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वंचितों और रोगियों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं परोपकारी अक्षय सोनकांबले

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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार की आरोग्यनिधि सेवा संस्था के कर्मठ एवं समाजसेवक अक्षय दयानंद सोनकांबले मुंबई में गोरेगांव पूर्व संतोष नगर के रहवासी हैं, इनका जन्म और शिक्षा मुम्बई में हुआ है। परोपकारी स्वभाव के अक्षय सांताक्रुज, विलेपार्ले, अंधेरी, जोगेश्वरी, गोरेगांव के आसपास के क्षेत्र में जितने भी जरूरतमंद लोग हैं उनका दिल खोलकर सहायता करते हैं। मुम्बई ही नहीं सुदूर क्षेत्रों के लोगों तक भी वे अपनी सहायता पहुंचाते हैं। यह काम अक्षय पिछले सात आठ सालों से कर रहे हैं और अभी तक लगभग बारह सौ से अधिक लोगों तक वह सहायता पहुंचा चुके हैं। वह आर्थिक रूप से जरूरतमंद लोगों तक अन्न और फल सब्जियां पहुंचाकर, रुग्ण और असहाय लोगों को स्वास्थ्य चिकित्सा मुहैया कराकर, छोटे बच्चों को कपड़े और उनकी शिक्षा की आवश्यक वस्तुएं प्रदान कर सहायता करते हैं। आदिवासी बस्तियों में प्रत्येक रविवार को भोजन या खिचड़ी बांट कर उनकी सहायता करते हैं। इसके लिए वह स्थानीय लोगों की मदद भी लेते हैं और साथ में सम्मिलित होकर स्वयं भी भोजन ग्रहण करते हैं। इन सभी कार्यो में उनके परिवार का भरपूर सहयोग उन्हें मिलता है। अक्षय के भीतर यह सेवा और परोपकार की भावना का उदय उन्हें उनके पिता दयानंद सोनकाम्बले से मिला है। अक्षय अपने पिता को अपना आयडल मानते हैं। उन्हीं की तरह परोपकार और सेवा करना चाहते हैं। अक्षय बताते हैं कि जब से वह इस जनसेवा अभियान से जुड़े हैं तब से उनकी आर्थिक सहायता केवल उनके पिता ने ही कि है और वे अक्षय को कहते हैं कि जितना भी हो सके वह मदद करेंगे किसी अन्य से आर्थिक मदद या पैसे ना लें। यदि कोई सेवा हेतु आर्थिक मदद देता भी है तो यह धन केवल सेवा के लिए प्रयोग करें अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं। अक्षय के पिता एक मध्यमवर्गीय कामगार व्यक्ति हैं किंतु परोपकारी कार्यों हेतु वे सदैव तत्पर रहते हैं तथा अपने सामर्थ्य अनुसार वंचितों की सहायता में लगे रहते हैं।

अक्षय अपने पिता का अनुसरण करते हैं। अक्षय अपने बारे में बताते हैं कि उनके अंदर लोगों के लिए सहयोग की भावना का उदय तब हुआ जब वे सातवीं या आठवीं कक्षा में पढ़ते थे। उस समय उनकी माँ के कानों में तेज दर्द और चक्कर की शिकायत थी। उनके पिता सुबह उनकी माँ को लेकर अस्पताल जाते और वापस लौटते हुए शाम या रात हो जाती थी। यह देख अक्षय यह सोचते कि आखिर सरकारी अस्पताल में इतना समय क्यों लग जाता है। फिर जब वे एक बार अपनी माँ को जोगेश्वरी स्थित क्रोमा अस्पताल (बालासाहेब ठाकरे हॉस्पिटल) लेकर गए तो वहां पहुंचते ही उनकी माँ को चक्कर आ गया। माँ की हालत देख अक्षय ने वार्डबॉय से अपनी माँ के लिए कुर्सी मांगी तब वार्डबॉय ने उन्हें अनदेखा कर दिया। तभी वहां सफाई कर्मचारी एक महिला ने कुर्सी का इंतजाम कर उन्हें दिया। इलाज कराने के बाद अक्षय पुनः वार्डबॉय से मिले और पूछा कि आपने सहायता क्यों नहीं की तो इस पर वॉर्डबॉय ने तीखा तंज कसते कहा कि आपकी माँ क्या झांसी की रानी है यदि सुविधा चाहिए तो प्राइवेट अस्पताल जाओ यहाँ क्यों आते हो। वॉर्डबॉय की बात अक्षय को बहुत बुरी लगी और उसने सोचा कि वह किसी और को ऐसी तकलीफ से नहीं गुजरने देंगे। फिर वह अपना जन्मदिन मनाने ‘दया अनाथाश्रम’ गए वहाँ उन्होंने अन्नदान किया और उनका हाल पूछा तभी कुछ बीमार लोगों ने अपनी व्यथा बताई और यह भी बताया कि बीएमसी अस्पतालों में इलाज के लिए जाने पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है लंबी लाइन लगाना पड़ता है। जिसका अस्पताल में पहचान हो, उसी का सही इलाज हो पाता है। उनकी यह बात सुन अक्षय को लगा कि लोग बीएमसी को लेकर जो बोल रहे हैं वह सही नहीं है और वहीं से अक्षय ने ठान लिया कि सरकारी अस्पताल में अब गरीब और जरूरतमंदों को कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए अक्षय पूरी जी जान से जुड़े, लोगों से संपर्क बनाया, सारी जानकारियां हासिल की, नेता, एनजीओ, नगरपालिका अधिकारियों, खासदार आदि से संपर्क किया, ताकि बीमार व्यक्तियों के लिए बीएमसी में इलाज करवाना आसान हो जाये और सरकारी अस्पतालों को लेकर लोगों में जो धारणा बनी है वह दूर हो और सभी रोगियों को आसानी से सहायता मिल सके। अक्षय ने सबसे पहले एक लकवाग्रस्त व्यक्ति की सहायता की और वहीं से जनसेवा का काम जो शुरू हुआ वह आज तक चल रहा है और इस सेवा चैन को अक्षय दूर दराज के लोगों तक लेकर जाना चाहते हैं। वह बीमार व्यक्ति को सरकारी अस्पताल में उचित डॉक्टर से मिलाना, बीमारी के लिए उन्हें सरकारी सहायता की जानकारी देना, जरूरतमंदों को एनजीओ या सरकार की ओर से सहायता दिलाना, कम लागत में इलाज की व्यवस्था, कैन्सर मरीजों को कीमो और दवा प्राप्त करने हेतु कम लागत में इलाज प्राप्त करने के उपाय बताना जैसे सेवाभाव का कार्य करते हैं।

