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रद्द हो सकती है ‘मनसे’ की मान्यता, राज ठाकरे ने बुलाई पार्टी की बैठक

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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। 288 सीटों के लिए हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के महायुति गठबंधन ने प्रचंड जीत हासिल की है। हालांकि, चुनाव में राज ठाकरे की पार्टी मनसे का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। अब बड़ी खबर ये सामने आ रही है कि विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद राज ठाकरे की पार्टी की मान्यता भी रद्द हो सकती है।

क्या है कारण?
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की मान्यता रद्द कर सकता है। जानकारों के मुताबिक, विधानसभा चुनावों में कम से कम एक विधानसभा सीट या, मतदान का 8 प्रतिशत वोट शेयर ना मिलने पर मान्यता जा सकती है। राज ठाकरे ने अपने घर आज सुबह 10.30 बजे पार्टी के नेताओं की आत्मचिंतन बैठक बुलाई है। बैठक में चुनावों में खराब प्रदर्शन और आगे की रणनीति की हो सकती है चर्चा।

मनसे को कितने वोट मिले?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 120 से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और इनमें से एक उम्मीदवार भी चुनाव नहीं जीत सके। राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे भी माहिम सीट से चुनाव हार गए। चुनाव आयोग के मुताबिक, मनसे को चुनाव में महज 1.55 फीसदी वोट मिले हैं।

किसे कितनी सीटें मिली?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की भाजपा को 132, एनसीपी को 41 और शिवसेना को 57 सीटों (कुल 230) पर जीत हासिल हुई है। वहीं, महाविकास अघाड़ी की शिवसेना (यूबीटी) को 20, कांग्रेस को 16 और एनसीपी (शरद चंद्र पवार) को 10 (कुल 46) सीटों पर जीत मिली है। बाकी की 12 सीटें अन्य दलों या फिर निर्दलीय ने जीती हैं।

मुस्तफा यूसुफअली गोम को भारत विभूषण पुरस्कार – 2024 मिलना एक बड़ी उपलब्धि है

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मुस्तफा यूसुफअली गोम को भारत विभूषण पुरस्कार – 2024 मिलना एक बड़ी उपलब्धि है! यह पुरस्कार उनके सामाजिक उद्यमिता में महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देता है और उन्हें एक प्रेरणादायक शख्सियत के रूप में स्थापित करता है ¹।

मुस्तफा यूसुफअली गोम की कहानी हमें याद दिलाती है कि एक व्यक्ति समाज को ऊपर उठाने में कितना गहरा प्रभाव डाल सकता है। उनके शब्दों ने कई लोगों को प्रेरित किया है, जो यह विश्वास को मजबूत करते हैं कि उद्यमिता सामाजिक परिवर्तन का एक शक्तिशाली साधन हो सकती है।

यह पुरस्कार न केवल मुस्तफा यूसुफअली गोम की उपलब्धियों को उजागर करता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक मानक भी स्थापित करता है। यह पुरस्कार मुंबई और उससे आगे के उद्यमियों को सामाजिक प्रभाव के लिए अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।

जिसके घर में गाय का कुल, वह घर गोकुल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जाएगा
गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य जारी
प्रदेश में इस वर्ष 300 गौ-शालाओं का हुआ पंजीयन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला का किया भूमि-पूजन
25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी गौ-शाला
ग्राम सूखी सेवनिया में बनेगा सीएम राइज स्कूल और बरखेड़ी डोब को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा
अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में गौ-माता से संबंधित डिग्री/डिप्लोमा कोर्स आरंभ होंगे
भोपाल जिले के ग्राम बरखेड़ी डोब में हुआ भूमि-पूजन कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है। जो भी गोवंश का पालन करे वही गोपाल है, जिसके घर में गाय का कुल वह घर गोकुल है। अतः प्रत्येक व्यक्ति और परिवार को घर में गोपालन के लिए पहल करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिना धर्म, भाषा, जाति और क्षेत्र के भेदभाव के हमें गौ-पालन को प्रोत्साहित करना है। परंपरागत रूप से भी भारत में सभी धर्म और जाति के लोग गौ-पालन करते हैं और यही हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के ग्राम बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौ-शाला के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि भोपाल जिले के बरखेड़ी डोब ग्राम में 25 एकड़ क्षेत्र में 15 करोड़ रूपए की लागत से गौ-शाला का निर्माण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाईटेक गौ-शाला भूमि-पूजन स्थल पहुंचने पर सर्वप्रथम गौ-माता को दुलार कर नमन किया तथा उन्हें आहार सामग्री अर्पित की। इस अवसर पर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए संचालित गतिविधियों पर लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नौरंग सिंह गुर्जर सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बदलती जीवनशैली में निरंतर बढ़ रहा है गौ-शालाओं का महत्व

