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क्रिअर्न प्रस्तुत राहुल पी.एस. द्वारा निर्देशित म्यूजिक वीडियो “गुड़िया” की लॉन्चिंग में पहुंचे दिग्गज

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मुंबई। रेशमी आर. नायर और निशांत कुमार अभिनीत म्यूजिक वीडियो “गुड़िया” 5 नवंबर, 2025 को मुंबई के द एलीट में एक विशेष कार्यक्रम में लॉन्च हुआ। यह गाना ज़ी म्यूज़िक पर रिलीज़ किया गया है। गाने के लॉन्च पर कई मशहूर हस्तियां उपस्थित हुए। यह वीडियो राहुल पी.एस. द्वारा निर्देशित है और प्रोडक्शन हेड थाजू हैं।

इस अवसर पर अभिनेत्री और केरल फिल्म सनसनी रेशमी आर. नायर, केरल के निर्देशक राहुल पी.एस. और केरल के प्रसिद्ध डीओपी अरविंद उन्नी उपस्थित थे। एल्बम में संगीत सिद्धार्थ शंकर ने दिया है।

उपस्थित बॉलीवुड हस्तियों में दिलीप सेन (संगीत निर्देशक), सुनील पाल (हास्य अभिनेता), सुनील सेठी (एमडी आर्ट मीडिया), संगीता तिवारी, अभिनेता ज़ाहिद अली (सौदागर, भुज फेम), अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजक अनिल बोरा, राजस्थानी सुपरस्टार अरविंद वाघेला, अभिनेता कमल जी (तारक मेहता का उल्टा चश्मा), सीमा मनीष जैन, सामी सिद्दीकी, साबिर शेख, इकबाल एक्शन डायरेक्टर, अशफाक खोपेकर, इम्तियाज, प्रोडक्शन हेड ताजू, राम मिश्रा और शब्बीर शेख (एमडी फॉर्च्यून लाइफलाइन इंडस्ट्रीज) शामिल थे। सभी ने इस गाने की खूब तारीफ की।

क्रेअर्न प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित “गुड़िया” गाने का लॉन्च समारोह एक भव्य आयोजन था। “गुड़िया” एक हिंदी वीडियो एल्बम है जिसकी कहानी दिल को छू लेने वाली है। निम्न-मध्यम वर्ग की लड़की मीरा, एक नौकरानी का काम करती है। एक रात, वह अकेले गोवा जाने का सपना देखती है, जहाँ उसकी मुलाकात एक लड़के से होती है, और उनका प्यार जल्द ही परवान चढ़ता है। जैसे-जैसे उनका प्यार गहराता है, मीरा खुद को आज़ाद महसूस करती है। हालाँकि, जब उसका सपना टूट जाता है, तो वह सामान्य जीवन में लौट आती है। लेकिन उस सपने ने उसका नज़रिया बदल दिया है। सपने और हक़ीक़त के बीच की रेखा अब धुंधली हो गई है। गुड़िया एक बेहद खूबसूरती से फ़िल्माया गया गीत है जिसकी कहानी बेहद मार्मिक है।

अभिनेत्री रेशमी आर. नायर एक दक्षिण भारतीय मॉडल और सोशल मीडिया सनसनी हैं। निशांत कुमार भी एक मॉडल, अभिनेता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।

मार्केटिंग, प्रमोशन और मीडिया पीआर कार्य फॉर्च्यून लाइफलाइन मीडिया एंड एंटरटेनमेंट के शब्बीर शेख द्वारा संभाला गया है।

पामेला मोंडल की सादगी में है स्टारडम और उनके आत्मविश्वास में है जादू जो उन्हें बाकी से बनाता है अलग

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बंगाल की मिट्टी से उठी एक प्रतिभा, जिसने मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी – वह हैं पमेला मोंडल। पमेला उन कुछ कलाकारों में से हैं जिन्होंने बचपन से ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। बतौर बाल कलाकार उन्होंने कई बंगाली फिल्मों और विज्ञापनों में काम किया और अपनी मासूम अदाओं से सबका दिल जीत लिया। सुप्रसिद्ध अभिनेता प्रोसेनजीत के साथ उनके बच्चे की भूमिका में नजर आना उनके करियर की बड़ी शुरुआत थी।

पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बतौर मुख्य अभिनेत्री फिर से फिल्मों में वापसी की, और उनकी पहली ही फिल्म ‘मोने बोले प्रिया प्रिया’ सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद तो पमेला ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने मात्र कुछ वर्षों में तीस से अधिक बंगाली फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें ‘सुपरस्टार लव स्टोरी’, ‘खेला घर’, ‘रन’ और ‘मिस बटरफ्लाई’ जैसी कई सुपरहिट फिल्में शामिल हैं। साउथ की ‘टिप्पू’ और ओड़िया फिल्म ‘जग्गू ऑटोवाला’ में भी उनके प्रदर्शन ने दर्शकों को प्रभावित किया।

बंगाली फिल्मों की अपार सफलता के बाद पमेला चाहती थीं कि उनकी कला को केवल क्षेत्रीय सिनेमा तक सीमित न रखा जाए। इसी उद्देश्य से उन्होंने बॉलीवुड की ओर कदम बढ़ाया। 2013 में वीनस कंपनी के म्यूजिक वीडियो ‘रश्के कमर’ में गायक अल्ताफ राजा के साथ उनका अभिनय दर्शकों के बीच खूब पसंद किया गया।

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी पमेला ने अपने बोल्ड और दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई। उल्लू ऐप की ‘प्रभा की डायरी’, ऑल्ट बालाजी की ‘पिंटू की मुस्कान’ और सेमारू ऐप की थ्रिलर फिल्म ‘डिसेप्टिव दिवा’ में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। ‘डिसेप्टिव दिवा’ में उनके साथ कश्मीरा शाह और अदिति गोवित्रिकर जैसे कलाकार भी थे, लेकिन पमेला ने अपनी उपस्थिति से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आने वाले वर्ष में उनकी नई फिल्म ‘लास्ट कैंडिडेट’ रिलीज़ होगी, जिसमें वह किरण कुमार और उनके बेटे के साथ नज़र आएँगी।

अभिनय के अलावा पमेला अपने फैशन सेंस के लिए भी जानी जाती हैं। उनकी अपनी साड़ी ब्रांड ‘Pamela’s Creations’ आज ऑनलाइन ट्रेंड में है। पमेला ने फैशन डिज़ाइनिंग की पढ़ाई की है और अपने ब्रांड की हर साड़ी का डिज़ाइन खुद तैयार करती हैं। उनके डिज़ाइन की खासियत पारंपरिकता और आधुनिकता का सुंदर मेल है। पिछले कई वर्षों से उनका साड़ी स्टॉल गायक अभिजीत भट्टाचार्य के कार्यक्रमों में लगता है, जहाँ अभिजीत स्वयं उनके ब्रांड को प्रमोट करते हैं। उनकी फिल्मों में भी Pamela’s Creations की साड़ियाँ अक्सर नज़र आती हैं — जो उनके स्टाइल और एलीगेंस की पहचान बन चुकी हैं।

सोशल मीडिया पर पमेला का जलवा लगातार बढ़ रहा है। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट @pamela111 पर लाखों फॉलोअर्स हैं। उनकी पोस्ट और वीडियो पर जाह्नवी कपूर, सिद्धार्थ मल्होत्रा और नोरा फतेही जैसे सितारे भी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। पमेला न केवल ग्लैमर में बल्कि फिटनेस और कुकिंग में भी रुचि रखती हैं। उन्हें बंगाली स्टाइल का खाना बनाना और हेल्दी डाइट वीडियो साझा करना बेहद पसंद है, जिन्हें उनके फैंस खूब पसंद करते हैं।

कला और फैशन की दुनिया में अपनी जगह बनाने के साथ-साथ पमेला समाजसेवा में भी सक्रिय हैं। उनका एनजीओ ‘Pamela Foundation’ गरीब और दिव्यांग बच्चों की मदद के लिए काम करता है। पमेला का मानना है कि हर व्यक्ति को कम से कम एक जरूरतमंद बच्चे की जिम्मेदारी जरूर लेनी चाहिए।

