Home Blog Page 245

Cow Economy – भारत सरकार दे रही है ५ लाख का इनाम “गोपाल रत्न पुरस्कार” पशुपालक करे आवेदन

0

देश में पशुपालन को बढ़ावा देने एवं पशुपालन क्षेत्र में नई तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार इस क्षेत्र में काम कर रहे सर्वश्रेष्ठ व्यक्तियों को इनाम देती है। ताकि अन्य किसान भी उनका अनुकरण कर पशु पालन से अधिक से अधिक मुनाफा कमा सकें। इस कड़ी में केंद्र सरकार द्वारा देश भर में “गोपाल रत्न पुरस्कार” योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत जीतने वाले व्यक्तियों को अलगअलग श्रेणियों में 5 लाख रुपए तक का पुरस्कार दिया जाता है।

केंद्रीय मत्स्य पालनपशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभागभारत की स्वदेशी गोजातीय नस्लों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और विकास करने के उद्देश्य से देश में दिसंबर 2014 में “राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)” योजना चला रही है। जिसके अंर्तगत किसानों, उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियों एवं कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन को प्रोत्साहित करने के लिए गोपाल रत्न योजना चलाई जा रही है।

इन श्रेणियों में दिया जाएगा पुरस्कार

योजना के तहत दुग्ध उत्पादक किसानोंडेयरी सहकारी समितियों/किसान उत्पादक संगठनों और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों को शामिल किया गया है। विभाग द्वारा 2023 के दौरान भी निम्नलिखित तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान किया जाएगा:-

  • पंजीकृत स्वदेशी मवेशी/भैंस नस्लों को पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान।
  • सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (डीसीएस)/दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी)/डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ)
  • कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी)

    जीतने वाले को कितना पुरस्कार दिया जाएगा?

    राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2023 में पहली दो श्रेणियों यानी सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ डीसीएस/एफपीओ/एमपीसी को निम्‍नानुसार योग्यता प्रमाण पत्रएक स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार दिया जाएगा:-

    • प्रथम स्‍थान के लिए 5,00,000/- रुपये
    • दूसरे स्‍थान के लिए 3,00,000/- रुपये
    • तीसरे स्‍थान के लिए 2,00,000/- रुपये

    सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटीश्रेणी के मामले मेंतीनों श्रेणियों के लिए पुरस्कार में केवल योग्यता प्रमाण पत्र और एक स्मृति चिन्ह शामिल है।

    योजना के तहत यह व्यक्ति कर सकते हैं आवेदन

    गोपाल रत्न पुरस्कार योजना के तहत वह पशुपालक पात्र होंगे जो मान्यता प्राप्त स्वदेशी 53 नस्लों की गायों, 20 नस्लों की भैसों में से किसी का भी पालन करते हैं, वह किसान योजना के तहत पात्र होंगे।

    राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पशुधन विकास बोर्ड/राज्य/दुग्ध महासंघों/एनजीओ और अन्य निजी संगठनों के एआई तकनीशियनजिन्होंने न्यूनतम 90 दिनों के लिए एआई प्रशिक्षण प्राप्त किया हैपुरस्कार के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।

    दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सहकारी एवं कंपनी अधिनियम के तहत ग्राम स्तर पर स्थापित कम से कम 50 किसान सदस्यों एवं प्रतिदिन 100 लीटर दूध का उत्पादन करने वाली सहकारी समितिएमपीसीएफपीओ एवं दुग्ध उत्पादक कम्पनी पात्र होंगे।

    गोपाल रत्न पुरस्कार जीतने के लिए आवेदन कहाँ करना होगा?

    योजना के तहत विजेता किसानों को पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर 26 नवंबर, 2023 के दिन दिए जाएँगे। इच्छुक व्यक्ति पशुपालन और डेयरी विभागमत्स्य पालनपशुपालन और डेयरी मंत्रालय राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल यानी https://awards.gov.in के माध्यम से राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नामांकन/आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितम्‍बर, 2023 है। पात्रता मानदंड और नामांकन की ऑनलाइन प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट dahd.nic.in पर देख सकते हैं।

    गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए आवेदन करने हेतु क्लिक करें

मिलिए Chandrayaan-3 की टीम से, इन 7 वैज्ञानिकों पर है मिशन चंद्रयान-3 की पूरी ज़िम्मेदारी

0

Scientists behind chandrayaan-3 hindi: ISRO ने तीसरा Moon Mission ‘Chandrayaan-3’ कल दोपहर यानी 14 जुलाई को क़रीब 2:35 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में मौजूद Satish Dhawan Space Centre से लॉन्च कर दिया है. माना जा रहा ये क़रीब 42 दिनों की यात्रा के बाद चंद्रमा के South Pole के पास लैंड करेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे बनाने में 615 करोड़ की लागत आई है.

