बजरंग दल ने पशु मांस से भरी हुई चार गाड़ियां पकड़ी
गुरुग्राम – हरियाणा के गुरुग्राम में बजरंग दल व गौ रक्षा दल (cow protection team) की टीमों ने गौ मांस के साथ तस्करों को काबू किया है। गुरुग्राम में मांस से भरी हुई 4 गाड़ियां पकड़ी गई हैं। बाद में गाड़ियां व इनके ड्राइवरों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में छानबीन चल रही है। एक ड्राइवर इरफान ने पुलिस को गौ मांस तस्करी से जुड़ी कुछ जानकारी दी है।
जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा गो तस्करों पर लगाम लगाने के लिए टीम गठित की गई है। वही गौ रक्षक दल द्वारा टीम के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गौ रक्षा दल द्वारा गुरुग्राम के सोहना चौक मस्जिद (Sohna Chowk Mosque) के पास से गौ तस्करों की गाड़ियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की गई। इनमें पशुओं का मांस भर कर लाया जा रहा था। पुलिस ने सभी गाड़ियों को कब्जे में ले मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके से पकड़े गए पिकअप ड्राइवर इरफान ने खुलासा करते हुए बताया कि बिना परमिट के पशुओं के मांस को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने का काम कर रहा था।
उसने अपने साथ काम कर रहे दो और साथियों का नाम उजागर किया है। वही पुलिस ने गाड़ियों को कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। गुरुग्राम के गौ रक्षा प्रमुख चमन खटाना के मुताबिक गुरुग्राम में पशुओं के मांस की तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। बजरंग दल- गौ रक्षक दल द्वारा लगातार मांस तस्करों पर नकेल कसने का काम किया जा रहा हैं। बावजूद इसके तस्करों के हौसले इतने बुलंद है कि वह तस्करी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
फ़िल्म “गौरैया लाइव” का शानदार प्रीमियर
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की मौजूदगी में फ़िल्म “गौरैया लाइव” का शानदार प्रीमियर
मुंबई (अनिल बेदाग) : काफी समय से चर्चा में रही फिल्म “गौरैया लाइव” का प्रीमियर मुंबई में आयोजित किया गया। इस अवसर पर फ़िल्म के निर्माता राहुल रंगारे, निशांत जैन, रोहित राज सिंह चौहान , कलाकार नरेंद्र खत्री, सीमा सैनी, अदा सिंह , विनय झा , निर्देशक गेब्रियल वत्स के साथ ही केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले उपस्थित रहे। “गौरैया लाइव” एक मजदूर पिता के बेटी की कहानी है जो बोरवेल में गिर गई है।
रेयर फिल्म्स और टी एंड पोएट्री फिल्म्स के बैनर तले बनी इस सर्वाइवल ड्रामा को देखने के लिए दर्शक भी काफी उत्सुक है। यह कहानी भोपाल के मजदुर पिता के बेटी की कहानी है। जिसे बड़े ही मार्मिक ढंग से पेश किया गया है। जो एक खुले बोरवेल में गिर जाती है जो कंस्ट्रक्शन साइट पर ही रहती है। फिल्म को देख सभी बहुत इमोशनल भी हुए। इस फिल्म में दिखाया गया सत्य कड़वा है पर सत्य है। ऐसी स्थिति किसी भी माँ बाप पर न आये इसका खास ध्यान रखना चाहिए। यह फ़िल्म, सवाल करती है ऐसी दुखद घटनाएं समाज में दोबारा न हो इसके लिए क्या कदम उठाये जा सकते है इसपर सोच विचार करने की आवश्यकता है।
पीपली लाइव फेम ओंकार दास मानिकपुरी ने उस छोटी बच्ची गौरैया के मजदूर पिता का रोल किया है और गौरैया बनी छोटी सी नन्ही बालिका का नाम है अदा सिंह। उसने अपनी एक्टिंग के हुनर से लोगों को चौका दिया। इतने घंटो तक मौत और जीवन की जद्दोजहद में जीत आखिर गौरैया की ही हुई। इसमें कई और भी कलाकार है जिन्होंने इसे सफल बनाने के लिए सौ प्रतिशत योगदान दिया है। सीमा सैनी, पंकज झा, शगुफ़्ता अली मुख्य किरदार में नज़र आए साथ में गणेश सिंह, बलराम ओझा, नरेंद्र खत्री और आलोक चटर्जी जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों के नाम शामिल है।
फ़िल्म ‘गौरैया लाइव” के निर्माता राहुल रंगारे, डॉ. निशांत जैन, रोहित राज सिंह चौहान और राजीव जैन हैं। फ़िल्म के सह निर्माता सीमा सैनी , गेब्रियल वत्स, ऋषभ कुरैच्या, रणधीर सिंह ठाकुर और गौरव बग्गा हैं। सीमा सैनी इस फ़िल्म की लेखिका, गीतकार, संगीतकार, अभिनेत्री और सह निर्मात्री भी हैं। फ़िल्म के लेखक़ गेब्रियल वत्स और सीमा सैनी हैं और निर्देशन गेब्रियल वत्स ने किया हैं। फ़िल्म का संगीत सुंजॉय बोस और सीमा सैनी की प्रतिभाशाली जोड़ी द्वारा दिया गया है, जिसके भावपूर्ण गीत सीमा सैनी ने लिखे हैं
नालासोपारा स्थित ऐतिहासिक बौद्ध स्तूप को भूल चुकी है सरकार!
