कि कई दिनों से सड़कों पर आवारा गौवंश के गायब होने की सूचना मिल रही थी. जिसके बाद गौ सेवक और बजरंग दल के सदस्यों की टीम एक्टिव हुई थी. टीम की ओर से इलाके में लगातार गौ तस्करों की रैकी की जा रही थी. गौ सेवकों की मुस्तैदी के चलते बीती रात गौ‌ तस्करों को पकड़ा गया है. पुलिस ने मौके से गौवंश नंदी से भरी पिकअप गाड़ी व एक बाइक को भी मौके से जब्त किया है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में महाकुंभ 2025 में एक विशेष कैबिनेट बैठक

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संगम तट पर कैबिनेट के साथ लगाई पवित्र डुबकी, पूजा-अर्चना भी की

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में महाकुंभ 2025 में एक विशेष कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। प्रयागराज महाकुंभ 2025 में अब तक 9.24 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। 

हजारों विदेशी भक्त करेंगे मौनी अमावस्या का अमृत स्नान

आगामी 29 जनवरी को मौनी अमावस्या में होने वाला अमृत स्नान प्रयागराज महाकुंभ में श्रृद्धालुओं के सैलाब को लेकर नया कीर्तिमान दर्ज करने जा रहा है। प्रशासन के दावे के मुताबिक इस स्नान पर्व में सात से 10 करोड़ के बीच श्रद्धालुओं और पर्यटकों के महाकुंभ पहुंचने का अनुमान है, जिसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन के साथ साथ  साधु संतों के शिविरों में भी इस पावन अवसर पर अमृत स्नान के लिए आने वाले भक्तों के लिए व्यवस्था की जा रही है।

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी शैलेशानंद गिरी बताते हैं कि अकेले उनके शिविर में इस पुण्य पर्व पर फ्रांस, इटली, जापान और रूस से 5000 से अधिक विदेशी भक्तों के लिए व्यवस्था की जा रही है। पायलट बाबा के ये सभी भक्त 24 जनवरी से आना शुरू हो जाएंगे।  मुक्ति और पुण्य अर्जित करने की आस लेकर आ रहे ये भक्त त्रिवेणी में अमृत स्नान करेंगे।

बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि “यहां आज कैबिनेट की बैठक हुई है जिसमें महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं… आज पवित्र संगम में स्नान करके मैं गंगा और यमुना को प्रणाम करता हूं… अखिलेश यादव जी को मानसिक और दृष्टि दोष हो गया है। उसका अच्छे से इलाज कराएं। कुंभ के समय ऐसे बयान देना, यहां राजनीति करना बहुत गंदी बात है। मैं प्रार्थना करूंगा कि भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें।”

सीएम ने मंत्रियों संग त्रिवेणी संगम पर पूजा-अर्चना की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और अन्य कैबिनेट मंत्री प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम पर पूजा-अर्चना की।

बॉलीवुड महा आरोग्य शिविर में सिनेकर्मियों के परिवारों को मिला स्वास्थ्य संबंधी लाभ

