पगड़ी पहनकर गुरुद्वारा पहुंचे पीएम मोदी..
गौसंवर्धन बोर्ड ने लौटाया बगदरा घाटी गौ अभयारण्य का प्रस्ताव
इस मामले में जब उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ प्रमोद शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव को अब स्वीकृति के लिए पर्यावरण विभाग को भेजा जाएगा। हालांकि सवाल अभी भी है कि क्या पर्यावरण विभाग इस कार्य के लिए फंडिंग करता है? इसका स्पष्ट जवाब उप संचालक पशुपालन के पास नहीं था।
अमित शाह की सभा में पत्रकार राघव त्रिवेदी की पिटाई
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की जनसभा के दौरान एक यूट्यूब चैनल के पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है। Molitics वेब पोर्टल से जुड़े पत्रकार राघव त्रिवेदी (Raghav Trivedi) का आरोप है कि वह बीजेपी की सभा में महिलाओं से सवाल पूछ रहे थे, जब कथित तौर पर पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। उनका मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाया है। जानकारी के अनुसार इस मामले में कैमरामैन की तरफ से 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा- यूपी के रायबरेली में अमित शाह की रैली थी। यहां महिलाओं ने एक पत्रकार को बताया कि उन्हें पैसे देकर रैली में लाया गया है। पत्रकार ने यह बात रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद BJP के गुंडों ने पत्रकार को पकड़ लिया और उससे वीडियो डिलीट करने को कहा। जब पत्रकार ने मना किया तो BJP के गुंडों ने उसे अगवा कर लिया, फिर मंच के पीछे एक कमरे में ले जाकर बुरी तरह पीटा। पत्रकार से रुपए भी छीन लिए। BJP के गुंडों ने हाल ही में अमेठी के कांग्रेस कार्यालय के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया था। ये घटनाएं बता रही हैं कि BJP के लोग सामने दिख रही हार से बौखला चुके हैं। अब अन्याय का अंत होने को है।
यूपी के रायबरेली में अमित शाह की रैली थी। यहां महिलाओं ने एक पत्रकार को बताया कि उन्हें पैसे देकर रैली में लाया गया है।
पत्रकार ने यह बात रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद BJP के गुंडों ने पत्रकार को पकड़ लिया और उससे वीडियो डिलीट करने को कहा।
जब पत्रकार ने मना किया तो BJP के गुंडों ने… pic.twitter.com/FsrRZK8nQ9
— Congress (@INCIndia) May 12, 2024
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले पर कहा- हिंसा हार की निशानी होती है। भाजपा की रायबरेली की एक रैली में पैसे देकर लाए गये लोगों के बारे में जब दिल्ली के एक पत्रकार ने सच सबके सामने लाना चाहा तो भाजपाइयों ने उसके ऊपर हमला कर दिया। यही है उप्र में क़ानून-व्यवस्था का सच। जब देश के गृहमंत्री की रैली में ये हाल है, जिनके अधीन पुलिस होती है तो फिर बाक़ी देश का कितना बुरा हाल होगा, कहने की ज़रूरत नहीं। भाजपा हिंसक माहौल बनाकर चुनाव जीतना चाहती है। #कभी_नहीं_चाहिए_भाजपा
हिंसा हार की निशानी होती है। भाजपा की रायबरेली की एक रैली में पैसे देकर लाए गये लोगों के बारे में जब दिल्ली के एक पत्रकार ने सच सबके सामने लाना चाहा तो भाजपाइयों ने उसके ऊपर हमला कर दिया।
यही है उप्र में क़ानून-व्यवस्था का सच। जब देश के गृहमंत्री की रैली में ये हाल है, जिनके… pic.twitter.com/R7NYz6MuG0
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 12, 2024
प्रियंका गांधी ने कहा- रायबरेली में गृहमंत्री जी की सभा में भाजपा के लोगों द्वारा @moliticsindia के पत्रकार राघव त्रिवेदी को बेरहमी से पीटा गया। गृहमंत्री जी भाषण देते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही। पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उन्होंने कुछ महिलाओं से बात की थी जो कह रही थीं कि सभा में आने के लिए उन्हें पैसे दिए गए। पूरे देश के मीडिया का मुंह बंद कर देने वाली भाजपा को यह बर्दाश्त नहीं है कि उनके खिलाफ कहीं कोई आवाज उठे। संविधान खत्म करने का अभियान चला रही भाजपा इस देश से लोकतंत्र को खत्म कर जनता की आवाज छीन लेना चाहती है।
