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“मेरे कृष्ण” नाट्य में श्रीकृष्ण की भूमिका में सौरभ राज जैन

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मुंबई। “मेरे कृष्ण” — श्रीकृष्ण की दिव्य यात्रा को दर्शाने वाला एक भव्य रंगमंचीय नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी।
इस नाटक में सौरभ राज जैन श्रीकृष्ण की भूमिका में, पूजा बी. शर्मा राधा एवं महामाया के रूप में, तथा अर्पित रांका दुर्योधन एवं कंस की भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
नाटक का निर्देशन राजीव सिंह दिनकर ने किया है। इसका निर्माण विवेक गुप्ता, राजीव सिंह दिनकर एवं विष्णु पाटिल द्वारा किया गया है। नाटक के लेखक डॉ. नरेश कात्यायन हैं तथा इसका मौलिक संगीत उद्भव ओझा द्वारा रचित है।
2 घंटे 45 मिनट की अवधि वाला “मेरे कृष्ण” एक गहन रंगमंचीय अनुभव है, जो श्रीकृष्ण के जीवन के दिव्य, मानवीय और दार्शनिक आयामों की यात्रा कराता है।
यह नाटक 20 जीवंत दृश्यों में प्रकट होता है, जिनमें श्रीकृष्ण के जीवन के प्रमुख अध्यायों को दर्शाया गया है — वृंदावन में उनके बाल्यकाल से लेकर द्वारका में उनके अंतिम क्षणों तक।
शाश्वत दर्शन में निहित होते हुए भी, इसकी कथा शैली मनोरंजक, दृश्यात्मक रूप से समृद्ध और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है — जिसमें नाट्यकला, संगीत, नृत्य और मल्टीमीडिया का सुंदर समन्वय है।
यह नाटक श्रीकृष्ण के जीवन के कुछ कम ज्ञात प्रसंगों और दृष्टिकोणों को भी उजागर करता है।
निर्देशक राजीव सिंह दिनकर के अनुसार, निर्देशन की शैली अभिनयात्मक कथा-वाचन को इमर्सिव विज़ुअल्स और प्रतीकात्मक मंच-भाषा के साथ जोड़ती है — जहाँ स्थान, ध्वनि और प्रकाश का उपयोग कर भावनाओं को अनुभव में बदला जाता है।
नाटक का स्वर काव्यात्मक होने के साथ आधुनिक है, दार्शनिक होते हुए भी मनोरंजक है।
प्रत्येक दृश्य को गतिमान चित्रकला की तरह परिकल्पित किया गया है — जहाँ रंगमंच, दृश्य कला और आध्यात्मिक अन्वेषण एक-दूसरे से मिलते हैं।
इस नाटक के माध्यम से निर्देशक एक संवाद जागृत करना चाहते हैं — पूजा के बारे में नहीं, बल्कि जागरूकता के बारे में।
उद्देश्य यह है कि हर दर्शक यह प्रश्न लेकर न जाए कि “श्रीकृष्ण कौन हैं?” बल्कि यह अनुभूति लेकर जाए कि “श्रीकृष्ण मेरे भीतर हैं।”
प्रत्येक कलाकार का व्यक्तिगत लुक शीघ्र ही जारी किया जाएगा।

प्रियंका चोपड़ा को अपना प्रेरणास्रोत मानती है रुचि गुर्जर 

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अभिनेत्री रुचि गुर्जर इन दिनों ग्लैमरस लुक, आत्मविश्वास और अपने काम के प्रति समर्पण के कारण लगातार सुर्खियों में हैं। 2025 के कान्स फिल्म फेस्टिवल में उन्होंने ऐसा प्रभाव छोड़ा, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाला उनका स्टेटमेंट नेकलेस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और फैशन जगत ने उनके इस अनोखे आइडिया को साहसिक तथा क्रिएटिव बताया। रुचि ने भी बताया कि यह कॉन्सेप्ट उनकी खुद की सोच थी, जिसे डिजाइनर ने खूबसूरती से तैयार किया।