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व के अधिकांश देशों में दुग्ध की आपूर्ति गौ-माता ही करती हैं। सनातन संस्कृति में गौ-माता का महत्व इससे स्पष्ट हो जाता है कि मानव जीवन की पूर्णता के लिये गौ-दान आवश्यक बताया गया है। बदलती जीवनशैली में गौ-शालाओं का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य शासन द्वारा विशाला गौ-शाला स्थापित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य किया जा रहा है, वर्तमान वर्ष में अब तक 300 गौ-शालाओं का पंजीयन हुआ है। विभिन्न सामाजिक संगठन भी गौ-शाला संचालन में पहल कर रहे हैं। गौ-पालन परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ परिवार को पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में भी सहायक है। अत: घर-घर बछिया उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की व्यवस्था कर रही है। वर्तमान में मध्यप्रदेश, देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9 प्रतिशत का योगदान देता है। इसे अगले पाँच वर्ष में 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।

सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन किया जाएगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय विद्यालय सूखी सेवनिया को सीएम राइज विद्यालय बनाने और सूखी सेवनिया रोड को विभागीय मद अनुसार फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बरखेड़ी डोब क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के माध्यम से गौ-माता से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स आरंभ किया जाएगा।

स्वामी श्री अच्युतानंद जी महाराज ने गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार गठन के बाद अभी तक के अल्प समय में प्रदेश में लगभग 50 हजार गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की है और प्रदेश की लाखों गायों की देखभाल का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मना रही है। आज यहां गोलोक धाम की स्थापना इसी कड़ी में एक सार्थक प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस प्रयास के लिए सभी महात्मा, सभी ऋषिगण उन्हें कोटि-कोटि धन्यवाद और आशीर्वाद देते हैं। गौ-माता का पालन-पोषण हम सभी सनातनियों का दायित्व है। हमें इस प्रकार के प्रयास करने चाहिएं कि हर घर में एक गाय रहे। गौ-माता के बिना घर सूना होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के समग्र विकास को समर्पित

विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं, युवा, किसानों, मजदूर, वरिष्ठ जन के कल्याण के लिए समर्पित है। राज्य सरकार द्वारा गौ-वंश के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अधोसंरचना विकास, शिक्षा, चिकित्सा सहित प्रदेश के समग्र विकास के लिए सक्रिय हैं। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने आभार व्यक्त किया।

गौ-वंश को कन्वेयर बेल्ट से मिलेगा आहार और सीसीटीवी से होगी मॉनीटरिंग

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वर्तमान वर्ष (चैत्र माह से फाल्गुन माह तक) गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भोपाल के बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गौ-शाला के निर्माण के लिये शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन किया है।

  • इसमें गायों के आधुनिक तरीके से रख-रखाव के साथ उनके उपचार के लिए सभी संसाधनों से युक्त चिकित्सा वार्ड का निर्माण भी किया जाएगा।

  • गौ-शाला में सीसी टीवी के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहेगी।

  • लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा। नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्त पोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा।

  • गौ-शाला का निर्माण 3 चरणों में होगा। प्रथम चरण में लगभग 2000 पशु क्षमता का निर्माण किया जाएगा।

  • इस अत्याधुनिक गौ-शाला में गायों को भूसा, हरा घास, पशु आहार आदि कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से पहुंचाया जाएगा।

  • गौ-शाला में गायों के गोबर एवं मूत्र आदि से विभिन्न सामग्री तैयार की जाएगी और जैविक खाद निर्माण के लिए संयंत्र भी लगाया जाएगा।

  • गौ-शाला में रहने वाले पशुओं एवं सड़कों पर घायल एवं बीमार होने वाले पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सा वार्ड भी बनाया जा रहा है।

