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Video -Tragic accident due to falling of hoarding in Ghatkopar

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आज नामांकन करेंगे पीएम मोदी, पुष्य नक्षत्र में दाखिल करेंगे पर्चा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव से अनुमति लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नामांकन करेंगे। वह वाराणसी से तीसरी बार भाजपा प्रत्याशी बनाए गए हैं। तीसरी बार नामांकन भी करेंगे। वे गंगा सप्तमी के साथ ही पुष्य नक्षत्र में 11 बजे के बाद नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। नामांकन के पहले प्रधानमंत्री मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे पीएम दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा को नमन कर पूजन सकते हैं। यहीं स्नान भी करेंगे। यहां क्रूज से नमो घाट तक जाना भी प्रस्तावित है। फिर काल भैरव मंदिर जाकर वहां फिर नामांकन करने कलेक्ट्रेट जाएंगे।

नामांकन के बाद रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी करेंगे। मंगलवार को गंगा सप्तमी और नक्षत्र राज पुष्य का संयोग है। इसके साथ रवि योग ग्रहों की अच्छी स्थितियों का निर्माण कर रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन कोई भी कार्य करने से अभिष्ट की सिद्धि होती है। पुष्य नक्षत्र में यदि किसी काम को किया जाए तो उसमें कार्य सिद्धि तय मानी जाती है। ऐसा माना जा रहा है कि पीएम इस विशेष संयोग में ही अपना नामांकन करेंगे।

पीएम के नामांकन में शामिल होंगे 12 मुख्यमंत्री
भाजपा नेताओं के अनुसार पीएम के नामांकन में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा 12 मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा, असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा, हरियाणा के नायब सिंह सैनी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा शामिल होंगे। साथ में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी नामांकन में शामिल होंगे। एनडीए के प्रमुख घटक राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी, लोजपा प्रमुख चिराग पासवान, अपना दल एस की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल, सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद आदि मौजूद रहेंगे।

नामांकन से पहले काशी में पीएम मोदी ने किया रोड शो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामांकन से पहले सोमवार की शाम बीएचयू गेट के सामने स्थित महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रोड शो की शुरुआत की। बीएचयू से बाबा काशी विश्वनाथ तक आठ किलोमीटर के रोड शो में करीब पांच लाख लोग आए। भाजपा का दावा है कि यह अब तक सबसे सफलता रोड शो रहा, जो 2:30 घंटे में पूरा हुआ। मार्ग पर जगह-जगह सर्व समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

मदनपुरा में मुस्लिम महिलाओं ने हर-हर मोदी के नारे लगाते हुए पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। लंका से अस्सी तक कई मंचों से आरती और शंखनाद कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया। कहीं ढोल-नगाड़े बजे तो कहीं वाद्य यंत्र अपना राग छेड़ रहे थे। जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, लोकगीत हो रहे थे। बटुक, सन्यासियों ने मंत्रोच्चार के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। प्रधानमंत्री को देखने के लिए छोटे-छोटे बच्चे बैरिकेडिंग की जाली से झांक रहे थे तो कई महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर खड़ी थीं। रोड शो के दौरान रथ पर प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी मौजूद रहे।

‘काशी विशेष है…’

प्रधानमंत्री ने रोड शो की शुरुआत से पहले एक्स पर पोस्ट किया कि काशी विशेष है…। यहां के लोगों की गर्मजोशी और स्नेह अविश्वसनीय है। इसके साथ ही उन्होंने हाथ जोड़ने का इमोजी और अपने रोड शो के प्रसारण का लाइव लिंक शेयर किया।

पूर्व दिशा की ओर घूमकर किए गंगा को नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले बीएचयू के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके बाद पूर्व दिशा की ओर घूमकर उन्होंने जीवनदायिनी गंगा को दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इसके बाद उन्होंने चारों तरफ मौजूद भाजपा समर्थकों का हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

रविदास गेट के समीप गले में डाला बनारसी गमछा
प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र आते हैं तो बनारसी रंग में रंग जाते हैं। लंका से प्रधानमंत्री का रोड शो जब आगे बढ़ा तब वह रविदास गेट के समीप पहुंचे तो उन्होंने अपने गले में बनारसी गमछा डाल लिया। यह देखते ही रविदास गेट के समीप मौजूद उत्साही भीड़ हर-हर महादेव… और घर-घर मोदी… का उद्घोष करने लगी।

