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कबीर जयंती 22जून – भक्त कबीर दास

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(दमनजीत सिंह- विनायक फीचर्स)

मध्यकाल में जब संतसाहित्य का उदय हुआ, उस समय उत्तर भारत की सामाजिक एवं राजनीति स्थिति अत्यंत दयनीय एवं अव्यवस्थित थी। दिल्ली का शासन तैमूर के आक्रमणों को झेल रहा था, तुगलक, सैयद एवं लोधी वशंजों द्वारा राज्य विस्तार लालसा, हिंसा, छल-कपट और जबरन धर्म परिवर्तन के कारण जनमानस विक्षुब्धता, अकारण पीड़ा और नैराश्य जीवन जीने को मजबूर था। ऐसे समय में कबीर जी का जन्म ज्येष्ठ सुदी 15वीं विक्रमी संवत् 1455 को बनारस (काशी) नगर में एक विधवा ब्राह्मण महिला से हुआ था, जिसने उन्हें लोक लज्जावश लहरतारा तालाब में फैंक दिया था। मुस्लिम जुलाहा परिवार अली वीरू नामक दंपत्ति द्वारा पाले गये भक्त कबीर का संपूर्ण जीवन संघर्षमय रहा। काशी के धार्मिक एवं संस्कृति के विद्वानों का प्रमुख स्थान होने के कारण भक्त कबीरजी साधु-संतों की संगत कर विचार-विमर्श से अच्छे प्रगाढ़ ज्ञाता, प्रचारक एवं आलोचक बन गये। गृहस्थ धर्म का पालन करते हुये भक्त कबीरजी का विवाह मुदृभाषी एवं सेवाभावी लोईजी नामक महिला से हुआ, जिससे आपके परिवार में एक पुत्र पैदा हुआ, जिसका नाम कमाल रखा गया। भक्त कबीरजी ने ‘हरि को भजे सो हरि को होई…’ के अनुरूप ब्राह्मण सम्प्रदाय के भक्त रामानन्दजी को अपना गुरु मानकर ज्ञानार्जित किया। यद्यपि भक्त कबीरजी जुलाहा जाति के थे। पर भक्त रामानंदजी ने राम नाम के जिस अलौकिक बीज को बोया था, भक्त कबीरजी ने उसे ‘प्रेम न पूछे जात’ कहकर अविरल आध्यात्मिक धारा के साथ निरंतर खींचा। आदि श्री गुरुग्रंथ साहिबजी जो आध्यात्मिक, सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रीयता के प्रणेता हैं, में भक्त कबीरजी की 540 वाणियां (शब्द) गुरुमत विचारधारा के अनुरूप दर्ज हैं, जो 30 हिन्दू भक्तों एवं मुस्लिम की भक्त माला में सर्वाधिक हैं। भक्त कबीरजी सत्य के पुजारी थे, जो किसी अन्य आकर्षण अथवा मोहमाया से दूर ही रहे, उन्होंने तो ईश्वर को पाकर सब कुछ समर्पित भावना से ब्रह्मï में समावेश कर दिया ‘कबीर मेरा मुझमें किछु नहीं जो किछु है सो तेरा, तेरा तुझ कऊ सउपते किआ लागै मेरा।

कबीर जी ने जनमानस में जनजागरण एवं प्रेरणा की भाषा में मानवतावादी, विशुद्धतावादी, आदर्शवादी, पाखंड एवं साम्प्रदायिकता विरोधी धार्मिक आंदोलन को चलाया। राजनैतिक असंतोष के साथ-साथ सामाजिक एवं नैतिक अवमूल्यन शासक वर्ग की ऐश्वर्यमयी विलासिता, साम्प्रदायिक विद्वेष, सांस्कृतिक विभेदनकारी शक्तियों में संत वाणी को एक उत्प्रेरक पृष्ठïभूमि प्रदान की थी, जो कबीरजी के शब्दों में उच्चारित है- अवलि अलह नूरू उपाओ कुदरत के सभ बंदे, एक नूर ते सभी जगु उपजिआ कउन भले को मंदे।