Chandrayaan-3 को चांद पर भेजने के लिए LVM-3 Launcher का इस्तेमाल किया गया. ये मिशन चौबीसों घंटे काम करने वाले सैकड़ों वैज्ञानिकों के वर्षों की मेहनत का परिणाम है. आइये, मिलवाते हैं (Scientists behind chandrayaan-3 hindi) आपको Chandrayaan-3 के पीछे मौजूद महत्वपूर्ण लोगों से.

1. एस. सोमनाथ (ISRO के चेयरमैन)

Scientists behind chandrayaan-3 hindi: ISRO के चेयरमैन एस. सोमनाथ को इस Moon Mission के पीछे का मुख्य ब्रेन माना जाता है. एस. सोमनाथ गगनयान और आदित्य-एल1(Mission to Sun) जैसे मिशन का भी मुख्य हिस्सा रहे हैं. उनकी एजुकेशन की बात करें, तो उन्होंने TKM College of Engineering (Kollam) से B. Tech in Mechanical Engineering की है. साथ ही Indian Institute of Science (Bangalore) से Masters (M. Tech) in Aerospace Engineering की पढ़ाई की है.

इसरो के हेड बनने से पहले एस. सोमनाथ Liquid Propulsion Systems Centre और Vikram Sarabhai Space Centre के भी डायरेक्टर रह चुके हैं.

2. पी. वीरमुथुवेल (Chandrayaan-3 project के डायरेक्टर) 

पी वीरमुथुवेल ने साल 2019 में चंद्रयान-3 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ज़िम्मेदारी ली थी. वर्तमान पद से पहले वो इसरो हेडक्वार्टर के Space Infrastructure Programme Office में डिप्टी डायरेक्टर थे. पी. वीरमुथुवेल चंद्रयान 2 मिशन के भी मुख्य वैज्ञानिकों में से एक थे.

पी.वीरमुथुवेल तमिलनाडु के रहने वाले हैं और Indian Institute of Technology (Madras) के छात्र रह चुके हैं.

3. एस. उन्नीकृष्णन नायर (Vikram Sarabhai Space Centre के डायरेक्टर)

Scientists behind chandrayaan-3 hindi: VSSC के हेड बनने से पहले एस. उन्नीकृष्णन नायर और उनकी वैज्ञानिकों की टीम कई महत्वपूर्ण मिशन के Key Functions के इनचार्ज रह चुकी है. Geosynchronous Satellite Launch Vehicle (GSLV) जिसे बाद में Launch Vehicle Mark-III नाम दिया गया, वो VSSC में डेवलप किया गया था.

एस. उन्नीकृष्णन ने Mar Athanasius College of Engineering से बी.टेक की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, IISc, Bengaluru से ME in Aerospace Engineering और IIT Madras से PhD in Mechanical Engineering की पढ़ाई पूरी की है.

4. ए. राजराजन (Launch Authorisation Board के चेयरमैन)

cientists Behind ISRO Moon Mission in hindi: ए. राजराजन एक सफल वैज्ञानिक और वर्तमान में Satish Dhawan Space Centre SHAR (SDSC SHAR) के डायरेक्टर हैं. ए. राजराजन composite क्षेत्र में एक्सपर्ट हैं. इन्होंने 1987 में Bachelor of Engineering in Mechanical Engineering की पढ़ाई पूरी की थी. वहीं, 2015 में इन्हें ISRO Merit award से सम्मानित किया गया था. साथ ही 2010, 2011 और 2015 में इन्हें ISRO Team excellence awards दिया गया था.

5. एम. शंकरन (U R Rao Satellite Centre के डायरेक्टर) 

Scientists behind chandrayaan-3 hindi: साल 2021 में एम. शंकरन ने U R Rao Satellite Centre के डायरेक्टर का पद संभाला था. U R Rao Satellite Centre सैटेलाइट के निर्माण और एसोसिएटेड सैटेलाइट तकनिक के विकास के लिए एक अग्रणी केंद्र है. इन्होंने Bharathidasan University (Tiruchirappalli) से Physics में Master’s degree हासिल की है.

