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गुजरात के जूनागढ़ में सात गौ माताओं की संदिग्ध मौत

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गुजरात के जूनागढ़ जिले की केशोद तहसील के फागली गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गांव के बाहरी हिस्से में स्थित पुराने कूड़ाघर के पास एक साथ सात गायों के शव मिलने से ग्रामीणों और गौ सेवकों में भारी आक्रोश फैल गया है।

इस घटना का पता उस समय चला जब गांव के कुछ बच्चे मैदान में पतंग उड़ा रहे थे। पतंग बबूल के पेड़ में फंसने पर जब वे उसे निकालने पहुंचे, तो झाड़ियों और कचरे के ढेर के पास कई गायों के शव पड़े दिखे। बच्चों ने तुरंत गांव के सरपंच भगवानजी देवधरिया को इसकी सूचना दी।

सरपंच ने बिना देरी किए पुलिस, गौ रक्षा दल और पशु चिकित्सकों को मौके पर बुलाया। हालात की गंभीरता को देखते हुए संबंधित टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस और पशु चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से पंचनामा तैयार किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटनास्थल पर पहुंचे लायन नेचर क्लब के सदस्य नीरव लक्ष्मी समेत अन्य गौ रक्षकों ने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार किया है। उनका आरोप है कि गायों को जानबूझकर जहरीला पदार्थ खिलाया गया। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी केशोद के वेरावल रोड इलाके में 8–9 नंदी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए जा चुके हैं, जिससे किसी संगठित गिरोह की आशंका गहराई है।

पशु चिकित्सकों ने मौके पर ही गायों के आंतरिक अंगों के सैंपल एकत्र किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए पशु सेवा विभाग (FSL) भेजा जा रहा है। पुलिस ने फिलहाल मामले में आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पशुधन मंत्री ने गौ आश्रय स्थलों के निरीक्षण के दिए निर्देश

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लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को प्रदेश के गौ आश्रय स्थलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि ठंड से किसी भी गोवंश की मृत्यु न होने पाए।

इसके लिए पशु चिकित्साधिकारी गौ आश्रय स्थलों पर पहुंचकर गोवंश के उत्तम स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं औषधि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। नोडल अधिकारी गौ आश्रय स्थलों का नियमित रूप से निरीक्षण कर चारा, भूसा, पानी प्रकाश आदि व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

धर्मपाल सिंह ने विभाग के बजट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवंटित बजट शत प्रतिशत व्यय करने के लिए कहा। व्यय में लापरवाही व उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जायेगी। सभी अवस्थापना संबंधी कार्य माह फरवरी 26 तक पूर्ण कर लिए जाए। कार्यदायी संस्था द्वारा मानक के अनुरूप तथा लेआउट के अनुसार कार्य किया जाए। अवस्थापना संबंधी कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।

उन्होंने गोवंश शेड, पानी पीने की चराहिया, खडंजा आदि मजबूत एवं व्यवस्थित तरीके से बनाने का निर्देश दिया। दुग्ध विकास के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पराग के उत्पादों की मार्केटिंग को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। पशुधन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट रखा।

शादी के महज 24 घंटे में तलाक

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पुणे: आम धारणा है कि प्रेम विवाह एक-दूसरे को समझने का अच्छा मौका है। हालांकि, पुणे में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। एक हाई एजुकेटेड कपल ने जो किया उसने सोशल मीडिया पर बहस भी छेड़ दी। पुणे के इक डॉक्टर कपल का अफेयर था। दोनों ने लव मैरेज की और शादी के महज 24 घंटे में ही दोनों ने तलाक भी ले लिया। उनके बीच शादी के दूसरे दिन सुबह से झगड़ा हुआ और उन्होंने अलग रहने का फैसला लिया।

इस कपल शादी के 24 घंटे में हुए तलाक का दिलचस्प पहलू है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद महज 8 दिन में ही उन्हें तलाक भी मिल गया। पुणे फैमिली कोर्ट के जज बी डी कदम ने यह अहम नतीजा सुनाया।

