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इस मंत्र के साथ गौ माता को प्रणाम करना चाहिए।

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सर्वदेवमये देवि सर्वदेवैरलंकृते।
मातर्ममाभिलषितं सफलं कुरु नन्दिनि।।

गौ माता में हैं 33 कोटि देवताओं का निवास
वैदिक साहित्य के अनुसार जिन देवताओं का पूजन हम मंदिरों व तीर्थों में जाकर करते हैं। वे सारे देवता समूह रूप से गौ माता में विराजमान है। इसलिए पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ किसी भी कार्य की सिद्धि के लि नित्य गौ माता की सेवा करनी चाहिए। महाभारत में कहा गया है-

यत्पुण्यं सर्वयज्ञेषु दीक्षया च लभेन्नरः।
तत्पुण्यं लभते सद्यो गोभ्यो दत्वा तृणानि च।।

अर्थात् सारे यज्ञ करने में जो पुण्य है। सारे तीर्थ नहाने का जो फल मिलता है। वह फल गौ माता को चारा डालने से ही प्राप्त हो जाता है।

गौ माता के इस श्लोक, दैनिक मंत्र से आपके सभी कष्ट होंगे दूर

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गौ माता श्लोक

१. उपर्युक्त “गवोपनिषद्” में से दैनिक जप के संस्कृत मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

घृतक्षीरप्रदा गावो घृतयोन्यो घृतोद्भवाः।

घृतनद्यो घृतावर्तास्ता मे सन्तु सदा गृहे॥

घृतं मे हृदये नित्यं घृतं नाभ्यां प्रतिष्ठितम्।

घृतं सर्वेषु गात्रेषु घृतं मे मनसि स्थितम्॥

गावो ममाग्रतो नित्यं गावः पृष्ठत एव च।

गावो मे सर्वतश्चैव गवां मध्ये वसाम्यहम्॥

अनुवाद = घी और दूध देने वाली, घी की उत्पत्ति का स्थान, घी को प्रकट करने वाली, घी की नदी तथा घी की भंवर रूप गौएं मेरे घर में सदा निवास करें। गौ का घी मेरे हृदय में सदा स्थित रहे। घी मेरी नाभि में प्रतिष्ठित हो। घी मेरे सम्पूर्ण अंगों में व्याप्त रहे और घी मेरे मन में स्थित हो। गौएं मेरे आगे रहें। गौएं मेरे पीछे भी रहें। गौएं मेरे चारों ओर रहें और मैं गौओं के बीच में निवास करूं

२. गौमाता की दैनिक प्रार्थना का मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।

गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं प्रकीर्तयेत्॥

अनुवाद = प्रतिदिन यह प्रार्थना करनी चाहिये कि सुन्दर एवं अनेक प्रकार के रूप-रंग वाली विश्वरूपिणी गोमाताएं सदा मेरे निकट आयें

३. गोमाता को परमात्मा का साक्षात् विग्रह जान कर उनको प्रणाम करने का मन्त्र (महर्षि वसिष्ठ द्वारा उपदिष्ट) –

यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।

तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥

अनुवाद = जिसने समस्त चराचर जगत् को व्याप्त कर रखा है, उस भूत और भविष्य की जननी गौ माता को मैं मस्तक झुका कर प्रणाम करता हूं॥

पुलिस ने पकड़े चार गौ तस्कर

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बरेली, । सुबह गोवंश पशु को कटान करने के लिए ले जा रहे चार गौ तस्करों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से तमंचे व पशुओं को काटने के औजार भी बरामद किए हैं। सभी के खिलाफ मुकदजा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। बिथरी पुलिस को सूचना मिली कि चार युवक महाराजा अग्रसेन कॉलेज के पास एक गोवंशीय को कटान के लिए ले जा रहे हैं। पुलिस ने चार युवकों को मौके से दबोच लिया। पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपना नाम सलीम उर्फ टूटा, दूसरे युवक ने अपना नाम शोएब, तीसरे युवक ने अपना नाम इरफान वहीं चौथे व्यक्ति ने अपना नाम जुनैद बताया। पुलिस ने इनके पास से तमंचे व पशुओं को काटने वाले औजार भी बरामद किए हैं। इससे पहले भी यह लोग क्षेत्र में गोकशी की घटना को अंजाम दे चुके हैं।