अक्षय कहते हैं कि अधिकांश लोगों को डॉक्टर और सरकारी सुविधाओं का ज्ञान ही नहीं है। सरकारी अस्पताल में कम लागत में ऑपरेशन, एमआरआई, सोनोग्राफी, एक्सरे और खून जांच आदि हो जाती है फिर भी लोग धैर्य नहीं रखते और अधिक लागत में अपना इलाज और जांच कराते हैं। वह सदा लोगों की सहायता के लिए तत्पर हैं और किसी भी बीमार व्यक्ति को इलाज हेतु आर्थिक सहायता चाहिए तो वह किसी बीएमसी अस्पताल में कम मेहनत और कम लागत में सहायता पहुंचाएंगे। जो आर्थिक रूप से सम्पन्न नहीं उनकी आर्थिक मदद भी करेंगे। अक्षय यह कार्य सेवा भाव
से करते हैं, आय साधन के लिए नहीं। उनका कहना है कि जो तकलीफ़ उन्होंने सही वह किसी और को भोगना ना पड़े।

– गायत्री साहू

बिजनेसमैन डॉ निकेश जैन माधानी के पिता की स्वास्थ्य संबंधी हालचाल लेने पहुंचे शिवसेना नेता व प्रवक्ता आनंद दुबे और सुनील चौबे

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मुंबई। बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी व्यापारिक व सामाजिक क्षेत्रों में अच्छी पकड़ रखते हैं। साथ ही वह राजनीतिक एवं मीडिया से भी जुड़े हैं। उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता व प्रवक्ता आनंद दुबे 26 फरवरी को निकेश के घर जाकर उनके पिता से भेंट किए और स्वास्थ्य संबंधी हालचाल लिया। निकेश और उनके पिता ने गुलदस्ता देकर आनंद दुबे और सुनील चौबे का स्वागत किया।

अभी 25 फरवरी को ही बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी मुंबई के सहारा स्टार होटल में इंडियन गोल्डन अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
आपको बता दें कि हाल ही में डॉ निकेश जैन माधानी को भारत सरकार की युवा मामले एवं खेल मंत्रालय युवा मामले विभाग, नेहरू युवा केन्द्र संगठन द्वारा सम्मान मिला। वहीं निकेश जैन को रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया के हाथों दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड 2024, पार्श्वगायक उदित नारायण के हाथों अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 और अभिनेता सोनू सूद के हाथों एशियन एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 मिला है।
विदित हो कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। पिछले दिनों ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं और इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि माधानी फाइनेंस, माधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, माधानी ट्रेडिंग कंपनी, माधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

इंडियन गोल्डन अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए डॉ निकेश जैन माधानी 

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मुंबई। 25 फरवरी के दिन बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को मुंबई के सहारा स्टार होटल में इंडियन गोल्डन अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया। जोइल इंटरटेनमेंट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बिग बॉस रियलिटी शो के कंटेस्टेंट एवं यूटूबर और इनफ्लुएंसर को मुख्य अतिथि डॉ निकेश जैन माधानी के हाथों सम्मानित किया गया।

