मास्टर ऑफ कल्ट क्लासिक दिबाकर बनर्जी का “लव सेक्स और धोखा 2” के सेट से मेकर्स ने जारी किया BTS वीडियो
दिबाकर बनर्जी एक ऐसे डायरेक्टर हैं जो फिल्म मेकिंग के तरीके को अपने अनोखे अप्रोच से बदलने की ताकत रखते हैं। 2010 में रिलीज हुई लव सेक्स और धोखा इसी बात का सबूत है। उस समय वह फुटेज बेस्ड फिल्म लेकर आए थे, जिसमें कैमरे के समय के प्यार को दिखाया गया था। वह कहानी सभी के लिए नई थी और कहा जाए तो आज के समय के दर्शकों के लिए भी वह अनोखी है। कहा जाए तो दिबाकर ही वह शख्स हैं, जो इस तरह के कॉन्सेप्ट और फिल्म को असलियत का आईना दिखाने के साथ उसके कैमरा एंगल से लेकर स्क्रीनप्ले तक को खूबसूरती से आकार से सकते हैं।दिबाकर अब दर्शकों के लिए लव सेक्स और धोखा 2 के रूप में सीक्वल लेकर आए हैं। ऐसे में, दर्शकों के बीच मेकर्स ने एक BTS वीडियो शेयर किया है जिसमें हम मास्टर ऑफ कल्ट क्लासिक दिबाकर बनर्जी को फिल्म की मेकिंग करते हुए देख सकते हैं।दिबाकर अपने डायरेक्शन के जादू से एक्टर्स को गाइड करके उन्हें फिल्म की कहानी के मुताबिक ढालते हुए BTS में देखे जा सकते हैं। बता दे कि दिबाकर सबसे पसंदीदा फ्रेंचाइजी को सिल्वर स्क्रीन पर बेहद शानदार तरीके से लाने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में, मेकर्स ने अब दिबाकर की फिल्म को बनाने के दौरान की झलक शेयर कर दी है। उन्हें एक्टर्स के साथ ताल से ताल मिलाते हुए देखना रोमांच से भरा है।इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए मेकर्स ने कैप्शन ने लिखा है –
“लाइट्स, साउंड, दिबाकर!
#LSD2 सिनेमाघरों में 19 अप्रैल से होगी!
https://www.instagram.com/reel/C52h9ElPhRM/?igsh=Nzd4cGE3aG9leXZl
दिबाकर को ‘लव सेक्स और धोखा 2’ बनाने में पूरी तरह से खोया हुआ देखना असल में एक शानदार पल है। जहां डायरेक्टर ने 2010 में लव सेक्स और धोखा के साथ सभी को चौका दिया था, ऐसे में इस बार चीजें पहले से ज्यादा बोल्ड और रोमांचक होने की उम्मीद है।
दिबाकर बनर्जी प्रोडक्शन कल्ट मूवीज द्वारा प्रेजेंट की जाने वाली लव सेक्स और धोखा 2 को दिबाकर बनर्जी द्वारा डायरेक्ट किया गया है। यह फिल्म 19 अप्रैल 2024 को सिनेमा घरों में रिलीज के लिए तैयार है।
राम नवमी -श्रीराम का अलौकिक व्यक्तित्व
एकता आर कपूर ने इस खास वजह से “लव सेक्स और धोखा 2” के लिए चुना डायरेक्टर दिबाकर बनर्जी का नाम
प्रोड्यूसर एकता आर कपूर और डायरेक्टर दिबाकर बनर्जी ने सच में 2010 की फिल्म लव सेक्स और धोखा में कैमरे के दौर के प्यार की एक कमाल की कहानी दर्शकों के सामने लाई थी। इस फिल्म ने बहुत सारी तारीफें अपने नाम की थी। जिसके बाद अब इस प्रोड्यूसर और डायरेक्टर की जोड़ी ने फिल्म के सीक्वल यानी लव सेक्स और धोखा 2 को रिलीज करने की तैयारी कर ली है। फिल्म के ट्रेलर ने अपने रिलीज से पहले ही हर तरफ लोगों के बीच में अपने अनोखे विषय की वजह से चर्चा का माहौल बनाया है। क्योंकि फिल्म की कहानी डिजिटल दुनिया पर आधारित है, जिसमें दिखाया जाएगा कि किस तरह आज के युवा इसमें डूबे हुए हैं।
ऐसे में जब फिल्म के सीक्वल को बनाने का ख्याल एकता के मन में आया, तब से उनके दिमाग में सिर्फ दिबाकर का नाम ही अटका हुआ है, और इसकी वजह यह है कि दिबाकर ही वो शख्स हैं जो अनोखे और अलग तरीके से सोशल कमेंट्री कर सकते हैं।