मुस्लिम बहुल इलाकों में दिखा उत्साह
प्रधानमंत्री के रोड शो का काफिला शिवाला और मदनपुरा जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों से गुजरा तो लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सड़क के दोनों तरफ और घर की बालकनी, खिड़कियों और छतों से लोग हाथ हिलाकर प्रधानमंत्री का अभिवादन कर रहे थे। प्रधानमंत्री भी सभी का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे।

भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी का निधन

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पटना. बिहार के उपमुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार मोदी पिछले कुछ महीने से कैंसर से लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन उम्मीद थी कि वो कमबैक करेंगे. वो एक फाइटर आदमी थे, लेकिन जब उनके करीबी से पता चला कि बीमारी चौथे स्टेज में है, उनके वापसी की रही सही उम्मीद भी धुंधली हो गई. लोकसभा चुनाव की घोषणा के कुछ हफ्ते पहले ही उनसे मिलने की तीव्र इच्छा हुई. मैं उनसे बिना समय लिए ही मिलने जा पहुंचा. मैं चाहता था कि साथ में कॉफी पिएंगे और बिहार पर बातें करेंगे.

घंटों तक उनके पास बैठा रहा. जाते-जाते उन्होंने संसद में दिए गए भाषण का संग्रह मेरे हवाले किया और आग्रह किया कि इसको पूरा पढ़िएगा. 2020 में पटना आने के बाद अगर किसी विषय को लेकर उधेड़बुन में पड़ता, तो उनसे सीधा संपर्क करता. बिहार से जुड़े मामलों के वो बड़े जानकार थे. सुशील मोदी आर्थिक विषयों के जानकार थे और जीएसटी काउंसिल की सहजता से अध्यक्षता करते रहे थे.

आज की पीढ़ी में जितने बड़े नेता हैं, सबको सुशील मोदी से कुछ-न-कुछ सीखने को मिला. छात्र आंदोलन से निकले नेता सुशील मोदी नीतीश कुमार के साथी तो थे ही साथ-साथ दोनों की जुगलबंदी भी कमाल की थी. सुशील मोदी राजनीति में अपमानजनक और अनुचित के पक्षधर नहीं थे. नीतीश कुमार का बीजेपी गठबंधन से कई बार अलगाव हुआ, लेकिन वो नीतीश की मर्यादित आलोचना ही करते रहे.

ये परस्पर सम्मान नीतीश कुमार की तरफ से भी था. वो भी सुशील मोदी का उतना ही सम्मान करते रहे. सुशील मोदी निजी स्तर पर यारों के यार थे. अगर किसी की मदद करनी है तो वो आपको खड़े मिलते थे. चाहे स्थिति कितनी भी विषम हो. उन्होंने हजारों लोगों की जिंदगी को छुआ. उनको संबल दिया. ऐसे नेता विरले ही मिलते हैं.

मुंबई में आंधी-तूफान ने मचाया कत्लेआम, होर्डिंग गिरने से 12 की मौत

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मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब घाटकोपर में होर्डिंग गिरने की वजह से दर्दनाक हादसा हो गया और कई लोग काल की गाल में समा गए. मुंबई के घाटकोपर इलाके में धूल भरी आंधी और बारिश के दौरान एक पेट्रोल पंप पर 100 फुट लंबा अवैध विज्ञापन होर्डिंग गिर गया, जिसमें मरने वालों की संख्या 12 हो गई है, जबकि 70 से अधिक घायल हुए हैं. बीएमसी ने बताया कि घाटकोपर होर्डिंग हादसे में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है. 43 घायलों का अब भी इलाज जारी है, जबकि 31 घायलों को डिस्चार्ज कर दिया गया है.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने होर्डिंग गिरने के कारण लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘मुंबई के घाटकोपर क्षेत्र में होर्डिंग गिरने से अनेक लोगों के हताहत होने का समाचार अत्यंत दुखद है. मैं शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करती हूं. मैं घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं तथा राहत और बचाव कार्य की सफलता की कामना करती हूं.’