साथ ही इन्हें 2017 में ISRO’s Performance Excellence Award से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा, 2017 और 2018 में इन्हें ISRO Team Excellence award दिया गया था.

6. एस. मोहन कुमार (मिशन डायरेक्टर)

 

Scientist behind chandrayaan-3 hindi: LVM3-M4/Chandrayaan 3 के मिशन डायरेक्टर हैं एस. मोहन कुमार. मोहन कुमार विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के सीनियर साइंटिस्ट हैं. ये LVM3-M3 mission (Oneweb India 2 satellites on board) के भी डायरेक्टर रह चुके हैं.

7. रितु करिधाल श्रीवास्तव

रितु कारिधाल लखनऊ की रहने वाली हैं, जिन्हें Rocket Woman of India के नाम से जाना जाता है. रितु ISRO की सीनियर साइंटिस्ट हैं. वहीं, इससे पहले वे चंद्रयान-2 समेत कई बड़े Space Missions का हिस्सा रह चुकी हैं. इन्हें ISRO का युवा वैज्ञानिक पुरस्कार भी मिल चुका है.

इन मुख्य वैज्ञानिकों के अलावा चंद्रयान-3 मिशन से क़रीब 54 महिला इंजीनियर्स और वैज्ञानिक भी जुड़ी हुई थीं. 

चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन – चांद पर सल्फर, ऑक्सीजन समेत अन्य की खोज

0

नई दिल्ली,। इसरो के चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) मिशन को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। चंद्रमा पर प्रज्ञान रोवर को कई पदार्थ होने के सबूत मिले हैं। इसरो ने बताया कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर ऑक्सीजन और सल्फर होने के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।

चांद पर मिले कई पदार्थ

इसरो ने जानकारी दी कि चंद्रमा की सतह पर उन्हें कई पदार्थ होने के सबूत मिले हैं। उन्होंने कहा कि चांद पर एल्युमिनियम, आयरन, सल्फर समेत कई पदार्थों की जानकारी मिले हैं। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन (एच) की खोज जारी है।

चांद पर सल्फर, ऑक्सीजन समेत अन्य की खोज

इसरो ने चंद्रयान मिशन पर अपडेट देते हुए कहा

”चांद पर वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं। रोवर पर लगा लेजर-आधारित ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (एलआईबीएस) उपकरण की मदद से पहली बार चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सल्फर के प्रमाण मिले हैं। जैसा कि पहले उम्मीद थी, चांद पर एल्युमिनियम, सल्फर, कैल्शियम, आयरन, क्रोमियम और टाइटेनियम, मैंगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन के प्रमाण मिले हैं।”

इसरो ने दिया था अपडेट

इससे पहले, इसरो ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी थी कि चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर चंद्रमा पर रहस्यों का पता लगाने में जुटा है। इसरो ने बताया था कि जल्द ही चंद्रमा से कुछ अच्छी खबर आने वाली है।

इसरो के चंद्रयान-3 ने एक्स पर संदेश देते हुए कहा,

हैलो पृथ्वीवासियों, यह चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर है। मैं आशा करता हूं कि आप अच्छे होंगे। मैं आपको बताना चाहूंगा कि मैं चंद्रमा पर रहस्यों के बारे में पता लगाने के लिए आगे बढ़ रहा हूं। मैं अपने दोस्त विक्रम लैंडर से संपर्क में हूं। हमारी कंडीशन ठीक है। जल्द ही कुछ अच्छी जानकारी आनेवाली है।

चंद्रयान-3 की बड़ी खोज

चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर की ये खोज काफी महत्वपूर्ण है। जैसा कि इसरो को पहले से उम्मीद थी कि ये पदार्थ चंद्रमा की सतह पर मौजूद हो सकते हैं। ठीक उसी प्रकार चांद पर कई पदार्थ मिले हैं। वहीं, अभी भी खोज जारी है। जल्द ही नई जानकारी सामने आएगी।