कान्स के बाद रुचि 56वें आईएफएफआई गोवा फिल्म फेस्टिवल में भी नजर आईं, जहाँ उनका ग्लैमरस और एलीगेंट अंदाज़ हर किसी का ध्यान खींचता रहा। रेड कार्पेट पर उनकी आत्मविश्वास भरी एंट्री को दर्शकों, फोटोग्राफर्स और मीडिया ने खुले दिल से सराहा। कई फैशन विशेषज्ञों ने उनकी स्टाइलिंग को “क्लासी, ग्रेसफुल और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड” तक कहा।

रुचि गुर्जर उन कलाकारों में हैं, जो सिर्फ सुंदरता या ग्लैमर से नहीं, बल्कि अपने प्रोफेशनल रवैये और मेहनत से पहचानी जाती हैं। वह कई वर्षों से मुंबई में मॉडलिंग और एक्टिंग कर रही हैं। अभिनेता अमन वर्मा के साथ उनका म्यूजिक वीडियो “एक लड़की” काफी पसंद किया गया। इसके अलावा वह कई हिंदी और हरियाणवी वीडियो में भी नजर आ चुकी हैं। उनकी कुछ वेबसीरीज़ और फिल्में जल्द शूटिंग फ्लोर पर जाने वाली हैं, जिनसे उन्हें और भी बड़ा पहचान मिलने की उम्मीद है।

रुचि का सफर प्रेरणादायक रहा है। राजस्थान के एक छोटे से गाँव से निकलकर उन्होंने मिस हरियाणा का ताज जीता, पढ़ाई की, सॉफ्टवेयर कंपनी में काम किया और फिर अपने सपनों की दुनिया मुम्बई का रुख किया। छोटे शहर से आने वाली लड़कियों के लिए वह आज एक मजबूत उदाहरण बन चुकी हैं कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से हर सीमित दायरा तोड़ा जा सकता है।

उनका कहना है कि “फैशन हो, अभिनय हो या जीवन, जो भी करो, उसमें एक नियम, एक मर्यादा और एक अनुशासन होना जरूरी है।”
रुचि इस बात पर भी जोर देती हैं कि नए कलाकारों को जल्दबाजी में कोई भी प्रोजेक्ट स्वीकार करने से बचना चाहिए, क्योंकि गलत चुनाव भविष्य में रुकावट बन सकता है।

रुचि निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्मों की बड़ी प्रशंसक हैं और मानती हैं कि उनकी फिल्में भव्यता, संस्कृति और शानदार अभिनय का बेहतरीन संगम हैं। प्रियंका चोपड़ा को वह अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं। अगर अवसर मिला तो वह “जब वी मेट” की ‘गीत’ जैसा खुशमिजाज़ और बिंदास किरदार निभाना चाहेंगी, क्योंकि वह खुद भी वास्तविक जीवन में काफी पॉज़िटिव, जिंदादिल और आत्मनिर्भर हैं।

फैशन शो में रुचि हमेशा से आकर्षण का केंद्र रही हैं। आगे चलकर वह फैशन इंडस्ट्री में अपना खुद का बिज़नेस शुरू करना चाहती हैं। उनकी ऊर्जा, आत्मविश्वास, और लगातार बेहतर करने की चाह उन्हें बॉलीवुड की उभरती हुई प्रतिभाओं में मजबूती से शामिल करती है।

