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जो सरकार गौ-हत्या नहीं रोके उसे वोट देना पाप-शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

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Chhattisgarh – छत्तीसगढ़ के राजिम कल्प कुंभ में शामिल होने पहुंचे ज्योतिष-पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और द्वारिका पीठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने कहा कि, जिस देश में गीता, गौ और गंगा को माता का स्थान दिया गया है, वहां गौ हत्या रोकने का प्रयास नहीं हो रहा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, 75 वर्षों में दिल्ली में अनेक दलों की सरकार आई, लेकिन गौ हत्या को रोकने के लिए कोई सख्त नियम नहीं बना पाई है। गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिले, इसलिए 10 मिनट के लिए भारत बंद रहेगा।
करे जो गो माता पर चोट, कैसे दें हम उसको वोट
शंकराचार्य ने कहा कि, यदि कोई सरकार गौ हत्या नहीं रोक पा रही है, फिर भी हम उसे वोट दे रहे हैं तो यह हमारे द्वारा किया जा रहा पाप है। उन्होंने सनातनी लोगों से गौ-हत्या रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में कौन सी पार्टी सत्ता में आएगी, यह अभी से नहीं कहा जा सकता।
जहां गौ भक्तों पर चली गोलियां, वहां जाएंगे
उन्होंने बताया कि, 14 मार्च को गिरिराज गोवर्धन की परिक्रमा करके दिल्ली के संसद भवन रवाना होंगे। हम संसद भवन के उसे कोने तक जाएंगे जहां सन 1966 में गौ भक्तों के ऊपर गोलीबारी की गई थी। उन्होंने कहा कि, इस यात्रा में हम उन सभी राजनीतिक पार्टियों को आमंत्रित करते हैं, जो गौ माता के शपथ पत्र को स्वीकार करते हैं।
गौ हत्या कैसे रोकेंगे, ये शासन-प्रशासन का काम
वहीं शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि, गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाना चाहिए ताकि गौ वध बंद हो। नॉर्थ ईस्ट में गौ हत्या कैसे रोकेंगे इस पर शंकराचार्य ने कहा कि इसे रोकना शासन-प्रशासन का काम है, हमारा नहीं। हम धर्म गुरु हैं। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर कानून की तैयारी पर कहा कि पूरे देश में धर्मांतरण हो रहा है, अगर कानून लाया जा रहा है तो प्रशंसा के योग्य है। शंकराचार्य ने संदेशखाली कि घटना पर आपत्ति जताते हुए कहा कि, ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।

Rajasthan News: होमगार्ड जवान को कुचलकर भागा गौ तस्कर

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डीग जिले की DST टीम ने नाकाबंदी करके पिकअप में गोवंश लेकर जा रहे तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये गौ तस्कर पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भागने के प्रयास में थे लेकिन DST टीम ने 3 किलोमीटर तक उनका पीछा करके एक गौ तस्कर को गिरफ्तार कर लिया, वहीं उसके दो साथी फरार हो गए।

DST इंचार्ज सुलतान सिंह ने बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कुछ गौ तस्कर पिकअप में गोवंश लेकर जा रहे हैं। इसके बाद DST टीम ने पालकी गांव के पास नाकाबंदी कर दी। गौ तस्कर जैसे ही नाकाबंदी पर पहुंचे तो पुलिस को देखकर नाकाबंदी तोड़ते हुए गांव में घुस गए। DST टीम ने पीछा कर 47 साल के इदरीश निवासी फतेहपुर को पकड़ लिया लेकिन उसके दोनों साथी फरार हो गए।

फिलहाल DST टीम दोनों फरार गौ तस्करों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है। DST इंचार्ज सुलतान सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी इदरीश वही है जिसने गत वर्ष गौ तस्करी के दौरान एक होमगार्ड के जवान की गाड़ी से कुचलकर हत्या की थी।