तलाकशुदा जोड़ा समाज के सम्मानित वर्ग से है। पति एक जहाज पर बड़े पद पर कार्यरत है, जबकि पत्नी पेशे से डॉक्टर है। दोनों एक दूसरे से कई साल पहले मिले थे। उनके बीच अफेयर चला। प्यार परवान चढ़ा और उन्होंने शादी करने का फैसला लिया। दोनों की शादी हुई। उनके परिवार और रिश्तेदार इस शादी समारोह में शामिल हुए।

शादी के अगले दिन सुबह दोनों के बीच झगड़ा हुआ। झगड़ा इतना बढ़ गया कि लड़की घर छोड़कर चली गई। दोनों ने अलग रहने का फैसला लिया। मामला कोर्ट तक पहुंचा। उन्होंने वकील से बात की और कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर कर दी।

3 दिसंबर को वकील रानी कांबले-सोनावणे ने आपसी सहमति से तलाक के लिए आवेदन किया था। आम तौर पर तलाक के लिए छह महीने की प्रतीक्षा अवधि अनिवार्य है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार, यदि पति-पत्नी 18 महीने से अधिक समय से अलग हो गए हैं, तो इस अवधि में छूट दी जा सकती है। अदालत ने 10 दिसंबर को तलाक पर मुहर लगा दी क्योंकि दंपति डेढ़ साल से अलग रह रहे थे और पति को काम के लिए तत्काल विदेश जाने की जरूरत थी।

मुंबई की 135 सीटों पर लड़ेगी BJP, एकनाथ शिंदे को 90 सीट

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मुंबई : BMC चुनाव में उद्धव-राज ठाकरे के बीच गठबंधन के बाद बीजेपी और शिंदे सेना में भी मिलकर चुनाव लड़ने की सहमति बन गई है। सूत्रों के मुताबिक बीएमसी की 227 सीटों में से बीजेपी 135-140 सीटों और शिंदे सेना 85-90 सीटों पर चुनाव लड़ने को सहमत हो गई है। रामदास आठवले की आरपीआई को बीजेपी कोटे से सीट मिलेगी। रविवार को महायुति के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होने की संभावना है। वहीं राज्य की सत्ता में शामिल अजित पवार की एनसीपी बीएमसी चुनाव में महायुति का हिस्सा नहीं होगी।

बीएमसी चुनाव में गठबंधन के लिए शिंदे सेना और बीजेपी नेताओं के बीच कई दौर की बैठक हो चुकी हैं। पिछले कुछ दिनों से यह साफ़ हो गया था कि शिंदे सेना और बीजेपी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उसके बाद सीट बंटवारे को लेकर दोनों पार्टी के नेताओं के बीच कई राउंड की मीटिंग हुई। शुक्रवार को भी दोनों दलों के नेताओं ने बैठक की।

शुरू में बीजेपी 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन शिंदे सेना भी मुंबई में अधिक सीटें चाहती थी, इसलिए सीट शेयरिंग को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान चल रही थी। लेकिन शुक्रवार की बैठक के बाद दोनों दलों के बीच सहमति बन गई है। इसके तहत बीजेपी 135-140 सीटों और शिंदे सेना के 85-90 सीटों पर चुनाव लड़ने का फॉर्म्युला तय हो गया है।

देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल एनसीपी अजित गुट बीएमसी चुनाव में महायुति से बाहर हो गई है। एनसीपी अजित गुट मुंबई में बीएमसी चुनाव नवाब मलिक के नेतृत्व में लड़ने जा रही है। बीजेपी और शिंदे सेना ने नवाब मलिक के नेतृत्व में एनसीपी को महायुति में शामिल करने से इनकार कर दिया है। बीजेपी के आशीष शेलार और मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने नवाब मालिक के रहते एनसीपी से गठबंधन करने से इनकार कर दिया था। बीजेपी के एक नेता ने बताया कि अजित गुट को छोड़कर महायुति में सीटों के बंटवारे पर सहमति बन गई है।