आपको बता दें कि हाल ही में डॉ निकेश जैन माधानी को भारत सरकार की युवा मामले एवं खेल मंत्रालय युवा मामले विभाग, नेहरू युवा केन्द्र संगठन द्वारा सम्मान मिला। वहीं निकेश जैन को रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया के हाथों दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड 2024, पार्श्वगायक उदित नारायण के हाथों अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 और अभिनेता सोनू सूद के हाथों एशियन एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 मिला है।
विदित हो कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। पिछले दिनों ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं और इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि माधानी फाइनेंस, माधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, माधानी ट्रेडिंग कंपनी, माधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

सीसीएल का अपना पहला मुकाबला नहीं बचा पाए भारत राइजिंग के भोजपुरी दबंग्स 

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अभी पिछले साल के ख़िताबी मुकाबले के घाव ताजा ही थे कि सीसीएल के दसवें संस्करण से भारत राइजिंग के भोजपुरी दबंग्स के लिए पहले मुकाबले से भी अच्छी ख़बर नहीं आई है। दुबई के शारजाह में खेले जा रहे पहले मुकाबले में मनोज तिवारी के नेतृत्व में भोजपुरी दबंग्स गत चैम्पियन तेलुगु वारियर्स से यह मुकाबला 8 रनों से हार गई है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए तेलुगु वारियर्स ने अपनी पहली पारी में तीन विकेट के नुकसान पर 94 रन बनाए। जवाब में मनोज तिवारी 38 रनों (रिटार्यड हर्ट) और आदित्य ओझा की 43 रनों की उपयोगी पारियों की बदौलत भारत राइजिंग वाले भोजपुरी दबंग्स ने अपनी पहली पारी में चार विकेट के नुकसान पर 103 रन बना डाले और इस तरह से तेलुगु वारियर्स पर 9 रनों की बढ़त बना लिया था। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में बढ़त लेकर अपने इस प्रदर्शन से भोजपुरी दबंग्स का खेमा उत्साहित था क्योंकि इन्हें पहली पारी के आधार पर जो 9 रनों की बढ़त मिल गई थी, लेकिन भोजपुरी दबंग्स की यह खुशी अधिक देर तक कायम नहीं रह सकी, क्योंकि अब तेलुगु वारियर्स ने अपनी दूसरी पारी में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 118 रन बना दिया और फिर भोजपुरी दबंग्स पर दबाव बनाते हुए उनके सामने जीत के लिए 110 रनों का भारी भरकम टारगेट सेट कर दिया। 10 ओवर में 110 रनों के टारगेट के दबाव में भोजपुरी दबंग्स की शुरुआत बेहद खराब हुई। जहां भोजपुरी दबंग्स के लिए दूसरी पारी की शुरुआत में विकेट जल्दी गिर जाने के कारण ही भारी गड़बड़ हो गई। भारत राइजिंग भोजपुरी दबंग्स के दो विकेट 5 रनों के अंदर निकल जाने के बाद पारी सम्भालने में लगे आदित्य ओझा नाबाद 46 रन और असगर खान नाबाद 40 रन ने मोर्चा संभाल लिया था। लेकिन भारी टारगेट और कम ओवर के दबाव के आगे इनकी मेहनत भी बेकार गई , और भोजपुरी दबंग्स अपनी दूसरी पारी में कुल 2 विकेट के नुकसान पर 101 रन ही बना पाई , और अपना पहला मुकाबला 8 रनों से हार गई। वहीं तेलुगु वारियर्स की तरफ से आज अश्विन बाबू ने शानदार ऑल राउंडर खेल दिखाते हुए इस मैच में अर्धशतक लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने गेंदबाजी करते हुए अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण दो विकेट भी चटकाए।

भारत राइजिंग के राहुल मिश्रा बताते हैं कि सीसीएल एक मात्र क्रिकेट का ऐसा संस्करण है जिसमें 20 ओवर के मैच में ही दोनों टीमो को 10-10 ओवर्स की दो इनिंग्स खेलने का मौका मिलता है। क्रिकेट का यह प्रारूप अपनेआप में बेहद रोमांचक और मनोरंजन से भरपूर रहता है जहां आप अपने फिल्मी सितारों को एक दूसरे के साथ और एक दूसरे के खिलाफ क्रिकेट के मैदान में प्रतिस्पर्धा करते हुए देखते हैं । आज भोजपुरी दबंग्स के साथ तेलुगु वारियर्स के मुकाबले में भी दो संस्कृतियों का मिलन था। जहां एक तरफ शुद्ध देशी वातावरण में रहने वाले अपनी देशज भाषा और खान पान के लिए मशहूर भारत राइजिंग वाली भोजपुरी दबंग्स की टीम थी, जिसके ऑनर भी भोजपुरी से प्रेम करने वाले कनिष्क शील, सुशील मलिक, सुशील शर्मा,और राहुल मिश्रा हैं, वहीं दूसरी तरफ प्राचीन भारत की समृद्ध परम्पराओं को पुनर्जीवित करने वाली तेनालीरामन की धरती के योद्धा तेलुगु वारियर्स के रूप में आज मैदान में थे। गत साल और इस तरह से 4 बार सीसीएल का खिताब जीत चुके तेलुगु वारियर्स ने अपने पिछले साल भी ख़िताबी मुकाबले में भोजपुरी दबंग्स को हराकर ये ट्रॉफी जीते थे। दुबई में हुए इस हाई वोल्टेज सीसीएल मैच में भोजपुरी दबंग्स को चीयर करने के लिए इनकी महिला ब्रांड एम्बेसडर पाखी हेगड़े, आम्रपाली दुबे, शुभी शर्मा, नीलम गिरी, माही खान, रक्षा गुप्ता मौजूद रहीं।

