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पुलिस व गौ तस्करों के बीच मुठभेड़

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संवाद सूत्र, बड़बिल (ओडिशा)। क्योंझर जिले के हरिचंदनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गयी। इस मुठभेड़ में एक तस्कर गोली लगने से घायल हो गया जबकि पुलिस के तीन जवान चोटिल हुए हैं।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन पिकअप वैन जब्त करते हुए पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और कुल 25 मवेशियों को बचाया है। गिरफ्तार तस्करों में दो क्योंझर जिले के घटगांव क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि तीन लोग मयूरभंज जिले के जशीपुर के निवासी हैं।

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरिक खान व शेख हाकिम घटगांव थाने के सामंतपुर गांव के हैं। सोनू मोहम्मद पंडापड़ा थाना के जंगीरा गांव का, दीपक कालिंदी और देबू कालिंदी जशीपुर थाने के बोकोला गांव के हैं।

इस संबंध में हरिचंदनपुर तथा पंडापाड़ा थाने में गौ माफियाओं के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम पंजीकृत कर जांच की जा रही है।

हरिचंदनपुर थाना अधिकारी ने यहां बताया कि की शनिवार की देर रात पुलिस ने कलियाहाटा की ओर से मवेशियों को ले जाने की योजना बना रहे गौ तस्करों के विरुद्ध छापेमारी की।

पुलिस के विशेष दस्ते ने पीछा कर पकड़ा

छापेमारी के दौरान अवैध मवेशी परिवहन करने वाले माफिया कलियाहोटा ग्राम पार कर रहे थे। पुलिस के विशेष दस्ते ने पीछा करते हुए उन्हें पिथागोला गांव में रोका। इस दौरान गौ तस्करों ने पुलिस दस्ते को गाली दी और फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस दस्ते ने आत्मरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की।

इस प्रक्रिया में एक अपराधी आरिफ खान को दोनों पैरों में गोली लगी है। उसका इलाज हरिचंदनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) व जिला अस्पताल क्योंझर में कराने के बाद एससीबी मेडिकल कटक रेफर कर दिया गया।

दूसरी ओर घटना में दो पुलिस कर्मियों को भी चोटें आईं। उनका इलाज हरिचंदनपुर सीएचसी में किया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से 25 मवेशी बचाए। तीन पिकअप वैन और दो देशी बंदूक जब्त करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया।

कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेजे जाते हैं मवेशी

शनिवार रात पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़ में दो संदिग्ध गौ तस्करों और पुलिस के घायल होने की घटना ने जिले में चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे माफिया अब अपने अवैध कामों को अंजाम देने के लिए आग्नेयास्त्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब मवेशी तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की हो।

हाल ही में कटक से पहुंची एक टास्क फोर्स पर जुड़िया घाटी क्षेत्र में मवेशी तस्करों ने गोलीबारी की थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बढ़ती गौ तस्करी की घटना को अंजाम देने वाले गौ तस्कर ओडिशा के विभिन्न हाटों से मवेशियों की खरीद कर और उन्हें कोलकाता के रास्ते अवैध रूप से बांग्लादेश में खपाते हैं।

निर्माता निर्देशक संजीव आर सिंह की अशोका ठाकुर और गंगा अधिकारी अभिनीत फिल्म “रंगीला दारूवाला” का ट्रेलर व म्युज़िक लॉन्च

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मुंबई। इम्पा थियेटर, अंधेरी में 23 अगस्त को रिलीज होने वाली मनोरंजक हिंदी फिल्म “रंगीला दारूवाला” का ट्रेलर व म्युज़िक लॉन्च हुआ। फिल्म के निर्माता निर्देशक संजीव आर सिंह हैं और इस फिल्म में नवोदित अशोका ठाकुर और गंगा अधिकारी की मुख्य भूमिका है। संजीव आर सिंह के साथ चेतन प्रभुदास झाला और रवीना इस फिल्म के निर्माता हैं वहीं लेखक आनंद राव हैं।

