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गाय के गोबर से बनाई जा रही ‘लकड़ियां

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मुरादाबादः  मनोहरपुर का गोबर होली में पर्यावरण संरक्षण करेगी. सुगंध से लबरेज गोबर की लकड़ी जलकर अपने सुगंध से लोगों का दिल जीत लेगी. धुएं से किसी को सांस लेने में भी दिक्कत नहीं आएगी. ऐसा दावा गोबर से लकड़ी बनाने वाली टीम कर रही है. दावा है कि गुलाब की पंखुड़ी, गेंदे के फूल, कपूर, सिंदूर के पेड़ की, पत्तियां और बीज मिलकर यह लकड़ी तैयार हो रही है. इसके साथ ही नोएडा, मेरठ, बरेली और मुरादाबाद मंडल में मुरादाबाद के गोबर से होली को सुगंधित किया जाएगा.

उत्सव धर्मी लोग संगठन और होली को उल्लास के साथ मनाने वालों की टोली ने गोबर की लकड़ी की बुकिंग और खरीद शुरू कर दी है. हाल ही के सालों से इको फ्रेंडली होली का दहन का प्रचलन बढ़ा है. महानगर क्षेत्र में लकड़ी की जगह गाय के गोबर की लकड़ी से होलिका दहन जलने का सिलसिला शुरू हो चुका है. कुछ पर्यावरण प्रेमी इस त्यौहार को व्यवस्थित करने और धुएं को खतरे से लोगों को बचाने की मुहिम चला रहे हैं. इसके साथ ही मनोहरपुर केंद्र पर लकड़ी बनाकर रोजगार प्राप्त कर रहे लोगों की माने तो लकड़ी से कम कीमत पर गाय के गोबर से बनी लकड़ी उपलब्ध हो रही है. जिससे लोगों के पैसे भी बचेंगे. एक होलिका में करीब तीन क्विटल लकड़ी का प्रयोग होता है. लकड़ी बाजार में 1200 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है. जबकि उपले और गोबर से बनी लकड़ी इससे सस्ती है. गाय का गोबर गौशाला से एक मुस्त मिलने में भी आसानी है. इस कार्य में स्वरोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं.

बुकिंग हो गई शुरू
जोर्डस केंद्र मनोहरपुर के निदेशक डॉ दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि नोएडा बरेली और मेरठ सहित मुरादाबाद मंडल से गोबर की लकड़ी की बुकिंग कराई गई है. अब तक डेढ़ सौ क्विंटल से अधिक लकड़ी के ऑर्डर मिल चुके हैं. 1000 क्विंटल माल तैयार करना है. महानगर के लोग हर साल आते हैं. अभी संभल, अमरोहा और रामपुर के लोगों के फोन आ रहे हैं. केंद्र पर इको फ्रेंडली लकड़ी तैयार की जाती है. इसके लिए कपूर, सिंदूर के पेड़ की पत्ती और बीज भी डालते हैं. टीम ने काम शुरू कर दिया है. गेंदे के फूल और उसका तना भी गोबर में मिलाया जाता है. इसके साथ ही इस कार्य को करने में लोगों को रोजगार भी मिल रहा है.

सोनू सूद ने जरूरतमंद मरीजों को 50 किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट करने का वादा किया

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मुंबई (अनिल बेदाग ) : अभिनेता और परोपकारी सोनू सूद ने एक हॉस्पिटल चैन के साथ एक यूनिक पार्टनरशिप की है, जो महज इंडोर्समेंट के दायरे से परे है। ट्रेडिशनल एंडोर्समेंट फीस लेने के बजाय, सूद ने एक एग्रीमेंट पर बातचीत की है, जो सोशल कॉज के लिए उनके कमिटमेंट को दर्शाते हैं। इस कोलैबोरेशन में, सूद ने हॉस्पिटल चैन में विशेष रूप से, विशेषाधिकार वर्ग के पेशेंट्स के लिए 50 किडनी और लीवर ट्रान्सप्लांट्स की व्यवस्था की है। अपने इंफ्लुएंस और रिसोर्सेज का लाभ उठाकर, सूद का लक्ष्य उन व्यक्तियों के आर्थिक बोझ को कम करना है, जिन्हें इन लाइफ-सेविंग प्रोसिजर्स की आवश्यकता है। लेकिन उन्हें अफोर्ड करने के लिए उनके  पास साधनों की कमी है।
यह इनोवेटिव अप्रोच न सिर्फ समाज की सेवा के लिए सूद के निस्वार्थ समर्पण को दर्शाता है बल्कि सामाजिक भलाई के लिए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट का लाभ उठाने की परिवर्तनकारी पहल को भी उजागर करती है। सूद ने सभी के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट के एक्सेस के महत्व पर जोर देते हुए, मेडिकल आवश्यकताओं की दिशा में अपना प्रभाव डालना चुना है।
उनकी अपकमिंग प्रोडक्शन और डायरेक्टोरियल वेंचर, फ़िल्म ‘फ़तेह’, साइबर क्राइम के मुद्दे पर प्रकाश डालता है। सूद के साथ एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीज भी फ़िल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। फ़िल्म जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने किया “जिगरबाज खेल महासंग्राम” का पोस्टर लॉन्च

