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1 सितंबर को खुल रहा है अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड का IPO 

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बाएं से दाएं – सीए योगेश जैन (बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड), भावेश पटेल (अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड), शैलेश शाह (अमंता हेल्थकेयर लिमिटेड), पारस मेहता (अमंता हेल्थकेयर लिमिटेड)।

● कुल इश्यू साइज – प्रत्येक ₹10 अंकित मूल्य वाले 1,00,00,000 इक्विटी शेयर तक

● आईपीओ साइज – ₹12,600.00 लाख (ऊपरी मूल्य सीमा पर)

● मूल्य सीमा – प्रति शेयर ₹120 से ₹126

● लॉट साइज – 119 इक्विटी शेयर

मुंबई। अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड, एक फार्मास्यूटिकल कंपनी जो स्टेराइल लिक्विड उत्पादों के विकास, निर्माण और विपणन में संलग्न है, जिसमें बड़े और छोटे वॉल्यूम पैरेंटेरल्स (LVPs और SVPs) शामिल हैं, अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) 1 सितंबर, 2025 को खोलने का प्रस्ताव रखती है, जिसका उद्देश्य ₹12,600.00 लाख (ऊपरी मूल्य बैंड पर) जुटाना है, और इसके शेयर NSE और BSE प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध किए जाएंगे।

इश्यू का आकार प्रत्येक ₹10 अंकित मूल्य वाले 1,00,00,000 इक्विटी शेयरों तक है, जिनकी प्रति शेयर कीमत ₹120 से ₹126 के बीच होगी।

इक्विटी शेयर आवंटन

• योग्य संस्थागत खरीदार – 50,00,000 इक्विटी शेयरों से अधिक नहीं

• गैर-संस्थागत निवेशक – कम से कम 15,00,000 इक्विटी शेयर

• व्यक्तिगत निवेशक – कम से कम 35,00,000 इक्विटी शेयर

आईपीओ से प्राप्त निवल धनराशि का उपयोग हरियाला, खेड़ा, गुजरात में स्टेरीपोर्ट की नई विनिर्माण लाइन स्थापित करने के लिए नागरिक निर्माण कार्य की पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं को पूरा करने और उपकरण, संयंत्र और मशीनरी की खरीद के लिए किया जाएगा। साथ ही, हरियाला, खेड़ा, गुजरात में SVP की नई विनिर्माण लाइन स्थापित करने के लिए नागरिक निर्माण कार्य की पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं, उपकरण, संयंत्र और मशीनरी की खरीद तथा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। ऐंकर हिस्सा शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को खुलेगा और इश्यू बुधवार, 03 सितंबर 2025 को बंद होगा।

इस इश्यू का बुक रनिंग लीड मैनेजर बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड है, और रजिस्ट्रार एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) है।

भावेश पटेल (अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड) ने कहा, “हमारी कंपनी ने थेराप्यूटिक सेगमेंट्स और मेडिकल डिवाइसेस में स्टेराइल लिक्विड उत्पादों की व्यापक श्रृंखला विकसित करके और सप्लाई करके वृद्धि की है। हमने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति स्थापित की है। यह आईपीओ हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे हमें हरियाला स्थित हमारी सुविधा में नई स्टेरीपोर्ट और SVP लाइनों के साथ हमारी उत्पादन क्षमता का विस्तार करने का अवसर मिलेगा, जो हमारी क्षमता को मजबूत करेगा और हमें भविष्य की योजनाओं के लिए समर्थन देगा।”

अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड के बारे में :-

अमांता हेल्थकेयर लिमिटेड, एक फार्मास्यूटिकल कंपनी जो स्टेराइल लिक्विड उत्पादों के विकास, निर्माण और विपणन में संलग्न है, जिसमें बड़े और छोटे वॉल्यूम पैरेंटेरल्स (LVPs और SVPs) शामिल हैं, जो एसेप्टिक ब्लो-फिल-सील (एबीएफएस) और इंजेक्शन स्ट्रेच ब्लो मोल्डिंग (आयएसबीएम) तकनीकों का उपयोग करके बनाए जाते हैं। कंपनी छह चिकित्सीय क्षेत्रों को सेवा प्रदान करती है, जिनमें फ्लूड थेरेपी (IV फ्लूड), फॉर्मूलेशन्स, डायल्यूएंट्स, नेत्र चिकित्सा, श्वसन देखभाल और इरिगेशन सॉल्यूशंस शामिल हैं।

कंपनी सिंचाई सॉल्यूशंस, प्राथमिक चिकित्सा उत्पादों और आँखों के लिए लुब्रिकेंट जैसी मेडिकल डिवाइसेज का भी निर्माण करती है। हमारे पैकेजिंग में 2 मिलीलीटर से लेकर 1000 मिलीलीटर तक के कंटेनर वॉल्यूम और विभिन्न प्रकार की क्लोजर सिस्टम शामिल हैं।