गा मोशन पिक्चर्स और लैंडमार्क मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनी इस फिल्म में शाह आलम ने दारूवाला का किरदार निभाया है एवं कॉमेडियन सुनील पाल ने भी अभिनय किया है
जबकि क्रिएटिव डायरेक्टर सत्याजीत राजपूत ने भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
फिल्म के पोस्टर पर इसकी टैगलाइन लिखी है “नो लॉजिक, नो मैजिक ओनली एंटरटेनमेंट”।
फिल्म के निर्माता निर्देशक संजीव आर सिंह ही डीओपी हैं। भागलपुर, बिहार के रहने वाले संजीव आर सिंह ने जे जे स्कूल ऑफ आर्ट्स से डिग्री हासिल किया है। बतौर सिनेमैटोग्राफर उन्होंने 10 फिल्में की हैं और अब निर्देशक के रूप में इस फिल्म से अपनी पारी शुरू करने जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह एक सिचुएशनल कॉमेडी है जिसमे सभी एक्टर्स ने बड़ी मेहनत और शिद्दत से काम किया है। अशोका ठाकुर वास्तव में डैशिंग स्टार हैं जबकि गंगा ने इसमे नेचुरल एक्टिंग की है।
म्यूजिक लॉन्च के अवसर पर फिल्म के तीन गाने दैय्या रे आइटम सॉन्ग, टाइटल सॉन्ग और रोमांटिक गीत दिखाया गया। रोमांटिक गीत पर हीरो हीरोइन अशोका और गंगा ने बहुत सुंदर डांस प्रस्तुत किया। अशोका ठाकुर की यह पहली पिक्चर है और वह इसको लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि एक्ट्रेस गंगा के साथ काम करने का उनका अनुभव बहुत अच्छा रहा। दर्शकों को यह फिल्म हंसाएगी और भरपूर मनोरंजन भी करेगी।
हसीन अभिनेत्री गंगा अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस फिल्म से काफी आशाएं हैं। बेहद कॉमिक टाइमिंग वाली फ़िल्म है। निर्माता निर्देशक संजीव सिंह ने इसे बड़े पैशन के साथ बनाया है। इसके गाने भी बहुत ही अच्छे हैं।
इस फिल्म के संगीतकार एलेन कश्यप, गीतकार राजेश हंस, कोरियोग्राफर जोजो खान और एडिटर यूसुफ एम शेख, कला निर्देशक सुरेश पांडे, पार्श्व संगीत सुदीप डांगे और सह-निर्माता यश संजीव सिंह हैं।

राकेश तिवारी बने अमेठी संसदीय क्षेत्र (37 वीं लोकसभा) के गो_सांसद।

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परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती १००८ द्वारा गठित भारत की पहली गो संसद् विगत दिनांक 2 अगस्त से प्रारम्भ हुई है। जो दिल्ली के तेरापंथ भवन में चल रही थी। गो संसद के दौरान जगद्गुरु शङ्कराचार्य जी महाराज के शिष्य व अमेठी के धर्मांसद राकेश तिवारी को अमेठी संसदीय क्षेत्र से गौ सांसद् मनोनीत किया गया है।
इस अवसर पर राकेश तिवारी ने गौरक्षा की शपथ लेते हुए गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने हेतु व गोकशी बंद कराने हेतु अपना श्रेष्ठ योगदान प्रदान करने का संकल्प लिया।

सर्वविदित है कि राकेश तिवारी गौरीगंज ने धर्मस्थापना ही अपने जीवन का लक्ष्य बना चुके हैं। अभी पिछले दिनों पूज्य गुरुदेव भगवान का गौरीगंज मुख्यालय पर आगमन हुआ था जिसमें विशाल धर्म सभा एवं प्रवचन का कार्यक्रम भी हुआ था, जिसमें पूज्य शंकराचार्य भगवान ने राकेश तिवारी को गौरीगंज में एक ज्योतिर्मठ बद्रिकाश्रम का स्थाई कार्यालय खोलने के लिए भी कहा था। जो की गौरीगंज जामो रोड पर निरंतर कार्यरत है। जिसमें क्षेत्र के तमाम धार्मिक लोग जुड़े हुए हैं।

राकेश द्वारा निःस्वार्थ धर्मस्थापना हेतु गौरीगंज में किए जा रहे कार्य से अनेकों लोग प्रेरणा प्राप्त कर अपना जीवन धर्मकार्य में लगा रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज का 22वां चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान दिल्ली में 22 जुलाई से 18 सितंबर तक सम्पन्न हो रहा है।जिसके दौरान अनेकों आध्यात्मिक मूल्यों के स्थापना हेतु विविध धर्मानुष्ठान आयोजित हो रहे हैं।इसी क्रम में 2 अगस्त से 6 अगस्त तक गौरक्षार्थ गो संसद का आयोजन किया जा रहा है।जिसमे राष्ट्र के समस्त जिलों से एक प्रमुख गौभक्त को गो सांसद बनाया जा रहा है जो गौमाता के रक्षा हेतु समर्पित होकर प्रण व प्राण से कार्य करेंगे।

राकेश तिवारी जी के गौ सांसद बनने से हर्षित क्षेत्र के कृष्णानंद पाण्डेय संकल्प होटल गौरीगंज, गंगासागर पांडेय मुसाफिरखाना, वकील पांडेय बरेहटी, पंडित गोलू तिवारी मऊ, संजय दूबे दयालापुर, चन्दन दुबे दयालापुर प्रमुख कपड़ा व्यापारी राजेश अग्रहरि, राजेश तिवारी, ज्ञान प्रकाश अग्रहरि, हरिभान सिंह, आदि गणमान्य लोगों ने व संसदीय क्षेत्र अमेठी के कोने कोने से गौभक्तों व सनातनधर्मियों ने उन्हें अपनी बधाई व मंगलकामना सम्प्रेषित की है।

उक्त जानकारी ज्योतिर्मठ बद्रिकाश्रम गौरीगंज अमेठी कार्यालय प्रभारी हरिप्रसाद दूबे के माध्यम से प्राप्त हुई है।

