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एनडीए व इंडिया गठबन्धन से बड़ा है गौ गठबंधन: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

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वाराणसी। ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकारचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि देश भर में कट रही गौमाता के हत्या पर पूर्णतया प्रतिबंध लगवाने एवं गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करवाने हेतु इस बार के लोकसभा चुनाव में 76 पार्टियों से गठबंधन करके गौ गठबंधन चुनावी मैदान उतर चुका है। जिसे धर्मप्राण करोड़ों सनातनधर्मी जनता का अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त हो रहा है। अलग अलग लोकसभा क्षेत्रों में करीब पचास गौ गठबंधन के प्रत्याशी गौमाता के रक्षण हेतु चुनाव लड़ रहे है।

शंकराचार्य ने कहा कि गौरक्षा की मांग के लिए 76 प्रत्याशियों को मतदान के लिए सनातनी जनता से अनुरोध कर रहा हूं। गौमाता के रक्षा हेतु संकल्पित होकर अपने घोषणा पत्र में शामिल करके सनातन के प्रति समर्थित रहने वाले प्रत्याशियों को ज्योतिष पीठ अपना समर्थन दे रहा है।

गौरतलब है कि एनडीए गठबंधन में 39 दल और इंडिया गठबंधन में 41 दल सम्मलित हैं। वहीं गौ गठबंधन में 76 दलों ने अपनी निष्ठा व समर्पण प्रदर्शित कर समाहित होना स्वीकार किया है। शंकराचार्य सरस्वती के मुताबिक, गौ गठबंधन को मतदान करने वाली सनातनी जनता पुण्य की भागी बनेंगी। वहीं इसके उलट गौभक्ति न प्रदर्शित करने वाले व गोकशी में सम्मलित अन्य दलों को मतदान करने वाली जनता पाप की भागी बनकर नर्कवासी बनेगी। काशी में गौ गठबंधन ने युग तुलसी पार्टी के परम् गौभक्त शिवकुमार कोली शेट्टी को अपना समर्थन प्रदान किया है। जिनका चुनाव निशान रोडरोलर है।

 

गौ हत्या मामले में एक गिरफ्तार

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बलरामपुर. जिले के रामानुजगंज थाना अंतर्गत गौ हत्या के मामले में रामानुजगंज पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने गायों की हत्या कर उसके मांस को पकाकर खाने की तैयारी की थी. मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने रेड कार्यवाही करते हुए पके हुए मांस जब्त करने में सफलता हासिल की है. वहीं गौ हत्या में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. अन्य आरोपी की तलाश जारी है.

रामानुजगंज पुलिस ने बताया कि ग्राम छतवा में आरोपी ने घर में बेटे का खतना कार्यक्रम आयोजित किया था. खतना कार्यक्रम में घर के एक बछड़े को काटकर उसे पकाकर खाने की तैयारी थी. वहीं शेष बचे उसके अवशेष को आरोपी अपने घर के अंदर ही जमीन में गाड़ दिया था. जैसे ही इस बात की जानकारी रामानुजगंज पुलिस को लगी पुलिस मौके पर रेड की कार्यवाही की.

पंजाब में नहीं थम रही गौ तस्करी

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लुधियाना  :  थाना मेहरबान की पुलिस ने अवैध रूप से गाय को ट्रक में भरकर लेकर जाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

इस संबंधी थाना प्रभारी हरजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस को गांव भूतगढ़ के रहने वाले बलदेव सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई कि उनके गांव में एक ट्रक में गाय भर कर ट्रक चालक कहीं लेकर जा रहा है, जिस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर जाकर ट्रक को कब्जे में लेकर उसमें से 12 गाय को बरामद किया गया। पुलिस ने ट्रक चालक विजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसका एक साथी हरपाल सिंह मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।