पुलिस ने बड़े पैमाने पर हो रही गौ तस्‍करी को रोका

0

सरिया (गिरिडीह)। सरिया पुलिस ने सघन जांच अभियान चलाकर गोवंश लदे 11 वाहनों को जब्त कर लिया है। यह अभियान सरिया थाना के मुख्य गेट पर चलाया गया। सोमवार रात करीब एक बजे से सुबह तीन बजे तक यह अभियान चला।

खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई

एसपी दीपक शर्मा को सूचना मिली थी कि सरिया से होकर धनबाद के रास्ते बंगाल के गोवधशालाओं में बड़ी संख्या में गोवंश की तस्करी होगी। इसके बाद उक्त कार्रवाई की गई।

अभियान के बाद पुलिस ने पांच बड़े ट्रक व छह पिकअप वाहन में ठूंस-ठूस कर अमानवीय तरीके से गाय व गोवंशों को ले जाते हुए पाया।

सुबह जब सभी पशुओं की गिनती की गई, तो पांच ट्रकों में लगभग 90 बड़े भैंस और दर्जनों उनके बछड़े लदे हुए थे। वहीं छह पिकअप वाहन में लगभग 35 गाय और दर्जनों बछड़े लदे थे।

जब्त पशुओं को पचंबा गौशाला भेजा

उक्त अभियान में पांच ट्रकों से जब्त लगभग 90 बड़े गोवंश (भैंस) व दर्जनों बछड़ों को गिरिडीह के पचंबा स्थित गोशाला भेजा गया। जब्त सभी पशु दुधारू थे। शेष छह पिकअप वैन में लगभग 35 गायों को कसाई खाना ले जाया जा रहा था।

समाचार लिखे जाने तक सभी गायों को सरिया थाना में ही रखा गया है। इस मामले में 11 वाहनों के चालकों को सरिया पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरिडीह भेजा। वाहनों में सवार दर्जनों खलासी, मजदूर व व्यापारी को सरिया थाना में ही पूछताछ के लिए रखा गया है।

अमानवीय तरीके से ले जाए जा रहे थे पशु

सरिया थाना प्रभारी अनिश पांडेय ने बताया कि पशुओं को व्यापारी या तस्कर अमानवीय ढंग से पशु क्रूरता अधिनियम की अनदेखी करते हुए ले जा रहे थे।

वाहनों में ठूंस-ठूंस कर मवेशी लदे गए थे। इससे कई जानवर आपस में दबकर बुरी तरह से घायल भी हो गए। फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रोड को ब्लाॅक कर की गई कार्रवाई

बड़ी संख्या में पशुओं की तस्करी कर ले जाने की सूचना पर सरिया पुलिस ने सबसे पहले थाना गेट पर चार बड़े-बड़े छड लदे ट्रकों को खड़ा कर रोड ब्लाॅक करने के बाद उक्त कार्रवाई की। रोड ब्लाॅक होने के कारण पशुओं को ले जा रहे वाहन भागने में सफल नहीं हो सके। सभी वाहनों को जब्त कर थाना में रखा गया है।

बिहार के कई ठिकानों से धनबाद व बंगाल ले जाने की थी तैयारी

जब्त वाहनों के चालको व उप चालकों ने बताया कि उक्त सभी पशुओं को बिहार के गया जिला स्थित इस्लामपुर हाट, रोहतास के तारकटा हाट सहित विभिन्न मंडियों से धनबाद के कतरास और बंगाल की कई मंडियों में ले जाया जा रहा था।

बागेश्वर सरकार गिरिडीह में विनोद सिन्हा के आमंत्रण पर लगाएंगे दरबार, अभिनेता व सांसद मनोज तिवारी ने की घोषणा

0

रांची। नवम्बर के पहले हफ़्ते में ही 2 और 3 तारीख़ को झारखण्ड के गिरिडीह में बागेश्वर धाम सरकार पण्डित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दिव्य दरबार लगने जा रहा है। यह आयोजन झारखण्ड में समाजसेवी और भाजपा नेता विनोद सिन्हा करा रहे हैं। यह उद्घोषणा गिरिडीह में श्रावण मास की आखिरी सोमवारी पर विनोद सिन्हा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित मनोज तिवारी ने किया, इस कार्यक्रम में पार्श्व गायिका प्रिया मल्लिक भी उपस्थित थी। विदित हो कि बागेश्वर धाम सरकार के दिव्य दरबार हर जगह नहीं लगते बल्कि उसके लिए बहुत प्रयत्न और व्यवस्था के बाद ही सम्भव हो पाता है।