BJP Candidate List BMC Election 2026

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1. वॉर्ड क्रमांक  २ – तेजस्वी घोसाळकर
2. वॉर्ड क्रमांक ३ – प्रकाश दरेकर
3. वॉर्ड क्रमांक ७ – गणेश खणकर
4. वॉर्ड क्रमांक ८ – योगिता पाटील
5. वॉर्ड क्रमांक ९ – शिवानंद शेट्टी
6. वॉर्ड क्रमांक १० – जितेंद्र पटेल
7. वॉर्ड क्रमांक १३ – राणी त्रिवेदी
8. वॉर्ड क्रमांक १४ – सीमा शिंदे
9. वॉर्ड क्रमांक १५ – जिग्ना शाह
10. वॉर्ड क्रमांक १६ – श्वेता कोरगावकर
11. वॉर्ड क्रमांक १७ – शिल्पा सांगोरे
12. वॉर्ड क्रमांक १९ – दक्षता कवठणकर
13. वॉर्ड क्रमांक २० – बाळा तावडे
14. वॉर्ड क्रमांक २१ – लीना देहरेकर पटेल
15. वॉर्ड क्रमांक २२ – हेमांशू पारेख
16. वॉर्ड क्रमांक २३ – शिवकुमार झा
17. वॉर्ड क्रमांक २४ – स्वाती जैस्वाल
18. वॉर्ड क्रमांक २५ – निशा परुळेकर
19. वॉर्ड क्रमांक २७ – नीलम गुरव
20. वॉर्ड क्रमांक ३० – धवल वोरा
21. वॉर्ड क्रमांक ३१ – मनिषा यादव
22. वॉर्ड क्रमांक ३५ – योगेश वर्मा
23. वॉर्ड क्रमांक ३६ – सिद्धार्थ शर्मा
24. वॉर्ड क्रमांक ३७ – प्रतिभा शिंदे
25. वॉर्ड क्रमांक ४३ – विनोद मिश्रा
26. वॉर्ड क्रमांक ४४ – संगीता ग्यानमुर्ती शर्मा
27. वॉर्ड क्रमांक ४६ – योगिता कोळी
28. वॉर्ड क्रमांक ४७ – तेजिंदर सिंह तिवाना
29. वॉर्ड क्रमांक ५० – विक्रम राजपूत
30. वॉर्ड क्रमांक ५२ – प्रीती सातम
31. वॉर्ड क्रमांक ५४ – विप्लव अवसरे
32. वॉर्ड क्रमांक ५५ – हर्ष पटेल
33. वॉर्ड क्रमांक ५६ – राजूल समीर देसाई
34. वॉर्ड क्रमांक ५७ – श्रीकला पिल्ले
35. वॉर्ड क्रमांक ५८ – संदीप पटेल
36. वॉर्ड क्रमांक ५९ – योगिता दाभाडकर
37. वॉर्ड क्रमांक ६० – सयाली कुलकर्णी
38. वॉर्ड क्रमांक ६३ – रुपेश सावरकर
39. वॉर्ड क्रमांक ६४ – सरिता राजापुरे
40. वॉर्ड क्रमांक ६५ – विठ्ठल भंडेरे
41. वॉर्ड क्रमांक ६७ – दिपक कोतेकर
42. वॉर्ड क्रमांक ६८ – रोहन राठोड
43. वॉर्ड क्रमांक ६९ – सुधा सिंह
44. वॉर्ड क्रमांक ७० – अनिश मकवानी
45. वॉर्ड क्रमांक ७२ – ममता यादव
46. वॉर्ड क्रमांक ७४ – उज्ज्वला मोडक
47. वॉर्ड क्रमांक ७६ – प्रकाश मुसळे
48. वॉर्ड क्रमांक ८४ – अंजली सामंत
49. वॉर्ड क्रमांक ८५ – मिलिंद शिंदे
50. वॉर्ड क्रमांक ८७ – महेश पारकर
51. वॉर्ड क्रमांक ९७ – हेतल गाला
52. वॉर्ड क्रमांक ९८ – अलका केळकर
53. वॉर्ड क्रमांक ९९ – जितेंद्र राऊत
54. वॉर्ड क्रमांक १०० – स्वप्ना म्हात्रे
55. वॉर्ड क्रमांक १०३ – हेतल गाला मोर्वेकर
56. वॉर्ड क्रमांक १०४ – प्रकाश गंगाधरे
57. वॉर्ड क्रमांक १०५ – अनिता वैती
58. वॉर्ड क्रमांक १०६ – प्रभाकर शिंदे
59. वॉर्ड क्रमांक १०७ – नील सोमय्या
60. वॉर्ड क्रमांक १०८ – दिपिका घाग
61. वॉर्ड क्रमांक १११ – सारिका पवार
62. वॉर्ड क्रमांक ११६ – जागृती पाटील
63. वॉर्ड क्रमांक १२२ – चंदन शर्मा
64. वॉर्ड क्रमांक १२६ – अर्चना भालेराव
65. वॉर्ड क्रमांक १२७ – अलका भगत
66. वॉर्ड क्रमांक १२९ – अश्विनी मते
67. वॉर्ड क्रमांक १३० – धर्मेश गिरी
68. वॉर्ड क्रमांक १३१ – राखी जाधव
69. वॉर्ड क्रमांक १३२ – रितू तावडे
70. वॉर्ड क्रमांक १३५ – नवनाथ बन
71. वॉर्ड क्रमांक १४४ – बबलू पांचाळ
72. वॉर्ड क्रमांक १५२ – आशा मराठे
73. वॉर्ड क्रमांक १५४ – महादेव शिगवण
74. वॉर्ड क्रमांक १५७ – आशाताई तायडे
75. वॉर्ड क्रमांक १५८ – आकांक्षा शेट्ये
76. वॉर्ड क्रमांक १६४ – हरिष भांदिर्गे
77. वॉर्ड क्रमांक १७२ – राजश्री शिरवडकर
78. वॉर्ड क्रमांक १७४ – साक्षी कनोजिया
79. वॉर्ड क्रमांक १७७ – कल्पेशा जेसल कोठारी
80. वॉर्ड क्रमांक १८५ – रवी राजा
81. वॉर्ड क्रमांक १८९ – मंगला गायकवाड
82. वॉर्ड क्रमांक १९० – शितल गंभीर देसाई
83. वॉर्ड क्रमांक १९५ – राजेश कांगणे (वरळी मतदारसंघ)
84. वॉर्ड क्रमांक १९६ – सोनाली सावंत
85. वॉर्ड क्रमांक २०० – संदीप पानसांडे
86. वॉर्ड क्रमांक २०२ – पार्थ बावकर
87. वॉर्ड क्रमांक २०५ – वर्षा गणेश शिंदे
88. वॉर्ड क्रमांक २०७ – रोहिदास लोखंडे
89. वॉर्ड क्रमांक २१४ – अजय पाटील
90. वॉर्ड क्रमांक २१५ – संतोष ढोले
91. वॉर्ड क्रमांक २१८ – स्नेहल तेंडुलकर
92. वॉर्ड क्रमांक २१९ – सन्नी सानप
93. वॉर्ड क्रमांक २२१ – आकाश पुरोहित
94. वॉर्ड क्रमांक २२२ – रिटा मकवाना
95. वॉर्ड क्रमांक २२५ – हर्षिता नार्वेकर
96. वॉर्ड क्रमांक २२६ – मकरंद नार्वेकर
97. वॉर्ड क्रमांक २२७ – गौरवी शिवलकर-नार्वेकर