आरईसी ने वित्त वर्ष 24 की चौथी और 12वीं तिमाही के लिए वित्तीय परिणाम घोषित किए

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मुंबई (अनिल बेदाग) : आरईसी लिमिटेड के निदेशक मंडल ने आज 31 मार्च 2024 को समाप्त तिमाही और वर्ष के लिए लेखापरीक्षित स्टैंडअलोन और समेकित वित्तीय परिणामों को मंजूरी दे दी।
परिसंपत्ति की गुणवत्ता में सुधार और तनावग्रस्त परिसंपत्तियों के प्रभावी समाधान, उधार दरों को रीसेट करने और वित्त लागत के प्रभावी प्रबंधन के कारण, आरईसी ₹ 14,019 करोड़ के कर के बाद अपना अब तक का सबसे अधिक वार्षिक लाभ दर्ज करने में सफल है। परिणामस्वरूप, 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के लिए प्रति शेयर आय (ईपीएस) 27% बढ़कर ₹ 53.11 प्रति शेयर हो गई, जबकि 31 मार्च 2023 को यह ₹ 41.85 प्रति शेयर थी।
मुनाफे में वृद्धि के कारण, 31 मार्च 2024 तक नेट वर्थ बढ़कर ₹ 68,783 करोड़ हो गई है, जिसमें साल-दर-साल 19% की वृद्धि दर्ज की गई है।
भविष्य के विकास को समर्थन देने के पर्याप्त अवसर का संकेत देते हुए, कंपनी का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) 31 मार्च 2024 तक 25.82% पर है। अपने शेयरधारकों को पुरस्कृत करने की परंपरा को जारी रखते हुए, कंपनी के निदेशक मंडल ने ₹ 5 प्रति इक्विटी शेयर (प्रत्येक ₹ 10/- के अंकित मूल्य पर) का अंतिम लाभांश घोषित किया है और वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कुल लाभांश ₹ 16 है।
लोन बुक में निरंतर वृद्धि हो रही है, और 31 मार्च 2023 के ₹ 4.35 लाख करोड़ की तुलना में यह 17% बढ़कर ₹ 5.09 लाख करोड़ हो गई है। एसेट्स की गुणवत्ता में सुधार के एक प्रमुख संकेत को दर्शाते हुए,  निवल क्रेडिट-इंपेयर्ड एसेट्स 31 मार्च 2023 के 1.01% से घटकर 31 मार्च 2024 के अनुसार 0.86% पर है साथ ही, 31 मार्च 2024 को एनपीए एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 68.45% है ।
अपने शेयरधारकों को लाभ देने की परंपरा को जारी रखते हुए, कंपनी के निदेशक मंडल ने 5 रूपए प्रति इक्विटी शेयर (प्रत्येक ₹ 10/- के अंकित मूल्य पर) का अंतिम लाभांश घोषित किया है, और वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए कुल लाभांश 16 रूपए प्रति इक्विटी शेयर है।।

154वीं जन्म जयंती के अवसर पर याद किये गए भारतीय सिनेमा के पितामह दादा साहेब फाल्के