अमांता का नेतृत्व अनुभवी प्रबंधन द्वारा किया जाता है, जिसमें भावेश पटेल शामिल हैं जो कंपनी के प्रमोटर, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। वह एक मेकेनिकल इंजीनियर हैं और प्रबंधन में मास्टर डिग्री धारक हैं, साथ ही उनके पास 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

वित्तीय वर्ष 2025 में, कंपनी ने ₹ 27,470.82 लाख का राजस्व, ₹ 6,105.37 लाख का EBITDA और ₹ 1,050.07 लाख का शुद्ध लाभ (PAT) हासिल किया।

 

 

 

 

 

 

 

 

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर पहली बार बोले शाह

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नई दिल्ली। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर पहली बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी बात रखी है। उन्होंने जगदीप धनखड़ को लेकर कई आलोचनाओं का जवाब भी दिया। शाह ने कहा कि जगदीप धनखड़ संवैधानिक पद पर थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अच्छा काम किया।

वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जहां तक जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की बात है, उन्होंने निजी स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था।

 गृह मंत्री ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने की अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की। साक्षात्कार के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जगदीप धनखड़ जी संवैधानिक पद पर बैठे थे और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान संविधान के अनुसार बेहतर काम किया।

गृह मंत्री ने कहा कि जगदीप धनखड़ ने अपने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया। इसको ज्यादा खींचकर किसी दिशा में देखने की आवश्यकता नहीं है।

शाह ने विपक्ष को दी नसीहत

वहीं, जब कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा धनखड़ के नजरबंद होने के दावे के बारे में अमित शाह से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सच और झूठ की व्याख्या केवल विपक्ष के बयानों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि ऐसा लगता है कि सच और झूठ की आपकी व्याख्या विपक्ष की बातों पर आधारित है। हमें इस सब पर ज्यदा हंगामा नहीं करना चाहिए। धनखड़ एक संवैधानिक पद पर थे और उन्होंने संविधान के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। इस मुद्दे पर ज्यादा विचार-विमर्श नहीं करना चाहिए।

विपक्ष के दावे को गृहमंत्री ने किया खारिज

गौरतलब है कि अमित शाह की यह टिप्पणी टिप्पणी विपक्षी नेताओं द्वारा अचानक इस्तीफे पर सवाल उठाने के बाद आई है। विपक्षी नेताओं ने दावा करते हुए कहा था कि सरकार ने धनखड़ को चुप करा दिया है। हाल के दिनों में ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के साथ-साथ उन्हें चुप कराने की भी बात कही गई है।

सहारनपुर में गोवंश काटने के आरोप में पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार किया

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सहानरपुर में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक घर के अंदर कथित तौर पर गोवंश काटने के मामले का खुलासा किया है. इस मामले में पुलिस ने मां और बेटी को तो अरेस्ट कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी शख्स अंधेरे का फायदा उठा कर भागने में कामयाब हो गया. वैसे पुलिस उसको भई अरेस्ट करने के लिए दबिश दे रही है. ये मामला जनकपुरी पुलिस स्टेशन के दजपुरा गांव का है. मौके से कथित तौर पर गोवंश का मांस और हत्या में इस्तेमाल किया गया औजार भी पुलिस को मिला है. आइए आपको विस्तार से इस मामले की जानकारी देते हैं.

प्रधानमंत्री 25-26 अगस्त को गुजरात का दौरा करेंगे

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प्रधानमंत्री अहमदाबाद में 5,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे


परियोजनाएं कई क्षेत्रों की आवश्‍यकताओं को पूरा करती हैं: शहरी विकास, ऊर्जा, सड़क और रेलवे

मेक इन इंडिया की सफलता के एक प्रमुख उदाहरण के रूप में, प्रधानमंत्री हंसलपुर में 100 से अधिक देशों में निर्यात के लिए सुजुकी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन “ई विटारा” को हरी झंडी दिखाएंगे

प्रधानमंत्री टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी प्लांट में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे – यह हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 25-26 अगस्त को गुजरात का दौरा करेंगे। वे 25 अगस्त को शाम लगभग 6 बजे अहमदाबाद के खोडलधाम मैदान में 5,400 करोड़ रुपये की लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

26 अगस्त को सुबह लगभग 10:30 बजे, प्रधानमंत्री अहमदाबाद के हंसलपुर में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन का उद्घाटन करेंगे और 100 देशों को बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्यात को हरी झंडी दिखाएंगे। इस अवसर पर वे उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।

विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसमें 530 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 65 किलोमीटर महेसाणा-पालनपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, 860 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 37 किलोमीटर कलोल-कडी-कटोसन रोड रेल लाइन और 40 किलोमीटर बेचराजी-रानुज रेल लाइन का गेज परिवर्तन शामिल है। इस ब्रॉड-गेज क्षमता के बढ़ने से, ये परियोजनाएं इस क्षेत्र में सुगम, सुरक्षित और अधिक निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगी। इससे क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ दैनिक यात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए यात्रा काफी आसान हो जाएगी। इसके अलावा, कटोसन रोड और साबरमती के बीच यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध होगी और जमीनी स्तर पर आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा। बेचराजी से कार-लोडेड मालगाड़ी सेवा से राज्य के औद्योगिक केंद्रों में संपर्क बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और रोजगार के अवसर उत्‍पन्‍न होंगे।

