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कन्नड़ फीचर फिल्म ‘पाउडर’ की शूटिंग संपन्न

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                         द वायरल फीवर बैनर सिनेफलक पर उभरता हुआ एक ऐसा नाम है जो शानदार कंटेंट दर्शकों के सामने पेश करने के लिए जाना जाता है। ‘द वायरल फीवर’ एक इंडियन कंटेंट प्लेयर है जिसके ‘आईएमडीबी’ की टॉप 250 लिस्ट में 7 शोज शामिल हैं, जबकि टोटल इंडिया की ओर से इस लिस्ट में 10 वेब सीरीज शामिल हैं। ‘द वायरल फीवर’ प्रोडक्शन हाउस के पास साल 2024 में कुल 16 शोज का आकर्षक व दिलचस्प लाइनअप है। खास करके सबसे चर्चित शोज ‘पंचायत’, ‘गुल्लक’ और ‘कोटा फैक्ट्री’ के अगले सीजन के साथ ‘द वायरल फीवर’ इस वर्ष धमाल मचाने के लिए तैयार है। अब ‘द वायरल फीवर’ अपनी नवीनतम प्रस्तुति कन्नड़ फीचर फिल्म ‘पाउडर’ के साथ अपने पंख फैला कर अपनी नई उड़ान को भरने के लिए तैयार है। इस फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