उत्तराखण्ड News – नशा न मात्र व्यक्ति, परिवार बल्कि समूचे सामाजिक परिवेश को करता है प्रभावित -मुख्यमंत्री धामी,

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देहरादून,24 फरवरी, शनिवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में अमर उजाला द्वारा आयोजित ‘‘नशे की अंधेरी राह में उजाला’’ कार्यक्रम को संबोधित किया !

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नशे के विरूद्ध अभियान चलाने के लिये किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नशे की प्रवृति को रोकने एवं नशाग्रस्त व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों और विशेषकर युवाओं में नशे के दुष्परिणामों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। नशे की रोकथाम एवं इसके सम्बन्ध में जानकारी तथा जनता को किसी भी प्रकार की सहायता हेतु हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज में नशे के विरूद्ध जनजागरूकता के प्रसार में सभी से सहयोगी बनने की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके सारे परिवार और समूचे सामाजिक परिवेश को हानि पहुंचाता है। प्रदेश में जहां एक ओर लोगों और विशेषकर युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी करवाई भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी के सहयोग और संस्थाओं द्वारा किये जा रहे अथक प्रयासों से, हम समय से पहले ही ड्रग्स फ्री देवभूमि का विकल्प रहित संकल्प अवश्य प्राप्त कर लेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवा सपनों को साकार करने के साथ ही युवा प्रतिभाओं के साथ न्याय करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए हमने प्रदेश में सबसे कठोर ’’नकल विरोधी कानून’’ बनाकर भर्तियों में घोटाले करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की। वर्तमान में 7 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है और जल्द ही 19 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी। प्रदेश में सभी विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति का कैलेण्डर भी जारी किया गया है।

युवाओं को देश का कर्णधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब युवाओं की मेहनत, योग्यता, प्रतिभा एवं क्षमता को कोई रोक नहीं सकेगा। उन्हें उनकी मेहनत का इमानदारी एवं निष्पक्षता से फल अवश्य मिलेगा। अब हमारे युवाओं को अवसाद की स्थिति का सामना नहीं करना पडेगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न संस्थानों की नुक्कड नाटक प्रतियोगी दलों के चयन मण्डल के सदस्यों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं अमर उजाला के स्थानीय संपादक अनूप वाजपेयी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

आदिबद्री बिना बद्रीनाथ की यात्रा अधूरी

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दीपक नौंगाई अकेला

यह माना जाता है कि बद्रीनाथ धाम की यात्रा तभी पूरी होती है, जब पांचो बद्री धामों की यात्रा की जाए। इन्हे पंचबद्री कहा जाता है। ये है- आदिबद्री, ध्यानबद्री, योगबद्री, विशालबद्री और भविष्यबद्री।

इनमें आदिबद्री कुमाऊं के रास्ते गैरसैंण होते हुए बद्रीनाथ जाते मार्ग पर कर्णप्रयाग से 19 किलोमीटर पहले, समुद्र सतह से लगभग 3800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है

प्रसिद्ध चांदपुर गढी से यह मंदिर समूह 3 किलोमीटर दूर है। चांदपुर गढी उतराखण्ड के 52 गढ़ो में से एक है। यह प्रसिद्ध गढ था। किले के अवशेष आज भी मौजूद है। गढ़वाल में कत्यूरी राजाओं के ह  के बाद वहां कई गढपतियों का उदय हुआ। इनमें पवार वंश सबसे   शक्तिशाली था, जिसने चांदपुर गढी मे शासन किया। कनकपाल इस वंश का संस्थापक माना जाता है। उसने चांदपुर के भानु प्रताप की पुत्री   से विवाह किया और खुद वहां का गणपति बन गया।

