गुजरात समाचार – मुख्यमंत्री भूपेन्द्रभाई पटेल के सम्मान समारोह में 3,000 से अधिक जीवदया प्रेमियों ने लिया भाग
गुजरात की गौशालाओं और पांजरापोल के ट्रस्टियों,समस्त महाजन,और श्री वीरमगाम खोडा ढोर पांजरापोल की संयुक्त पहल द्वारा: मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल के सम्मान समारोह में 3,000 से अधिक जीवदया प्रेमियों की उपस्थित हुए
वीरमगाम (गुजरात): 20 अक्टूबर 2024 : वीरमगाम खोडा ढोर पांजरापोल और समस्त महाजन के संयुक्त प्रयासों से गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल के सम्मान में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस अनोखे कार्यक्रम में पूरे गुजरात से 3,000 से अधिक जीवदया प्रेमी एकत्र हुए। यह कार्यक्रम प्रसिद्ध जीवदया तीर्थ, मोती कुमाड, वीरपुर विड, वीरमगाम में आयोजित किया गया, जहाँ राज्यभर से पांजरापोल और गौशालाओं के ट्रस्टी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।

विशिष्ट अतिथियों का स्वागत और सम्मान
समस्त महाजन के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. गिरीशभाई शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल, पशुपालन मंत्री श्री राघवजीभाई पटेल, सांसद श्री चंदुभाई शीहोरा,विधायक श्री हार्दिकभाई पटेल, गुजरात बीजेपी की उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक श्रीमती वर्षाबेन दोषी,बीजेपी अहमदाबाद जिला अध्यक्ष श्री हर्षदगिरि गोस्वामी, पूर्व विधायक श्री वजुभाई डोडिया, वीरमगाम बीजेपी प्रमुख श्री नरेशभाई शाह,जिला उपाध्यक्ष श्री दीपकभाई पटेल, सद्भावना ट्रस्ट के श्री विजयभाई डोबरिया,और गिर गंगा के अध्यक्ष श्री दिलीपभाई साखिया का हार्दिक स्वागत और सम्मान किया।
सरकार का सराहनीय योगदान और आगे के प्रयासों की आवश्यकता
गुजरात सरकार अपनी पशु कल्याण योजना के तहत प्रति पशु प्रति दिन ₹30 का भत्ता प्रदान करती है, जो एक सराहनीय कदम है। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, एक पशु के रखरखाव का औसत दैनिक खर्च ₹100 है। सरकार से इस सहयोग को और बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने का अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल को गाय पोषण योजनाओं और अन्य जीवों के कल्याण के संबंध में उनके सराहनीय निर्णयों के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने संगठन के प्रेरणादायक कार्य की प्रशंसा की जो पशु कल्याण के साथ-साथ विकास को बढ़ावा देता है और जल संरक्षण के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया, और सभी से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन’ अभियान में भाग लेने का अनुरोध किया।

वृक्षारोपण और विकास पहल
श्री वीरमगाम खोडा ढोर पंजरापोल के विकास प्रयासों के तहत वृक्षारोपण अभियान चलाया गया और पशु हेल्पलाइन एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की गई,वृक्षारोपण अभियान #एक_पेड़_माँ_के_नाम के तहत हुआ, जिसका उद्देश्य पशु कल्याण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। पशुपालन मंत्री ने कहा, “गाय राज्य की माता है और उसकी सच्ची सेवा करना हमारा कर्तव्य है।”
मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्रभाई पटेल की प्रतिज्ञा