कनेक्टिविटी में सुधार, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री वीरमगाम-खुदाद-रामपुरा सड़क के चौड़ीकरण का उद्घाटन करेंगे। वे अहमदाबाद-मेहसाणा-पालनपुर मार्ग पर छह लेन वाले वाहन अंडरपास और अहमदाबाद-वीरमगाम मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की आधारशिला भी रखेंगे। इन पहलों से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, परिवहन दक्षता में सुधार होगा और आर्थिक अवसर बढ़ेंगे।

राज्य में विद्युत क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (यूजीवीसीएल) के अंतर्गत अहमदाबाद, मेहसाणा और गांधीनगर में विद्युत वितरण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत घाटे को कम करना, नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना और बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना है। 1000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ये परियोजनाएं प्रतिकूल मौसम के दौरान बिजली की आपूर्ति में रुकावटों और बिजली कटौती को कम करेंगी, जन सुरक्षा, ट्रांसफार्मर की सुरक्षा और बिजली आपूर्ति नेटवर्क की विश्वसनीयता में सुधार लाएंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के स्‍व-स्‍थाने स्लम पुनर्वास घटक के अंतर्गत रामापीर ने टेकरो के सेक्टर-3 में स्लम विकास परियोजना का उद्घाटन करेंगे। वे अहमदाबाद के आसपास सरदार पटेल रिंग रोड पर यातायात सुगम बनाने और कनेक्टिविटी में सुधार के लिए की जा रही प्रमुख सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। वे जल एवं सीवरेज प्रबंधन प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख शहरी अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण को मज़बूत करने के लिए, प्रधानमंत्री गुजरात में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें अहमदाबाद पश्चिम में एक नए स्टाम्प एवं पंजीकरण भवन का निर्माण शामिल है। इसका उद्देश्य नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार लाना है। इसके अलावा, गांधीनगर में एक राज्य-स्तरीय डेटा संग्रहण केंद्र की स्थापना भी शामिल है जिसका उद्देश्य पूरे गुजरात में सुरक्षित डेटा प्रबंधन और डिजिटल शासन क्षमताओं को बढ़ाना है।

26 अगस्त को, प्रधानमंत्री अहमदाबाद के हंसलपुर स्थित सुजुकी मोटर प्लांट में दो ऐतिहासिक विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे। ये ऐतिहासिक पहल भारत के हरित परिवहन के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने को दर्शाती है और साथ ही मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को भी आगे बढ़ाती है।

मेक इन इंडिया की सफलता के एक प्रमुख उदाहरण के रूप में, प्रधानमंत्री सुजुकी के पहले वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) “ई विटारा” का उद्घाटन करेंगे और हरी झंडी दिखाएंगे। भारत में निर्मित इन बीईवी का निर्यात यूरोप और जापान जैसे उन्नत बाजारों सहित सौ से अधिक देशों में किया जाएगा। इस उपलब्धि के साथ, भारत अब सुजुकी के इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बन जाएगा।

हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़े कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री गुजरात स्थित टीडीएस लिथियम-आयन बैटरी संयंत्र में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड के स्थानीय उत्पादन की शुरुआत के साथ भारत के बैटरी इकोसिस्टम के अगले चरण का भी उद्घाटन करेंगे। तोशिबा, डेंसो और सुजुकी का संयुक्त उद्यम, यह संयंत्र घरेलू विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार को बढ़ावा देगा। इससे अब अस्सी प्रतिशत से अधिक बैटरी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।

दो दिवसीय अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन का शुभारंभ

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज दिल्ली विधानसभा में स्वतंत्रता सेनानी विट्ठलभाई पटेल जी के केन्द्रीय विधानसभा के पहले निर्वाचित भारतीय स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन का शुभारंभ किया


भारतीय विचारों के आधार पर लोकतांत्रिक ढंग से देश को चलाने की नींव डालने का कार्य विट्ठलभाई पटेल जी ने किया

विट्ठलभाई पटेल ने कई परम्पराएं स्थापित कीं, जो आज विधायी कार्यों और सभापति के दायित्वों के लिए मार्गदर्शन दे रहीं हैं

विचार मंथन ही लोकतंत्र में जनता की समस्याओं के निवारण का सर्वश्रेठ माध्यम है

सदनों में वाद-विवाद चर्चा के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन अपने राजनैतिक हितों के लिए संसद और विधानसभाओं को चलने न देना, वाद-विवाद नहीं होता

विरोध के नाम पर पूरे-पूरे सत्र में सदन को चलने न देने की जो परंपरा बन रही है, उस पर देश की जनता और चुने हुए प्रतिनिधियों को विचार करना चाहिए

