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एसआरए ने वरळी में 2,500 परिवारों के घर का सपना संकट में डाला, स्थानीय निवासियों की मुख्यमंत्री से सहयोग की मांग

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मुंबई। एक बेहद चिंताजनक घटनाक्रम में, झोपड़पट्टीवासियों के आवास अधिकारों की रक्षा के लिए गठित स्लम पुनर्विकास प्राधिकरण (SRA) ही आज उन्हीं अधिकारों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता नजर आ रहा है। वरळी गांव में पिछले तीन दशकों से लंबित 2,500 से अधिक परिवारों के पुनर्विकास की परियोजना, जो हाल ही में गति पकड़ पाई थी, अब एसआरए SRA के विवादास्पद प्रशासनिक फैसलों के कारण एक बार फिर अधर में लटक गई है।

‘सागर दर्शन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी’ और ‘चैतन्य साईं जनता कॉलोनी को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी’ की यह SRA परियोजना लगभग 30 वर्षों से ठप पड़ी थी। हाल ही में एक सक्षम, कानूनी रूप से नियुक्त डेवलपर ने सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इस परियोजना को पुनर्जीवित किया।
सभी पहलुओं की जांच के बाद स्वयं SRA ने अक्टूबर 2024 में निर्माण की औपचारिक मंजूरी दी, जिसके बाद काम पूरे वेग से शुरू हुआ और वर्षों से इंतजार कर रहे निवासियों में एक नई उम्मीद जगी।

लेकिन जब निर्माण सुचारू रूप से चल रहा था, तभी SRA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने बिना किसी स्पष्ट, पारदर्शी या ठोस कारण के धारा 13(2) के तहत डेवलपर को हटाने का नोटिस जारी कर दिया। इस अचानक कदम ने परियोजना को फिर से अनिश्चितता के भंवर में डाल दिया और हजारों परिवारों का भविष्य एक बार फिर खतरे में पड़ गया।

21 दिसंबर, परियोजना से प्रभावित नागरिकों ने वरळी के कोली समाज भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पीड़ा और आक्रोश को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया।

“महेंद्र कल्याणकर साहब, गेट वेल सून” के तीखे नारों के साथ वरळी के नागरिकों ने एसआरए अधिकारी महेंद्र कल्याणकर के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासनिक अन्याय और लापरवाही से आक्रोशित नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही, तो वे मतदान के बहिष्कार का कदम उठाने को मजबूर होंगे।

साथ ही सागर दर्शन वर्ली के निवासियों ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से अपने SRA डेवलपमेंट का काम फिर से शुरू करने की अपील की।

यह कोई एकमात्र मामला नहीं है। पास की ही एक अन्य SRA परियोजना, जिसमें 2,054 परिवार शामिल हैं और जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, उसमें भी धारा 13(2) के तहत इसी तरह की कार्रवाई शुरू किए जाने की खबर है।
इससे यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि क्या SRA प्रशासन न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर कर रहा है और माननीय उच्च न्यायालय के अधिकार की अनदेखी कर रहा है?

डेवलपर न केवल परियोजना को पूरा करने में सक्षम और इच्छुक है, बल्कि उसे परियोजना-प्रभावित निवासियों का पूर्ण समर्थन भी प्राप्त है।तकनीकी, कानूनी या वित्तीय स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी का कोई रिकॉर्ड नहीं होने के बावजूद SRA द्वारा रुकावटें खड़ी की जा रही हैं।
ऐसे में सवाल स्वाभाविक है— आखिर SRA उन परियोजनाओं को क्यों रोक रही है, जिनका उद्देश्य पात्र झोपड़पट्टीवासियों को उनका वैध घर दिलाना है?

