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उत्तराखंड में भूकंप के तेज झटके , दहल गया देवभूमि

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उत्तराखंड में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। देहरादून और ऋषिकेश भूकंप के तंज झटकों से दहल गया। बुधवार को देवभूमि के कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

देहरादून में भूकंप के झटके महसूस हुए। इसके साथ ही ऋषिकेश और चमोली में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। उत्तराखंड बुधवार को भूकंप के तेज झटके से हिल गया। दोपहर 2: 51 बजे रुद्रप्रयाग जनपद में भूकंप के झटके महसूस किए गए। जनपद के समस्त तहसीलों से भूकंप को लेकर सूचना प्राप्त की गई।भूकंप के झटको से किसी भी प्रकार की जान माल की कोई क्षति नहीं हुई है।

नैनीताल में भूकंप की तीव्रता 4.6 मैग्नीट्यूड
भूकंप के झटके से धरती डोल उठी। दहशत में लोग घरों के बाहर निकल गए। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया जा रहा है। रिएक्टर स्केल में भूकंप की तीव्रता 4.6 मैग्नीट्यूड थी। नैनीताल जिले में जैसे ही दो बजकर 51 मिनट पर भूकंप का झटका महसूस हुआ। घरों के अंदर लगे पंखे भी हिलने लगे। लोग सहमकर घरों से बाहर दौड़ पड़े। इंटरनेट मीडिया में पोस्ट डालने लगे। एक-दूसरे को फोन कर हालचाल जानने लगे। सबसे अधिक डर ऊंचे भवनों में रहने वाले लोगों में दिखाई दिया। जिला आपातकालीन परिचालन कंद्र के प्रभारी के अनुसार जिले में किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप का केंद्र नेपाल के भटकोला था।

रानीखेत में भूकंप के तेज झटके से सहमा पहाड़
मंगलवार को दोपहर 2.51 से 2.52 बजे के बीच भूकंप के तेज झटके से पहाड़ सहम गया। घबराए लोग घरों से बाहर दौड़ पड़े। उधर द्वाराहाट ब्लाक के भंटी गांव में एक आवासीय मकान में दरारें भी आ गई। रानीखेत के अलावा सल्ट, स्याल्दे, द्वाराहाट आदि क्षेत्रों में भी भूकंप के तेज झटका महसूस किया गया। घर में रखी अल्मारियां, फ्रीज व बर्तनों के साथ ही टेबल कुर्सियां हिलने पर लोग सतर्क हो गए। हालांकि कुछ समय बाद स्थित सामान्य हो गई। भूकंप के झटके से द्वाराहाट के भंटी गांव निवासी तुलसी राम के मकान में दरार आ गई।

जब हिलने लगा पंखा
उत्तराखंड के कई जिलो में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। खाटीमा में भूकंप की तीव्रता इतनी तेज थी कि पंखे भी कंपन करते हुए नजर आए।

प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न चुनौतियों के समाधान हेतु देहरादून में होगा 6 वां विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन

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3 अक्टूबर 2023, मंगलवार ,देहरादून देहरादून, 3 अक्टूबर ,मंगलवार, सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पुष्कर सिंह धामी ने छठवें वैश्विक आपदा प्रबंधन सम्मेलन के आयोजन एवं अभिप्राय को लेकर विस्तृत रूप से प्रेस वार्ता की ..!
सम्मेलन 28 नवंबर से 1 दिसंबर 2023 तक देहरादून में होना प्रस्तावित है इस कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र से देश व विश्व के कई देशों के विशेषज्ञों के मध्य मंथन किया जाएगा ..! यह सर्विदित है कि उत्तराखंड एक हिमालयी अति संवेदनशील पर्वतीय प्रदेश है जहां लगातार पिछले कुछ वर्षों से भूस्खलन, बाढ़ ,भूकंप व बादल फटने जैसी कई प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि हुई है.! जो उत्तराखंड की धामी सरकार के लिए निरंतर चुनौतियां उत्पन्न कर रही है जिसके साथ ही राज्य और विकास की गति भी प्रभावित हो रही है.!
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलनों से उत्तराखंड व हिमालय क्षेत्र में उत्पन्न आपदाओं की चुनौतियों से निपटने के लिए विश्व स्तरीय प्रयासों को गति मिलेगी। इसी प्रकार के प्रयासों चिंतन मंथन व निराकरण को लेकर राज्य सरकार 6 वां . विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन आयोजित कर रही है जो राज्य प्रबंधन प्राधिकरण, डी.एम.आई .सी एस हैदराबाद तथा उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ( यू कास्ट) के संयुक्त प्रयासों से किया जाएगा .!
मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो,  रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुखों, भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के साथ ही विश्व के प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों, संयुक्त राष्ट्र संघ, देश-विदेश के जलवायु विशेषज्ञों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि 6वें विश्व सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र और समुदायों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रतिरोध की चुनौतियों पर चर्चा करना एवं उनका समाधान करना है । साथ ही सम्मेलन का उद्देश्य उत्तराखण्ड को आपदा प्रतिरोधकता और तत्परता के लिए जलवायु अनुकूली समाधानों के केंद्र के रूप में विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक आपदा प्रबन्धन सम्मेलन से आपदा प्रबन्धन की गंभीरता व विशेष रूप से उत्तराखण्ड राज्य और हिमालयी क्षेत्रों की आपदा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए विश्व स्तर पर किये जा रहे चिन्तन व प्रयासों को गति मिलेगी। यहां जलवायु परिर्वतन (Climate Change) और आपदा प्रतिरोध्यता (Disaster Resilience) अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं और वर्तमान समय में भारतवर्ष एवं विशेष रूप से हिमालयी राज्यों में इनके महत्व को देखते हुए आपदा प्रबन्धन के वैश्विक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
विदित हो 08-09 दिसम्बर को राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 (Global Investors Summit-2023 ) का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित आपदा प्रबन्धन के वैश्विक सम्मेलन से उत्तराखण्ड राज्य में “सुरक्षित निवेश, सुदृढ उत्तराखण्ड” (Safe Investment- Resilient Uttarakhand ) का संदेश देश-विदेश में प्रसारित होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इकोलॉजी एवं इकोनामी संतुलन बनाकर राज्य में विकास करेगी। आपदा प्रबंधन व उत्तराखंड में निवेश कहीं न कहीं एक दूसरे से सम्बंधित है
अतः सम्मेलन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य भर में आपदा प्रबन्धन के विशेष सत्रों का आयोजन सम्पूर्ण प्रदेश में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय तथा राज्य में स्थित केन्द्रीय संस्थानों, जैसे- वाडिया, हिमालयी भू-विज्ञान, आई.आई.पी., आई.आई.आर.एस. जल संरक्षण इत्यादि में किया जायेगा। पूर्वोत्तर राज्य सहित देश भर के संस्थानों में भी आपदा प्रबन्धन पर पूर्व कार्यक्रम आयोजित किये जाने संभावित हैं । आपदा प्रबन्धन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा ।
आयोजित सम्मेलन में 04 मुख्य सत्रों, 50 तकनीकी सत्रों, कई विशेष तकनीकी सत्रों में आपदा प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श होगा। जिनमें मुख्यतः जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रतिरोध्यता, पूर्व चेतावनी प्रणाली और प्रतिरोधकता तथा आपदा के पश्चात पुनर्वास और पुनर्निर्माण आदि शामिल हैं। इस सम्मेलन के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों (एस.डी.जी.) के साथ एकीकृत करके जलवायु परिवर्तन जनित चुनौतियों का बेहतर रूप से सामना करने में सहायता मिलेगी। जिससे प्रभावित समुदायों की प्रतिरोध्यता में सुधार होगा और प्रकृति की सुरक्षा के प्रति समुदाय अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर पाएंगे। आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थानों, शोध संस्थानों तथा स्टार्ट-अप द्वारा किये जा रहे शोध कार्यों एवं समाधानों के प्रदर्शन के लिए मैगा एक्सपो का आयोजन भी किया जायेगा। सम्मेलन में उत्कृष्ट शोधपत्र और युवा शोधार्थियों और प्रतिभागियों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत भी किया जायेगा ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में विश्व के विभिन्न देशों के विशेषज्ञों, विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों, राज्यों की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थाओं के शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों एवं नीति निर्धारकों के प्रतिभाग करने की संभावना है। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (यू.एस.डी.एम.ए) द्वारा इस सम्मेलन का कार्यान्वयन किया जायेगा। उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यू – कॉस्ट) द्वारा सम्मेलन के वैज्ञानिक और तकनीकी विषयों का समन्वयन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत द्वारा जी-20 की सफल अध्यक्षता की गयी और नवम्बर माह इस वार्षिक अध्यक्षता का अन्तिम चरण है। इस जी-20 सम्मेलन में डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (डी.आर.आर.) एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया है। इस दृष्टि से नवम्बर माह के अंत में देहरादून में आयोजित होने वाला 6वाँ विश्व आपदा प्रबन्धन सम्मेलन और भी महत्वपूर्ण है।
होने वाले प्रस्तावित छठें विश्व सम्मेलन का उद्घाटन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, गृह एंव आपदा प्रबन्धन मंत्री अमित शाह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित के लिए अनुरोध किया जाएगा। पद्म विभूषित अमिताभ बच्चन सम्मेलन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में सहभागी होंगे।
इस मीडिया वार्ता में अभिनेता अमिताभ बच्चन का सन्देश भी प्रसारित किया गया ..कार्यक्रम में सचिव आपदा रंजीत सिन्हा, महानिदेशक (यू कोस्ट) प्रो. दुर्गेश पंत एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