जब सदन से चर्चा समाप्त हो जाती है, तो सदन का देश के विकास में योगदान बहुत कम रह जाता है

लोकतंत्र तभी फलता-फूलता है जब विधानसभाएँ विवेक, विचार और विधान के मूल मंत्र पर चलती हैं

दलगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित का विचार ही लोकतंत्र की सर्वोच्च गरिमामयी ऊँचाई तक पहुँचाने का एकमात्र मार्ग है

यदि संसद और विधानसभाओं के गलियारों में वाद-विवाद नहीं होगा, तो वे केवल एक निर्जीव भवन बनकर रह जाएंगे

गृह मंत्री ने दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष से इस ऐतिहासिक सदन में सभी महानुभावों द्वारा दिए गए भाषणों का संकलन देश की सभी विधानसभाओं के पुस्तकालयों में उपलब्ध कराने का आग्रह किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज दिल्ली विधानसभा में स्वतंत्रता सेनानी विट्ठलभाई पटेल जी के केन्द्रीय विधानसभा के पहले निर्वाचित भारतीय स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता, केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू, दिल्ली के उप-राज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस सम्मेलन में राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विधान परिषदों के सभापति एवं उपसभापति हिस्सा ले रहे हैं। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली विधानसभा परिसर में विट्ठलभाई पटेल के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

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सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज ही के दिन देश के विधायी इतिहास की शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन महान स्वतंत्रता सेनानी विट्ठलभाई पटेल को केन्द्रीय विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया था, जिससे भारतीयों द्वारा हमारे विधायी इतिहास की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि इस सदन में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कई गणमान्य और वरिष्ठ नेताओं ने विधायक के रूप में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। महामना मदन मोहन मालवीय जी करीब 20 वर्षों तक इस सदन के सदस्य रहे। श्री शाह ने कहा कि महात्मा गांधी के गुरु गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय और देशबंधु चितरंजन दास जैसे अनेक महान विभूतियों ने अपने प्रभावशाली वक्तव्यों के माध्यम से इस सदन में देश की जनता की स्वतंत्रता की उत्कंठा और आजादी के प्रति उनकी आकांक्षा को शब्दों में व्यक्त कर देश के सामने प्रस्तुत किया।

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केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे इस सदन में सभी महानुभावों द्वारा दिए गए भाषणों का संकलन देश की सभी विधानसभाओं के पुस्तकालयों में उपलब्ध कराएं ताकि आज के युवा और विधायक जान सकें कि दिल्ली विधानसभा में स्वतंत्रता की भावना जगाने का कार्य किस प्रकार हुआ। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली विधानसभा ने विट्ठलभाई पटेल के जीवन पर आधारित एक सुंदर प्रदर्शनी आयोजित की है। उन्होंने अनुरोध किया कि इसी प्रकार की प्रदर्शनी सभी विधानसभाओं में लगाई जाए, ताकि न केवल विट्ठलभाई के जीवन और उनके कार्यों बल्कि स्वतंत्रता के इतिहास के बारे में भी देश के सभी विधायकों, विधान परिषद के सदस्यों और युवाओं को जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने सदनों की लाइब्रेरी को समृद्ध करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि विट्ठलभाई पटेल ने भारत की विधायी परंपराओं की नींव रखकर आज के लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि भारतीय विचारों के आधार पर लोकतांत्रिक ढंग से देश को चलाने की नींव डालने का कार्य यदि किसी ने किया, तो वह निस्संदेह वीर विट्ठलभाई पटेल थे। विट्ठलभाई पटेल ने कई परंपराओं को स्थापित करने का कार्य किया, जो आज हम सभी के लिए, विशेषकर विधायी कार्यों और सभापति के दायित्वों के लिए, ज्योतिर्मय दीपक की तरह मार्गदर्शन कर रही हैं। श्री शाह ने कहा कि विट्ठलभाई पटेल के सामने कई बार परीक्षा की घड़ी आई, परंतु प्रत्येक परीक्षा में वे शत-प्रतिशत उत्तीर्ण हुए। उन्होंने न तो विधानसभा अध्यक्ष की गरिमा को कम होने दिया, न ही इस सदन को देश की आवाज दबाने से रोका, और न ही अंग्रेजों की तत्कालीन मानसिकता को विधानसभा के कार्यों पर हावी होने दिया।

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श्री अमित शाह ने कहा कि विट्ठलभाई के कार्यकाल में ही केन्द्र सरकार और सभी राज्यों में विधायी विभाग तथा विधानसभा सचिवालय की स्थापना हुई। उन्होंने कहा कि उस समय विट्ठलभाई द्वारा की गई यह टिप्पणी बहुत महत्वपूर्ण थी कि कोई भी विधानसभा चुनी हुई सरकारों के अधीन काम नहीं कर सकती। विधानसभा को स्वतंत्र होना चाहिए, तभी विधानसभाओं में होने वाली बहस की सार्थकता बनी रहेगी।श्री शाह ने कहा कि विट्ठलभाई पटेल ने स्वतंत्र विधानसभा विभाग की स्थापना का जो निर्णय लिया, उसे हमारी संविधान सभा ने भी स्वीकार किया।