रायबरेली में गृहमंत्री जी की सभा में भाजपा के लोगों द्वारा @moliticsindia के पत्रकार राघव त्रिवेदी को बेरहमी से पीटा गया। गृहमंत्री जी भाषण देते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही। पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उन्होंने कुछ महिलाओं से बात की थी जो कह रही थीं कि सभा में… pic.twitter.com/VKjgVL7hF1
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 12, 2024
वहीं बिहार के नेता पप्पू यादव ने कहा- रायबरेली में गृह मंत्री अमित शाह की रैली में निर्भीक पत्रकार राघव त्रिवेदी पर बीजेपी वालों ने हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। अस्पताल में उनका उपचार हो रहा है, मैं उनसे मिलने जा रहा हूं। भाजपा में हार की बौखलाहट ज़बरदस्त है। भयभीत भाजपा पत्रकारों की पिटाई कर खीज उतार रही है। पत्रकारिता करने पर प्रहार, चाटुकारिता करने पर प्यार.. भाजपा का है यह नया व्यवहार, चार जून को चली जाएगी यह सरकार। पत्रकार राघव त्रिवेदी से रायबरेली ज़िला अस्पताल में मिला! शीघ्र स्वस्थ हों!
‘अनवूमन’ के पीछे की शानदार तिकड़ी
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनेक योजनाएं लागू होंगी-डॉ चंदर पुरसवानी
पशु कल्याण के लिए नीतू जोशी को मिला न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवार्ड
बता दें कि नीतू जोशी ने 2022 में MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की थी जो महाराष्ट्र दूरदराज के क्षेत्रों, विशेष रूप से गढ़चिरौली के नक्सली क्षेत्र में सक्रिय है और उम्मीद का एक नया दीपक रौशन कर रही है। नीतू जोशी का यह ट्रस्ट बच्चों की शिक्षा के लिए कार्यरत है। उनकी फीस से लेकर उन्हें पुस्तकें दिलाने तक का नेक काम यह संस्था कर रही है। इस सराहनीय प्रयास की वजह से ही नीतू जोशी को न्यूज़ मेकर्स अचीवर्स अवार्ड द्वारा सर्वश्रेष्ठ समाजसेविका का पुरस्कार मिला है।
मशहूर समाज सेविका नीतू जोशी सामाजिक और पर्यावरणीय कार्य के प्रति समर्पण भाव से कई वर्षों से सक्रिय हैं। समाज और मानव सेवा में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। नीतू जोशी परोपकार और जनता के कल्याण के लिए लगातार काम करती आ रही हैं।
नीतू जोशी के नेतृत्व में MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट अनाथ बच्चों की सहायता, पशु कल्याण और जल संरक्षण सहित विभिन्न परोपकारी कार्य करता है। वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में निरंतर सेवा भाव के साथ लगी हुई हैं। यही कारण है कि उन्हें प्रशंसा के साथ साथ अवार्ड्स भी मिलते हैं जो उन्हें और अधिक परोपकारी कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
लोकसभा चुनाव में जमकर छाए पांच महीने के मुख्यमंत्री मोहन यादव
*पवन वर्मा –
डॉ. मोहन यादव जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 5 महीने पहले शपथ ले रहे थे, तब प्रदेश की जनता के मन में कई सवाल उमड़े थे। सवाल कई तरह के थे कि क्या तीन बार के विधायक रहे यादव प्रदेश की सियासत पर छा पाएंगे। मध्य प्रदेश की राजनीति में उनका कद कितना बढ़ पाएगा। कैसे राजनीति में अपने पद के अनुसार जनता में पैठ बनाएंगे। ऐसे कई अनसुलझे सवाल जनता के साथ ही कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के मन में थे। अब इन सभी सवालों के जबाव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यशैली को देखकर मिलने लगे हैं। अब भाजपा के साथ ही आम जन भी डॉ. मोहन यादव की प्रशासनिक और राजनीतिक दक्षता का लोहा मानने लगे हैं।