संत साहित्य केवल कागद की लेखी पर आधारित न होकर आखन देखी अर्थात व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है, जहां निगम, अगम पुराणादि पर विशेष बल न देते हुये कथ्य को अधिक ग्राहय, प्रभावी, प्रेषणीय, मनभावन तथा सशक्त बनाने की दृष्टि से प्राचीन धार्मिक सामाजिक मान्यताओं एवं परंपराओं का भी सहारा लिया जाकर सगुण-निर्गुण का नवीन एवं विचित्र सम्मिश्रिण प्रस्तुत किया गया। सगुण का सहारा निर्गुण को स्पष्ट करने हेतु ही लिया गया है, जबकि दार्शनिक आधार तो वस्तुत: निर्गुण रूप ही है।

ज्ञानाश्रयी भक्त कबीरजी ने सत् रूपी परम-तत्व का अनुभव करते हुये जीवन में पवित्रता, ईश्वर मिलन, आचरण की शुद्धता तथा क्रोध लोभ, मोह, अहंकार से मुक्ति के आदर्श सिद्धांतों को प्रमुखता प्रदान की है। जहां मानव धर्म का पालन करते हुये न कोई जात-पात का भेदभाव है और न ही कर्मकांड का बंधन रहता है। इसी कारण मध्यकाल के संतों-साधकों में उनका उच्च स्थान रहा है। उनकी काव्य रचना आत्मसमर्पण की भावना से ओत-प्रोत है, जहां सहजता, उदारता, सरलता, आत्मसंतोष, सहनशीलता निस्पृद (लोभ-लालच रहित) के सिद्धांत विद्यमान हैं। साधनावृत्ति, आचरण शुद्धता और उत्कृष्ठ जीवनशैली के कारण कबीरजी पढ़े-लिखे न होकर भी पूर्ण आत्मसमर्पित थे, जिनका ब्रह्म निराकार निरंजन सर्वव्यापक निर्गुण अरूप और रूप विधान से परे है। संघर्षमयी जीवन के कारण उनकी आलोचना एवं उपदेश पूर्ण रूप से तथ्यों एवं प्रमाणों पर आधारित होते थे, क्योंकि वे स्पष्टवादी और क्रांतिकारी नायक थे। धार्मिक, सामाजिक प्रचलित कुरीतियों को दूर करने के लिए उन्होंने केवल दिशा-निर्देश ही प्रदान नहीं किये अपितु व्यवहारिक जीवन में स्वयं भी वही मार्ग अपनाया, भूखे भगति न कीजै, यह माला अपनी लीजै।

समाज उस समय यह धारणा बना चुका था कि काशी में मृत्यु होने पर मुक्ति मिल जाती है तथा मगहर नामक स्थान पर मृत्यु से मुक्ति नहीं मिलती। इस अवधारणा का खंडन करते हुये देहांत से कुछ समय पूर्व वे मगहर स्थान पर जाकर बस गये और यहीं पर ही विक्रमी संवत् 1533 को शरीर त्यागकर ब्रह्मलीन हो गये। काशी में भक्त कबीरजी का पवित्र स्थान कबीर चौरा के नाम से स्थापित है। इसी प्रकार से लहर तालाब पर भी आपकी स्मृति में पावन स्थान सुशोभित हो रहा है। सर्व शक्तिमान एवं सर्वव्यापक ईश्वर पर कबीर का अटूट विश्वास था, जब उन्हें गंगा नदी में डुबोने का प्रयत्न किया गया और राजा द्वारा हाथ-पांव बांधकर हाथी के आगे मरने के लिए फैंक दिया गया किन्तु फिर भी ब्रह्मनिष्ठ कबीरजी का कुछ भी नहीं हुआ और वह पूर्णत: सुरक्षित रहे।

आधुनिक समय में आवश्यकता है भक्त कबीरजी के उपदेशों की सर्वकल्याणकारी विचारधारा को जीवन में समाहित करने की, जो मानव सेवा की भावना से ओत-प्रोत है। (विनायक फीचर्स)