इस आयोजन के बारे में आयोजक विनोद सिन्हा ने बताया कि बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन की सूचना से ही पूरे गिरिडीह परिक्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई है, और हर कोई इस दरबार के शीघ्र लगने की प्रतीक्षा कर रहा है कि अब शीघ्र ही गिरिडीह के वासियों पर भी बालाजी सरकार की कृपा बरसेगी। इस गिरिडीह के दुखिया महादेव मंदिर प्रांगण में बागेश्वर धाम सरकार का दिव्य दरबार सजेगा। झारखण्ड में यह पण्डित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पहला दिव्य दरबार होगा। इसकी अवधि भी मात्र दो दिनों के लिए ही रखा गया है। इस कार्यक्रम में पहले दिन सुबह में कथा का आयोजन होगा व शाम में भजन संध्या लगेगी, पुनः अगले दिन बागेश्वर धाम सरकार का दिव्य दरबार सजेगा। इस दिव्य दरबार के बारे में आयोजक विनोद सिन्हा ने बताया कि यह आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक होगा। बाबा बागेश्वर धाम सरकार के दिव्य दरबार में लोग अपनी समस्याओं के बारे में बालाजी सरकार के समक्ष अर्जी लगाएंगे, और फिर बालाजी सरकार के द्वारा उन पर कृपा बरसेगी।

झारखण्ड के गिरिडीह में विनोद सिन्हा भाजपा के एक कद्दावर नेता के रूप में जाने जाते हैं और यहां पर “गिरिडीह मानव सेवा संस्थान” नामक संस्था चलाते हैं जो मानव कल्याण के लिए काम करती है। इसी संस्था ने विगत दिनों इस पवित्र श्रावण मास की आखिरी सोमवार को एक भक्ति नाइट का आयोजन किया था जिसमें मनोज तिवारी मृदुल और प्रिया मल्लिक ने जमकर दर्शकों को अपने भजन कीर्तन पर लोगों को झुमाया। इसी कार्यक्रम में विनोद सिन्हा के द्वारा बागेश्वर धाम सरकार के दिव्य दरबार के बारे में घोषणा भी की गई।

Chandrayaan-3: 14 दिन बाद भी काम करेंगे लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान – ISRO

0

चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान और लैंडर विक्रम चांद से साइंटिफिक डेटा इकट्ठा करके धरती पर भेज रहे हैं. 14 दिनों के मिशन का लगभग आधा हिस्सा पूरा हो चुका है. सबके दिमाग में यह सवाल जरूर होगा कि 14 दिनों के बाद भी क्या विक्रम और प्रज्ञान काम करते रहेंगे. चंद्रयान-3 मिशन का हिस्सा रहे एम. श्रीकांत ने इसका जवाब दिया है. उन्होंने इस बात की संभावना जताई है कि 14 दिनों की रातों के बाद जब चांद पर फिर से सूरज निकलेगा तो चंद्रयान-3 दोबारा काम कर सकता है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, चांद पर 23 अगस्त को सूरज निकला था और 14 दिनों तक वहां सूरज की रोशनी रहेगी. तब तक प्रज्ञान और विक्रम भी काम करते रहेंगे, लेकिन जैसे ही सूरज ढलेगा और रात की शुरुआत होगी तो ये दोनों इनएक्टिव हो जाएंगे. हालांकि, 14 दिनों की रातों के बाद जब फिर से सूरज निकलेगा तो हो सकता है कि प्रज्ञान और विक्रम दोबारा काम पर जुटा जाएं.

क्या सच में 14 दिन बाद भी काम करता रहेगा चंद्रयान-3?
श्रीकांत ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करने की है कि एक लूनार दिन (पृथ्वी के 14 दिन), जब वहां सूरज की रोशनी रहती है, तब तक हम जितना ज्यादा हो सके साइंटिफिक डेटा इकट्ठा कर लें. अभी सात दिन और रोवर और लैंडर चांद पर काम करेंगे और फिर सूरज ढलने के बाद ये काम करना बंद कर देंगे. हमें विश्वास है कि जब रातखत्म होगी और सूरज की रोशनी पड़ेगी तो ये दोनों फिर से एक्टिव हो जाएंगे और अगर ऐसा होता है तो ये हमारे लिए अच्छा होगा की और डेटा इकट्ठा किया जा सकेगा. अगर ऐसा नहीं भी होता है तो भी हमारा मिशन पूरा हो जाएगा.’