UP- डीएम ने सभी गौशालाओं की 28 नवंबर तक मांगी रिपोर्ट

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जिले की डीएम ने कड़ाके की ठंड के मद्देनज़र गौ-आश्रय स्थलों और कान्हा गौशालाओं में ठंड से बचाव के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Gonda News: डीएम नेहा शर्मा ने अधिकारियों को सभी गौ-आश्रय स्थलों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाने की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। इसके साथ ही पशुओं के लिए भूसे, तिरपाल, बोरी आदि से बिछावन तैयार करने और उन्हें ठंड से बचाने के लिए गर्म वातावरण उपलब्ध कराने को कहा गया है। पशुओं के खानपान पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने हरा चारा, गुड़ और पौष्टिक आहार की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रात के समय गौ-आश्रय स्थलों की सुरक्षा को लेकर चौकीदार की तैनाती को भी अनिवार्य बताया। डीएम ने स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि गौ-आश्रय स्थलों और उनके आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए और खुले में कचरा न फेंका जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि इन निर्देशों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए। व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि 28 नवंबर 2024 तक सभी व्यवस्थाओं की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपनी होगी। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने कहा कि ठंड के मौसम में पशुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की चूक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

COW MAN एकनाथ शिंदे की ऐतिहासिक जीत, महाराष्ट्र में मतदाताओं ने पाप और पुण्य को समझा – शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती

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वाराणसी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गोभक्त एकनाथ शिन्दे की जीत पर ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि मतदान से पाप-पुण्य के विचार को महाराष्ट्र की जनता ने समझा व गोभक्त श्री एकनाथ शिन्दे जी को भारी मतों से विजयी बनाया।

हर हिंदू को यह समझना जरूरी –

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती जी ने कहा है कि हर हिन्दू को यह समझने की है आवश्यकता कि गौ-हत्या को जारी रखने वाले राजनीतिक दलों और उनके प्रत्याशियों को मतदान करने से गौहत्या का पाप मतदाता को भी लगता है।

महाराष्ट्र की जनता ने गौ-भक्त का दिया साथ –

शंकराचार्य ने यह भी कहा है महाराष्ट्र की जनता ने गौभक्त एकनाथ शिन्दे को भारी मतों से विजयी बनाकर यह साबित किया है कि वे गौहत्या के विरोधी हैं और गौरक्षा के समर्थक हैं।

यह एकनाथ शिन्दे की नही, गौरक्षा की जीत –

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ने कहा है कि “यह जीत न केवल एकनाथ शिन्दे जी की जीत है”, बल्कि “यह गौरक्षा की जीत है, यह हिन्दू समाज की जीत है।” महाराष्ट्र की जनता ने यह साबित किया है कि वे गौहत्या के विरोधी हैं और गोरक्षा के समर्थक हैं। यह एक अच्छा संकेत है और यह देश के लिए एक अच्छा दिन है।

एकनाथ शिन्दे को शंकराचार्य ने दी बधाई –

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ने एकनाथ शिन्दे जी व महाराष्ट्र की जनता को बधाई दी है और कहा है कि यह जीत गौरक्षा के लिए एक अच्छा संदेश है।

शिंदे ही मुख्यमंत्री रहें तो अच्छा –

एकनाथ शिंदे जी के नेतृत्व में महायुति को एक ऐतिहासिक विजय मिली है, और देश की बहुसंख्यक जनता का भरोसा उनमें परिलक्षित हुआ हैं। यह उनकी नेतृत्व क्षमता और लोकप्रियता का प्रमाण है।

एकनाथ शिंदे जी के नेतृत्व में महायुति ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे वास्तव में प्रशंसनीय हैं। उनकी नीतियों और कार्यक्रमों ने जनता का दिल जीता है, और उनकी लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।

एकनाथ शिंदे जी को मुख्यमंत्री बनाए रखने से न केवल महायुति को मजबूती मिलेगी, बल्कि जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को भी पूरा किया जा सकेगा।

बहुसंख्यक हिन्दुओं की धार्मिक भावना को समझने वाले को प्रोत्साहित करना उचित –

बहुसंख्यक हिन्दुओं की धार्मिक भावना को समझने वाले नेताओं को प्रोत्साहित करना हमारा कर्तव्य है। हमें लगता है कि जो कार्य गौमाता के संदर्भ में एकनाथ शिंदे जी ने किया है, वह देश का कोई राजनेता अब तक नहीं कर सका था।

श्री एकनाथ शिंदे जी ने गौमाता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समर्पण का परिचय दिया है, जो देश के बहुसंख्यक हिन्दुओं की धार्मिक भावना को समझने और सम्मान करने का प्रतीक है।