गुजरात के जूनागढ़ में सात गौ माताओं की संदिग्ध मौत

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गुजरात के जूनागढ़ जिले की केशोद तहसील के फागली गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गांव के बाहरी हिस्से में स्थित पुराने कूड़ाघर के पास एक साथ सात गायों के शव मिलने से ग्रामीणों और गौ सेवकों में भारी आक्रोश फैल गया है।

इस घटना का पता उस समय चला जब गांव के कुछ बच्चे मैदान में पतंग उड़ा रहे थे। पतंग बबूल के पेड़ में फंसने पर जब वे उसे निकालने पहुंचे, तो झाड़ियों और कचरे के ढेर के पास कई गायों के शव पड़े दिखे। बच्चों ने तुरंत गांव के सरपंच भगवानजी देवधरिया को इसकी सूचना दी।

सरपंच ने बिना देरी किए पुलिस, गौ रक्षा दल और पशु चिकित्सकों को मौके पर बुलाया। हालात की गंभीरता को देखते हुए संबंधित टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस और पशु चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से पंचनामा तैयार किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटनास्थल पर पहुंचे लायन नेचर क्लब के सदस्य नीरव लक्ष्मी समेत अन्य गौ रक्षकों ने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार किया है। उनका आरोप है कि गायों को जानबूझकर जहरीला पदार्थ खिलाया गया। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी केशोद के वेरावल रोड इलाके में 8–9 नंदी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए जा चुके हैं, जिससे किसी संगठित गिरोह की आशंका गहराई है।