परिवारवाद पर उठाया सवाल, तो कहा मेरा कोई परिवार नहीं: पीएम मोदी

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PM Modi in Telangana: बिहार की राजधानी पटना में एक रैली के दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के ‘मोदी का कोई परिवार नहीं’ वाले बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए जवाब दिया है. पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए बताया है कि देश के लोग उनके पल-पल की खबर रखते हैं. देश के लोग ही उनका परिवार हैं. उन्होंने बताया कि किस तरह से लोग उन्हें चिट्ठी लिखकर ज्यादा काम नहीं करने और आराम करने की मांग करते हैं.
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी सोमवार (4 मार्च) को तेलंगाना के अदिलाबाद में बिजली, रेल और सड़क क्षेत्र की परियोजनाओं का उद्घाटन करने पहुंचे. यहां उन्होंने 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष को भी जमकर घेरा और बताया कि किस तरह इन दिनों विपक्ष बौखला गया है. पीएम के आधिकारिक कार्यक्रम में राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी भी शामिल थे.
पीएम मोदी ने कहा, ‘भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण में डूबे इंडी (विपक्ष दलों का गठबंधन इंडिया) गठबंधन के नेता बौखलाते जा रहे हैं. इन्होंने 2024 के चुनाव का अपना असली घोषणापत्र निकाला है. इनके परिवारवाद पर सवाल उठाते ही, इन लोगों ने बोलना शुरू कर दिया है कि मोदी का कोई परिवार नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘अब तो ये लोग कल को कह देंगे कि कभी आपको जेल की सजा नहीं हुई है, इसलिए आप राजनीति में नहीं आ सकते हैं.’
प्रधानमंत्री ने बताया लोग क्या करते हैं मांग?
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मेरा जीवन खुली किताब जैसा है. देश के लोग मुझे भलीभांति जानते हैं. मेरे पल-पल की खबर देश रखता है. जब मैं कभी देर रात तक काम करता हूं और खबर बाहर निकल जाती है, तो देश से लाखों लोग मुझे चिट्ठी लिखते हैं.’ पीएम ने आगे बताया, ‘लोग कहते हैं कि इतना काम मत करिए, कुछ आराम करिए. एक सपना लेकर मैंने बचपन में घर छोड़ा था. ये सपना था कि मैं देशवासियों के लिए जीऊंगा. मेरे पल-पल अब सिर्फ आपके लिए होंगे.’
लोगों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, ‘देश के लोग मुझे अपने परिवार के सदस्य की तरह प्यार करते हैं. यही वजह है कि मैं कहता हूं कि 140 करोड़ देशवासी ही मेरा परिवार हैं. जिसका कोई नहीं है, वे भी मोदी के हैं और मोदी उनका है. इसलिए आज पूरा देश एक सुर में कह रहा है, मैं हूं मोदी का परिवार.’

महामार्ग के जरिए इंगतपुरी से शिरडी तक केवल डेढ़ से दो घंटे में ही पहुंचा जा सकेगा

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मुंबई: समृद्धि महामार्ग का निर्माण कार्य इंगतपुरी तक पूरा हो चुका है। इस महामार्ग के जरिए अब मुंबई से नासिक या शिरडी के बीच की दूरी कम समय में ही पूरी की जा सकेगी। सोमवार से समृद्धि महामार्ग के तीसरे फेज को वाहनों के लिए खोल दिया गया। इससे आम नागरिकों के साथ ही वाहनचालकों की राह आसान हो गई है। तीसरे फेज के खुल जाने बाद समृद्धि महामार्ग इंगतपुरी तक पहुंच गया है। महामार्ग के जरिए इंगतपुरी से शिरडी तक केवल डेढ़ से दो घंटे में ही पहुंचा जा सकेगा। पहले शिरडी जाने के लिए लोग दूसरे मार्ग का उपयोग करते थे। इंगतपुरी से शिरडी तक पहुंचने में वाहनों को ढाई से तीन घंटे का समय लगता है। वहीं, मुंबई से शिरडी पहुंचने में करीब 7 से 8 घंटे का समय लगता था। समृद्धि महामार्ग का निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में पूरा होता हुआ मुंबई के करीब पहुंच गया है। इससे यह सफर करीब 5 घंटे में पूरा हो सकेगा।