पालघर। नालासोपारा पश्चिम में तथागत बुद्ध स्तूप पर सैकड़ों की संख्या में बहुजन सुधारवादी संघ (बीएसएस BSS) संस्था के लोग दर्शन के लिए पहुंचे समाजसेवक डॉ सी आर सरोज ने जानकारी देते हुए बताया कि नालासोपारा स्थित बुद्ध स्तूप ढाई हजार वर्ष पुराना है।
BSS संस्था के प्रमुख देवेंद्र यादव की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया जिसमें देवेंद्र यादव ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि शूद्र बहुजन समाज की जागरूकता से ब्राह्मणी खेमे में हड़कंप मच गया है उनके सभी काल्पनिक वेद पुराडो, ग्रंथों का जिन्हें इतिहास बनाकर बहुजनों के दिलो-दिमाग में बिठा दिया था उनका अब पर्दाफाश हो चुका है। बहुजन एससी, एसटी, ओबीसी उनके सारे षडयंत्रों को समझ चुका है। झूठी कहानियां लिखकर समाज नीति पर एकाधिकार करने की उनकी रणनीति फेल हो चुकी है। अब शूद्र बहुजन समाज के लोग काल्पनिक कपोल कल्पित ब्राह्मणी कहानियों जिनमें कदम कदम पर शूद्रों को अपमानित किया गया है उससे नाता तोड़कर उनके काल्पनिक भगवानों देवी देवताओं अवतारों के काल्पनिक फोटो अपने घरों से बाहर फेंककर अपने असली समतावादी महापुरुषों महानायकों महात्मा बुद्ध, महात्मा फुले, शाहूजी महाराज, बाबासाहेब अम्बेडकर, पेरियार आदि की फोटो घरों में लगाकर उनकी जयंतियां मनाने लगे हैं। काल्पनिक ब्राह्मणी ग्रंथों को घरों से हटाकर मानवता वादी वैज्ञानिकता वादी महापुरुषों की लिखी किताबें घरों में रखने लगे हैं, जिन्हें खुद भी पढ़ रहे हैं, बच्चों को भी पढ़ा रहे हैं।
पहले घरों में सनातनी देवी-देवताओं के फोटो लगाना, ब्राह्मणों से सत्य नारायण कथा से लेकर अनेकों कर्मकांड कराना आदि प्रतिष्ठा का काम माना जाता था।
अब जिस घर में SC, ST, OBC महापुरुषों की फोटो लगी है उनके विचारों से संबंधित साहित्य हैं जिस घर में महापुरुषों की जयंतियां मनाई जाती हैं उस घर को बहुजन समाज में प्रतिष्ठा और मान सम्मान मिलता है उस परिवार को जागरूक परिवार माना जाता है। यह सब देखकर सनातनी ब्राह्मणों के पैर के नीचे से जमीन खिसकने लगी है वे घबराए हुए हैं कि अब उनकी झूठी मनगढ़ंत कहानियों के दम पर टिके सामाजिक राजनीतिक वर्चस्व का क्या होगा ?