पशु चिकित्सकों ने मौके पर ही गायों के आंतरिक अंगों के सैंपल एकत्र किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए पशु सेवा विभाग (FSL) भेजा जा रहा है। पुलिस ने फिलहाल मामले में आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पशुधन मंत्री ने गौ आश्रय स्थलों के निरीक्षण के दिए निर्देश

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लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को प्रदेश के गौ आश्रय स्थलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि ठंड से किसी भी गोवंश की मृत्यु न होने पाए।

इसके लिए पशु चिकित्साधिकारी गौ आश्रय स्थलों पर पहुंचकर गोवंश के उत्तम स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं औषधि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। नोडल अधिकारी गौ आश्रय स्थलों का नियमित रूप से निरीक्षण कर चारा, भूसा, पानी प्रकाश आदि व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

धर्मपाल सिंह ने विभाग के बजट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवंटित बजट शत प्रतिशत व्यय करने के लिए कहा। व्यय में लापरवाही व उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जायेगी। सभी अवस्थापना संबंधी कार्य माह फरवरी 26 तक पूर्ण कर लिए जाए। कार्यदायी संस्था द्वारा मानक के अनुरूप तथा लेआउट के अनुसार कार्य किया जाए। अवस्थापना संबंधी कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।

उन्होंने गोवंश शेड, पानी पीने की चराहिया, खडंजा आदि मजबूत एवं व्यवस्थित तरीके से बनाने का निर्देश दिया। दुग्ध विकास के अधिकारियों को निर्देशित किया कि पराग के उत्पादों की मार्केटिंग को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। पशुधन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट रखा।

शादी के महज 24 घंटे में तलाक

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पुणे: आम धारणा है कि प्रेम विवाह एक-दूसरे को समझने का अच्छा मौका है। हालांकि, पुणे में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। एक हाई एजुकेटेड कपल ने जो किया उसने सोशल मीडिया पर बहस भी छेड़ दी। पुणे के इक डॉक्टर कपल का अफेयर था। दोनों ने लव मैरेज की और शादी के महज 24 घंटे में ही दोनों ने तलाक भी ले लिया। उनके बीच शादी के दूसरे दिन सुबह से झगड़ा हुआ और उन्होंने अलग रहने का फैसला लिया।

इस कपल शादी के 24 घंटे में हुए तलाक का दिलचस्प पहलू है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद महज 8 दिन में ही उन्हें तलाक भी मिल गया। पुणे फैमिली कोर्ट के जज बी डी कदम ने यह अहम नतीजा सुनाया।

तलाकशुदा जोड़ा समाज के सम्मानित वर्ग से है। पति एक जहाज पर बड़े पद पर कार्यरत है, जबकि पत्नी पेशे से डॉक्टर है। दोनों एक दूसरे से कई साल पहले मिले थे। उनके बीच अफेयर चला। प्यार परवान चढ़ा और उन्होंने शादी करने का फैसला लिया। दोनों की शादी हुई। उनके परिवार और रिश्तेदार इस शादी समारोह में शामिल हुए।

शादी के अगले दिन सुबह दोनों के बीच झगड़ा हुआ। झगड़ा इतना बढ़ गया कि लड़की घर छोड़कर चली गई। दोनों ने अलग रहने का फैसला लिया। मामला कोर्ट तक पहुंचा। उन्होंने वकील से बात की और कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर कर दी।

3 दिसंबर को वकील रानी कांबले-सोनावणे ने आपसी सहमति से तलाक के लिए आवेदन किया था। आम तौर पर तलाक के लिए छह महीने की प्रतीक्षा अवधि अनिवार्य है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार, यदि पति-पत्नी 18 महीने से अधिक समय से अलग हो गए हैं, तो इस अवधि में छूट दी जा सकती है। अदालत ने 10 दिसंबर को तलाक पर मुहर लगा दी क्योंकि दंपति डेढ़ साल से अलग रह रहे थे और पति को काम के लिए तत्काल विदेश जाने की जरूरत थी।