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गोरेगाँव (मुम्बई) स्थित दादा साहेब फाल्के चित्रनगरी, फिल्म सिटी स्टूडियो में भारतीय सिनेमा के पितामह दादा साहेब  फाल्के  की 154वीं जन्म जयंती के अवसर पर फिल्मसिटी स्टूडियो प्रबंधन द्वारा आयोजित समारोह में दादा साहेब फाल्के के ग्रैंडसन चंद्रशेखर पुसलकर, उनकी पत्नी मृदुला पुसलकर और दत्तक पुत्री नेहा बंदोपाध्याय भी अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सभी ने  दादा  साहेब फाल्के की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस समारोह में भारतीय फिल्म जगत से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, बॉलीवुड के नामचीन शख्सियतों व महाराष्ट्र सरकार के प्रशासनिक पदाधिकारियों के अलावा देश के अन्य राज्यों से आये लोगों ने दादा साहेब फाल्के की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। भारतीय सिनेमा के जन्मदाता दादा साहब ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 19 साल के करियर में दादा साहब ने 121 फिल्में बनाई, जिसमें 26 शॉर्ट फिल्में शामिल हैं।
दादा साहेब सिर्फ एक निर्देशक ही नहीं बल्कि एक मशहूर निर्माता और स्क्रीन राइटर भी थे। उनकी आखिरी मूक फिल्म ‘सेतुबंधन’ थी और आखिरी फीचर फिल्म ‘गंगावतरण’ थी। विदित हो कि दादासाहब फाल्के का असल नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के था। उनका जन्म 30 अप्रैल, 1870 को महाराष्ट्र के त्रिम्बक (नासिक) में एक मराठी परिवार में हुआ था। दादा साहब फाल्के ने ना सिर्फ हिंदी सिनेमा की नींव रखी बल्कि बॉलीवुड को पहली हिंदी फिल्म भी दी। उनके सम्मान में भारत सरकार ने 1969 में ‘दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड’ देना शुरू किया। यह भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। सबसे पहले यह पुरस्कार पाने वाली देविका रानी चौधरी थीं।
1971 में भारतीय डाक विभाग ने दादा साहेब फाल्के के सम्मान में एक डाक टिकट भी जारी किया। उनका निधन 16 फरवरी 1944 को नासिक में हुआ था। भारतीय सिनेमा का वार्षिक कारोबार आज लगभग डेढ़ अरब का हो चला है और हजारों लोग इस उद्योग में लगे हुए हैं लेकिन  दादा साहब फाल्के ने महज 20-25 हजार की लागत से इसकी शुरुआत की थी। आज भले ही  दादा साहेब फाल्के हमारे बीच नहीं हैं लेकिन आज भी उनका संदेश व उनके संघर्षों को बयां करते पदचिन्ह, भारतीय फिल्म जगत के फिल्मकारों  को कर्मपथ पर धैर्य के साथ अग्रसर रहने के लिए सदैव प्रेरित  करता है और युगों युगों तक करता रहेगा।
प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

उर्वशी रौतेला-आलिया भट्ट की मुलाक़ात का राज़!

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मुंबई (अनिल बेदाग) : उर्वशी रौतेला के सभी प्रशंसकों के लिए यह बहुत खुशी की बात थी कि वे उन्हें नेटफ्लिक्स की हीरामंडी की प्रीमियर रात में देखकर बहुत खुश हुए, जिसमें फिल्म उद्योग के सभी लोग एक ही छत के नीचे आए थे। उर्वशी अपने शानदार बैंगनी चमकदार पोशाक और स्टिलटोज़ के साथ स्लिंग बैग में मंत्रमुग्ध लग रही थीं और वह रेड कार्पेट पर पोज़ देते हुए सहजता और अनजाने में सभी से लाइमलाइट चुराने में कामयाब रहीं।
हालाँकि, उस दिन उर्वशी रौतेला के सभी प्रशंसकों ने वास्तव में कुछ मनमोहक दृश्य देखा। अभिनेत्री को आलिया भट्ट के साथ एक संक्षिप्त ‘मुलाकात और अभिवादन’ में व्यस्त देखा गया था और जिस तरह से दोनों अभिनेत्रियों ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाया और जिस तरह से एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाया, वह नेटिज़न्स को बहुत पसंद आया। जिस तरह से उन्होंने बहुत ही कम समय में एक-दूसरे के प्रति सराहना और प्यार दिखाया, उसने हर किसी का ध्यान खींचा।

सूरज पंचोली एक योद्धा पर आधारित बायोपिक में आयेंगे नज़र

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अभिनेता सूरज पंचोली बॉलीवुड में एक दमदार वापसी के लिए तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में, उन्हें उनकी सह-कलाकार आकांक्षा शर्मा के साथ हीरामंडी के प्रीमियर पर देखा गया था। हीरामंडी के प्रीमियर में उनकी इस उपस्थिति ने उनके आगामी प्रोजेक्ट के प्रति बहुत उत्सुकता पैदा कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूरज एक एक्शन-एंटरटेनर में अभिनय करते हुए नज़र आएंगे।

अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए, सूरज कहते हैं, “मैं सेट पर वापस आकर खुश हूं। यह फिल्म एक बायोपिक है जो सबसे बहादुर भारतीय योद्धाओं में से एक पर आधारित है, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उसकी रक्षा की थी। मैं इसमें एक योद्धा की भूमिका निभा रहा हूं।”