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के घाटकोपर पश्चिम के विभाग अध्यक्ष गणेश चुक्कल द्वारा जिगरबाज खेल महासंग्राम का भव्य आयोजन मुंबई में किया जा रहा है। इस संदर्भ में जिगरबाज खेल महासंग्राम का पोस्टर और थीम सॉन्ग पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर द्वारा लॉन्च किया गया। टेस्ट क्रिकेट और एक दिवसीय क्रिकेट दोनों में प्रसिद्धी प्राप्त करने वाले दिलीप वेंगसरकर ने इस जिगरबाज खेल महासंग्राम के लिए गणेश चुक्कल को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि गणेश चुक्कल द्वारा जिगरबाज खेल महासंग्राम का आयोजन 5 मार्च से 10 मार्च तक घाटकोपर के दत्ताजी सालवी ग्राउंड पर किया जा रहा है जिसकी तैयारी महीनों से जारी थी। यह स्पोर्ट्स और कल्चरल इवेंट अपनी तरह का एक अनोखा कार्यक्रम होगा जहां खेल और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के घाटकोपर पश्चिम विभाग के विभाग अध्यक्ष गणेश चुक्कल द्वारा पहली बार घाटकोपर मुंबई में ‘जिगरबाज खेल महासंग्राम’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस जिगरबाज खेल महासंग्राम का आयोजन उस पारंपरिक आउटडोर खेलों को प्रोमोट के लिए किया जा रहा है जो महाराष्ट्र की मिट्टी में निहित हैं, यह पहल आज की तकनीक और सोशल मीडिया के जाल में फंसते जा रहे युवक को नई दिशा की ओर मोड़ने के लिए है।
घाटकोपर में ओलंपिक खेलों को जानने के उद्देश्य से, ओलंपिक खेलों में भाग लेने के अवसर की तैय्यारी के लिए इस का आयोजन बेहद लाभकारी होगा। इस से आंगनवाड़ी में बच्चों के लिए उत्सव का माहौल होगा, वरिष्ठ नागरिकों का मनोरंजन होगा और पारंपरिक खेल, गीत का वातावरण भी रहेगा। यहाँ लोग एक दूसरे के साथ बातचीत कर सकते हैं और महिलाएं अपनी कला का आनंद ले सकती हैं। नई पीढ़ी को पारंपरिक खेलों के बारे में समझाने के लिए, जिगर बाज खेल महासंग्राम का आयोजन किया जा रहा है।
पारंपरिक आउटडोर खेलों को प्रोत्साहित  करने के लिए “जिगरबाज खेल महासंग्राम” का आयोजन
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के घाटकोपर पश्चिम के विभाग अध्यक्ष गणेश चुक्कल द्वारा जिगरबाज खेल महासंग्राम का भव्य आयोजन मुंबई में किया जा रहा है। इस संदर्भ में जिगरबाज खेल महासंग्राम का पोस्टर और थीम सॉन्ग पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर द्वारा लॉन्च किया गया। टेस्ट क्रिकेट और एक दिवसीय क्रिकेट दोनों में प्रसिद्धी प्राप्त करने वाले दिलीप वेंगसरकर ने इस जिगरबाज खेल महासंग्राम के लिए गणेश चुक्कल को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि गणेश चुक्कल द्वारा जिगरबाज खेल महासंग्राम का आयोजन 5 मार्च से 10 मार्च तक घाटकोपर के दत्ताजी सालवी ग्राउंड पर किया जा रहा है जिसकी तैयारी महीनों से जारी थी। यह स्पोर्ट्स और कल्चरल इवेंट अपनी तरह का एक अनोखा कार्यक्रम होगा जहां खेल और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के घाटकोपर पश्चिम विभाग के विभाग अध्यक्ष गणेश चुक्कल द्वारा पहली बार घाटकोपर मुंबई में ‘जिगरबाज खेल महासंग्राम’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस जिगरबाज खेल महासंग्राम का आयोजन उस पारंपरिक आउटडोर खेलों को प्रोमोट के लिए किया जा रहा है जो महाराष्ट्र की मिट्टी में निहित हैं, यह पहल आज की तकनीक और सोशल मीडिया के जाल में फंसते जा रहे युवक को नई दिशा की ओर मोड़ने के लिए है।
घाटकोपर में ओलंपिक खेलों को जानने के उद्देश्य से, ओलंपिक खेलों में भाग लेने के अवसर की तैय्यारी के लिए इस का आयोजन बेहद लाभकारी होगा। इस से आंगनवाड़ी में बच्चों के लिए उत्सव का माहौल होगा, वरिष्ठ नागरिकों का मनोरंजन होगा और पारंपरिक खेल, गीत का वातावरण भी रहेगा। यहाँ लोग एक दूसरे के साथ बातचीत कर सकते हैं और महिलाएं अपनी कला का आनंद ले सकती हैं। नई पीढ़ी को पारंपरिक खेलों के बारे में समझाने के लिए, जिगर बाज खेल महासंग्राम का आयोजन किया जा रहा है।