Shankh Airline वाले श्रवण कुमार की पूरी कहानी

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नई दिल्ली| कानपुर की गलियों से निकलकर देश के आसमान तक पहुंचने की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन यह हकीकत है। जिस शख्स ने कभी कानपुर में टेंपो चलाई, गंगाजी में डुबकी लगाई और आम जिंदगी जी, वही आज अपनी एयरलाइन शुरू करने जा रहा है। नाम है- श्रवण कुमार विश्वकर्मा (Shravan Kumar Vishwakarma)। उन्होंने एक सपना देखा था कि वो कभी हवाई चप्पल पहनने वालों हवाई जहाज का सफर कराएंगे और आज से 26 महीने पहले यूपी की पहली एयरलाइंस को इंट्रोड्यूस किया। नाम दिया- शंख एयरलाइंस (Shankh Airlines)।

जिसे गरुवार, 24 दिसंबर को मंजूरी को मंजरी मिल गई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय शंख एयरलाइंस (Shankh Airline) समेत तीन एयरलाइंस को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (Shankh Air NOC) जारी किया है। इनमें अल हिंद एयर (HindAir) और फ्लाई एक्सप्रेस (FlyExpress) एयरलाइंस शामिल हैं। अब सवाल यह है कि आखिर कौन हैं श्रवण कुमार और क्या है उनका पूरा प्लान?

कौन हैं श्रवण कुमार विश्वकर्मा?

श्रवण कुमार शंख एयर के फाइंडर और चेयरमैन (shankh airlines owner) हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखते हैं। मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे श्रवण बताते हैं कि पढ़ाई में उनका मन ज्यादा नहीं लगता था। दोस्ती-यारी और हालात ऐसे रहे कि जल्दी ही पढ़ाई छूट गई। इसके बाद उन्होंने बिजनेस की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे खुद को खड़ा किया। उनका पहला बड़ा काम सरिया (TMT) का बिजनेस था। इसके बाद उन्होंने सीमेंट, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हाथ आजमाया। ट्रकों का बड़ा बेड़ा खड़ा किया और यहीं से उनकी कारोबारी पहचान बनी।

टेंपो चलाने से बिजनेस तक का सफर

श्रवण कुमार ने खुद बताया है कि उन्होंने न सिर्फ टेंपो में सफर किया, बल्कि दोस्तों के टेंपो खुद चलाए भी हैं। श्रवण कुमार के मुताबिक, “नीचे से ऊपर आने वाला आदमी साइकिल, बस, ट्रेन, टेंपो सब कुछ देखता है।” यही अनुभव आज उनकी सोच की सबसे बड़ी ताकत बना।

एयरलाइन का आइडिया कैसे आया?

करीब 3-4 साल पहले श्रवण कुमार के मन में कुछ अलग करने का जुनून आया। उनका मानना था कि एविएशन आने वाले समय की ग्रोथ इंडस्ट्री है। लोग समय बचाना चाहते हैं और हवाई सफर अब जरूरत बन चुका है। एक यात्रा के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि मध्यम वर्ग के लिए सस्ती और भरोसेमंद एयरलाइन की भारी कमी है- यहीं से शंख एयरलाइन का विचार जन्मा।

एयरलाइंस का नाम शंख क्यों रखा?

श्रवण कुमार बताते हैं कि ‘शंख’ नाम उनके लिए नया नहीं था। उनकी पहले से मौजूद कंपनी में भी यही नाम जुड़ा था। धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान वाला यह नाम उन्हें अपील करता है। हर घर में शंख होता है, लेकिन हर कोई उसे बजा नहीं पाता। श्रवण कहते हैं कि, “हम भी कुछ ऐसा ही करना चाहते हैं, जो सबके पास हो, लेकिन अलग पहचान बनाए।”

टिकट की कीमतें कैसी होंगी?