इस बारे में बात करते हुए एकता कपूर कहती हैं, “जब से मेरे दिमाग में LSD 2 बनाने का खयाल आया, मुझे पूरा यकीन था कि यह दिबाकर के साथ ही होगा। वह इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन डायरेक्टर्स में से एक हैं। LSD2 की तरह ही हमारे साथ काम करने की भी जर्नी यूनिक और रियल है। वह सबसे अनोखे तरीके से सोशल कमेंट्री कर सकते हैं, और साथ ही दर्शकों को एंटरटेन भी कर सकते हैं! यह फ्रैंचाइजी अपनी सच्चाई के साथ बनी हुई रहेगी, और यह ईमानदार, दृढ़ और जुड़ाव महसूस करने वाली रहेगी।”
बालाजी मोशन पिक्चर्स, जो बालाजी टेलीफिल्म्स का एक डिवीजन है, और दिबाकर बनर्जी प्रोडक्शन की कल्ट मूवीज के साथ मिलकर इस फिल्म को प्रेजेंट किया जा रहा है, “लव सेक्स और धोखा 2”, जो प्रोड्यूस की गई है एकता आर कपूर और शोभा कपूर के द्वारा, उसका निर्देशन दिबाकर बनर्जी द्वारा किया गया है। यह फिल्म 19 अप्रैल 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।
दीक्षा शर्मा कबड्डी खिलाड़ी रहीं और खिलाड़ी कुमार से है प्रभावित
अक्षय कुमार की तरह एक्शन फिल्म में काम करना चाहती है दीक्षा शर्मा
दीक्षा शर्मा अभिनेत्री और मॉडल हैं इन्होंने कई हिंदी और हरयाणवी म्यूजिक वीडियो में काम किया है। टेलीविजन शो, वेबसीरिज और विज्ञापन में भी यह कार्य कर रही हैं। जल्द ही इनकी हिंदी फिल्म और एक वेबसीरिज प्रदर्शित होने वाली है। दीक्षा खिलाड़ी अक्षय कुमार को बेहद पसंद करती है और उन्हीं की तरह एक्शन मूवी करने की शौकीन है। उनकी पसंदीदा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और दीपिका पादुकोण हैं। दीक्षा शर्मा हरियाणा की रहने वाली है और उनकी उच्च शिक्षा दिल्ली में हुई है। अभिनय की दुनिया में आने से पहले दीक्षा बतौर कबड्डी खेल की कोच का काम करती थी। स्कूल के समय से ही वह कबड्डी की खिलाड़ी रही और बारहवीं की शिक्षा ग्रहण करते समय ही वह कोच का काम करना शुरू कर दी। बाइक राइडिंग, साइक्लिंग माउंट ट्रेनिंग का भी उन्हें शौक है। उन्होंने तीन साल एनसीसी किया है। वह स्पोर्ट्स में ही कैरियर बनाना चाहती थी इसके लिए बैचलर ऑफ फिजिकल एडुकेशन का कोर्स भी किया। वह दिल्ली पुलिस में जाना चाहती थी और कोरोना समय में कुछ वक्त के लिए सिविल डिफेंस में काम किया है।

दीक्षा की हाइट, हेल्थ और उनकी खूबसूरती को देख उन्हें अभिनय में आने का सलाह दिया गया और कई काम भी ऑफर हुए। इस क्षेत्र में काम करते हुए उन्हें अच्छा महसूस हुआ और आगे इस क्षेत्र में काम करने के लिए वह मुंबई आ गयी। यहाँ आने के बाद मॉडलिंग, विज्ञापन और अभिनय के क्षेत्र में काम मिलना शुरू हो गया। दीक्षा कहती हैं कि यह उनके लिए सुखद अहसास रहा और उन्हें आगे काम करने का उत्साह भी मिला। काम के लिए ऊटी, केरल शिमला, मनाली, पुणे, मुम्बई और कई खूबसूरत जगहों पर जाने का मौका मिला जो दीक्षा के लिए रोमांचक और सुखद रहा।

दीक्षा ने बिकनी शूट करवाया है साथ ही वह क्राइम पेट्रोल टीवी शो, कैलेंडर शूट, ज्वैलरी के लिए प्रिंट और फोटो शूट भी कराया है। दीक्षा कहती है कि वह पुलिस, कॉप या सोल्जर जैसे दमदार किरदार करना चाहती हैं। वह अंदर से जितनी भावुक है बाहर से बिंदास है। उसे शेरोशायरी सुनना अच्छा लगता है। अपने काम के प्रति बेहद लगनशील और मेहनती है। वह हार मानकर ठहरती नहीं है बल्कि अपनी मेहनत पर विश्वास रखकर आगे बढ़ती है।
दीक्षा कहती हैं कि हर लड़की की शिक्षित तो होनी ही चाहिए और साथ ही आत्मनिर्भर भी होना चाहिए। समय आने पर स्वयं और अपने परिवार को आर्थिक रूप से संभालने का आत्मबल नारियों में होना अवश्य है।
आकाश कुसुम और राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र