इस वजह से रात में काम नहीं कर पाते रोवर और लैंडर
श्रीकांत ने आगे बताया कि विक्रम और प्रज्ञान को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जब तापमान 54 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होता है तो ही ये काम कर सकते हैं. ये सोलर एनर्जी से काम करते हैं यानी इन्हें सूरज की रोशनी की जरूरत होती है. जब सूरज ढलता है तो चांद पर तापमान -203 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है, इस तापमान में विक्रम और प्रज्ञान काम नहीं कर सकते. ऐसे में जब चांद पर 14 दिन रात रहेगी तो ये दोनों काम नहीं कर सकेंगे. चांद पर एक रात पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होती है. इसी तरह दिन भी 14 दिनों के बराबर होता है इसलिए दोनों को मिलाकर चांद का एक दिन पृथ्वी के 29 दिनों के बराबर होता है. श्रीकांत ने कहा कि इसकी संभावना है कि जब सूरज की रोशनी पड़ेगी तो रोवर और लैंडर फिर एक्टिव हो जाएंगे क्योंकि चंद्रयान की लॉन्चिंग से पहले किए गए परीक्षणों में ऐसा हुआ है.

 

दो गौ तस्कर हिरासत में, पूछताछ जारी

0
बरेली। देवरनियां में एक दिन पहले ही गोकशी के मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। तीन दिन में दो गोकशी की घटनाओं से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। \
रविवार को देवरनियां पुलिस ने तीन गौ तस्करों को जेल भी भेजा था। बता दें कि देवरनियां में एक दिन पहले सेमी खेड़ा में पेट्रोल पंप के पास हाइवे पर दो गोवंश के अवशेष बरामद हुए थे। जिसको लेकर हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा भी किया था। उन्होंने लगातार हो रही गोवंश की हत्या को लेकर चिंता जताकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। इससे पहले गुरुवार को भी मगरी नवादा में बहगुल नदी के पास के गोवंश के अवशेष बरामद हुए थे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया था। इस गोकशी के मामले में ही पुलिस ने रविवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिसके बाद रविवार को हुई गोकशी के मामले में पुलिस ने देर रात दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में जांच पड़ताल चल रही है। गोकशी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

गाजीपुर में गौ तस्करी, 170 जानवरों की खाल बरामद

0
यूपी की योगी सरकार की तरफ से गौ हत्या और गौ मांस पर भले ही प्रतिबंध लगा दिया हो लेकिन आज भी धड़ल्ले से गौ मांस की तस्करी जारी है। इसी की सूचना पर गाजीपुर की कोतवाली पुलिस टाउन हॉल के पास सराय की गली में करीब 2 से 3 मकान में छापेमारी किया जहां से भारी मात्रा में गौ वंश और कटे हुए गौमांश के साथ ही 170 जानवरों की खाल भी बरामद हुई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा योगी सरकार बनने के बाद ही अवैध रूप से चलने वाले स्लॉटर हाउस पर प्रतिबंध लगा दिया। जिसके चलते सड़कों पर जानवरों की संख्या बढ़ गई जिसको लेकर प्रदेश सरकार के द्वारा लगातार अधिकारियों के पीठ थपथपाने का भी कार्य किया गया लेकिन इस कार्य में लगे हुए तस्कर अपने इस कार्य से पीछे नहीं आते हैं बल्कि अब वह अपने घरों में ही जानवरों के काटने का काम शुरू कर दिया है।
इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को हुई जिसको लेकर आज सुबह ही क्षेत्राधिकार सदर की देखरेख में टाउन हॉल और सराय की गली इलाके में छापेमारी किया गया। जहां पर पुलिस को गौ वंश के साथ ही पड़वे भी बरामद हुए। इसके अलावा करीब तीन कुंतल गौ मांस और 170 खाल बरामद हुए जिस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए इस धंधे में लिप्त तीन लोगों की गिरफ्तारी किया है। वहीं दो लोग मौके का फायदा उठाते हुए फरार हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह लोग गाजीपुर के लोकल मार्केट में इसकी सप्लाई करते थे।

मुकेश ऋषि और महिमा चौधरी के हाथों विशिष्ट लोगों को मिला फेस ऑफ इंडिया अचीवर्स अवार्ड