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मुंबई। महानगर में डॉक्टर 365 बॉलीवुड महा आरोग्य शिविर 2025 आयोजित किया गया। बॉलीवुड में संघर्षरत लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया यह वार्षिक स्वास्थ्य सेवा पहल है जिसका आयोजन मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित चित्रकूट ग्राउंड में हुआ। इस स्वास्थ्य सेवा संबंधी कार्यक्रम का नेतृत्व डॉक्टर 365 के चेयरमैन डॉ. धर्मेंद्र कुमार और प्रसिद्ध अभिनेता-निर्माता-निर्देशक धीरज कुमार (क्रिएटिव आई लिमिटेड के चेयरमैन) ने किया जिसमें 50,000 से अधिक लोगों ने नाना प्रकार के स्वास्थ्य सेवाओं का निःशुल्क लाभ उठाया।
इस कार्यक्रम में बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री पूनम ढिल्लों, सुजाता मेहता, उपासना सिंह, सीरियल निर्माता अशित मोदी, एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा, दीपक पराशर, अली खान, संगीता तिवारी, सहिला चड्ढा, लेखिका-शायरा संध्या रियाज़, सेलिब्रिटी डिजाइनर अर्चना कोचर की विशेष उपस्थिति रही।
इनके अलावा सद्गुरु श्री दयाल जी और गुरु मां जैसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और मध्यप्रदेश की सांसद हिमाद्री सिंह भी उपस्थित थे।
साथ ही मनु श्रीवास्तव (वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार में “राइट टू सर्विस” के मुख्य आयुक्त), पद्मश्री डॉ. सोमा घोष, जीएसटी कमिश्नर डॉ. स्मिता डोलस सोमाने, भाजपा नेता भारती लवेकर और विनोद शेलार, एफडब्लूआईसीई के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी भी उपस्थित रहे।
इस स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में इज़राइल के वाणिज्य दूतावास कोबी सोशानी, जॉर्जिया के वाणिज्य दूत सतिंदर आहूजा, रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर चेतन देसाई, क्रिटिकेयर हॉस्पिटल चेन के मालिक डॉ. दीपक नमजोशी और मासूमा नमजोशी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशेष पुलिस महानिरीक्षक मोहन राठौड़, एसीपी संजय पाटिल और एसीपी चंद्रकांत कटकर ने भी भाग लिया। वहीं विवेक प्रकाश ने गणेश वंदना और मोहम्मद अयाज ने देशभक्ति गीत गाकर सबका ध्यान आकर्षित किया। अतिथियों ने इस पहल की खुले दिल से प्रशंसा की।
डॉ. धर्मेंद्र कुमार और धीरज कुमार ने सभी प्रमुख अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन वैभव शर्मा और सौंदर्या ने कुशलतापूर्वक किया।
इस शिविर में बॉलीवुड कलाकारों, तकनीशियनों, बैकस्टेज कर्मियों, मीडिया कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं।
इस महा आरोग्य शिविर में मुफ्त स्वास्थ्य जांच और टीबी स्क्रीनिंग रखी गई। 4 करोड़ रुपये की दवाइयों के साथ चश्मे और व्हील चेयर का वितरण किया गया तथा आंखों की जांच की गई और महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं रखी गई।
डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस पहल के तहत पिछले शिविरों में 5.56 करोड़ से अधिक मरीजों की जांच की गई है और इस साल की उपस्थिति रिकॉर्ड तोड़ रही है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के 2026 तक गुजरात को टीबी मुक्त बनाने के दृष्टिकोण के साथ पहल को आगे बढ़ाने की योजना पर जोर दिया।
धीरज कुमार ने इस कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रमुख योगदानकर्ताओं का आभार व्यक्त किया, जिनमें दंगल टीवी के मनीष सिंघल और निर्माता रमेश तौरानी का उल्लेखनीय सहयोग शामिल रहा।
डॉ. धर्मेंद्र कुमार और धीरज कुमार ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और भगवान शिव के आशीर्वाद से मानवता की सेवा जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। साथ ही स्वस्थ भारत देश हमारा का नारा बुलंद किया।

– संतोष साहू

गर्भवती गाय का सिर धड़ से अलग कर काट दिए पैर; पेट फाड़कर निकाला बछड़ा और कर दिए टुकड़े

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कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में बदमाशों ने एक गर्भवती गाय का सिर धड़ से अलग कर दिया एवं उसके पैर काट दिए तथा उसके बछड़े के अवशेष को क्षत-विक्षत कर दिया। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बदमाश गाय का धड़ ले गये एवं उसके सिर एवं पैर और मृत बछड़े को वहीं छोड़ दिया। इस मामले में पुलिस पांच लोगों हिरासत में लिया है।

पीटीआई, उत्तर कन्नड़। कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक में गायों पर हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। गायों के थन काटने और मंदिर में बछड़े की पूंछ काटने के बाद अब एक गाय का सिर काटा गया है।