दशकों से सम्मानजनक घर की आस लगाए बैठे बुजुर्ग निवासियों के लिए यह अनिश्चितता बेहद पीड़ादायक है। बार-बार के प्रशासनिक हस्तक्षेप से परियोजना की लागत बढ़ रही है, समयसीमा खिसक रही है और आम मराठी परिवारों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है।

“हमारी मांग बहुत साधारण है—न्याय और हमारा घर,” वरळी के निवासियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है। उन्होंने SRA की कथित जन-विरोधी भूमिका के खिलाफ बड़े पैमाने पर जन आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

निवासियों ने मीडिया से भी अपील की है कि वह इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करे, सच्चाई को उजागर करे और हजारों जरूरतमंद परिवारों से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

25 करोड़ खर्च, 15 गायें मरीं, 500 बीमार ,ग्वालियर की आदर्श गौशाला

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लियर. मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी और आदर्श बताई जाने वाली लाल टिपारा गौशाला एक बार फिर सवालों के घेरे में है. यहां एक साथ 15 गोवंशों की मौत से हड़कंप मच गया है. घटना के बाद गौशाला प्रबंधन, नगर निगम और पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. जिस गौशाला पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने का दावा किया जाता है, वहां गोवंश की ऐसी हालत सामने आना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है. पशु प्रेमी संगठनों ने सख्‍त जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि इस मामले में सरकार को गौशाला हादसे की जांच करानी चाहिए.

जानकारी के अनुसार लाल टिपारा गौशाला में बड़ी संख्या में गोवंश के बीमार होने और मौतों के वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई गायों के शव एक-दूसरे पर पड़े नजर आए. आरोप है कि मौतों को छिपाने की कोशिश की गई. प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन अब तक मौत के स्पष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.
आदर्श गौशाला में मौतों से हड़कंप
ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला को प्रदेश की सबसे बड़ी और आदर्श गौशाला के रूप में प्रचारित किया जाता रहा है. यहां 10 हजार से अधिक गोवंश रखे गए हैं. इसके बावजूद हालात ऐसे बने कि एक दर्जन से ज्यादा गायों की मौत हो गई. मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक कई गायें पहले से बीमार थीं और समय पर इलाज नहीं मिला. कुछ गायों की हालत इतनी खराब थी कि वे चलने तक की स्थिति में नहीं थीं.

बीजेपी की 20 सदस्यीय समिति बीएमसी चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन करेगी

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बीएमसी चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की तैयारियां जोरों पर हैं। पहले शिवसेना के साथ गठबंधन को अंतिम रूप दिया और इसके बाद उम्मीदवार चुनने के लिए 20 सदस्यीय समिति भी बनाई जा चुकी है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने बीएमसी चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के लिए 20 सदस्यीय समिति का गठन किया। इस समिति में अध्यक्ष अमित साटम के अलावा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, राज्य विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, राज्य के कई कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों को सदस्य बनाया गया है।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 के लिए बीजेपी की चुनाव समिति

1 अमित साटम, अध्यक्ष, भाजपा मुंबई

2 आशीष शेलार, कैबिनेट मंत्री, महाराष्ट्र राज्य और चुनाव प्रभारी
3 पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री
4 विनोद तावड़े, राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा
5 राहुल नार्वेकर, अध्यक्ष, महाराष्ट्र विधानसभा
6 मंगल प्रभात लोढ़ा, कैबिनेट मंत्री, महाराष्ट्र राज्य
7 प्रवीण दारकेकर, समूह नेता, विधान परिषद
8 अतुल भातखलकर, विधायक
9 भाई गिरकर, पूर्व मंत्री
10 योगेश सागर, विधायक
11 पराग अलवाणी, विधायक
12 मिहिर कोटेचा, विधायक
13 प्रसाद लाड, विधायक
14 श्रीमती मनीषा चौधरी, विधायक
15 श्रीमती चित्रा वाघ, विधायक
16 राजेश शिरवाडकर, महासचिव, मुंबई भाजपा
17 गणेश खनकर, महासचिव, मुंबई भाजपा
18 आचार्य पवन त्रिपाठी, महासचिव, मुंबई भाजपा
19 श्रीमती श्वेता पारुलकर, महासचिव, मुंबई भाजपा
20 प्रभाकर शिंदे, पूर्व समूह नेता, महानगरपालिका

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव आज

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मुंबई: महाराष्ट्र की 24 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए वोटिंग आज (शनिवार को) होगी। राज्य निर्वाचन आयोग यानी SEC ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने बीते दो दिनों में अलग-अलग जिलों में डीएम, पुलिस कमिश्नर, एसपी और निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई तमाम वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग के बाद ये निर्देश दिए। इन मीटिंग्स का मकसद चुनाव की तैयारियों की रिव्यू करना था।