हमें लगता है कि ऐसे नेताओं को प्रोत्साहित करना हमारा कर्तव्य है, जो देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को समझते हैं और उसका सम्मान करते हैं।

उद्योगपति व समाजसेवी हुकूम उदय प्रताप सिंह ने लड्डू बांटकर मनाई जीत की खुशी

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चुनावी नतीजों मे भाजपा की प्रचण्ड जीत के बाद मनाई गयी खुशियाँ

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत पर शहर में भाजपाइयों ने उत्सव मनाया और मिठाई बांटी। उद्योगपति व समाजसेवी हुकूम उदय प्रताप सिंह ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाराष्ट्र और यूपी में भाजपा की जीत पर शहर में विभिन्न स्थानों पर भाजपाइयों ने उत्सव मनाते हुए मिठाई बांटी। हुकूम उदय प्रताप सिंह द्वारा महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जीत पर लड्डू बांट कर खुशी का इजहार किया गया। इस मौके पर भाजपा नेताओं समेत उनके कई शुभचिंतक भी उपस्थित रहे।
श्री सिंह ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। महाराष्ट्र में भाजपा की जीत पर उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा सीट मिली है। तो वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का नारा “बंटोगे तो कटोगे” ने जीत के लिए प्रमुख भूमिका निभाया।
साथ ही उन्होंने देश की जनता का आभार व्यक्त किया। हूकूम उदय प्रताप सिंह ने आये हुए सभी लोगों के साथ मिलकर भाजपा के जीत की खुशियाँ मनाई और पार्टी से जुड़े लोगों को बधाई दी।

डीप स्टेट की अंतरराष्ट्रीय साजिश का शिकार तो नहीं बन रहे गौतम अदाणी* 

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मनोज कुमार अग्रवाल –
पिछले कुछ सालों में तेज़ी से उभरे भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी अक्सर विरोधियों के निशाने पर बने रहते हैं। देश के विपक्षी दल के नेता हो या सरकार के विरोधी आरोप हमेशा अदाणी पर लगाते हैं। हाल ही में  अमेरिकी एजेंसियों द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोप से भारत सहित पूरी दुनिया में खलबली मचना स्वभाविक है, क्योंकि अदाणी ग्रुप का कारोबार पूरी दुनिया भर में फैला हुआ है। अमेरिकी एजेंसियों के तरफ से आरोप लगाए गए है कि अमेरिकी निवेशकों से लिए पैसों का इस्तेमाल कथित तौर पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए किया गया था।
अमेरिकी प्रोसिक्यूटर और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) द्वारा दायर किए गए आरोपों में अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी, उनके भतीजे सागर अदाणी और अदाणी ग्रीन एनर्जी के पूर्व सीईओ विनीत जैन पर सौर एनर्जी कॉन्ट्रेक्ट के लिए अपने हिसाब से शर्तों को लागू करने के लिए 2020 से 2024 तक एक योजना बनाने का आरोप लगाया गया है।

आरोप है कि भारत में सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट के ठेके हासिल करने के लिए उन्होंने भारतीय अधिकारियों को लगभग 2,250 करोड़ रुपये की रिश्वत खिलाई। अदाणी ग्रुप ने इन प्रोजेक्ट के लिए अमेरिकी निवेशकों से फंड जुटाया था, यही वजह है कि अमेरिकी कोर्ट में उनके खिलाफ ये मामला आया है। इन प्रोजेक्ट से समूह को 20 वर्षों में करीब 2 अरब डॉलर के मुनाफे का अनुमान था।

इस पूरे मामले में गौतम अदाणी, अदाणी ग्रीन एनर्जी के कार्यकारी निदेशक सागर अदाणी, एज्योर पावर के सीईओ रहे रंजीत गुप्ता, एज्योर पावर में सलाहकार रूपेश अग्रवाल अमेरिकी इश्युअर हैं। मामले के केंद्र में अदाणी ग्रीन एनर्जी और एक अन्य रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी, एज्योर पावर द्वारा सरकारी स्वामित्व वाली सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) को 12 गीगावाट सोलर एनर्जी सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट था। देखा जाए तो इससे पहले अदाणी समूह पर हिंडनबर्ग ने आरोप लगाए थे। यथा संभव समूह ने हिंडनबर्ग के तीखे हमलों का मुकाबला बखूबी किया था, लेकिन इस बार उसे जटिल विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि, कारोबारी समूह ने रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों को निराधार कहकर खारिज किया है। कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि जैसा कि अमेरिकी न्याय विभाग ने खुद बताया है कि अभियोग में लगाए गए आरोप जब तक साबित नहीं हो जाते, तब तक प्रतिवादियों को निर्दोष माना जाता है। सभी संभव कानूनी उपाय किए जाएंगे। अदाणी ग्रुप के तरफ से कहा कि गया है कि कंपनी हमेशा शासन, पारदर्शिता और विनियामक अनुपालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कंपनी अपने हितधारकों, भागीदारों और कर्मचारियों को आश्वस्त करते हैं कि ग्रुप एक कानून का पालन करने वाला संगठन हैं, जो सभी कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन करता है। वैसे जिस प्रकार से आरोप लगे हैं तो अब अदाणी समूह के पास लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिये खुद को तैयार करने के अलावा कोई विकल्प नजर नहीं आता।

