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केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रुपाला ने गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 से विशिष्ट व्यक्तियों को किया सम्मानित

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मुम्बई। 15 जुलाई 2023 को भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रुपाला (मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी मंत्री) आर्थिक राजधानी मुम्बई में गऊ भारत भारती समाचार पत्र के नौवें वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उसी अवसर पर उन्होंने कई समाजसेवकों, बिजनेसमैन, साहित्यकार, डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी व पत्रकारों को गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 से सम्मानित किया। साथ ही गऊ भारत भारती समाचार पत्र द्वारा एक विशेषांक का प्रकाशन भी किया गया जिसका विमोचन माननीय मंत्री रुपाला ने किया।
कार्यक्रम का आयोजन संजय अमान ने किया और इसे सफल बनाने में एकता मंच की विशेष भूमिका रही।
ऑर्किड इंटरनेशनल स्कूल हॉल वर्सोवा, अंधेरी में सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम में जेपी गुप्ता (पूर्व प्रधान सचिव महाराष्ट्र सरकार), शेखर मूंदड़ा (गौसेवा आयोग के चेयरमैन), गिरीश भाई शाह (समस्त महाजन चैरिटेबल ट्रस्ट व पशु प्रेमी), तरुण राठी (उत्तर प्रदेश फिल्म आयोग के उपाध्यक्ष), अजय कौल (चिल्ड्रन वेल्फेयर सेंटर शैक्षणिक संस्थान के चेयरमैन), संजय शर्मा अमान (गऊ भारत भारती समाचार पत्र के प्रकाशक संपादक), अभिजीत राणे (धड़क कामगार यूनियन के अध्यक्ष), विशाल भगत (बीजेपी बिहार प्रकोष्ठ), प्रेम पांडेय (प्रवक्ता) की विशेष उपस्थिति रही। मंच का संचालन करते हुए आनंद सिंह ने गाय की महिमा का बखान किया।


इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री रुपाला के हाथों सेवानिवृत्त जेपी गुप्ता, शेखर मूंदड़ा, गिरीश भाई शाह, तरुण राठी, वागीश सारस्वत (साहित्यकार), अभिजीत राणे (धड़क कामगार यूनियन के अध्यक्ष), यशवंत राव बरामतिकर (पूर्व सीईओ खादी ग्रामोद्योग), डॉ अंकुश तुलसीराम परिहार (पुणे डिस्ट्रिक्ट डिप्युटी कमिश्नर ऑफ एनिमल हस्बेंडरी), सेवानिवृत्त डॉ धनंजय धोन्डीराम परकाले (अडिशनल कमिश्नर ऑफ एनिमल हस्बेंडरी, महाराष्ट्र), डॉ वल्लभ जोशी (ठाणे डिस्ट्रिक्ट डेप्युटी कमिश्नर ऑफ एनिमल हस्बेंडरी) प्रशांत कासिद (समाजसेवी, एकता मंच के उपाध्यक्ष), बिजनेसमैन सचिन सालुंखे के अलावा पत्रकारिता के क्षेत्र में एनडीटीवी चैनल के सुनील सिंह, इंडिया टीवी के जयप्रकाश सिंह, पत्रकार संतोष साहू सम्मानित हुए।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रुपाला ने कहा कि मुझे पता चला कि गऊ भारत भारती गाय माता को समर्पित समाचार पत्र है इसलिए मैं यहां आया हूँ। इसके प्रकाशन को 9 वर्ष हुए हैं और संयोगवश प्रधानमंत्री मोदी जी का कार्यकाल भी 9 वर्ष पूरा कर लिया गया है।
इस कार्यक्रम के लिए मैं गिरीश भाई शाह, तरुण राठी, प्रिंसिपल अजय कौल, मुंदड़ा, जेपी गुप्ता, रघुनाथ कुलकर्णी, संजय शर्मा अमान, विशाल भगत, किरीट भाई भानुशाली को बधाई देता हूँ।
पशुपालन के बारे बात करते हुए उन्होंने कहा कि विदेश की डेयरी में खुद की गाय होती है। लेकिन हमारे देश में अमूल जैसे ब्रांड के पास गाय नही। विदेश में गायों का डेवलपमेन्ट हुआ इसलिए वे आगे हैं।
मोदी जी को उनके अच्छे निर्णय और कार्यों के लिए पूरी दुनिया में कई सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है।
मोदी जी ने पशुपालन के लिए कई उल्लेखनीय प्रयास किये हैं। पशुओं की उचित उपचार, देखभाल की जरूरत है। पशुपालक किसान को मजबूत बनाया जा रहा है। संवेदनशीलता के रूप में मोदी जी ने पशुओं के लिए एम्बुलेंस, डॉक्टर, ड्राइवर, दवा की सुविधा उपलब्ध कराया गया। जिसमें 60 प्रतिशत केंद्र सरकार राज्य सरकार को मदद करेगी। हमारी सरकार गौवंश के संवर्धन के लिए प्रयासरत हैं।
गोबर से अब लाभ ही लाभ मिलेगा। देशी गाय के गोबर को सब्सिडी मिलेगी। इकोनॉमी के आधार पर दूध के साथ गोबर, गौमूत्र की बिक्री बढ़ेगी। सिर्फ गऊ माता की जय लगाने से काम नहीं चलेगा। महानगरों के आसपास काऊ हॉस्टल बनाना चाहिए।
हमे गाय से प्रेम है तो हमे दैनंदिनी जीवन में गाय के उत्पादों को ही प्रयोग में लाना चाहिए। आम नागरिक जब उत्पाद को उपयोग में लाएंगे तो पशुपालन की क्षमता बढ़ेगी। सरकार द्वारा कई पॉलिसी बनाई जा रही है।
ऑर्गैनिक फूड के उत्पादन के लिए भारत ही एक संपूर्ण राष्ट्र है जिसका उपयोग बढ़ते जा रहा है।
मुझे पशु चिकित्सकों पर गर्व है जो बेजुबान पशुओं का इलाज करते हैं आज उनका सम्मान हुआ मैं उनका अभिनन्दन करता हूँ।
आर्थिक राजधानी मुम्बई में गाय माता को समर्पित यह अनोखा कार्यक्रम हुआ जहाँ मैं गौ आधारित अर्थतंत्र का साक्षी बना इसलिए संजय आमान जी आपका आभार मानते हुए अभिनंदन करता हूँ।

– संतोष साहू

बिज़नेसमैन निकेश ताराचंद जैन माधानी हुए केंद्रिय मंत्री परषोत्तम रूपाला के हाथों सम्मानित

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मुम्बई। गऊ भारत भारती न्यूज़ पेपर के 9 वर्ष पूरे होने की खुशी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन एकता मंच एवं संजय अमान ने किया। इसी अवसर पर बिजनेसमैन निकेश जैन माधानी को केंद्रिय मंत्री (बी.जे.पी) पुरुषोत्तम रूपाला ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में तरुण राठी, गिरीश शाह, अभिजीत राणे, वागीश सारस्वत, जेपी गुप्ता सहित वर्सोवा के पुलिस अधिकारी सहित कई समाजसेवक, प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार, साहित्यकार, व्यवसायी, डॉक्टर, कलाकार भी सम्मानित हुए। निकेश जैन माधानी मुंबई के व्यवसायी हैं और फाइनेंसर, फाइनेंस एडवाइजर एवं एक निर्माता भी हैं।

Panchkriti : फ़िल्म ‘पंच कृति – फ़ाइव एलिमेंट्स’ का सुमधुर रोमांटिक गाना ‘मन बावरा’ हुआ रिलीज़

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फ़िल्म ‘पंच कृति – फ़ाइव एलिमेंट्स’ में प्रेम की सुंदर भावना से परिपूर्ण गीत ‘मन बावरा’ को रिलीज़ कर दिया गया है जिसमें सागर वाही और सारिका भरोलिया की जोड़ी नज़र आएगी. यह गीत अब UBON म्यूज़िक चैनल पर पर उपलब्ध है. यह गाना मन में छिपी प्रेम की सच्ची भावानाओं को उभारते हुए लोगों के दिलों को छू जाएगा.

