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रंगमंच में अभिव्यक्ति द्वारा भारत का पहला ‘एक्सपीरिएंसेज़-टू-कंज़्यूमर’ ब्रांड ‘दिलसे’ हुआ लॉन्च

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मुंबई। भारत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की दुनिया में एक नई शुरुआत करते हुए ‘दिलसे’ – द हैपिनेस कलेक्टिव प्राइवेट लिमिटेड का अनूठा ब्रांड मुंबई के प्रतिष्ठित एनसीपीए (एक्सपेरिमेंटल थिएटर) में लॉन्च किया गया। ‘दिलसे’ देश का पहला एक्सपीरिएंसेज़-टू-कंज़्यूमर (E2C) ब्रांड है, जिसकी शुरुआत एक अत्यंत भावनात्मक और प्रभावशाली लाइव थिएटर परफॉर्मेंस से हुई।

दिलसे – द लव थिएटरिकल” नाम वाले इस दो घंटे के परफॉर्मेंस को पारंपरिक ब्रांड लॉन्च से अलग रखते हुए एक दिल छू लेने वाली कलात्मक यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसमें मौलिक कविताएं, लाइव संगीत, थिएटर शैली की कहानी कहने की कला और सिनेमा जैसे दृश्य एक साथ बुने गए थे – जो दर्शकों को भावनाओं की गहराई में डुबो देने वाला अनुभव रहा।

इस शो की परिकल्पना और लेखन हर्षवर्धन चौहान ने किया, जो मंच पर सूत्रधार की भूमिका में भी नज़र आए। उनकी आवाज़, उनकी कविताएं और उनके संवादों ने थिएटर, संगीत और दृश्य कला को एक साथ पिरोते हुए दर्शकों को एक भावनात्मक यात्रा पर ले गया, जिसमें हर पंक्ति और हर धुन खास तौर पर इसी क्षण के लिए रची गई थी।

इस शो का निर्देशन सुमित शर्मा ने किया और संगीत रचना दिलीप रावत और राहुल भल्ला की थी। वहीं, तरुण खेम की मार्मिक नैरेशन, देविका सिंह, तोशी रावल, रिया भल्ला और रविंदर पाठक की भावपूर्ण गायकी, और अमन उप्पल, दिया राजपूत, गौतम, और ‘द दिलसे गर्ल’ की टीम के शानदार अभिनय ने पूरे शो को जीवंत बना दिया।

दिलसे के संस्थापक और रचनाकार हर्षवर्धन चौहान ने कहा, “यह कोई सामान्य लॉन्च नहीं था, यह एक ‘सोल कॉन्ट्रैक्ट’ था — दिल से किया गया एक वादा। इस परफॉर्मेंस की हर पंक्ति उन भावनाओं से निकली जो हम अक्सर अपने भीतर दबा लेते हैं। मैं मंच नहीं, बल्कि एक आईना चाहता था – जिसमें हम खुद को देख सकें। हमने कोई अभिनय नहीं किया, हमने अपनी ही भावनाओं को फिर से जिया। हम आँकड़ों के पीछे नहीं भागते, हम अर्थ की तलाश करते हैं। आपने अब तक ऐसे ब्रांड देखे होंगे जो शोर से बनते हैं, लेकिन दिलसे वह ब्रांड है जो एहसास से बना है। हमारे प्रोडक्ट पहनने के लिए नहीं होंगे, महसूस करने के लिए होंगे। यह कोई नाटक नहीं, बल्कि एक जीवंत स्मृति थी जो मंच पर उतरी।”

दिलसे – द लव थिएट्रिकल’ सिर्फ एक थिएटर प्रस्तुति नहीं थी, बल्कि भारतीय बाज़ार में एक नई सोच – ‘एक्सपीरिएंसेज़-टू-कंज़्यूमर (E2C)’ कैटेगरी की शुरुआत का प्रतीक बनी। जब अधिकांश ब्रांड सिर्फ उत्पाद बेचने पर ज़ोर देते हैं, वहीं दिलसे उन अनुभवों के ज़रिए लोगों के दिलों से जुड़ने की पहल करता है, जो भावनाओं को स्पर्श करते हैं।

दिलसे एक ऐसा ब्रांड है जो थिएटर, आवाज़, संगीत, डिज़ाइन और डिजिटल कहानी कहने के ज़रिए ऐसा माहौल रचता है, जिसमें न सिर्फ खरीदारी होती है, बल्कि लोगों को एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव भी महसूस होता है। यह एक ‘दिल से निकली पहल’ है, जो कारोबार को रिश्तों की नींव पर फिर से गढ़ने की दिशा में एक साहसिक कदम है।

अपने भावनात्मक लॉन्च शोकेस की सफलता के बाद अब दिलसे एक और खास शुरुआत करने जा रहा है। 23 जुलाई 2025 को ब्रांड भारत का पहला ‘सोल-लेड डिजिटल स्पेस’ कहे जाने वाले दिलसे ऐप की सॉफ्ट लॉन्चिंग करेगा। वहीं अगस्त 2025 से ब्रांड अपने विशेष ‘प्रोडक्ट रिचुअल्स’ और पहनने योग्य प्रोडक्ट्स (वियरेबल्स) पेश करेगा, जो इस अनुभव को और अधिक व्यक्तिगत और गहरा बनाएंगे।

इरेडा ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और सशक्त विकास योजनाओं के साथ भारत के स्वच्छ उर्जा मिशन के लिए दिखाई अपनी प्रतिबद्धता

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मुंबई। नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय के तहत भारत की अग्रणी नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी इंडियन रीन्युएबल एनर्जी डेवलपमेन्ट एजेंसी लिमिटेड (इरेडा) ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और सशक्त विकास योजनाओं के साथ भारत के स्वच्छ उर्जा मिशन के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।