राज्यसभा सदस्य प्रफुल पटेल ने एबिना एंटरटेनमेंट की फिल्म धर्मरावबाबा अत्राम की बॉयोपिक फ़िल्म का ट्रेलर लॉन्च किया 

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मुंबई (अनिल बेदाग) : महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री धर्मराव बाबा अत्राम की जीवन कथा एक फ़िल्म के माध्यम से जल्द ही दर्शकों के सामने आ रही है। एबीना एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी फिल्म “धर्मराव बाबा अत्राम दिलों का राजा” का भव्य ट्रेलर लॉन्च मुम्बई के ताज होटल में किया गया। यहां मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सदस्य प्रफुल पटेल उपस्थित थे। निर्मात्री नीतू जोशी की इस फ़िल्म के निर्देशक भूषण अरुण चौधरी हैं। ऎक्टर जितेश मोरे ने फ़िल्म में यंग धर्मराव बाबा अत्राम का किरदार निभाया है।
इस भव्य समारोह में एमएलए संदीप धुर्वे, अनिल पाटिल मंत्री, मंत्री अदिति सुनील तटकरे, दिनेश वाघमारे और अभिमन्यु ,निशा जामवाल सहित कई खास अतिथि मौजूद थे। सभी मेहमानों को पुष्पगुच्छ देकर निर्मात्री नीतू जोशी ने सम्मानित किया। सभी ने फ़िल्म का शानदार पोस्टर लांच किया। फिर जब फ़िल्म का ट्रेलर दिखाया गया तो सभी ने खूब पसन्द किया।
चीफ गेस्ट प्रफुल पटेल ने कहा कि मुझे नहीँ मालूम था कि बाबा जी एक्टिंग भी कर सकते हैं। हमारे देश और इस राज्य के हीरे को लोगों तक पहुंचाने का काम इस फ़िल्म के माध्यम से किया जा रहा है। बाबा जी अहेरी के राजा हैं। अहेरी एक आदिवासी राज्य है और वह उसके राज परिवार से हैं। उनके पिताजी की बेहद कम उम्र में मृत्यु हो गई, उन्हें यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। उनके जीवन के अलग अलग पहलू को इस फ़िल्म मे प्रस्तुत किया गया है। ट्रेलर देखकर खुश हूं लेकिन पिक्चर तो अभी बाकी है। हम सब काफी संघर्ष के बाद यहां पहुंचे हैं, बिना त्याग तपस्या के कुछ हासिल नहींहोता है। बाबा राज्य के पिछड़े इलाके से हैं लेकिन उनके प्रयासों से आदिवासियों के जीवन मे बड़ा परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने लाखों लोगों के जीवन को बदला है।  मैं प्रोड्यूसर नीतू जोशी को शुभकामनाएं देता हूँ।
फ़िल्म की प्रोड्यूसर नीतू जोशी ने कहा कि इस फ़िल्म को बनाने के दौरान मैंने बाबा को और करीब से जाना, उनके संघर्ष को महसूस किया, समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को देखा, उनके योगदान का एहसास हुआ। इस फ़िल्म के माध्यम से मैं यह सन्देश भी देना चाहती हूं कि अच्छे संस्कार नई पीढ़ी को देना जरूरी है ताकि वे जीवन मे कुछ उल्लेखनीय कार्य कर सकें। मैं कोई ऐसी फिल्म बनाना चाहती थी जो समाज के लिए प्रेरणादायक हो। जब रिसर्च करनी शुरू की, नक्सलाइट एरिया में गई तो मुझे बाबा के बारे मे सुनने को मिला, जब वह सिर्फ 14 साल के थे तो उनके पिताजी का देहांत हो गया, उसके बाद उनके संघर्ष उनके कार्यो के बारे में सुनकर मैंने उनपर फ़िल्म बनाने का इरादा किया। इस फ़िल्म में हमने आदिवासी इलाके से कैबिनेट मंत्री तक की बाबा की यात्रा को दिखाया है।
मंत्री धर्मराव बाबा अत्राम ने बताया कि मुझे तो नई जिंदगी मिली है। मैंने नाले का पानी पिया, नक्सलियों के चंगुल से जिंदा वापस आया, वहां से जीवित आता कि नही आता, कुछ पता नही था। इस पूरी जर्नी को इस फ़िल्म में दर्शाया गया है।
निर्देशक भूषण अरुण चौधरी ने कहा कि बाबा जी की उम्र इतनी होने के बाद भी, बाबा एनर्जी से भरपूर हैं और उनकी यही ऊर्जा देखकर मेरा प्रेशर चला गया। फ़िल्म में जितेश ने अच्छा काम किया है, बाबा जी की तरह बॉडी लैंग्वेज पकड़ी है। मेरे लिए यह फ़िल्म बनाना एक सपना था।
एक्टर जितेश मोरे ने कहा कि यह किरदार निभाने का जब मुझे ऑफर मिला तो मैंने काफी दबाव महसूस हुआ। लोग जब मुझे स्क्रीन पर देखें तो लगे कि मैं बाबा की तरह नजर आ रहा हूँ। इसी प्रेशर में काम किया, निर्देशक ने मेरा काम काफी हद तक आसान किया।
इस अवसर पर जितेश मोरे ने फ़िल्म का डायलॉग भी बोला जो बाबा जी का नारा रहा है कि यह जल जमीन जंगल हमारा है और ये मालिकाना हक़ हमारा अधिकार हैं।” यह बायोपिक जल्द ही रिलीज़ की जाएगी।