गर्भवती गाय का सिर धड़ से अलग कर दिया

पुलिस के अनुसार, उत्तर कन्नड़ जिले में बदमाशों ने एक गर्भवती गाय का सिर धड़ से अलग कर उसके पैर काट दिए और उसके बछड़े के अवशेष को क्षत-विक्षत कर दिया। बदमाशों ने गाय का धड़ ले गए और उसके सिर, पैर तथा मृत बछड़े को वहीं छोड़ दिया।
यह घटना उत्तर कन्नड़ जिले के होन्नवारा तालुक में सालकोडू गांव के कोंडाकुली में हुई। इस मामले में पुलिस पांच लोगों हिरासत में लिया है। पुलिस ने पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम के तहत अज्ञात बदमाशों के विरूद्ध मामला दर्ज किया है और जांच शुरू की है।

चरने के लिए छोड़ गए थे कृष्ण अचारी

पुलिस के अनुसार, गाय कृष्ण अचारी की थी, जो रविवार को उसे चरने के लिए छोड़ गए थे। सोमवार को जब अचारी गाय की तलाश में गए, तो उन्हें गाय का कटा हुआ सिर, पैर और बछड़े का क्षत-विक्षत शव मिला।
पुलिस अधीक्षक एम नारायण ने बताया कि हमने 10 संदिग्धों की पहचान की है और उनमें से पांच को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। छह विशेष टीमें बनाई गई हैं और हमने मुख्य आरोपितों को पकड़ने के लिए सुराग जुटाए हैं, जो फिलहाल फरार हैं। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक ने इस कृत्य को जघन्य बताया और आश्वासन दिया कि स्थानीय जांच और वन विभाग के सहयोग से अपराधियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गृह मंत्री ने गाय की हत्या की जांच के आदेश दिए

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने गाय की हत्या की जांच के आदेश दिए हैं। राज्य की मुख्य विपक्षी भाजपा और ¨हदू संगठनों ने इन घटनाओं पर चिंता जताई है। गौरतलब है कि इससे पहले बेंगलुरू के चमराजपेट में तीन गायों के थन काटने तथा मैसूरु के नंजनगुड शहर में एक गाय की पूंछ काटने की घटना सामने आई थी। गायों के थन काटने के मामले में आरोपित सैयद नसरू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शर्म से सिर झुक गया है- भाजपा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने कहा कि होन्नवारा की घटना ने सभी का सिर शर्म से झुका दिया है। उन्होंने कहा कि फिर भी गृहमंत्री यह दिखावा कर रहे हैं कि यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी है। सिद्धरमैया सरकार इन राष्ट्र-विरोधियों के प्रति नरम रुख दिखा रही है, जिन्हें कोई डर नहीं है। राज्य सरकार और गृहमंत्री को अब तक जाग जाना चाहिए था। विजयेंद्र ने कानून-व्यवस्था के बिगड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में ‘सांप्रदायिक माहौल’ बनाया जा रहा है।

गौ मूत्र पर IIT मद्रास के डायरेक्टर ने कहीं कौन सी बातें कि शुरू हो गया विवाद

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सार

IIT मद्रास डायरेक्टर वी कामकोटि ने गोमूत्र के औषधीय गुणों पर चर्चा की, जिससे विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने बताया कि गोमूत्र कई रोगों में लाभकारी है, यहां तक कि बुखार भी ठीक कर सकता है।
चेन्नई। IIT मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटि (V Kamakoti) गौ मूत्र पर दिए अपने बयानों के चलते विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने गौ मूत्र के औषधीय महत्व पर बात की। बताया कि यह रोगों को दूर करने के मामले में कितना उपयोगी है। उनकी बातें कुछ लोगों को पसंद नहीं आईं हैं। कामकोटि ने गाय की भारतीय नस्लों को बचाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील की।