संचालन दक्षता एवं विवेकपूर्ण जोखिम प्रबन्धन के माध्यम से भारत के स्वच्छ उर्जा मिशन में उल्लेखनीय योगदान देते हुए इरेडा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में ऑपरेटिंग लाभ में 49 फीसदी सालाना बढ़ोतरी तथा संचालन से होने वाली कुल आय में 30 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। यह मजबूत प्रदर्शन कंपनी के कोर बिज़ेनस की क्षमता को दर्शाता है। इरेडा की उत्कृष्ट लोन बुक पिछले साल की तुलना में 26 फीसदी बढ़कर रु 79,941 करोड़ के आंकड़े पर पहुंच गई, जिसमें सौर, पवन एवं उभरती तकनीकों जैसे हरित हाइड्रोजन, स्मार्ट मीटर्स और ईवी का मुख्य योगदान रहा। कंपनी ने अपनी उत्कृष्ट एएए (स्टेबल) डोमेस्टिक क्रेडिट रेटिंग बरक़रार रखी है और तिमाही के दौरान सफलतापूर्वक रु 5903 करोड़ की राशि जुटाई है, जिसमें एसबीआई टोक्यो से जेपीवाय 26 बिलियन ईसीबी शामिल हैं, जो लागत प्रभावी पूंजी को सुनिश्चित करता है। इसके अलावा नेट वर्थ 36 फीसदी बढ़कर रु 12,402 करोड़ पर पहुंच गई है, जो नवीकरणीय उर्जा फाइनेंसिंग स्पेस में कंपनी की लीडरशिप और निवेशकों के सतत भरोसे को दर्शाता है।

कंपनी के सतत विकास पर बात करते हुए प्रदीप कुमार दास (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर) ने कहा कि संचालन दक्षता एवं ज़िम्मेदाराना फाइनेंसिंग हमारी कारोबार योजनाओं का अभिन्न हिस्सा है। हम मजबूत कॉर्पोरेट प्रशासन, आर्थिक अनुशासन एवं भारत के नवीकरणीय उर्जा लक्ष्यों को समर्थन प्रदान करते हुए हितधारकों को उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करने के लिए तत्पर हैं।

नीतिगत प्रोत्साहन करते हुए वित्त मंत्रालय के तहत सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज़ (सीबीडीटी) ने 9 जुलाई 2025 को इरेडा बॉन्ड्स को आयकर की धारा 1961 के खंड 54 ईसी के तहत ‘दीर्घकालिक निर्दिष्ट संपत्ति’ अधिसूचित किया। इससे निवेशकों को पूंजीगत कर लाभ में छूट का दावा करने में मदद मिलेगी। इस कदम से इरेडा की पूंजी की लागत में कमी आएगी और निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी।

पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान इरेडा ने ऋण मूल्यांकन प्रणाली एवं रिकवरी प्रणाली को मजबूत बनाकर समय के साथ एनपीए में कटौती की है तथा अपनी आगामी योजनाओं के तहत कंपनी राष्ट्रीय एवं विश्वस्तर पर स्थायित्व के लक्ष्यों के अनुरूप अपने ऋण पोटफोलियो को विविध बना रही है।

इरेडा को प्रशासन एवं वित्तीय उत्कृष्टता के लिए भी मान्यता दी गई है, जिसमें सीएमडी को ‘सीएमए आइकन 2025’ अवॉर्ड, तथा नवम्बर 2023-24 के बीच एक अग्रणी बिज़नेस डेली द्वारा सम्पत्ति सृजन के लिए टॉप-5 नेशन रैंकिंग से सम्मानित किया गया है।

भारत ने हाल ही में 2030 के लक्ष्य से पांच वर्ष पहले 50 फीसदी गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता हासिल कर ली है, जो नवीकरणीय उर्जा सेक्टर में बढ़ते अवसरों को इंगित करती है।
इरेडा ने इस प्रगति में मुख्य योगदान दिया है और 500 गीगावॉट लक्ष्य की ओर भारत के स्वच्छ उर्जा रूपान्तरण को बढ़ावा देने में अपने नेतृत्व की पुष्टि की है।

जसलोक अस्पताल और एंजाइनाX एआई ने महाराष्ट्र का पहला एआई-आधारित हृदय रोग रोकथाम मॉडल किया लॉन्च

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लक्षण प्रकट होने से पहले ही सिर्फ 5 मिनट में हृदय रोग की पहचान करने की दिशा में अग्रणी कदम

मुंबई। भारत में मृत्यु का प्रमुख कारण बन चुके हृदय रोग से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत, जसलोक अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर ने भारत के पहले एआई-आधारित डॉक्टर असिस्टेंट एंजाइनाX एआई के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत, महाराष्ट्र का पहला एआई-सक्षम हृदय रोग रोकथाम मॉडल लॉन्च किया गया है।

यह सहयोग भारत की कार्डियोलॉजी प्रणाली को “देरी से इलाज” की जगह “समय पर रोकथाम” की दिशा में ले जाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। अब जसलोक के आउट पेशेंट विभागों (ओपीडी) में एंजाइनाX AI तकनीक सक्रिय है, जो डॉक्टरों को कुछ ही सेकंडों में हृदय रोग का जोखिम आंकने की क्षमता देती है, वह भी लक्षणों के प्रकट होने से पहले। यह सिस्टम वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट देता है और प्रत्येक रोगी के लिए व्यक्तिगत जीवनशैली और उपचार योजनाएं सुझाता है।

हृदय रोग लाखों भारतीयों को प्रभावित करता है और अक्सर देर से पहचाना जाता है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है। जसलोक अस्पताल और एंजाइनाX AI का यह मॉडल रोकथाम को तेज़, स्पष्ट और सुलभ बनाता है, ठीक उसी बिंदु से जहां रोगी सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करता है: यानी ओपीडी से।

पद्म भूषण से सम्मानित और जसलोक अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक, डॉ. अश्विन बी. मेहता ने कहा कि दशकों से, कार्डियोलॉजी ने क्षति नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित किया है। लेकिन अब एडवांस्ड एआई की मदद से हम क्षति शुरू होने से पहले ही खतरे का आकलन कर सकते हैं। यह मॉडल केवल नवाचार नहीं है पर इलाज की समयरेखा को पुनर्परिभाषित कर रहा है।