पमेला मोंडल एक ऐसी शख्सियत हैं जो मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से सफलता की मिसाल पेश कर रही हैं। उनकी सादगी में स्टारडम है, और उनके आत्मविश्वास में एक ऐसा जादू है जो उन्हें बाकी से अलग बनाता है। वह मानती हैं कि अभी उनका असली सफर बाकी है — वह चाहती हैं कि एक दिन उनके अभिनय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिले। संजय लीला भंसाली की फिल्मों की दीवानी पमेला का सपना है कि एक दिन वह उनकी फिल्म में अभिनय करें, चाहे भूमिका छोटी ही क्यों न हो।

उनकी मुस्कान, मेहनत और मंजिल की ओर बढ़ते कदम यह साबित करते हैं कि असली स्टार वही होता है जो खुद पर विश्वास रखे और अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास करता रहे। पमेला मोंडल आज उसी आत्मविश्वास और समर्पण की जीवंत प्रतीक हैं।

प्रियंका मोरे फिटनेस को लेकर है बेहद सजग और अपनाती है हेल्दी लाइफस्टाइल

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मेहनत, लगन और आत्मविश्वास – ये तीन शब्द प्रियंका मोरे की पहचान हैं। बचपन से ही मराठी और हिंदी फिल्मों में अभिनय का अनुभव रखने वाली प्रियंका अब बतौर अभिनेत्री अपनी नई पारी शुरू करने जा रही हैं। अभिनय के प्रति उनका जुनून और समर्पण उन्हें भीड़ से अलग बनाता है।

प्रियंका इस समय कई एड फिल्म्स और प्रिंट में मॉडलिंग कर रही हैं। अपने हर प्रोजेक्ट में वह एक नई ऊर्जा और स्वाभाविकता लेकर आती हैं, जो दर्शकों को उनसे जोड़ती है। उनकी पसंदीदा अभिनेत्रियाँ आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण हैं। प्रियंका चाहती हैं कि उनकी तरह वह भी वर्सटाइल भूमिकाएँ निभाएं और अपने अभिनय से एक अलग छाप छोड़ें।

फिल्म इंडस्ट्री में बिना किसी गॉडफादर के, प्रियंका ने अपने दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वह मानती हैं कि अगर मन में सच्ची लगन और आत्मविश्वास हो, तो सफलता ज़रूर मिलती है। प्रियंका का कहना है – “इंडिपेंडेंट बनो, अपने काम पर फोकस करो और खुद पर विश्वास रखो। जीवन परिवर्तनशील है, समय की गति कब आपके लिए सरप्राइज लाकर दे – इसका अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता। बस धैर्य रखो, सकारात्मक सोचो, क्योंकि आपकी सोच ही आपके परिणाम तय करती है।”

अपनी फिटनेस को लेकर भी प्रियंका बेहद सजग हैं। वह घर पर ही जिम करती हैं और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाती हैं। सकारात्मक सोच और अपने बबली नेचर के कारण प्रियंका हमेशा उत्साहित रहती हैं। उन्हें रोमांटिक और इमोशनल किरदार निभाना बेहद पसंद है। साथ ही, गाने सुनना और डांस करना उनके दिल के बहुत करीब है।

प्रियंका मोरे आज की नई पीढ़ी के लिए एक मिसाल हैं – जो यह साबित करती हैं कि अगर जुनून सच्चा हो, तो मंज़िल ज़रूर मिलती है। आने वाले समय में वह फिल्मों और ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म्स पर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उनका आगामी प्रोजेक्ट एक वेबसीरीज़ है, जिसमें प्रियंका मुख्य भूमिका निभाने जा रही हैं। यह सीरीज़ उनके अभिनय सफर का नया अध्याय साबित होगी और दर्शक जल्द ही स्क्रीन पर उनके नए अंदाज़ को देखने के लिए उत्साहित हैं।