महाराष्ट्र के राज्यपाल ने आईआईजेएस प्रीमियर 2024 का उद्घाटन किया

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मुंबई (अनिल बेदाग) : इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो (आईआईजेएस) उद्योग में उत्कृष्टता के चार दशकों का प्रतीक है और लग्जरी, नवीनता और शिल्प कौशल के शिखर का अनुभव कराता है। विशिष्ट संग्रह कलेक्शन, वैश्विक लीडरों के साथ नेटवर्क बनाएं और भारत के आभूषण क्षेत्र के केंद्र में इस महत्वपूर्ण आयोजन का हिस्सा बनें।
महाराष्ट्र के राज्यपाल माननीय श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने जिओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर,बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मुंबई में भारत के शीर्ष व्यापार निकाय, द जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा आयोजित दुनिया के सबसे बड़े रत्न और आभूषण बी2बी शो – इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो प्रीमियर 2024 में से एक का उद्घाटन किया।श्री मंगल प्रभात लोढ़ा, मा. कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री,  महाराष्ट्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण अवसर की शोभा बढ़ाई।
जीजेईपीसी के अध्यक्ष श्री विपुल शाह, जीजेईपीसी के उपाध्यक्ष श्री किरीट भंसाली, जीजेईपीसी के संयोजक-राष्ट्रीय प्रदर्शनी श्री नीरव भंसाली के साथ-साथ प्रशासन समिति (सीओए) ने कई सम्मानित अतिथियों और कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री पॉल रोवले जैसे गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
जीजेईपीसी की ब्रांड एंबेसडर मानुषी छिल्लर ने उद्घाटन में ग्लैमर और चकाचौंध का तड़का लगाया।
इस वर्ष एक विशेष आकर्षण द सेलेक्ट क्लब – एक्सक्लूसिव हाई-एंड कॉउचर ज्वेलरी सेक्शन है। सेलेक्ट क्लब 101 प्रदर्शकों द्वारा सुरुचिपूर्ण डिजाइन और नवीन शिल्प कौशल की खोज करता है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल माननीय श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा, “जीजेईपीसी का आईआईजेएस दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित बी2बी रत्न और आभूषण शो में से एक है और एक दिन आएगा जब यह पूरी दुनिया में सबसे बड़ा शो होगा। यदि जीजेईपीसी के सदस्य रत्न और आभूषण निर्यातक भारतीय महिलाओं को बेच सकते हैं, तो वे दुनिया में किसी को भी बेच सकते हैं। मैं जीजेईपीसी से दुनिया भर में ब्रांड इंडिया का प्रदर्शन और प्रचार जारी रखने का आग्रह करता हूं; और इस प्रयास के माध्यम से, भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत को दुनिया भर में ले जाएं।
महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “हीरा उद्योग को भविष्य की पीढ़ी के बारे में सोचना चाहिए और उन्हें व्यवसाय में शामिल करने और रोजगार सृजन बढ़ाने के लिए सहयोग करना चाहिए। हीरा उद्योग को युवाओं को अपनाना चाहिए और उनका कौशल विकसित कर उन्हें रोजगार के लायक बनाना चाहिए।”
जीजेईपीसी के अध्यक्ष श्री विपुल शाह ने कहा, “इस साल, आईआईजेएस प्रीमियर गर्व से 2,100 से अधिक प्रदर्शकों और 3,600 से अधिक स्टालों की मेजबानी कर रहा है, और हम भारत और 60 से अधिक देशों से 50,000 से अधिक व्यापार आगंतुकों की उम्मीद कर रहे हैं। कंबोडिया, ईरान, जापान, मलेशिया, नेपाल, रूस, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम और उज़्बेकिस्तान सहित 13 से ज्यादा देशों के 15 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल हैं। हालिया केंद्रीय बजट 2024 हमारे उद्योग के लिए परिवर्तनकारी रहा है और सरकार की नीतिगत अनिवार्यताएं भारत को वैश्विक कच्चे हीरे के व्यापार केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित करेंगी, रोजगार पैदा करेंगी और 2047 तक भारत के विकसित भारत बनने के दृष्टिकोण में योगदान देंगी।
श्री शाह ने कहा,“जब रत्न और आभूषण निर्यात की बात आती है, तो महाराष्ट्र सबसे आगे है, जो भारत के कुल रत्न और आभूषण निर्यात में लगभग 70% का योगदान देता है। महाराष्ट्र राज्य सरकार नवी मुंबई में एक ज्वेलरी पार्क और SEEPZ में भारत रत्नम – मेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) स्थापित करने में हमारी मदद करने के हमारे प्रयासों में अविश्वसनीय रूप से सहायक रही है।

Congress-आवारा पशुओं की समस्या को लेकर संविधान यात्रा

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Chhattisgarh Congress: छत्तीसगढ़ कांग्रेस लगातार राज्य सरकार को घेरने में लगी हुई है। इस क्रम में पार्टी 14 अगस्त को बिजली के दामों की बढ़ोतरी, नगरीय निकायों के अध्यक्षों के वित्तीय अधिकार की वापसी और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर संविधान यात्रा निकालेगी।