स्कंद पुराण में वर्णन है कि ऋषि नारायण ने जिस स्थान पर तपस्या की थी, उसी जगह का नाम आगे चलकर आदिबद्री हुआ। ऋषि की तपस्या से घबरा कर स्वर्ग के राजा इन्द्र ने उनके तप में विघ्न डालने के लिए कुछ अप्सराए भेजी, किंतु इसके जवाब में ऋषि ने अपनी जांघ पर प्रहार कर एक कन्या उतपन्न की जो उर्वशी कहलायी। इस प्रकार उन्होंने इन्द्र का मान मर्दन किया। आदिबद्री के समीप भराडी गाँव को उर्वशी की क्रीड़ास्थली कहा जाता है।

आदिबदरी रानीखेत- कर्णप्रयाग मोटर मार्ग पर स्थित है। कुमाऊं के रास्ते आने वाले यात्रियों का यह पहला पड़ाव है। इस मंदिर के दर्शन करने के बाद ही यात्री आगे की यात्रा आरंभ करते हैं। मैंने चार बार आदिबद्री के दर्शन किए है। गौरतलब है कि भगवान विष्णु का बद्री नाम वाला क्षेत्र तीनों लोकों में परम दुर्लभ है। विष्णु पंच बद्री के इन मंदिरों में अपने विभिन्न रुपों में विराजते है।

आदिबद्री के मंदिर सातवीं- आठवीं सदी के आसपास कत्यूरी राजाओं द्वारा निर्मित बताए जाते हैं। आदि गुरु शंकराचार्य ने अपनी दिग्विजय यात्रा के दौरान कुछ मंदिरों का जीर्णोद्धार किया। मूलरुप से यह 16 मंदिरों का समूह था, अब 14 मंदिर बचे है। आज यह मंदिर समूह भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन है।

आदिबदरी के मंदिर शिखर शैली के है जो विशाल शिलाओं को काटकर और एक के ऊपर एक रखकर बनाए गए हैं। नींव पर से चकोर स्थापत्य शैली से इन्हे उठाया गया है। ऊपर जाकर शिखर पर ये धीरे-धीरे तंग हो जाते है और शिखर पर सूर्य शिला इस शैली को पूर्ण करती है। इतिहासकारों ने इन मंदिरों की बनावट को रेखा देवल शैली, पीढा देवल शैली और खाकरा देवल शैली मे बाँटा है। इन मंदिरों की बनावट जागेश्वर और द्वाराहाट के मंदिरों से मिलती जुलती है। इससे यह भी प्रतीत होता है कि ये सभी मंदिर एक ही काल सदी मेें निर्मित हुए हैं।

हल्द्वानी से सुबह सात बजे चले तो एक या दो बजे के आसपास आप यहाँ पहुँच जाएंगे। ठीक दाई ओर यह मंदिरों का समूह है। आदिबद्री एक मंदिर न होकर कई मंदिरों का समूह है जो एक ही प्रांगण में सिमटे हुए हैं। बीच में मुख्य मंदिर है, जिसकी ऊंचाई बीस फीट है। मंदिर के गर्भगृह में चार फीट की मूर्ति स्थापित है। काले पत्थर से बनी मूर्ति चार खंडो में विभक्त है, परन्तु मूर्ति के सौन्दर्य व सजीवता को देखकर नहीं लगता कि यह चार खंडो में विभक्त है

यह मूर्ति खड़ी मुद्रा में है तथा इसके दाएं अधोहस्त में पदम नहीं है। यह हाथ वरद मुद्रा में है जिसे रजो मुद्रा कहते हैं। मूर्ति के वृक्ष पर लक्ष्मी जी का प्रतीक श्री वत्स अंकित है। मूर्ति के आसपास कई उप मूर्तियां उत्कीर्ण है। पहले ठीक ऊपर नवग्रह पंक्ति है। दांई तथा बांई ओर क्रमश: विष्णु व शिव पत्नियों सहित आसीन हैं। इसके ठीक ऊपर भगवान नारायण योगासन की मुद्रा में विराजमान हैं।

यहाँ सभी मंदिर आकर्षक मूर्तियां से युक्त है। सभी मूर्तियां प्रस्तर खंडो की बनी है। मुख्य मंदिर के ठीक सामने गरुड़ का मंदिर है। इसमें गरुड़ की दिबाहू मूर्ति है , जो बांया घुटना टेके दोनों हाथों में अमृत घट लिए हुए है। लक्ष्मी नारायण तथा सत्यनारायण के मंदिर छोटे परंतु अपनी स्थापत्य के साथ आकर्षित करते है। इन मंदिरों के अतिरिक्त अन्नपूर्णा देवी तथा महिषासुर मर्दिनी आदि के मंदिर भी कलात्मक शैली के लिए जाने जाते हैं।