युवा शायर अरमान जोधपुरी को मिला “मारवाड़ युवा कला साधक” सम्मान

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शहर के युवा शायर अरमान जोधपुरी को यूथ हॉस्टल रातानाडा जोधपुर में संस्कार भारती की तरफ़ से आयोजित सम्मान समारोह में राजस्थान के संघ प्रचारक निम्बाराम जी और सुविख्यात लोक गायक पद्म श्री अनवर खान साहब और सुप्रसिद्ध वीणा वादक श्री महेशाराम जी के हाथों ” मारवाड़ कला साधक सम्मान” से सम्मानित किया गया।
गौरतलब है कि यह सम्मान उन प्रतिभाओं को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अपनी कला और रचनाओं के माध्यम से समाज को प्रेरणा दी है। अरमान जोधपुरी की रचनाएँ देश-विदेश की प्रतिष्टित वैबसाइट, पत्रिकाओं और उर्दू पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है वे देश के कई हिस्सों में मंचों पर शायरी की प्रस्तुति दे चुके है और नई पीढ़ी के अग्रणी शायरों में गिने जाते है। कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री जोगेश्वर गर्ग, प्रान्त प्रचार पंकज कुमार, वरिष्ठ साहित्य कार हरिदास व्यास, कवि आकाश नौरंगी, कवि श्रवणदान शून्य, पूनमचंद सुथार, योगाचार्य श्याम भाटी, रवि चौधरी,जितेंद्र जालोरी और भरत कुराना एवं अन्य लोग उपस्थित रहे .

गऊ माता से मिलते हैं शुभ-अशुभ घटनाओं के संकेत

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 हिंदू धर्म में गाय को गौ माता का दर्जा दिया गया है, जिनकी पूजा-अर्चना करना बेहद शुभ होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, गाय के शरीर में 33 कोटी देवी-देवताओं का वास होता है, जिनका आशीर्वाद पाने के लिए गौ माता की पूजा की जाती है. पूजा करने के अलावा गाय की सेवा और उन्हें रोजाना कुछ-न-कुछ खिलाना भी शुभ होता है. इससे पूर्व के पूर्व जन्मों के पापों से मुक्ति और पुण्य मिलता है.
शकुन शास्त्र में बताया गया है कि गौ माता कई बार व्यक्ति को भविष्य में होने वाली शुभ और अशुभ घटनाओं का संकेत भी देती हैं, जिन्हें पहचानने से व्यक्ति किसी बड़ी समस्या से बच सकता है. आज हम आपको शकुन शास्त्र में बताए गए गाय से मिलने वाले संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं.

गाय से मिलने वाले शुभ संकेत

शकुन शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य दरवाजे के पास या कहीं जाते हुए बार-बार गाय का दिखना शुभ संकेत है. ये दर्शाता है कि देवी-देवता आपसे खुश हैं और उनकी आपके ऊपर विशेष कृपा बनी हुई है. इसके अलावा सुबह-सुबह गाय की आवाज सुनना भी शुभ माना गया है. ये इशारा है कि आपका दिन अच्छा व्यतीत होगा.

मनोकामना पूर्ति का संकेत

यदि आप गाय को उसके बछड़े को दूध पिलाते हुए देखते हैं तो ये मनोकामना पूर्ति का संकेत है. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आपकी कोई इच्छा पूरी होगी. इसके अलावा घर के आंगन में गाय का आकर खड़ा होना जीवन में खुशियों के आने का संकेत है. ये दर्शाता है कि आपके परिवार पर देवी-देवताओं की विशेष कृपा बनी हुई है.

धन प्राप्ति से पहले मिलने वाला संकेत

शकुन शास्त्र के अनुसार, गाय के ऊपर मक्खियों को बैठे देखना शुभ संकेत है. ये दर्शाता है कि जल्द आपको अपार धन की प्राप्ति होने वाली है.

गाय से मिलने वाले अशुभ संकेत

यदि आपको देखकर गाय हिलने लगे या आपका पीछा करे तो ये अशुभ संकेत माना गया है. ये दर्शाता है कि आपके साथ कोई अशुभ घटना घटने वाली है, जिसके लिए देवी-देवता आपको सचेत कर रहे हैं. इसके अलावा गाय को जमीन को खुरचते हुए देखना भी शुभ नहीं होता है. ये इशारा है कि जल्द ही आप बीमार होने वाले हैं.

मुश्किल समय से पहले गाय देती है अशुभ संकेत

मरी हुई गाय या गाय को मरते हुए देखना भी अशुभ होता है. ये संकेत है कि आपके जीवन में कोई बड़ी परेशानी आने वाली है. इसके अलावा आपको बीमारियों और धन की कमी का भी सामना करना पड़ सकता है.