हालांकि आर्थिक जानकारों का मानना है कि अदाणी पर आरोप अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत लगाया जा रहा है। इसके कई कारण भी सामने आ रहे हैं। भारत सरकार और कारोबारी जगत हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के समय को लेकर चिंतित हैं। रूसी मीडिया संस्थान स्युतनिक की भारतीय शाखा स्युतनिक इंडिया के मुताबिक, जानकार इसे ‘डीप स्टेट’ की साजिश मान रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ‘डीप स्टेट’ मोदी सरकार को अस्थिर करना चाहता है। बांग्लादेश में अमेरिका की भूमिका को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। जानकार मानते हैं कि बाजार नियामक संस्थान भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के खिलाफ अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट भी ‘डीप स्टेट’ की चालों की ही एक कड़ी है। उद्योग सूत्रों ने स्पुतनिक इंडिया को बताया है कि इसका मकसद भारतीय संस्थानों में विश्वास कमजोर करना है। माना जा रहा है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश में सफल मगर अमेरिका में नाकाम डीप स्टेट दोबारा अडानी के बहाने भारत पर बुरी नजर डाल रहा है।

भारतीय अधिकारियों को हिंडनबर्ग रिसर्च की इस कोशिश के बारे में बताया गया है। उनका कहना है कि ये पश्चिमी ताकतों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को अस्थिर करने के प्रयास हैं। कहा जा रहा है कि ‘डीप स्टेट’ भारत की जड़ें हिलाने के लिए मोदी सरकार को अस्थिर करना चाहता है। बाजार नियामक संस्थान भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के खिलाफ अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को भी ‘डीप स्टेट’ की चालों की ही एक कड़ी बताया जा रहा था। स्पुतनिक इंडिया ने वैश्विक उद्योग सूत्रों के हवाले से बताया है कि डीप स्टेट का मकसद भारतीय संस्थानों और कारोबारियों में जनता का विश्वास कमजोर करना है। बांग्लादेश समेत दक्षिण एशिया के कई देशों के अलावा खुद अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान साफ तौर पर यूएस डीप स्टेट की भूमिका देखी गई थी। अमेरिका में दूसरी बार राष्ट्रपति बनने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप ने प्रचार के दौरान जानलेवा हमले के बाद सार्वजनिक तौर पर इसको लेकर गंभीर चिंता जताई थी।

डीप स्टेट किसी भी राज्य के राजनीतिक नेतृत्व से अलग स्वतंत्र रूप से अपने निजी एजेंडे और लक्ष्यों के लिए काम करती है। पब्लिक स्फीयर में यह शब्द काफी ज्यादा नकारात्मक अर्थ रखता है और अक्सर इसका मकसद साजिश के सिद्धांतों से जुड़ा होता है। इससे साफ हो जाता है कि अदाणी के खिलाफ यह पूरा मामला साजिश भी हो सकता है, क्योंकि पिछले दशक में  अदाणी समूह ने अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाहों से लेकर पावर सेक्टर तक में तेजी से अपना कारोबार बढ़ाया है। इससे अमेरिका के साथ संबंधों पर भी असर पड़ने की संभावना है। दरअसल भारत के रूस से गहरे होते रिश्तों व चीन से सुधरते संबंधों के बीच अमेरिका व कनाडा समेत पश्चिमी देशों में भारत को लेकर वक्र दृष्टि देखी जा रही है। अदाणी प्रकरण को भी वर्तमान अमेरिकी सरकार व भारत के बीच तल्खी के आलोक में देखा जा रहा है।