0

मुम्बई। मुक्ति ऑडिटोरियम में फेस ऑफ इंडिया अचीवर्स अवार्ड (सीजन वन) का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। अवार्ड शो में आकर्षण का केंद्र टीवी, फिल्म से जुड़े लोग रहे।

इस कार्यक्रम में अभिनेत्री महिमा चौधरी, अभिनेता मुकेश ऋषि, अभिनेत्री पूनम झावर, रीवा चौधरी, भोजपुरी अभिनेत्री रानी चटर्जी, संगीतकार दिलीप सेन और कॉमेडियन सुनील पाल जैसे कई दिग्गज कलाकार पुरस्कृत हुए साथ ही इन्हीं सेलिब्रिटी कलाकारों ने अपने हाथों से उभरते हुए कलाकारों, समाजसेवकों, व्यवसायियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इनके अलावा कथक डांसर अपर्णा राव, शिल्पा गाँधी, शैली मित्रा, साजिद खान, रॉकस्टार सिंगर चिंतन बाकीवाला, मंगेश वगाधले, निर्माता निर्देशक के सी बोकाडिया, मुस्तफा यूसुफअली गोम, एक्टर रोहित राज, अभिनेता बृजगोपाल, निर्माता मोहन नादर, गजेन्द्र श्रीवास्तव, अधिवक्ता विक्रम सिंह, संजय सिंह (क्रिएटिव एडिटर), वास्तु एक्सपर्ट बसंत राय वासिया, संजय अमान, महेंद्र श्रीवास्तव, निकेश ताराचंद शाह जैन, अनिता सिसोदिया (डायरेक्टर, कृतिका फिल्म्स प्रोडक्शन), गुजराती स्टार किरण आचार्य, योगेंद्र श्रीवास्तव, यूनुस एम पठान (गारमेंट एक्सपोर्टर) को भी फेस ऑफ इंडिया अचीवर्स अवार्ड प्राप्त हुआ।
अवार्ड पाने की श्रेणी में कई अभिनेता और अभिनेत्री, गायक, फिल्म निर्माता, संगीतकार, नेता और समाजसेवक शामिल रहे।
इस अवार्ड शो के स्पॉन्सर खालिद खान (एसकेके बिल्डर एंड डेवलपर), मुकेश गुप्ता (तिरुपति बालाजी मीडिया), को स्पॉन्सर बाबू भाई पटेल (सीताराम इंफ्राप्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड) और धर्मदास रमानी (द्वारिका फैमिली पार्क) थे।


तन्मय सेन गुप्ता (बिन्स एंटरटेनमेंट) और पुनीत खरे (मयूरी मीडिया वर्क के संचालक) ने इस इवेंट को सफलतापूर्वक आयोजित किया।
इस अवसर पर महिमा चौधरी ने सभी सम्मानित व्यक्तियों को शुभकामनाएं दी और उनको प्रोत्साहित किया। अभिनेता मुकेश ऋषि ने कहा कि हर अवार्ड के पीछे एक सोच और मेहनत होती है। कलाकार अपनी कला को निखारते रहें क्योंकि उनकी कला एक न एक दिन अवश्य सम्मानित होगी। कार्यक्रम में आयोजक तन्मय सेन गुप्ता और वरिष्ठ फिल्म प्रचारक पुनीत खरे ने सेलिब्रिटी कलाकारों का आभार जताते हुए कहा कि आप सभी ने इस अवार्ड शो की गरिमा बढ़ाई। उभरते कलाकार दिल से अपनी कला का प्रदर्शन करें ताकि हम आपको हमेशा सम्मानित कर सकें। सुनील पाल ने मंच पर मिमिक्री करके सबको खुश कर दिया।

ओमरान हेल्थकेयर इंडिया और मिलिंद सोमन मिलकर करेंगे लोगों को स्वाथ्य के प्रति जागरूक