“सुशासन” का आइटम नंबर ऋतु के स्वर में रिकॉर्ड

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राजपाल यादव कामयाब करेंगे बिहार में शराबबंदी
“सुशासन” का आइटम नंबर ऋतु के स्वर में रिकॉर्ड
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वसुन्धरा फिल्म्स प्रोडक्शन प्रा० लि० कृत हिन्दी फिल्म “सुशासन” का आइटम नंबर गीत – “ढिंचक सरफिरी” – हाल ही में ऋतु पाठक के स्वर में कृष्णा ऑडियो रिकॉर्डिंग स्टूडियो, एस वी रोड, गोरेगांव (पश्चिम), मुंबई में रिकॉर्ड किया गया। सुधाकर शर्मा द्वारा रचित इस गीत के लिए संगीत युवराज मोरे ने दिया है। राजनीतिक पृष्ठभूमि पर आधारित और शराबबंदी को लेकर बन रही है मनीष सिंह की फिल्म “सुशासन”।
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लागू की गई शराबबंदी को लेकर पनपे पक्ष विपक्ष की दलीलों पर एक बेबाक नज़रिया डालती है फिल्म “सुशासन”। इस अभियान में एक जुझारू युवक की महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई पड़ेंगे सर्वप्रिय अभिनेता राजपाल यादव। नवोदित निर्देशक दीपक पाण्डेय ने “सुशासन” को बिहार की जन समस्याओं को लेकर बनाई जा रही एक सोशल एंटरटेनमेंट फिल्म बताया। राजपाल प्रथम बार एक जनसेवा करनेवाले मुखर व्यक्ति के रूप में नज़र आएंगे। फिल्म के निर्माता मनीष कुमार सिंह, सह – निर्मात्री निवेदिता देव तथा लेखक – निर्देशक दीपक पाण्डेय हैं।

मिर्जापुर सीजन 3 का इंटेंस ट्रेलर रिलीज; सत्ता और बदले की सबसे खूनी लड़ाई होगी अबकी बार

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प्राइम वीडियो, रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ने मिर्जापुर सीजन 3 का इंटेंस ट्रेलर किया रिलीज; सत्ता और बदले की सबसे खूनी लड़ाई के लिए अब हो जाइए तैयार

भारत का सबसे पसंदीदा मनोरंजन स्थल, प्राइम वीडियो ने बहुप्रतीक्षित क्राइम थ्रिलर मिर्जापुर के तीसरे सीज़न का रोमांचक ट्रेलर लॉन्च किया। एक्सेल मीडिया एंड एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित और गुरमीत सिंह और आनंद अय्यर द्वारा निर्देशित, इस फैन-फेवरेट सीरीज़ में पंकज त्रिपाठी, अली फज़ल, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, रसिका दुग्गल, विजय वर्मा, ईशा तलवार, अंजुम शर्मा, प्रियांशु पेन्यूली, हर्षिता शेखर गौर, राजेश तैलंग, शीबा चड्ढा, मेघना मलिक और मनु ऋषि चड्ढा सहित एक शानदार कलाकार समूह शामिल है। सीज़न 3 के साथ, दांव और भी ऊँचे हो गए हैं और कैनवास बड़ा हो गया है। यह दस-एपिसोड की सीरीज़ विशेष रूप से 5 जुलाई, 2024 से प्राइम वीडियो पर भारत और दुनिया भर के 240 देशों और क्षेत्रों में प्रीमियर होगी। भारत में प्राइम सदस्य सिर्फ ₹1499/साल में बचत, सुविधा और मनोरंजन का आनंद लेते हैं।

भारत के अंदरूनी इलाकों में सेट, मिर्जापुर फ्रेंचाइज़ी ने अपनी शक्ति, बदला, महत्वाकांक्षा, राजनीति, विश्वासघात, धोखा और जटिल पारिवारिक गतिशीलता की मनोरंजक गाथा से लाखों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। पिछले सीज़न के रोंगटे खड़े कर देने वाले क्लाइमैक्स पर आधारित, मिर्जापुर सीज़न 3 का ट्रेलर दर्शकों को पुनः पूर्वांचल के अपराध और सत्ता की एक आकर्षक, फिर भी अंधेरी और क्रूर दुनिया में ले जाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कहानी कैसे सामने आती है और नये सीज़न में कहानी कहने की रचनात्मक सीमाएं कितनी आगे बढ़ती हैं।