गौ-मांस खाने को लेकर मचे राजनीतिक बवाल-कंगना रनौत मामला

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मंडी !  हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी व बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा गौ-मांस खाने को लेकर मचे राजनीतिक बवाल के बीच खुद कंगना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट शेयर कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने लिखा है कि वह किसी भी तरह का गौ-मांस व रेड मीट नहीं खाती है। यह बहुत ही शर्मनाक है कि मेरे बारे में इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है।

Breaking News कंगना ने कहा है कि गौमांस को लेकर इस तरह की अफवाहें फैलाकर मेरी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा,“मैंने दशकों से यौगिक व आयुर्वेदिक जीवन शैली के बारे में बातें की हैं और उन्हीं के अनुसार ही जीवन जीने के बारे में प्रचार किया है। मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैं हिंदू हूं और मेरे लोग मुझे अच्छी तरह से जानते हैं।” कंगना ने कहा कि मेरे लोगों को कोई भी गुमराह नहीं कर सकता है।

गौरतलब है कि दो दिन पूर्व राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से गौ मांस के सेवन को लेकर भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत व भाजपा को अप्रत्यक्ष रूप से घेरने की कोशिश की थी।

Breaking News इस पोस्ट में श्री सिंह ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश देवी देवताओं का पवित्र स्थल व देवभूमि है जहां गौमांस सेवन करने वाले चुनाव लड़ रहे हैं। यह हमारी संस्कृति के लिए चिंता का विषय हैं, जिसका राजनीति से कोई सरोकार नहीं हैं।श्री सिंह की इस टिप्पणी पर बीते रोज मंडी पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी।

वडोदरा में शर्मनाक घटना समोसे में भरकर बेचते थे गौ मांस

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गुजरात के वडोदरा के चिपवाड़ में एक फैमस दुकान में समोसे में गौ मांस भरकर बेचने की खबर से बवाल मच गया है। पुलिस ने दुकान पर छापा मारकर 350 किलो गौ मांस जब्त कर लिया है। एफएसएल की पुष्टि के बाद पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि ‘हुसैनी समोसा’ वाले के खिलाफ एक गुप्त सूचना मिली थी। उसके बाद अधिकारियों ने शनिवार को दुकान पर छापा मारा था। पुलिस ने 350 किलो मांस जब्त किया था। इसकी जांच एफएसएल ने की, जिसमें यह पाया गया कि यह गौ मांस है। पुलिस ने इसकी पुष्टि होने के बाद दुकान मालिक सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी यूसूफ शेख से पूछताछ हुई। आरोपी ने बताया कि उसे यह काम अपने पिता से मिला है। उसके पिता यह काम किया करते थे। आरोपी ने आगे बताया कि समोसे में मांस भरा जाता है। हम गाय और भेंस के मांस का उपयोग इसलिए करते थे, क्यों कि यह हमें सस्ता मिलता है। हमें इससे ज्यादा फायदा होता है। एनिमल एक्टिविस्ट नेहा पटेल की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

एनडीए में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं – राज ठाकरे

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मुंबईः महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद खास है। मुंबई में गुड़ी पाड़वा पर आज राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस की रैली होने जा रही है। इस रैली में राज ठाकरे आज एनडीए में शामिल होने का ऐलान कर सकते हैं। रैली को राज ठाकरे के अलावा उनकी पार्टी के सभी सीनियर नेता मौजूद रहेंगे।

महाविकास अघाड़ी बंटवारे का करेगा ऐलान

वहीं, इंडिया गठबंधन में शामिल महाविकास अघाड़ी आज 11 बजे लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे का ऐलान करेगा। उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता संजय राउत ने गठबंधन के बीच सीट फाइनल होने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि महाअघाड़ी के नेता सुबह 11 बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे और सीट बंटवारे का ऐलान करेंगे।