एंजाइनाX सिस्टम 20 से भी अधिक महत्वपूर्ण क्लीनिकल और जीवनशैली से जुड़े संकेतकों का मूल्यांकन करती है, जिसमें विस्तारित लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर, सूजन संबंधी बायोमार्कर, मेटाबोलिक जटिलताएं, पारिवारिक इतिहास और जीवनशैली पैटर्न शामिल हैं। यह प्रणाली प्रमाणित भारतीय डेटा पर आधारित एक संरचित रिपोर्ट तैयार करती है जिसमें व्यक्तिगत जोखिम का मूल्यांकन, रोगी-विशिष्ट जांच सिफारिशें और स्पष्ट, क्रियाशील उपचार एवं फॉलोअप मार्गदर्शन शामिल होता है।

डॉ. अजीत देसाई (वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट, जसलोक अस्पताल) ने कहा, “एंजाइनाX AI सिस्टम हमें एक मिनट से भी कम समय में क्लीनिकल स्पष्टता देता है और यह विशेषकर अधिक भीड़ वाले ओपीडी में बेहद मूल्यवान है। अब हम अधिक मरीजों से मिल पा रहे हैं, चुपचाप पनपते जोखिमों को जल्द पहचान पा रहे हैं, और पहले लक्षण आने से पहले ही उन्हें कार्यवाही करने का मार्ग दिखा पा रहे हैं।”

जसलोक और एंजाइनाX ने यह सुनिश्चित किया है कि यह कार्यक्रम तेज़, सुलभ और किफायती हो, जिससे रोकथाम एक सामान्य प्रक्रिया बने, कोई दुर्लभ सेवा नहीं।

जसलोक अस्पताल महाराष्ट्र में एआई-आधारित रोकथाम आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है।

जसलोक अस्पताल के सीईओ जितेन्द्र हरयाण ने कहा कि यह केवल डिजिटल परिवर्तन नहीं है, यह चिकित्सा की समयबद्धता है। हमारा अस्पताल भारत की हेल्थकेयर प्रणाली में इस बदलाव का नेतृत्व कर गर्व महसूस करता है। जब टेक्नोलॉजी और चिकित्सा एक साथ आते हैं, तब जानें समय रहते बचाई जा सकती हैं।

जसलोक अस्पताल डॉ. अश्विन बी. मेहता के नेतृत्व में इस एआई-सक्षम कार्यक्रम “Dil Fit, Life Hit” को लॉन्च कर रहा है, जो कार्डियक रोकथाम को रोज़मर्रा के क्लीनिकल केयर में शामिल करता है। यह कार्यक्रम डॉक्टरों को सशक्त बनाता है, ओपीडी प्रथाओं को बदलता है और रोकथाम को हर मरीज के लिए सुलभ बनाता है, सिर्फ उनके लिए नहीं जिनमें पहले से लक्षण मौजूद हों।

एंजाइनाX AI के संस्थापक नमन गोसालिया ने कहा कि हमने एक ऐसा अत्याधुनिक एआई मेडिकल सिस्टम बनाया है जो किसी भी अस्पताल या क्लिनिक में सहजता से फिट हो सकता है। यह डॉक्टरों को सटीक जोखिम मूल्यांकन और व्यक्तिगत उपचार सिफारिशों के ज़रिये हृदय रोग की प्रगति को रोकने में मदद करता है। हमारा मिशन है कि प्राथमिक रोकथाम को हर क्लिनिक, हर अस्पताल और भारत के हर कोने तक पहुंचाया जाए, वह भी बिना डॉक्टरों की दिनचर्या बाधित किए। उन्होंने कहा, “इस मॉडल का KPI बहुत आसान था: क्या यह मेरी अपनी माँ पर काम कर सकता है? हमने स्पष्ट निर्णय लिया कि हम इसे तभी जारी करेंगे जब यह उन पर काम करेगा। पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले हमने इसे अपनी माँ पर आज़माया। यह परीक्षण सफल रहा और इसने हमें आगे बढ़ने का दृढ़ विश्वास दिलाया।
उन्होनें आगे कहा कि जसलोक में इसकी शुरुआत और उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र में इसे सबसे पहले कार्यान्वित होना इस साझा विश्वास को दर्शाता है कि लोग बेहतर नतीजों के हकदार हैं, और रोकथाम के साथ डर या आर्थिक बोझ नहीं आना चाहिए। यह साझेदारी हमें मरीज़ों को प्राथमिकता देने और इस मिशन को पूरे भारत में आगे बढ़ाने में मदद करती है।

जसलोक अस्पताल में एआई आधारित स्क्रीनिंग शुरू हो चुकी है। डॉक्टर अब तेज़ी से निर्णय ले पा रहे हैं, विशेष रूप से उन मरीजों के लिए जो बिना लक्षणों के गंभीर स्थिति तक पहुंच सकते थे।

गोवंशों की दुर्दशा पर बढ़ा आक्रोश

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मेरठ। कान्हा उपवन गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा पर बृहस्पतिवार को लोगों का गुस्सा फूट गया। भाजपा पार्षदों ने सोशल मीडिया पर निगम अफसरों के खिलाफ मुहिम चला दी है। जिम्मेदार अफसरों पर मुकदमा कराने की मांग उठाकर नगर आयुक्त से नाराजगी जताई गई। कैंट बोर्ड की बैठक में भी गोशाला में भूख से गोवंश की मौत होने के आरोप लगाकर मामला उठाया गया। राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक छोड़कर सीधे गोशाला पहुंच गए। डॉ. वाजपेयी गोवंशों की देखरेख करने वाले अफसरों पर जमकर भड़के और दोषी कर्मचारी-अधिकारियों को जेल भिजवाने तक की बात कही। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने भी गोशाला का निरीक्षण किया। अनियमितताएं मिलने पर नाराजगी जताई।