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारतीय विधायी कार्यप्रणाली के भीष्म पितामह विट्ठलभाई पटेल के अध्यक्ष बनने के 100वें वर्ष के अवसर पर हम सभी के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि हम अपनी-अपनी विधानसभाओं में सभापति के पद की गरिमा को बढ़ाने के लिए कार्य करें।उन्होंने कहा कि हम अपने-अपने राज्यों की जनता की आवाज के लिए एक निष्पक्ष मंच स्थापित करें। पक्ष और विपक्ष द्वारा निष्पक्ष बहस सुनिश्चित करें, और यह सुनिश्चित करें कि सदन की कार्यवाही विधानसभा, लोकसभा, और राज्यसभा के नियमों के अनुसार संचालित हो। श्री शाह ने कहा कि विचार-मंथन ही लोकतंत्र में जनता की समस्याओं के समाधान का सर्वोत्तम माध्यम है। जब-जब सभाओं ने अपनी गरिमा खोई है, तब-तब हमें बहुत बुरे परिणाम भुगतने पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सभाओं की गरिमा यह होनी चाहिए कि वे देशहित में जनता की आवाज को अभिव्यक्ति देने का माध्यम बनें।

श्री अमित शाह ने कहा कि भारत में सभापति को एक संस्था का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सदन में सबसे कठिन भूमिका यदि किसी की होती है, तो वह सभापति की होती है, क्योंकि वे किसी न किसी दल से चुनकर आते हैं, लेकिन सभापति की शपथ लेते ही एक निष्पक्ष अंपायर की भूमिका में आ जाते हैं। श्री शाह ने कहा कि हमारे संविधान के 75 वर्षों में, देश भर की विधानसभाओं और लोकसभा में सभापतियों ने हमेशा सदन की गरिमा को बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि निष्पक्षता और न्याय ही दो ऐसे स्तंभ हैं जिन पर अध्यक्ष की गरिमा टिकी हुई है। एक प्रकार से अध्यक्ष को सदन का अभिभावक और सेवक दोनों माना जाता है। उन्होंने कहा कि हमने लगभग 80 वर्षों में लोकतंत्र की नींव को पाताल तक गहरा करने का कार्य किया है। हमने यह सिद्ध किया है कि भारतीय जनता की रग-रग और स्वभाव में लोकतंत्र बसा हुआ है। उन्होंने कहा कि कई देशों की शुरुआत लोकतांत्रिक रूप में हुई, लेकिन कुछ ही दशकों में वहाँ लोकतंत्र की जगह विभिन्न प्रकार के शासन प्रणालियों ने ले ली।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद भारत की सत्ता में कई परिवर्तन हुए, और बिना खून की एक बूंद बहे शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण हुए। इसका मूल कारण यह है कि हमने अपनी विधायी प्रक्रिया को बहुत अच्छे तरीके से संजोकर रखा है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी व्यवस्था में समय के अनुकूल परिवर्तन भी किए हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि विधानसभाओं में किसान की हरी-भरी फसल से लेकर युवाओं के स्वप्नों तक, महिला सशक्तिकरण से लेकर समाज के प्रत्येक पिछड़े वर्ग के कल्याण तक, देश की एकता और अखंडता से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक के हर विषय पर व्यापक चर्चाएँ होती हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही विवेक, विचार और विधान पर विशेष बल देना पड़ता है। विवेक से विचार बनता है और विचारों से विधान बनता है, जो विधानसभा का मुख्य कार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का अंतिम उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए। इसका लक्ष्य अपने प्रदेश और देश को सुचारु रूप से चलाना है, और इसका अंतिम ध्येय सर्वस्पर्शी व सर्वसमावेशी विकास का मॉडल होना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि जब विवेक, विचार और विधान का सभापति द्वारा पूर्ण सम्मान किया जाता है, तो विधानसभाएँ दलगत हितों से ऊपर उठकर प्रदेश और देश के हितों पर विचार करती हैं, और लोकसभा देश के हितों पर विचार करती है। उन्होंने कहा कि दलगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित का विचार ही हमें लोकतंत्र की सर्वोच्च गरिमामयी ऊँचाई तक पहुँचाने का एकमात्र मार्ग है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि यदि संसद और विधानसभाओं के गलियारों में सार्थक वाद-विवाद नहीं होगा, तो वे केवल निर्जीव भवन बनकर रह जाएँगे। उन्होंने कहा कि इन भवनों में भावनाओं और विचारों का निरूपण करने का कार्य सभापति के नेतृत्व में सभी सदन के सदस्यों का है। तभी यह एक जीवंत इकाई बनती है, जो देशहित और प्रदेशहित में कार्य करती है। श्री शाह ने कहा कि अपने राजनीतिक हितों के लिए संसद और विधानसभाओं को चलने न देना, यह वाद-विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि विरोध संयमित होना चाहिए। प्रतीकात्मक विरोध का अपना स्थान है, लेकिन विरोध के बहाने दिन-प्रतिदिन और पूरे सत्र तक सदन को चलने न देने की जो परंपराएँ बन रही हैं उन पर देश की जनता और चुने हुए प्रतिनिधियों को विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि जब सदन से चर्चा समाप्त हो जाती है, तो सदन का देश के विकास में योगदान बहुत कम रह जाता है।

