विविधता में एकता की अवधारणा और – एक राष्ट्र एक चुनाव
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जॉन मेनार्ड कीन्स ने एक बार कहा था, ‘कठिनाई नए विचारों को विकसित करने में नहीं, बल्कि पुराने विचारों से मुक्त होने में है।‘ संभवत: एक देश एक चुनाव का विरोध कर रहे राजनीतिक दल और नेता पुराने विचारों से मुक्त होने में ही कठिनाई महसूस कर रहे हैं, या सिर्फ विरोध की राजनीति के तकाजे उन्हें इस अभिनव प्रयास का समर्थन करने से रोक रहे हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसकी नींव विविधता में एकता की अवधारणा पर टिकी हुई है। “एक राष्ट्र, एक चुनाव” इसी विचारधारा को सशक्त बनाता है, जिससे संसद और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराये जा सकें। यह विषय न केवल प्रशासनिक सुधार से जुड़ा है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र को अधिक संगठित, कुशल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक एतिहासिक कदम भी है। यह प्रणाली चुनावी प्रक्रिया को सरल बनायेगी, शासन को स्थिरता प्रदान करेगी और अर्थव्यस्था पर पड़ने वाले अनावश्यक बोझ को कम करेगी।

गोदरेज ने लॉन्च की स्मार्ट सिक्योरिटी की नई रेंज
*प्रयागराज महाकुंभ में साकार हुई मोदी-योगी की संकल्पना*
दिल्ली सरकार :आकांक्षाओं,अपेक्षाओं पर खरे उतरने की चुनौती*
विशेष अधिवेशन की विषयवस्तु ‘भारत -पीयूष गोयल
पीयूष गोयल ने सप्लाई चेन को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद उपलब्ध कराने का आह्वान किया
श्री गोयल ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री से संरक्षणवाद को छोड़कर उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया
भारत को इलेक्ट्रिकल वस्तुओं का वन स्टॉप शॉप बनना चाहिए, सात वर्षों में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार निर्यात लक्ष्य: श्री गोयल
भारत की इलेक्ट्रॉनिक गुड्स इंडस्ट्री को अधिक लचीली सप्लाई चेन, गुणवत्ता मानकों का अद्यतन करने और प्रतिस्पर्धी दरों पर दुनिया को उच्च गुणवत्ता वाले सामान व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मिलकर काम करना चाहिए। यह बात आज नई दिल्ली में इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईईईएमए) की ओर से आयोजित ‘इलेक्रमा’ के 16वें संस्करण में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने अपने संबोधन के दौरान कही। मंत्री ने प्रतिभागियों से विनिर्माण में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।
मंत्री ने इस विषय पर प्रकाश डाला कि उपभोक्ताओं को बेहतर सौदा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करके उपभोक्ताओं की देखभाल करना इंडस्ट्री की जिम्मेदारी है। उन्होंने मौजूद उद्योग जगत के नेताओं और प्रतिभागियों से संरक्षणवाद से दूर रहने और उद्योग, खासकर एमएसएमई क्षेत्र के हितों को संतुलित करने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। एक सीमा के बाद संरक्षणवाद उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाने लगता है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के साथ-साथ एमएसएमई क्षेत्र के हितों को संतुलित करना इंडस्ट्री की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
मंत्री गोयल ने बताया कि देश 2025 में इलेक्ट्रॉनिक गुड्स का निर्यात मात्रा के आधार पर दूसरे पायदान पर है, जबकि 2015 में यह 167वें पायदान पर था। उन्होंने कहा कि जनवरी, 2025 में अकेले इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात मात्रा 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी। उन्होंने कहा कि भारत को इलेक्ट्रॉनिक गुड्स के लिए वन स्टॉप शॉप बनना चाहिए और इंडस्ट्री से अगले सात वर्षों में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार निर्यात लक्ष्य तक पहुंचने का लक्ष्य रखने का आग्रह किया।
मंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स इंडस्ट्री ने बीते दशक में अपने ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और संस्थापित क्षमता को दोगुना कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने देश में 1,800 वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) सेटअप करने में मदद की है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित करना और देश में उत्पादित एसटीईएम स्नातकों की उच्च संख्या का लाभ उठाते हुए नवाचार को प्रोत्साहन देना है।
विशेष अधिवेशन की विषयवस्तु ‘भारत – एक विश्व मित्र’ पर बोलते हुए, श्री गोयल ने कहा कि भारत राष्ट्र को एक परिवार के तौर पर देखने में गर्व महसूस करता है, जो दुनिया के सभी देशों के साथ एक दूसरे के साथ निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित साझेदारी में काम करना चाहता है। भारत विकसित दुनिया के साथ मजबूत स्थिति में जुड़ना चाहता है और उन्हें सस्ती कीमतों पर उच्च गुणवत्ता की वस्तुएं और सेवाएं प्रस्तुत करना चाहता है।
मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘सर्व फ्रॉम इंडिया’ जैसी विभिन्न पहलों के साथ ग्राहकों को स्थानीय उत्पाद खरीदने और व्यवसायों को वैश्विक स्तर पर जाने में योग्य बनाने के प्रयासों से देश के विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “अर्थव्यवस्था को बदलने, उच्च गुणवत्ता वाले विनिर्माण और सेवाओं के प्रावधान, नीति निश्चितता और विकास की गति और पैमाने के लिए कार्यबल को प्रशिक्षित करने की सरकार की प्रतिबद्धताओं ने इस मील के पत्थर को जन्म दिया है”।
महाशिवरात्रि पर दूल्हा बनकर सजते-संवरते हैं महाकाल*
प्रयागराज महाकुंभ-2025 के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि के लिए तैयारियों अंतिम चरण में
रेलवे, हवाई अड्डों और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था लागू
महाशिवरात्रि के पावन पर आयोजित होने वाले पवित्र स्नान को सफल एवं सुरक्षित बनाने के लिये प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाओं से जुड़े टीमों को फील्ड में रहकर व्यवस्था को सुनिश्चित करने के दिये गये हैं निर्देश
प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच आयोजित किये जा रहे महाकुंभ में 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होने वाले अंतिम स्नान को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन द्वारा महाशिवरात्रि स्नान को सुरक्षित एवं सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में है। महाकुंभ 2025 में अब तक करोड़ों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान किया ।
महाशिवरात्रि स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित अनुभव प्रदान करने के लिए रेलवे, हवाई अड्डों, सड़क परिवहन और पार्किंग व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। प्रयागराज में आने – जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की है, जबकि बस और निजी वाहनों के लिए विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया गया है। प्रमुख स्नान घाटों, प्रवेश मार्गों और पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त दिशा-निर्देश चिह्न लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भीड़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। प्रयागराज के जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ ने बताया कि महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व को सुचारु रुप से सम्पन्न कराने के लिये एक विस्तृत योजना तैयार की गयी है, जिसमें भीड़-प्रबंधन, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को प्राथमिकता दी गई है। सभी सुरक्षा एजेंसियां और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर रखा गया हैं, जिससे किसी भी स्थिति से त्वरित और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
महाकुंभ के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिये नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। एडीजी जोन और मंडलायुक्त प्रयागराज के नेतृत्व में इन बैठकों के माध्यम से व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है। महाशिवरात्रि के अवसर पर स्नान के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
*विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी भोपाल जीआईएस*
म्युज़िक वीडियो “टिक टॉक ड्रीम्स” हुआ लॉन्च
निर्देशक निलेश मल्होत्रा और सह निर्देशक डॉ. सुरैना मल्होत्रा के निर्देशन में बनी है अलबम से डैनियल का डेब्यू
मुंबई। निर्माता निर्देशक निलेश मल्होत्रा का अंग्रेजी म्यूजिक वीडियो “टिक टॉक ड्रीम्स” 17 फरवरी 2025 को लॉन्च हुआ। इसके वीडियो में न्यूकमर एक्टर डैनिएल ने अभिनय किया है, जिन्होंने एमिल मोहन के साथ इसे गाया भी है। मुम्बई में अंधेरी स्थित इंपा के ऑफ़िस में इसका अनावरण किया गया। ‘मल्होत्रा प्रोडक्शंस’ के सहयोग से पैनोरमा विज़ुअल्स के बैनर तले बने म्युज़िक वीडियो “टिक टॉक ड्रीम्स” में डैनिएल और पोली की जोड़ी दिखाई देगी। वीडियो के सह निर्देशक डॉ. सुरैना मल्होत्रा, सिंगर एमिल मोहन और डैनिएल, गीतकार कैरिन वाट, संगीतकार अमर प्रभाकर देसाई, कोरियोग्राफ़र अजीत गडे और एडिटर वैभव कांबले हैं। मुम्बई में फिल्माया गया यह गीत एक्टर डैनिएल का पहला वीडियो है। यह गीत पीवी (पैनोरमा विजुअल्स म्युज़िक) के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज होगा। निर्माता निर्देशक, अभिनेता, मॉडल होने के साथ साथ निलेश मल्होत्रा एक बहुमुखी और अनुभवी पर्सनालिटी हैं। उनका कहना है कि इस वीडियो सॉन्ग का कॉन्सेप्ट आजकल सोशल मीडिया के इर्दगिर्द घूमती यंगस्टर्स की जिंदगी पर आधारित है। फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से युवा लड़के लड़की एक दूसरे से दोस्ती करते हैं, एक दूजे को पसन्द करते हैं, प्यार करने लगते हैं, सपने देखने लगते हैं। लेकिन फिर वीडियो के अंत में ऐसा क्लाइमेक्स है कि लड़के को झटका लगता है और दर्शक भी हैरान रह जाएंगे। डायरेक्टर निलेश मल्होत्रा ने आगे बताया कि हम इस सॉन्ग के पार्ट 2 के बारे में भी सोच रहे हैं जो इसी स्टोरी को आगे बढ़ाएगा। बतौर हीरो 5 फिल्में, 15 टीवी शोज़, मॉडल के रूप में 35 प्रोडक्ट्स के विज्ञापन में निलेश मल्होत्रा ने काम किया है। बतौर फ़िल्ममेकर वह 3 फिल्में बना चुके हैं। वह लगातार म्युज़िक वीडियो करते रहते हैं। बतौर निर्माता निर्देशक टिक टॉक ड्रीम्स उनका 8वां अल्बम है। इससे पहले 6-7 म्युज़िक वीडियो उन्होंने विदेशों में शूट किए हैं।
डॉ. सुरैना मल्होत्रा, राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार पक्ष की वरिष्ठ नेता हैं। वह पार्टी के – अध्यक्ष राष्ट्रीय – ऑल इंडिया आय टी सेल व सोशल मीडिया – राष्ट्रवादी महिला काँग्रेस – शरदचंद्र पवार; – राष्ट्रीय महासचिव – NMCSP; महाराष्ट्र प्रवक्ता – NCPSP, निरीक्षक – मुम्बई महिला पदों पर है।
निर्माता निर्देशक और मुख्य अभिनेता के रूप में निलेश मल्होत्रा की पहली अंग्रेजी फिल्म ‘हेन्कि पेन्कि’ 2013 में ‘कान्स फिल्म फेस्टिवल’ (शॉर्ट फिल्म कॉर्नर) में चुनी गई थी और उसी साल मुंबई में ‘मिनी बॉक्स ऑफिस फिल्म फेस्टिवल’ से इस फिल्म के लिए उन्हें “सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरुस्कार” भी मिला। उनकी एक और हिंदी फीचर फिल्म ‘मिस्टी पे’ है जिसमें जीनत अमान, जावेद शेख, करण खन्ना, निकिता आनंद, रजत बेदी, रोजा और निलेश मल्होत्रा ने काम किया है। अभिनेता के रूप में, उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी फीचर फिल्मों में कई प्रसिद्ध निर्देशकों के तहत अभिनय किया है। निलेश मल्होत्रा ने तीन हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया है और एक हॉलीवुड फिल्म ‘द डिसीवर्स’ में हॉलीवुड स्टार पियर्स ब्रॉसनन के साथ अभिनेता के रूप में काम किया है।निलेश मल्होत्रा ने ‘महाभारत’, ‘चाणक्य’, ‘द ग्रेट मराठा’, चंद्रकांता, युग और जय गणेश सिलसिला जैसे सीरियल्स में भी अभिनय किया। उन्होंने ही यूट्यूब में अपना म्यूजिक चैनल “पैनोरमा विजुअल्स म्यूजिक चैनल” भी शुरू किया, जिसके अंतर्गत उनका यह नया अल्बम टिक टॉक ड्रीम्स आ रहा है। उनके और डॉ. सुरैना मल्होत्रा के पुत्र डैनिएल उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं और अभिनय जगत में कदम रखने को तैयार हैं।