कामकोटि ने बताया कि गौ मूत्र में एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण होते हैं। इससे पाचन संबंधी परेशानियों में लाभ मिलता है। वायरल हुए एक वीडियो में कामकोटि ने एक तपस्वी के जीवन का किस्सा सुनाया। कहा कि संन्यासी ने गोमूत्र पीने के बाद अपने तेज बुखार से खुद को ठीक कर लिया था।

गौ मूत्र पीने से ठीक हुआ बुखार

कामकोटि ने कहा, “एक तपस्वी को तेज बुखार था। वह डॉक्टर को बुलाने की सोच रहा था। मैं उस संन्यासी का नाम भूल गया हूं, लेकिन उसने कहा था ‘गोमूत्रन पिनमि’। उसने गौ मूत्र पी लिया, इसके 15 मिनट में उसका बुखार उतर गया।”

उन्होंने कहा कि गौ मूत्र से इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी बीमारी का इलाज हो सकता है। 15 जनवरी को चेन्नई में माटू पोंगल पर आयोजित ‘गौ संरक्षण शाला’ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने जैविक खेती के महत्व और कृषि तथा समग्र अर्थव्यवस्था में देशी गायों की महत्वपूर्ण भूमिका की बातें बताईं। बता दें कि माटू पोंगल (तमिल माह थाई का दूसरा दिन) गायों और बैलों को समर्पित त्यौहार है। इस दिन लोग गाय की पूजा करते हैं।

कामकोटि के गौ मूत्र संबंधी बयान पर शुरू हो गया राजनीतिक विवाद

कामकोटि के गौ मूत्र संबंधी बयान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने कामकोटि की बातों को लेकर कहा कि केंद्र सरकार की मंशा देश में शिक्षा को ‘खराब’ करना है। कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने कहा कि आईआईटी मद्रास के निदेशक अपने संस्थान को बदनाम कर रहे हैं। द्रविड़ कझगम के नेता काली पूंगुंद्रन ने कहा कि कामकोटि ने शर्मनाक बातें कहीं हैं। उन्होंने एक स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि गौ मूत्र में हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं। यह इंसान के इस्तेमाल लायक नहीं होता।

Bharat Mobility Global Expo witnesses an overwhelming response

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Over 90 launches done on the first two days at Bharat Mandapam

The second day of Bharat Mobility Global Expo 2025 witnessed the launch of 56 new products from 22 different brands at Bharat Mandapam, Pragati Maidan, New Delhi and 5 launches at Yashobhoomi, Dwarka. Various advanced vehicles, cutting-edge mobility solutions, and the latest components were showcased ranging from super bikes, cars, to buses and even ambulances.

On the second day at Bharat Mandapam, VinFast Auto India announced the launch of its first two electric vehicles for the Indian market, the all-electric Premium SUVs, the VF 7 and VF 6.

BMW India launched the all-new MINI Cooper S John Cooper Works Pack at an ex-showroom price of Rs. 55,90,000 and BMW X3 at an ex-showroom price of Rs. 75,80,000 – Rs. 77,80,000. Additionally, BMW Motorrad India launched two new bikes in the Indian market, the new BMW S 1000 RR and the BMW R 1300 GS Adventure. The S 1000 RR super sport bike will be available in India at an introductory ex-showroom price starting from Rs. 21,10,000. While the R 1300 GS Adventure (Base) introductory ex-showroom price will start from Rs. 22,95,000.

JSW MG Motor India showcased 9 advanced models, launching MG Majestor. The showcased products include Hybrid Electric Vehicles (HEVs), Plug-in Hybrid Electric Vehicles (PHEVs), Battery Electric Vehicles (BEVs), and Internal Combustion Engine (ICE). Highlights included the IM5 sedan, IM6 electric SUV, MG HS PHEV, and MG7 Trophy Edition, showcasing cutting-edge technology and sustainable mobility​.