0

मुंबई। ओमरान हेल्थकेयर इंडिया, जापानी कंपनी की भारतीय शाखा है जो घरेलू ब्लड प्रेशर निगरानी और कारडियोवेस्क्यूलर बीमारी के प्रबंधन के समाधान के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी है। ओमरान ने हाल ही में सुपरमॉडल, फिल्म एक्टर, प्रोड्यूसर और फिटनेस के प्रति जागरूक पर्सेनेलिटी, मिलिंद सोमन को घरेलू स्तर पर स्वास्थ की निगरानी करने, स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए सहयोग की घोषणा की गई है। घोषणा के समय ओमरान हेल्थकेयर के एमडी (प्रबंध निदेशक) तेतसूया यामादा उपस्थित थे।
इस सहयोग की महत्वपूर्ण उपलब्धि घरेलू स्वास्थ्य की निगरानी है जिसमें ओमरान के समर्पित और लाखों लोगों के जीवन में गुणवत्ता लाना है जो आधुनिक तकनीकि और उपयोगी उपकरणों के माध्यम से ही संभव है। इसका उद्देश्य ब्लड प्रेशर की निगरानी और शरीर की बनावट और वजन की माप की गड़बड़ियों से बढ़ने वाले हाइपर टेंशन को रोकता है। मिलिंद और ओमरान की हमेशा से यह लक्ष्य रहा है कि हाइपरटेंशन, फिटनेस और वजन के प्रबंधन की रूटिन जांच हो, जो कई बार गंभीर रूप ले लेती है और व्यक्ति उसी समय इनका इस्तेमाल करता है जब उसके साथ कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या आ जाती है।
मिलिंद सोमन अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग रहते हैं और स्वास्थवर्धक आहार, नियमित व्यायाम के लिए मशहूर हैं। वे अपना हेल्थ चेकअप नियमित आधार पर करते रहते हैं और उनका दृष्टिकोण ओमरान के साथ पूरी तरह से मिलता है, ओमरान हमेशा से ”गोइंग फार जीरो यानि बीमारी हमेशा शून्य रखने” के सिद्धांतों पर काम करती है। कंपनी का मकसद प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर ध्यान देना रहा है, ताकि हाइपरटेंशन की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और लोगों को जीरो हर्ट अटैक और जीरो ब्रेन स्ट्रोक्स का एहसास कराया जा सके।
हाल ही में युवाओं में हार्ट अटैक की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। फिलहाल, अगर नियमित तौर पर कम उम्र से ही निगरानी रखी जाए, तो लोगों के जीवन पर इसका लंबे समय तक असर बना रह सकता है। व्यापक स्तर पर हाइपरटेंशन का प्रबंधन और डाटा पर निगरानी रखने से भी निकट भविष्य में कार्डियोवैस्क्युलर की समस्याओं को रोकने और नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
इस नए अध्याय के विषय में बात करते हुए ओमरान हेल्थकेयर के एमडी (प्रबंध निदेशक) तेतसूया यामादा ने कहा कि भारत में स्वास्थ्य की निगरानी को लेकर जागरूकता फैलाने की बहुत आवश्यकता है। किसी भी फिटनेस से संबंधित व्यवस्था में स्वास्थ्य की जांच को शामिल करना जरूरी होता है। मिलिंद सोमन फिटनेस को लेकर हमेशा जागरूक रहते हैं और नियमित जांच कराते रहते हैं। उनकी स्वास्थ्य संबंधी गंभीरता को लेकर किसी तरह का कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। ओमरान को उनके साथ सहयोग करने का मौका पहले भी मिल चुका है और मुझे खुशी है कि हम उनके साथ नए सिरे से साझेदारी करने जा रहे हैं। इस साझेदारी से हमें नए ग्राहकों के साथ जुड़ने में मदद मिलेगी, हमारा मूल मंत्र है ”लाइफ आन विद ओमरान” यानि जीवन ओमरान के साथ शुरू होता है।
फिटनेस उद्योग से बहुत पहले से जुड़े रहे और स्वस्थ्य जीवन जीने के पक्के हिमायती, मिलिंद सोमन ने अपने इस नए रोल के बारे में कहा कि मैं अपने को ओमरान हेल्थकेयर इंडिया से जुड़कर बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं। यह एक ऐसा ब्रांड है जिसका संबंध मेरे जुनून से है और वह जुनून है, हेल्थ और वेलबींग को बढ़ावा देना। ओमरान के पास तमाम आधुनिक और लाभकारी उपकरण है, और मुझे लगता है कि इससे भारत में हेल्थकेयर को लेकर एक नई क्रांति आने की प्रेरणा मिल सकती है। इससे सबको प्रेरणा मिलती है कि सब लोग अपने स्वास्थ्य की यात्रा के मालिक बनें जिसमें स्वास्थ्य की जांच या निगरानी भी शामिल है।