चुनाव आयोग ने बताया कि आज चुनाव में 1 करोड़ 7 लाख से ज्यादा मतदाता वोट करेंगे। इसके लिए 13 हजार 355 मतदान केंद्रों पर वोटिंग का इंतजाम है। इस चुनाव में लोकल बॉडी के 6 हजार 859 सदस्यों और 288 अध्यक्षों की किस्मत का फैसला होगा। चुनाव के लिए सोमवार की रात को चुनाव प्रचार थम गया था। वोटिंग के दिन चुनावी विज्ञापन की इजाजत नहीं है।

पर्याप्त उड़न दस्ते हुए गठित

दिनेश वाघमारे ने नगर निकाय चुनावों के संचालन और आदर्श संहिता के पालन को लागू करने के लिए प्राधिकारियों को पर्याप्त उड़न दस्ते बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अफसरों से कहा कि सभी चुनाव अधिकारियों के दफ्तर पूरी तरह मुस्तैद रहें और वोटर्स के लिए आसान वोटिंग की सुविधा देने के मकसद से प्लान पहले ही बना लें।

आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से होगी लागू

बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग के सेक्रेटरी सुरेश काकानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। एसईसी ने कहा कि उड़न दस्ते के जरिए से आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से लागू सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

महान क्रिकेटर सलीम दुर्रानी की पूर्व पत्नी रेखा मुंबई में भीख मांगते हुए पाई गई

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी रहे सलीम दुर्रानी का नाम एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दुरानी का 2023 में निधन हो गया था। इंटरनेट मीडिया पर एक महिला का वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें वह महिला खुद को उनकी पत्नी बता रही है। महिला की पहचान रेखा श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो हाल ही में बेलापुर की सड़कों पर भीख मांगती हुई पाई गई थीं।

इस वीडियो ने मुंबई के आम लोगों और क्रिकेट जगत के बीच कौतूहल मचा दी है। हालांकि, दुरानी राजस्थान के लिए रणजी ट्रॉफी क्रिकेट खेलते थे, लेकिन वे मुंबई में ही रहते थे। महिला के दावे की सच्चाई जानने के लिए एनजीओ हेल्प ड्राइव फाउंडेशन ने रेखा श्रीवास्तव की बेटी का पता लगाया है। बेटी ने पुष्टि की है कि वह महिला दुर्रानी की पूर्व पत्नी है। महिला की बेटी से दस्तावेजी सुबूत जुटाया जा रहा है।

संगठन ने बताया कि रेखा की बेटी ने फुटेज के जरिए 40 साल बाद अपनी मां को देखा है। रेखा नवी मुंबई के एक आश्रय गृह में रह रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने संगठन से संपर्क कर सहायता की पेशकश की है। संगठन अब रेखा की बेटी और रिश्तेदारों से सुबूत जुटा रहा है ताकि दिवंगत क्रिकेटर के साथ उनके रिश्ते की पुष्टि हो सके।

मिड-डे ने जब दुर्रानी के दोस्तों से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि रेखा वास्तव में उनकी पहली पत्नी थीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि प्रसारित वीडियो में दिख रही महिला वही है या नहीं, क्योंकि रेखा अब 84 साल की हैं और ज्यादातर लोग उनसे आखिरी बार करीब 40-50 साल पहले मिले थे।

रामपुर में 25 हजार का इनामी गौ-तस्कर गिरफ्तार

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शाहबाद। शाहबाद पुलिस ने बीस दिन पहले मुठभेड़ के दौरान फरार हुए 25 हजार रुपये के इनामी गौ तस्कर नन्हें को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस काफी दिनों से उसकी तलाश में थी। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से अवैध तमंचा भी बरामद किया गया। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

26 नवंबर को रामगंगा नदी किनारे पुलिस की गोतस्करों से मुठभेड़ हुई थी। उस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में नालापार निवासी सुभान पुत्र सलामत और बदायूं के बिसौली थाना क्षेत्र की नई बस्ती निवासी परवेज घायल हो गए थे। दोनों को पैर में गोली लगी थी, जबकि उनके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले थे।

पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में फरार साथियों के नाम उजागर किए थे। इनमें कस्साबान मुहल्ला निवासी नन्हें पुत्र शरीफ, नालापार निवासी महफूज पुत्र महबूब और ओसी गांव निवासी शरीफ पुत्र सूखा शामिल थे। तभी से पुलिस इनकी तलाश में दबिश दे रही थी। मंगलवार देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नन्हें रामगंगा क्षेत्र में देखा गया है और वह पुराने रामपुर रोड से होकर घर लौट सकता है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और दबाेच लिया। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों ने 22 नवंबर की रात ढकिया गांव में गोवंश का कटान किया था। अगले दिन गांव निवासी दिनेश के खेत में गोवंश के अवशेष मिलने से तनाव की स्थिति बन गई थी। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपियों ने इस वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की थी, जबकि नन्हें ने भी पूछताछ में जुर्म कबूल किया है। कोतवाल संजय कुमार ने बताया कि गोवंश कटान प्रकरण में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। पकड़ा गया नन्हें शाहबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

श्रीगंगानगर में – भोमपुरा गौशाला में भारी संख्या में गोवंश की मौत

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Cows died in Raisinghnagar: श्रीगंगानगर में रायसिंहनगर क्षेत्र के भोमपुरा गौशाला में भारी संख्या में गोवंश की मौत का मामला गरमा गया है. ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि पिछले कुछ दिनों में ही कम से कम 100 गायों की मौत हुई है. देर शाम अंधेरा होने के कारण स्थिति का सही आंकलन करना मुश्किल हो रहा था. मौके पर पुलिस बल तैनात है और प्रशासन जांच में जुटा है. समेजा कोठी थाना क्षेत्र में स्थित इस गौशाला को करीब 11 वर्ष पूर्व जनसहयोग से स्थापित किया गया था. लेकिन गौशाला प्रबंधन की कथित लापरवाही के चलते लगातार गौवंश की मौतों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है. घटना सामने आने के बाद गौशाला के अध्यक्ष पालाराम बिश्नोई को इस्तीफा देना पड़ा. इसके बावजूद ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और वे पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं.

खड्डों में दबाए गए शव 

गोवंश की मौतों का खुलासा होने के बाद स्थिति गंभीर हो गई. इसके बाद बड़े-बड़े खड्डे खोदे गए हैं, जिनमें भारी संख्या में मृत गोवंश दबे हुए हैं. कई शव सड़-गल चुके हैं, जिससे यह साफ है कि मौतें पिछले कई दिनों से हो रही थीं. सूत्रों के अनुसार, रोजाना 2 से 3 गायों की मौत हो रही थी और शवों को खड्डों में डालकर ऊपर से मिट्टी डाल दी जाती थी.

घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी 

सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे. अनूपगढ़ से अतिरिक्त जिला कलेक्टर भी घटनास्थल पर पहुंचे. एसडीएम सुभाष चौधरी ने बताया कि फिलहाल गौशाला की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के सरपंच को सौंप दी गई है. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में प्रबंधन की लापरवाही के कारण कितनी गायों की मौत हुई, इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.

2014 में जनसहयोग से हुई थी शुरुआत

जानकारी के मुताबिक, यह गौशाला वर्ष 2014 में 2 ग्राम पंचायतों के लोगों द्वारा आपसी सहयोग से सरकारी भूमि पर स्थापित की गई थी. शुरुआत में इसका संचालन सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन करीब 2 साल बाद इसका प्रबंधन रायसिंहनगर निवासी पालाराम बिश्नोई को सौंप दिया गया. शुरुआती समय में व्यवस्था ठीक रही, लेकिन धीरे-धीरे अनियमितताएं सामने आने लगीं.

इस वजह से हुई मौतें

गौशाला में भारी गंदगी फैली हुई है, सूखे और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. कड़ाके की सर्दी में गोवंश को ठंड से बचाने के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किया गया था. इसी लापरवाही के चलते रोजाना गोवंश की मौत हो रही थी.

कांग्रेस ने बनाया राजनीतिक मुद्दा

इस घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. श्रीकरणपुर से कांग्रेस विधायक एवं जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह रूबी समेत कई कांग्रेसी नेता भोमपुरा पहुंचकर गौशाला की वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे. वहीं, विपक्षी नेता टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गोवंश संरक्षण के नाम पर राजनीति करने के आरोप लगाए हैं.