Chhattisgarh Congress: छत्तीसगढ़ कांग्रेस लगातार राज्य सरकार को घेरने में लगी हुई है। इस क्रम में पार्टी 14 अगस्त को बिजली के दामों की बढ़ोतरी, नगरीय निकायों के अध्यक्षों के वित्तीय अधिकार की वापसी और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर संविधान यात्रा निकालेगी। इससे पूर्व विश्व आदिवासी दिवस पर आज नये आरक्षण विधेयक पर हस्ताक्षर विषय पर चर्चा करेंगे। वहीं 16 को कांग्रेस  जिलों और ब्लॉकों में गौ सत्याग्रह करेगी।

वार्डों और गांवों में संविधान यात्रा 14 अगस्त को
आजादी की 77वीं वर्षगांठ के पूर्व 14 अगस्त को कांग्रेस प्रदेश के सभी गांवों और वार्डों में संविधान यात्रा के रूप में प्रभातफेरी निकालेगी। देश के संविधान की रक्षा की प्रतिज्ञा ली जायेगी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रिय भजन “वैष्णव जन” का गान होगा। इस प्रभातफेरी में भारत के संविधान, तिरंगा ध्वज और बापू का चित्र लेकर कांग्रेसी चलेंगे।
प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉकों में गौ-सत्याग्रह 16 अगस्त को
प्रदेशभर में हो रही गायों की मौत और खुले मवेशियों के कारण सड़कों में हो रही दुर्घटनायें आवारा मवेशियों से खेतों की चराई पूरे प्रदेश में एक बड़ी समस्या बन कर उभरी है। पार्टी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार आने के बाद से प्रदेश में गौवंश बदहाल है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार की ओर से संचालित गोधन न्याय योजना को बंद करके गौवंशी पशुओं को सड़क पर बेमौत मरने छोड़ दिया है। एक तरफ जहां किसान खुली चराई से परेशान हैं। वही सड़कों में दुर्घटनाएं बढ़ गई है। भाजपा की सरकार में गाय, भैंस के साथ जनता भी सड़कों पर बेमौत मरने मजबूर हैं।

‘विश्व आदिवासी दिवस पर आरक्षण संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर करें राज्यपाल’
9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस है। आदिवासियों का संवैधानिक अधिकार पिछले डेढ़ साल से राजभवन में लंबित है। अब प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री भी है। कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि छत्तीसगढ़ का आरक्षण संशोधन विधेयक जो पूर्ववर्ती सरकार ने विधानसभा से पारित करवा कर राजभवन भेजा था, उस पर हस्ताक्षर करने राजभवन से आग्रह करें। प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है फिर आदिवासियों का 32 प्रतिशत एससी का 13 प्रतिशत, ओबीसी का 27 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस का 4 प्रतिशत अधिकार राजभवन में क्यों रूका हुआ है? राज्यपाल से विश्व आदिवासी दिवस पर राज्य की 32 प्रतिशत आबादी आदिवासियों के हक में विधेयक पर हस्ताक्षर करने का अनुरोध किया है।

 

भय और आतंक के साये में बांग्लादेश के हिन्दू*

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– मनोज कुमार अग्रवाल 
शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में उपद्रवी हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं। देश में 1 करोड़ 31 लाख के करीब हिंदू हैं, उनके घरों और दुकानों को आग के हवाले किया जा रहा है।अराजक तत्व हिंदू मंदिरों को भी निशाना बना रहे हैं।हालात इतने खराब हो गए हैं कि वहां रहने वाले करीब 7 प्रतिशत हिंदू इन दिनों  भय और आतंक के साये में जी रहे हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले कोई नई बात नहीं है,पहले भी हिंदुओं को यहां निशाना बनाया जाता रहा है।लेकिन इस बार हालात और भी अलग हैं। शेख हसीना सत्ता छोड़ चुकी हैं, ऐसे में भारतीय नागरिकों का क्या होगा, यही चिंता सताने लगी है।
बांग्लादेश में जारी अनिश्चितता और अराजकता के माहौल के बीच वहां हिंदुओं और अल्पसंख्यकों को टारगेट किया जा रहा है। हिन्दुओं के मंदिर, घर और  दुकानें प्रदर्शनकारी कुछ भी नहीं छोड़ रहे हैं।आततायी कट्टरपंथी भीड़ ने यहां पर 64 जिलों में 44 हिन्दू मंदिरों समेत अनेक हिंदुओं के घरों के साथ ही उनके व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है।इतना ही नहीं अराजक तत्व उनका कीमती सामान भी लूट ले गए। वहां पर मंदिरों और गुरुद्वारों में तोड़फोड़ की जा रही है।शेख हसीना के सत्ता और देश छोड़ने के बाद से वहां हालात बदतर हो गए हैं। इतना ही नहीं हिन्दू परिवारों की महिलाओं और लड़कियों के साथ भी बेहद घिनौना दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
बांग्लादेश के पंचगढ़, दिनाजपुर, बोगुरा, रंगपुर, शेरपुर किशोरगंज, सिराजगंज, मुगरा, नरैल, पश्चिम जशोर, पटुआखली, दक्षिण-पश्चिम खुलना, मध्य नरसिंगड़ी, सतखीरा, तंगैल,फेनी चटगांव, उत्तर-पश्चिम लक्खीपुर और हबीगंज जैसी जगहों पर कट्टरपंथियों का आतंक जारी है। वह यहां रहने वाले हिंदुओं पर न सिर्फ हमले कर रहे हैं बल्कि उनकी संपत्तियों को भी लूट कर ले जा रहे। बांग्लादेश के कट्टरपंथी हिंदुओं की संपत्तियों को चुन-चुन कर नुकसान पहुंचा रहे हैं।मंदिर हो या गुरुद्वारा किसी को भी बख्शा नहीं जा रहा है। शहरों में हिंदू नेताओं पर हमले किए जा रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर कई हिंदू परिवारों के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें उन पर किए जा रहे अत्याचार का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सैकड़ों हिन्दू परिवार घर-बार छोड़कर भारतीय सीमा की ओर निकल पड़े हैं, लेकिन सीमा सील होने के कारण वह सीमा पार नहीं कर पा रहे। बांग्लादेश के हिन्दुओं का सब्र टूट रहा है। पलायन के सिवा उनके पास कोई विकल्प नहीं है। अपनी महिलाओं और लड़कियों को दंगाइयों से बचाने के लिए हिन्दू स्वयं ही अपने घरों को आग लगा रहे हैं। यह घटनाएं भारत विभाजन की याद ताजा कर देती हैं। उस समय भी सीमा के उस पार जब इंसान शैतान बन गया था तो इन शैतानों से औरतों की सुरक्षा हेतु लोग अपने मकानों को आग लगाने के साथ-साथ महिला सदस्यों की स्वयं ही हत्या करने को मजबूर हो गए थे। बांग्लादेश के हिन्दू परिवार आज वैसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं।