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केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि प्रत्येक विधान यानी कानून जनमानस के विश्वास से ही उत्पन्न हो और उसी दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि सदन लोकतंत्र का इंजन होता है, और जब यहाँ स्वस्थ परंपराएँ बनती हैं, देश की नीतियाँ निर्मित होती हैं, और देशहित में कानून गढ़े जाते हैं, तो राष्ट्र की दिशा स्वतः स्पष्ट हो जाती है।

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अक्षय कुमार की थ्रिलर फिल्म ‘हैवान’ की शूटिंग शुरू

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भारतीय फिल्म जगत के चर्चित निर्देशक प्रियदर्शन इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘हैवान’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म को केवीएन प्रोडक्शंस और थेस्पियन फिल्म्स साथ मिलकर बना रहे हैं और इसे वेंकट के नारायण और शैलजा देसाई फेन ने साथ में प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म की खास बात यह है कि इस फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान 18 साल बाद एक साथ नजर आएंगे।विदित हो कि 90 के दशक में ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ और ‘आरजू’ जैसी फिल्मों में अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी नजर आई थी। हालांकि, आखिरी बार दोनों को साथ में फिल्म ‘टशन’ (2008) में देखा गया था।
2016 की मलयालम थ्रिलर ‘ओप्पम’ के हिंदी रूपांतरण
‘हैवान’ एक हाई-ऑक्टेन थ्रिलर फिल्म है। इसकी शूटिंग केरल के कोच्चि में शुरू हो चुकी है। आने वाले दिनों में फिल्म की शूटिंग ऊटी और मुंबई में भी की जाएगी। कहा जा रहा है कि फिल्म अगले साल रिलीज हो सकती है। बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार कहे जाने वाले अक्षय उर्फ अक्की इन दिनों ‘जॉली एलएलबी 3’ को लेकर चर्चा में हैं, उनके फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
ये 19 सितंबर को रिलीज होने वाली है। इसके अलावा अक्षय की पाइपलाइन में ‘भूल बंगला’ और ‘हेरा फेरी 3’ भी शामिल हैं। इन दोनों ही फिल्मों को भी प्रियदर्शन ही डायरेक्ट कर रहे हैं।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक ५ सितंबर से जोधपुर में

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दिनांक – 24 अगस्त, 2025 इस वर्ष अखिल भारतीय समन्वय बैठक विक्रम संवत् 2082, भाद्रपद शुक्ल त्रयोदशी, चतुर्दशी व पूर्णिमा अर्थात् दिनांक 05, 06 एवं 07 सितम्बर 2025 को राजस्थान के जोधपुर शहर में आयोजित हो रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय यह अखिल भारतीय बैठक प्रतिवर्ष आयोजित होती है। गत वर्ष यह बैठक सितंबर 2024 में पालक्काड (केरल) में संपन्न हुई थी। इस अखिल भारतीय समन्वय बैठक में संघ प्रेरित 32 विविध संगठनों के चयनित पदाधिकारी सहभागी होते हैं। यह सभी संगठन संघ विचारों के अनुरूप समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक रूप से कार्यरत हैं। सार्वजनिक जीवन में लोकतांत्रिक पद्धति से सामाजिक परिवर्तन एवं व्यवस्थाओं में सुधार हेतु निरंतर प्रयासरत रहते हैं।

बैठक में सभी संगठन कार्य क्षेत्र में अपने अनुभवों के आधार पर परिस्थितियों का आकलन प्रस्तुत करते हैं। राष्ट्रीय एकात्मता, सुरक्षा एवं सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण विषयों पर बैठक में व्यापक चर्चा तथा करणीय कार्यों में परस्पर समन्वय स्थापित करने के लिए आवश्यक कदमों की पहल होती है। हाल ही में हुई महत्वपूर्ण घटनाओं पर सामूहिक समीक्षात्मक विश्लेषण भी किया जाएगा।

बैठक में विविध संगठन के कार्यकर्ता अपने कार्य की जानकारी, उपलब्धियों तथा आगामी योजनाओं को भी प्रस्तुत करेंगे। संघ शताब्दी के कार्यक्रमों में सभी संगठनों की सहभागिता पर भी विचार-विमर्श अपेक्षित है।