आदिबदरी के मंदिरों में स्थित मूर्तियों ने तस्करों को बार बार ललचाया है। यहाँ 1965, 1966 और 1967 मे लगातार तीन बार मूर्तियों की चोरी हुई। 1967 मे मूर्ति चुराकर ले जा रहे तस्करों को ऋषिकेश में पकड़ लिया गया। विदेश पहुंचने पर इन मूर्तियों की कीमत करोडों में होती। कई सालों तक यह मूर्ति विभिन्न अदालतों में रही। 1986 मेें 14 से 21 जनवरी तक आदिबद्री धाम में हुए एक समारोह में मूर्ति की पुन: प्राण प्रतिष्ठा हुई।

यहाँ एक बहुत प्रसिद्ध मेला  नोठा कोथीग भी लगता है, जिसमें कई गांवों के लोग भाग लेते हैं। यह मेला बैशाख माह के पांचवे अथवा ज्येष्ठ माह के पहले सोमवार से शुरु होता है। लोग परंपरागत वेशभूषा तथा ढोल नगाड़ों के साथ टोलियों में मंदिर आते हैं।

आदिबद्री चमोली जिले मे है। यहां से चमोली 50 किलोमीटर और बद्रीनाथ 140 किलोमीटर दूर है।

आदिबद्री के ठीक सामने एक छोटी नदी बहती है, जिसका नाम उत्तर नारायण गंगा है। यह नदी दुधातोली से निकलती है। उत्तर दिशा की ओर बहते हुए यह सिमली ( कर्णप्रयाग) मे पिंडर नदी में मिल जाती है। पिंडर नदी कर्णप्रयाग मे अलकनंदा नदी से मिल जाती है। धापली गाँव के थपलियाल लोग मंदिर मे पुजारी का काम करते हैं। मंदिर की देखरेख के लिए मंदिर समिति भी बनाई गई है। (विभूति फीचर्स)

मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश स्थित एम्स ’NMOCON-2024’ के 43वें राष्ट्रीय अधिवेशन का किया शुभारंभ

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देहरादून,24 फरवरी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश स्थित एम्स में नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन के 43 वें दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन ‘NMOCON- 2024’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया !

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने अधिवेशन में आए चिकित्सक एवं छात्रों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानने वाला यह संगठन निरंतर ’नर सेवा नारायण सेवा’ के भाव से देश में अपनी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। देश के विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकों और छात्रों द्वारा स्वास्थ्य से जुडे विभिन्न विषयों पर चिंतन करना सराहनीय प्रयास है। इस प्रकार ’’स्वास्थ्य सेवा से राष्ट्र सेवा’’ और ’’स्वास्थ्य सेवा ही राष्ट्र सेवा’’ के सिद्धांत को अपनाकर संगठन द्वारा अंत्योदय की भावना से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत में स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। साथ ही स्वास्थ्य के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सुधार जारी है, इनमें सस्ते उपचार व दवाइयां, ग्रामीण स्तर पर आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, मानव संसाधन का विकास और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ाने के लिए तकनीक का उपयोग आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवा में अंत्योदय की सोच के साथ कार्य कर रही है। पिछले दस वर्षों में देश में 200 से अधिक नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हुआ है। वर्तमान में 22 से अधिक एम्स में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। साथ ही योग और आयुष को लेकर देश में और अधिक जागरूकता आई है। विश्व में योग को लेकर आकर्षण बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान एवं जल जीवन मिशन ने कई रोगों की रोकथाम में सहायता की है। पोषण अभियान देश में कुपोषण को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध हुआ है। राष्ट्रीय टेली-मेडिसिन सेवा-ई-संजीवनी ने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग सुदूर क्षेत्र में स्थित रोगियों के डायग्नोसिस, उपचार और प्रबंधन को सक्षम करने के लिए किया है। इनके उपयोग से सुदूर गांव में रहने वाला कोई व्यक्ति भी शहरों में रहने वाले चिकित्सकों से शुरुआती परामर्श प्राप्त कर सकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन शुरू किया गया है। जो स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लाभार्थियों तक सुविधाओं को पहुंचाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के परस्पर समन्वय से कार्यों का सफल सम्पादन किया जा रहा है। प्रदेश में सभी को निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही कैशलेस उपचार देने की दिशा में अटल आयुष्मान योजना प्रभावी साबित हो रही है। अब तक करीब 55 लाख से ज्यादा लोगों का आयुष्मान कार्ड होल्डर के रूप में पंजीकरण हो चुका है। अटल आयुष्मान योजना और आयुष्मान कार्ड की सहायता से 5 लाख से अधिक मरीजों ने समय पर अपना इलाज भी कराया है। प्रदेश सरकार जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार कई योजनाएं चला रही है। गर्भवती महिलाओं के लिए ’जननी सुरक्षा योजना’ के अंतर्गत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए इस योजना का संचालन किया जा रहा है। इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों का निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। आमजन की मधुमेह, रक्तचार, स्तन कैंसर एवं मुंह के कैंसर की निःशुल्क जाँच तथा स्क्रीनिंग के लिए हैल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर संचालित किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हैल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के माध्यम से आम जनमानस को उनके क्षेत्रों में स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए जन आरोग्य अभियान का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन का उद्देश्य क्षय रोगियों को रोग मुक्त करना है, जिसके लिए भारत को क्षय मुक्त बनाने के लिए 2025 का लक्ष्य रखा गया है। जबकि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए धरातल पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने संपूर्ण विश्व का नेतृत्व किया। कोरोनाकाल में देश के साथ विदेशों में भी निःशुल्क वैक्सीन दी गई। प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू किए गए हर अभियान का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को मिल रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के आधार पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। सभी के सहयोग से हम स्वस्थ, समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करने में सफल होंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, डॉ. धन सिंह रावत, निदेशक एम्स प्रो. मीनू सिंह, आरएसएस सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