Eka Mobility showcased India’s largest ever range of electric commercial vehicles, which includes over 11 distinct platforms spanning electric buses, trucks, and small commercial vehicles (SCVs). Launching the brand new EKA- Connect for the Indian market. Their bus portfolio included EKA COACH, EKA 12M, EKA 9M, EKA LF (Low Floor), and EKA 9M. Electric Trucks include EKA 55T and EKA 7T, while EKA 3.5T, 2.5T, 1.5T, EKA 3W CARGO, EKA 6S, and EKA 3S were unveiled under their SCV Range.

BYD India launched BYD SEALION 7 Pure Performance eSUV at the Bharat Mobility Global Expo 2025. Additionally, BYD India also showcased the BYD SEALION 6, BYD Super Plug-in Hybrid EV with DM-i technology, and the stunning Yangwang U8.

JBM Electric Vehicles launched 4 all-new electric buses on the second day of the Auto Expo 2025, ranging from luxury coach, and medical mobile unit to electric tarmac coach, among others. Highlights of the launch were Galaxy; electric luxury coach, Xpress; an intercity bus, e-MediLife; Low Floor Electric Medical Mobile Unit, and e-SkyLife; 9-meter electric tarmac coach.

Montra Electric (TI Clean Mobility) launched ‘EVIATOR’ (e SCV) and Super Cargo (e 3-Wheeler) in the presence of the entire leadership team of the brand.

Hyundai Motor Company launched 2 concept models of advanced electric three-wheeler and micro four-wheeler on the second day. Along with exploring contributions to the last-mile mobility market in India together with TVS Motor Company Ltd. (TVS Motor).

Pinnacle Industries launched its next-generation ambulance range at the Bharat Mobility Global Expo 2025. The new range includes three cutting-edge ambulance models: AD-Gen Ultra, AD-Gen Ambulance, and Neonatal Ambulance.

Numeros Motors today launched its multipurpose and reliable e-scooter ‘Diplos Max’ at an introductory ex-showroom price (Bangalore) of Rs. 1,09,999, including the PM e-drive scheme. Alongside, the company unveiled another unique platform which will be India’s first Bike-Scooter Crossover.

India’s first solar electric car ‘Eva’ was launched today by Vayve Mobility, at an introductory price of Rs 3.25 lakh (ex-showroom). The solar electric car will be available in three different options: 9 kilowatt-hour (Whr), 12 kWhr and 18 k Whr with prices ranging between Rs 3.25 lakh (ex-showroom) and Rs 5.99 lakh (ex-showroom).

SML Isuzu launched the Hiroi.EV while presenting 4 other products including AASAI MX, Premium Hiroi Bus, ATS-125 Multi stretcher ambulance, and the Samrat XT Plus Tipper.

Cummins Group in India (“Cummins”) announced the launch of its next-generation HELM™ (Higher Efficiency, Lower emissions, Multiple fuels) engine platforms, with the high-performance L10 engine, along with, an advanced Hydrogen Fuel Delivery System (FDS) with Type IV on-vehicle storage vessels and the innovative B6.7N natural gas engine.

Godawari Electric Motors Pvt. Ltd. unveiled new additions to its product portfolio at the Bharat Mobility Global Show 2025. The company unveiled the Eblu Feo Z, Eblu Feo DX, and launched the Eblu Rozee ECO. The Eblu Rozee ECO is priced at INR 2,95,999/- (ex-showroom). To improve customer convenience, the company also announced the release of the EbluCare app. An innovative smartphone app called EbluCare has been designed to managing electric vehicles (EVs) easier.

Sarla Aviation unveiled its first-ever product and India’s first flying taxi- Shunya on the second day.

Motovolt Mobility unveiled a range of electric vehicles. The lineup includes the Hyper One, India’s first digital pedal motorbike, and the HUM NYC, a multi-utility speed pedelec tailored for demanding last-mile delivery needs. The versatile M7 and its sporty variant, M7 Rally, cater to both logistics and personal commuting, while the innovative CLIP, a portable e-bike conversion kit, enables seamless e-mobility for existing bicycles.

Olectra Green Tech Limited unveiled a 12-meter Blade Battery Platform, a 9-meter City Bus, 12-meter Coach Bus, and Blade Battery Chassis. These products are underpinned by cutting-edge technology and inclusive design.