मुंबई की 135 सीटों पर लड़ेगी BJP, एकनाथ शिंदे को 90 सीट

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मुंबई : BMC चुनाव में उद्धव-राज ठाकरे के बीच गठबंधन के बाद बीजेपी और शिंदे सेना में भी मिलकर चुनाव लड़ने की सहमति बन गई है। सूत्रों के मुताबिक बीएमसी की 227 सीटों में से बीजेपी 135-140 सीटों और शिंदे सेना 85-90 सीटों पर चुनाव लड़ने को सहमत हो गई है। रामदास आठवले की आरपीआई को बीजेपी कोटे से सीट मिलेगी। रविवार को महायुति के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होने की संभावना है। वहीं राज्य की सत्ता में शामिल अजित पवार की एनसीपी बीएमसी चुनाव में महायुति का हिस्सा नहीं होगी।

बीएमसी चुनाव में गठबंधन के लिए शिंदे सेना और बीजेपी नेताओं के बीच कई दौर की बैठक हो चुकी हैं। पिछले कुछ दिनों से यह साफ़ हो गया था कि शिंदे सेना और बीजेपी मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उसके बाद सीट बंटवारे को लेकर दोनों पार्टी के नेताओं के बीच कई राउंड की मीटिंग हुई। शुक्रवार को भी दोनों दलों के नेताओं ने बैठक की।

शुरू में बीजेपी 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन शिंदे सेना भी मुंबई में अधिक सीटें चाहती थी, इसलिए सीट शेयरिंग को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान चल रही थी। लेकिन शुक्रवार की बैठक के बाद दोनों दलों के बीच सहमति बन गई है। इसके तहत बीजेपी 135-140 सीटों और शिंदे सेना के 85-90 सीटों पर चुनाव लड़ने का फॉर्म्युला तय हो गया है।

देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल एनसीपी अजित गुट बीएमसी चुनाव में महायुति से बाहर हो गई है। एनसीपी अजित गुट मुंबई में बीएमसी चुनाव नवाब मलिक के नेतृत्व में लड़ने जा रही है। बीजेपी और शिंदे सेना ने नवाब मलिक के नेतृत्व में एनसीपी को महायुति में शामिल करने से इनकार कर दिया है। बीजेपी के आशीष शेलार और मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने नवाब मालिक के रहते एनसीपी से गठबंधन करने से इनकार कर दिया था। बीजेपी के एक नेता ने बताया कि अजित गुट को छोड़कर महायुति में सीटों के बंटवारे पर सहमति बन गई है।

Shankh Airline वाले श्रवण कुमार की पूरी कहानी

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नई दिल्ली| कानपुर की गलियों से निकलकर देश के आसमान तक पहुंचने की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन यह हकीकत है। जिस शख्स ने कभी कानपुर में टेंपो चलाई, गंगाजी में डुबकी लगाई और आम जिंदगी जी, वही आज अपनी एयरलाइन शुरू करने जा रहा है। नाम है- श्रवण कुमार विश्वकर्मा (Shravan Kumar Vishwakarma)। उन्होंने एक सपना देखा था कि वो कभी हवाई चप्पल पहनने वालों हवाई जहाज का सफर कराएंगे और आज से 26 महीने पहले यूपी की पहली एयरलाइंस को इंट्रोड्यूस किया। नाम दिया- शंख एयरलाइंस (Shankh Airlines)।

जिसे गरुवार, 24 दिसंबर को मंजूरी को मंजरी मिल गई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय शंख एयरलाइंस (Shankh Airline) समेत तीन एयरलाइंस को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (Shankh Air NOC) जारी किया है। इनमें अल हिंद एयर (HindAir) और फ्लाई एक्सप्रेस (FlyExpress) एयरलाइंस शामिल हैं। अब सवाल यह है कि आखिर कौन हैं श्रवण कुमार और क्या है उनका पूरा प्लान?

कौन हैं श्रवण कुमार विश्वकर्मा?