अपने संबोधन में, श्री भूपेन्द्रभाई पटेल ने पशु कल्याण गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा, “यह सरकार की जिम्मेदारी है कि गुजरात में कोई भी पशु अनावश्यक रूप से न मरे। प्रत्येक पशु की सुरक्षा और संरक्षण हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने पशु कल्याण प्रेमियों को आश्वासन दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी कि कोई भी पशु असहाय न रहे।
कार्यक्रम की सफलता में प्रमुख योगदान
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की सफलता का श्रेय वीरमगाम खोडा ढोर पंजरापोल के अध्यक्ष श्री पंकजभाई गांधी के समर्पित प्रयासों को दिया जाता है। उनके कुशल नेतृत्व में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
समस्त महाजन की समर्पित टीम का योगदान
समस्त महाजन के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. गिरीशभाई शाह, ट्रस्टी श्री देवेंद्र जैन, श्री पारेखभाई शाह, श्री मितलभाई खेतानी और श्री प्रतीकभाई सांघानी के नेतृत्व में, इस कार्यक्रम को भव्य सफलता दिलाने के लिए उत्कृष्ट प्रयास किए गए। सभी सदस्यों की अटूट निष्ठा और प्रयासों ने इस विशेष कार्यक्रम को गरिमामय सफलता दी।

Kakadia Gaushala – मुंबई के पास काकड़िआ गौशाला किसी गौ पर्यटन से कम नहीं
हिंदू धर्म में गाय को माता कहा गया है। पुराणों में धर्म को भी गौ रूप में दर्शाया गया है।भगवान श्रीकृष्ण गाय की सेवा अपने हाथों से करते थे और इनका निवास भी गोलोक बताया गया है। इतना ही नहीं गाय को कामधेनु के रूप में सभी इच्छाओं को पूरा करने वाला भी बताया गया है। हिंदू धर्म में गाय के इस महत्व के पीछे कई कारण हैं जिनका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व भी है।
आज महानगर मुंबई जैसे शहर में यदि कोई गौसेवा करे और वो भी अपनी गौशाला खोल कर तो बाड़ी बात होती है। आज के समय में गौशाला चलाना अपने आप में बड़ी चुनौती है।
गुजरात भावनगर के रहने वाले उद्योगपति प्रवीण भाई काकड़िया अपने बचपन के दिनों में गौ माता को चराने जाते थे। जब ८० के दसक में उनका परिवार कारोबार के लिए मुंबई आया तो उन्हें मजबूरन अपने घर की सभी गौवंश को दूसरे को देना पड़ा था। बचपन से ही जीवदया का भाव रखने वाले प्रवीण भाई काकड़िया ने तभो सोच लिया था कि यदि भगवान् ने उन्हें सामर्थ दिया तो एक दिन मुंबई के आस -पास अपनी गौशाला जरूर बनाएंगे।
ईश्वर और गौमाता की कृपा उनके परिवार पर हुई और आज से १२ वर्ष पहले प्रवीण भाई काकड़िया ने काकड़िया गौशाला की नींव मुंबई के पास ब्रजेश्वरी रोड विरार के पास अंबोडे गांव में ३ एकड़ की भूमि खरीद कर शुरू की आज यहाँ पर ५० से भी अधिक देशी गिर गौवंश है। जिनकी सेवा हो रही है।
Kakadia Gaushala
३ एकड़ की भूमि में फैली इस गौशाला में गौवंश के लिए सभी सुबिधाएँ मौजूद है , प्रवीण भाई बताते है कि वे चारा भावनगर से मंगवाते है बाकी हरे चारे की व्यवस्था गौशाला में होती है।
प्रवीण भाई अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहते है – विश्व कल्याण तभी होगा जब गौ माता की सेवा का बीड़ा उठाएंगे, गौ माता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है प्रकृति ने हमें पैड़-पौघे, पहाड, नदियाँ, समुद्र, पशु-पक्षी सभी कुछ दिया है। मानव के विकास के रास्ते विविध तरीकों से खोले हैं। मानव को सोचने-समझने और अपने जीवन के साथ-साथ प्रकृति की बनाई हुई प्रत्येक वस्तु के संरक्षण का ज्ञान प्रदान किया है। गौ सेवा सब से बड़ी सेवा है। मैं वही कर रहा हूँ।