सीएए के सत्य को समझने की ज़रूरत

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(डॉ वंदना गाँधी-विनायक फीचर्स)
देश में वर्तमान समय में बहुत सुखद परिवर्तन हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के प्रमुख संकल्पों में से एक ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम’ भी लागू हो चुका है। इस क़ानून के माध्यम से कभी भारत का हिस्सा रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश में केवल धार्मिक आधार पर पीड़ित और प्रताड़ित गैर मुस्लिम नागरिकों को एक सुरक्षित और एवं भय मुक्त वातावरण दिया जा सकेगा ताकि वे अपना जीवन मूलभूत सुविधाओं के साथ अपने धर्म का आचरण करते हुए जी सकें। यह कानून ऐसे शरणार्थियों को नागरिकता देने वाला कानून है जिनकी जड़ें भारत में हैं। नागरिकता संशोधन कानून के लागू हो जाने से पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश तीनों मुस्लिम बहुल देशों से परेशान होकर लौटे वहाँ के अल्पसंख्यक नागरिकों के लिए  भारत की नागरिकता के रूप में  एक बड़ी राहत मिल गई है।
हालाँकि दूसरा पक्ष यह भी है कि इस एक्ट को लेकर भ्रम फैलाए जाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि इस विधेयक के आने के बाद भारत के मुसलमानों की नागरिकता पर बुरा असर पड़ेगा। यहाँ यह ध्यान में रखे जाने की आवश्यकता है कि देश के गृहमंत्री स्वयं संसद में इस बात को स्पष्ट कर चुके हैं कि नागरिकता संशोधन कानून केवल पूर्व में भारत का ही अंग रहे तीनों पड़ोसी देशों से आने वाले गैर मुस्लिम नागरिकों पर ही लागू होगा। ऐसे में दशकों से प्रतीक्षारत पड़ोसी देशों से आए वहाँ के अल्पसंख्यक समुदाय के शरणार्थियों की भारत की नागरिकता की मांग पूरी होने का उदारता से स्वागत किया जाना चाहिए।
नागरिक संशोधन विधेयक दरअसल 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश कर चुके तीनों पड़ोसी देशों के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के किसी व्यक्ति और जिसे केंद्र सरकार ने पासपोर्ट भारत में प्रवेश अधिनियम, 1920 अथवा विदेशियों विषयक अधिनियम 1946 या उसके अधीन बनाए नियमों से छूट दी है, को इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा। वैध यात्रा दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश कर गए ऐसे प्रवासियों को अभी तक अवैध प्रवासी माना जाता रहा हैं। सीएए में यह प्रस्ताव है कि उक्त प्रवासियों को भारतीय नागरिकता के लिए पात्र माना जाए।
नागरिकता संशोधन कानून वास्तव में दशकों से पीड़ित शरणार्थियों को सम्मानजनक जीवन देने के साथ ही साथ उनके पुनर्वास और नागरिकता की कानूनी बाधाओं को दूर करने के लिए है। इसके माध्यम से ऐसे शरणार्थियों की सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक पहचान की रक्षा का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके साथ ही आर्थिक, व्यवसायिक, मुक्त परिवहन और भारत में उनके संपत्ति खरीदने जैसे अधिकार सुनिश्चित होंगे। इसके बावजूद नागरिकता संशोधन विधेयक के संबंध में तमाम प्रकार की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। इसे मुस्लिम विरोधी कानून बताया जा रहा है जबकि सत्य यह है कि इस कानून से मुसलमानों का कोई अधिकार नहीं जाता क्योंकि यह नागरिकता देने का कानून है, लेने का नहीं। इसीलिए भारतीय नागरिकों विशेष रूप से मुस्लिमों को किसी भ्रामक प्रचार में नहीं आना चाहिए। इस कानून में भारत के मुसलमानों की नागरिकता को लेकर कोई नया क़ानून अथवा संशोधन नहीं है। स्पष्ट रूप से यह कानून केवल उन शरणार्थियों के लिए है जिन्हें वर्षों से धार्मिक आधार पर उत्पीड़न सहना पड़ा और जिनकी जड़ें भारत में होने से उनके पास दुनिया में इस देश के अलावा अन्य कोई जगह नहीं है। इसलिए भारत का संविधान हमें यह अधिकार देता है कि मानवतावादी दृष्टिकोण से धार्मिक शरणार्थियों को मूलभूत अधिकार मिलें और ऐसे शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान की जा सके।
इस क़ानून और ऐसे शरणार्थियों के विषय को देखने के लिए हमारे पास एक इतिहास दृष्टि एवं वर्तमान में इन तीनों पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों की स्थिति को समझना आवश्यक है। असल में भारत सरकार को इस बिल को लाने की आवश्यकता ही न पड़ती अगर भारत का विभाजन और वह भी धर्म के आधार पर न हुआ होता। ‘नेहरू-लियाकत समझौते’ के तहत दोनों पक्षों ने स्वीकृति दी थी कि अल्पसंख्यक समाज के लोगों को बहुसंख्यकों की तरह सम्मान और सुविधाएँ दी जाएँगी। उनके व्यवसाय, अभिव्यक्ति और उपासना करने की आजादी भी सुनिश्चित की जाएगी। भारत ने तो अपना यह वादा बखूबी निभाया लेकिन पाकिस्तान और उससे विभाजित बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर खूब अमानवीय अत्याचार किए गए। इस्लामिक आधार पर गठित होकर चल रहे इन देशों में धार्मिक अल्पसंख्यक नागरिकों के अधिकारों का हनन हो रहा था। अमानवीय अत्याचारों की लंबी श्रृंखला उनके केवल अल्पसंख्यक होने के कारण चली आ रही थी। इन देशों में महिलाओं की स्थिति तो और भी बहुत ज्यादा खराब रही है। बच्चियों और महिलाओं को उठाकर उनके साथ सामूहिक बलात्कार, हत्या तो कभी जबरन निकाह के द्वारा धर्म परिवर्तन कराया जाना वहाँ आम बात है। इन देशों में हिंदू, जैन, बौद्ध, ईसाई, पारसी सभी के धर्म स्थलों पर हमले होते रहे हैं। ऐसे में या तो लोग मजबूर होकर धर्म परिवर्तन कर लेते थे या अपनी जान गंवा बैठते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर निर्णय का विरोध करने वाली  ताक़तें इस कानून का पुरजोर विरोध करने के लिए अपनी टूल किट के साथ मैदान में उतर गई हैं। आंदोलन करने वाले लोगों की सक्रियता बढ़ने लगी है। भारत में हो रहे किसी भी अच्छे परिवर्तन का विरोध करना ही इनका एजेंडा है।
देश में अवश्य एक अच्छा वातावरण तैयार हुआ है। देश के मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवी अब इन बातों और भ्रम फैलाने वालों की हक़ीक़त समझने लगे हैं। इसीलिए सीएए का नोटिफिकेशन लागू होने पर मुस्लिम धर्मगुरु एवं आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि हमारी लीगल टीम सीएए नोटिफिकेशन को पढ़ेगी और फिर हम किसी नतीजे पर पहुंचेंगे। इसके साथ ही मुस्लिम धर्मगुरु महली ने कहा इस कानून से किसी की नागरिकता पर खतरा नहीं है, लोग अफवाहों और गलतफहमी से बचें। साथ ही उन्होंने विरोध और सियासत करने वालों से अपील की कि इस मुद्दे पर  राजनीति न की जाए। आज बुद्धिजीवी भारतीय मुसलमान भी भारत के सौहार्द, शांति, सद्भाव और विकास की नीति से हर एक भारतीय के रूप में गर्वित हो रहा है। भावनात्मक रूप से मुसलमान को उद्वेलित करके अपनी सियासत चलाने वालों को मुफ्ती ख़ालिद रशीद से सीख लेकर अपने देश के विकास में सहयोगी रहना चाहिए।
भारत की नीति सदैव से ही बहुजन हिताय की रही है। हम विश्व बंधुत्व के दृष्टिकोण से जीवन जीने वाले समाज हैं। कोरोनाकाल में इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बिना कोई भेदभाव किए छोटे-बड़े जरूरतमंद देशों को कोविड वैक्सीन एवं अन्य सहायता मुक्तहस्त से उपलब्ध कराई थी। आज विश्व बदल चुका है।  पूरा विश्व भारत की वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा को स्वीकार करने के साथ सराह भी रहा है। यही कारण है कि विश्व के लगभग सभी छोटे बड़े इस्लामी देशों से भारत की अटूट मित्रता है। भारत के मुस्लिम नागरिक भी देश में स्वतंत्रता के साथ सुखी जीवन जी रहे हैं। ऐसे में नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम में आए बिना देश के प्रत्येक नागरिक को इसका खुले हृदय से स्वागत करना चाहिए।
(विनायक फीचर्स)(लेखिका शिक्षाविद, समाजशास्त्री एवं कथाकार हैं)