(राकेश अचल-विभूति फीचर्स)
अठारहवीं लोकसभा के लिए पहले चरण के मतदान से पांच दिन पहले भाजपा का चुनावी घोषणा पत्र भी आ गया। कांग्रेस, सपा,राजद और बसपा के अलावा दीगर राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्र पहले ही आ चुके है । फिलहाल हर दल अपने चुनावी घोषणा पत्र को सर्वश्रेष्ठ बता रहा है,लेकिन जनता के लिए इसमें से सर्वश्रेष्ठ चुनना आसान नहीं है ,क्योंकि हर दल का चुनावी घोषणा पत्र स्वर्ग को जमीन पर उतार लाने की बात करता है। आजतक किसी भी राजनीतिक दल ने जिस चुनावी घोषणा पत्र के आधार पर वोट मांगे उसे पूरा नहीं किया। अब तक तो सारे चुनावी घोषणा पत्र ‘आकाश कुसुम’ही साबित हुए हैं।
दुर्भाग्य से देश में चुनाव घोषणा पत्रों का इतिहास नहीं लिखा गया । लिखा इसलिए नहीं गया क्योंकि सब इसे झूठ का पुलिंदा मानते आये हैं। वैसे ये एक दिलचस्प विषय हो सकता है। ये जानने की बहुत जरूरत है कि 1952 से लेकर 2024 तक 72 साल में इन चुनावी घोषणा पत्रों पर किस पार्टी ने कितना अमल किया और किसने नहीं ? कम से कम बारह लोकसभा चुनावों के घोषणा पत्र तो मेरी स्मृति में हैं। सवाल ये है कि क्या राजनीतिक पार्टियों के घोषणा-पत्र चुनाव के पहले, उसके दौरान और उसके बाद कोई सार्थक भूमिका निभाते हैं ? क्या वे लोगों को पेश किए जाने वाले पार्टी के विचारों, नजरिए और कार्यक्रमों का शक्तिशाली प्रतीक होते हैं या केवल सांकेतिक भर होते हैं ? अधिकांश मतदाता मतदान करने से पहले घोषणा-पत्र पढ़ने की जरूरत ही नहीं समझते। देश में ज्यादातर घोषणा-पत्रों को कूड़ेदान में फेंक दिया जाता है। मजे की बात ये है कि कचरा होने के बावजूद घोषणा-पत्र पार्टियों की भावी योजना, मुख्य मुद्दों पर कार्यक्रमों और वैचारिक नजरिए को उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण चोचला बने हुए हैं, हाल के दिनों में भाजपा ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को मुस्लिम लीग से प्रभावित घोषणा पत्र बताया तो भाजपा के घोषणा पत्र को लेकर भी कमोवेश ऐसी ही टिप्पणियां की जा रहीं है। कुछ तो भाजपा के घोषणा पत्र से राष्ट्रीय जनता दल के घोषणा पत्र को बेहतर बता रहे हैं।
एक अच्छी बात ये है कि इस रूखे यानि शुष्क विषय पर सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च ने अध्ययन का एक तरीका निकाला है, जिसमें कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) के 1952 से लोकसभा चुनावों के घोषणा पत्रों का जायजा लिया गया।अध्ययन में 1980 के पहले बीजेपी के बदले भारतीय जनसंघ और 1971 के पहले सीपीआई-एम के बदले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के घोषणा-पत्रों पर गौर किया गया है। ये तीन पार्टियां भारतीय राजनीति के वैचारिक दायरे का प्रतिनिधित्व करती हैं और अध्ययन में उन मुद्दों के उभरने पर गौर किया गया, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए मायने रखते हैं।
इस अध्ययन में स्वतंत्र कोडिंग करने वालों और शोधकर्ताओं की एक बड़ी टीम ‘शब्द गणना’ के जरिए गणना योग्य पैमाने पर पहुंची है, यानी घोषणा-पत्र में किसी मुद्दे पर कितने शब्द लिखे गए हैं। इस मकसद से सात बड़े मुद्दों की पहचान की गई है। घोषणा पत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा, राजनीतिक काबिलियत, राजनीतिक तंत्र, सामाजिक तानाबाना, आर्थिक योजना, कल्याणकारी कार्यक्रम, और विकास तथा इंफ्रास्ट्रक्चर तक को शामिल किया जाता रहा है। अब तो घोषणा पत्र गारंटी पत्र बन चुके है। सत्तारूढ़ भाजपा के साथ कांग्रेस ने भी मतदाताओं को गारंटियां दी है। लेकिन किसी भी दल की गारंटी किसी क़ानून के दायरे में नहीं आती।भाजपा की गारंटी भाजपा की नहीं मोदी की गारंटी है,ऐसे ही कांग्रेस की गारंटी राहुल की नहीं कांग्रेस की गारंटी है। एक गारंटी पर व्यक्ति का नाम है तो एक पर पार्टी का।