सूरज ने यह भी कहा, “मैं किसी जल्दबाजी या दौड़ में नहीं हूं। मैं हर फिल्म में अलग-अलग किरदार निभाना चाहता हूं। मैं सिर्फ एक कलाकार के रूप में उभरना चाहता हूं और हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं।”

शाकाहार सर्वोत्तम आहार* 

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(ज्योति गुप्ता- विभूति फीचर्स)
शाक+आहार इस दो शब्दों से मिलकर बना है शाकाहार। वास्तव में शाकाहार ही सम्पूर्ण एवं उत्तम आहार है जो हमारे शरीर को बिना कोई नुकसान पहुंचाये शरीर की सभी आवश्यकताओं की सही अर्थो में पूर्ति करता है। प्रकृति द्वारा प्रदत्त सभी खाद्य वस्तुओं जैसे हरी शाक-सब्जी, फल, दालें, अनाज, दूध आदि सभी में मनुष्य के शरीर के लिये सभी आवश्यक पोषक पदार्थ जैसे-  प्रोटीन, विटामिन, मिनरल, कार्बोहाइड्रेट तथा वसा भरपूर मात्रा में होते हैं। अत: हमें अपने शरीर  की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये मांसाहार की कतई आवश्यकता नहीं है।
पहले माना जाता था कि अण्डा तथा अन्य मासाहारी पदार्थो में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है परंतु अब वैज्ञानिकों तथा डाक्टरों ने इस तथ्य को नकार दिया है। प्रयोगों से यह सिद्घ हो चुका है कि शाकाहारी पदार्थो में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट तथा  खनिजों की मात्रा मांसाहारी पदार्थो से कही अधिक होती है। उदाहरण के  तौर पर सोयाबीन के प्रति 100 ग्रा. में प्रोटीन 43.2 प्रतिशत तथा मूंग व मूंगफली के प्रति 100 ग्रा. में क्रमश: 24.0 प्रतिशत तथा 31.9 प्रतिशत प्रोटीन होता है। जबकि अण्डा, मछली व बकरे के मांस में क्रमश: केवल 13.3, 22.6 तथा 18.5 ग्राम प्रोटीन होता है। इसी प्रकार शाकाहारी भोज्य पदार्थो में खनिज, कार्बोहाइड्रेट तथा विटामिन्स की मात्रा भी मांसाहारी पदार्थों की तुलना में कही अधिक होती है।
एक बहुत पुरानी कहावत है  ”जैसा खाये अन्न,  वैसा होय मन’ अर्थात हम जो कुछ भी खाते है उसका हमारी मानसिक स्थिति पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिकों ने प्रयोगों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि शाकाहारी व्यक्ति दयालु,संवेदनशील, कोमल मन वाले तथा सात्विक प्रवृति वाले होते हैं वहीं उसके विपरीत मांसाहारी व्यक्ति क्रूर, हिंसक, कठोर हृदय वाले तथा तामसिक प्रवृतियों वाले होते हैं।
शाकाहारी पदार्थो में जहां दालें प्रोटीन की खान हैं तो फल व हरी सब्जियां विटामिन्स का भंडार हैं। रेशेदार फल पाचन में सहायक है तो गेहंू व चावल कार्बोहाइड्रेट का खजाना है। आलू तथा अरबी स्टार्च से युक्त है तो दूध कैल्शियम से भरपूर है जो दांतों व हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।