निर्देशक और कार्यकारी निर्माता गुरमीत सिंह ने कहा, “मिर्जापुर के पहले दो सीजन भारत में स्ट्रीमिंग स्पेस में क्राइम थ्रिलर शैली के लिए गेम चेंजर साबित हुए। मिर्जापुर 3 के साथ, हम इस गति को बनाए रखने और कथा को एक नए स्तर पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, प्रत्येक किरदार के जीवन के नए पहलुओं और आयामों का अन्वेषण कर रहे हैं, जिसमें नई साजिश की उलझने भी शामिल हैं। हम बेहद उत्साहित हैं कि प्रशंसक नए सीज़न में मिर्जापुर के सिंहासन के लिए होने वाले संघर्ष को देख सकें। दांव और भी ऊँचे हो गए हैं और कैनवास निश्चित रूप से बड़ा हो गया है। साढ़े तीन साल के अंतराल के बाद, हम, अपने दर्शकों की तरह, प्राइम वीडियो पर मिर्जापुर 3 के वैश्विक प्रीमियर का और इंतजार नहीं कर सकते।

मिर्जापुर सीजन 3 के निर्देशक गुरमीत सिंह और आनंद अय्यर, कार्यकारी निर्माता रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर, कासिम जगमगिया और गुरमीत सिंह, लेखक अपूर्व धर बडगईयन, अविनाश सिंह तोमर, अविनाश सिंह और विजय नारायण वर्मा हैं।

विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ‘द दिल्ली फाइल्स’ के लिए पैन इंडिया लेवल पर की कास्टिंग करने की घोषणा

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अपनी पाथब्रेकिंग और शानदार फिल्मों के सिलसिले को जारी रखते हुए, फिल्म मेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने अगले प्रोजेक्ट “द दिल्ली फाइल्स” से पर्दा उठाने वाले हैं। फिल्म की घोषणा के बाद से ही चर्चा का माहौल बना हुआ है, जो एक ग्रैंड स्केल पर एक ग्राउंडब्रेकिंग कहानी का वादा करती है। एक हालिया अपडेट में, ‘आई एम बुद्धा’ के प्रोड्यूसर ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसमें उन्होंने “द दिल्ली फाइल्स” में महात्मा गांधी और मुहम्मद अली जिन्ना की अहम भूमिकाओं के लिए पैन इंडिया लेवल पर कास्टिंग शुरू की है।

विवेक रंजन अग्निहोत्री की अपकमिंग फिल्म ‘द दिल्ली फाइल्स’ मोमेंटम और पैमाने हासिल कर रही है। टीम ने फिल्म के लिए गहरी रिसर्च की है, और अब प्रोड्यूसर ने देश भर के लोगों के लिए नेशनवाइड कास्टिंग के अवसर खोलकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। ‘आई एम बुद्धा’ और अभिषेक अग्रवाल आर्ट्स उन एक्टर्स की तलाश कर रहे हैं, जो “द दिल्ली फाइल्स” में महात्मा गांधी और मुहम्मद अली जिन्ना की भूमिकाओं को निभाना चाहते हैं।

यह पहली बार है जब किसी फिल्म के लिए कास्टिंग इतने बड़े पैमाने पर खोली गई है, जिससे आम लोग भी इसमें भाग ले सकें और फिल्म का हिस्सा बन सकें। यह उन लोगों के लिए एक सुनहरा मौका है, जो मानते हैं कि उनमें एक्टर बनने का टैलेंट है।

विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपने सोशल मीडिया पर कास्टिंग की जानकारी शेयर करते हुए लिखा है –

“कास्टिंग अलर्ट:

#TheDelhiFiles के लिए मोहनदास करमचंद गांधी और मोहम्मद अली जिन्ना की तलाश है।”

https://x.com/vivekagnihotri/status/1802936834852618654

विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपनी फिल्म के लिए सटीक और अहम जानकारी जुटाने के लिए केरल से कोलकाता और फिर दिल्ली तक लंबी दूरी तय की है। उन्होंने अपनी फिल्म की कहानी में सच्चाई की हर एक परत जोड़ने के लिए असल कहानी वाली एतिहासिक घटाओं से जुड़ी 100 से ज्यादा किताबें और 200 से ज्यादा लेख पढ़ें हैं, जो उनकी फिल्म का आधार है। विवेक रंजन अग्निहोत्री और उनकी टीम ने रिसर्च वर्क के लिए 20 राज्यों की यात्रा की है। इसके अलावा, उन्होंने 7000 से ज्यादा रिसर्च पेजेस और 1000 से ज्यादा आर्काइव्स पर स्टडी की है।

विवेक रंजन अग्निहोत्री द्वारा द दिल्ली फाइल्स की रिसर्च में की गई बहुत सारी मेहनत और डेडीकेशन उनकी आर्ट के लिए कमिटमेंट को दर्शाता है, जिससे दर्शकों को एक दमदार और बेहद जुड़ाव महसूस कराने वाली फिल्म की उम्मीद है।

सेल्सफोर्स इंडिया ने पब्लिक सेक्टर डिवीजन किया लॉन्च 

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मुंबई। नंबर 1 सीआरएम, सेल्सफोर्स (एनवाईएसई: सीआरएम) ने आज परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए भारत में अपने पब्लिक सेक्टर डिवीजन के लॉन्च की घोषणा अरुंधति भट्टाचार्य, सीईओ और चेयरपर्सन, सेल्सफोर्स इंडिया और अरुण कुमार परमेश्वरन, मैनेजिंग डायरेक्टर, सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन, सेल्सफोर्स इंडिया की, जिसका उद्देश्य सेल्सफोर्स टेक्नोलॉजी के साथ नागरिकों के अनुभवों को बदलने के लिए सरकारी एजेंसियों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों को सशक्त बनाना है।