शेख हसीना पिछले 15 साल से बांग्लादेश की सत्ता पर काबिज थीं और उनके शासन के दौरान दोनों देशों के संबंधों में काफी मजबूती आयी है लेकिन तख्तापलट के साथ ही बांग्लादेश में सब कुछ बदल गया है।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने जेल में बंद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख खालिदा जिया को रिहा कर दिया है बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और शेख हसीना के इस्तीफे के बाद भारत आने से भारत बेहद मुश्किल स्थिति में खड़ा दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी की बैठक कर पूरी जानकारी ली है। इसके बाद  विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ढाका की स्थिति पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक की। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली रणनीतिक स्तर पर बांग्लादेश के घटनाक्रम पर नजर रख रही है। चूंकि शेख हसीना के साथ भारत के लंबे और घनिष्ठ रिश्ते रहे हैं। इस संकट में भारत को यह तय करना है कि क्या वह अपने पुराने मित्र का साथ दे सकता है या नहीं। दिल्ली के पास शेख हसीना के रूप में बांग्लादेश में एक दोस्त था, और 2009 से उनके निरंतर कार्यकाल ने नई दिल्ली-ढाका संबंधों में एक बड़ा बढ़ावा देखा। सड़क और रेल संपर्क से लेकर सीमा प्रबंधन और रक्षा सहयोग तक, भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध इस समय के दौरान मजबूत हुए।

जब हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन बढ़ने लगे, तो भारत की प्रतिक्रिया थी कि यह एक आंतरिक मामला’ है। दरअसल भारत के पूर्वोत्तर के कई राज्यों की सीमा बांग्लादेश से लगी हुई है। सीमा से लगे इन इलाकों में भारत विरोधी गुट लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। हालांकि, शेख हसीना ने अपने कार्यकाल में भारत विरोधी आतंकी समूहों पर कड़ी कार्रवाई की है। इससे भारत के पूर्वोत्तर के राज्यों में शांति कायम हुई है और बांग्लादेश के साथ व्यापार में भी काफी वृद्धि हुई । 

बांग्लादेश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य के साथ भारत की सुरक्षा रणनीति को गहरा धक्का लगा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल की खाड़ी रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है, जो अफ्रीका से इंडोनेशिया तक हिंद महासागर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह बांग्लादेश, म्यांमार और भारत के बीच स्थित क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह क्षेत्र मलक्का जलडमरूमध्य के निकट होने के कारण महत्वपूर्ण है, जो दुनिया के प्रमुख समुद्री अवरोधों में से एक है, जो हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ता है। भारत के लिए बांग्लादेश अपने भौगोलिक रूप से अलग-थलग उत्तर-पूर्वी राज्यों को बंगाल की खाड़ी से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। पांच भारतीय राज्य हैं जो बांग्लादेश के साथ अपनी सीमा साझा करते हैं, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा और असम। साफ है कि बांग्लादेश में उथल-पुथल और सत्ता परिवर्तन भारत के लिए बड़े खतरे की घंटी है।