दो गाय से शुरू किया था डेयरी फार्म -2 क्विंटल से अधिक है दूध उत्पादन

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कुंदन कुमार/गया : कृषि के बाद पशुपालन ग्रामीण इलाके की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है. पशुपालन से किसानों को कई तरह के फायदे हैं. पशुपालन से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आमदनी बढ़ रही है. बिहार के गया जिले में कई लोग है जो पशुपालन के जरिए अच्छी आय कर रहें हैं. उन्हीं में से एक हैं मानपुर प्रखंड क्षेत्र के सुरहरी गांव निवासी 65 वर्षीय किसान सुरेश प्रसाद जो पिछले 32 वर्षों से पशुपालन कर रहे हैं. सुरेश प्रसाद के पास सब खुद का डेयरी फार्म भी है.

डेयरी फार्मिंग एक ऐसा रोजगार है जिसे आप कहीं पर भी आसानी से कर सकते हैं. डेयरी प्रोडक्ट का डिमांड भी जबरदस्त है. अन्नपूर्णा डेयरी के नाम से इनका डेयरी फार्म चल रहा है और रोजाना 200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है.

2 गाय से डेयरी फार्म की हुई थी शुरुआत
सुरेश प्रसाद ने 1992 में दो गाय से पशुपालन की शुरुआत की थी और आज इनके डेयरी फार्म में 50 से अधिक गाय का पालन किया जा रहा है. इनके पास साहिवाल, गिर, फ्रिजियन, जर्सी सहित नस्ल की गाय मौजूद है. इनके डेयरी की खासियत यह है कि शुरुआत में 2 गाय से की थी. उन्हें दो गाय का वंश आगे बढ़ रहा है. सुरेश प्रसाद के पास छोटा बड़ा मिलाकर लगभग 60 से अधिक गाय और उनके बच्चे मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि बाहर से कभी गाय खरीदा ही नहीं है.

‘नॉट फनी’: नोरा फतेही, दिव्येंदु और अविनाश तिवारी की मडगांव एक्सप्रेस का नया गाना हुआ रिलीज़ 

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रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट तैयार है दर्शकों को एक हंसी से भरी राइड पर मडगाव एक्सप्रेस के साथ लेकर जाने के लिए। यह फिल्म अपने जबरदस्त ट्रेलर और गानों की वजह से दर्शकों के बीच मच अवेटेड फिल्मों में से एक बन गयी है। ऐसे में फिल्म के एक्टर्स भी कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं, अपने फैंस की उत्सुकता को बढ़ाने का और इसी सिलसिले को आगे लेकर जाते हुए एक्टर्स ने फिल्म से BTS को शेयर किया है। दूसरी तरफ फिल्म के चर्चा में रहने की वजह उसके गानों को मिल रहा प्यार भी है। ऐसे में मेकर्स ने उत्साह के पैमाने को और बढ़ाने के लिए दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स में अपना एक और गाना लॉन्च कर दिया है। संगीतकार शारिब और तोशी के म्यूजिकल ब्रिलियंस, शारिब और अकासा सिंह के डायनामिक आवाज़ और कलीम शेख के जबरदस्त लिरिक्स के साथ, “नॉट फनी” एक सेंसेशन बनने का वादा करता है।