आपको बता दूँ कि 1952 से घोषणा-पत्रों का अध्ययन देश के पहले चुनाव से राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाज के ढांचे में आए गहरे बदलावों की भी मोटी तस्वीर पेश करता है। चुनाव घोषणा-पत्र भले भुलाए जा सकते हैं, मगर वे अपनी ऐतिहासिक छाप छोड़ जाते हैं। घोषणा पत्रों के विश्लेषण से पता चलता है कि तीनों राजनीतिक संगठनों के सभी घोषणा-पत्रों में आर्थिक योजना, कल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास व इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी महत्व दिया गया है। तीनों के घोषणा-पत्रों में इन तीनों विषयों पर कुल 55 फीसदी शब्द लिखे गए। हालांकि बाद के दशकों में इसके संदर्भ बदल गए। आजादी के बाद के पहले चार दशकों में आर्थिक योजना के सोशलिस्ट मॉडल पर जोर रहा जबकि निजी क्षेत्र की पैरोकार इकलौती भाजपा रही है। वर्ष 1991 में विश्वव्यापी आर्थिक उदारीकरण से सभी घोषणा-पत्रों में इस वर्ग में मुद्दों की प्रकृति बदल गई।
मजे की बात ये है कि सभी पार्टियों ने ग्रामीण भारत के प्रति प्रतिबद्धता के नारे तो उछाले, लेकिन विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के वर्ग में ग्रामीण विकास पर फोकस 1952 में 42 फीसदी से 2019 में गिरकर 5.6 फीसदी पर आ गया।
आज के चुनाव घोषणा पत्रों के विषय और शब्दावली दोनों बदल गए है। पहले चुनाव घोषणा पत्रों में
आतंकवाद,मंदिर,एक निशान-एक विधान ,सीआईए, एनआरसी ,जातीय जनगणना जैसे विषय नहीं होते थे। सुरक्षा,विदेश नीति जरूर होती थी। अब पहली बार ‘डिग्निटी’ और ‘क्वालिटी’जैसे शब्द भी चुनाव घोषणा पत्रों का हिस्सा बने हैं। इन चुनावी घोषणापत्रों का अन्य उत्पादों के साथ मिलने वाली गारंटी जैसा कोई वैधानिक स्वरूप नहीं है। यदि इन घोषणा पत्रों को कानूनी रूप दिया जाये और इनका पालन न करने पर जनता की ओर से जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने जैसी कोई व्यवस्था हो तब तो कोई बात है ,अन्यथा ये चुनावी घोषणा पत्र उसी तरह आकाश कुसुम ‘ बनकर रह जायेंगे जैसे अभी तक बने ही हुए हैं।(विभूति फीचर्स)
अक्षय कुमार की तरह एक्शन फिल्म में काम करना चाहती है दीक्षा शर्मा
आदर्श आचार संहिता
(पंकज शर्मा तरुण – विनायक फीचर्स)
आजकल देश में लोकसभा के चुनाव का मौसम चल रहा है।आचार संहिता लागू होने के बाद से देश में अनुशासन जैसा लगने लगा है। सारे सरकारी विभाग खासकर पुलिस, आबकारी व परिवहन विभाग सड़कों पर गश्त करते दिखाई देने लगे हैं। आम जनता असहज सा महसूस करने लगती है। जब उसे नियमों का पालन सख्ती से करने के लिए बाध्य किया जाता है, बेतरतीब ट्रेफिक में मनमाने तरीकों से वाहन चलाना हमारी आजादी की जैसे खास शर्त है।