श्रवण कुमार का सबसे बड़ा दावा है- नो डायनामिक प्राइसिंग। उनका साफ कहना है कि, सुबह 5,000 रुपए की टिकट शाम को 25,000 रुपए नहीं होगी। होली-दिवाली, छठ का त्योहार हो, कुंभ हो या फिर डिमांड ही क्यों न बढ़ जाए… उनकी एयरलाइंस का किराया आसमान नहीं छुएगा। उनका फोकस मध्यम वर्ग पर है। तय रेट, सीमित मुनाफा और भरोसेमंद सेवा, यही शंख एयरलाइन का मॉडल होगा।

विश्व शांति मिशन हेतु दिल्ली में मोरारी बापू की नौ दिवसीय राम कथा का आयोजन- विजेंद्र गुप्ता

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इतिहास में पहली बार जैन आचार्य लोकेशजी द्वारा राम कथा का आयोजन प्रेरक घटना- विधानसभा अध्यक्ष

भारत मंडपम में 17 से 25 जनवरी 2026 को होगा मोरारी बापू रामकथा का आयोजन – आचार्य लोकेश

नई दिल्ली, 27 दिसंबर 2025: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता, अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश जी ने दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए नव वर्ष 2026 के शुभारंभ पर होने वाली मोरारी बापू रामकथा के बारे में विस्तृत जानकारी दी |
विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि भारत की राजधानी दिल्ली एनसीआर में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं सकारात्मक घटना घटित होने जा रही है | इतिहास में यह पहला अवसर होगा कि जैन आचार्य लोकेश जी द्वारा रामकथा का आयोजन भारत मंडपम नई दिल्ली में किया जा रहा है | रामकथा के मर्मज्ञ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पूज्य मोरारी बापू विश्व शांति मिशन के लिए नौ दिन राम कथा करेंगे |

विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि प्रभु श्रीराम भारत की आत्मा है, भारत की अस्मिता के प्रतीक हैं, वे कोटि कोटि लोगों की आस्था के केंद्र है, उनका जीवन हम सबको प्रेरणा देता है उनके जीवन में चरित्र निष्ठा, अनुशासन, मर्यादा, संयम, त्याग, बड़ों का सम्मान, नारी शक्ति का आदर, आदि आदि गुण उनके जीवन चरित्र में मिलते हैं मैं समझता हूँ नौ दिन की रामकथा से हमारे दिल्ली को और यहाँ की जनता को और खासकर हमारी युवा पीढ़ी को भावी पीढ़ी को संस्कार निर्माण चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व निर्माण में सहायक बनेगा| भारत की राजधानी दिल्ली के अति प्रतिष्ठित भारत मंडपम के सभागार आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम, करुणा, शांति, सद्भावना, प्रेम, मानवता का संदेश समस्त विश्व में प्रसारित होगा और विश्व शांति स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक होगा|

जैन आचार्य लोकेश जी ने बताया कि राम कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द जी है तथा मुख्य संरक्षक दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता है| उन्होंने बताया कि मोरारी बापू ने अहिंसा विश्व भारती द्वारा स्थापित विश्व शांति केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर विश्व शांति मिशन के लिए दिल्ली में नौ दिवसीय रामकथा की घोषणा की थी, जो नव वर्ष 2026 के शुभारंभ के साथ आयोजित हो रही है | रामकथा का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को विश्व शांति मिशन के साथ जोड़ना है | इस दौरान भगवान राम के जीवन चरित्र और भगवान महावीर के संदेश के माध्यम से विश्व शांति, समाज कल्याण और व्यक्ति निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर गहन जानकारी दी जाएगी |