समृद्धि महामार्ग के तीसरे फेज के तहत सोमवार को भरवीर से इंगतपुरी के बीच 25 किमी. मार्ग को वाहनों के लिए खोल दिया गए है। मुंबई से नागपुर की दूरी कम करने के लिए 701 किमी. लंबे हाइवे का निर्माण किया जा रहा है। इसमें से अब तक 625 किमी. मार्ग को वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इस वर्ष के अंत तक इस मार्ग को वाहनों के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाएगा।

महाशिवरात्रि महाकाल की उपासना की परंपरा

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श्रीमती उर्मिला निरखे-
आकाशे तारकंलिंगम पाताले हाटकेश्वरम्
मृत्यु लोके महाकालो लिंगत्रयो नमोस्तुते।
आकाश में तारकालिंग, पाताल में हाटकेश्वर, मृत्युलोक में महाकाल स्थित है। मृत्युलोक विशाल है। ज्योर्तिलिंग भी अनेक हैं, जिनमें महाकाल उज्जैन में स्थित है।
सौराष्ट्रे सोमनाथंच, श्री शैले मल्लिकार्जुनम्
उज्जनिन्यां महाकालं ओंकार ममलेश्वरम्।
भगवान महाकालेश्वर शिव का स्वरूप हैं। शिवत्व सम्पूर्ण ब्रहा्राण्ड में व्याप्त हैं, क्योंकि वह महाकाल है ऐसी स्थिति में महाकाल की उपासना की परंपरा पर चर्चा करना वास्तव में बहुत सीमित होना है पर महाकाल के कारण अवंतिका का पावन क्षेत्र विश्व व्यापी ख्याति अर्जित कर सका है। सारे संसार के शैव अपने मन में मालवा की शस्य-श्यामला भूमि में स्थित उज्जैन के महाकालेश्वर दर्शन की आकुलता एवं जिज्ञासा सहेजे रहते हैं। मालवा क्षेत्र में भारत के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा भगवान महाकालेश्वर की उपासना अधिक प्रचलित रही है। स्कंधपुराण के अवन्तिखंड में उल्लेख है कि विशाल अवन्ति क्षेत्र में एक महाकाल वन था जिसमें लाखों भक्त जन हजारों शिव लिंगों की पूजा-अर्चना करते थे। समय बीतता गया, वह प्राचीन वन लुप्त हो गया किन्तु महाकालेश्वर का मंदिर आज भी अपने मूल स्थान पर स्थित है। पुराणों तथा कालिदास, बाणभट्टï आदि महाकवियों ने इस मंदिर की भारी महिमा गायी है। प्राचीनकाल में उज्जैन का नरेश चण्ड प्रद्योत था। इस बात के अनेक प्रमाण हैं कि उस समय भी महाकाल मंदिर भारी भीड़ को आकर्षित करता था। महाकाल मंदिर में जो अभिलेख विद्यमान हैं, उसके अनुसार इस मंदिर का पुनर्निर्माण अत्यंत ही भव्य रूप में परमार काल में हुआ। दुर्भाग्य से सन् 1235 में अल्तमश ने इस मंदिर को नष्टï कर दिया। अठारहवीं सदी के पूर्वाद्र्ध में जब राणोजी शिंदे उज्जैन के शासक बने उनके मंत्री रामचंद्र शेणवी ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया।