गोशाला में भूख से गोवंशों की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों की नींद टूटी। तीन दिन से गोशाला में गोवंशों के लिए चारा, खल-चूरी, चोकर और उनकी देखरेख पर निगम अफसरों का फोकस हुआ है। गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। गोवंशों की हालत देखकर लोगों में आक्रोश है। इसको लेकर बृहस्पतिवार सुबह भाजपा पार्षद संदीप रेवड़ी, कुलदीप वाल्मीकि और दिग्विजय सिंह समेत अन्य लोगों ने नगर आयुक्त से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई। नगर आयुक्त ने एडीएम सिटी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की जांच रिपोर्ट भी तीनों पार्षदों को दिखाई है। इसके बाद भाजपा नेताओं और पार्षदों ने व्हाट्सएप, फेसबुक व इंस्ट्राग्राम पर गोवंशों के तड़पते दम तोड़ने की वीडियो एक-दूसरे को शेयर करनी शुरू कर दी। पार्षदों ने मांग उठाई कि जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराओ। नगर आयुक्त ने पार्षदों का आश्वासन दिया कि कांवड़ यात्रा संपन्न होने यानी 25 जुलाई के बाद गोशाला में लापरवाही करने वालों अफसरों पर बड़ी कार्रवाई करूंगा।

गोवंशों की मौत का जिम्मेदार नगर निगम
राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी बृहस्पतिवार को कैंट बोर्ड की बैठक में गए थे। वहां एक व्यापारी ने निगम की गोशाला में गोवंशों की मौत का मुद्दा उठाया। डॉ. वाजपेयी ने गोशाला में जाकर निरीक्षण करने का आश्वासन व्यापारी को दिया। शाम 4.15 बजे डॉ. वाजपेयी कार्यकर्ताओं संग परतापुर स्थित गोशाला में पहुंचे। वहां पर नगरायुक्त द्वारा गठित कमेटी जांच कर रही थी। डॉ. वाजपेयी ने गोशाला में गोवंशों के इलाज करने वाले भुगतान, रजिस्टर, कर्मचारियों की ड्यूटी की जानकारी ली हैं। वहां पर मौजूद प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी समेत अफसरों को फटकार लगाई। गोवंशों के प्रति लापरवाही मिली। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि यहां की फोटो-वीडियो मुख्यमंत्री को भेजूंगा। गोवंशों की मौत का जिम्मेदार नगर निगम है।

गोशाला में तड़प रहे गोवंश
निगम अफसरों का दावा कि गोशाला में 2547 गोवंश हैं। राज्यसभा सदस्य ने पांच कार्यकर्ताओं को गोवंश की गिनती कराने में लगा दिया। टीनशेड में चार अलग-अलग जगह गोवंश थे, जहां पर उनके बैठने की जगह तक नहीं थी। उनकी गिनती तक नहीं हो सकी। डॉ. वाजपेयी ने फीता मंगाया और नापतोल शुरू कर दी। 9687 फीट जगह में कुल 150 पशु ही बांधे जा सकते हैं, लेकिन उसमें 340 गोवंश बंधे थे। उन तक कैसे चारा और पानी पहुंचता है, इसका जवाब निगम अफसर नहीं दे सके। गोशाला के बजट से लेकर अनुदान तक की जानकारी ली। इसी दौरान एक गोवंश ने बछड़े को जन्म दिया। गोवंशों की संख्या ज्यादा होने के चलते गाय और बछड़े की देखरेख न होने पर डॉ. वाजपेयी ने नाराजगी जताई।

अव्यवस्था मिलने पर महापौर भी नाराज
महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी कान्हा गोशाला का निरीक्षण किया है। गोशाला में अव्यवस्था मिलने पर महापौर ने निगम अफसरों पर नाराजगी जताई हैं। बताया है कि कि वर्तमान में गोवंश हेतु अनुकूल स्थिति नहीं है। सफाई का भाव है। कहा कि व्यवस्था सुधार लें, दोबारा गोशाला में आकर निरीक्षण करूंगा। लापरवाही करने वाले कर्मचारी और अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए कमेटी से जांच रिपोर्ट मांगी है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, सहायक नगर आयुक्त शरदपाल, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी हरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।


गोशाला में गोवंशों को भूखा मारने वाले अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। कमिश्नर के बाद लखनऊ में अधिकारियों से भी शिकायत करूंगा। कर्मचारी नहीं, गोशाला प्रभारी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
अजय गुप्ता, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ

शर्मसार करने वाली वीडियो है। समाज में आक्रोश है। गोवंशों के हत्यारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। गोशाला में गोवंशों को भूखा व प्यासा रखने वालों के खिलाफ मुकदमा कराने के लिए वरिष्ठ नेताओं से भी बात करेंगे।
मुनेश उपाध्याय, प्रदेश मंत्री ओबीसी मोर्चा भाजपा

गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा हो रही है। उनको चारा तक नहीं दिया जाता है, मैंने दो बार निगम के अधिकारियों से शिकायत की। गोवंशों के नाम पर करोड़ों का भुगतान होता, जोकि बंदरबांट कराया जाता है।
हर्षपाल सिंह, भाजपा पार्षद

प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी की लापरवाही के चलते गोवंशों की दुर्दशा हो रही है। बृहस्पतिवार को अपने साथी पार्षदों के साथ नगर आयुक्त से शिकायत की है। कार्रवाई न होने पर भाजपा के पार्षद ही आंदोलन करेंगे।
कुलदीप वाल्मीकि, भाजपा पार्षद।

 

यूरेका फोर्ब्स ने लॉन्च किया 2 साल की फिल्टर लाइफ वाले एक्वागार्ड वाटर प्यूरीफायर