अमेरिका ने इससे पहले आरोप लगाया था कि भारत सरकार के एक कर्मचारी ने न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक व सिख अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू को मारने की साजिश रची थी। बहरहाल, अब देखना होगा कि ट्रंप की ताजपोशी के बाद दोनों देशों के रिश्ते कैसे रहते हैं। लेकिन इसमें कोई दो मत नहीं है कि इस मामले की पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक सच्चाई सामने आ सकें। साथ ही जिस प्रकार से विपक्ष अदाणी को घेरने में जुटा है, उसको इस प्रवृति से बाज आना चाहिए। विपक्ष को चाहिए कि वह इस मामले में अदाणी और सरकार को घेरने के बजाए वास्तविकता को समझे। यह याद रखना जरूरी है कि अभियोग में लगे आरोप सिर्फ आरोप हैं, और जब तक किसी व्यक्ति को दोषी सिद्ध नहीं किया जाता, तब तक उसे अपराधी नहीं माना जाता है। भारत के विपक्षी राजनीतिक दलों के नेता भी पीएम मोदी और अदाणी की दोस्ती का जिक्र कर तरह तरह के आरोप लगाते रहे हैं और यह सिलसिला चुनाव के दौर में बढ़ जाता है अब अमेरिका से भी इस तरह के विवाद को जन्म दिया जाना किसी बड़ी अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो सकता है।

जरूरत इस बात की है कि अदाणी पर लगे आरोपों की गहराई से निष्पक्ष जांच की जाए और दूध का दूध पानी का पानी किया जाए। यह  सामने आना जरूरी है कि आखिर क्या वजह है कि अमेरिका से अदाणी को बार बार निशाने पर लिया जा रहा है ।  (विनायक फीचर्स)

गौ तस्कर से पुलिस की हुई मुठभेड़

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नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा: नोएडा में चेकिंग के दौरान थाना बीटा दो पुलिस की एक गौ तस्कर से मुठभेड़ हो गई. मुठभेड़ के दौरान बाइक सवार गौ तस्कर के पैर में गोली लगी, जिसको इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है. पुलिस इस गौ तस्कर के अन्य साथियों की जानकारी जुटा रही है. पुलिस ने आरोपी के पास से अवैध तमंचा, कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है.

पुलिस की बाइक सवार गौ तस्कर से मुठभेड़ : दरअसल, पुलिस कमिश्नर गौतम बुध नगर लक्ष्मी सिंह का निर्देश पर लगातार जिले में चेंकिंग अभियान चलाया जा रहा है. इसी चेंकिंग अभियान के दौरान थाना बीटा दो पुलिस शनिवार की सुबह P3 गोल चक्कर पर वाहन चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान पुलिस की एक बाइक सवार गौ तस्कर से मुठभेड़ हो गई. पुलिस की गोली लगने से गो तस्कर घायल हो गया जिसको इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है.

पुलिस ने बदमाशों को रोका तो पुलिस पर की फायरिंग : एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार ने बताया कि पी-3 गोल चक्कर पर शनिवार सुबह बीटा दो थाना पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी. तभी पुलिस को एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पर एक व्यक्ति आता हुआ दिखाई दिया. पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया लेकिन वह व्यक्ति तेजी से मोटरसाइकिल लेकर भागने का प्रयास करने लगा. पुलिस टीम द्वारा जब उसका पीछा किया गया तो बदमाश के द्वारा मोटरसाइकिल से उतारकर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई. पुलिस टीम के द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में गौ तस्कर के पैर में गोली लगी है.

पुलिस ने किए गौ तस्करों के कब्जे से कई हथियार बरामद : मुठभेड़ में घायल हुए गौ तस्कर की पहचान हरियाणा के जिला फरीदाबाद के थाना दौज क्षेत्र के गांव आलमपुर निवासी आलम के रूप में हुई है. आरोपी गौ तस्कर पर गौतम बुद्ध नगर में कई मामले पशु क्रूरता अधिनियम और गोवध अधिनियम के मामले दर्ज हैं जिसमे आरोपी फरार चल रहा था. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और दिल्ली के मयूर विहार से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल स्प्लेंडर प्लस बरामद की है. पुलिस ने घायल गौ तस्कर को इलाज के लिए अस्पताल भेजा है तथा इसके अन्य आपराधिक इतिहास पुलिस खंगाल रही है.

महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन ? शिंदे , पवार या फिर फडणवीस ?