रामकथा आयोजन समिति की ओर से श्री प्रदीप जिंदल, डॉ आलोक ड्रोलिया ने बताया कि जैन आचार्य लोकेश जी के सान्निध्य में रामकथा का आयोजन अहिंसा विश्व भारती द्वारा किया जा है| भारत की राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित स्थान ‘भारत मंडपम’ प्रगति मैदान नई दिल्ली के मल्टी पर्पस हॉल में 17 से 25 जनवरी 2026 तक अहिंसा विश्व भारती संस्था द्वारा किया जा रहा है | नौ दिवसीय राम कथा का शुभारंभ दिनांक 17 जनवरी 2026 को सायं 4 बजे होगा | 18 जनवरी से 25 जनवरी तक कथा का समय प्रात: 10 से 1 बजे तक रहेगा | राम कथा का श्रवण करने भारत के प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों, विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरुओं, उदयतोंगपतियों, शिक्षाविद, समाज सेवियों, विचारकों आदि को आमंत्रित किया गया है| इस अवसर पर अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, यूईए आदि देशों सहित भारत के विभिन्न प्रांतों से कथा श्रवण के लिए श्रद्धालु आ रहे है | इससे सांस्कृतिक मूल्यों के आदान प्रदान के साथ टूरिज़्म आदि को भी प्रोत्साहन मिलता है| प्रतिदिन करीब 4000 श्रद्धालु देश विदेश से राम कथा का श्रवण करने आएंगे |

रीवा में प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन किसान सम्मेलन

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26 दिसंबर 2025, छिन्दवाड़ा: रीवा में प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन किसान सम्मेलन आयोजित –  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामय उपस्थिति में रीवा में आज प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन पर आधारित किसान सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस किसान सम्मेलन का लाइव प्रसारण  छिंदवाड़ा जिले में किसानों द्वारा देखा और सुना गया। जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

वहीं कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा के सभाकक्ष में भी कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं अन्य अधिकारियों द्वारा भी किसान सम्मेलन का लाइव प्रसारण देखा व सुना गया। लाइव प्रसारण के दौरान अतिथियों ने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आय में वृद्धि संभव होती है। साथ ही गौ-पालन को प्राकृतिक खेती का अभिन्न अंग बताते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बताया गया।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को गौ-आधारित खेती, जैविक आदानों के उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने भी प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन की विभिन्न तकनीकों पर प्रकाश डाला। जिले के किसानों ने कार्यक्रम में दी गई जानकारियों में गहरी रुचि दिखाई और प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन को अपनाने के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।

मुख्यमंत्री साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का किया विमोचन

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रायपुर, 26 दिसंबर 2025 :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा–2025 के लिए तैयार किए गए संदर्भ ग्रंथ “गाय धर्म एवं विज्ञान” के नवीनतम संस्करण का अपने निवास कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विमोचन किया।

गौशाला से जैविक खेती को नई दिशा

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वैज्ञानिक आधार पर विकसित पंचगव्य आधारित “गव्यामृत” फोलियर स्प्रे

इंदौर।  मिट्टी की घटती उर्वरता, रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव और बढ़ती खेती लागत के समाधान हेतु वैज्ञानिक परीक्षणों एवं भारतीय पारंपरिक ज्ञान के समन्वय से विकसित पंचगव्य आधारित “गव्यामृत” लिक्विड ऑर्गेनिक मैन्योर फोलियर स्प्रे को गौशाला द्वारा किसानों के लिए उपलब्ध कराया गया है। यह पूर्णतः स्वदेशी, जैविक और पर्यावरण–अनुकूल उत्पाद है, जो सभी फसलों की सभी अवस्थाओं में प्रभावी है।

वैज्ञानिक आधार:
“गव्यामृत” में गोमूत्र व गोमय से प्राप्त जैव सक्रिय यौगिक, संतुलित एन.पी.के., आवश्यक माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स तथा उच्च सघनता में लाभकारी सूक्ष्मजीव (CFU आधारित—जैसे नाइट्रोजन फिक्सर, फॉस्फोरस सॉल्युबिलाइज़र व पोटाश मोबिलाइज़र) सम्मिलित हैं। ये घटक पत्तियों (स्टोमेटा) व जड़ों से शीघ्र अवशोषित होकर क्लोरोफिल संश्लेषण, एंज़ाइम गतिविधि और पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाते हैं, जिससे पौधों की वृद्धि, फूल–फल विकास और उपज में वृद्धि होती है।