राज ठाकरे ने की थी बीजेपी के नेताओं से मुलाकात

बता दें कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने पिछले महीने मार्च में दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की थी। राज ठाकरे ने अमित शाह से भी मुलाकात की थी। इसके बाद अटकलें लगने लगी थी कि राज ठाकरे एनडीए में शामिल हो सकते हैं। वहीं, महाविकास अघाड़ी के नेताओं में कुछ सीटों को लेकर मतभेद था। इसको लेकर कई दौर की भी बातचीत हो चुकी है।

 26 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा

महाराष्ट्र में आठ लोकसभा सीटों के लिए कुल 204 उम्मीदवार मैदान में हैं जिन पर 26 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा। एक अधिकारी ने बताया कि नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन सोमवार था। अधिकारी ने बता, ‘‘बुलढाणा, अकोला, अमरावती, वर्धा, यवतमाल-वाशिम, हिंगोली, नांदेड़ और परभणी में कुल 299 वैध नामांकन थे। जिनमें से 204 उम्मीदवार मैदान में हैं।

 

द्वारकामाई चैरिटी संस्था के पदाधिकारियों को दिया गया मेडिक्लेम कार्ड

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द्वारिकामाई केवल संस्था नहीं, परिवार है – गौरीशंकर चौबे

मुम्बई। द्वारिकामाई चैरिटी संस्था देश की ऐसी पहली सामाजिक संस्था बन चुकी है जो अपने निष्ठावान, कर्मठ, सक्रिय पदाधिकारियों को मेडिक्लेम कार्ड की सुविधा प्रदान कर रही है। अब तक किसी भी एनजीओ ने इस तरह की पहल नही की है। द्वारिकामाई केवल संस्था नहीं बल्कि परिवार है, यह वाक्य चरितार्थ कर दिया है।
मुम्बई उपनगर मालाड पूर्व स्थित शिवाजी नगर के हनुमान मंदिर में मेडिक्लेम कार्ड वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सभी लाभार्थियों ने संस्था के अध्यक्ष गौरीशंकर चौबे का आभार जताया और उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर संस्था के मुम्बई अध्यक्ष एड. जितेंद्र शर्मा सहित सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।

ट्रक में रायपुर से एमपी ले जा रहे थे मवेशी, चार की मौत

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रविवार को कबीरधाम पुलिस ने गौ तस्करी के मामले में तीन इंटर स्टेट तस्करों को गिरफ्तार किया है। मामला दशरंगपुर पुलिस चौकी का है। जानकारी अनुसार ट्रक क्रमांक CG-04- HX4274 में करीब 44 मवेशी को रायपुर से एमपी ले जाया जा रहा था। पुलिस ने जब ट्रक की तलाशी ली तो चार मवेशी मृत मिले

इस मामले में वाहन चालक ओमप्रकाश कावड़े, यशोधरा नगर नागपुर महाराष्ट्र, मोहम्मद अली नागपुर महाराष्ट्र, पकला घृतलहरे ग्राम खंडसरा, जिला बेमेतरा(छत्तीसगढ़ )को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी मोहम्मद अली व पकला घृतलहरे के खिलाफ पूर्व में भी मवेशी तस्करी के मामले दर्ज हैं। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

जेएनयू” फिल्म की स्क्रिप्ट विवाद में उलझी 

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मुंबई (अनिल बेदाग) : इस हफ्ते की शुरुआत में विनय शर्मा की फिल्म ‘जेएनयू:जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी’ की रिलीज डेट को तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए अनिश्चित काल के लिए आगे बढ़ा दिया गया था। सूत्रों से पता चला कि रवि गोसाईं ने हाई कोर्ट में कुछ याचिका दायर की है, जिसमें दावा किया गया है कि फिल्म उनकी अनुमति के बिना उनके द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट पर बनाई गई है और फिल्म के शीर्षक में रवि गोसाईं का कोई जिक्र नहीं है। रवि गोसाईं एक जाने-माने अभिनेता हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म माचिस से की थी और अब वह धारावाहिकों में लगे हुए हैं।
 रवि ने मामला विचाराधीन होने का हवाला देते हुए इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ऐसा लग रहा है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद का फैसला होने तक दर्शकों को फिल्म देखने के लिए इंतजार करना होगा।