सेल्सफोर्स पब्लिक सेक्टर सॉल्यूशन को डिजिटल सेवा वितरण के लिए डिज़ाइन किए गए आउट-ऑफ-द-बॉक्स ऐप के साथ सरकारी एजेंसियों को जनता तक तेज़ी से सेवाएं पहुंचाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सेल्सफोर्स आइंस्टीन 1 प्लेटफ़ॉर्म पर बनाया गया, यह सरकारी संगठनों को नागरिक डेवलपर्स, एआई और ऑटोमेशन टूल के साथ अपने आईटी निवेश को भविष्य में सुरक्षित बनाता है, जबकि उनकी सेवाओं की चपलता, कार्यकुशलता और डिजिटल परिवर्तन को बढ़ाने में मदद करता है। सेल्सफोर्स ने हाल ही में पब्लिक सेक्टर के लिए आइंस्टीन 1 के लॉन्च की भी घोषणा की, जिसमें सरकारी एजेंसियों को प्रशासनिक कार्यों को स्वचालित करने और नागरिकों को तेज सेवाएं प्रदान करने में मदद करने के लिए सीआरएम, विश्वसनीय एआई और डेटा क्षमताएं शामिल हैं।
सेल्सफोर्स पब्लिक सेक्टर सॉल्यूशन हाइपरफोर्स नामक पब्लिक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर उपलब्ध हैं, जो पब्लिक क्लाउड के लिए बनाया गया अगली पीढ़ी का इंफ्रास्ट्रक्चर आर्किटेक्चर है। यह ग्राहकों को उनके डेटा रेजीडेंसी, डेटा नियंत्रण और सुरक्षा दायित्वों को पूरा करने में मदद करता है। मूल रूप से, हाइपरफोर्स सुरक्षा-प्रथम संस्कृति, जीरो ट्रस्ट सिद्धांतों और उन्नत गोपनीयता-केंद्रित मानकों को एकीकृत करने के लिए पब्लिक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की शक्ति का उपयोग कर रहा है। भारत में सरकारी एजेंसियों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन सेल्सफोर्स के उत्पाद पेशकशों के साथ काफी हद तक सफल हैं।
टेबल्यू और आइंस्टीन एनालिटिक्स उन्नत डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और एआई-संचालित एनालिटिक्स प्रदान करते हैं। म्यूलसॉफ्ट के एकीकरण समाधान अनुभव को बदलने के लिए सेल्सफोर्स को किसी भी क्लाउड या ऑन-प्रिमाइसेस सिस्टम के साथ एकीकृत करना आसान बनाते हैं । इसके अतिरिक्त, स्लैक एआई-संचालित सारांश और डेटा-ट्रिगर वर्कफ़्लो के साथ काम को अधिक उत्पादक और संवादात्मक बनाता है। सेल्सफोर्स लो कोड प्लेटफ़ॉर्म अद्वितीय आवश्यकताओं के लिए कस्टम एप्लिकेशन बनाने की अनुमति देता है। ऐपएक्सचेंज विशेष रूप से सरकारी उपयोग के लिए डिज़ाइन किए गए विभिन्न प्रकार के प्री-बिल्ट ऐप भी ऑफर करता है।
अरुंधति भट्टाचार्य, सीईओ और चेयरपर्सन, सेल्सफोर्स इंडिया ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र पर हमारा ध्यान ऐसे समय में आया है जब क्लाउड डिजिटल परिवर्तन प्रयासों में एक मूलभूत शक्ति बन गया है, जो नवाचार का मार्ग प्रशस्त करने और भारत को 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – प्रिडिक्टिव और जनरेटिव दोनों, मशीन लर्निंग और विश्वास पर आधारित एप्लिकेशन विकास नागरिकों के अनुभवों को आगे बढ़ाएगा।
अरुण कुमार परमेश्वरन, मैनेजिंग डायरेक्टर, सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन, सेल्सफोर्स इंडिया ने कहा कि आज, नागरिक अपने द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्रत्येक प्लेटफ़ॉर्म पर उनके लिए बेहतर, तेज़ सेवा की उम्मीद करते हैं। विश्वास और गहन उद्योग विशेषज्ञता के साथ एकीकृत डेटा प्लेटफ़ॉर्म पर आधारित सेवाएँ प्रदान करने के लिए नागरिकों का 360 डिग्री व्यू बनाना सरकारी एजेंसियों के लिए जबरदस्त संभावनाएँ खोलेगा। जनरेटिव एआई सरकार के कई कार्यों और स्तरों में सालाना 1.75 ट्रिलियन डॉलर की उत्पादकता के अवसर को खोल सकता है। मेरा मानना है कि सरकारी एजेंसियों के साथ सेल्सफोर्स के सहयोग में भारतीय नागरिकों के अनुभवों को महत्वपूर्ण रूप से आकार देने और उन्हें फिर से परिभाषित करने की क्षमता है। मैं भारत में सेल्सफोर्स के लिए इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का हिस्सा बनने और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने, अनुभवों को आधुनिक बनाने और सार्वजनिक क्षेत्र को अद्वितीय मूल्य प्रदान करने के लिए उत्साहित हूँ।
सेल्सफोर्स इंडिया ने हाल ही में हैदराबाद, भारत में अपने प्रमुख फ्लैगशिप सेंटर (सीओई) का विस्तार किया है, जिससे इस क्षेत्र को कंपनी के लिए एक प्रमुख प्रतिभा, ज्ञान और वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में मजबूत किया गया है। आज, सेल्सफोर्स के भारत में हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई, गुरुग्राम, पुणे और जयपुर में 11,000 से अधिक कर्मचारी हैं।
कंपनी दुनिया भर के पब्लिक सेक्टर के संगठनों को एक विश्वसनीय क्लाउड वातावरण में सरकारी सेवा का आधुनिकीकरण करने, डिजिटल सेवा वितरण में बदलाव लाने, तेजी से मूल्य निर्धारण करने और एआई, उद्देश्य-निर्मित समाधान और स्मार्ट अंतर्दृष्टि के साथ मिशन की सफलता में सुधार करने लिए सक्षम बना रही है, जो मिशन को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
भारत सेल्सफोर्स के लिए लगातार तेजी से विकास करने वाला मार्केट बना हुआ है। वित्तीय सेवाओं, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और उपभोक्ता वस्तुओं, स्वास्थ्य सेवा, ऑटोमोबाइल, ट्रैवल, रियल एस्टेट, एजुकेशन और पब्लिक सेक्टर में अग्रणी भारतीय व्यवसाय सेल्सफोर्स की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं ताकि उन्हें डिजिटल रणनीतियाँ बनाने में मदद मिल सके, जिससे उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ेगी, तथा नवाचार के एक नए युग में ग्राहकों के साथ उनके संबंधों में क्रांतिकारी बदलाव आएगा जहाँ उत्पादों और सेवाओं के लिए अपेक्षाएँ बदल रही हैं।
भारत में सेल्सफोर्स की वृद्धि को स्थापित रणनीतिक साझेदारों, स्टार्ट-अप्स, दो मिलियन से अधिक सेल्सफोर्स डेवलपर्स और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर किसी भी मार्केट की तुलना में कंपनी के मुफ़्त ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफ़ॉर्म – ट्रेलहेड के अधिक उपयोगकर्ताओं के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा भी समर्थन प्राप्त है। यह एक अद्वितीय, अत्यधिक गतिशील समुदाय है जो क्षेत्र में नए सेल्सफोर्स सॉल्यूशंस और अवसर लाता है।