Omega Seiki Pvt. Ltd. launched the M1KA 1.0 electric truck, priced at INR 6,99,000, at the Bharat Mobility 2025 exhibition. The company also unveiled the upcoming M1KA 3.0 model and presented the upgraded 2025 Stream City, a next-generation electric passenger vehicle.

On the first day of ‘The Components Show’, the exhibitors launched over 5 products and unveiled over 7 automotive solutions.

Amongst the launches, ICON Autocraft Private Limited introduced three cutting-edge automotive solutions: Truck Master, an advanced wheel alignment system for trucks and buses; SX 119 Pro Duo LNL, the ultimate tyre changer; and Advanced Driver Assistance Systems (ADAS) for cars.

Supreme launched advanced automotive audio products, including the: Morel Supremo Special Edition, a flagship speaker system featuring underhung voice coils and copper sleeves to reduce harmonic distortion, Morel New Active DSP Integration Solution, a compact amplifier that ensures seamless integration with OEM systems and Onkyo Range of Wiring Accessories for high-fidelity audio setups.

ASK Automotive showcased a range of cutting-edge products and technological advancements, including the launch of the AISIN ASK Product Range. AISIN ASK India Private Limited, a joint venture of ASK Automotive Limited, introduced innovative passenger car products for the Independent Aftermarket sector, marking ASK Automotive’s debut in the 4-wheeler passenger car market across India, Nepal, Sri Lanka, and Bangladesh.

ZF announced the India launch of its next-generation digital fleet management platform, SCALAR which offers cutting-edge features to optimise the operations of commercial fleets, enhancing efficiency, safety, and sustainability for both passenger and cargo transport. They also showcased their X-by-Wire for the first time in India, enabling greater vehicle customization and enhanced safety features.

Bharat Mobility Global Expo 2025 is set to be a landmark event uniting the entire Indian automotive and mobility ecosystem under one roof. Scheduled from January 17th to 22nd, 2025, across three premier venues—Bharat Mandapam in New Delhi, Yashobhoomi in Dwarka, and India Expo Mart in Greater Noida. The inauguration at Bharat Mandapam, New Delhi, was done by Hon’ble PM Shri Narendra Modi. The expo is spanning over 200,000 square meters, featuring 1,500+ exhibitors and attracting over 500,000 visitors. Organized by EEPC in collaboration with leading industry associations such as SIAM, ACMA, ICEMA, ATMA, IESA, NASSCOM, ISA, MRAI, and CII, the event brings together key players from sectors including automotive manufacturing, e-mobility, construction equipment, battery technology, urban mobility, and software innovation, offering a comprehensive showcase of India’s mobility value chain. Distinguished by its nine concurrent shows, 20+ conferences, and exclusive pavilions on sustainability, decarbonization, and technology, Bharat Mobility highlights cutting-edge advancements while fostering collaborations. Visitors can register free of charge through dedicated mobile apps, making the event a must-attend for industry professionals and enthusiasts alike.

EEPC India, established in 1955, is the premier trade and investment promotion organization for the Indian engineering sector, sponsored by the Ministry of Commerce & Industry, Government of India. Over its 69-year history, EEPC has played a pivotal role in driving India’s engineering exports, growing from a modest $10 million in 1955 to USD 109.32 billion in FY 2023-24. It is recognized as a model Export Promotion Council (EPC) by the Union Ministry of Commerce and Industry. With a membership base of approximately 9,500, predominantly MSMEs, EEPC India facilitates global business integration through activities like Buyer-Seller Meets (BSMs), Reverse BSMs, and participation in international exhibitions. Flagship events such as the International Engineering Sourcing Show (IESS) and the Indian Engineering Exhibition (INDEE) showcase India’s engineering capabilities globally. Committed to advancing industry standards, EEPC India supports technology upgrades, engages with policymakers, and provides insights through reports and studies, including the Export Strategy Paper 2023, outlining a roadmap to achieve USD 300 billion in engineering exports by 2030.