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मुंबई। पानी को शुद्ध करने में सुविधा और नवाचार को नई परिभाषा देते हुए, स्वास्थ्य और स्वच्छता उद्योग में भारत की अग्रणी कंपनी, यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड ने अग्रणी लॉन्गलाइफ नैनोपोर फ़िल्टर तकनीक से युक्त एक्वागार्ड वाटर प्यूरीफायर की एक नई रेन्ज लॉन्च की है, जिसमें 2 साल तक बिना फ़िल्टर बदले स्वच्छ और सुरक्षित पीने का पानी मिलता है।
यूरेका फोर्ब्स ने अपने नए फ़िल्टर आधुनिक भारतीय घर के लिए डिज़ाइन किए हैं, जिनमें कम से कम रख रखाव के साथ बहुत ही आसानी से शुद्ध पानी मिलता है। 2 साल तक बिना बदले चलने वाला फ़िल्टर लंबे समय तक बेहतरीन परफॉरमेंस, कम रखरखाव लागत और पूरे वर्ष लगातार अच्छी गुणवत्ता का पानी देता है। यह नई रेंज अफोर्डबिलिटी और पहुंच के मामले में भी एक बड़ा कदम है। यह प्रौद्योगिकी नियमित रूप से फिल्टर रिप्लेसमेंट पर आकर्षक बचत के साथ, गुणवत्ता या सुरक्षा से समझौता किए बिना, ज़्यादा से ज़्यादा भारतीय घरों के लिए पीने के लिए स्वच्छ पानी पाना अधिक आसान बनाती है।
इस लॉन्च के लिए, यूरेका फोर्ब्स ने एक बढ़िया टीवी एडवर्टाइज़मेंट जारी किया है। पीने का पानी अगर असुरक्षित है तो उसकी वास्तविक लागत को इसमें दिखाया गया है। फिल्म में दिखाया गया है कि एक छोटे लड़का बीमार है, और उसके पापा को एहसास होता है कि बिना फ़िल्टर किए पानी की वजह से ऐसा हो सकता है। वह बताते है कि बार-बार फ़िल्टर बदलने की महंगी लागत के कारण उन्होंने प्यूरीफायर नहीं लगवाया। फिर एक दोस्त उन्हें 2 साल की फ़िल्टर लाइफ वाले एक्वागार्ड वॉटर प्यूरीफायर की नयी रेंज के बारे में बताता है, जो हर घर के लिए किफायती सुरक्षा प्रदान करता है।
अनुराग कुमार (चीफ ग्रोथ ऑफिसर, यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड) ने कहा,”यूरेका फोर्ब्स में, हम भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती ज़रूरतों को समझते हैं। वे सुविधा, मूल्य और विश्वसनीयता चाहते हैं। लॉन्गलाइफ नैनोपोर फ़िल्टर तकनीक से युक्त 2 साल की फ़िल्टर लाइफ वाले एक्वागार्ड वॉटर प्यूरीफायर की हमारी नई रेंज के साथ, हम न केवल पानी के प्यूरिफिकेशन को सरल बना रहे हैं, बल्कि इसे और भी किफ़ायती भी बना रहे हैं। यह हर भारतीय घर को सुरक्षित और स्वस्थ पेयजल आसानी से उपलब्ध कराने के हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा नया टीवीसी एक प्रासंगिक, भावनात्मक कहानी के ज़रिए इस संदेश को जीवंत करता है जो सुलभ, दीर्घकालिक वाटर प्यूरिफिकेशन समाधानों के महत्व पर प्रकाश डालता है और गलतफहमी को दूर करता है कि स्वच्छ और स्वास्थ्यकर पानी महंगा नहीं है और हर कोई उसे पा सकता है। हमें गर्व है कि आजीवन सुरक्षा के लिए लॉन्ग-लाइफ फ़िल्टर का वादा हमें पूरा किया है।”

इस लॉन्च के साथ, यूरेका फोर्ब्स भारतीय उपभोक्ताओं की व्यस्त जीवनशैली और अपेक्षाओं के अनुरूप, पानी के प्यूरिफिकेशन के लिए नवाचार-संचालित समाधानों में अपनी अग्रणी स्थिति को और मज़बूत कर रहा है।

गौ-पालन हेतु 80 हजार से 31.25 लाख तक अनुदानआवेदन प्रारंभ

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देवरिया। विकास खंड बैतालपुर के पशुधन प्रसार अधिकारी निशाकान्त तिवारी ने जानकारी दी कि स्वदेशी उन्नत नस्ल के गौ-पालन के प्रोत्साहन हेतु प्रदेश सरकार ने नंद बाबा दुग्ध मिशन अंतर्गत विभिन्न योजनाओं को प्रारंभ किया है जिसमें अन्य प्रदेशों से साहीवाल,गीर,थारपारकर व हरियाणा प्रजाति के उन्नत नस्ल के गायों को खरीद कर प्रदेश में स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की संख्या बढ़ायी जाए।

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजनान्तर्गत 2 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गाय की इकाई स्थापना हेतु 80 हजार तक अनुदान,मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजनान्तर्गत 10 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गाय की इकाई स्थापना हेतु 11.80 लाख तक अनुदान एवं नंदिनी कृषक समृद्धि योजनान्तर्गत 25 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की इकाई स्थापित करने हेतु 31.25 लाख तक अनुदान मिलेगा।
आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 अगस्त 2025 तक है। आवेदन नंद बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल https://nandbabadugdhmission.up.gov.in द्वारा कर सकते हैं। अधिक जानकारी हेतु नजदीक के पशु चिकित्सालय एवं विकास भवन के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

बचपन से कलात्मक और रचनात्मक क्षेत्रों की ओर आकर्षित रही है फैशन डिजाइनर और मॉडल लिजा सिंह 

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मुंबई। फैशन और मॉडलिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकीं दिल्ली की लिजा सिंह अब फिल्मी दुनिया में भी कदम जमा रही हैं। दिल्ली में पली-बढ़ी लिजा सिंह बचपन से ही रचनात्मक और कलात्मक क्षेत्रों की ओर आकर्षित रहीं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फैशन डिजाइनिंग को अपना करियर बनाया और दिल्ली में अपने दो शोरूम खोले।

लिजा का सपना सिर्फ फैशन तक सीमित नहीं था। अपनी किस्मत आजमाने और नए अनुभव पाने के लिए वह दुबई चली गईं, जहां उन्होंने कई जॉब किए और फ्रीलांस मॉडलिंग के जरिये अपना नेटवर्क और अनुभव बढ़ाया। दुबई में बिताए वक्त ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया। लेकिन दिल में अभिनय का सपना धड़कता रहा। इसी सपने ने उन्हें भारत लौटकर मुंबई की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया।