आर्टिकल 370 ने कई लोगों को प्रेरित किया- यामी गौतम

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मुंबई (अनिल बेदाग ) : आर्टिकल 370 निश्चित रूप से बॉक्स ऑफिस पर विजेता बनकर उभरी है। फिल्म को न केवल दर्शकों ने सराहा है बल्कि इसने कई लोगों को प्रेरित भी किया है। यामी गौतम को आर्टिकल 370 में खुफिया अधिकारी ज़ूनी के रूप में उनके प्रदर्शन के लिए काफी प्रशंसा मिली है, लेकिन उनकी भूमिका का प्रभाव किसी की कल्पना से भी बड़ा है। यामी को इस अवतार में देखकर कई युवा लड़कियां आईबी या एनआईए में शामिल होने के लिए प्रेरित हुई हैं।
सराहना और प्रशंसा के बारे में बात करते हुए यामी ने साझा किया, “यदि आपके दर्शक व्यक्तिगत स्तर पर इस फिल्म से जुड़ रहे हैं और कह रहे हैं कि उनकी किशोर बेटियां अब आईबी में शामिल होना चाहती हैं या एनआईए अधिकारी बनना चाहती हैं तो यह एक बड़ी प्रशंसा है। सेना के दिग्गजों द्वारा स्वीकार किया जाना, जिन्होंने उस जीवन को देखा है, इस तरह की मान्यताएँ अनमोल हैं।”
सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण शायद इस तरह के चुनौतीपूर्ण करियर का चुनाव करना और बदलाव लाना है, और यह अनुच्छेद 370 से एक बड़ी सीख है।
Jio Studios और B62 Studios की ओर से, आर्टिकल 370, एक हाई-ऑक्टेन एक्शन राजनीतिक ड्रामा है, जिसका शीर्षक यामी गौतम है और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता आदित्य सुहास जंभाले द्वारा निर्देशित है। ज्योति देशपांडे, आदित्य धर और लोकेश धर द्वारा निर्मित यह फिल्म 23 फरवरी 2024 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

सांस्कृतिक स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता से समृद्धता की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश

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डॉ.मोहन यादव-
मध्यप्रदेश में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की नगरी उज्जयिनी अब आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक इतिहास रचने जा रही है। यहां  रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से युवाओं को रोज़गार के अवसर मिलेंगे और प्रदेश औद्योगिक, तकनीकी तथा आर्थिक विकास की दिशा में नई करवट लेगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत दिन-प्रतिदिन विकास के नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भारत अब न केवल अपनी आवश्यकता की पूर्ति अपने संसाधनों और उत्पादों से कर रहा है बल्कि रक्षा और वैज्ञानिक तकनीक के उत्पादनों में भी निर्यातक देश बन गया है। यह सब संभव हुआ है प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन और परिकल्पना के प्रति समाज के विश्वास और सहयोग के कारण। समाज के सभी वर्गों ने श्री मोदी जी की विकास की गारंटी पर विश्वास किया है। इसका स्वरूप अब पूरी दुनियां के सामने है।
अब मध्यप्रदेश की प्रगति और विकास का एक नया अध्याय प्रारंभ होने जा रहा है। उज्जैन में पहली बार “मध्यप्रदेश द फ्यूचर रेडी स्टेट थीम पर आधारित “रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव-2024” आरंभ हो रही है। इसमें भारत के प्रमुख उद्योगपतियों सहित संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, फिजी, जर्मनी, गैबॉन, इज़राइल, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और जाम्बिया देशों के 30 से अधिक प्रतिनिधि तथा 650 से अधिक प्रमुख उद्योगपति सम्मिलित हो रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाली इस कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश के स्वर्णिम भविष्य की आधारशिला रखने के लिए बायर एंड सेलर मीट, बिजनेस टू बिजनेस सम्मेलन  होंगे।
यह सुखद संयोग है कि बाबा महाकाल की नगरी में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ विक्रमोत्सव का भी शुभारंभ हो रहा है। सम्राट विक्रमादित्य भारतवर्ष के सांस्कृतिक विकास, शौर्य और वैभव के प्रतीक है। वे अद्वितीय पराक्रम, न्याय और सुशासन व्यवस्था के ऐसे महान सम्राट थे जिनका समूचे संसार में श्रद्धा से स्मरण किया जाता है। उज्जैन में 40 दिनों तक चलने वाला विक्रमोत्सव सम्राट विक्रमादित्य की भव्यता, दिव्यता और विराटता के साथ आयोजित किया जायेगा।
यह आयोजन विक्रमादित्य के पुण्य स्मरण और उनके युग में भारत के उत्कर्ष, नवजागरण तथा ज्ञान परंपरा पर केंद्रित है। महान सम्राट विक्रमादित्य ने इसी उज्जयिनी से शकों पर विजय प्राप्त कर 57 ईसा पूर्व विक्रम सम्वत् की शुरुआत की थी। यह सम्वत् कालगणना और कालनिर्धारण का सर्वमान्य और वैश्विक प्रमाण माना जाता है। आज़ादी के अमृतकाल में भारतीय कालगणना की पद्धति को उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। भारतीय खगोल सिद्धांत पर आधारित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी में मुहूर्त, घटी, पल, कास्ता, प्रहर, दिन-रात, पक्ष, अयन, सम्वत्सर, दिव्यवर्ष, मन्वन्तर, युग, कल्प, ब्रह्मा, मुख्य आधार हैं। इसे हमारे दृष्टा ऋषियों ने प्रतिपादित किया है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी में विक्रम पंचांग भी शामिल है। इसमें भारत के सभी ज्योतिर्लिंग, नवग्रह, नक्षत्र, सूर्योदय, सूर्यास्त भी समाहित रहेंगे।
उज्जयिनी के गौरवशाली अतीत से हम सभी परिचित हैं। भारत की सप्तपुरियों में से एक उज्जयिनी महर्षि सांदीपनि के आश्रम, भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की शिक्षा स्थली, सम्राट विक्रमादित्य के गौरव, भर्तृहरि के ज्ञान के लिये तो प्रसिद्ध है ही, साथ ही ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में भी विश्व का मार्गदर्शन करती रही है। कर्क रेखा के समीप बसी इस
नगरी में विश्व प्रसिद्ध वेधशाला भी है। विश्व विख्यात उज्जयिनी में पहली बार विक्रम व्यापार मेला आयोजित हो रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है। हमारे विज़नरी प्रधानमंत्री जी का मानना है, कि “किसी भी देश की विकास यात्रा में एक ऐसा समय आता है जब सभी परिस्थितियां उसके पक्ष में होती है। यह वह समय होता है जब वह देश अपने आपको आने वाली कई सदियों के लिए मजबूत बना लेता है। मैं भारत के लिए आज वही समय देख रहा हूं। यह समयावधि अभूतपूर्व है।” प्रधानमंत्री जी की यह दृष्टि भारत के भविष्य निर्माण का एक ऐसा सकारात्मक मार्ग और मार्गदर्शन है जिस पर चलकर देश विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त करेगा और विश्व गुरु बनेगा।
मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री जी के विज़न के अनुरूप आगे बढ़ते हुए अधोसंरचना निर्माण के साथ व्यापार की गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में, प्रदेश में पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव शुरू करने की पहल की गई है। आने वाले समय में ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, टीकमगढ़ और सागर क्षेत्र में भी इसी प्रकार के आयोजन किये जाएंगे।
मध्यप्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी क्षमता, मेधा और विशेषता है। क्षेत्रवार कॉन्क्लेव के आयोजन प्रदेश के हर क्षेत्र में व्यापार की संभावनाओं को व्यापक स्वरूप प्रदान करेंगे। इससे उद्योगों की प्रगति के गुणात्मक परिणाम प्राप्त होने की संभावनाएं विकसित होंगी। क्षेत्रवार उद्योगों की स्थापना से जहां व्यापार विस्तारित होगा, वहीं रोज़गार और स्व-रोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मध्यप्रदेश ने सभी सेक्टर के उद्योगों के लिए आधारभूत व्यवस्था कर उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार नीतियां विकसित की हैं। प्रदेश “ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस” की भावना को क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक अभ्युदय का विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में, देश के पहले और अनूठे वीर भारत संग्रहालय के निर्माण का आज उज्जैन में शिलान्यास होने जा रहा है। वीर भारत संग्रहालय में पूर्व वैदिक, उत्तर वैदिक, रामायण-महाभारत काल, विक्रमादित्य युग, मध्य युग, पराधीनता के विरुद्ध सिंहनाद करते हुए भारत की सुदीर्घ परंपरा में तेजस्वी नायकों, दार्शनिकों, मंत्रदृष्टाओं, ऋषियों, संतो, मनीषियों, चिंतकों, कवि-लेखकों, कलाकारों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के अनुपम योगदान को रेखांकित किया जाएगा।
मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में गुड़ी पड़वा एवं उज्जैन गौरव दिवस के अवसर पर हम शिवज्योति अर्पणम् कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं। इसमें लगभग 27 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया जायेगा। निश्चित ही सरकार और समाज का यह साझा आयोजन हम सभी को अलौकिक आनंद की अनुभूति कराएगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का मार्गदर्शन, उनकी विज़नरी लीडरशिप और सदैव उनका साथ हमें नवाचारों की प्रेरणा तथा निर्माण का संबल प्रदान कर रहा है। उनके प्रोत्साहन से आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की इन श्रृंखलाओं से प्रदेश में जो बदलाव आयेगा उससे औद्योगीकरण और तकनीकी विकास के साथ युवाओं को रोज़गार, स्व-रोज़गार के अवसर तो मिलेंगे ही, साथ ही प्रदेश के विकास में प्रतिमान भी स्थापित होंगे। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इससे मध्यप्रदेश की प्रगति और समृद्धि की नई आधारशिला निर्मित होगी।
रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के परिणामों को लेकर मैं, प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के साथ यह अपेक्षा करता हूं कि देश का हृदय प्रांत मध्यप्रदेश, निरंतर नवाचारों से विकास का हृदय स्थल बनेगा और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को पूरा कर विकसित भारत निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
(विनायक फीचर्स) लेखक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं

एक्टर बॉबी देओल ने की अपकमिंग फिल्म ‘कांगुवा’ की झलक की तारीफ, तो मेकर्स ने जताया अपने दमदार विलेन का आभार!

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एक्टर सूर्या स्टारर ग्रीन स्टूडियो के बैनल तले बनने वाली मैग्नम ओपस ‘कांगुवा’ 2024 की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक है। इस फिल्म का निर्देशन शिवा ने किया हैं। बड़े बजट में बनी इस फिल्म की शूटिंग लगभग दो साल तक चली और अब फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन पर तेजी से काम चल रहा है। लेकिन ये फिल्म अपने टीज़र और पोस्टर के साथ लोगों में लगातार चर्चा का टॉपिक रही है।

हाल ही में समाने आए एक अपडेट में पता चला है कि फिल्म में डेडली विलेन उधीरन की भूमिका निभा रहे एक्टर बॉबी देओल ने हाल ही में कांगुवा की कुछ झलकियां देखी है।

वहीं इन दिनों सुर्खियों में चल रहे स्टूडियो ग्रीन के प्रोड्यूसर ज्ञानवेल राजा ने फिल्म का हिस्सा बनने और अपनी मौजूदगी से इसे खास बनाने के लिए बॉबी देओल को आभार जताया।

बॉबी देओल ने अपने बेटे के साथ कांगुवा की झलक देखी और इसके लिए अभिनेता की काफी तारीफ हो रही है।

सोशल मीडिया पर निर्माताओं ने बॉबी देओल के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए एक पोस्ट में लिखा,

“प्रोड्यूसर @GnanavelrajaKe ने #Kanguva 🦅 को और भी स्पेशल और बड़ा 👑 बनाने के लिए #Udiran, @thedeol को धन्यवाद दिया

उन्होंने कांगुवा की झलक देखकर अपने बेटे के साथ खुशी साझा की!”