प्रवीण भाई आगे बताते है कि – ‘उन्हें बचपन से ही गाय का दूध पीने का बहुत रूचि थी , यह भी एक कारण है जो मुझे गौमाता के करीब रखता है। और एक बड़ी बात यह भी थी कि मेरे परिवार के लोग बिटमिंस की कमी के कारण परेशान और बीमार रहते थे,जिस का एक मात्र ईलाज था देशी गाय का दूध।

प्रवीण भाई १९८४ मात्र १८ वर्ष की उम्र में मुंबई आ गए थे। परिवार का साथ रहा , कारोबार में सफल होने के बाद आज वह अपने बचपन की रूचि और पारिवारिक संस्कारो के अनुरूप जीवदया , गौसेवा को अपना मूल मन्त्र मान कर काम करते है।
आज वह अपनी गौशाला के माध्यम से रोजगार के दृष्टिकोण से वह अपना गौशाला का देशी घी का ब्रांड भी ले कर आ रहे है जिस पर वह काम किया जा रहा है। देशी गौवंश के नश्ल सुधार पर भी वह काम कर रहे है।
प्रवीण भाई जीवदया के काम को मुंबई की जानी मानी संस्था समस्त महाजन के साथ मिल कर काफी काम करते है। गौसेवा और जीवदया पर उनके विचार बहुत ही अच्छे और प्रेरणा देने वाले है वे कहते है कि -” भगवान श्रीकृष्ण ने ‘गौ’ संस्कृति आधारित जीवन शैली को भी आगे बढ़ाया व भारतवर्ष में गौ पालन सनातन धर्म का आधार माना गया। वर्णन आता है कि श्रीकृष्णजी संदीपन ऋषि के यहां पढ़ने के लिए गये, तो वहां भी उन्हें सर्वप्रथम गौ सेवा व गौशाला का कार्य दिया गया। गौ सेवा श्रीकृष्ण ने बखूबी निभाया, गायों को समय पर चारा, पानी देने, गाय के गोबर को उठाने, गो सेवा करने में इस स्तर तक लीन हो गये, जिससे श्रीकृष्ण को सूक्ष्म अनुभूतियां हुई। उनके अंतःकरण में जन जन की पीड़ा निवारण की प्रेरणा भरने लगी और वे संतों, सज्जन व्यक्तियों के जीवन को सुखी करने और दुष्टों का संहार करके समाज में करुणा-संवेदना स्थापित करने का संकल्प लिया!
मानव मन-मस्तिष्क की सात्विकता व संवेदनशीलता जगाकर आध्यात्मिक प्रगति दिलाने में गाय सहायक है। गाय की निकटता शरीर से रोगों को दूर रखने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में सहायक है। एक तरफ कृषि प्रक्रिया से गाय व गौवंश के बाहर होने पर धरती बंजर होने लगी, वहीं जीवन शैली में लगातार बढ़ता असंतोष, अस्थिरता के पीछे गौ माता से दूर होना बड़ा कारण माना जा रहा है। परम गौभक्त जीवदया के लिए दान करना प्रवीण भाई काकड़िआ के जीवन का आज एक अभिन्न अंग बन चूका है।आज उनकी यह गौशाला किसी पर्यटन स्थल से कम नहीं है .


साइबर खतरों से बचाने के लिए AU कॉर्पोरेट एडवाइजरी एंड लीगल सर्विसेज (AUCL) ने WHT NOW के साथ साझेदारी की
मोदी युग में सशक्त होती भाजपा*
एनयूजेआई की महाराष्ट्र इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन
हंसराज कनौजिया को अध्यक्ष और मयूर पारिख को महासचिव बनाया गया