दिल्ली ने एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा किये गए मडगांव एक्सप्रेस के जोश से भरे जबरदस्त इवेंट को देखा! इस इवेंट में निर्देशक कुणाल खेमू, के अलावा लीड कास्ट प्रतीक गांधी, दिव्येंदु, नोरा फतेही और अविनाश तिवारी को देखा गया, इस दौरान फैंस संग मीडिया को देखा गया। सभी को इवेंट में नॉट फनी की जादू को अनुभव करने के लिए उत्साहित देखा गया। दिल्ली में अयोजित ये इवेंट को ग्रैंड तरीके से किया गया था, जिसमें फिल्म और उसके म्यूजिकल ऑफरिंग का सभी द्वारा लुत्फ़ उठाते देखा गया।

नॉट फनी फिल्म मडगाव एक्सप्रेस की सार को समेटे हुए है, जो उसके फ्रेश कहानी और दिलचस्प किरदारों की एक झलक पेश करता है। दिल को छूने वाले रिथम और सुरीली धुन के साथ, यह गाना म्यूजिक लवर्स के लिए सही टोन सेट करता है, साथ ही यह फिल्म की यात्रा पर भी लेकर जाता है, जो एक यादगार सिनेमा देखने के एक्सपीरियंस की शुरुआत है। शारिब और तोशी, शारिब और अकासा सिंह के बीच सहयोग, कलीम शेख के दमदार लिरिक्स के साथ, यह कम्पोजीशन इमोशन को गहराई के तक छूता है।

नोरा फतेही, दिव्येंदु और अविनाश तिवारी की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री गाने में एक एडिशनल चार्म लाती है, जो सीन्स को और भी खास बनाती है। “बचपन के सपने… लग गए अपने,” इस टैगलाइन के साथ, ‘मडगांव एक्सप्रेस’ को रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनाया गया है। वहीं, कुणाल खेमू द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म 22 मार्च, 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

https://www.instagram.com/reel/C4fLWBHL2Bh/?igsh=MWdvbGI5b25oM3d2ZQ==

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड ने की विभिन्न स्कॉलरशिप की घोषणा

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• आईएसीएसटी मेडिकल, इंजीनियरिंग और फाउंडेशन पाठ्यक्रमों के लिए 90% तक की छात्रवृत्ति प्रदान करता है, जिससे तत्काल प्रवेश और छात्रवृत्ति मूल्यांकन संभव हो जाता है।

• शहीदों के बच्चों के लिए 100% ट्यूशन फीस छूट

• रक्षा कर्मियों, सुरक्षा एजेंसियों और आतंकवाद से प्रभावित व्यक्तियों के बच्चों के लिए आईएसीएसटी से अधिक 10% छात्रवृत्ति

• 2014 से अब तक इस पहल से 75,000 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं।