मुंबई आने के बाद लिजा ने कई ऑडिशन दिए और अभिनय में खुद को निखारने के लिए बाकायदा वर्कशॉप जॉइन की। उन्होंने फोक और बॉलीवुड डांस सीखा ताकि किसी भी रोल की मांग के मुताबिक खुद को ढाल सके। उनका मानना है कि एक अभिनेता को हर शैली में सहज होना चाहिए। लिजा ने हाल ही में म्यूजिक वीडियो “रंग में भंग” में काम किया है, जिसमें उनकी अदाकारी और अंदाज को काफी सराहना मिली। इस गाने की गायिका सोनम प्रधान हैं। लिजा कहती हैं कि इस गाने ने उन्हें कैमरे के सामने और भी आत्मविश्वास जगाया।

लिजा की इच्छा है कि वह फिल्मों में आइटम सॉन्ग भी करें। उनका मानना है कि आइटम डांस भी एक कला है, जिसमें एक्सप्रेशन, एनर्जी और ग्लैमर तीनों की मांग होती है और यह दर्शकों पर गहरा असर छोड़ सकता है।

लिजा को न सिर्फ ग्लैमर रोल्स में दिलचस्पी है, बल्कि वे महिला प्रधान और मजबूत कहानी वाली फिल्मों का भी हिस्सा बनना चाहती हैं। वह कहती हैं कि मुझे ऐसी फिल्में करनी हैं, जिनकी कहानी दमदार हो, जिसमें महिला किरदार को मजबूती से दिखाया जाए। मैं चाहती हूं कि मेरी भूमिकाएं समाज में एक संदेश दें।

उनकी पसंदीदा अभिनेत्रियों की सूची में हेमा मालिनी और मौसमी चटर्जी शामिल हैं। वे कहती हैं कि इन दिग्गज अभिनेत्रियों की कला और व्यक्तित्व उन्हें बहुत प्रेरित करता है। लिजा ने वेब सीरीज “लक्ष्मी” देखी, जिसे उन्होंने बेहद पसंद किया। उन्हें सुरवीन चावला और मोनाली ठाकुर का अभिनय भी बहुत प्रभावशाली लगता है और वे ऐसी ही गंभीर और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाना चाहती हैं।

लिजा का कहना है कि एक्टिंग के अलावा उन्हें डांस, स्केच बनाना और जिम करना बहुत पसंद है। वह वेगन हैं और पशु प्रेमी भी। वह एनजीओ से जुड़ी हैं और जानवरों के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए काम करती हैं। भविष्य में वह एक खास पशु अस्पताल बनवाने का सपना भी रखती हैं ताकि बेसहारा जानवरों को इलाज और देखभाल मिल सके।

अपने सफर के बारे में लिजा बेहद ईमानदारी से कहती हैं कि यह मेरे करियर का पहला पड़ाव है। मुझे पता है कि मंजिल अभी बहुत दूर है। लेकिन मैं हार मानने वालों में से नहीं हूं। मैं मानती हूं कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। मैं मेहनत और लगन से अपने सपनों को सच करूंगी।

फिलहाल लिजा अपने आगामी प्रोजेक्ट्स और ऑडिशन में व्यस्त हैं। उनका लक्ष्य है कि वेब सीरीज और फिल्मों में अभिनय करके एक वर्सटाइल और गंभीर अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाए। फैशन डिजाइनर, मॉडल और अब एक महत्वाकांक्षी अभिनेत्री के रूप में लिजा सिंह अपने जुनून और मेहनत से इंडस्ट्री में एक अलग जगह बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।

– गायत्री साहू

धारावी पुनर्विकास परियोजना पर बसपा ने जताई आपत्ति!

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प्रदेश अध्यक्ष सुनील डोंगरे ने की सरकार और अडानी समूह की आलोचना

मुंबई। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट सुनील डोंगरे ने सोमवार (7 जुलाई) को कहा कि धारावी पुनर्विकास परियोजना आम आदमी के अधिकारों का हनन है और पूरी प्रक्रिया में लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के स्वास्थ्य पर कुठाराघात है। मुंबई में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में एडवोकेट डोंगरे ने अडानी समूह के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों की भूमिका पर सवाल उठाए। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव, पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र के मुख्य प्रभारी और पुणे के पूर्व नगरसेवक डॉ. हुलगेश चलवाड़ी और पार्टी के अन्य शीर्ष पदाधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान, बसपा प्रतिनिधिमंडल ने धारावी पुनर्विकास परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.वी.आर. श्रीनिवास से मुलाकात की और उन्हें धारावी की समस्याओं से अवगत कराया। इस अवसर पर राज्य सचिव नागसेन माला, इंजी. दादाराव उइके आदि उपस्थित थे।

धारावी से लोगों को जबरन बेदखल करके देवनार डंपिंग ग्राउंड के पास बसाया जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार, डंपिंग ग्राउंड के 500 मीटर के दायरे में कोई भी निर्माण कानूनी रूप से गलत है। एडवोकेट डोंगरे ने कहा कि ऐसे जहरीले इलाके में घर बनाना और लोगों को स्थानांतरित करना उनकी जान से खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि धारावी की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जैव विविधता को नष्ट करने और इस क्षेत्र को ‘बीकेसी 2’ में बदलने का व्यावसायिक इरादा है।
एडवोकेट डोंगरे ने कहा कि अडानी समूह समाज सेवा के लिए नहीं, बल्कि व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए काम कर रहा है। धारावी के लोगों ने वर्षों से मुंबई की अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है। बीएसपी का स्पष्ट रुख है कि उन्हें घर उपलब्ध कराना सरकार का कोई उपकार नहीं, बल्कि एक सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी है।