फिल्म की बात करें तो मेकर्स ने ‘आदना आर्ट स्टूडियोज’ में डबिंग सेशन शुरू कर दिया है। हाल में फिल्म के लीड एक्टर सुपरस्टार सूर्या शिवकुमार ने फिल्म में अपने हिस्से के लिए डबिंग शुरू कर दी हैं। निर्माताओं का मकसद किसी भी पहलू से समझौता किए बिना, दर्शकों के लिए एक वर्ल्ड क्लास सिनेमाई अनुभव लाना है जो सिल्वर स्क्रीन पर अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाता हो।

स्टूडियो ग्रीन के के.ई. ज्ञानवेल राजा पिछले 16 सालों में कई ब्लॉकबस्टर हिट देने के लिए साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की दुनिया में एक बड़ा रहे हैं, जिनमें ‘सिंघम’ सीरीज, ‘परुथी वीरन’, ‘सिरुथाई’, ‘कोम्बन’, ‘नान महान अल्ला’, ‘मद्रास’, ‘टेडी’ और हाल में आई फिल्म ‘पाथु थाला’ शामिल हैं।

कांगुवा की दुनिया असली और कड़ी होगी और दर्शकों को एक नया विजुअल अनुभव कराएगी। मानवीय भावनाएं, दमदार प्रदर्शन और बड़े पैमाने पर पहले कभी नहीं देखे गए एक्शन सीन्स फिल्म का मूल होंगे। फिल्म में वेट्री पलानीसामी की सिनेमैटोग्राफी और ‘रॉकस्टार देवी श्री प्रसाद’ का म्यूजिकल स्कोर है।

स्टूडियो ग्रीन ने 2024 की शुरुआत में दुनिया भर में बड़े पैमाने पर फिल्म रिलीज करने के लिए टॉप डिस्ट्रीब्यूशन हाउसेज के साथ हाथ मिलाया है।

भारतीय कंटेंट सिनेमा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है-भूमि पेडनेकर

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मुंबई (अनिल बेदाग ) :युवा बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर वर्तमान में भक्षक में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए मिली सर्वसम्मत सराहना और प्यार का आनंद ले रही हैं। 12वीं फेल के साथ थिएट्रिकल रूप से इंडस्ट्री के लिए बड़ी स्लीपर हिट बनने और स्ट्रीमिंग पर भक्षक के वैश्विक हिट बनने के साथ, कंटेंट फिल्में फिर से धूम मचा रही हैं।
भूमि को उनके अविश्वसनीय काम के कारण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है। भक्षक में उनका बेहद सूक्ष्म और शानदार प्रदर्शन अविश्वसनीय सराहना अर्जित कर रहा है। भक्षक ने एक और मील का पत्थर स्थापित किया है जो वैश्विक कंटेंट मंच पर भारत को गौरवान्वित करता है – यह पिछले कुछ हफ्तों से विश्व स्तर पर शीर्ष 5 गैर-अंग्रेजी फिल्मों में से एक है।
भूमि ख़ुशी जताते हुए कहती हैं, “कंटेंट फ़िल्में हाल ही में इंडस्ट्री का सबसे बड़ा आकर्षण रही हैं और इससे मुझे बहुत खुशी और बहुत आशा मिलती है। मैं अपने करियर, अपनी पहचान का श्रेय दूरदर्शी सिनेमा और फिल्म निर्माताओं को देती हूं। जबकि 12वीं फेल, जो कि मैंने अपने जीवन में देखी सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है,थिएट्रिकल रूप से साल की स्लीपर हिट बन गई,भक्षक स्ट्रीमिंग पर वैश्विक चार्ट में शीर्ष पर रहा है।”
वह आगे कहती हैं, “दुनिया का मनोरंजन करने के लिए भारतीय कंटेंट उस सिनेमा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है जो हम वर्तमान में बना रहे हैं। भक्षक उन कुछ फिल्मों में से एक है, जो विश्व स्तर पर धूम मचा चुकी है। यह हम सभी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और हमारे इंडस्ट्री के लिए गर्व का क्षण है।
भूमि आगे कहती हैं, “पीढ़ियों से, कंटेंट वाली फिल्मों ने फिल्मों के निर्माण या उपभोग के तरीके को बदल दिया है और मुझे उम्मीद है कि भक्षक जैसी फिल्में आने वाले वर्षों में उस तरह की फिल्में बनाने में योगदान देंगी।”
वह कहती हैं, “एक भारतीय कलाकार होने के नाते, भारतीय सिनेमा को दुनिया भर के दर्शकों का मनोरंजन करते देखना मेरे लिए सबसे अच्छा उपहार है! मुझे उम्मीद है कि अधिक से अधिक भारतीय फिल्में और सीरीज वैश्विक स्तर पर लोगों को प्रभावित करेंगी और भारत वैश्विक मनोरंजन परिदृश्य का अगला अध्याय लिखेगा!”