मुंबई। परीक्षण तैयारी सेवाओं में राष्ट्रीय अग्रणी आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने अप्रैल 2024 में शुरू होने वाले अपने नए सत्र की शुरुआत से पहले छात्रों को डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपने को साकार करने में सक्षम बनाने के लिए अलग-अलग स्कॉलरशिप की घोषणा की है।
पहली छात्रवृत्ति इंस्टेंट एडमिशन कम स्कॉलरशिप टेस्ट (आईएसीएसटी) है, जो मेडिकल, इंजीनियरिंग और फाउंडेशन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 90% तक छात्रवृत्ति प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, आकाश शहीदों के बच्चों, रक्षा कर्मियों और आतंकवाद प्रभावित व्यक्तियों को विशेष छूट प्रदान करेगा।
आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के चीफ बिजनेस ऑफिसर अनूप अग्रवाल ने कहा कि हम भारत भर में छात्रों के लिए सुलभ और प्रभावशाली शैक्षिक अवसर प्रदान करने के लिए समर्पित हैं। आईएसीएसटी और हमारे छात्रवृत्ति कार्यक्रमों जैसी पहल के माध्यम से, हमारा लक्ष्य योग्य छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने के लिए सशक्त बनाना है। हमें अपने बहादुर सशस्त्र बल कर्मियों के बच्चों की शिक्षा का समर्थन करने की अपनी परंपरा को जारी रखने पर गर्व है और हम शिक्षा में उत्कृष्टता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इंस्टेंट एडमिशन कम स्कॉलरशिप टेस्ट (iACST) छात्रों को तत्काल छात्रवृत्ति पुरस्कार और तत्काल प्रवेश के अवसर प्रदान करता है। छात्र ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं और अपनी अर्जित छात्रवृत्ति का विवरण तुरंत प्राप्त कर सकते हैं, जिससे वे आकाश संकाय के विशेषज्ञ मार्गदर्शन के तहत तुरंत प्रवेश सुरक्षित कर सकेंगे। 60 मिनट तक चलने वाला ऑनलाइन आईएसीएसटी निर्धारित परीक्षा के दिनों में सुबह 10 बजे से रात 8 बजे के बीच लिया जा सकता है।
आठवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए आईएसीएसटी चिकित्सा या इंजीनियरिंग में करियर के लिए अपनी क्षमता दिखाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। आईएसीएसटी के माध्यम से प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्तियां मेडिकल, इंजीनियरिंग और फाउंडेशन कक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए लागू होती हैं। आईएसीएसटी आकाश कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (सीबीटी) प्लेटफॉर्म के साथ-साथ आकाश वेबसाइट और एंड्रॉइड और ऐप्पल दोनों प्लेटफार्मों के लिए समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आयोजित किया जाता है।
अपनी छात्रवृत्ति पहल के अलावा, एईएसएल रक्षा कर्मियों के बच्चों की शिक्षा का समर्थन करके सामाजिक जिम्मेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। आकाश शहीदों के बच्चों को ट्यूशन फीस में 100% तक की छूट प्रदान करेगा। इसी प्रकार, रक्षा कर्मियों और आतंकवाद प्रभावित व्यक्तियों के बच्चों को उनके आईएसीएसटी स्कोर के अलावा 10% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।
2014 से अब तक इस पहल से 75,000 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं।
आकाश ने हाल ही में जेईई मेन्स 2024 सेशन 1 में अपनी सफलता का जश्न मनाया, जहां 41,263 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। उल्लेखनीय उपलब्धियों में 4,198 छात्रों ने 95 और उससे अधिक का प्रतिशत स्कोर प्राप्त किया, जबकि 939 छात्रों ने 99 और उससे अधिक का प्रतिशत स्कोर प्राप्त किया। हैदराबाद के ऋषि शेखर शुक्ला ने परफेक्ट 100 परसेंटाइल हासिल किया, करनाल के अभिराज सिंह, तिरुनेलवेली के श्री राम ए और हैदराबाद के विश्वनाथ के एस ने 99.99 का असाधारण परसेंटाइल हासिल किया।
क्लासरूम कोर्स के छात्रों के अलावा, आकाश के डिजिटल कार्यक्रम के छात्रों ने जेईई मेन्स 2024 (सत्र-01) में जबरदस्त स्कोर किया, जिसमें रितम बनर्जी सहित टॉपर्स ने गणित में 100 के साथ 99.96 का प्रतिशत स्कोर प्राप्त किया, अरहा साहू ने रसायन विज्ञान में 100 के साथ 99.91 अंक प्राप्त किए, धृतिश्मान दत्ता 99.87 पर, हरीश कुमार 99.86 पर, रसायन विज्ञान में 100 प्रतिशत के साथ ईश्वरवंत 99.86 प्रतिशत पर, इशांत पटेल 99.85 प्रतिशत पर, सायन मंडल 99.82 पर, जेन जोन्स 99.78 पर, सृजन गुप्ता 99.74 दिलीपकुमार ए 99.70, रक्षित मोदी 99.67 सहित अन्य प्रभावशाली 26 छात्रों ने 99+ प्रतिशत एनटीए स्कोर हासिल किया। इसके अलावा, जेईई (एड) 2023 में, आकाश बायजूस के डिजिटल प्रोग्राम के छात्र मयंक सोनी ने एआईआर-26 (ओबीसी श्रेणी रैंक 2) हासिल की है, जिससे साबित होता है कि सीखने का डिजिटल तरीका वास्तव में शीर्ष रैंक के साथ भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं को क्रैक करने का एक शानदार समाधान है।
नीट यूजी परीक्षा 2023 में, आकाश के प्रभावशाली 1,06,870 छात्र उत्तीर्ण हुए, जिनमें से 17 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के टॉपर्स के रूप में उभरे। उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वालों में कौस्तव बाउरी ने एआईआर 03, ध्रुव आडवाणी ने एआईआर 05, सूर्य सिद्धार्थ नागराजन ने एआईआर 06, स्वयं शक्ति त्रिपाठी ने एआईआर 08 और पार्थ खंडेलवाल ने एआईआर 10 हासिल किया।

टीटागढ़ रेल सिस्टम्स ने भारतीय नौसेना के लिए दूसरा 25टी बोलार्ड पुल टग लॉन्च किया