विशेषज्ञों की माने तो यह भारत के लिए चिंता का विषय इसलिए है कि जिस देश को पाकिस्तान के दो टुकड़े कर भारत ने बनाया, अगर उस देश को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, आतंकी संगठन और चीन की अन्य ताकतें मिलकर  चलाने लगेंगी तो भारत के लिए खतरा ज्यादा बढ़ जाएगा। बांग्लादेश की तीन तरफ की सीमाएं हमारे देश से लगती हैं, वहां से भारत में प्रवेश भी आसान है, ऐसे में भारत में यही ताकतें आकर भारत को भी अस्थिर करने की कोशिश कर सकती हैं। हालांकि देखा जाए तो वर्तमान में भारत के लिए करने को कुछ ज्यादा है।

बांग्लादेश में हिन्दुओं और दूसरे सिख ,बौद्ध ,ईसाई अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार को दुनिया चुपचाप देख रही है। इनमें विश्व के वे तमाम देश और एमनेस्टी इंटरनेशनल सरीखे अंतरराष्ट्रीय संगठन भी शामिल हैं जो भारत में किसी अल्पसंख्यक के साथ होने वाली मामूली वारदात पर भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर हो हल्ला शुरू कर देते हैं लेकिन दुनिया के किसी भी मुल्क में हिन्दुओं व भारतीय मूल के समुदाय के साथ होने वाली अमानवीयता, दमन और अत्याचार पर सभी को सांप सूंघ जाता है। जाहिर है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी मौकापरस्तों की सरपरस्ती में है।हिन्दुओं के साथ किए जा रहे जुल्म और अत्याचार के खिलाफ भारत सरकार भी अभी सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है सरकार को गंभीरता से सख्त कदम उठाने चाहिए।  (विभूति फीचर्स) 

फिल्म ”चिंटू की दुल्हनिया” का फर्स्ट लुक आउट

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जॉली हिट्स एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म ”चिंटू की दुल्हनिया” का मुंबई में फर्स्ट लुक आउट कर दिया गया है। फिल्म के निर्देशक चन्दन सिंह ने बताया की यह भोजपुरी फिल्म ”चिंटू की दुल्हनिया” कॉमेडी हॉरर है। जिस की पूरी शूटिंग उत्तर प्रदेश में की गई है। देसी धुन म्यूजिक पर इसका ट्रेलर जल्द रिलीज की जाएग। सिनेमाघरों में फिल्में देखना हर किसी को पसंद है। हॉरर फिल्मों में अब डर के साथ दर्शकों को हंसाने की भी कोशिश होती है। हॉरर में कॉमेडी का तड़का लगाकर फिल्म मेकर्स को बहुत फायदा होता है, जो लोग हॉरर मूवी नहीं देखते पर कॉमेडी देखते हैं वह भी हॉरर कॉमेडी फिल्में देखना पसंद करते हैं। आज के समय में सिनेमाघरों में लोग अपनी पसंद के कंटेंट को देखना चाहते हैं। इन कंटेंट में कॉमेडी, हॉरर कॉमेडी, रोमांटिक और सस्पेंस-थ्रिलर फिल्में शामिल है।

फिल्म के मुख्य कलाकार है -प्रदीप पांडेय चिंटू ,यामिनी सिंह ,शिल्पी राघवानी,प्रमोद माउथो,राम सूजन सिंह ,रश्मि शर्मा ,पुष्पेंद्र कुमार ,सोनिया मिश्रा ,नेहा सिंह ,कृष्णा कुमार सोनी ,महेश आचर्य ,मनोज दिवेदी ,पूर्वी ,अमन सिंह चौहान ,नन्द किशोर ,अभय झा,मेहनाज़ श्रॉफ ,देव सिंह ,सिप्पी भट्ट ,अंकित चौहान ,विशाल सिंह ,रॉकी ,मोहित कनोजिया आदि है।

जॉली हिट्स एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी भोजपुरी फिल्म ”चिंटू की दुल्हनिया” के निर्माता मुकेश जवाहिर चौहान ,निर्देशक चंदन सिंह ,लेखक वीरू ठाकुर ,छायांकन समीर सय्यद ,एक्शन दिलीप यादव ,प्रचारक संजय भूषण पटियाला ,डांस कानू मुखर्जी ,रामदेवन और संगीत राजेश प्रसाद ने तैयार किया है।

पानी की तलाश में लिफ्ट कैनाल में गिरी गाय

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 पाली:- कहते हैं कि सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है. इसी कहावत को चरितार्थ राजस्थान के इन युवाओं ने किया है. उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर भी पशुओं की जान बचाने में सबसे आगे रहे. राजस्थान के पांचला खुर्द ग्राम पंचायत के युवाओं द्वारा गौ सेवा के उद्देश्य से एक टीम बनाई और आज भी यह टीम गायों की सेवा के लिए हमेशा आगे रहती है. इसी गांव की सरहद में बहने वाली राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल में प्यासी गौ माता अपनी प्यास शांत करने के प्रयास में गिर गई, जिसको देखकर गांव के ही कुछ युवाओं ने बहती हुई गौमाता को बचाने की ठानी. राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल में गाय के गिरने की सूचना पर टीम सदस्यों ने मेहनत की. लेकिन पानी कम होने से गाय को बाहर निकालने में मुश्किल हो रही थी, जिसके चलते जेसीबी की सहायता से गाय को बाहर निकाला गया.