आज  जो मंदिर विद्यमान है, वह मराठा काल में निर्मित हुआ है और तीन खंडों में विभाजित है। सबसे नीचे महाकालेश्वर मध्य में ओंकारेश्वर और ऊपर नाग चंद्रेश्वर (सिद्धेश्वर) है। जब हम त्रिखण्डीय मंदिरों की चर्चा करते हैं तो मालवा निमाड़ परिक्षेत्र के दो मंदिर हमारे सामने आते हैं पहिला नेमावर का सिद्धेश्वर मंदिर जो देवास जिले में नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। यहां के मंदिर में महाकालेश्वर दूसरे खण्ड में विद्यमान है। नर्मदा किनारे ही एक और ज्योर्तिलिंग ममलेश्वर (ओंकार मांधाता) है। यहां ओंकारेश्वर का जो प्राचीन मंदिर विद्यमान है, उसके सर्वोच्च खण्ड पर महाकालेश्वर विद्यमान हैं। इस प्रकार उज्जैन के महाकालेश्वर, नेमावर के सिद्धेश्वर और मांधाता के ओंकारेश्वर मंदिर एक-दूसरे के पूरक हैं। इनसे जो त्रिकोण बनता है इससे परिसीमित मालवा अंचल शैवमत के गुह्यतंत्र की सिद्ध भूमि माना जा सकता है। इन तीनों मंदिरों की परस्पर दूरी साठ कोस की है( उज्जैन, नेमावर, ओंकारेश्वर)
परमार काल से ही महाकालेश्वर की विशिष्ट उपासना की जाती रही है। खरगोन जिले में ऊन नामक स्थान, परमार काल में 99 विशाल मंदिरों का नगर था। अब तो वहां मात्र दो-चार मंदिरों के अवशेष रह गए हैं, इनमें एक जीर्ण-शीर्ण महाकालेश्वर का मंदिर भी है। यह मंदिर भी त्रिखण्डी रहा था। अब तो मात्र पुरा अवशेष है जो प्रमाणित करता है कि यह आकर्षक शिखर वाला मंदिर भूमिज शैली से बना है। इसी शैली का एक मंदिर रतलाम जिले के धराड़ ग्राम में है किन्तु इसका जीर्णोद्धार होने के पश्चात् मंदिर का मूल स्वरूप दिखाई नहीं देता है। उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील में झार्डा और इन्दोक के मध्य एक अत्यंत ही आकर्षक परमारकालीन मंदिर विद्यमान है। यह मंदिर भगवान महाकालेश्वर का है। देवास जिले में एक ग्राम है बिलावली है, यहां कुएं के उत्खनन से प्राप्त पुरावशेषों से सिद्ध हुआ है कि बिलावली (विल्लवपल्ली) में प्राचीन काल के आरंभ से ही बस्ती थी। एक पुरातत्वीय टीले के उत्खनन से यहां भी एक विशाल महाकाल मंदिर का होना पाया गया है। मंदिर तो आज भी है परन्तु वह पूर्णरूपेण आधुनिक है। मालवा की महाकाल परम्परा का विवरण तब तक समाप्त नहीं होता जब तक हम शाजापुर जिले के ग्राम सुन्दरसी  की चर्चा नहीं कर लेते। परमार काल में सुन्दरसी में भूमिज शैली के अनेक हिन्दू और जैन मंदिर थे। अब तो वे नष्ट प्राय: हो चुके हैं किन्तु भाग्य से प्राचीन महाकाल मंदिर का मंडप, शिखर, यज्ञशाला, कोटितार्थ कुंडआंगन खंडित रूप से आज भी विद्यमान हैं। यह मंदिर भी भूमिज शैली ( बिना नींव के ) बना हुआ है। मंदिर के भग्नावशेष बताते हैं कि मंदिर  अत्यंत विशाल एवं कलात्मक रहा होगा। वैसे सुन्दरसी उज्जैन का लघु संस्करण है, यह कहना अतिश्योक्ति नहीं है। महाकाल के कुछ और मंदिर मालवा क्षेत्र के कुछ ग्रामों में विद्यमान है। वे इतना तो सिद्ध करते हैं कि महाकाल की उपासना की परंपरा प्राचीनकाल से आज तक घनीभूत रूप से विद्यमान रही है। (विनायक फीचर्स)