एक अधिकारी ने बताया कि घाटकोपर इलाके में एक पेट्रोल पंप पर होर्डिंग गिरने से 12 लोगों की मौत हो जाने के बाद मुंबई पुलिस ने ‘ईगो मीडिया’ के मालिक और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है. मालिक भावेश भिंडे और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 304 (गैर इरादतन हत्या), 338 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालकर गंभीर चोट पहुंचाना) और 337 (जल्दबाजी या लापरवाही से काम करके किसी अन्य व्यक्ति को चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने देर शाम घाटकोपर में होर्डिंग गिरने की घटना के बाद घटनास्थल का दौरा किया और मुंबई शहर में सभी होर्डिंग के ढांचों की लेखा परीक्षा का आदेश दिया. उन्होंने होर्डिंग गिरने से मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की. नगर निकाय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की एक टीम उस स्थान पर पहुंच गई है जहां होर्डिंग गिरा था और तलाश एवं बचाव अभियान जारी है.

अभय सिन्हा कान्स 2024 में इंपा के प्रतिनिधिमंडल का करेंगे नेतृत्व

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पहली बार कान्स में इंपा के बूथ का उद्घाटन होगा

मुंबई। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इंपा) के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा के सबसे भव्य अवसर 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल 2024 में इंपा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। अभय सिन्हा कांस के इंडियन पवेलियन में 15 मई 2024 को सुबह 11.15 बजे पैलैस-1, बूथ नंबर 24.0 इंपा बूथ के उद्घाटन में भाग लेंगे। इंपा के इतिहास में यह पहली बार होगा कि इंपा के पास कान्स में सदस्य निर्माता की फिल्मों के प्रचार के लिए एक बूथ होगा। इस मौके पर इंपा के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा, सिनीयर वाइस प्रेसिडेंट सुषमा शिरोमणि, वाईस प्रेसिडेंट अतुल पी. पटेल और एफ एम सी के जनरल सेक्रेटरी निशांत उज्ज्वल के साथ एच.ई. जावेद अशरफ (फ्रांस गणराज्य और मोनाको की रियासत में भारत के राजदूत), संजय जाजू (सचिव, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार), मैरिएन बोर्गो (फ्रांसीसी अभिनेत्री), राजपाल यादव (भारतीय अभिनेता) और पोलिश अभिनेत्री नतालिया जानोजेक भी भाग लेंगी। अभय सिन्हा 77वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में भारतीय रचनात्मक फिल्मों की स्क्रीनिंग में भी हिस्सा लेंगे।

LIVE: PM Modi’s roadshow in Varanasi

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पीएम मोदी ने वाराणसी में भव्य मेगा रोड शो की शुरुआत कर दी है. BHU गेट से पीएम का रोड शो शुरू हुआ है. इस दौरान मंत्र आदि भी गूंज रहे हैं. पीएम मोदी के साथ रथ पर सीएम योगी भी मौजूद हैं. रोड शो को भव्य बनाने का काम फूल कर रहे हैं. रंग-बिरंगे फूलों की छटा से पीएम मोदी के नामांकन को भव्य बनाने की तैयारी की गई है. इसके लिए बड़ी संख्या में गेंदे और गुलाब के फूल से रास्ते सजाए गए हैं.

 