महाराष्ट्र के अस्पताल में 12 मासूमों समेत 24 लोगों की मौत पर सियासत विपक्ष ने शिंदे सरकार को घेरा

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Maharashtra Deaths: महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल में 12 नवजात सहित 24 लोगों की मौत हो गई है. वहीं अब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, शरद पवार समेत कई बड़े नेताओं ने शिंदे सरकार पर हमला बोला है. प्रियंका चतुर्वेदी ने इन सभी मौतों को शर्मनाक बताया और यहां तक कह दिया कि ये सभी मर्डर हैं. शरद पवार ने कहा कि इस घटना ने सरकार की विफलताओं का पर्दाफाश कर दिया है, सरकार की जिम्मेदारी है कि वो अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें.
प्रियंका गांधी ने क्या कहा
कांग्रेस नेता प्रिंयका गांधी ने सोशल मीडिया माध्यम एक्स पर लिखा, ”दवाओं की कमी के चलते महाराष्ट्र में 12 शिशुओं समेत 24 मरीजों की मौत का दुखद समाचार प्राप्त हुआ. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें. शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाये.”
शिवसेना सांसद ने सरकार पर बोला हमला
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार पर हमला बोलते हुए एक्स पर लिखा, ”कृपया इसे मौत ना कहें, ये असंवैधानिक राज्य सरकार की तरफ से की गई लापरवाही के कारण हत्या है.  राज्य सरकार अलग-अलग कार्यक्रमों और विदेशी यात्राओं की प्लानिंग में बिजी हैं. वे भूल गए हैं कि उनका काम राज्य की सेवा करना है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया माध्यम एक्स पर लिखा, “नांदेड़, महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल में दवाइयों की कमी से 12 नवजात शिशुओं समेत 24 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. भाजपा सरकार हज़ारों करोड़ रुपए अपने प्रचार पर खर्च कर देती है, मगर बच्चों की दवाइयों के लिए पैसे नहीं हैं? भाजपा की नज़र में गरीबों की ज़िंदगी की कोई कीमत नहीं है.”
शरद पवार ने इस घटना पर क्या कहा
शरद पवार ने पोस्ट करते हुए लिखा- ”नांदेड़ के एक सरकारी अस्पताल में 24 घंटे में 24 लोगों की मौत हो गई. घटना में 12 नवजात शिशुओं की भी जान चली गई. यह चौंकाने वाली घटना है. ठाणे के कलवा अस्पताल में भी ऐसी ही एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई थी और अब घटना को गंभीरता से न लेने के कारण ही नांदेड़ में 24 लोगों की मौत हो गई. यह सरकार की विफलता है. शरद पवार ने सरकार से आग्रह किया कि वे मरीजों की जान की फिक्र करें और जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाएं.”

महाराष्ट्र के नांदेड़ में 24 मरीजों की मौत के बाद मंगलवार (3 अक्टूबर) को चौकसी समिति निरीक्षण करेगी. छत्रपति संभाजी नगर के घाटी अस्पताल से डॉक्टरों की एक टीम नांदेड़ आएगी और अस्पताल के डॉ भरत चव्हाण, डॉ. मीनाक्षी भट्टाचार्य और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जोशी इस मौत के पीछे का कारण ढूंढेगी.