हल्की वर्षा होने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने किया भ्रमण

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4 मार्च 2024, उज्जैन: हल्की वर्षा/ओलावृष्टि होने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने किया भ्रमण – उज्जैन जिले में  गत दिनों  मौसम परिवर्तन के फलस्वरूप कहीं-कहीं पर हल्की वर्षा एवं हल्की ओलावृष्टि होने पर कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने कृषि विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिये थे कि जहां-जहां बारिश एवं ओलावृष्टि हुई है, उसका निरीक्षण कर किसानों से चर्चा की जाये।

निर्देशों के पालन में कृषि विभाग के अधिकारियों ने घट्टिया तहसील के ग्राम बिछड़ौद, खजुरिया सदर, सुल्या, बिसाहेड़ा, गुराड़िया गुर्जर, भीमपुरा, कुमाडी तथा तराना तहसील के ग्राम भड़सिंबा, गावड़ी, सामानेरा, नौगौवां, तोबरीखेड़ा एवं छड़ावद में प्रभावित खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां पर देर से बोई गई गेहूं की फसल जो वर्तमान में हरी अवस्था में है, उन खेतों में कहीं-कहीं पर फसल गिर गई है। प्रभावित ग्रामों के उपस्थित किसानों को सलाह दी गई कि सम्बन्धित बीमा कंपनी के टोलफ्री नम्बर 14447 पर 72 घंटे के अन्दर शिकायत दर्ज करें, ताकि समय-सीमा में शिकायत दर्ज होने पर प्रभावित किसानों को बीमा दावा राशि प्राप्त हो सके।

निरीक्षण के समय कृषि विभाग के उप संचालक श्री आरपीएस नायक, कृषि विज्ञान केन्द्र के डॉ.आरपी शर्मा, सहायक संचालक कृषि श्री कमलेश कुमार राठौर, बीमा कंपनी के जिला प्रबंधक श्री भगवान सिंह तथा मैदानी कृषि विभाग के अधिकारी, पटवारी, प्रभावित किसान उपस्थित थे।

पालघर में हुए फर्जी एनकाउंटर मामले में 2 पुलिसकर्मी गिरफ्तार

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पालघर. महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा इलाके में चोरी के मामलों में आरोपी एक व्यक्ति की कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में विशेष जांच दल यानी एसआईटी ने दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है. एसआईटी की टीम उनसे पूछताछ कर रही है. पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी शनिवार को हुई. गिरफ्तार हुए पुलिसकर्मियों की पहचान कॉन्स्टेबल मंगेश चव्हाण और पुलिस ऑफिसर मनोज सकपाल के रूप में हुई है. यह मामला साल 2018 का है.
एसआईटी ने दोनों पुलिसकर्मियों को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश कि था और 11 मार्च तक पुलिस रिमांड मांगी. तुलिंज पुलिस ने पिछले साल अगस्त में आईपीसी की धारा 302(हत्या) और 201 (सूबत मिटाने) के तहत मामला दर्ज किया था. शुक्रवार को न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की बेंच ने सही जांच नहीं होने पर आपत्ति जताई.
एसआईटी की जांच संतुष्ट बेंच
बेच ने साल 2018 में ठाणे पुलिस आयुक्त जयजीत सिंह के लीड में बनी एसआईटी की उचित जांच में कमी होने पर आपत्ति जताई थी. गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने चोरी के कई मामलों में आरोपी जोगिंदर राणा की कथित फर्जी मुठभेड़ की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था.