सूचना मिलते ही ऐसे पहुंचे टीम के सदस्य
नहर में गिरी गाय की सूचना जब आसपास के तकरीबन 30-40 किलोमीटर की परिधि में पांचला, चामू, चेराई, चंडालिया, घेवडा, गगाड़ी, खुडियाला, बडला बिजारिया बावड़ी आदि गांवों में फैली, तो इस टीम के सदस्य तुरंत पहुंच गए. इस दौरान ओमाराम बेनीवाल,अमेश बैरड़ ,लिखमाराम लुखा,महेंद्र कुमार,रूपाराम बेनीवाल,महेंद्र,आदि ने जेसीबी से गाय को बाहर निकाला.

कई सालों से कर रही इसी तरह से सेवा
गायों की सेवा के लिए यह टीम आज से नहीं, बल्कि पिछले कई सालों से इसी तरह काम कर रही है. गायों के इलाज से लेकर उनको खाना खिलाना हो या फिर कहीं पर भी गायों को इस तरह से रेस्क्यू करना हो, उसको लेकर हमेशा यह टीम सतर्क रहती है. साथ ही इस टीम के युवा तो अपनी जान तक की परवाह नहीं करते. ऐसे में जहां बारिश का समय चल रहा है, उसी बीच नहर में गिरी गाय को रेस्क्यू कर उसकी जान बचाने का काम इस टीम ने किया.

Cow Economy – गाय पालकर कर सकते हैं तगड़ी कमाई

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आदित्य कृष्ण/ अमेठी: गाय को मां का दर्जा दिया गया है, लेकिन आज सड़क पर गौवंशों की दुर्दशा देख कहीं न कहीं अपने आप में गौ संरक्षण पर सवाल उठता है. इसलिए गौ सरंक्षण को अब बढ़ावा दिया जा रहा है.  इसके साथ ही गाय पालने का व्यवसाय कर बड़े स्तर पर किसान मुनाफा कमा सकते हैं. इसके लिए प्रोत्साहित कर उन्हें अनुदान भी दिया जा रहा है. पशुपालन विभाग की तरफ से अनुदान पर आप गौपालन शुरू कर सकते हैं. इस काम से आपको काफी फायदा होगा और आप अपने व्यवसाय की शुरुआत एक अच्छे काम से कर सकते हैं.

इतना मिल रहा अनुदान किसानों को होगा फायदा

जिले के किसानों को  गौपालन के लिए  40 से 50% का अनुदान दिया जा रहा है. जिससे गौ पालन में उन्हें कोई आर्थिक समस्या ना आए. इसके साथ ही पशुपालन विभाग किसानों के गोवंशों का बीमा भी कर रहा है. जिससे भविष्य में गोवंश यदि बीमार पड़ते हैं, तो उनका इलाज भी आसानी से हो सके. आंकड़ों के मुताबिक 50 से अधिक किसान जिले में गौ पालन कर मुनाफा कमा रहे हैं. ऐसे में किसानों को बढ़ावा दिया जा रहा है. जिससे वह गौपालन करें और मुनाफा कमाए.

इन कागजातों की पड़ेगी जरूर

किसानों को पशुपालन के साथ गौपालन के लिए अनुदान का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक के साथ फोटो और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. जिले के पशु विभाग कार्यालय पर जाकर आप अपना आवेदन दर्ज करवा सकते हैं और आप पशुपालन के साथ गौपालन योजना का लाभ ले सकते हैं.

सभी किसानों को करना चाहिए गौ पालन

गौपालन करने वाले प्रगतिशील किसान हरकेश सिंह बताते हैं कि आज गौपालन से उनकी किस्मत बदल गई है और उन्हें मुनाफा हो रहा है. उन्होंने कहा कि अगर सभी किसान गौपालन करना शुरू कर दें तो सड़क पर गायों की दुर्दशा होनी बंद हो जाएगी और गोवंश को संरक्षण मिलेगा.

जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी पीएन शुक्ला बताते हैं कि किसानों को समय-समय पर पशुपालन विभाग की योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है, जो भी योजनाएं अभी वर्तमान समय में चल रही हैं, उसमें पशुपालन और गौपालन भी शामिल है. मेरी किसानों से अपील है कि जो भी किसान पशुपालन विभाग की योजनाओं से लाभान्वित होना चाहते हैं वह आकर आवेदन करें. जो भी योजनाओं में उन्हें लाभ देने का प्रावधान होगा वह उसे दिया जाएगा.