परियोजना की योजना में केवल घरों का पुनर्वास शामिल है, छोटे उद्योगों का नहीं। धारावी में हज़ारों छोटे उद्योग, खासकर चमड़ा, कपड़ा निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और मिट्टी के बर्तन बनाने के उद्योग, रोज़गार के स्रोत हैं। अगर इन उद्योगों का पुनर्वास नहीं किया गया, तो बेरोज़गार लोगों को घर देने से और भी गंभीर समस्याएँ पैदा होंगी। परियोजना में पारदर्शिता का अभाव है। नागरिकों, स्थानीय प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। अपात्रता के कारण, वित्तीय लेन-देन और पुनर्वास मानदंड, सभी गड़बड़ हैं। बसपा का आरोप है कि यह ‘ऊपर से नीचे’ का रवैया लोकतंत्र के ख़िलाफ़ है।
धारावी की 60% से ज़्यादा ज़मीन सार्वजनिक संपत्ति है, और इसे निजी कंपनियों को बेचने का मतलब सार्वजनिक संपत्ति का निजीकरण है। धारावी के सभी निवासियों को पात्र माना जाना चाहिए और उन्हें उनके मूल स्थानों पर घर दिए जाने चाहिए। सरकार को किसी भी रियायत के नाम पर वंचितों का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए। बसपा हमेशा शोषित, वंचित, मजदूर वर्ग के साथ खड़ी रहेगी और उनके अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी, ऐसा प्रदेश महासचिव डॉ. हुलगेश चलवाड़ी ने कहा।

गायन और नृत्य दोनों में निपुण अनुप्रिया चटर्जी की गायन में रुचि, करती है नियमित रियाज

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बनारस की रहने वाली गायिका और नृत्यांगना अनुप्रिया चटर्जी पिछले कई वर्षों से बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और अपनी मधुर आवाज़ और बेहतरीन नृत्य द्वारा एक अलग पहचान बना चुकी हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में संगीत और कथक की औपचारिक शिक्षा लेने वाली अनुप्रिया का पारिवारिक माहौल भी गीत-संगीत से रमा हुआ रहा, जिसने उनकी प्रतिभा को बचपन से ही दिशा दी।

अपनी कला के विस्तार के लिए अनुप्रिया मुंबई आईं और यहीं से उनके करियर ने नई उड़ान भरी। शुरुआत में मशहूर संगीतकार प्यारे लाल के शिष्य और प्रख्यात वायलिन वादक सुरेंद्र सिंह अत्रा से उनकी मुलाकात हुई। यहीं से उनके गायन का सिलसिला पेशेवर स्तर पर शुरू हुआ। अनुप्रिया ने दक्षिण भारतीय फिल्मों के हिंदी वर्ज़न के लिए गीत गाए, जिससे उन्हें व्यापक पहचान मिली। उन्ही के सानिध्य में रहकर उनकी मुलाकात आशा भोंसले से भी हुई और आशा ताई ने उनके गायन की खुले दिल से प्रशंसा की।

अनुप्रिया ने फिल्म ’72 ऑवर्स विथ सुखविंदर सिंह’ (एक बायोपिक फिल्म) में गाने गाए। ‘प्यार के दो नाम’ और पंजाबी फिल्म ‘प्रॉपर पटोला’ में भी वह प्लेबैक सिंगर रहीं। टीवी धारावाहिकों में ‘इस प्यार को क्या नाम दूँ’, ‘मधुबाला’, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’, ‘दो दिल एक जान’, ‘क्रेज़ी स्टुपिड इश्क’ और ‘मायके से बंधी डोर’ जैसे शो में भी उनकी आवाज़ गूंज चुकी है।

उनकी आवाज़ म्यूजिक वीडियो ‘ये जुनून इश्क का’ और ‘रंग शर्बतों का’ में भी सुनने को मिली। इसके अलावा उन्होंने आस्था, संस्कार, दिव्या और इनबॉक्स म्यूजिक जैसे चैनलों के लिए भी कई गीत रिकॉर्ड किए हैं। अनुप्रिया ने हिंदी, मराठी, गुजराती, बंगाली, ओड़िया, कन्नड़, तमिल, भोजपुरी, तेलगु, पंजाबी और राजस्थानी भाषाओं में गाने गाए हैं।

नृत्य में भी अनुप्रिया ने विशिष्ट प्रशिक्षण लिया है। प्रसिद्ध कथक सम्राट बिरजू महाराज की शिष्या रेणु शर्मा से उन्होंने कथक सीखा और उनकी अगुवाई में कई मंचों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने सोमा घोष के म्यूजिक वीडियो बनारसिया में भी नृत्य किया।

गायन और नृत्य दोनों में निपुण अनुप्रिया की खास रुचि गायन में है। वे नियमित रियाज करती हैं और अलग-अलग जॉनर, भाषा और मूड के गाने सुनती हैं। उनका कहना है कि संगीत एक साधना है। बिना अभ्यास के गायन में निपुणता संभव नहीं। लाइव परफॉर्मेंस में आपकी सच्चाई सामने आ ही जाती है। वे अपनी आवाज़ का विशेष ध्यान रखती हैं और इसके लिए खानपान और स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखती हैं। प्रतिदिन योगा और मेडीटेशन करती हैं।

गायन में उन्हें खास तौर पर सॉफ्ट और रोमांटिक गीत पसंद हैं। अनुप्रिया ने नवमी कक्षा से ही नृत्य और ग्यारहवीं से गायन सीखना शुरू कर दिया था। बॉलीवुड स्टाइल में भी उन्होंने बाकायदा प्रशिक्षण लिया है।

उन्होंने ललित पंडित, शान, अनूप जलोटा, जावेद अली और कई अन्य बड़े गायकों के साथ लाइव शो किए हैं। वह भारत ही नहीं, विदेशों में भी अपने संगीत शो करती रहती हैं। उनके शो में पंडित हरिप्रसाद चौरसिया जैसे दिग्गज भी मुख्य अतिथि रह चुके हैं।

फिलहाल अनुप्रिया के कई म्यूजिक शो लाइन अप हैं और जल्द ही एक फिल्म में उनका आइटम सॉन्ग भी आने वाला है। संगीत की दुनिया में उनकी यात्रा लगातार जारी है और उनके गीतों की सूची भी लगातार लंबी होती जा रही है।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता चौहान के हाथों आगरा में लॉन्च हुआ हेटिच HEX स्टोर

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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता चौहान ने द्वीप प्रज्ज्वलित एवं फीता काट कर किया वहीं उनके साथ प्रमुख समाजसेविका कांता महेश्वरी भी उपस्थित रहीं