इसके जैव सक्रिय घटक एंटी-माइक्रोबियल एवं एंटी-फंगल प्रभाव दिखाते हैं, जिससे यह प्राकृतिक प्लांट प्रोटेक्टर के रूप में कीट–रोग दबाव को कम करता है। साथ ही, यह मृदा सूक्ष्मजीव संतुलन सुधारकर मिट्टी की संरचना व जलधारण क्षमता बढ़ाता है, परिणामस्वरूप रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों पर निर्भरता घटती है और किसान की लागत कम होती है।

श्री कृष्णायाण देसी गौरक्षा एवं गोलोक धाम सेवा समिति, रेशम केंद्र गौशाला हातोद के प्रमुख पू. अच्युतानंद जी महाराज के अनुसार, “गव्यामृत” सब्ज़ी, फल, दलहन, तिलहन, अनाज, कपास, फूल एवं सजावटी पौधों के लिए समान रूप से उपयोगी है।आवश्यकता के लिए संपर्क: 093015 14792 यह पहल वैज्ञानिक प्राकृतिक खेती, स्वच्छ पर्यावरण, और समृद्ध किसान के लक्ष्य को सशक्त करती है।

राष्ट्रपति द्वारा ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किए जाएंगे

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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कल राष्ट्रीय स्तर पर ‘वीर बाल दिवस’ मनाएगा और ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ प्रदान किए जाएंगे


विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 20 बच्चों का चयन ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ के लिए किया गया

वीर बाल दिवस पर के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उपस्थिति रहेंगे

कार्यक्रम में भारत के युवा वीरों के साहस, बलिदान और अनुकरणीय मूल्यों का स्मरण किया जाएगा

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्वागत भाषण देंगी

भारत सरकार का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कल (26 दिसंबर 2025) को राष्ट्रीय स्तर पर वीर बाल दिवस मनाएगा। इस अवसर पर भारत के युवा वीरों के साहस, बलिदान और अनुकरणीय मूल्यों को स्मरण किया जाएगा। इसी दिन विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियाँ हासिल करने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) प्रदान किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष बच्चों को प्रदान किया जाने वाला एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। यह पुरस्कार वीरता,कला एवं संस्कृति,पर्यावरण,सामाजिक सेवा,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा खेल के क्षेत्रों में असाधारण उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया जाता है। वर्ष 2025 में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 बच्चों का इस सम्मान के लिए चयन किया गया है। यह पुरस्कार भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा 26 दिसंबर 2025 को प्रातः 10:00 बजे,विज्ञान भवन,नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा।

वीर बाल दिवस 2025 का राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम 26 दिसंबर 2025 को भारत मंडपम,नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय आयोजन के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति भी रहेगी, जो बच्चों और युवाओं को संबोधित करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में युवा नागरिकों की भूमिका को रेखांकित करेंगे। यह कार्यक्रम वीरता,दृढ़ता और निस्वार्थ सेवा की प्रेरक कहानियों को प्रस्तुत करेगा,जिससे बच्चों और युवाओं को प्रेरणा मिलेगी तथा विकसित भारत @2047 के अनुरूप सशक्त और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया जाएगा। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी स्वागत भाषण देंगी।

इस कार्यक्रम में देशभर से स्कूली बच्चे,प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्राप्तकर्ता तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत और वीरता की भावना को प्रदर्शित करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समारोह का प्रमुख हिस्सा होंगी।

वीर बाल दिवस 2025 के इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का 26 दिसंबर 2025 को दोपहर 12:30 बजे से एनआईसी वेबकास्ट,डीडी न्यूज तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारित किया जाएगा, जिससे देशभर में व्यापक सहभागिता सुनिश्चित हो सकेगी।