स्पिक मैके (SPIC MACAY) आयोजित करेगा मुंबई के स्कूलों और कॉलेजों में 150 सांस्कृतिक कार्यक्रम

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मुंबई। स्पिक मैके (सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंगस्ट यूथ) मुंबई चैप्टर के संस्थापक और पद्मश्री पुरस्कार विजेता डॉ. किरण सेठ हाल ही में शहर के दौरे पर आए थे। डॉ. सेठ ने कम उम्र में ही युवा छात्रों को भारत की समृद्ध शास्त्रीय कलाओं और योग से परिचित कराने की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया, और बताया कि कैसे ये अभ्यास एकाग्रता, धैर्य और आंतरिक अनुशासन को बढ़ा सकते हैं, जिससे वे शिक्षा, उद्योग और अपने चुने हुए किसी भी करियर पथ में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकेंगे।

हाल ही में नालंदा पब्लिक स्कूल, मुलुंड में आयोजित एक कार्यक्रम और प्रेस कॉन्फ्रेंस में, जिसमें पंडित सतीश व्यास (पद्मश्री पुरस्कार विजेता और संतूर कलाकार), उस्ताद कमाल साबरी (सारंगी उस्ताद) और उस्ताद राजा मियां (हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक) और पंडित रोनू मजूमदार (पद्मश्री पुरस्कार विजेता और बांसुरी वादक) जैसे भारतीय शास्त्रीय संगीत के दिग्गज शामिल हुए, डॉ. सेठ ने अपना विज़न साझा किया।

शहर के अपने दौरे के दौरान, डॉ. सेठ ने IIT बॉम्बे, SBI पेमेंट्स टीम के साथ बातचीत की, रोटरी क्लब इंटरनेशनल और डिस्ट्रिक्ट गवर्नर्स एवं शहर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों जैसे पिल्लई यूनिवर्सिटी, न्यू पनवेल से मुलाकात की।

इसी विज़न के अंतर्गत, उन्होंने जनवरी और मार्च 2026 के बीच मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के स्कूलों और कॉलेजों में लगभग 150 शास्त्रीय कला कार्यक्रम आयोजित करने की एक व्यापक योजना की घोषणा की। इस पहल में नगर निगम, सहायता प्राप्त और निजी शैक्षणिक संस्थान शामिल होंगे, और इसमें लेक्चर-डेमोंस्ट्रेशन, वर्कशॉप और कॉन्सर्ट शामिल होंगे, जिसका उद्देश्य हजारों युवा दिमागों को प्रेरित करना है। इस पहल को SBI पेमेंट्स जैसे भागीदारों का सपोर्ट प्राप्त है, साथ ही SRF जैसे अन्य भी हैं, जो युवाओं के बीच भारत की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए SPIC MACAY की प्रतिबद्धता को साझा करते हैं।

दुनिया भर में फैली मानसिक बीमारियों के मुद्दे को संबोधित करते हुए डॉ. सेठ ने एक बढ़ती हुई वैश्विक चिंता पर प्रकाश डाला: “हर जगह छात्र चिंता, तनाव और अवसाद की महामारी का सामना कर रहे हैं। कई लोग अपने मन को नियंत्रित करने और ध्यान केंद्रित करने के लिए संघर्ष करते हैं, वे लगातार तनाव में रहते हैं, चिंतित रहते हैं और ध्यान केंद्रित करने में असमर्थ होते हैं, जिससे अवसाद होता है, जिस से शैक्षणिक परिणाम खराब होते हैं। हमारा शास्त्रीय संगीत और योग, अगर स्कूलों में पेश किया जाए – भले ही छात्र सिर्फ सुनें – तो इन समस्याओं को कम करने और शिक्षा और वे जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं, उसमें बेहतर परिणाम लाने में मदद मिल सकती है।
मुंबई में शुरू की गई इस पहल की एक महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि एसपीआईसी मैके के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. किरण सेठ द्वारा वर्ष 2024 में पूरी की गई अखिल भारतीय एकल साइकिल यात्रा है। इस यात्रा के दौरान, डॉ. सेठ ने 200 से अधिक राज्यों, शहरों, कस्बों और गांवों में 14000 किलोमीटर की दूरी तय की और छात्रों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद स्थापित किया। इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य शिक्षा में संस्कृति की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना, शारीरिक फिटनेस, पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व और सादा जीवन शैली को प्रोत्साहित करना और इस विचार को रेखांकित करना था कि सांस्कृतिक जागरूकता जिम्मेदार नागरिकता का अभिन्न अंग है।