मुंबई। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, इंडिया से संबंद्ध महाराष्ट्र इकाई की एनयूजेआई उपाध्यक्ष व पर्यवेक्षक शिवेंद्र कुमार की देखरेख में हिन्दू जिमखाना, मरिन लाइंस, मुंबई में 8 अक्तूबर, 2024 को आयोजित एक बैठक में नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इसके अलावा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। नई कार्यकारिणी में मुंबई इकाई के अध्यक्ष हंसराज कनौजिया ( तरुणमित्र), महासचिव मयूर पारिख (न्यूज कंटी-न्यूज) और कोषाध्यक्ष वसुधा धुमक (खबरें-आज तक) चुनी गईं। तीन उपाध्यक्षों में बाबा लोंढे, संजना भारती गांधी (पुणे), अजीत सिंह मट्टा के नाम प्रमुख हैं। जिन 4 सचिवों को नई कार्यकारिणी में शामिल किया गया उनमें पी सी कपाड़िया, शरवरी ए. जोशी (फ्रीलांस पत्रकार), राज पांडे, (सीईएन न्यूज), मनीष शेठ (जनसत्ता-लोकसत्ता) के नाम प्रमुख हैं। दो कार्यालय सचिवों में सर्वश्री दिनेश सावलिया (गुजराती मिडडे) और सुनील निकम (जनसंदेश टीवी) (नासिक) के नाम प्रमुख हैं। मीडिया सेलः में चुने गए दो मीडियाकर्मियों के नाम इम्तियाज अजीम (सहारा समय टीवी) जिग्ना दत्ता (ज़ी-5) हैं। इसके अलावा 8 कार्यकारी सदस्य भी चुने गए जिनके नाम क्रमशः शांथ कुमार (टाइम्स ऑफ इंडिया), शादाब खान (मिडडे इंग्लिश), सतीश सोनी (जीएसटीवी न्यूज चैनल), मनीष गुप्ता (दैनिक भास्कर), विजय गोहिल (फ्री-प्रेस जर्नल्स), अर्जुन कांबले (सामना- हिंदी), विजय बाटे (साकाल), सुषमा पाटिल (सकाल, पुणे), इम्तियाज शेख (उर्दू टाइम्स), रमाकांत मुंडे (बॉलीवुड न्यूज), परेश बी मेहता (संपादक-फिल्मी टाउन), विरल व्यास (जन्मभूमि-गुजराती डेली), अल्पेश विजय म्हात्रे (दैनिक प्रहार) के नाम प्रमुख हैं।
कसाई ने काटी गाय, माहौल तनावपूर्ण
बरनाला जिले में बृहस्पतिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब एक घर में गाय को काटे जाने की बात सामने आई। इस दौरान भारी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। लोगों ने गांव की हड्डारोड़ी में पशुओं का मांस तथा हड्डियां फेंकने का भी आरोप लगाया। इस दौरान गांव में माहौल तनावपूर्ण हो गया। वहीं हंगामा बढ़ता देख आरोपी मौके से फरार हो गया जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए थाना शैहला के एसएचओ अमृतपाल सिंह ने बताया कि कसाई आशु खान पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और बेजुबान जानवर को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामला जिले के गांव भगतपुरा मौड़ का बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि उत्तर प्रदेश का आशु खान लंबे समय से यहां रह रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह अकसर उत्तर प्रदेश से गायें लेकर आता है लेकिन बाद में ये गायें किधर गायब हो जाती हैं, इसका किसी को कुछ पता नहीं चलता।उन्होंने बताया कि गांव के बाहर हड्डारोड़ी है जहां गांव के मरे जानवरों को फेंका जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि आरोपी की पक्खो कैंचियां में मीट की दुकान भी है। उसे कई बार हड्डारोड़ी के पास देखा गया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने लॉन्च किया वेल्थ एडवाइजरी बिजनेस ‘एचडीएफसी ट्रू’
गाय के गोबर की बढ़ी कीमत और डिमांड
भोपाल: राजधानी भोपाल में इस हफ्ते भोपाल हाट में राष्ट्रीय खादी महोत्सव मनाया जा रहा था. इसी बीच Local18 को भोपाल के एक ऐसे कलाकार मिले, जो कोरोना काल के पहले तक नौकरी कर रहे थे. फिर जब कोरोना में उनकी नौकरी छूट गई, तो अपनी पत्नी और मां के साथ गोबर शिल्पकला के दम पर गाय के गोबर से एक नया व्यापार शुरू किया, जिसकी अब देश और विदेश में जमकर डिमांड हो रही है. जिसके चलते उनकी लाखों में कमाई हो रही है.