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 अनिल बेदाग
मुंबई : टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल) ने भारतीय नौसेना के लिए अपना दूसरा 25टी बोलार्ड पुल टग ‘बाहुबली’ लॉन्च किया है। जहाज को बैरकपुर के टीटागढ़ स्थित कंपनी की फेसिलिटी में बनाया गया है। यह लॉन्च रक्षा मंत्रालय की मेक इन इंडिया पहल के तहत नवंबर, 2021 में भारतीय नौसेना से कंपनी द्वारा प्राप्त छह 25 बीपी टग्स ऑर्डर का हिस्सा है। लॉन्च के बाद चौथे 25टी बोलार्ड पुल टग, युवान (यार्ड 338) के लिए कील बिछाने का समारोह भी आयोजित किया गया।
एसएसबी (कोलकाता) के प्रेसिडेंट कमोडोर अतुल मैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। लॉन्च समारोह में कमोडोर एस. श्रीकुमार, वारशिप प्रोडक्शन सुप्रिन्टेन्डेंट (कोलकाता) सहित विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति देखी गई। टीटागढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले कमोडोर संजय देशपांडे (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक (ओपीएस), गौतम रॉय, कार्यकारी निदेशक और कमोडोर ईशान टंडन (सेवानिवृत्त), वीपी-एसबीडी थे।
टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री उमेश चौधरी ने एक बयान में कहा, ‘‘टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड में यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण दिन है; इस साल की शुरुआत में पहला टग लॉन्च करने के बाद, हमने रिकॉर्ड समय में दूसरा टग लॉन्च किया है, जो कि पहला टग लॉन्च करने के सिर्फ 2 महीने के भीतर संभव कर दिखाया है। यह भारत की नौसैनिक क्षमताओं को बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर रेखांकित किया जा सकता है। हम निर्धारित की गई समयसीमा को पूरा करने के लिए शेष जहाजों के साथ पूरे परिश्रम के साथ आगे बढ़ रहे हैं।’’

गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलवाने के लिए प्रदर्शन

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सफीदों। ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आह्वान पर गोमाता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर अनेक सामाजिक व धार्मिक संगठनों के लोगों ने नगर के महाराजा अग्रसेन चौक पर प्रदर्शन किया। इसकी अगुवाई जगद्गुरु शंकराचार्य सम्मान समिति के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने की।

उन्होंने कहा कि गाय सिर्फ हमारी और भारत की नहीं, पूरे विश्व की माता है। सनातन धर्म में गोहत्या महापाप है। देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है और रामजी के आने की बात कही जा रही है। तब भी अमृत (दूध) देने वाली गोमाता की हत्या होती रहे तो यह सरासर अन्याय है। देश का हर हिंदू व सनातनी चाहता हैं कि भारत में गोहत्या को दंडनीय अपराध माना जाए और गोमाता को पशु सूची से निकालकर राष्ट्रमाता का सम्मान दिया जाए। जिस प्रकार देश में राष्ट्रध्वज, राष्ट्रीय पक्षी आदि को संविधान में सम्मान प्राप्त है, वैसे ही गौमाता को भी राष्ट्र माता का सम्मान प्राप्त हो। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे गोरक्षा व गौ संरक्षण का संकल्प लें और भारत से गोहत्या बंद करने के लिए आगे आए।

गऊ भारत भारती पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय शर्मा को मिला स्टार्टअप इंडिया २०२४ का सम्मान

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मुंबई- सिने स्टार और लाइव न्यूज़ नेटवर्क द्वारा मुंबई के कंट्री क्लब अँधेरी में आयोजित स्टार्टअप इंडिया अवार्ड्स समारोह में प्रसिद्ध पत्रकार,साहित्यकार संजय शर्मा ‘अमान’ को उनकी नई कम्पनी के गऊ भारत भारती पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड के स्टार्टअप के लिए ” स्टार्टअप इण्डिया अवार्ड्स ” दे कर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में जाने माने उद्योगपति अनिल काशी मुरारका , अभिजीत राणे ,पद्मश्री शोमा घोस , पूर्वांचल महासंघ के अशोक दुबे ,आदि की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के आयोजक संतोष मिश्रा थे।