शाकाहारी पदार्थ फल, सब्जियां सिर्फ शरीर को पोषण ही प्रदान नहीं करते बल्कि कई पदार्थ तो बहुत सी बीमारियों के उपचार में भी सहायक होते  हैं। उदाहरण के तौर पर लहसुन कोलेस्ट्राल कम करता है। अत: हृदयरोगियों को प्रतिदिन 5-6 कली लहसुन खाने की सलाह दी जाती है। पालक व अनार आयरन से भरपूर होता है अत: एनीमिया के रोगियों के लिये उनका सेवन किसी दवा से कम नहीं। डायबिटीज के रोगियों के लिये करेले के रस का सेवन रामबाण औषधि है तो जामुन की गुठली का चूर्ण भी डायबिटीज से शत्रुता निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ता। अदरक की चाय सर्दी खांसी में राहत देती है तो केला दस्त में राहत पहुंचाता है। नवजात शिशुओं को तो भोजन के रूप में प्रथम परिचय ही केले से करवाया जाता है। गाजर के सेवन से नेत्र ज्योति शर्तिया बढ़ती है। आंवला विटामिन सी का भंडार है जो अन्य कई बीमारियों से लडऩे की क्षमता रखता है। विशेष बात यह है कि गर्म करने पर भी आंवले का विटामिन सी नष्ट नहीं होता। अत: जिस भी रूप में चाहे उसका सेवन कर सकते हैं।
उसके विपरीत मांसाहारी पदार्थ अनेक बीमारियों के जनक होते हैं। दरअसल मुर्गियों आदि को जिन दड़बों आदि में रखा जाता है वहां एक ही पिजरे में इतनी मुर्गियां रख दी जाती है कि वे चलना फिरना तो दूर ठीक ढंग़ से सांस भी नहीं ले पाती। फलस्वरूप वे अनेक प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो जाती हैं।
रोगग्रस्त  मुर्गी के अंडे तथा मांस के सेवन से  उसमें उपस्थित  हानिकारक बेक्टीरिया तथा वायरस मनुष्य के शरीर में पहुंच जाते  हैं तथा अनेक प्रकार की बीमारियां उत्पन्न कर देते हैं। फलस्वरूप हमारा शरीर भी रोगग्रस्त हो जाता है। इसी प्रकार जिस जानवर के मांस का प्रयोग हम भोजन के रूप में करते हैं हो सकता है वे किसी बीमारी से ग्रसित हो। बीमार जानवर का मांस खाने से वे सभी बीमारियां मनुष्यों में आ जाती हैं तथा व्यक्ति को रोगग्रस्त होते देर नहीं लगती। यह भी सिद्घ हो चुका है कि मांसाहारी पदार्थो मेें कोलस्ट्राल बहुत अधिक होता है। जिससे हृदयरोग, किडनी व लीवर की बीमारियां होने की सम्भावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। यही कारण है कि शाकाहारी व्यक्ति मांसाहारी व्यक्तियों की अपेक्षा हृदय रोग एवं अन्य बीमारियों से अपेक्षाकृत कम पीडि़त होते हैं। वैज्ञानिक तो यह भी दावा करते हैं कि मांसाहार लगभग 160 बीमारियों का जनक होता है।
कहने का तात्पर्य यही है कि हमारे शरीर की कोई भी ऐसी आवश्यकता नहीं है जो शाकाहार के द्वारा पूरी न हो सके या कहें कि जिन्हें पूरी करने के लिये मांसाहार की आवश्यकता पड़े। अत: शाकाहार ही उत्तम आहार है। यदि हम अपना खानपान तथा दिनचर्या नियमित  कर उचित आहार विहार का पालन करें तो निश्चय ही आधी से अधिक बीमारियों का निदान तो स्वत: ही हो जायेगा या कहें कि बीमारियां पैदा ही नहीं होंगी। तो क्यों न हम आज से ही शाकाहार को अपना कर निरोगी जीवन जीने में स्वयं की मदद करें तथा स्वस्थ एवं निरोगी समाज की नींव रखें।  (विभूति फीचर्स)