नवरात्रि – अद्वितीय व अनूठी प्रतिमा है दिउड़ी माता की

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स्वामी गोपाल आनंद बाबा-विनायक फीचर्स

दिउड़ी यानी देवी-बाड़ी या फिर दिव्या औड़ी! छोटानागपुर (झारखंड) अंतर्गत छोटी सी रियासत तमाड़ पांच परगना के पंचपरगनिया भाषा क्षेत्र का एक प्रमुख भाग रहा है।  यहां प्राचीन कालीन एक ही प्रस्तरखण्ड से निर्मित देवी प्रतिमा व मंदिर है। इन्हें दिउड़ी कहते हैं तथा गांव का नाम भी दिउड़ी है। गांव मुख्यत: मुण्डा जनजाति लोगों का है। इस देवी मंदिर के पुजारी  प्राचीन समय से मुण्डा ही रहे हैं।  बाद में सनातनी शक्त ब्राह्मण पुजारी भी उनके साथ शक्त मतानुसार पूजन-अर्चन करते हैं। यहां बलि प्रथा प्रारंभ से ही है। पहले काड़ा पाड़ा काउरू, बकरा की बलि मंदिर के समक्ष गड़े हरिणा खुटा (बलिवेदी) में दी जाती थी, परंतु  अब मात्र बकरों की ही बलि होती है। मन्नत मांगने में एक बकरे की और मन्नत पूरी होने पर दो बकरों की बलि दी जाती है। बाकी अक्षत, फल, सिन्दुर, नारियल आदि से भी पूजन-अर्चन होता है।
रांची, जमशेदपुर (टाटानगर) सड़क पर दिउड़ी स्थित है। देवी मंदिर सड़क से पश्चिम की ओर समीप में ही है।  शोधार्थियों का कहना है कि उक्त मंदिर शासक असुर जनों का है।  जो मुण्डाजनों से पूर्व छोटानागपुर (झारखंड)में शासन करते थे और अब आदिम जनजाति के रूप में विद्यमान है, जिनके संगी है- जनजाति लोहरा, करमाली, कमार, कर्मकार। उनको पराजित कर मुण्डाजनों ने यहां शासन स्थापित किया। जिनसे यह भूभाग नवीन नागवंशी शासकों के हाथों में आया और नागपुर राज्य कहलाया। मुण्डाजन इसे मुण्डा राजा द्वारा निर्मित मानते हैं। जबकि पश्चिमी यूरोपीय मानसिकता वाले जन इसे गुप्तकालीन सिद्ध करते हैं।
दिउड़ी की दुर्गा प्रतिमा अपने आप में विलक्षण है, यह सोलह भुजी हैं।  मुख्य प्रतिमा के साथ जो अन्य आकृतियां उत्कीर्ण हैं, वे सब अद्भुत व विस्मयकारी हैं। विभिन्न दृष्टियों से यह प्रतिमा एकदम विरल है। एक बड़े कमल, जिसकी जड़ें और नाल भी उत्कीर्ण हैं  पर कमलासना देवी विराजमान हैं। इनका दायां पांव एक अन्य छोटे कमल पर टिका है और बायां पांव घुटने से मुड़ा हुआ है और उसी बड़े कमल पर टिका है, जिस पर देवी आसीन हैं। वहां के पुजारीजनों के अनुसार प्रतिमा की दाहिनी ओर बजरंगबली हनुमान और बायीं ओर जामवन्त रीक्ष (रीछ) की प्रतिमा उत्कीर्ण हैं। ऊपरी हिस्से में दाहिनी ओर सरस्वती और बायीं और लक्ष्मी की अपेक्षाकृत छोटी-छोटी प्रतिमाएं हैं जिनका जटाजूट बंधा है किंतु दो वेणियां भी हैं जो देवी के सिर से ऊपर उठी हुई और आपस में जुड़ी हुई है, जिनके मध्य मां काली की प्रतिमा है। उससे भी ऊपर शिव की प्रतिमा है। ऊपरी हिस्से में ही दोनों और ताल-बैताल की प्रतिमाएं हैं और उनसे ऊपर दोनों पाश्र्व में शेषनाग की प्रतिमाएं हैं, जो हाथ में माला लिए उड़ती हुई परियां अधिक लगती हैं।