पूजा राणा ने पढ़ाई के बाद अभिनय को बनाया कैरियर

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देहरादून की रहने वाली पूजा राणा आज अपने सपनों को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। पिछले कई वर्षों से वह दुबई में रह रही थीं, जहां उन्होंने बतौर मॉडल काम किया और कई रैम्प वॉक, ब्यूटी पेजेंट शो और इवेंट्स में हिस्सा लिया। अब तक वह 25 से अधिक फैशन शो कर चुकी हैं।

पूजा का सपना हमेशा से अभिनेत्री बनने का रहा है, और इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने मायानगरी मुंबई का रुख किया है। वह चाहती हैं कि एक दिन मुख्य अभिनेत्री के रूप में पर्दे पर अपनी पहचान बनाएँ। इसके लिए वह निरंतर मेहनत कर रही हैं और अपने अभिनय कौशल को निखारने में जुटी हैं।

बेहतरीन डांसर पूजा राणा की दो दक्षिण भारतीय फिल्में आगामी वर्ष तक रिलीज़ होने वाली हैं, जिनमें उनके शानदार आइटम डांस सॉन्ग्स दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर देंगे। इससे पहले वह हिंदी और पहाड़ी म्यूजिक वीडियो में भी नजर आ चुकी हैं और अपने लाजवाब एक्सप्रेशन व डांस मूव्स से दर्शकों का दिल जीत चुकी हैं।

एम.कॉम करने के बाद भी, पूजा ने अपने दिल की सुनी और मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। उनकी प्रेरणा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित हैं, जबकि उन्हें निर्देशक संजय लीला भंसाली की भव्य फिल्मों का अंदाज़ बेहद पसंद है। पूजा का सपना है कि एक दिन वह भंसाली जैसे बड़े निर्देशक के साथ काम करें।

महज 25 साल की उम्र में, पूजा राणा ने यह साबित कर दिया है कि सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती। आत्मविश्वास से भरी, चुलबुली और बिंदास पूजा का कहना है – “अपने काम पर फोकस करें, मेहनत करते रहें और आगे बढ़ते रहें। आपका काम ऐसा हो कि आपके परिवार और समाज को आप पर गर्व हो। धैर्य रखें, सफलता ज़रूर मिलेगी।”

देहरादून की इस प्रतिभाशाली डांसर और मॉडल ने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। पूजा राणा आने वाले समय में बॉलीवुड की नई चमकती हुई स्टार बन सकती हैं – जिनकी मुस्कान, आत्मविश्वास और प्रतिभा सबका दिल जीतने को तैयार है।

साकिब अख्तर रिज़वी मेमोरियल कैंसर अवेयरनेस मैराथन के सातवें आयोजन में पहुंची सांसद वर्षा गायकवाड़, अभिनेत्री अमीषा पटेल और अनु अग्रवाल 

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मुंबई। बांद्रा स्थित बीकेसी में अख्तर हसन रिजवी और रुबीना रिज़वी द्वारा 7वां साकिब अख्तर रिज़वी मेमोरियल कैंसर अवेयरनेस मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ अख्तर हसन रिज़वी और प्रसिद्ध डांसर, कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस ने स्टार्टअप फ्लैग होस्ट कर किया। वहीं कांग्रेस की मुंबई अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ तथा एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने धावकों का उत्साहवर्धन किया।

यह मैराथन कैंसर जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। खास बात यह रही कि इस मैराथन में दिव्यांग प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया, जिससे कार्यक्रम की भावना और भी प्रेरणादायक बनी।

आयोजक अख्तर हुसैन रिज़वी और रुबीना रिज़वी ने बताया कि यह आयोजन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह इस पहल का सातवां वर्ष है, और यह हमारे लिए लकी नंबर है। इस साल दिसंबर में हमारी बेटी की शादी भी है, इसलिए यह आयोजन सभी बेटियों को समर्पित है। इस कार्यक्रम से जो भी फंड प्राप्त होता है, वह कैंसर मरीजों की सहायता में उपयोग किया जाता है। बारिश की चुनौती के बावजूद सुबह 4 बजे से तैयारियों में जुटी आयोजन टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाया। खुदा की रहमत से मौसम ने भी साथ दिया और रनर उत्साह से दौड़े। उम्मीद से कहीं अधिक लोगों की भागीदारी ने इस मैराथन को यादगार बना दिया।

आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, सेलेब्रिटीज़ और वीआईपी मेहमानों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपनी उपस्थिति से इस सामाजिक पहल की शोभा बढ़ाई।

मैराथन के दौरान मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़, हाजी बब्बू खान (पूर्व चेयरमैन), डांसर टेरेंस लुईस, अभिनेत्री अमीषा पटेल, सुनील पाल (हास्य अभिनेता), इन्फ्लुएंसर फैसल शेख (फैसु), फैज़ बलूच और हसनैन खान, नात वाचक दानिश फारूक दार, दावर फारूक दार और नशीद ख्वा, हुसैन मंसूरी (सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर), अभिनेता नासिर खान, अभिनेता अली खान, शौर्या अंबुरे (एथलीट), अभिनेत्री अनु अग्रवाल, एमसी बेंज (सिंगर), टीना घई (अभिनेत्री), दिनेश लाड (क्रिकेट कोच), अनवर शेख (बॉडी बिल्डर, मुंबई श्री – 2025) की विशेष उपस्थिति रही।

गाय का मांस मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की

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विधानसभा थाना क्षेत्र के छपोरा गांव में एक घर से भारी मात्रा में गाय का मांस मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार शिव सैनिक और गौ सेवक मांस के साथ थाने पहुंचे और मामले की सूचना दी। इंदल चंद नाम के व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। इसे भी पढ़े राजधानी रायपुर से लगे छछानपैरी गांव में युवक की हत्या के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस वारदात का CCTV फुटेज सामने आया है। वारदात के समय आरोपी संजय नेताम के साथ उसके दो भाई कोमल नेताम और छोटू नेताम भी घटनास्थल पर मौजूद नजर आ रहे हैं। वहीं, पुलिस की टीम ने केवल संजय नेताम को गिरफ्तार किया है और उसके दोनों भाइयों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

दो चाटें क्या मार दिए मैं काफिरों से डरने वाली नहीं हूं

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गाजियाबाद. गाजियाबाद के शालीमार गार्डन क्षेत्र में पहले गाय काटकर खाने की बात कहने वाले बयान से वायरल हुई युवती फरजाना का एक और नया वीडियो सामने आया है. इस बार भी युवती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए एक बार फिर लोगों को उकसाने वाला बयान दिया है.
 शालीमार गार्डन की रहने वाली वही युवती, जो कुछ दिन पहले “गाय काटकर खाने” वाले बयान के कारण चर्चा में आई थी, अब दोबारा सुर्खियों में है. युवती का नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहती नज़र आ रही है- “सभी मेरे भाइयों को सलाम, मैंने वो वीडियो काफिरों और अंध भक्तों के लिए बनाई थी. मुझे किसी से डर नहीं है, ना मैं भागी, ना जेल गई. दो-तीन हज़ार लोगों के सामने मुझे दो चांटे क्या लग गए, तुम क्या समझे मैं डर जाऊंगी? अली के चाहने वाले भागते नहीं हैं. ”

वीडियो में अभद्र भाषा का प्रयोग

वीडियो में युवती ने कई जगह अभद्र भाषा का उपयोग किया है और सोशल मीडिया पर खुलेआम चुनौती दी है. इस वीडियो में युवती का लहजा उत्तेजक और भड़काऊ बताया जा रहा है, जो सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकता है. स्थानीय लोगों ने इस वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और मांग की है कि पुलिस तुरंत कार्रवाई करे.

म.प्र. स्थापना दिवस (1 नवम्बर) पर विशेष प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रगति पथ पर अग्रसर मध्यप्रदेश

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(सुरेश पचौरी -विनायक फीचर्स)