ठाकरे गुट को झटका, कई बड़े नेता शिंदे गुट में शामिल

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मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में काफी उथल पुथल मची हुई है। ठाकरे गुट को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है और कई नेता शिंदे गुट में शामिल हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, आदित्य ठाकरे का दौरा खत्म हो चुका है और डोंबिवली में उद्धव ठाकरे गुट के पदाधिकारी शिंदे गुट में शामिल हुए हैं।

महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार की घोषणा के बाद से ही इन नेताओं के बीच नाराजगी थी। नाराज नेताओं में डोंबिवली शहर प्रमुख विवेक खामकर, महिला जिला संगठक कविता गावंड, लीना शिर्के सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हैं। अधिकारी मुख्यमंत्री से मिलने के लिए ठाणे स्थित मुख्यमंत्री आवास में दाखिल हुए।

एक ओर जहां ठाकरे समूह की उम्मीदवार वैशाली दरेकर ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है, वहीं दूसरी ओर असंतुष्ट उम्मीदवार शिंदे गुट की शिव सेना में शामिल हुए हैं।

ठाकरे गुट से शिंदे गुट में शामिल होने वालों के नाम

  • विवेक खामकर – नगर प्रमुख
  • कविता गावंड – महिला जिला संगठक
  • लीना शिर्के – युवा सेना कलेक्टर
  • किरण मोंडकर – उप-नगर आयोजक
  • राधिका गुप्ते – कल्याण पूर्व विधानसभा संगठक
  • राजेंद्र नंदुस्कर – उपनगर संगठक
  • श्याम चौगुले – विभागाध्यक्ष
  • सुधीर पवार – विभागाध्यक्ष
  • शिवराम हल्दनकर – विभागाध्यक्ष
  • नरेंद्र खाड़े – उपविभाग प्रमुख
  • सतीश कुलकर्णी – उप प्रभाग प्रमुख
  • प्रशांत शिंदे – उप प्रभाग प्रमुख
  • प्रसाद चव्हाण – शाखा प्रमुख
  • विष्णु पवार – शाखा प्रमुख
  • मयूर जाधव – शाखा प्रमुख
  • कल्याण से सुनील शर्मा

हालही में जारी किया था पार्टी का मैनिफेस्टो

शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए हालही में पार्टी का मैनिफेस्टो जारी किया था। उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मैनिफेस्टो को ‘वचन नामा’ नाम दिया था। उद्धव ठाकरे ने मैनिफेस्टो में नौकरी से लेकर आरक्षण को बढ़ाने समेत कई बड़े वादे किए थे। इसके अलावा किसानों और महिलाओं को भी लेकर कई बड़े वादे किए गए थे।

पहली रोटी गाय को खिलाएं

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हिंदू धर्म में गाय को पवित्र माना गया है. गाय को मां का दर्जा दिया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, गौ माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है. ऐसे में अगर आप गाय की सेवा करते हैं तो सफलता आपके कदम चूमेगी, लेकिन इसके लिए कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें, जिससे आपका भाग्य सहायक होगा.

बोकारो चास भविष्य दर्शन केंद्र के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य सत्यनारायण शर्मा ने Local 18 को बताया कि गौ सेवा से कैसे घर में सुख-समृद्धि का वास हो सकता है. जो लोग गाय पालते हैं या गौ सेवा करते हैं वो कुछ उपायों से सफलता हासिल कर सकते हैं. बताया कि आप कम समय में अधिक सफलता पाना चाहते हैं तो गाय की सेवा करते हुए ये कार्य जरूर करें.

सफलता दिलाती है ये आदतें

पहली रोटी गाय को खिलाएं: घर में हमेशा रोटी बनाते समय पहली रोटी अलग रखें. गाय को गुड़ के साथ खिलाएं. इससे घर कि परेशानियां खत्म होंगी. घर में सुख-समृद्धि, धन आएगा.

गाय को दें हरा चारा: अगर गाय को हरी सब्जी या गोटा मूंग को पानी में भिगोकर खिलाते हैं तो इस उपाय से बच्चों का पढ़ाई में मन लगता है. वे विद्या अच्छे से अर्जित कर पाते हैं.

पूजा में पंचामृत उपयोग: अक्सर पूजा-पाठ के दौरान शुद्ध दूध का उपयोग पंचामृत के लिए होता है, जिससे देवी-देवता खुश होते हैं. इससे विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.

गाय को पेठा खिलाएं: कुछ घरों में अक्सर लोग बीमार पड़ते हैं. ऐसे में अगर रोजाना गाय को रोटी और पेठा खिलाते हैं तो घर का हर सदस्य स्वास्थ्य और निरोगी रहता है.

आटे की लोई खिलाएं. ज्योतिषाचार्य सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि गाय को आटे की लोई खिलाने से चंद्रमा और शुक्र नियंत्रित रहते हैं. बिगड़ा काम भी आसानी से बन जाता है.