आगरा में रणनीतिक शुरुआत, विरासत और आधुनिक जीवनशैली के मेल के लिए चुना गया

आगरा। इंटीरियर फिटिंग समाधानों में अग्रणी, हेटिच इंडिया ने आगरा (उत्तरप्रदेश) में अपना पहला हेटिच एक्सक्लूसिव (HEX) स्टोर लॉन्च किया है।
इस स्टोर की लॉन्चिंग राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता चौहान द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित एवं फीता काट कर की गई वहीं उनके साथ समाजसेविका कांता माहेश्वरी, हेटिच इंडिया के निदेशक (बिक्री) राहुल ठक्कर, यतेंद्र माहेश्वरी (केआरएम इंडस्ट्रीज के निदेशक और HEX आगरा के ऑनर), अंकित कुलश्रेष्ठ (HEX, हेटिच इंडिया के हेड) की भी उपस्थिति रही।

यह एक राष्ट्रव्यापी विस्तार की शुरुआत है जिसके तहत इस साल पूरे भारत में 25 HEX स्टोर खोले जाएँगे।
HEX प्रारूप एक संपूर्ण समाधान-खरीदारी अनुभव प्रदान करता है, जिसमें रसोई, अलमारी, प्रकाश व्यवस्था, दरवाज़े के हार्डवेयर और उपकरणों के पूरी तरह कार्यात्मक प्रदर्शन शामिल हैं। स्टोर में ग्राहक क्यूरेटेड सेटअप देख सकते हैं, विशेषज्ञ से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं, और अपने रहने की जगह को बदलने के लिए सूचित विकल्प चुन सकते हैं। यह सब हेटिच के विश्वसनीय फ़र्नीचर फिटिंग और हार्डवेयर द्वारा संचालित है।
आगरा को सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक गति के अनूठे मिश्रण के लिए चुना गया, जो इसे अगली पीढ़ी के रिटेल प्रारूप की शुरुआत के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है।

इस उपलब्धि के बारे में, हेटिच इंडिया के निदेशक (बिक्री) राहुल ठक्कर ने कहा, “HEX के लॉन्च के साथ, हम भारत की उभरती हुई घरेलू डिज़ाइन प्राथमिकताओं से जुड़ने की एक साहसिक यात्रा शुरू कर रहे हैं। आगरा शहर दशकों के विश्वसनीय जर्मन शिल्प कौशल द्वारा समर्थित इंटीरियर फिटिंग समाधान तैयार करने के लिए हेटिच की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान करता है।

स्टोर पार्टनर यतेंद्र माहेश्वरी के सहयोग से लॉन्च किया गया यह स्टोर, केंद्रित साझेदारियों के माध्यम से क्षेत्रीय उपस्थिति को मज़बूत करने के हेटिच के दृष्टिकोण को पुष्ट करता है।

HEX स्टोर, हेटिच के एक्सपीरियंस सेंटर्स के साथ मिलकर काम करते हैं, जिन्हें डिज़ाइन विचारों और उत्पाद अनुप्रयोगों की खोज के लिए प्रेरणादायक स्थानों के रूप में डिज़ाइन किया गया है। साथ मिलकर, ये प्रारूप विचार से लेकर क्रियान्वयन तक एक सहज यात्रा प्रदान करते हैं।

HEX के माध्यम से उपलब्ध प्रत्येक समाधान जर्मन इंजीनियरिंग उत्कृष्टता की हेटिच की विरासत द्वारा समर्थित है, और ऐसे उत्पाद प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके डिज़ाइन और निर्मित किया जाता है जो स्मार्ट, टिकाऊ और बदलती जीवनशैली के लिए पूरी तरह से अनुकूल हों। हेक्स स्टोर में कदम रखें और हेटिच के मैजिक का अनुभव करें—जहाँ नवीन फिटिंग्स, प्रेरणादायक जीवनशैली का संगम हैं और नवाचार एवं परिशुद्धता के भविष्य को आकार देते हैं।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया https://hettichindiaonline.com/ पर जाएँ।

हेटिच का नया HEX स्टोर KRM इंडस्ट्रीज, आगरा, 171 नेहरू नगर, बाईपास रोड, दरगाह रोड, अबू लाला के सामने, आगरा, उत्तर प्रदेश 282002 पर स्थित है। यहां ग्राहक और उद्योग जगत जुड़े लोग ब्रांड की प्रीमियम उत्तम क्वालिटी का निरीक्षण कर उपयोग में ला सकते हैं।

हेटिच के बारे में बता दें कि 1.5 बिलियन यूरो से अधिक के वैश्विक राजस्व के साथ, 137 वर्षों से सक्रिय एक पारिवारिक स्वामित्व वाला जर्मन लाइफस्टाइल ब्रांड, हेटिच, दुनिया भर में फर्नीचर फिटिंग के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। हेटिच ने सहस्राब्दी की शुरुआत में भारत में परिचालन शुरू किया और जल्द ही हार्डवेयर और फर्नीचर फिटिंग के क्षेत्र में वैश्विक उद्योग में अग्रणी के रूप में अपनी पहचान बनाई।
इसके अतिरिक्त, अपनी मजबूत ब्रांड इक्विटी और ग्राहकों के अटूट विश्वास के कारण, इसे मार्क्समेन डेली द्वारा “भारत के सबसे विश्वसनीय ब्रांड 2023 और 2024” और इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा “सर्वश्रेष्ठ ब्रांड 2022, 2023 और 2024” का खिताब दिया गया।
हेटिच के उत्पाद पोर्टफोलियो में जर्मन-इंजीनियरिंग गुणवत्ता के साथ निर्मित प्रीमियम फर्नीचर फिटिंग और डोर हार्डवेयर का एक संग्रह शामिल है, जिसमें वायर उत्पाद, एल्युमीनियम प्रोफाइल, शेल्विंग सिस्टम, बिल्ट-इन उपकरण और फर्नीचर लाइट शामिल हैं, जिससे सभी आवासीय और वाणिज्यिक जरूरतों के लिए व्यापक फिटिंग समाधान उपलब्ध होते हैं।