उन्होंने अपनी कार्यशैली से मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन को भी जीता है, तब ही प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव की सभाओं में मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर भी डॉ. मोहन यादव के काम काज की जमकर तारीफ की।
डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने अभी मात्र 150 दिन ही हुए हैं, लेकिन उनके इस छोटे से कार्यकार्य में उनकी लोक लुभावन मनमोहक छवि उभरकर सामने आई है जो लोकसभा चुनाव में जमकर चल भी रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही अपने काम काज में प्रशासनिक दक्षता दिखानी शुरु की और कई कठोर निर्णय लेकर उन्होंने अपनी छवि लोक लुभावन नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया।
इस प्रयास में वे लोकसभा के चुनाव आते आते सफल माने जा सकते हैं। जब वे मुख्यमंत्री बने थे, तब महिलाओं के मन में एक भय था कि कहीं लाड़ली बहना के रूप में हर महीने 1250 रुपए की राशि बंद तो नहीं हो जाएगी, डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को सुचारू रखा और यहां महिलाओं के मन से योजना के बंद हो जाने का भय भी निकाल दिया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही सबसे पहले लाउडस्पीकर और खुले में मांस की बिक्री पर रोक के आदेश जारी किए। आदेश जारी कर उसका पालन करवाना टेढ़ी खीर था, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने आदेश को लेकर जो सख्ती दिखाई तो हर जिले का प्रशासन इन दोनों आदेशों का पालन करवाने में जुट गया। दरअसल प्रदेश में खुले में बिकने वाले मांस से खासकर शाकाहारी महिलाएं परेशान थी। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का भी सडक़ों पर चलना दूभर था। उस स्थिति में यह आदेश हिन्दू और जैन परिवारों के लिए राहत का काम कर गया। इसके अलावा भी उनके कई ऐसे निर्णय रहे जो उनकी छवि को जनता के बीच में निखारते रहे।
लोकसभा चुनाव की जब आचार संहिता लगी तब शायद ही किसी को अंदाजा होगा कि मध्य प्रदेश के महज चंद महीनों के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की लोकप्रियता इतनी हो जाएगी कि उन्हें हर दिन सभा या रोड शो करना ही पड़ेगा। चुनाव शुरू हुए उम्मीदवार मैदान में उतरे। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव की चुनावी सभाओं की डिमांड आना शुरू हुई। यह मुख्यमंत्री की चंद महीनों में बनी लोकप्रियता का ही नतीजा है कि लोकसभा चुनाव में उनकी सभा मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी असरकारक मानी जाने लगी है।
*ढाई सौ चुनावी कार्यक्रम
कर दिए डेढ़ महीने में*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के एक मात्र ऐसे नेता हो गए हैं जो लोकसभा चुनाव में अब तक 197 सभाएं और 56 रोड शो चुनाव में किये। वे मध्य प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों में से 185 क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंचे।उनके यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश में हुए। इनके अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार, झारखंड और उड़ीसा में भी वे चुनाव प्रचार के लिए गए। उन्होंने मध्य प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में सभाएं की। साथ ही जहां चुनावी सभा की वहीं वे उस क्षेत्र के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भी पहुंचे। इसके अलावा वे 29 में से 22 लोकसभा उम्मीदवारों के नामांकन भरवाने के लिए पहुंचे। इस चुनावी कैम्पेन में वे कभी भी पूरे एक दिन राजधानी भोपाल में नहीं रहे। अमेठी में वे स्मृति ईरानी का नामांकन भरवाने भी गए। राजनीति में पांच महीने के मुख्यमंत्री की जनता में इतनी पकड़ कि उनकी हर जगह से डिमांड आए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं लगता है। अब उनकी डिमांड असम राज्य से भी आ रही है। हो सकता है कि उनका अब जल्द ही असम के लिए भी दौरा कार्यक्रम बने है। उत्तर प्रदेश की बची हुई लोकसभा सीटों के चुनाव में भी वे प्रचार के लिए जाएंगे।