शराब पीकर वाहन चलाना जन्म सिद्ध अधिकार है। पुलिस के साथ गलती करने पर भी उलझना और फिर करीबी सत्ताधारी नेता से फोन पर धमकी दिलवाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बन जाता है। संविधान के दिए गए मौलिक अधिकारों की मांग करने वाले कथित पढ़े लिखे सभ्य नागरिक अपने कर्तव्यों को निभाने की नौबत आती है तो बगलें झांकने लग जाते है।यदि कोई पुलिस वाला किसी एक्सीडेंट स्थल का मौका पंचनामा बनाकर हस्ताक्षर करने को कहता है तो हम बचने का पूरा प्रयास करते हैं। यह कहते हुए कि साहब कहां कोर्ट कचहरी के पचड़े में डाल रहे हैं। जबकि प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह सरकारी कामों में पूरी सहायता करेगा।अब जब आचार संहिता लग जाती है तो प्रशासनिक सख्ती तो बुरी लगती ही है।प्रशासन का यह बदला स्वरूप अजीब लगने लगाता है, क्योंकि इसकी तो हमें आदत थी ही नहीं । नगर प्रशासन जब अवैध अतिक्रमण हटाने को आता है, तो लोग काले नाग की तरह फुफकारने लगते हैं। जैसे उसकी मणि छीनने का प्रयास किया जा रहा है। जब कि इसने सरकारी जमीन पर अपना घर/ दुकान लगाया होता है। हमारे देश में सबसे बड़ी समस्याओं में से यह प्रमुख समस्या है। जिसको कोई भी सुलझाने में प्रशासन की मदद नहीं करना चाहता। जबकि यह काम जन हित का ही काम है।
आचार संहिता में नेता जी की हालत मरे हुए सांप की भांति हो जाती है। जिससे डर भी लगता है कि कहीं बेहोश हुआ तो डस लेगा। देश के लगभग सभी शहरों में जुआ/ सट्टा धड़ल्ले से जारी रहता है।
इसका सबसे बड़ा प्रमाण आचार संहिता लगने के पश्चात पुलिस द्वारा इनकी धर पकड़ में अचानक हुई वृद्धि से साबित होता है। लगता है कि भारत में हमेशा कोई न कोई चुनाव होते रहना चाहिए, ताकि देश में अनुशासन बना रहे और मरे हुए सांप जीवित न हो सकें।
अंत में आप से मेरा एक कर बद्ध निवेदन है कि यदि आप वयस्क नागरिक हैं तो अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें और किसी ऐसे व्यक्ति को अपना नेता चुनें जो आपके दुख दर्द में हमेशा सहयोगी बनता रहे।समाज की बुराइयों को मिटाने की पुरजोर कोशिश करे। विकास के पहिए को थमने न दें। (विनायक फीचर्स)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज रविवार को होशंगाबाद में आयोजित जनसभा को संबोधित किया
New Delhi – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज रविवार को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया और राज्य की जनता से प्रदेश की हर सीट पर भारी बहुमत से कमल खिलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मंच पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव, मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णु दत्त शर्मा, छिंदवाड़ा से भाजपा प्रत्याशी श्री विवेक बंटी साहू और होशंगाबाद से भाजपा प्रत्याशी श्री दर्शन सिंह चौधरी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेतागण उपस्थित रहे। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विगत 10 वर्षों में भाजपा सरकार द्वारा किये गए जन कल्याणकारी कार्यों और योजनाओं को रेखांकित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहब अंबेडकर के योगदानों का अपमान किया, मगर भाजपा ने भारत रत्न डॉ भीम राव अंबेडकर का सम्मान किया और उनके योगदान को नई पहचान दी। यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने कांग्रेस को उनके घोषणा पत्र पर घेरा और आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने का आह्वान किया।