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Assembly Election Results 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के आए नतीजों में महायुति की महाजीत हुई. इसमें बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) तीनों ही पार्टियों को उम्मीद से ज्यादा सीटें मिलीं. बीजेपी को 132, शिवसेना (शिंदे) को 57 और एनसीपी (अजित) को 41 सीटें मिली हैं. इस तरह से महायुति ने महाराष्ट्र में 230 सीटें जीतकर इतिहास रचा है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन बनेगा?

हालांकि एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस दोनों ने ही कहा है कि गठबंधन की तीनों पार्टियां आपस में बैठकर इस विचार करेंगी लेकिन मीडिया में चर्चा इस बात पर हो रही है कि बीजेपी ने अपने दम पर 132 सीटें जीती हैं और चुनाव के दौरान कहा गया था कि अगर बीजेपी 100 सीटें जीतती है तो मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा. ऐसे में इस सवाल के मायने बढ़ जाते हैं कि महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री कौन होगा. वहीं, आज शनिवार (23 नवंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ इशारा किया.

क्या बोले पीएम मोदी?

बीजेपी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा, “मैं देशभर के बीजेपी एनडीए के कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं और अभिनंदन करता हूं. मैं एकनाथ शिंदे, मेरे परम मित्र देवेंद्र फडणवीस और भाई अजित पवार की प्रशंसा करता हूं.” इसमें पीएम मोदी ने देवेंद्र फडणवीस को परम मित्र तो अजित पवार को भाई कहा लेकिन एकनाथ शिंदे का सिर्फ नाम लिया. ऐसे में इन बातों को और बल मिलने लग गया है कि इस बार महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बीजेपी का ही होगा.

कब होगी विधायक दल की बैठक

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और उसके सहयोगी दलों शिवसेना और एनसीपी की विधायक दल की बैठक रविवार (24 नवंबर) को होने की उम्मीद है. शपथ ग्रहण समारोह सोमवार या मंगलवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम या शिवाजी पार्क में होने की उम्मीद है.

हालांकि, फडणवीस ने कहा कि इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “तीनों दलों के नेता मिलेंगे और सीएम तय करेंगे. विधायक दल की बैठकें अलग-अलग होंगी. इसके बाद तीनों दलों के नेता मिलेंगे. बीजेपी के लिए यह संसदीय बोर्ड है और शिवसेना के लिए यह शिंदे साहब हैं और एनसीपी के लिए यह अजित दादा हैं.”

‘कांग्रेस अपने साथियों की भी नाव डुबो देती है’- पीएम मोदी

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Assembly Election Results 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की प्रचंड जीत और यूपी उपचुनावों में भाजपा की धमाकेदार सफलता ने विपक्ष को बैकफुट पर ला दिया है. इन चुनावी नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधते हुए इसे भारतीय राजनीति में “परजीवी पार्टी” करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस न केवल अपनी हार का कारण बन रही है, बल्कि अपने सहयोगियों को भी नीचे खींच रही है.

प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी ने चुनाव में वीर सावरकर के मुद्दे को अस्थायी रूप से छोड़ा, लेकिन इससे जनता का विश्वास नहीं जीत सकी. कांग्रेस और उसके गठबंधन ने राज्य में हर पांच में से चार सीटों पर हार का सामना किया और उनका स्ट्राइक रेट 20% से भी कम रहा.

“तुष्टिकरण की राजनीति और वक्फ बोर्ड विवाद”

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और वोट बैंक के लिए संविधान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2014 में सत्ता से जाते-जाते दिल्ली और उसके आसपास की कई संपत्तियां वक्फ बोर्ड को सौंप दीं. उन्होंने इसे बाबा साहेब अंबेडकर और संविधान निर्माताओं के साथ विश्वासघात बताया. पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने “झूठे सेक्युलरिज्म” के नाम पर देश की पंथनिरपेक्ष परंपरा को नुकसान पहुंचाया है.

“जाति का जहर और कांग्रेस की सत्ताभूख”
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर सामाजिक न्याय की भावना को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी जाति के खिलाफ लड़ने के बजाय अब जाति का जहर फैलाने में लगी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का “शाही परिवार” अपनी सत्ताभूख को शांत करने के लिए देश और समाज के हितों की अनदेखी कर रहा है. ये पार्टी न केवल अपनी विचारधारा से भटक गई है, बल्कि अपने पुराने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भी निराश कर रही है.