Chhattisgarh – काँग्रेस सरकार द्वारा चलाई जा रही गौठान योजना में लगातर घोटाले के लग रहे है आरोप

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धमतरी / मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही गौठान योजना में लगातर घोटाले के आरोप लगते रहे हैं सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का जमीन पर कोई अता पता नहीं गायों के लिए चलाई गई रोका छेका योजना भी जमीन से गायब है रोजाना सैकड़ों गौ वंश रोड पर दुर्घटना ग्रसित हो रहे हैं जिससे रोजाना सैकड़ों गौ वंश की मृत्यु हो रही है और हजारों गौ वंश सड़क दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।।

वर्तमान घटना धमतरी के अर्जुनी चौक की है जहां पर एक गौ वंश को एक अज्ञात वाहन ने ठोकर मारकर घायल कर दिया जिसे बजरंग दल कार्यकर्ता दुर्गेश कुमार नेताम, गणेश सिन्हा अजय ध्रुव द्वारा सुरक्षित कर उनका ईलाज करवाया गया।।
शासन द्वारा ज़ारी किया गया टोल फ्री नंबर 1962 से भी कोई सहायता प्राप्त नही, केवल खाना पूर्ति करने के लिए नंबर जारी किया गया।। गौ एंबुलेंस जैसी कोई सुविधा नहीं होने के कारण चोटिल गौ वंश को समय पर उचित ईलाज नही मिलने के कारण रोजाना सैकड़ों गौ वंश की मौत हो जा रही है।।

सरकार द्वारा चलाई गई गौठान में चारा पानी की व्यवस्था ना होने और ना ही किसी प्रकार की सुविधा होने के कारण गौठान खाली पड़े हैं और गौ वंश रोड पर दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं।।

रोड पर दिन रात गौ वंश का जमावड़ा लगा रहता है जो आम जनता और गौ वंश दोनो के लिए खतरा है।। आए दिन गौ वंश दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।।

छत्तीसगढ़ में विपक्षी बीजेपी के लोगो ने भी विगत दिनों काँग्रेस सरकार द्वारा चलाई जा रही गौठान योजना में लगातर घोटाले पर खुल कर हमला किया है।

 

 

गौ-तस्करी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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बलिया। गौ-तस्करी करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी हुई है. पुलिस अधीक्षक जनपद बलिया एस0 आनन्द महोदय के आदेश के अनुपालन मे अपराध नियत्रंण व संदिग्ध व वांछित अपराधियो के गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी व श्रीमान क्षेत्राधिकारी रसड़ा मो0 फहीम कुरैशी के कुशल पर्यवेक्षण व प्रभारी निरीक्षक रसड़ा प्रवीण कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना रसड़ा के पुलिस टीम उ.नि.वंश बहादुर सिंह मय हमराह द्वारा मुखबिरी सूचना पर प्रधानपुर पुल के पास से मु0अ0सं0 373/2023 धारा 3/5ए/8 गोवध नि0 अधि0 व 11 पशु क्रूरता अधि0 से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त इमरान उर्फ भोदू पुत्र इरशाद निवासी नोनहरा भर टोली थाना नोनहरा जनपद गाजीपुर को प्रधानपुर पुल के पास से गिरफ्तार किया गया । थाना स्थानीय द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुये अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया । गिरफ्तार आरोपी का नाम 1. इमरान उर्फ भोदू पुत्र इरशाद निवासी नोनहरा भर टोली थाना नोनहरा जनपद गाजीपुर उम्र करीब 20 वर्ष । गिरफ्तार करने वाली टीम- 1. नि.वंश बहादुर सिंह थाना रसड़ा जनपद बलिया । 2. हे.का. रामपति यादव थाना रसड़ा जनपद बलिया ।

गौ माता की सेवा करने में हरियाणा देश में सबसे अग्रणी राज्य है – मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर

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खरखौदा हेमंत कुमार)। रोहतक मार्ग पर स्थित सिसाना (Sisana) गांव में धर्मार्थ गौशाला के 121वा वार्षिक उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal) ने कहा कि गौ माता की सेवा करने में हरियाणा देश में सबसे अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि सिसाना में स्थापित गौशाला प्रदेश में सबसे बड़ी गौशाला है। इस गौशाला में लगभग 7 हजार गौ माता की सेवा की जाती है। गौशाला में गौ माता का रखरखाव पूरे प्रदेश की गौशालाओं से बेहतर व्यवस्था करने में समिति का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने से पहले प्रदेश में 215 गौशालाएं होती थी। परंतु जब से उनकी सरकार बनी है प्रदेश में तीन गुना 615 गौशालाओं का निर्माण हो चुका है। Manohar Lal

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों पर जितनी भी आवारा पशु घूम रहे हैं , उनकी देखभाल करने के लिए गौ सेवा आयोग की तरफ से एक समिति बनाकर सभी ग्राम पंचायत से जमीन लेकर उनके रखरखाव की व्यवस्था की जाएगी । उन पर आने वाला सारा खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गौ माता सेवा के लिए हमेशा तैयार रहती है, इसीलिए गौशालाओं को देने वाली धनराशि 3 गुना तक बढ़ा दी गई है। इसलिए वित्त वर्ष के दौरान सिसाना गौशाला को 30 लाख रुपए का बजट पहले ही आवंटित किया जा चुका है इसके अलावा 30 लाख रुपए का बजट और सरकार द्वारा देने की घोषणा की इसके अलावा 11 लाख रुपए सांसद कोटे से व 10 लाख रुपए विधायक कोटे से देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि गौ सेवा हमारे सबसे प्राचीन संस्कृतियों में से एक है जिसका वर्णन इतिहास में भी मिलता है यही गौ माता का वर्णन भगवान श्री कृष्ण के समय में भी मिलता है जब से भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाने के समय में गौ माता का अभिषेक करवाया था और उसी दिन को गोपाष्टमी के दिन के रूप में पूजा जाता है। वर्तमान में प्रदेश की गौशालाओं में 35 हजार गोवंश है। इसीलिए सिसाना गौशाला ने 1000 अतिरिक्त बाहरी गोवंशाओ को रखने की सहमति दी है। इसके लिए यदि बाहरी गोवंश को गौशाला में रखा जाएगा तो उसके लिए विशेष रूप से ग्रांट सरकार द्वारा दी जाएगी। उन्होंने सोनीपत के सभी गौशालाओं से आग्रह किया की बाहरी गोवंशाओ को रखने के लिए एक समिति बनाएं जिसमें सरकार पूरी मदद करेगी। Manohar Lal

और उनके रखरखाव में जो खर्चा आएगा उसे सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में जो बिजली का बिल आता है वह ₹2 प्रति यूनिट के हिसाब से लिया जाता है जो कि पहले की सरकारों में आठ रूपए प्रति यूनिट होता था। उन्होंने कहा कि सिसाना -2 ग्राम पंचायत की ओर से 16 एकड़ जमीन गोचरण के लिए दी जाएगी ,जिसमें शैड व अन्य मूलभूत सुविधा देने के लिए सरकार द्वारा 75 लाख रुपए की धनराशि दी जाएगी। इसके अलावा गोरक्षा के लिए एक अनुसंधान केंद्र भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिसाना गौशाला की स्थापना 1902 में पंडित हरनाथ ने की थी और 1978 में 61 गांव के पंचायत ने गौशाला को चलाने के लिए अपना योगदान दिया था।

आज इस योगदान के बदौलत गौशाला पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान पर है। जिसमें रखरखाव की हर सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसलिए गौशाला प्रबंधन समिति बधाई के पात्र है। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित करके किया गया। सिसाना गौशाला के प्रधान रणदीप दहिया ने मुख्यमंत्री को पगड़ी बांधकर व स्मृति चिह‌्न गौ माता की मूर्ति देकर स्वागत किया। इस मौके पर विधायक मोहनलाल बडोली, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र, जिला परिषद अध्यक्ष मोनिका दहिया, ब्लॉक अध्यक्ष सितेंद्र दहिया, सुमित्रा चौहान सतीश सेहरी, स्वामी दयानंद स्कूल के प्राचार्य संदीप दहिया, जिला उपायुक्त मनोज कुमार, उपमंडल अधिकारी अनमोल, बीडीपीओ दीपिका शर्मा, पंचायती राज एसडीओ वेद आदि व्यक्ति मौजूद रहे।