‘मन बावरा’ की धुन इस क़दर आकर्षक है कि यह गाना आपके दिलों में जोश भर देगा और आप इसे लूप पर सुनने के लिए मजबूर हो जाएंगे. इस गाने में ग्रामीण भारत के परंपराओं की मिठास है जिसे चखकर श्रोता मंत्रमुग्ध हुए बग़ैर नहीं रह पाएंगे. इस गाने की शूटिंग मध्य प्रदेश के ख़ूबसूरत पहाड़ी इलाके बुंदेलखंड के शहर चंदेरी में की गई है. ‘मन बावरा’ को राजेश सोनी ने संगीतबद्ध किया है और उन्होंने ही इस गाने के अर्थपूर्ण बोल भी लिखे हैं. राजेश सोनी ने इस फ़िल्म में एक और गाना संगीतबद्ध किया है जो बुंदेलखंड के लोकगीत से प्रेरित है जो दर्शकों को बहुत पसंद आएगा.

‘मन बावरा’ गीत को जाने-माने गायक मनीष शर्मा ने अपनी दिलकश आवाज़ में गाया है. इस गाने में सारिका भरोलिया और उनके प्रेमी का किरदार निभा रहे सागर वाही एक-दूसरे के प्रति अपनी मोहब्बत का इज़हार करते हुए देखे जा सकते हैं जो आध्यात्मिक रूप से अपने प्रेम प्रति एक-दूसरे से जुड़ाव भी महसूस करते हैं. उल्लेखनीय है कि भारत में परंपरागत तौर पर लोग प्रेम की भावना को ईश्वर से जोड़ते हैं और प्रेमी अपने रिश्तों की सलामती के लिए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. इसकी झलक भी इस गाने में देखने को मिलेगी.

‘मन बावरा’ को सुमधुर आवाज़ में गाने वाले मनीष शर्मा कहते हैं, ‘मुझे इस बात का पूरा विश्वास है कि श्रोताओं को ‘मन बावरा’ बेहद पसंद आएगा. मुझे इस गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान काफ़ी मज़ा आया. यह गाना ऐसा दिलकश गाना है जिसे ड्राइविंग के दौरान मुस्कुराते हुए बार-बार सुना जा सकता है. यह गाना आपकी प्रेम से परिपूर्ण भावनाओं को अपने चहेते शख़्स के प्रति प्यार का इज़हार करने के लिए प्रेरित करता है‌. गाने के बोल ऐसे हैं जो स्वयं ही सबकुछ आसानी से अभिवक्त कर देते हैं.”

‘पंच कृति – फ़ाइव एलिमेंट्स’ में बृजेंद्र काला, पूरवा पराग, उमेश बाजपेयी, सागर वाही, सारिका भरोलिया, कुरांगी नागराज, हरवीर और रूहाना खन्ना प्रमुख भूमिकाओं में नज़र आएंगे. फ़िल्म का निर्देशन संजय भार्गव ने किया है तो वहीं फ़िल्म का निर्माण हरिप्रिया भार्गव और संजय भार्गव ने साझा रूप से UBON विज़न प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले किया है.

यह फ़िल्म 4 अगस्त को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ की जाएगी, एक ऐसा समय जब देशभर में बारिश का सुहावना मौसम होता है. फ़िल्म के निर्देशक, निर्माताओं और प्रमोटरों को पूरा यकीन है कि यह फ़िल्म ना सिर्फ़ स्थानीय स्तर पर लोगों को पसंद आएगी, बल्कि देशभर के लोग इसे ख़ूब पसंद करेंगे.