Kashmir में गऊओं की हत्या मामले ने पकड़ा तूल,

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सांबा (अजय) : कश्मीर में हुए गौ हत्या कर उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का मामला उग्र होता जा रहा है। आज साम्बा, जम्मू, व कठुआ  गौ रक्षक सेवा दल  के सदस्यों ने जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर सांबा में जमकर रोष प्रकट किया है। उन्होंने चेतावनी देत हुए कहा कि गौ हत्या करने वालों पर अगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो जम्मू संभाग के हालात खराब हो जाएंगे। प्रदर्शनकारियों ने गौ रक्षक दल ने राजमार्ग पर जमकर हंगामा मचाया और इस दौरान पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत किया। प्रदर्शनकारी लोगों ने कहा पुलवामा में 2 लोगों ने गौ हत्या करके उसके वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।

तार टूट कर गिरने से गाय-भैंस की मौत

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फुरसतगज (अमेठी)। क्षेत्र के नहर कोठी चौराहा स्थित बाबा परमहंस धाम के पास रहने वाले राम सुमिरन मौर्य की भैंस व गाय की बछिया घर के सामने बंधी थी। तेज हवा के बीच बुधवार को बिजली का जर्जर तार टूट कर गाय व भैंस पर गिर गया। दोनों पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई। करंट से बछिया भी घायल हो गई है। राजस्व निरीक्षक अजहर खां व लेखपाल जितेंद्र यादव ने मौके पर पहुंच कर नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट तहसील भेजी। ऊर्जा निगम के जेई महेश पांडेय ने बताया कि मामले की कार्रवाई की जा रही है।

हल्द्वानी में गाय की मौत से दुखी किशोरी ने की खुदकुशी

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हल्द्वानी. घर में पली गाय की मौत से आहत एक किशोरी ने फांसी लगाकर जान दे दी. किशोरी का शव घर के पीछे बने बाथरूम में लटका मिला. परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.गौरतलब है कि हल्द्वानी के दमुवाढूंगा निवासी वनकर्मी की बेटी जया पलड़िया (15) ने मंगलवार रात फंदा लगाकर खुदकुशी की. किशोरी का शव बाथरूम में लटका मिला. पुलिस के अनुसार दो दिन पहले घर में हुई गाय की मौत के बाद किशोरी सदमे में थी. यह घटना ईद के कुछ दिन बाद हुई है  जो लोगों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है.

दमुवाढूंगा निवासी केशवदत्त पलड़िया वन विभाग लामाचौड़ क्षेत्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है. पुलिस के पूछताछ करने पर परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले सोमवार को उनके परिवार में बचपन से पली गाय की मौत हो गई थी. जिससे उनकी 15 साल की बेटी जया को बेहद लगाव था. गाय की मौत से वह बुरी तरह आहत थी और पूरे दिन रोती रही. उसने खाना भी नहीं खाया. घर वालों ने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी से भी बात नहीं की. वह गुमशुम रहने लगी. मंगलवार को अचानक जया लापता हो गई. शाम को जब परिजनों ने उसे घर में नहीं देखा तो खोजबीन शुरु हुई.