बैठक में पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, माननीय सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी सहित सभी छह सह सरकार्यवाह और अन्य प्रमुख पदाधिकारी भाग लेंगे। बैठक में राष्ट्र सेविका समिति, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय किसान संघ, विद्या भारती, भारतीय मजदूर संघ सहित 32 संघ प्रेरित विविध संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संगठन मंत्री एवं प्रमुख पदाधिकारी सहभागी होंगे।
 

भारतीय किसान संघ ने गौ सेवा और राष्ट्रहित का लिया संकल्प

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बिहार प्रदेश भारतीय किसान संघ की बोधगया में आयोजित बैठक में गौ सेवा और राष्ट्र धर्म के संकल्प को दोहराया गया. किसान नेताओं ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश रहा है और गौ सेवा ही हमारी कृषि की मजबूत स्तंभ रही है. उन्होंने नारा दिया कि देश के हम बनिहार बनेंगे और पूरी मजदूरी लेंगे. दूध, दही के देश में नहीं चलेगा खस्सी, मुर्गा. गौ माता को जीने दो, दूध हमारा पीने दो. बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह ने की. बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई और बिहार प्रदेश में संगठन को मजबूत बनाने की बात कही गयी. उन्होंने कहा कि हमें देशहित और राष्ट्र हित को ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए. जिला संगठन मंत्री रामजन्म सिंह भोला ने बताया कि बैठक में क्षेत्र संगठन मंत्री हेमराज, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य स्वामी विवेकानंद गिरि, दक्षिण बिहार संगठन मंत्री रणजीत सिंह, उत्तर बिहार संगठन मंत्री लख्खी सिंह सहित 38 जिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

यूपी गौ आयोग और पतंजलि मिलकर दे रहे गौ संरक्षण को बढ़ावा

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 उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग ने पतंजलि योगपीठ के साथ मिलकर गौ संरक्षण, पंचगव्य उत्पाद, प्राकृतिक खेती और बायोगैस के विस्तार को पूरे प्रदेश में प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के 75 जिलों में प्रत्येक में 2 से 10 गौशालाओं को बड़े मॉडल केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

गौ सेवा आयोग ने हाल ही में हरिद्वार में आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, योगगुरु बाबा रामदेव और पतंजलि के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण के बीच हुई बातचीत के बाद पतंजलि योगपीठ के साथ साझेदारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दृढ़ विश्वास है कि गांव की प्रगति की नींव गौ है। इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए पतंजलि योगपीठ ने राज्य की पहलों को पूर्ण तकनीकी सहयोग देने का संकल्प लिया है।

इस साझेदारी के तहत गौशालाएं केवल संरक्षण केंद्र ही नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें ग्रामीण उद्योग के केंद्रों के रूप में परिवर्तित किया जाएगा, जहां पंचगव्य उत्पाद और बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा।

प्रदेश के 75 जिलों में 2 से 10 गौशालाओं को बड़े मॉडल केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। गौ अभयारण्यों में खुले शेड, बाड़ और सुरक्षा व्यवस्था बनाई जाएगी ताकि गौमाता का मुक्त विचरण सुनिश्चित हो सके।

इस पहल से बड़े पैमाने पर ग्रामीण रोजगार भी मिलेगा, जहां ग्रामीण सक्रिय रूप से गौमूत्र संग्रहण और उत्पादों की बिक्री में भाग लेंगे। इस प्रक्रिया में उन्हें 50% कमीशन मिलेगा। पतंजलि योगपीठ प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, फॉर्मूलेशन, प्रमाणन और लाइसेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम को और सहयोग देगा।

इसके अतिरिक्त, गौशालाओं में जियो-फेंसिंग, गाय टैगिंग, फोटो मैपिंग और चारे की सूची का ट्रैक रखने जैसी उन्नत तकनीकों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही, नीम, गौमूत्र और वर्मी-कम्पोस्ट जैसे प्राकृतिक संसाधन हर गांव तक उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसानों की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूती मिलेगी।

26 अगस्त को खुलेगा करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड का आईपीओ

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बाएं से दाएं – सीए अशोक होलानी (होलानी कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड), सुनील सिंह गंगवार (करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड), चेतन दाधीच (करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड), सीए मनीष कुमार शर्मा (करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड), देवव्रत सिंह (करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड)

● कुल निर्गम आकार – ₹10 प्रति शेयर के 52,25,600 इक्विटी शेयर तक
● आईपीओ आकार – ₹41.80 करोड़ (ऊपरी मूल्य बैंड पर)
● मूल्य बैंड – ₹76 से ₹80 प्रति शेयर
● लॉट साइज – 1,600 इक्विटी शेयर

मुंबई। करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड (कंपनी, करंट इंफ्रा), जो एक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और ईपीसी सेवा प्रदाता है, सोलर, इलेक्ट्रिकल, जल और सिविल क्षेत्रों में एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करती है, अपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को खोलने का प्रस्ताव रखती है और ₹41.80 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है। इसके शेयर NSE इमर्ज प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध किए जाएंगे। इस निर्गम का आकार 52,25,600 इक्विटी शेयर है, जिनका फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है और मूल्य बैंड ₹76 से ₹80 प्रति शेयर तय किया गया है।