माननीय प्रधानमंत्री जी ने बारिश जैसी विषम परिस्थिति में भी दूर-सुदूर क्षेत्रों से आकर भव्य जनसभा को आयोजित करने के लिए मध्य प्रदेश की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं को धन्यवाद प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से उठी लहर उठी पूरे देश में फैल चुकी है। पूरा देश आज फिर एक बार, मोदी सरकार के नारों से गुंजायमान हो उठा है। आज देश के संविधान निर्माता बाबा भीम राव अंबेडकर की जयंती है और उनकी जन्म स्थली महू यहां से ज्यादा दूर नहीं है। महू में बाबा साहब अंबेडकर के घर से लेकर देश-विदेश में वो जहां-जहां भी रहे, भाजपा सरकार उन स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में स्थापित कर रही है।
श्री मोदी ने कहा कि डॉ भीम राव अंबेडकर को जो सम्मान कांग्रेस ने कभी नहीं दिया, वह सम्मान करने का सौभाग्य मोदी सरकार को मिला। कांग्रेस ने सदैव ही बाबा साहब अंबेडकर को अपमानित किया है। बाबा साहब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के कारण ही, गरीब मां का बेटा मोदी आपसे तीसरी बार सेवा का आशीर्वाद मांग रहा है। बाबा साहब के दिए हुए संविधान के कारण एक आदिवासी परिवार की बेटी आज देश की राष्ट्रपति बनी है। जिस समाज को सबसे अंत में रखकर, वंचित रखा गया, उस समाज की बेटी आज देश की प्रथम नागरिक है। भारतीय जनता पार्टी ने बाबा साहब के मात्र विचारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आधुनिक भारत में उनके योगदान को नई पहचान दी है। आज देश की जनता मोबाईल के माध्यम से जिस यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर रही है, उसका नाम बाबा साहब के सम्मान में भीम यूपीआई रखा गया है।
यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने कहा कि देश की आजादी और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समाज का बहुत समृद्ध योगदान रहा है। मध्य प्रदेश की मिट्टी ने गौण वंश के राजा भभूति श्री के रूप में एक महान स्वतंत्रता सेनानी देश दिया है। कांग्रेस ने आदिवासी समाज के योगदान को कभी भी स्वीकार नहीं किया। आजादी के अनेक दशक तक एक ही परिवार ने सीधे और रीमोट कंट्रोल से सरकार चलाई और उसी परिवार ने देश में आपातकाल की घोषणा भी की थी। कांग्रेस ने देशभर की लोकतांत्रिक सरकारों को पत्ते के महल की तरह गिराने का काम किया। कांग्रेस ने अपने हिसाब से इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा और मन-मुताबिक उसे लिखवाकर स्वयं का ही महिमामंडन करवाया। कांग्रेस के हिसाब से पहले लोकतंत्र ठीक चल रहा था लेकिन जब एक गरीब घर का बेटा प्रधानमंत्री बना, तो कांग्रेस ने अफवाह फैलानी शुरू कर दी कि मोदी आया है, संविधान और लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। शायद कांग्रेस को पता नहीं कि बाबा भीम राव अंबेडकर के संविधान के कारण ही मोदी इस पद पर पहुंचा है। कांग्रेस का शाही परिवार धमकी दे रहा है कि मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बना तो देश में आग लग जाएगी। कांग्रेस में 2014 और 2019 के चुनावों के साथ राम मंदिर उद्घाटन और धारा 370 के हटने पर भी देश में आग लगने की बात कही, मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ।
श्री मोदी ने कहा कि विपक्षी नेता सिर्फ देश में डर और भ्रम फैलाना चाहते हैं। आग देश में नहीं लगी, आग तो इन विपक्षी नेताओं के दिलों मे लगी है। ये जलन इनके दिलो दिमाग में इतनी भर गई है कि ये उन्हें अंदर से जलाती जा रही है। ये जलन भी मोदी की कारण नहीं, 130 देशवासियों के मोदी के प्रति प्रेम का कारण है। विपक्षी नेता ये प्रेम भी सहन नहीं कर पा रहे हैं। विपक्ष पिछले 10 वर्षों से सत्ता से बाहर है और इस समय में ये लोग ऐसे छटपटाए हैं जैसे इनका सब कुछ लुट गया हो। कांग्रेसी नेता अगर यही कारनामे