आने वाले दस वर्षों में बहुजन संगठनों ने संकल्प लिया है कि 85% एससी, एसटी, ओबीसी के लोगों के घरों में बहुजन समाज के महापुरुषों का फोटो एवं उनके ग्रन्थों का प्रवेश हो जाएगा तब 15% सनातनियों का क्या होगा, जो आज हर जगह धर्म से लेकर प्रशासनिक राजनैतिक उच्चतम पदों पर सौ फीसदी कब्जा किए हैं।
उन ब्राह्मण भक्तों से आग्रह है कि वे मानसिक गुलामी से बाहर निकलें फुले साहू अम्बेडकर पेरियार आदि महापुरुषों के विचारों व उनके संघर्षों का अध्ययन करें तर्कवादी बनें ! स्वाभिमानी बनें ! समाज और देश का भला चाहते हैं तो ब्राह्मणी सनातनी विचारों को छोड़कर बहुजन समाज के क्रांतिकारी संगठनों से जुड़ें और महापुरुषों के सपनों के प्रबुद्ध एवं समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

समाजसेवी डॉ. सी.आर.सरोज ने बताया कि नालासोपारा को एक समय में शूर्पारका कहा जाता था – ‘शूर’ का अर्थ बहादुर और शहर के लिए ‘पराका’ होता है। इसे इसका नाम सदियों से मेसोपोटामिया, मिस्र, ग्रीस, रोम, अरब और पूर्वी अफ्रीका की प्राचीन दुनिया के साथ व्यापार करने वाले मुख्य बंदरगाहों में से एक होने के साहसी कार्य के कारण मिला।
यह एक प्रमुख बौद्ध क्षेत्र भी था, जिसकी पुष्टि अशोक (304-232 ईसा पूर्व) द्वारा अपने धम्म का प्रचार करने के लिए बनवाए गए दो शिलालेखों, 8वीं और 9वीं की उपस्थिति से होती है। अशोक ने अपने जीवनकाल में पूरे साम्राज्य में 14 प्रमुख शिलालेख लगवाए।
9वें शिलालेख की खोज 2,500 साल पुराने बौद्ध स्तूप में की गई थी, जिसे एक धनी स्थानीय व्यापारी और व्यापारी पूर्ण मैत्रायनिपुत्र ने अपने नए विश्वास को चिह्नित करने के लिए बनवाया था। चंदन से सजाया गया यह स्तूप, जो अब एक राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक है, साँची की तर्ज पर ही बनाया गया था। इसका उद्घाटन स्वयं गौतम बुद्ध ने किया था।
1882 में स्तूप के केंद्र से एक बड़े खजाने की खुदाई की गई थी जिसमें बुद्ध की 8वीं शताब्दी की आठ कांस्य मूर्तियों के साथ-साथ अवशेष ताबूत, सोने के फूल, एक चांदी का सिक्का और एक भिक्षापात्र के टुकड़े थे। 9वां शिलालेख, मौर्यकालीन ब्राह्मी लेखन से ढका पत्थर का एक बड़ा अष्टकोणीय खंड, अब दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय की मूर्तिकला गैलरी में स्थित है।
नालासोपारा में एक अज्ञात संरक्षित स्थल के अंदर, जिसे सरकार भी भूल चुकी है, एक बौद्ध स्तूप है, जो इस तथ्य का प्रमाण है कि सोपारा या शूरपारका, जैसा कि इसे ऐतिहासिक रूप से जाना जाता है, उस समय बौद्ध धर्म का केंद्र था।
लुब्रिज़ोल कॉर्पोरेशन ने पुणे में नया ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर शुरू किया
भारत सरकार के पूर्व उप सचिव एवं वरिष्ठ भाजपा नेता को चुनाव लड़ाना चाहती है बसपा
अंकित मिश्रा
जौनपुर। वरिष्ठ भाजपा नेता व राष्ट्रवादी लेखक बसंत कुमार जिन्होंने उप सचिव पद से स्वैक्षिक सेवा निर्वित्ति के बाद वर्ष 2011 मे भाजपा जॉइन की और विगत 14 वर्षो मे बड़े मनोयोग से सेवा की और राष्ट्रवाद और हिंदुत्व पर दर्जनों किताबे लिखी।कलराज मिश्र के चुनाव प्रचार से लेकर उनके सलाहकार का काम किया, पर भाजपा ने उन्हे जातीय समीकरण की आड़ मे कभी भी लोकसभा का टिकट नही दिया। ऐसी खबर है की बसपा उन्हे अपने टिकट पर जौनपुर या मछली शहर से लड़ाना चाहती है, और बसपा के नेता बसंत कुमार की बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात करवाना चाहते है। जिससे उन्हे बसपा जॉइन करा कर प्रत्याशी बनाया जा सके।
यह सर्व विदित है कि बसंत कुमार पुराने भाजपाई है,और भाजपा कार्यकर्ता उन्हे बहुत सम्मान देते है।
यदि वह मछलीशहर सीट से बसपा टिकट पर चुनाव लड़ते है,तो भाजपा प्रत्याशी बी पी सरोज की मुश्किल बढ़ सकती है। और जौनपुर की सीट वर्ष 2019 मे बसपा के खाते मे गयी थी।मछलीशहर लोकसभा में भाजपा प्रत्याशी बी पी सरोज भी मात्र 181 मतो से जीत पाए थे। देखना यह है कि बसपा बसंत कुमार को अपने पाले मे लाने मे सफल हो पाती हैं या नहीं ?