*प्रधानमंत्री मोदी ने
उत्तर प्रदेश में की तारीफ*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी डॉ. मोहन यादव के काम काज से खासे प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के इटावा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के काम काज की तारीफ जमकर की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में नर्मदापुरम क्षेत्र की सभा में कहा कि यहां के मुख्यमंत्री बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। वहीं उन्होंने प्रदेश की कई अन्य सभाओं में भी डॉ. मोहन यादव की तारीफ की। इसके बाद उत्तर प्रदेश के इटावा की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एमपी को दौड़ा रहे हैं। खास बात यह थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सभा में डॉ. मोहन यादव थे ही नहीं ।
उनकी अनुपस्थिति में प्रधानमंत्री ने उनके काम काज की तारीफ दूसरे राज्य में की। चुनाव प्रचार के दौरान रोड शो भी हो रहे हैं, इसी से उत्साहित मुख्यमंत्री ने 65 किलोमीटर लंबा रोड शो भी मध्य प्रदेश में किया। मुख्यमंत्री के तूफानी चुनाव प्रचार में खास बात यह रही कि उन्होंने जनता की बात के साथ अपनी सरकार के कामकाज गिनाए। मौका मिलने पर वे राहुल गांधी पर जुबानी हमला करने से भी नहीं चूके। अब डॉ. यादव की सभाओं और रोड शो का नतीजा भी 4 जून को मतगणना के साथ अपने आप ही आ जायेगा। मुख्यमंत्री का दावा है कि इस बार मध्यप्रदेश की सभी 29 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को विजय प्राप्त होगी। मध्यप्रदेश में भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 27 और 2019 में 28 लोकसभा सीट जीती थी। इस बार यदि 29 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को जीत मिलती है तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री को ही जायेगा।
(विनायक फीचर्स)
17 मई को एक मंच पर नजर आएंगे राज ठाकरे और पीएम मोदी
लोकसभा के तीन चरणों का चुनाव खत्म हो चुका है. सभी राजनीतिक पार्टियां बाकी बचे सीटों पर जोरों शोरों से प्रचार प्रसार कर रहे हैं. मुंबई, ठाणे, पालघर में पांचवें चरण के दौरान 20 मई को मतदान होंगे. मुंबई और आसपास के जिलों के लिए 17 मई शुक्रवार की शाम चुनाव प्रचार के नजरिए से बेहद खास होने वाला है.
एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी और राज ठाकरे
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे मुंबई एक मंच पर दिखने वाले हैं. दोनों ही नेता आसपास के जिलों की जनता को शिवाजी पार्क मैदान के विशाल मंच से संबोधित करेंगे.
शिवाजी पार्क बुक कराया गया
मनसे के महासचिव और प्रवक्ता वागीश सारस्वत ने अधिकृत तौर पर यह जानकारी दी है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने चुनाव घोषित होते ही राज ठाकरे की सभा के लिए शिवाजी पार्क मैदान बुक करवा दिया था. लेकिन राज ठाकरे ने लोकसभा चुनाव लड़ने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने का फैसला किया. महायुति के सभी लोकसभा उम्मीदवारों के समर्थन में मनसे के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मैदान में हैं.
बीजेपी के लिए प्रचार कर रहे राज ठाकरे
तीसरे चरण में मतदान से पहले कणकवली में राज ठाकरे बीजेपी उम्मीदवार नारायण राणे के समर्थन में रैली को संबोधित कर चुके हैं. अब 10 मई को पुणे और 12 मई को ठाणे जिले में राज ठाकरे की रैली आयोजित की गई है. मुंबई, पालघर, और ठाणे जिले की लोकसभा सीटों के लिए 20 मई को मतदान होना है.
इससे पहले 17 मई की शाम को दादर के शिवाजी मैदान के मंच से प्रधानमंत्री के साथ राज ठाकरे की सभा आयोजित की गई है. मनसे महासचिव वागीश सारस्वत के मुताबिक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस महासभा में उपस्थित रहेंगे.