करते रहेंगे, तो ये जलन उनको इतनी जला देगी कि ये देश आगे कभी उनको मौका नहीं देगा। आज विश्व में युद्ध, अराजकता और अनिश्चितता के कारण चारों तरफ एक धुंधला और आशंका का वातावरण बन गया है। कब क्या होगा और कौनसी मुसीबत आएगी, इस डर से विश्व थरथर कांप रहा है। इस समय ऐसी परिस्थितियों के लिए एक मजबूत और शक्तिशाली भारत बहुत आवश्यक है। आज भाजपा भारत को सशक्त और मजबूत बनाने के लिए ही देशसेवा में लगी हुई है। अस्थिर, कमजोर, भ्रष्ट और स्वार्थी नेताओं का इंडी गठबंधन देश को मजबूत नहीं बना सकता। जो पार्टी खुद को मजबूत नहीं बना सकती वो देश को क्या मजबूत बनाएगी। देश को शक्तिशाली, मजबूत, सामर्थ्यवान और समृद्ध निर्माण मोदी नहीं जनता का एक एक वोट बनाएगा।
यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने भाजपा के संकल्प पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र जारी होने के बाद इंडी गठबंधन की हालात खराब है। इंडी गठबंधन के नेता समझ नहीं पा रहे हैं कि घोषणापत्र देश की जनता के प्रति एक जिम्मेदारी होती है, इस गठबंधन के सभी साथी आपस में ही झगड़ रहे हैं और देश की दिशा ही तय नहीं कर पा रहे हैं। उनके वादों में कोई स्पष्टता नहीं दिखती है। इंडी गठबंधन के घोषणापत्र में एक से बढ़कर एक खतरनाक वादे हैं। एक साथी के घोषणापत्र में तो देश को आर्थिक रूप से दिवालिया बनाने वाले वादे किए गए हैं और दूसरे साथी के घोषणापत्र में भारत से परमाणु हथियार खत्म करने का वादा है। परमाणु हथियार तो देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं, लेकिन परमाणु हथियार नष्ट कर ये लोग किसकी मदद करने की बात कर रहे हैं। जितनी घातक विपक्षी गठबंधन के नेताओं की सोच है, उतना ही घातक इनका घोषणापत्र है। भाजपा का संकल्प पत्र मोदी की गारंटी के रूप में जनता को समर्पित है। भाजपा सरकार देश के हर गरीब का पक्के घर का सपना पूरा करेगी ये मोदी की गारंटी है। जिन लोगों तक अभी तक लाभ नहीं पहुंचे हैं, आने वाले दिनों में उनको भी लाभ पहुंचाया जाएगा। भाजपा ने 3 करोड़ नए घर बनाने का संकल्प लिया है। दिव्यांगजनों को भी आवास योजना का लाभ दिया जाएगा। होशंगाबाद के किसानों को लगभग 400 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के मिले हैं और आने वाले पांच वर्षों में ये सम्मान निधि जारी रहेगी, जिससे लगभग 2000 करोड़ रुपए यहां के किसानों के बीच वितरित होंगे। आगामी पांच वर्षों तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना तहत नि:शुल्क राशन और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का निशुल्क इलाज मिलता रहेगा। हर वर्ग के 70 वर्ष से अधिक के व्यक्ति को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा। मोदी ने तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। देश की महिलाओं का आशीर्वाद भाजपा के संकल्प को पूरा करने में सहायता करेगा।
श्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अब 20 लाख रुपए तक का ऋण बिना गारंटी के दिया जाएगा। इस योजना से ग्रामीण, दलित, वंचित, ओबीसी, आदिवासी वर्ग के युवाओं सहित देश के हर वर्ग के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सरकार की होमस्टे के लिए दी गई आर्थिक सहायता का बड़ा लाभ होशंगाबाद के आदिवासी महिलाओं को मिलेगा। ट्रक, टैक्सी और आटो चालकों को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। इसका लक्ष्य उनको भी बीमा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है। भाजपा