बाथरूम में लटका मिला शव
पुलिस ने बताया कि मंगलवार शाम को किशोरी का शव घर के पीछे बाथरूम में रस्सी के फंदे से लटका मिला. उसे फंदे से उतारकर अस्पताल पहुचायां गया. जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना पर पहुंची काठगोदाम पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. एसओ काठगोदाम विमल मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है.

सोशल मीडिया पर लगाया गो हत्या का फोटो, आग बबूला हुए हिंदू संगठन

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नाहन में कपड़े की दुकान करने वाले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी जावेद की ओर से इंटरनेट मीडिया में अपलोड किए गाय काटने के फोटो के विरुद्ध हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने बड़ा चौक व उपायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद आरोपित की ओर से किराये पर ली गई तीन दुकानों के ताले तोड़कर कपड़े बाहर फेंक दिए।

इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। पुलिस के साथ हिंदू संगठनों के सदस्यों की धक्का-मुक्की भी हुई। हिंदू संगठनों के आह्वान पर व्यापार मंडल नाहन ने बुधवार को बाजार बंद रखा था। हिंदू संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य उपायुक्त कार्यालय परिसर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें यहां पर रोक दिया। सूचना मिलने पर उपायुक्त सुमित खिमटा व एसपी रमन कुमार मीणा गेट पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोपित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और नाहन में किराये की दुकानें लेकर रह रहे सभी प्रवासी लोगों का सत्यापन करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कई प्रवासी लोग बिना लाइसेंस दुकानें चला रहे हैं। मुस्लिम समुदाय के युवक की ओर से किया गया घोर कृत्य सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

एसपी ने उन्हें बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। वह सहारनपुर पुलिस से भी संपर्क कर रहे हैं। यदि घटना सिरमौर की है तो आरोपी के विरुद्ध यहां कार्रवाई होगी। यदि घटना अन्य राज्य की है तो वहां की पुलिस इस मामले में कार्रवाई करेगी।

मध्य प्रदेश में गोवंश के 50 शव मिले

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न्यूज़ वेबसाइट आप इण्डिया के अनुसार  , मध्य प्रदेश के सिवनी में बुधवार (19 जून 2024) को गोवंश के दर्जनों कटे शव मिले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घटना की जाँच में जुट गई है। प्रशासन ने मवेशी डॉक्टर को बुलाकर शवों का परीक्षण करवाया है। इसके बाद गोवंश के शवों कों दफना दिया गया है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन सबके कौन हैं।

दरअसल, सिवनी जिले के पिंडरई के पास वैनगंगा नदी में 19 गोवंश के शव मिले। वहीं, धूमा क्षेत्र में ऐसे 32 शव मिले। इन शवों के गर्दन कटे हुए थे। शवों का कुछ हिस्सा नजदीकी जंगलों में भी फेंका गया है। पुलिस ने गाँव के लोगों की मदद से गोवंश के शवों को वैनगंगा नदी से बाहर निकाला और उन्हें दफनाया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटना इलाके में पहली बार हुई है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि कुछ गोवंश शव नदी में बहकर आए हैं। यह माना जा रहा है कि सरकार मवेशी तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे में पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने गोवंश की हत्या करके उसे नदी या अन्य जगहों पर फेंक दिया होगा।

हालाँकि, लोगों या पुलिस-प्रशासन का यह अंदाजा है। इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिसकी जाँच पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मवेशी तस्करों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। पूरे जिले में मवेशी तस्करों पर नजर रखा जा रहा है और मवेशियों का अवैध रूप से परिवहन करने वालों को पकड़ा जा रहा है।

इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने इस मामले की जल्द से जल्द जाँच करके दोषियों को अविलंब पकड़ने का आग्रह पुलिस से किया। इसके साथ ही आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी माँग की। पुलिस ने आरोपितों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।