ज्ञात हो कि गऊ भारत भारती पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड , एक नई सोच और एक नई अवधारणा को स्थापित होने वाली नई कंपनी है। जो भारत में ग्रीन ऊर्जा , प्राकृतिक संस्थानों , बायो गैस , प्रणाली और गौआधारतीत ऊर्जा श्रोतो पर रिसर्च कर के नई ऊर्जा प्रणाली का विकास करेगी।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी संजय शर्मा ”अमान ” का जन्म १ अप्रैल सन १९७८ को चौरी चौरा जिला गोरखपुर में मैकेनिकल इंजीनियर श्री रमाशंकर विश्वकर्मा के घर हुआ । बहुत ही कम उम्र से ही लेखनी और काव्य विद्या से जुड़े संजय शर्मा ने मात्र १६ वर्ष उम्र में ही अपना खुद का साप्ताहिक अखबार ”किंग टाइम्स ”शुरू किया था। महानगर मुम्बई में रह कर साहित्य , कला , सिनेमा , पत्रकारिता , में अपनी शक्रिय भूमिका निभाते हुए कलम के माध्यम से देश और समाज की सेवा कर रहे है। भारत के सभी प्रमुख दैनिक अख़बारों में आप के लेख समय – समय पर प्रकाशित होते रहते है।
स्टार्टअप इंडिया सम्मान के मिलने पर कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय शर्मा ‘अमान ‘ कहते है कि – ” आज भारत बड़ी तेजी के साथ नई अर्थव्यवस्था के साथ विश्व पटल पर उभर कर दुनियाँ के सामने आया है। गऊ भारत भारती -एक सोच और विचार है ,भारतीय सनातन संस्कृति की मूल धरोहर , भारतीय गौ वंश की पैरोकार कम्पनी – भारत में गौ आधारित अर्धव्यवस्था को नई उड़ान देने के लिए वचनवद्ध है। कंपनी की यह एक नई शुरुआत है , हमारा पहला प्रोडक्ट बाजार में टू व्हीलर के लिए इंजन ऑयल का आ चूका है। मुझे बड़ी ख़ुशी है कि मुझे और मेरे काम को आयोजकों ने पहचाना और स्टार्टअप इंडिया सम्मान २०२४ से मुझे सम्मानित किया। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूँ।

डॉ मीहिर कुलकर्णी द्वारा निर्मित फ़िल्म “अहो विक्रमार्का” 7 भाषाओं में होगी रिलीज़