सरकार 2025 में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जंयती होने के कारण 2025 को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। आदिवासी कला संस्कृति से जुड़ी विरासत को समृद्ध करने के लिए फंड में वृद्धि की जाएगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग समाज के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए भाजपा सरकार हर जिले में समिति बनाएगी और उन समितियों में इन समाज के प्रतिनिधियों को जगह दी जाएगी। एकलव्यों विद्यालयों की संख्या 750 तक पहुंचाने के लिए तेजी से काम किया जाएगा। पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए 24 हजार करोड़ रुपए की लागत से चलाई गई, प्रधानमंत्री जन मन योजना पर चल रहे काम को तेज गति से पूरा किया जाएगा। इन प्रयासों से मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के अनुसूचित जाति, अनसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को आगे बढ़ने में बहुत मदद मिलेगी।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने कहा कि जहां दूसरों से उम्मीद खत्म हो जाती हैं वहां से मोदी की गारंटी शुरू होती है। इसलिए हताश कांग्रेस ऐसी घोषणाएं कर रही है, जो खुद कांग्रेस के नेताओं को ही समझ नहीं आ रही हैं। कांग्रेस के शहजादे राहुल गांधी ने एक झटके में देश की गरीबी हटाने की गरीबी हटाने की हास्यास्पद घोषणा की। देश पूछ रहा है आखिर ये शाही जादूगर इतने वर्षों तक कहां छुपा था। 50 वर्ष पहले इनकी दादी इंदिरा गांधी ने भी गरीबी हटाने की घोषणा की, 2014 से पहले 10 वर्षों तक इन्होंने रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाई और ये लोग कह रहे हैं कि अब इन्हें एक झटके में गरीबी हटाने का मंत्र मिल गया है। ये गरीबों का अपमान है। ऐसे ही दावों के कारण ये लोग हंसी के पात्र बन जाते हैं और देश इनको गंभीरता से नहीं लेता है। जनता को विश्वास हो गया है कि मोदी का अपना कोई सपना नहीं है, मोदी के लिए तो जनता का सपना ही संकल्प है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि, “मैं आपके लिए ही पैदा हुआ हूं, मेरा भारत ही मेरा परिवार है।” इसीलिए आज चारों तरफ चौड़ी सड़कें बनाई जा रही हैं, रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण हो रहा है और मेडिकल कॉलेज संख्या दो गुनी हुई है। भाजपा की कोशिश यही है कि जनता को मुश्किल या असुविधा न हो। लेकिन अभी तक किया काम तो ट्रेलर है, अभी तो मुझे बहुत कुछ करना है। देश को हमें नई ऊचाईं पर लेकर जाना है। भाजपा अन्नदाता को ऊर्जादाता और उर्वरकदाता बनाना चाहती है। भाजपा सरकार जनता का बिजली का बिल शून्य और बिजली से कमाई करवाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य योजना घर-घर पहुंचाना चाहती है। भाजपा सरकार सौर ऊर्जा, जैविक खाद और इथेनॉल उत्पादन में मध्यप्रदेश सहित पूरे देश के किसानों को पहले स्थान पर पहुंचाना चाहती है। दालों में आत्मनिर्भरता और मोटे अनाज (श्री अन्न) को विश्व के बाजारों तक पहुंचाना भाजपा की प्राथमिकता है। मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार भाजपा की सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्थानीय प्रत्याशियों को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाकर देश में फिर एक बार मोदी सरकार बनाने और पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ने की अपील की।