वरिष्ठ फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय को मिला ‘महात्मा गांधी रत्न अवार्ड’

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अंधेरी (वेस्ट) मुम्बई स्थित मेयर हॉल में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र की चर्चित संस्था कृष्णा चौहान फाउंडेशन (केसीएफ) के संस्थापक व संचालक डॉ कृष्णा चौहान के द्वारा आयोजित भव्य समारोह में भारतीय फिल्म जगत के मशहूर गायक उदित नारायण ने  वरिष्ठ फिल्म पत्रकार/अधिवक्ता काली दास पाण्डेय को महात्मा गांधी रत्न अवार्ड’ देकर सम्मानित किया। वरिष्ठ फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय को यह अवार्ड फिल्म पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है।

भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार पर संयुक्त कार्य समूह की 15वीं बैठक

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New Delhi – भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार पर संयुक्त कार्य समूह (जेडबल्यूजी) की 15वीं बैठक 26 और 27 सितंबर, 2023 को ढाका, बांग्लादेश में आयोजित की गई थी। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव श्री विपुल बंसल और बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय के अपर सचिव श्री नूर मोहम्मद महबुबुल हक ने की।

संयुक्त कार्य समूह की 15वीं बैठक में बंदरगाह प्रतिबंधों को हटाने, व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) की शुरु करने के लिए कार्यों, मानकों का सामंजस्य, मानकों की पारस्परिक मान्यता, बांग्लादेश को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, रेल और सड़क अवसंरचना का विकास, मल्टी-मॉडल परिवहन के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे कई द्विपक्षीय मुद्दों पर और भूमि सीमा शुल्क स्टेशन/एकीकृत जांच चौकियों, सीमा हाटों आदि में बुनियादी ढांचे के निर्माण/मजबूतीकरण पर चर्चा की गई।

दोनों देशों द्वारा गहरे आर्थिक संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि के साथ द्विपक्षीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। दोनों पक्षों ने दोहराया कि भविष्य में व्यापार संबंधों और आपसी समृद्धि में बड़ी संभावनाएँ हैं।

व्यापार पर भारत-बांग्लादेश संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठकों का आयोजन व्यापार से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने और दोनों देशों के बीच व्यापार के आर्थिक और तकनीकी सहयोग, प्रचार, सुविधा, विस्तार और विविधीकरण के अवसरों का पता लगाने के लिए वार्षिक आधार पर किया जाता है। इन बैठकों का आयोजन व्यापार बाधाओं को दूर करने, सीमा पार व्यापार को सुगम बनाने के लिए सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाने, बुनियादी ढांचे, रसद और पारगमन सुविधाओं में सुधार करके द्विपक्षीय मुद्दों के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत और बांग्लादेश  के बीच व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए कई व्यापार सुलभ उपाय किए गए हैं। भारत ने 17 मई 2022 के परिपत्र के माध्यम से किसी भी अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) पर सीमा शुल्क निकासी सुविधा के साथ, बंद कंटेनरों में रेल द्वारा बांग्लादेश से भारत में निर्यात की अनुमति दी है। बांग्लादेश ने चट्टोग्राम और मोंगला बंदरगाह (एसीएमपी) के उपयोग पर समझौते की सफलतापूर्वक शुरुआत और विभिन्न भूमि सीमा शुल्क स्टेशन (एलसीएस) के माध्यम से व्यापार किए जाने वाले सामानों की संख्या में वृद्धि के बारे में जानकारी दी।

हिन्दुत्व में वृहद पितृत्व

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आर.सूर्य कुमारी-

युग-युग बीतते चले जाते हैं, मगर धर्माभियान कभी नहीं जाता। यह धर्माभियान कभी हिंदू या आर्य धर्म के बैनर तले
चला। कभी ईसाई धर्म के बैनल तले चला तो कभी इस्लाम धर्म के बेनर तले।
आर्य धर्म विश्व का सबसे पुरातन धर्म है। इसकी सभ्यता संस्कृति सबसे पुरानी है और इस पुरातन धर्म की आत्मा में
इतनी शक्ति है कि यह पूरे विश्व के धर्मों को ललकार सकता है, अपने पितृत्व का दावा कर सकता है।