गौमाता की सेवा करने वाले को अंत में बैकुंठ की प्राप्ति होती है

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गऊ माता ही आप के सभी पाप कर्म से मुक्ति देने वाली है। गौसेवा महान सेवा है। आदि काल से ही ऋषि मुनियों ने , हमारे धर्म ग्रंथो में इसकी महिमा के बारे में लिखा गया है। गौ सेव करने वाला व्यक्ति सदा सुखी रहता है।
प्रत्येक जीव सम्मान का अधिकारी है. भारतीय संस्कृति में प्रत्येक जीव को सम्मान दिया भी जाता है. पुराणों में ऐसी बाते कहीं गई है. जिसमें पशु-पक्षियों का वर्णन देवता स्वरूप में किया जाता है. जैसा कि हम सभी जानते हैं गरुड़ देवता भगवान विष्णु के वाहन है, तो नाग शिव के गले का हार है. मां दुर्गा शेर पर सवार है, तो कार्तिकेय के साथ मयूर वाहन है. इसी प्रकार इस शास्त्रों में गाय के महत्व को सर्वोपरि माना गया है. गाय को गौमाता कहा गया है. पुरातन काल में इसे गौ-धन कहा जाता था. स्वयं भगवान श्री कृष्ण गौ माता के भक्त थे. उनका लगभग पूरा जीवन गायों के इर्द-गिर्द ही बीता.
कहा जाता है गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है. धर्मशास्त्रों के अनुसार जब-जब पृथ्वी पर पाप बढ़ता है, धर्म का नाश होता है, तो पृथ्वी परम पिता परमेश्वर के पास गौमाता के रूप में पहुंचती है तथा पाप का बोझ कम करने की प्रार्थना करती है. गौ माता की पुकार सुनकर प्रभु पाप का अंत करने के लिए स्वयं अवतरित होते हैं और पापियों का विनाश करके धर्म की पुनः स्थापना करते हैं. इससे यह पता चलता है कि पृथ्वी में बढ़ रहे पापों का नाश करने के लिए परमपिता से आग्रह पृथ्वी मां गौमाता के रूप में करती हैं.
ग्रंथों के अनुसार, गौमाता के शरीर में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है. गौमाता के शरीर का शायद ही कोई भाग ऐसा हो, जिस पर किसी देवता का वास न हो. इस प्रकार गौमाता संपूर्ण ब्रह्मांड अर्थात साक्षात नारायण का स्वरूप हैं. इसीलिए शास्त्रों में कहा गया है कि मात्र गौमाता की पूजा-अर्चना करने से सृष्टि के 33 करोड़ देवी – देवताओं की आराधना का फल मिलता है. इसलिए घर में बनी पहली रोटी गौमाता को खिलाने का प्रावधान है. इससे गौमाता के साथ-साथ नारायण का आर्शीवाद भी प्राप्त होता है. नारायण तक पहुंचने का सीधा रास्ता गौमाता की ओर से गुजरता है.
गौमाता की सेवा करने वाले को अंत में बैकुंठ की प्राप्ति होती है. जो व्यक्ति गौमाता की सेवा करता है, वह जीवन-मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है. यानी जिस घर में गौ माता का वास होता है, वहां 33 करोड़ देवी-देवता निवास करते हैं. इस प्रकार गौमाता की सेवा करने वाले को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. घर-परिवार में सुख-समृद्धि भी बढ़ती है.

गौ हत्या का प्रयास करते तस्करों की पुलिस से मुठभेड़

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खरखौदा। रविवार देर रात मेरठ बुलंदशहर हाईवे पर कस्बे  के डीएवी डिग्री कॉलेज के पास जंगल में गौ तस्करों व पुलिस में मुठभेड़ हो गई, जिसमें पुलिस की गोली से दो तस्कर घायल हो गए। वहीं एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल के लिए रेफर किया गया है।खरखौदा इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि रविवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि मेरठ बुलंदशहर हाईवे किनारे डीएवी  कॉलेज के पास  एक खेत में कुछ गो तस्कर गोवंशी को बंधक बनाकर उसकी हत्या की तैयारी कर रहे हैं।

पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर आरोपियों को दबोचने का प्रयास किया, जिस पर तस्करों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी, जिसमें पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से दो आरोपी घायल हो गए। पुलिस को मौके से नशे की हालत में एक गोवंश और काटने के औजार मिले हैं।