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मुंबई (अनिल बेदाग) : निर्माता डॉ मीहिर कुलकर्णी की फ़िल्म “अहो विक्रमार्का” मराठी सिनेमा की पहली ब्लॉकबस्टर-पैन इंडिया फिल्म जल्द ही 7 भाषाओं में रिलीज के लिए तैयार है। इस फ़िल्म का फर्स्ट लुक और मोशन पोस्टर 8 मार्च 2024 को पुणे के डांगे चौक रोड पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने लॉन्च किया गया। इस अवसर पर अमिताभ गुप्ता (एडिशनल डायरेक्टर जनरल प्राइजनज़ महाराष्ट्र लॉ ऐंड ऑर्डर) और पुणे के एडिशनल सीपीएस डॉ जलिन्दर सुपेकर भी मौजूद थे। 
एक बहादुर और दृढ़निश्चयी पुलिसकर्मी की वीरतापूर्ण कहानी को देखने के लिए आप सभी तैयार हो जाइए। यह फ़िल्म मराठी, तेलगु, हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम और बंगाली में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
यह फ़िल्म मीहिर कुलकर्णी, आरती गिल और अश्विनी कुमार मिश्रा द्वारा प्रोड्यूस की गई है। संगीतकार रवि बसरूर हैं।
महाराष्ट्र के सुपुत्र और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार लोकप्रिय दिग्गज अभिनेता देव गिल अब महाराष्ट्र के दिलों पर राज करने आ रहे हैं। तो अपनी सांसें थाम लें और अब तैयार हो जाएं एक्शन से भरपूर यह सिनेमा देखने के लिए।
अभिनेता देव गिल और एसएस राजामौली फिल्म्स के मुख्य निर्देशक पेटा त्रिकोटी   द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म का पहला लुक जबरदस्त है।
आपको बता दें कि इस फ़िल्म के प्रोड्यूसर डॉ. मीहिर कुलकर्णी प्रसिद्ध समाजसेवी और परोपकारी हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के बालेगांव को गोद लिया है। परोपकार और सामुदायिक विकास के लिए एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए ग्रेविटी ग्रुप के दूरदर्शी अध्यक्ष डॉ. मीहिर कुलकर्णी ने महाराष्ट्र के वैजापुर में बालेगांव के सूखा प्रभावित क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर गोद ले लिया है। महादेव मंदिर और शंकर महाराज मंदिर का भव्य उद्घाटन क्षेत्र के परिवर्तन में मील का पत्थर साबित हुआ।
इस विशिष्ट कार्यक्रम में कुंभ मेले के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी शिवगिरी महाराज और वरिष्ठ वस्तु विशेषज्ञ पंडित शिवकुमार सहित उल्लेखनीय हस्तियों की उपस्थिति देखी गई। इस समारोह में देवेन्द्र फडणवीस जी ने अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करवाई और उज्ज्वल निकम जी की गरिमामयी उपस्थिति रही, ये प्रमुख हस्तियाँ हैं जिनसे डॉ. कुलकर्णी ने 2021 में गाँव (बल्हेगांव) को गोद लेने की प्रेरणा ली।
भारत के सबसे युवा उद्यमियों में से एक डॉ. मीहिर कुलकर्णी ने अपने गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में सामुदायिक विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने बहुमुखी योगदान के लिए जाने जाने वाले, डॉ. कुलकर्णी ग्रेविटी ग्रुप के प्रमुख हैं, जो फिटनेस, वित्तीय, बुनियादी ढांचे, आतिथ्य और मनोरंजन उद्योग तक फैला हुआ है।
ग्रेविटी फिटनेस क्लब, जिसका उद्घाटन पुणे में हुआ और बाद में विश्व स्तर पर विस्तार हुआ, दिव्यांग बॉडीबिल्डरों और एथलीटों को अपनाते हुए, समावेशिता का प्रतीक रहा है। ग्रेविटी मिस्टर यूनिवर्स प्रतियोगिता, जिसमें ग्रेट खली, रोनी कोलमैन और फ्लेक्स व्हीलर जैसे मेहमान शामिल थे, ने फिटनेस और मनोरंजन उद्योग में डॉ. कुलकर्णी के पदचिह्न को मजबूत किया है।
अपने उद्यमशीलता प्रयासों के अलावा, डॉ. कुलकर्णी को उनके परोपकारी प्रयासों के लिए भी मान्यता मिली है और उन्हें राजस्थान विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्राप्त हुई है। 2022 में पुणे टाइम्स मिरर भारत लीडरशिप अवार्ड, उद्योग भूषण पुरस्कार और प्राइड ऑफ महाराष्ट्र जैसे पुरस्कार उनके प्रभावशाली योगदान के प्रमाण हैं।
ग्रेविटी फाउंडेशन, ग्रेविटी ग्रुप की धर्मार्थ शाखा, ने लगातार सामाजिक सुधार में योगदान दिया है। सद्गुरु श्री शंकर महाराज मठ पुणे को मुफ्त एम्बुलेंस सेवाओं का दान, औरंगाबाद में बाल्हेगांव का पुनर्विकास और उन्नति और विभिन्न अन्य कारणों के लिए उनका समर्थन शामिल है। डॉ. मीहिर कुलकर्णी ने ग्रेविटी ग्रुप का आतिथ्य, चिकित्सा, वित्त और जीवन शैली क्षेत्रों में विस्तार किया है। राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक समिति के महासचिव और बीवीसीआई- बोर्ड ऑफ वेटरन क्रिकेट इंडिया के अध्यक्ष के रूप में, वह बोर्ड के विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं की कल्पना करते हैं।
डॉ. कुलकर्णी के नेतृत्व में, सेफ्टी कप जैसी पहल, पीएमसी और पुणे पुलिस अधिकारियों के बीच एक उद्देश्य के लिए खेली जाने वाली क्रिकेट लीग, सामाजिक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जैसे-जैसे ग्रेविटी ग्रुप नए पंख फैला रहा है, डॉ. मीहिर कुलकर्णी औद्योगिक क्षेत्रों में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में खड़े हैं, जो सकारात्मक बदलाव और सामुदायिक विकास को आगे बढ़ा रहे हैं। अब वह फ़िल्म निर्माता के रूप में इतना बड़ा प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं जिसके फर्स्ट लुक ने सभी को चौंका दिया है।

CAA Notificationनागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता

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पीटीआई, नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) सोमवार को लागू हो गया है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता प्रदान करेगा। हालांकि, ये कानून पूर्वोत्तर राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों में लागू नहीं किया जाएगा।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकांश जनजातीय क्षेत्रों में लागू नहीं किया जाएगा, जिनमें संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जा प्राप्त क्षेत्र भी शामिल है।

इन राज्यों को मिलेगी छूट

अधिकारियों ने सोमवार को अधिसूचित कानून के नियमों का हवाला से बताया कि जिन जनजातीय क्षेत्रों में संविधान की छठी अनुसूची के तहत स्वायत्त परिषदों का गठन किया गया था, उन्हें भी सीएए के दायरे से बाहर रखा गया है। ये स्वायत्त परिषदें असम, मेघालय और त्रिपुरा में अस्तित्व में हैं।

क्या है CAA?

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलेगी। भारत के पड़ोसी देशों से धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर, 2014 से पहले आने वाले गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता प्रदान करेगा।