पटना साहिब गुरुद्वारे में पीएम मोदी ने खुद बेली रोटी, लंगर में परोसा भोजन

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पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय बिहार दौरे पर पटना पहुंचे तो तय कार्यक्रम के तहत सोमवार को पटना साहिब गुरुद्वारा भी पहुंचे. पीएम मोदी यहां सिख पगड़ी पहने नजर आए. पटना सिटी के तख्त श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारे में पहुंचकर दरबार साहिब में पीएम मोदी ने माथा टेका और अरदास की. यहां पीएम मोदी ने प्रसाद ग्रहण किया और लंगर वाले एरिया में चले गए. जहां प्रधानमंत्री ने खुद ही रोटी भी बेला. पीएम खुद अपने हाथ में बाल्टी लेकर उस जगह से बाहर निकले और बाहर भोजन पर बैठे लोगों को अपने हाथ से खाना परोसा.
पगड़ी पहनकर गुरुद्वारा पहुंचे पीएम मोदी..
सोमवार को पीएम मोदी कड़ी सुरक्षा के बीच पटना गुरुद्वारा पहुंचे. करीब 20 मिनट तक पीएम गुरुद्वारे में रहे. उनके साथ बीजेपी के प्रत्याशी रविशंकर प्रसाद और मंत्री अश्विनी चौबे भी मौजूद रहे. बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब देश के कोई प्रधानमंत्री पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे.
पीएम ने खुद बेली रोटियां, भोजन परोसे..
पीएम मोदी का गुरुद्वारा में स्वागत किया गया. सिखों के दूसरे बड़े तख्त व श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की जन्मस्थली तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में पीएम मोदी ने हाजिरी लगायी. वहीं प्रसाद ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री का अलग ही अंदाज देखने को मिला. जब वो भोजन बनने वाले एरिया में चले गये और खुद रोटियां बेलने लगे. वहीं भोजन पकाते भी प्रधानमंत्री दिखे और लंगर में खाने बैठे लोगों को खुद ही उन्होने भोजन भी परोसा.
रविशंकर प्रसाद बोले..
पीएम मोदी के साथ पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे भाजपा के प्रत्याशी सह पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पीएम ने यहां मत्था टेका. दर्शन किए. लंगर जाकर खुद उन्होंने चलाया और भोजन वितरण किया. जहां रोटी बनती है वहां जाकर खुद रोटी बेला और वितरण किया. हमें बहुत गर्व है कि भारत के वो पहले प्रधानमंत्री हैं जो यहां आए. बता दें कि तख्त श्री पटना साहिब को तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब के नाम से भी जाना जाता है, जो सिखों के पांच तख्तों में से एक है. गुरु गोविंद सिंह के जन्मस्थान के रूप में इस तख्त का निर्माण 18वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा करवाया गया था.

गौसंवर्धन बोर्ड ने लौटाया बगदरा घाटी गौ अभयारण्य का प्रस्ताव

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चित्रकूट धाम के निकट स्थित बगदरा घाटी में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला द्वारा प्रस्तावित गौ अभयारण्य का प्रस्ताव गौ-संवर्धन बोर्ड ने बैरंग लौटा दिया है। 2 मई को प्रस्ताव वापस करते हुए प्रबंध संचालक मप्र गौ संवर्धन बोर्ड ने लिखा है कि मझगवां विकासखंड के बगदरा घाटी क्षेत्र में वनों एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए फेंसिंग एवं भू-जल संरक्षण कार्य का परियोजना प्रतिवेदन गौ-संवर्धन बोर्ड को प्राप्त हुआ है। मप्र गौ संर्वधन बोर्ड गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन को के मकसद से निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए अनुदान प्रदान करता है। यह प्रस्ताव वन तथा वन्य प्राणियों के संरक्षण व संवर्धन से संबंधित है। लिहाजा, यह प्रस्ताव मूलत: वापस कर संबंधित कार्यपालिक विभाग को प्रेषित किया जाए।
159 लाख का तैयार किया प्रस्तावदरअसल, उप मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान काऊ सफारी के लिए वन विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। संबंधित वन विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मिल कर इसका प्रस्ताव तैयार किया। वन विभाग ने अपनी विभागीय सीमाओं के अनुसार वनों एवं वन्यप्राणी संरक्षण के लिए फेंसिंग एवं भू-जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार की। उसमें 112 लाख रुपए की कार्ययोजना फेंसिंग और लेंटाना कटाई की, 25.70 लाख रुपए में तालाब निर्माण और 21.50 लाख रुपए का मिसलेनियस वर्क का प्रस्ताव शामिल किया गया। अगर इस प्रस्ताव को देखा जाए तो इसमें गायों के संरक्षण का प्लान शामिल ही नहीं था। लिहाजा गौ-संवर्धन का मामला नहीं बनता था। यह बात और रही कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने इस पर कोई गौर नहीं किया और खानापूर्ति के लिए 159.20 लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया था।

अब पर्यावरण विभाग को भेजेंगे 

इस मामले में जब उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ प्रमोद शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव को अब स्वीकृति के लिए पर्यावरण विभाग को भेजा जाएगा। हालांकि सवाल अभी भी है कि क्या पर्यावरण विभाग इस कार्य के लिए फंडिंग करता है? इसका स्पष्ट जवाब उप संचालक पशुपालन के पास नहीं था।