भारत सरकार की खेल मंत्रालय मामले विभाग एवं नेहरू युवा केंद्र संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित हुए डॉ निकेश जैन माधानी 

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अभिनेता रंजीत, डॉ निकेश जैन माधानी और रामकुमार पाल ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

मुंबई। भारत सरकार की युवा मामले एवं खेल मंत्रालय युवा मामले विभाग, नेहरू युवा केन्द्र संगठन और महाराष्ट्र – गोवा जोन, मुंबई द्वारा राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता प्रतियोगिता का आयोजन जेपी नाईक भवन विद्यानगरी कलीना, सांताक्रुज मुंबई में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का विषय “मेरा भारत – विकसित भारत @2047” रखा गया था। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि रंजीत और डॉ निकेश जैन को सम्मानित किया गया।
उसी अवसर पर मेधावी छात्रों को बॉलीवुड सीनियर एक्टर रंजीत, बिजनेसमैन निकेश ताराचंद जैन माधानी, समाजसेवक राम कुमार पाल, प्रकाश कुमार मनुरे (राज्य निदेशक, एनवाईकेएस, महाराष्ट्र – गोवा) और कई दिग्गज हस्तियों के हाथों पुरस्कार प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय (वरिष्ठ प्रोफेसर, हिंदी विभाग, मुंबई विश्वविद्यालय), डॉ शीतला प्रसाद दुबे (कार्यकारी अध्यक्ष, महा. हिंदी साहित्य अकादमी, मुंबई), डॉ. शिवाजी सरगर (एचओडी, अंग्रेजी विभाग, मुंबई विश्वविद्यालय) और निशांत रौतेला (जिला युवा अधिकारी, एनवाईके, मुंबई) की उपस्थिति रही।
अमृत काल के दौरान भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए युवाओं को उनके भविष्य के विकास और सशक्तिकरण के लिए नेतृत्व गुणों सहित युवा वक्ताओं को कौशल दिखाने और अपने साथियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक सुनहरा अवसर मिला।
इस भाषण प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि रहे डॉ निकेश जैन माधानी के बारे में आपको बता दें कि पिछले दिनों रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली ख्याति प्राप्त अभिनेत्री दीपिका चिखलिया के हाथों डॉ. निकेश जैन दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड 2024, पार्श्वगायक उदित नारायण के हाथों अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 और अभिनेता सोनू सूद के हाथों एशियन एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 मिला है।
आपको बता दें कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। पिछले दिनों ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं और इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि मधानी फाइनेंस, मधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, मधानी ट्रेडिंग कंपनी, मधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आदानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।

– संतोष साहू

दादा साहब अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतने पर रानी मुखर्जी ने जताया आभार

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मुंबई। बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री रानी मुखर्जी, जिन्होंने मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे में अपने शानदार अभिनय से काफी आलोचनात्मक और व्यावसायिक प्रशंसा हासिल की है, उन्होंने हाल ही में आयोजित दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता।