इस पहल के बारे में बात करते हुए, स्पीक मैके के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सब्यसाची डे ने कहा, “स्पीक मैके मुंबई चैप्टर का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से शहर के सभी छात्रों और बच्चों तक पहुंचना है। हमें उम्मीद है कि इस पहल से हर बच्चा और छात्र महाराष्ट्र राज्य और शहर के सभी शिक्षण संस्थानों में हमारी शास्त्रीय कलाओं और विरासत में निहित सूक्ष्मता, सुंदरता, अमूर्तता, धैर्य और मूल्यों की सराहना करेगा।”

चुनौतीपूर्ण भूमिका में दिखेगी ग्लोबल इंडिया डिवाइन अवार्ड से सम्मानित अभिनेत्री याशिका बसेरा

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मुंबई। अभिनेत्री याशिका बसेरा आज मनोरंजन जगत में मेहनत, प्रतिभा और सकारात्मक सोच की एक मजबूत पहचान बन चुकी हैं। हाल ही में उनके उत्कृष्ट अभिनय, निरंतर संघर्ष और कला के प्रति समर्पण के लिए उन्हें ‘ग्लोबल इंडिया डिवाइन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके अब तक के सफर की बड़ी उपलब्धि होने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की भी पुष्टि करता है।

इन दिनों याशिका अपनी आगामी बायोपिक फिल्म ‘मिशन मांझी’ को लेकर खासा चर्चा में हैं। यह फिल्म एक गैंगस्टर के जीवन पर आधारित है, जिसमें मनोरंजन, एक्शन और भावनात्मक ड्रामा का प्रभावशाली संगम देखने को मिलेगा। फिल्म में याशिका एक बेहद अहम और चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाती नजर आएंगी। उनके साथ कई जाने-माने कलाकार भी दिखाई देंगे, जो फिल्म की गंभीरता और प्रभाव को और मजबूत बनाते हैं।

राजस्थान के झुंझुनूं शहर से ताल्लुक रखने वाली याशिका बसेरा बचपन से ही अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने का सपना देखती थीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने जयपुर में एक्टिंग क्लास जॉइन की और रंगमंच से अपने अभिनय की नींव मजबूत की। थिएटर ने उनके अभिनय को गहराई, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास दिया, जो आज उनके हर किरदार में साफ नजर आता है।

अपने करियर की शुरुआत याशिका ने मॉडलिंग से की। रैम्प वॉक, फैशन शो, विज्ञापन फिल्मों और प्रिंट शूट्स के जरिए उन्होंने इंडस्ट्री में खुद को मजबूती से स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने कई टीवी सीरियल्स में कैमियो भूमिकाएं निभाईं। बतौर मुख्य अभिनेत्री उन्होंने दूरदर्शन के दो चर्चित धारावाहिक – ‘बातें कुछ अनकही सी’ और ‘बंधन कच्चे धागों का’ में सशक्त अभिनय कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
याशिका ने एक दक्षिण भारतीय फिल्म में आइटम सॉन्ग भी किया है जो जल्द रिलीज होने वाली है।
याशिका संगीत जगत में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। अब तक वह 12 से अधिक म्यूजिक वीडियो सांग्स में अभिनय और शानदार डांस परफॉर्मेंस दे चुकी हैं। हाल ही में रिलीज हुआ उनका लेटेस्ट म्यूजिक वीडियो ‘बदिला भरतार’ दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है और सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। इसके अलावा उन्होंने एक दक्षिण भारतीय फिल्म में आइटम सॉन्ग भी किया है, जो जल्द ही रिलीज होने वाला है।

अब याशिका का पूरा फोकस बॉलीवुड फिल्मों और वेबसीरीज़ पर है। उनके पास इस समय कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स हैं, जिन्हें आने वाले दिनों में दर्शक बड़े पर्दे और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर देख पाएंगे।