अमित शाह की सभा में पत्रकार राघव त्रिवेदी की पिटाई

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रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की जनसभा के दौरान एक यूट्यूब चैनल के पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है। Molitics वेब पोर्टल से जुड़े पत्रकार राघव त्रिवेदी (Raghav Trivedi) का आरोप है कि वह बीजेपी की सभा में महिलाओं से सवाल पूछ रहे थे, जब कथित तौर पर पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। उनका मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाया है। जानकारी के अनुसार इस मामले में कैमरामैन की तरफ से 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा- यूपी के रायबरेली में अमित शाह की रैली थी। यहां महिलाओं ने एक पत्रकार को बताया कि उन्हें पैसे देकर रैली में लाया गया है। पत्रकार ने यह बात रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद BJP के गुंडों ने पत्रकार को पकड़ लिया और उससे वीडियो डिलीट करने को कहा। जब पत्रकार ने मना किया तो BJP के गुंडों ने उसे अगवा कर लिया, फिर मंच के पीछे एक कमरे में ले जाकर बुरी तरह पीटा। पत्रकार से रुपए भी छीन लिए। BJP के गुंडों ने हाल ही में अमेठी के कांग्रेस कार्यालय के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया था। ये घटनाएं बता रही हैं कि BJP के लोग सामने दिख रही हार से बौखला चुके हैं। अब अन्याय का अंत होने को है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले पर कहा- हिंसा हार की निशानी होती है। भाजपा की रायबरेली की एक रैली में पैसे देकर लाए गये लोगों के बारे में जब दिल्ली के एक पत्रकार ने सच सबके सामने लाना चाहा तो भाजपाइयों ने उसके ऊपर हमला कर दिया। यही है उप्र में क़ानून-व्यवस्था का सच। जब देश के गृहमंत्री की रैली में ये हाल है, जिनके अधीन पुलिस होती है तो फिर बाक़ी देश का कितना बुरा हाल होगा, कहने की ज़रूरत नहीं। भाजपा हिंसक माहौल बनाकर चुनाव जीतना चाहती है। #कभी_नहीं_चाहिए_भाजपा

प्रियंका गांधी ने कहा- रायबरेली में गृहमंत्री जी की सभा में भाजपा के लोगों द्वारा @moliticsindia के पत्रकार राघव त्रिवेदी को बेरहमी से पीटा गया। गृहमंत्री जी भाषण देते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही। पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उन्होंने कुछ महिलाओं से बात की थी जो कह रही थीं कि सभा में आने के लिए उन्हें पैसे दिए गए। पूरे देश के मीडिया का मुंह बंद कर देने वाली भाजपा को यह बर्दाश्त नहीं है कि उनके खिलाफ कहीं कोई आवाज उठे। संविधान खत्म करने का अभियान चला रही भाजपा इस देश से लोकतंत्र को खत्म कर जनता की आवाज छीन लेना चाहती है।

वहीं बिहार के नेता पप्पू यादव ने कहा- रायबरेली में गृह मंत्री अमित शाह की रैली में निर्भीक पत्रकार राघव त्रिवेदी पर बीजेपी वालों ने हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। अस्पताल में उनका उपचार हो रहा है, मैं उनसे मिलने जा रहा हूं। भाजपा में हार की बौखलाहट ज़बरदस्त है। भयभीत भाजपा पत्रकारों की पिटाई कर खीज उतार रही है। पत्रकारिता करने पर प्रहार, चाटुकारिता करने पर प्यार.. भाजपा का है यह नया व्यवहार, चार जून को चली जाएगी यह सरकार। पत्रकार राघव त्रिवेदी से रायबरेली ज़िला अस्पताल में मिला! शीघ्र स्वस्थ हों!