सिक्ख, बौद्ध, जैन जैसे धर्म खुद को एक स्वतंत्र धर्म मानते हैं, तो यह उनकी भ्रान्ति है। इतिहास की धारा में गोते
लगाने की क्षमता का अभाव है, लेकिन सच्चाई तो यह है कि सिख, बौद्ध व जैन धर्म, हिंदू धर्म को मजबूत करने व
उसमें नए प्राणों का संचार करने के क्रम में ही सामने आए, मगर बदलती पीढिय़ों के नैतिक सोच के अभाव में ये बने
अल्पसंख्यक।

सिर्फ हिंदू धर्म से विघटित होकर स्वयंभू धर्म घोषित होने के बाद भी इतना सही है कि तमाम हिंदू धर्म के अंगों में
बहुत हद तक समान सभ्यता व संस्कृति है। नामकरण, स्वागत-परम्परा विवाह-प्रथा इन सबमें बहुत हद तक
समानता स्पष्ट दृष्टि गोचर है।

हिन्दुत्व ने कभी भी कोड़ा तलवार या मुंह मीठी छुरी बनकर अपने धर्म का प्रचार नहीं किया। भारत क्या विश्व भर के
इतिहासकार व विद्वान हिंदुत्व को विश्व धर्म का प्रणेता कहने में हिचक नहीं करते।

आज अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जो इस्लामिक आतंकवाद हैं, धर्म के अंधे प्रचार-प्रसार के लिए इस तरह गैर मुसलमानों
को जमीन पर ढहा रहे हैं कि मानों तूफान में तबाही का मंजर हो। यह आतंकवाद सुनामी व हुदहुद को भी पीछे छोड़ता
चला जा रहा है। उनके सामने अल्लाह, जन्नत, जहन्नुम कोई भी अवधारणा, काम नहीं करती। बस एक ही
अवधारणा काम करती है विश्व का इस्लामीकरण हो जाए। ऐसा करके पता नहीं कि वे किस अभीष्ट की सिद्धि कर
रहे हैं। पूरे विश्व में आतंकी मुसलमानों ने भयंकर रक्तपात शुरू कर दिया है। इसका कोई अंत नजर नहीं आ रहा है।
विचारणीय प्रश्न है कि वे इंसानों की हत्या कर किस इंसानियत की रक्षा करने जा रहे हैं? अल्लाह की धारणा मन में
बैठाकर जो कर्म कर रहे हैं, वह कभी माफी योग्य नहीं होता। अल्लाह की इबादत करो तो सभी मजहबों का सम्मान
करो।
ईसाईयों के पास मार-काट के लिए तलवार नहीं है, मगर मुंह में शहद भरा रहता है, जब मुंह से बोली निकलती है तो
सीधे सामने वाले के मन से होते हुए अन्तर्मन तक पहुंच जाती है और सामने वाले की बोली निष्पक्ष या यथार्थ नहीं
होती वह वैसे मुंहों से निकलती है जो बिना हथियार के ही जंग जीत लेती है। नाटकीय अंदाज में सभाएं करना व भोली-
भाली जनता को बहलाना-फुसलाना, रोटी-कपड़ा-मकान-नौकरी का लालच देना ये ईसाई पादरियों के हथकंडे होते हैं।
यहां भी वही स्वर्ग नर्क, युद्ध-कर्म, अशुद्ध कर्म, मानवता इसे उनका कोई मतलब नहीं होता। कुल मिलाकर पता
नहीं चलता कि पूरे विश्व व भारत को ईसाई बनाकर वे क्या हासिल कर लेंगे?

सच पूछा जाए तो आर्यत्व और हिंदुत्व में जबरदस्त शक्ति है, मगर हिंदुत्व मानवता का पालन करता है सर्वधर्म
समभाव का द्योतक है। सामाजिक व धार्मिक समरसता में विश्वास करता है। और एक बात हिन्दुत्व ने जितने
उथल-पुथल देखे धर्मिक क्रांतियां व घटनाएं देखी किसी दूसरे धर्म ने नहीं। हिन्दुत्व पूरे विश्व के सभी धर्मों का अग्रदूत
है इसलिए उसमें पितृत्व है उसकी आत्मा में ममत्व है और इसी आत्मीयता को कमजोरी मानकर अन्य धर्म गलत
मानसिकता बनाए तो इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। (विभूति फीचर्स)