याशिका न सिर्फ एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं, बल्कि एक बेहद समझदार, आत्मनिर्भर और सकारात्मक सोच रखने वाली इंसान भी हैं। वह मानती हैं कि हर व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है और हमें दूसरों की अच्छी आदतों को अपनाना चाहिए। अभिनेता शाहरुख खान का अभिनय और आचरण उन्हें बेहद प्रेरित करता है, वहीं अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के अभिनय की वह प्रशंसक हैं।

याशिका का एक बड़ा सपना है कि वह भविष्य में निर्देशक संजय लीला भंसाली की किसी फिल्म में काम करें। भंसाली की भव्य फिल्मों और उनकी नायिकाओं के सशक्त चित्रण से वह गहराई से प्रभावित हैं। वह चाहती हैं कि उन्हें ‘राम-लीला’, ‘पद्मावत’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी फिल्मों में निभाए गए किरदारों की तरह गरिमामय, ताकतवर और भावनात्मक रूप से मजबूत भूमिकाएं निभाने का अवसर मिले। याशिका का मानना है कि भंसाली की फिल्मों की नायिकाओं का एक अलग शाही, पारंपरिक और भव्य ओरा होता है, जो दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ता है। वह स्वयं भी ऐसे ही प्रभावशाली और यादगार किरदार करना चाहती हैं।

इसके साथ ही वह फिल्म ‘पिंजर’ में उर्मिला मातोंडकर द्वारा निभाई गई सशक्त भूमिका जैसी गंभीर और दमदार भूमिकाओं को दोहराने की इच्छा रखती हैं। याशिका कहती हैं कि आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और धैर्य ही सफलता की असली कुंजी है। मन और तन को मजबूत रखने के लिए वह योग, जिम और सकारात्मक सोच को अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा मानती हैं।

आज याशिका बसेरा एक ऐसी अभिनेत्री के रूप में उभर रही हैं, जो हालात और वक्त के अनुसार खुद को ढालना जानती हैं। ग्लोबल इंडिया डिवाइन अवार्ड, चर्चित म्यूजिक वीडियो ‘बदिला भरतार’ और आगामी फिल्म ‘मिशन मांझी’ उनके निरंतर बढ़ते कद और उज्ज्वल करियर की साफ गवाही देते हैं। दर्शकों को आने वाले समय में उनसे और भी दमदार, सशक्त और यादगार परफॉर्मेंस की पूरी उम्मीद है।

नौरथा गौशाला – गायों की खराब हालत और चारे की कमी पर उठे सवाल

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अतरौली ब्लॉक के ग्राम नौरथा स्थित गौशाला का एक वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत पर सवाल उठ गए हैं। वायरल वीडियो में गौशाला की अव्यवस्था, चारे की कमी और पशुओं की दयनीय स्थिति स्पष्ट दिख रही है।

वीडियो में गौशाला के भीतर लंबी सीमेंटेड नांदें खाली दिखाई देती हैं, जबकि दर्जनों गाय-भैंसें उनके पास खड़ी हैं। इससे संकेत मिलता है कि उन्हें समय पर चारा नहीं मिल रहा है। परिसर में जगह-जगह गोबर और गंदगी जमा है, जो साफ-सफाई में गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

वीडियो में एक काली गाय दीवार के सहारे जमीन पर पड़ी दिखी, जिसकी हालत नाजुक बताई गई।

एक अन्य गर्भवती गाय लहूलुहान अवस्था में जमीन पर पड़ी मिली। उसके पिछले हिस्से में गहरा घाव था और आसपास खून फैला हुआ था। दावा किया गया कि किसी जंगली या आवारा जानवर ने उसे बुरी तरह नोच दिया था। इस घटना ने पशु सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्राम प्रधान ने बताया कि एक सफेद गाय को किसी जानवर ने घायल कर दिया था, जिसका इलाज कराया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। प्रधान के अनुसार, पहले गौशाला की बाउंड्री पर केवल तार लगे थे, जिससे कोई जानवर अंदर घुस आया होगा। अब संबंधित अधिकारियों की सलाह पर झटका मशीन लगाई गई है ताकि कोई जानवर दीवार लांघकर भीतर न आ सके। प्रधान ने यह भी कहा कि वीडियो में दिख रही काली गाय का उपचार कराया गया है और उसकी हालत में सुधार है।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी सक्रिय हुए हैं और उन्होंने मामले की जांच की बात कही है।