श्रवण कुमार शंख एयर के फाइंडर और चेयरमैन (shankh airlines owner) हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखते हैं। मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे श्रवण बताते हैं कि पढ़ाई में उनका मन ज्यादा नहीं लगता था। दोस्ती-यारी और हालात ऐसे रहे कि जल्दी ही पढ़ाई छूट गई। इसके बाद उन्होंने बिजनेस की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे खुद को खड़ा किया। उनका पहला बड़ा काम सरिया (TMT) का बिजनेस था। इसके बाद उन्होंने सीमेंट, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हाथ आजमाया। ट्रकों का बड़ा बेड़ा खड़ा किया और यहीं से उनकी कारोबारी पहचान बनी।

टेंपो चलाने से बिजनेस तक का सफर

श्रवण कुमार ने खुद बताया है कि उन्होंने न सिर्फ टेंपो में सफर किया, बल्कि दोस्तों के टेंपो खुद चलाए भी हैं। श्रवण कुमार के मुताबिक, “नीचे से ऊपर आने वाला आदमी साइकिल, बस, ट्रेन, टेंपो सब कुछ देखता है।” यही अनुभव आज उनकी सोच की सबसे बड़ी ताकत बना।

एयरलाइन का आइडिया कैसे आया?

करीब 3-4 साल पहले श्रवण कुमार के मन में कुछ अलग करने का जुनून आया। उनका मानना था कि एविएशन आने वाले समय की ग्रोथ इंडस्ट्री है। लोग समय बचाना चाहते हैं और हवाई सफर अब जरूरत बन चुका है। एक यात्रा के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि मध्यम वर्ग के लिए सस्ती और भरोसेमंद एयरलाइन की भारी कमी है- यहीं से शंख एयरलाइन का विचार जन्मा।

एयरलाइंस का नाम शंख क्यों रखा?

श्रवण कुमार बताते हैं कि ‘शंख’ नाम उनके लिए नया नहीं था। उनकी पहले से मौजूद कंपनी में भी यही नाम जुड़ा था। धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान वाला यह नाम उन्हें अपील करता है। हर घर में शंख होता है, लेकिन हर कोई उसे बजा नहीं पाता। श्रवण कहते हैं कि, “हम भी कुछ ऐसा ही करना चाहते हैं, जो सबके पास हो, लेकिन अलग पहचान बनाए।”

टिकट की कीमतें कैसी होंगी?

श्रवण कुमार का सबसे बड़ा दावा है- नो डायनामिक प्राइसिंग। उनका साफ कहना है कि, सुबह 5,000 रुपए की टिकट शाम को 25,000 रुपए नहीं होगी। होली-दिवाली, छठ का त्योहार हो, कुंभ हो या फिर डिमांड ही क्यों न बढ़ जाए… उनकी एयरलाइंस का किराया आसमान नहीं छुएगा। उनका फोकस मध्यम वर्ग पर है। तय रेट, सीमित मुनाफा और भरोसेमंद सेवा, यही शंख एयरलाइन का मॉडल होगा।

विश्व शांति मिशन हेतु दिल्ली में मोरारी बापू की नौ दिवसीय राम कथा का आयोजन- विजेंद्र गुप्ता

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इतिहास में पहली बार जैन आचार्य लोकेशजी द्वारा राम कथा का आयोजन प्रेरक घटना- विधानसभा अध्यक्ष

भारत मंडपम में 17 से 25 जनवरी 2026 को होगा मोरारी बापू रामकथा का आयोजन – आचार्य लोकेश

नई दिल्ली, 27 दिसंबर 2025: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता, अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश जी ने दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए नव वर्ष 2026 के शुभारंभ पर होने वाली मोरारी बापू रामकथा के बारे में विस्तृत जानकारी दी |
विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि भारत की राजधानी दिल्ली एनसीआर में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं सकारात्मक घटना घटित होने जा रही है | इतिहास में यह पहला अवसर होगा कि जैन आचार्य लोकेश जी द्वारा रामकथा का आयोजन भारत मंडपम नई दिल्ली में किया जा रहा है | रामकथा के मर्मज्ञ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पूज्य मोरारी बापू विश्व शांति मिशन के लिए नौ दिन राम कथा करेंगे |

विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि प्रभु श्रीराम भारत की आत्मा है, भारत की अस्मिता के प्रतीक हैं, वे कोटि कोटि लोगों की आस्था के केंद्र है, उनका जीवन हम सबको प्रेरणा देता है उनके जीवन में चरित्र निष्ठा, अनुशासन, मर्यादा, संयम, त्याग, बड़ों का सम्मान, नारी शक्ति का आदर, आदि आदि गुण उनके जीवन चरित्र में मिलते हैं मैं समझता हूँ नौ दिन की रामकथा से हमारे दिल्ली को और यहाँ की जनता को और खासकर हमारी युवा पीढ़ी को भावी पीढ़ी को संस्कार निर्माण चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व निर्माण में सहायक बनेगा| भारत की राजधानी दिल्ली के अति प्रतिष्ठित भारत मंडपम के सभागार आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम, करुणा, शांति, सद्भावना, प्रेम, मानवता का संदेश समस्त विश्व में प्रसारित होगा और विश्व शांति स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक होगा|

जैन आचार्य लोकेश जी ने बताया कि राम कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द जी है तथा मुख्य संरक्षक दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता है| उन्होंने बताया कि मोरारी बापू ने अहिंसा विश्व भारती द्वारा स्थापित विश्व शांति केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर विश्व शांति मिशन के लिए दिल्ली में नौ दिवसीय रामकथा की घोषणा की थी, जो नव वर्ष 2026 के शुभारंभ के साथ आयोजित हो रही है | रामकथा का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को विश्व शांति मिशन के साथ जोड़ना है | इस दौरान भगवान राम के जीवन चरित्र और भगवान महावीर के संदेश के माध्यम से विश्व शांति, समाज कल्याण और व्यक्ति निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर गहन जानकारी दी जाएगी |

रामकथा आयोजन समिति की ओर से श्री प्रदीप जिंदल, डॉ आलोक ड्रोलिया ने बताया कि जैन आचार्य लोकेश जी के सान्निध्य में रामकथा का आयोजन अहिंसा विश्व भारती द्वारा किया जा है| भारत की राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित स्थान ‘भारत मंडपम’ प्रगति मैदान नई दिल्ली के मल्टी पर्पस हॉल में 17 से 25 जनवरी 2026 तक अहिंसा विश्व भारती संस्था द्वारा किया जा रहा है | नौ दिवसीय राम कथा का शुभारंभ दिनांक 17 जनवरी 2026 को सायं 4 बजे होगा | 18 जनवरी से 25 जनवरी तक कथा का समय प्रात: 10 से 1 बजे तक रहेगा | राम कथा का श्रवण करने भारत के प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों, विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरुओं, उदयतोंगपतियों, शिक्षाविद, समाज सेवियों, विचारकों आदि को आमंत्रित किया गया है| इस अवसर पर अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, यूईए आदि देशों सहित भारत के विभिन्न प्रांतों से कथा श्रवण के लिए श्रद्धालु आ रहे है | इससे सांस्कृतिक मूल्यों के आदान प्रदान के साथ टूरिज़्म आदि को भी प्रोत्साहन मिलता है| प्रतिदिन करीब 4000 श्रद्धालु देश विदेश से राम कथा का श्रवण करने आएंगे |

रीवा में प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन किसान सम्मेलन

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26 दिसंबर 2025, छिन्दवाड़ा: रीवा में प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन किसान सम्मेलन आयोजित –  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामय उपस्थिति में रीवा में आज प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन पर आधारित किसान सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस किसान सम्मेलन का लाइव प्रसारण  छिंदवाड़ा जिले में किसानों द्वारा देखा और सुना गया। जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

वहीं कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा के सभाकक्ष में भी कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं अन्य अधिकारियों द्वारा भी किसान सम्मेलन का लाइव प्रसारण देखा व सुना गया। लाइव प्रसारण के दौरान अतिथियों ने किसानों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक खेती को अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आय में वृद्धि संभव होती है। साथ ही गौ-पालन को प्राकृतिक खेती का अभिन्न अंग बताते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बताया गया।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को गौ-आधारित खेती, जैविक आदानों के उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने भी प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन की विभिन्न तकनीकों पर प्रकाश डाला। जिले के किसानों ने कार्यक्रम में दी गई जानकारियों में गहरी रुचि दिखाई और प्राकृतिक खेती एवं गौ-पालन को अपनाने के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।