उत्तर भारतीय नेता सुरजीत सिंह का आनंद चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा सम्मान
अंकित मिश्रा
मुंबई। उत्तर भारतीय युवा नेता,उद्योगपति एवं समाजसेवी सुरजीत सिंह का सांसद राजन बिचारे की संस्था आनंद चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा सुरजीत सिंह के द्वारा समाज में किए गए सामाजिक,धार्मिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। सुरजीत सिंह एक हिंदुवादी संस्था सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष है, हिंदुत्व के प्रचार प्रसार को लेकर पूरे देश में इनके लाखों कार्यकर्ता काम कर रहे है। ज्ञात हो कि सुरजीत सिंह महाराष्ट्र कांग्रेस कामगार सेल के प्रदेश अध्यक्ष है। कामगारों के हित के लिए हमेशा आवाज़ उठाते रहते हैं। सिंह टॉप ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन भी है।
बीजेपी ने तेजस्वी को कहा ‘मौसमी सनातनी’
पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं RJD नेता तेजस्वी यादव बुधवार को सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक कथित वीडियो को लेकर आलोचनाओं के घेरे में आ गए। इस वीडियो में वह कथित रूप से नवरात्र के दौरान हेलीकॉप्टर में मछली खाते नजर आ रहे हैं। RJD नेता ने वीडियो पोस्ट करते वक्त इसका दिनांक भी लिखा था। सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर पोस्ट किए गए उक्त वीडियो में पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी के साथ हेलीकॉप्टर में दोपहर का भोजन करते नजर आ रहे हैं।
बीजेपी ने तेजस्वी को कहा ‘मौसमी सनातनी’
हेलीकॉप्टर में तेजस्वी और सहनी वीडियो में मछली और रोटी खाते दिखे। RJD नेता ने 8 अप्रैल को उक्त वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा था, ‘चुनावी भागदौड़ एवं व्यस्तता के बीच हेलीकॉप्टर में भोजन। चुनाव प्रचार के दौरान जो 10-15 मिनट मिलते हैं, उसमें वह खाना खा लेते हैं।’ वीडियो में सहनी ने मिर्च दिखाकर विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा, ‘हमारा वीडियो देखकर बहुतों को मिर्ची लगेगी।’ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने यादव को ‘मौसमी सनातनी’ बताते हुए उनपर ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ करने का आरोप लगाया।
वे तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं’
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को एक वीडियो संदेश में ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ करने के लिए तेजस्वी की आलोचना की और उन्हें ‘मौसमी सनातनी’ कहा। सिन्हा ने कहा, ‘वे मौसमी सनातनी हैं और यह नहीं जानते कि सनातन धर्म की प्रथाओं का पालन कैसे किया जाए। मुझे लोगों के खान-पान पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन श्रावण मास में मटन और नवरात्रि में मछली का सेवन करना एक सच्चे सनातनी का खान-पान नहीं हो सकता। यह सब करके वे तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं।’
‘IQ का टेस्ट लेने के लिए वीडियो डाला था’
सिन्हा ने पिछले साल की एक घटना का भी जिक्र किया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लालू प्रसाद के दिल्ली आवास पर भोजन (श्रावण के महीने के दौरान मटन की दावत) किया था। बीजेपी नेताओं की उक्त टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, ‘भाजपाइयों और गोदी मीडिया के भक्तों के आईक्यू का टेस्ट लेने के लिए ही हमने यह वीडियो डाला था और हम अपनी सोच में सही भी साबित हुए। ट्वीट में ‘दिनांक’ लिखा हुआ है, लेकिन बेचारे अंधभक्तों को क्या मालूम। आखिर में सहनी जी द्वारा मिर्ची लगने का भी जिक्र किया गया है।’