गौ सेवक साधराम हत्याकांड की जांच अब एनआईए करेगी

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रायपुर। Raipur News प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि कवर्धा जिले के लालपुर कला गांव में गौसेवक साधराम हत्याकांड की अब एनआईए जांच करेगी। साधराम के परिजनों से सीएम साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने विस्तृत चर्चा की थी। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है। झीरम कांड के बाद छत्तीसगढ़ में ये दूसरा मामला होगा, जिसकी एनआईए जांच करेगी।
बता दें कि सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के लालपुर कला गांव के नर्सरी के पास 20 जनवरी की रात एक अधेड़ व्यक्ति की शव मिली थी। जिसकी शिनाख्ती साधराम यादव 50 वर्ष के रूप में की थी, जो गोशाला में चरवाहा का काम करता था। इस हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया और मामले में 5 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है।
कवर्धा एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया था कि हत्या के मुख्य आरोपी अयाज खान और ईदरीस खान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधि से शामिल होने के प्रमाण पाए गए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सेक्शन 16 (यूएपीए) टेररिस्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इतना ही नहीं पुलिस के हाथ कई अहम सुराग भी लगे हैं।

कर्नाटक बुलडोज़र्स का समर्थन करके रोमांचित है क्रिकेट प्रेमी’ और अभिनेत्री पारुल यादव

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पारुल यादव दक्षिण क्षेत्रीय मनोरंजन उद्योग, विशेषकर कन्नड़ फिल्म क्षेत्र में एक अभिनेत्री के रूप में व्यापक रूप से प्रशंसित है। अपनी वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण की बदौलत, उन्होंने अपने प्रदर्शन के लिए काफी विश्वसनीयता अर्जित की है। पर्याप्त प्रशंसक आधार के साथ, उनकी उल्लेखनीय फिल्मों में ‘किलिंग वीरप्पन’, ‘शिवाजीनगर’, ‘उप्पी 2’, ‘बच्चन’, ‘बटरफ्लाई’, जेसी फिल्में शामिल हैं। उनकी परियोजनाओं में, प्रतिभाशाली किच्चा सुदीपा के साथ ‘बच्चन’ सबसे चर्चित और पसंदीदा परियोजनाओं में से एक बनी हुई है। पारुल और किच्चा के बीच का सौहार्द सच्चा है, जो आपसी सम्मान पर आधारित है। उनका कामकाजी रिश्ता स्क्रीन से परे तक फैला हुआ है, जैसा कि पारुल के हालिया समर्थन संकेत से पता चलता है।
दरअसल, बचपन से ही क्रिकेट की शौकीन पारुल ने किच्चा के नेतृत्व वाले ‘कर्नाटक बुलडोजर्स’ को चीयर करने के लिए सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग (सीसीएल) के लिए दुबई की अप्रत्याशित यात्रा की। क्रिकेट के प्रति उनका प्यार तो था ही, लेकिन खासकर जब उन्हें अपने सह-कलाकार की टीम का समर्थन करने का अवसर मिला, तो उन्होंने इसे एक ऐसा कार्यक्रम बना दिया जिसे वह काभी भूल नहीं सकती थीं।
 खेल के प्रति अपने जुनून और कर्नाटक बुलडोज़र्स के प्रति अपनी निष्ठा को दर्शाते हुए, पारुल ने कहा कि मैं यहां अपने प्रिय सह-कलाकार किच्चा को आश्चर्यचकित करने और उनकी टीम, कर्नाटक बुलडोज़र्स का समर्थन करने के लिए आई हूं। क्रिकेट ने मुझे हमेशा आकर्षित किया है, और आप अक्सर मुझे शेड्यूल के अनुसार क्रिकेट के मैदानों पर पाएंगे। मेरा समर्थन सीसीएल या सेलिब्रिटी मैचों से परे है। मैं भारतीय क्रिकेट टीम की भी कट्टर समर्थक हूं। पिछले साल, मैंने ओवल में डब्ल्यूटीसी फाइनल और वानखेड़े में भारत-न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में भाग लिया था। हालांकि सेमीफाइनल की जीत यादगार थी। मैं यहां आकर, क्रिकेट का आनंद लेकर और कर्नाटक बुलडोज़र्स का समर्थन करके रोमांचित हूं। मुझे उम्मीद है कि वे टूर्नामेंट जीतेंगे।”