‘अनवूमन’ के पीछे की शानदार तिकड़ी

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मुंबई (अनिल बेदाग) : फिल्म निर्माण की दुनिया में, सिनेमाई जादू पैदा करने के लिए सहयोग अक्सर महत्वपूर्ण होता है। यह विशेष रूप से हिंदी भाषा के नाटक “अनवूमन” के लिए सच है, जो प्यार और स्वीकृति की एक हार्दिक कहानी है जिसने दुनिया भर के दर्शकों के दिलों पर कब्जा कर लिया है। इस सिनेमाई विजय के शीर्ष पर तीन दूरदर्शी प्रतिभाएँ हैं: निर्देशक पल्लवी रॉय शर्मा, निर्माता गुंजन गोयल, और लेखक सुशील शरमन।
“अनवूमन” की यात्रा रूढ़िवादिता को चुनौती देने और कहानी कहने के माध्यम से सार्थक बातचीत को प्रेरित करने के साझा दृष्टिकोण के साथ शुरू हुई। पल्लवी रॉय शर्मा, जो अपनी साहसिक और विचारोत्तेजक कहानियों के लिए जानी जाती हैं, ने हर फ्रेम को प्रामाणिकता और भावना से भरते हुए, परियोजना में अपनी निर्देशन विशेषज्ञता लायी। जब हमने पल्लवी से पूछा कि वह अपनी फिल्म अनवुमन के माध्यम से क्या संदेश देना चाहती हैं, तो उन्होंने कहा, “मैं समावेशन के संबंध में एक संवाद शुरू करना चाहती थी। फिल्म का आखिरी दृश्य जहां सांवरी बस के फर्श पर बैठती है क्योंकि उसके लिए कोई सीट आरक्षित नहीं थी, मैं हमारे रुख पर प्रकाश डालना चाहता था जहां हम तीसरे लिंग को अपने समाज का हिस्सा नहीं मानते हैं। अंत में यह एक प्रेम कहानी है और प्यार बाधाओं को तोड़ देता है और हम सभी प्यार करना और प्यार पाना चाहते हैं।”
      निर्माता गुंजन गोयल द्वारा समर्थित, जिनकी कहानी कहने का जुनून और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता फिल्म के हर पहलू में स्पष्ट है, “अनवूमन” को पंख लग गए। निर्माता से यह पूछने पर कि इस तरह के अनोखे विषय को चुनने के लिए उन्हें किस बात ने प्रेरित किया, गुंजन ने कहा, “मैं एक ऐसी फिल्म बनाना चाहता था जो लोगों को सोचने के लिए प्रेरित करे। यह कोई ऐसी फिल्म नहीं है जिसे आप दो घंटे तक देखते हैं और भूल जाते हैं। आज बहुत से लोग अपने विचार लेकर मुझसे आये हैं और यह एक अच्छी शुरुआत है।”
इस तिकड़ी को पूरा करने वाले लेखक सुशील शरमन हैं, जिनकी सूक्ष्म पटकथा ने “अनवूमन” की शक्तिशाली कथा की नींव रखी। व्यक्तिगत अनुभवों और मानवीय रिश्तों की गहरी समझ से प्रेरित, शरमन की पटकथा, जिसे उन्होंने पल्लवी रॉय शर्मा के साथ मिलकर लिखा था, प्रामाणिकता के साथ प्रतिध्वनित होती है, प्यार और पहचान की जटिलताओं को अनुग्रह और संवेदनशीलता के साथ पकड़ती है। वह कहते हैं, ”’मैंने अपना बचपन एक गांव में बिताया है और मैंने देखा है कि कैसे आम लोगों का जीवन वर्जनाओं के इर्द-गिर्द घूमता है। मैंने लोगों को पूर्वाग्रह के तहत झुकते देखा है और मैं इसे एक कहानी के माध्यम से प्रदर्शित करना चाहता था।
पल्लवी रॉय शर्मा, गुंजन गोयल और सुशील शरमन ने मिलकर एक रचनात्मक शक्ति का निर्माण किया, जिनमें से प्रत्येक ने एक उत्कृष्ट कृति तैयार करने के लिए अपनी अनूठी ताकत पेश की, जो उम्मीदों को चुनौती देती है और सीमाओं से परे है। उनका सहयोग कहानी कहने में एकता की शक्ति का एक प्रमाण है, जो साबित करता है कि जब प्रतिभाशाली दिमाग एक साथ आते हैं, तो संभावनाएं अनंत होती हैं। करण मान, गिरीश पाल सिंह और प्रमोद देसवाल जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों से सजी यह फिल्म मानवीय संबंधों की सूक्ष्म खोज प्रस्तुत करती है, जो इसकी कहानी को नई ऊंचाइयों तक ले जाती है।
जैसा कि “अनवूमन” दर्शकों को आकर्षित कर रहा है और स्वीकृति और समावेशन के बारे में महत्वपूर्ण बातचीत शुरू कर रहा है, भारतीय सिनेमा में अग्रणी के रूप में पल्लवी रॉय शर्मा, गुंजन गोयल और सुशील शरमन की विरासत मजबूती से मजबूत हो गई है। अपने शिल्प के प्रति उनका अटूट समर्पण और कहानी कहने की सीमाओं को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता हर जगह फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा का काम करती है, जो हमें सिनेमा की परिवर्तनकारी शक्ति की याद दिलाती है।