मध्यप्रदेश राज्य की स्थापना का एक नवम्बर का दिन मध्यप्रदेशवासियों के लिए खास अहमियत रखता है । भारत का हृदय कहा जाने वाला मध्यप्रदेश 1 नवम्बर 1956 को अस्तित्व में आया, जिसका गठन तत्कालीन मध्यभारत,विंध्य प्रदेश, भोपाल रियासत तथा महाकौशल के कुछ हिस्से को एकीकृत कर किया गया था । प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर तथा झीलों की नगरी कहे जाने वाले भोपाल को प्रदेश की राजधानी बनाया गया । 44 वर्षों के बाद प्रदेश का विभाजन हुआ और जनता की मांग पर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा नए राज्य म.प्र. का गठन किया गया । अतीत पर नजर डाली जाए तो मध्यप्रदेश ने अपने गठन और विभाजन के दौर में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं लेकिन अब यह राज्य प्रगति के नये सोपान नाप रहा है। एक ओर जहां इस राज्य को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विशेष वरदहस्त एवं मार्गदर्शन प्राप्त है, वहीं दूसरी ओर कर्मठ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कुशल नेतृत्व है। डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश तरक्की की ठोस बुनियाद पर खड़ा दिखाई दे रहा है।
मध्यप्रदेश राज्य की तस्वीर और तकदीर बदलने की दिशा में केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा जो कल्याणकारी कदम उठाये गये हैं, उनकी सार्थकता ज़मीनी स्तर पर साफ दिखाई देती है । प्रदेश की जनता की खुशहाली और समरस विकास के लिए तमाम जनहितैषी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जो इस बात की गवाह हैं कि मध्यप्रदेश आने वाले दिनों में सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहेगा । इस विकासोन्मुखी अभियान के पीछे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की वह दूरगामी सोच है, जिसमें समाज के अंतिम छोर में बैठे व्यक्ति को भी शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने का संकल्प है। ख़ुद को प्रधान सेवक कहने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अनेक बार अपनी इस भावना को अभिव्यक्त कर चुके हैं कि विकास के उजाले का लाभ चंद लोगों को नहीं, बल्कि हर देशवासी को मिलना चाहिए । मध्यप्रदेश के निवासियों के लिए यह खुशी की बात है कि हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम प्रदेशवासियों की सेवा करने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रख रही है । अब तो कई राज्य मध्यप्रदेश को माडल मानकर यहां की योजनाओं को अपने यहां लागू कर रहे हैं ।

अतीत के आईने में मध्यप्रदेश के इतिहास, भूगोल और संस्कृति पर दृष्टिपात करें तो यह राज्य अनेक विविधताओं को अपने में समेटे हुए है । प्रचुर वन संपदा, अथाह जल वाली नदियां, विपुल खनिज भंडार, खूबसूरत पर्यटन स्थल, पुरातात्विक धरोहर आदि सब कुछ इस प्रदेश में उपलब्ध है । धार्मिक नगरी उज्जैन में भगवान महाकाल का विश्व प्रसिद्ध मंदिर है, तो ओरछा में राम राजा विराजमान हैं । मध्यप्रदेश अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। नर्मदा, सोन, चंबल, बेतवा, केन, ताप्ती, पेंच, पार्वती, बेनगंगा, रेवा तथा माही आदि नदियों के उद्गम स्थल यहीं पर हैं । ये नदियां प्रदेश की चारों दिशाओं में प्रवाहित होती हैं । नर्मदा को तो मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी माना जाता है । प्रदेश के एक तिहाई भूभाग के निवासियों को नर्मदा आर्थिक रूप से संपन्न बनाती है । नर्मदा नदी पर निर्मित सरदार सरोवर, इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर परियोजनाओं से प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के द्वार खुल गये हैं । भारतीय जनता पार्टी की सरकार के शासन काल में नर्मदा को क्षिप्रा से जोड़ा जा चुका है ।