 देवी मां भगवती की अठारह भुजाएं, बारह भुजाएं व दस भुजाएं सर्वविदित हैं, परंतु सोलह भुजाओं वाली देवी दुर्लभ ही प्राप्त होती है। रम्भकल्प में उग्र चण्डा-अठारह भुजाएं, नीललोहितकल्प में भद्रकाली-सोलह भुजाएं व बराहकल्प में-कात्यायनी-दस भुजाएं।
मूल बंगाली  भाषा में प्रकाशित वृहत पुराणोक्त शारदीय दुर्गापूजा पद्धति का श्री गोरी नाथ पाठक द्वारा हिंदी में अनुदित शारदीय दुर्गा पूजा पद्धति में षोडशभुजी मां दुर्गा का स्पष्ट उल्लेख है। 1. ऊं उग्रचण्डा रक्तवर्णा पोषशभुजा, 2. ऊँ चण्डोग्रां, (चण्डोग्रां) कृष्णवर्णा षोडशभुजां, 3. ऊं चण्डनायिकां नीलवर्णा षोडशभुजां, 4. ऊँ चण्डा शुक्लवर्णा षोडशभुजा, 5. ऊँ चण्डवतीं धूम्रवर्णा षोडश भुजा, 6. ऊं.चण्डरुपां, षोडशभुजां, 7. ऊं अति चण्डिकां पाण्डिकां पाण्डुवर्णा षोडशभुजां, 8. ऊँ रुद्राचण्डा रक्तवर्णा षोडशभुजां। इसी क्रम में नौवीं  दुर्गा-प्रचण्डा का उल्लेख भी आया है,  जिनकी अठारह भुजाएं हैं। देवी से सम्बंधित प्राप्त उद्धरणों में नौ दुर्गाओं में एक अठारह भुजाओं वाली भद्रकाली और बाकी आठ सोलह-सोलह भुजाओं वाली रुद्रचण्डा, प्रचण्डा, चण्ड नायिका अदि नामों वाली दुर्गा देवियों के उल्लेख प्राप्त होते हैं। देवी भागवत व देवी पुराण, कालिका महापुराण में वर्णित नौ दुर्गाओं में शैल पुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्रघण्टा, कूष्माण्डा, स्कन्दमाता, कात्यायनी, कालरात्रि महागौरी और सिद्धिदात्री तथा दस महाविद्याओं में इनके अलावा छिन्नमस्तिका (छिन्नमस्ता) में से किन्हीं से भी दिउड़ी की प्रतिमा (श्रीविग्रह) का तालमेल नहीं बैठता? सामान्यत: देवी दुर्गा का वाहन सिंह, व्याघ्र यहां अनुपस्थित है, क्योंकि यहां देवी ‘कमलासना है परंतु पुराणों में कमलासना देवी का उल्लेख प्राप्त होता है।  कुछ ही दूर इसी प्रखण्ड में कांची नदी के किनारे दक्षिण में ‘हाराडीह’ में भग्न मंदिर समूह है जिनमें सोलह भुजाओं वाली एक देवी प्रतिमा है, जिन्हें दिउड़ी देवी की बहन माना जाता है परंतु दोनों में मात्र सोलह भुजाओं के अलावा अन्य कोई समानता नहीं है। झारखंड की राजधानी रांची आने वालों को जमशेदपुर-टाटानगर रोड पर तमाड़ के दिउड़ी की देवी माता के दर्शन अवश्य करना चाहिए, संभवत: उनकी बिगड़ी बन जाए।  (विनायक फीचर्स)