इक्विटी शेयर आवंटन:- क्यूआईबी एंकर हिस्सा – अधिकतम 14,52,800 इक्विटी शेयर तक. योग्य संस्थागत खरीदार (क्यूआईबी) – अधिकतम 9,69,600 इक्विटी शेयर तक. गैर-संस्थागत निवेशक (एनआईआई) – कम से कम 7,29,600 इक्विटी शेयर. व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) – कम से कम 17,05,600 इक्विटी शेयर. कर्मचारी आरक्षण – अधिकतम 99,200 इक्विटी शेयर तक. मार्केट मेकर – अधिकतम 2,68,800 इक्विटी शेयर तक.

आईपीओ से प्राप्त शुद्ध आय का उपयोग पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी करंट इंफ्रा धनबाद सोलर प्राइवेट लिमिटेड में इक्विटी निवेश के लिए किया जाएगा, जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स), आईआईटी (आईएसएम), धनबाद, झारखंड में 1800 केडब्ल्यू का सौर ऊर्जा संयंत्र रेस्को मॉडल के तहत स्थापित करेगी। इसके अतिरिक्त, यह राशि कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी उपयोग की जाएगी।

एंकर हिस्सा 25 अगस्त 2025 को खुलेगा, और पूरा इश्यू 29 अगस्त 2025 को बंद होगा।

इस इश्यू का बुक रनिंग लीड मैनेजर होलानी कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड है और रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है।

करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील सिंह गंगवार ने कहा कि हमारा आईपीओ करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड की वृद्धि को गति देने और इंफ्रास्ट्रक्चर व नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में हमारी स्थिति को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल क्षेत्रों में तीन दशकों के अनुभव के साथ, मैंने रणनीतिक पहलों को आगे बढ़ाने, मजबूत साझेदारियाँ बनाने और हमारी सौर, विद्युत, जल और सिविल ईपीसी परियोजनाओं में उत्कृष्टता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। इस आईपीओ से प्राप्त धनराशि का उपयोग हमारी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के विस्तार और कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जाएगा। हमने अब तक 12 राज्यों में परियोजनाएं पूरी की हैं और हमारे पास एक विविध सेवा पोर्टफोलियो है, जिससे हम अपने विस्तार को और बढ़ा सकते हैं और भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य के लिए टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाले समाधान प्रदान कर सकते हैं।

होलानी कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अशोक होलानी ने कहा कि हम करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड की आईपीओ यात्रा में उसका समर्थन करके खुशी महसूस कर रहे हैं। कंपनी के पास एक मजबूत ऑर्डर बुक है और इसने कई परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने का ट्रैक रिकॉर्ड बनाया है, जिससे यह अपने अगले विकास चरण के लिए अच्छी तरह से तैयार है। यह आईपीओ कंपनी को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी का विस्तार करने, कार्यशील पूंजी में सुधार लाने और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अवसरों को लेने में सक्षम बनाएगा। हम आने वाले वर्षों में कंपनी को नई ऊँचाइयों तक पहुंचते हुए देखने की उम्मीद करते हैं।

विदित हो कि करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड (कंपनी, करंट इंफ्रा) एक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और ईपीसी (ईपीसी) सेवा प्रदाता है, जो सोलर, इलेक्ट्रिकल, जल और सिविल क्षेत्रों में एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करती है। कंपनी मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग (एमईपी) कंसल्टिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टिंग (पीएमसी) जैसी विशेष सेवाएं भी देती है।

कंपनी ने नवीकरणीय ऊर्जा तैनाती के लिए रेस्को मॉडल को अपनाया है, जिसे दीर्घकालिक अनुबंधों के तहत पूर्ण स्वामित्व वाली विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवीज़) के माध्यम से निष्पादित किया जाता है। कंपनी ने 12 भारतीय राज्यों में परियोजनाओं को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है और यह वाणिज्यिक इमारतों, अस्पतालों, सड़कों और जल संरचनाओं जैसे विविध क्षेत्रों को सेवाएं प्रदान करती है। इसकी इलेक्ट्रिकल ईपीसी सेवाओं में ट्रांसमिशन लाइनों और यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य शामिल है, जबकि सिविल ईपीसी में इंटीरियर्स, सीवेज सिस्टम और रोड फर्नीचर शामिल हैं। कंपनी जयपुर में एक NABL-मान्यता प्राप्त गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला भी संचालित करती है, जो परियोजनाओं की गुणवत्ता और अनुपालन सुनिश्चित करती है।
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में कंपनी ने: राजस्व (Revenue): ₹9,088.42 लाख. ईबीआईटीडीए (EBITDA): ₹1,474.98 लाख. पैट (PAT): ₹945.37 लाख अर्जित किया।