केन्द्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अव्वल

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशा-निर्देशन में मध्यप्रदेश तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। केन्द्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाने में म.प्र. देश में लगातार अग्रणी बना हुआ है । पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम आवास योजना, कृषि अवसंरचना निधि, प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना, पीएम स्वामित्व योजना, नशामुक्त भारत अभियान, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, राष्ट्रीय आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन आदि योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में सबसे अग्रणी है ।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में मध्यप्रदेश में 8 लाख 50 हजार से ज्यादा आवास बनाए जा चुके हैं । प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में प्रदेश में लगभग 38 लाख आवासों का निर्माण किया जा चुका है । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत म.प्र. में 89,612 किलोमीटर लंबी सड़कें बन चुकी हैं । किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 65.83 लाख से अधिक किसानों के क्रेडिट कार्ड तैयार हो गए हैं । अटल पेंशन योजना में 498,111 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है । पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में म.प्र. देश में पहले नम्बर पर है ।
यह एक सुखद पक्ष है कि मध्यप्रदेश सरकार की दूरगामी सोच के चलते कृषि क्षेत्र में उन्नति, औद्योगिक विकास, आईटी एवं पर्यटन में बढ़ते सेवा-क्षेत्रों से राज्य के आर्थिक विकास को मजबूती मिल रही है । वित्तीय वर्ष 2024 -2025 में प्रदेश में प्रति व्यक्ति की आय 1 लाख 52 हजार 615 रुपए हो गयी है । म.प्र. की कृषि विकास दर देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक है । म.प्र. गेहूं निर्यात के मामले में देश में नम्बर एक पर है । इसी प्रकार 2024-2025 में प्रदेश में 225.75 लाख टन दूध का उत्पादन हुआ,जिससे मध्यप्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में तीसरे नम्बर पर है । यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा मुख्य मंत्री किसान योजना के तहत प्रदेश के 83 लाख से अधिक किसानों के खाते में 17,500 करोड़ रुपए की सहायता राशि का अंतरण किया गया ।
मध्यप्रदेश में बिजली की बात की जाए तो विद्युत उत्पादन की स्थापित क्षमता 23,000 मेगावाट है, जिसमें 17125 मेगावाट बिजली पारंपरिक स्रोत से तथा 5,875 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा स्रोत से उत्पादित हो रही है । प्रदेश में कृषि और उद्योगों को जरूरत के हिसाब से पर्याप्त बिजली मिल रही है । मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार विस्तार कर रही है । प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना में 4.26 करोड़ हितग्रहियों को डिजिटल आयुष्मान कार्ड जारी किये जा चुके हैं । आयुष्मान भारत योजना में सरकार प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक अस्पताल में भर्ती व्यय प्रदान करती है। आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में म.प्र. देश का प्रथम राज्य बन चुका है ।

म.प्र. में बेटी बोझ नहीं, वरदान

मध्यप्रदेश में बेटी अब बोझ न होकर वरदान बन गयी है । प्रदेश की महिलाओं के कल्याणार्थ राज्य सरकार द्वारा तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं । लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, कन्यादान योजनाओं द्वारा महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है । इन लाभकारी योजनाओं का अनुसरण देश के कई राज्यों ने किया है । इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार आया है । म.प्र में लाड़ली बहना योजना के तहत 1.27 करोड़ महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपए दिये जा रहे हैं।
म.प्र. में महिला सशक्तिकरण का नया अध्‍याय मुख्‍यमंत्री के नेतृत्‍व में लिखा जा रहा है । प्रदेश सरकार की अनेक योजनायें महिलाओं के उत्‍थान में सहायक हो रही हैं । मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से प्रदेश में सामूहिक विवाह प्रथा आरंभ हुई है । इस योजना में प्रदेश सरकार नवविवाहितों को आर्थिक सहायता देती है । ‘बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत बेटियों को हायर सेकण्डरी तक निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है ।

अपार संभावनाएं हैं मध्यप्रदेश में

मध्यप्रदेश में जिस तेजी के साथ तरक्की की रफ्तार बढ़ रही है और आम आदमी को सरकारी योजनाओं का भरपूर फायदा मिल रहा है, उसके मद्देनजर यह कहा जा सकता है कि म.प्र. अपार संभावनाओं वाला प्रदेश बन रहा है । इसमें समृद्ध राज्य बनने की क्षमता तथा संसाधन दोनों मौजूद हैं। प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर हम सबको मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लेने की जरूरत है । मध्यप्रदेश के निवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मध्यप्रदेश से आत्मीय लगाव है । उनका जब भी मध्यप्रदेश आगमन होता है तो वे प्रदेश को कोई न कोई बड़ी सौगात देकर ही जाते हैं । उम्मीद की जानी चाहिए कि यशस्वी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश विकास की तीव्र उड़ान भरेगा । मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में हमें यथासामर्थ्य अपनी जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता है । यह आत्मबोध हमारे सुनहरे भविष्य का पर्याय बनेगा । मध्यप्रदेश के 70वें स्‍थापना दिवस के सुअवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली व सुख-समृद्धि के लिए मेरी हार्दिक मंगलकामनायें ।

(विनायक फीचर्स) (लेखक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री हैं)