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए 13 मई को 96 सीटों पर मतदान होंगे. वहीं पांचवें चरण के लिए 20 मई को 49 लोकसभा सीटों पर चुनाव होंगे.
भारत का एटम बम फ्रिज में रखने के लिए नहीं है-सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने एक टीवी शो के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कॉन्ग्रेस से लेकर राम मंदिर आदि तमाम मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणी है। पाकिस्तान, देश की सुरक्षा, आतंकवाद, राहुल गाँधी आदि अनेकों मुद्दों पर अपनी बात रखी।
दरअसल, रजत शर्मा के शो ‘आपकी की अदालत’ में यूपी के सीएम योगी शामिल हुए। इस दौरान रजत शर्मा ने उनसे कहा कि राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अमिताभ बच्चन को देखा, ऐश्वर्या राय को देखा, लेकिन किसी गरीब-मजदूर को नहीं देखा।
इस सीएम योगी ने कहा, “श्रमिक कौन थे? जो मंदिर का निर्माण किए उनका महिमामंडन प्रधानमंत्री अपनी हाथों से कर रहे हैं। प्रयागराज में सफाई कर्मियों के पैर धोए। ये पहली बार हुआ।” सीएम योगी ने कहा कि राहुल गाँधी के परदादा, दादी और पिताजी प्रधानमंत्री रहे हैं और उनकी माँ सुपर पीएम रही हैं। इन लोगों ने गरीबों के लिए कुछ किया हो तो वो बताएँ।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “देश के उन्हें देखा गुजरात चुनावों के दौरान। उन्हें ये तक नहीं मालूम कि मंदिर में जाकर बैठना कैसे है। ऐसे लगता था कि कोई नमाज पढ़ने के लिए गया हो। पुजारी ने समझाया था कि ये मंदिर है, मस्जिद नहीं है। पालथी मारकर बैठिए और पूजा कीजिए। यहाँ नमाज पढ़ने की कोई मुद्रा नहीं बनानी है। अब ऐसे लोग राम मंदिर के बारे में बात करेंगे, जिनका खानदानी इतिहास रहा है राम मंदिर विरोध का।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गाँधी के उस आरोप का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति को इसलिए नहीं बुलाया गया था, क्योंकि वो आदिवासी हैं। इस सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल के कारण ही एक जनजातीय की महिला देश की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठी हैं।
रजत शर्मा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने प्रत्याशी से कहा था कि ‘तुम शिव हो। तुम्हें राम से लड़ना है’। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत की सनातन परंपरा में राम और शिव एक-दूसरे के पूरक हैं। लंका में सेतुबाँध का निर्माण करने से पहले भगवान राम ने भगवान शिव की ही उपासना की थी। इस ज्योतिर्लिंग को राम ने रामेश्वर यानी राम का ईश्वर बताया। वहीं, शिव ने कहा- जिसका ईश्वर राम हैं, वहीं रामेश्वर है।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कॉन्ग्रेस हमेशा बाँटने की राजनीति करती है। उसने धर्म के आधार पर पहले देश को बाँटा, फिर भाषा और क्षेत्र के आधार पर देश को बाँटने की कोशिश किया। इन्होंने 1947 में देश का बँटवारा किया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस आज भी पाकिस्तान का राग अलापती रहती है।
पाकिस्तान के एटम बम को लेकर मणिशंकर अय्यर द्वारा दिए गए बयानों पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “हमारे एटम बम फ्रीज में रखने के लिए हैं क्या? ये कॉन्ग्रेस के मणि हो सकते हैंं, भारत का मणि नहीं हो सकता। ये नया भारत है। नया भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन जो छेड़ता है उसे छोड़ता भी नहीं है। घर के अंदर घुस करके जवाब देगा। दिया भी है। आज तो ये हालत है कि पटाखा भी जोर से फटता है तो पाकिस्तान कहता है कि नहीं, इसमें मेरा हाथ नहीं है। ये है नया भारत।”