घायल आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम अनस पुत्र महराज निवासी मुस्तफाबाद लोनी गाजियाबाद, हाल पता लिसाड़ी गेट व दूसरे ने आकिल पुत्र यूनुस निवासी 60 फूटा, मदीना मस्जिद लिसाड़ी गेट बताया।

वहीं, अंधेरे का फायदा उठाकर एक आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने दोनों घायलों को  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर आरोपियों को मेडिकल के लिए रेफर किया गया है। पुलिस ने मौके से दो तमंचे व कारतूस, धारदार औजार, एक स्कूटी व एक बाइक भी बरामद की है।

Lok Sabha Election 2024 – पवन सिंह , पार्टी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध – महिला उम्मीदवार को टिकट

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Lok Sabha Election 2024: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2 मार्च को लोकसभा चुनाव के लिए 195 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी. इसमें पार्टी ने भोजपुरी स्टार पवन सिंह को पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था. हालांकि, बाद में पवन सिंह ने बीजेपी नेतृत्व का आभार जताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुनाव नहीं लड़ने की जानकारी दी.

सूत्रों के मुताबिक अगर पवन सिंह आसनसोल से चुनाव लड़ते तो उनके जीतने की पूरी संभावना थी. पार्टी के सर्वे में इस बात की जानकारी सामने आई थी, लेकिन अब पता चला है कि अगर वह चुनाव लड़ते तो बीजेपी को एक सीट की वजह से पांच सीटों पर नुकसान उठाना पड़ सकता था. इसकी सबसे बड़ी वजह है पवन सिंह के गाए गाने.

पवन सिंह के गाने बने अड़चन
दरअसल, पवन सिंह ने जो गाने गाए हैं, उसमें महिलाओं और बंगाल को लेकर कई आपत्तिजनक गाने शामिल हैं. ऐसे में विरोधी दल इसे बंगाल की अस्मिता और बंगाली महिलाओं के अपमान से जोड़ रहे थे और इस पर पार्टी को जवाब देना भारी पड़ जाता.

पार्टी कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
इसके अलावा जैसे ही पवन सिंह को टिकट मिला तो इसका सबसे ज्यादा विरोध पार्टी के अंदर ही हुआ और कई नेताओं ने पवन सिंह को हटाने के लिए अमित शाह और जे पी नड्डा को लेटर लिख दिया. जानकारी के मुताबिक उनके टिकट मिलने से पार्टी कार्यकर्ता नाराज थे.

महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर स्टैंड होता कमजोर
पवन सिंह को टिकट मिलने से महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर स्टैंड भी कमजोर पड़ जाता. वो भी ऐसे समय में जब बीजेपी संदेश खाली में महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचार के लिए मोर्चा खोले हुए है. ऐसे में एक ऐसे व्यक्ति को टिकट देना जिसने बंगाल की महिलाओं को लेकर अभद्र गाने बनाए हो, पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकता था.

पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करती टीएमसी
इतना ही नहीं प्रधानमंत्री जल्द ही बंगाल के दौरे पर जाने वाले हैं, जहां वह संदेशखाली के पीड़ित महिलाओं से मिलेंगे. ऐसे में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पवन सिंह को लेकर उस दिन पूरे प्रदेश में प्रोटेस्ट करने की तैयारी में थी. इस पीएम मोदी के प्रोग्राम को नुकसान हो सकता था.

महिला उम्मीदवार को टिकट
वहीं, खबर है कि पार्टी ने सब चीजों का आकलन करने के बाद इस सीट पर महिला को टिकट देने का मन बना लिया है, ताकि नारी शक्ति वंदन के अभियान को बल दिया जा सके. सूत्रों के मुताबिक पवन सिंह को कहा गया कि वो ट्वीट कर चुनाव लड़ने से मना करें, ताकि बीजेपी सेल्फ गोल से बच सके.