संगमेश्वर महादेव जहां नागराज शिवलिंग से लिपटते हैं

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 विभूति फीचर्स

देवताओं व ऋषि-मुनियों की पावन भारत भूमि का कण-कण सदियों से पवित्रता व महानता का संदेश देता रहा है। यहां के पर्वत, नदियां, सागर, तीर्थ, व्रत, आदि आज भी किसी न किसी रूप में हमें अपनी महानता का एहसास कराते हैं।
देवादिदेव भगवान शंकर जिन्हें नीलकंठ, आशुतोष, भोले भंडारी आदि अनेक नामों से स्मरण किया जाता है का अत्यंत प्राचीन तीर्थ हरियाणा के अरुणाय नामक कस्बे में है, जो पिहोवा से मात्र पांच कि.मी की दूरी पर है। इस जगह भगवान शिव का प्रसिद्ध श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर है। कहा जाता है कि इस जगह पर सरस्वती और अरुणा का संगम था। शायद इसलिए इसे संगमेश्वर महादेव कहते हैं। प्राचीन काल में इस तीर्थ का अत्यधिक महत्व रहा है।  ऐसा बताते हैं बाबा गणेश गिरी को भगवान शंकर ने स्वप्न में कहा, मैं आदि अनन्त शिव हूं। यहां मेरी पूजा से देवराज इन्द्र भी ब्रह्महत्या के पाप से मुक्त हुए थे।

ऋषि विशिष्ट और ऋषि विश्वमित्र ने यही मेरी आराधना की थी। बाबा गणेश गिरि को यह स्वप्न बिहार के एक गांव में शिव पूजन के बाद आया कि आप सरस्वती और अरुणा के संगम पर जाकर शिव आराधना करो। इसके बाद वह अपने दो शिष्यों के साथ इस स्थानकी खोज में निकल पड़े और पिहोवा से पांच कि.मी. दूर उत्तर-पूर्व में अरुणा सरस्वती के संगम में वट वृक्षों के झुंड में रुक गये।
तपस्या में लीन बाबा को एक दिन भविष्यवाणी हुई भक्त, तुम जिसकी खोज में हो वह यहां से कुछ ही दूर है। बाबा ने घने जंगल में पास ही दीमक का एक ढेर दिखाई दिया। वे चिमटे सेइस जगह को कुरेदने लगे। नीचे एक अत्यंत सुंदर पाषाण शिला दिखाई देने लगी। वह उसे उखाडऩे का प्रयत्न करने लगे। जब ऐसा नहीं हुआ तो थक-हार कर लौट गये।
रात्रि में भगवान शंकर ने पुन: स्वप्न में कहा है तपस्वी। मैं आदि अनन्त शिव हूं। मुझे उखाडऩे का व्यर्थ प्रयास मत करो। मैं पत्थर मात्र नहीं हूं। इसे असंख्य ऋषि मुनियों व राजा महाराजाओं को भक्ति प्राप्त हुई है अत: इस स्थान का उद्धार करके शिव आशीर्वाद प्राप्त करो।
बाबा अंधेरे में ही उस स्थान की ओर भागे उस पिण्डी पर मणिमय सर्पराज फन फैलाए विराजमान थे। बाबा भोले शंकर की लीला समझ गए, दूर से  ही उन्हें प्रणाम किया और सर्पराज लुप्त हो गये। तब बाबा गणेश गिरि ने वहां निर्माण कार्य प्रारंभ किया और यहां पर अत्यंत सुंदर शिव मंदिर का निर्माण हो पाया।
अरुण संगम तीर्थ की महिमा पुरातन काल में महाभारत, वामन पुराण, गरुड़ पुराण ब्रम्हवैवर्त पुराण, स्कंद पुराण, पद्म पुराण आदि ग्रंथों में वणित है। महाभारत में अरुणा संगम तीर्थ के बारे में कथा वर्णित है। कहते हैं कि ऋषि विश्वमित्र के श्राप से सरस्वती रक्त मिश्रित होकर बहने लगी थीं।
बाद में ऋषि के श्राम से मुक्ति दिलाने के लिये असंख्य ऋषि मुनियों ने निरंतर जप और यज्ञ करके भगवान शिव को प्रसन्न किया तो उन्होंने स्वयं प्रकट होकर सरस्वती को इस श्राप से मुक्त किया था। तब उस स्थान पर ऋषियों ने महादेव जी की स्थापना की थी।
महाभारत में वर्णित एक श्लोक का सार यूं है-महर्षि लोमहर्षण जी तपस्वी ऋषियो को अरुणा संगम के बारे में बताते हुए यूं कहते हैं यहां तीन रातों का उपवास पूर्वक स्नान करने वाला समस्त पापों से मुक्त हो जाता है। घोर कलियुग आने पर अधर्म का प्रचार होने पर मनुष्य इस संगम में स्नान करके मुक्ति प्राप्त कर सकता है।
इस महान पुण्य भूमि पर मंदिर में जो शिवलिंग की पिण्डी है वह भूरे रंग की है, जिसके दर्शन मात्र से ही शिवभक्त शिवमय हो जाते हैं। कई बार इस शिवलिंग के ऊपर नागराज ने अपना पहरा दिया है।  मंदिर के मुख्य द्वार से आगे बड़े द्वार से होते हुए एक नागराज सीधे मंदिर में उतरे और शिवभक्ति में लीन अनेक भक्तों के बीच से होकर शिवलिंग पर पहुंचकर उससे ऐसा लिपटे कि दो घंटे तक फन फैलाकर भगवान शंकर के साक्षात मौजूद होने का प्रमाण देने लगे।
(विभूति फीचर्स)