पुरस्कार प्राप्त करने पर, रानी ने मंच पर कहा, “मुझे लगता है कि हमारे देश के बाहर भारतीयों पर क्या बीतती है, उसके संदर्भ में एमसीवीएन एक महत्वपूर्ण फिल्म है। जब यह कहानी मेरे पास आई, तो मैं यह जानकर हैरान रह गई कि एक मां के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया।” और कैसे उसके बच्चों को उससे छीन लिया गया। एक माँ के रूप में, इस कहानी ने मुझे सचमुच छू लिया और मुझे लगा कि यह कहानी हर किसी को बतानी चाहिए और मैंने फिल्म की।
उन्होंने आगे कहा, “जब मैंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी और जब मुझे इस कहानी के बारे में पता चला तो मेरे अंदर बहुत उत्साह था। जब मैं शूटिंग कर रही थी तो मेरे दिमाग में बस एक ही बात थी कि मुझे अपनी क्षमता से ज्यादा देना है।” 100% ताकि सागरिका की इस कहानी को बड़े पर्दे पर लाया जा सके और इसे वास्तविक बनाया जा सके और इसे इस तरह से दिखाया जा सके कि लोग मुझे भूल जाएं लेकिन मुझमें देविका चटर्जी को देखें। इसलिए मेरे लिए किरदार बनना महत्वपूर्ण था, और मैं बहुत खुश और आभारी हूं कि दर्शकों ने इसे पसंद किया और उन्होंने एमसीवीएन को इतना प्यार दिया, मैं इस पुरस्कार के लिए वास्तव में आभारी और बहुत विनम्र हूं। मुझे यह सम्मान देने के लिए दादा साहेब फाल्के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को धन्यवाद। यह हमेशा सच्चा होता है एक पुरस्कार जीतना विशेष है, खासकर जब दर्शकों को आपका काम पसंद आता है और वे आपको पुरस्कार देते हैं, पहला बॉक्स ऑफिस के माध्यम से, और दूसरा फिल्म के लिए इन अद्भुत छोटे स्मृति चिन्हों के माध्यम से।
रानी ने अपनी फिल्म मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे के लिए पुरस्कार जीता, जहां उन्होंने एक उत्साही महिला की भूमिका निभाई, जो अपने बच्चों को वापस पाने के लिए एक देश से भिड़ती है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त हिट रही और इसने यह विश्वास वापस ला दिया कि महामारी के बाद की दुनिया में कंटेंट सिनेमा लोगों को सिनेमाघरों तक खींच सकता है। दुनिया भर में बड़े पर्दे पर रानी का जलवा कायम है; यह प्रतिष्ठित सम्मान अब तक के सबसे प्रभावशाली और प्रशंसित अभिनेत्रीओं में से एक के रूप में उनकी स्थिति को और मजबूत करता है।
चमचमाती पारदर्शी काली साड़ी में रेड कार्पेट पर चलते हुए रानी बेहद खूबसूरत लग रही थीं। इस खूबसूरत अभिनेत्री के साथ सुपरस्टार शाहरुख खान भी शामिल हुए और किंग खान और बॉलीवुड क्वीन ने एक साथ अपनी तस्वीरों से इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि 2023 में आयोजित आईएफएफएम और जागरण फिल्म फेस्टिवल के बाद रानी को एमसीवीएन के लिए यह तीसरा पुरस्कार मिला है।

तब्बू, करीना कपूर खान और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘क्रू’ का फर्स्ट लुक पोस्टर हुआ रिलीज

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एकता कपूर की अपकमिंग कमर्शियल फैमिली एंटरटेनर ‘क्रू’ को लेकर दर्शकों में खूब एक्साइटमेंट है। इस फिल्म में तब्बू, करीना कपूर खान और कृति सेनन हैं। कुछ दिनों पहले फिल्म की रिलीज डेट रिवील कर ऑडियंस को एक्साइट किया जा चुका है और अब मेकर्स फिल्म के पहले पोस्टर के साथ सामने आए हैं जिसमें फिल्म की लीड एक्ट्रेसेज ने अपना जादू बिखेरा हैं।

इस पोस्टर पर तब्बू, करीना कपूर खान और कृति सेनन बैडएस एयर होस्टेसेज के रूप में अपनी ग्लैमरस प्रेजेंस से सीधा लोगों के दिलों में लैंड कर जाती है और एक मसालेदार एंटरटेनमेंट का वादा करती हैं। पहली बार एक साथ आते हुए, ये पावरफुल एक्टर्स स्क्रीन पर धमाल मचाने की गारंटी देती हैं। इस पोस्टर को देखते हुए कह सकते है कि ये फिल्म एक क्रेजी फ्लाइट एडवेंचर साबित होने वाली है।

फिल्म से तब्बू, करीना कपूर खान और कृति सेनन का ये फर्स्ट-लुक पोस्टर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा,

https://www.instagram.com/p/C3rsNXQArj3/?igsh=MWp3bGt0Y2xjenNzNg==

https://www.instagram.com/p/C3rsTm6gezr/?igsh=MWdwdnE1aTk2NXF5MA==

https://www.instagram.com/p/C3rsYurgbmu/?igsh=MWsyNzhsZ3F0c3o4Nw==

वैसे जब से निर्माताओं ने मोशन पोस्टर के साथ ‘क्रू’ की रिलीज डेट का खुलासा किया है, तब से दर्शक फिल्म की और ज्यादा झलक देखने के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। और अब, पहले पोस्टर के आने के साथ दर्शकों की चाहत और बढ़ गई है।

राजेश ए कृष्णन द्वारा निर्देशित बालाजी टेलीफिल्म्स और अनिल कपूर फिल्म एंड कम्युनिकेशंस नेटवर्क की यह बहुप्रतीक्षित रिलीज 29 मार्च, 2024 को इस गुड फ्राइडे वीकेंड में सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।