गोबर आर्टिस्ट जितेंद्र की कहानी
लोकल 18 से बात करते हुए भोपाल के गोबर आर्टिस्ट जितेंद्र बताते हैं कि, उन्होंने पढ़ाई में एमबीए किया है और 2005 से ही नौकरीपेशा थे, पर फिर कोरोना लॉकडाउन के समय उनकी नौकरी छूट गई. जिसके बाद उन्होंने अपनी मां के गाइडेंस में गोबर से कलाकृतियां बनाना शुरू किया, जिसकी अब देश ही नहीं विदेशों में भी धूम है.
पत्नी की मदद से बना व्यापार
गोबर आर्टिस्ट जितेंद्र बताते हैं कि, उनकी पत्नी ने एमए इन चित्रकला में पढ़ाई पूरी की है. उनकी पत्नी और माता जी ही हैं, जिन्होंने जितेंद्र के गोबर आर्ट की शुरुआत में मदद की. उनकी पत्नी जहां सभी प्रोडक्ट के डिजाइन का काम देखती है, वहीं उनकी माता जी बाकी सभी कामों में जितेंद्र को मदद करती हैं.
गोबर की बढ़ी कीमत और डिमांड
जितेंद्र जो पिछले 5 वर्षों से गोबर आर्टिस्ट हैं, बताते हैं कि, “पहले गाय माता को लोग बस दूध के कारण पालते थे और जब गाय दूध देना बंद कर देती थी तो आवारा छोड़ देते थे, पर जब से गोबर आर्ट शुरू हुआ है, उसके बाद से गोबर की डिमांड बढ़ी है. अब गोबर 100 रुपए किलो बिक रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप अब गाय माता को लोग आवारा नहीं छोड़ रहे हैं और इसमें कमी आई है.”
दिवाली के लिए गोबर के दियों की मांग
दिवाली के ठीक पहले जितेंद्र बताते हैं कि, “हमारे गोबर से बने दियों की मांग बढ़ी है. यह ईको-फ्रेंडली दिया मात्र 6 रुपए का एक पीस मिलता है, जिसके कारण इन शुद्ध दियों की खूब मांग हो रही है. हमने अभी महाराष्ट्र और उत्तराखंड में कई हजारों दिए भेजे हैं.”
गौ रक्षक दलों के अभियान से परेशान व्यापारी समुदाय
मंडी, 15 अक्तूबर : देश भर में गौ रक्षक दलों ने गाय को बचाने के लिए अभियान छेड़ रखा है, लेकिन इस अभियान के चक्कर में अब गाय, भैंस और बकरियों का व्यापार करने वालों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला मंडी जिला के बल्ह में पेश आया है। जहां पर बीते 3 अक्तूबर की शाम लगभग 8 बजे ढाबण के रहने वाले व्यापारियों की गाड़ी को कुछ लोगों द्वारा पुलिस थाना रती के पास रोका गया। जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। मारपीट भी स्थानीय लोगों द्वारा की गई, जिसमें जय सिंह (33) निवासी मंदिर टांडा और संदीप कुमार निवासी ढाबण (27) को चोटें आई हैं।
परेशानी का कोई हल न होता देख सोमवार को अपनी समस्या लेकर लबाणा व्यापारी समुदाय के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी अपूर्व देवगन से मिला। जहां उन्होंने एक मांग पत्र सौंपा। जिसमें इस समुदाय के लोगों ने प्रशासन से उनकी सुरक्षा के लिए कुछ कदम उठाने का आग्रह किया है। मांग पत्र में कहा है कि इस समुदाय के लोग कई पीढ़ियों से गाय, भैंस आदि का व्यापार करते आए हैं। इसमें पशुओं की खरीद फरोख्त और ट्रांसपोर्टेशन की जाती है, जिसे कुछ शरारती तत्व गौ तस्करी का नाम देकर ऐसे व्यापारियों को परेशान कर रहे हैं।
कुछ मामलों में पैसों की मांग भी की जा रही है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि कोई ऐसी गाड़ी पकड़ी जाती है तो मारपीट न की जाए। पुलिस प्रशासन को बुलाकर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। ग्रामीणों के अनुसार वह पंजीकृत डेयरी से पशुओं को ले जा रहे थे, लेकिन फिर भी उनके साथ कुछ लोगों ने बर्बतापूर्ण मारपीट की, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।