Bhartiyans : गलवान घाटी हमले पर आधारित देशभक्ति फिल्म भारतीयन्स देख देशवासी होंगे जागरूक

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मुम्बई। आज सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई एनआरआई प्रोड्यूसर शंकर नायडू की फिल्म भारतीयन्स देशभक्ति की भावनाओ से ओतप्रोत फिल्म है।
निर्माता ने बताया कि यह देश के नागरिकों को जागरूक करने वाली फिल्म है। पड़ोसी देश चीन के द्वारा गलवान घाटी में हुए हमले पर आधारित इस फिल्म को हालांकि सेंसर बोर्ड द्वारा काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को 70 सीन पर कैंची चला दी है। फिल्म में शिव तांडव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन को भी हटा दिया। मगर फिर भी फिल्म में काफी रौंगटे खड़े कर देने वाले सीन और डायलॉग हैं।
अमेरिका के विख्यात कैंसर सर्जन डॉ शंकर नायडू ने इस देशप्रेम के विषय पर पैन इंडिया फिल्म को बड़ी शिद्दत से निर्माण किया है। इसका कॉन्सेप्ट और कहानी काफी अलग है। अमेरिका में रहते हुए भी अपने देशवासियों को एक मैसेज देने वाली फिल्म देने के लिए फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। इसका शीर्षक भारतीयन्स के अनुसार किरदारों के नाम भी उनके क्षेत्र के नाम पर रखे गए हैं जैसे बंगाली, भोजपुरी, त्रिपुरा, तेलगु, पंजाबी, मराठी इत्यादि जो कि भारतीयन्स हैं।
निर्माता डॉ. शंकर नायडू अदुसुमिल्ली, लेखक व निर्देशक दीना राज ने बिना कोई समझौता किए एक प्रभावी और सशक्त सिनेमा बनाया है। फिल्म का निर्देशन प्रभावी है और कलाकारों ने अच्छा अभिनय प्रदर्शन किया है।


निर्माता शंकर नायडू और निर्देशक दीना राज ने बताया कि इस फिल्म के साथ सेंसर बोर्ड ने पक्षपात करते हुए अन्याय किया है जिससे दर्शक सिनेमा के मैसेज को पूरी तरह नहीं समझ पाएगी। फिल्म के एक्शन सीन से शिव तांडव को हटा दिया जबकि कुछ वर्ष पूर्व प्रदर्शित मणिकर्णिका फिल्म में यही दृश्य नहीं काटा। वहीं देश के प्रधानमंत्री मोदी को सिर्फ पॉलिटिशियन कहकर सीन से हटा दिया।
यह फिल्म चीन की नापाक रणनीति को असरदार रूप से दर्शाती है। फ़िल्म की कहानी 3 लड़के 3 लड़कियों के इर्दगिर्द घूमती है, जो कहीं न कहीं मजबूरी में मर्डर किये हुए हैं, उनको ट्रेनिंग के लिए सेलेक्ट किया जाता है और सरहद पर भेजा जाता है। उधर 2 भारतीय लड़कियों को टॉप सीक्रेट एजेंट्स के रूप में भेजा जाता है और उन 2 लड़कियों को चीन के लोग पकड़ लेते हैं। उसके बाद दृश्य बड़े रोमांचक हैं। फिल्म का क्लाइमेक्स दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देगा।
इस फिल्म में निरोज़ पुचा, सोनम थेंडुप बारफुंगपा, सुभा रंजन, समायरा संधू, राजेश्वरी चक्रवर्ती और महेंदर बार्गस ने अभिनय किया है।
पंजाब की रहने वाली अभिनेत्री समायरा संधू ने इस फिल्म में एक पंजाबी लडक़ी का किरदार निभाया है। निरोज़ पूचा ने तेलुगु का किरदार बखूभी निभाया है वहीँ सुभारंजन मुख़र्जी ने भोजपुरी किरदार में जानदार परफॉर्म किया है। अन्य सभी कलाकारों ने भी अपनी अपनी प्रतिभा का सशक्त परिचय दिया है।
फिल्म की कहानी और इसका प्रस्तुतिकरण बड़ा प्रभावी है। फिल्म में वर्तमान और अतीत का सुंदर प्रस्तुतिकरण है।
भारत अमेरिकन क्रिएशन्स के बैनर तले निर्मित ‘भारतीयंस’ दीना राज द्वारा लिखित और निर्देशित है। यह फिल्म आज 14 जुलाई, 2023 से सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज हो रही है। यूएफओ मूवीज़ द्वारा फिल्म वितरित की जा रही है।

– संतोष साहू

गीतकार – गायक नितिन रायकवार की उपस्थिति में निर्माता संगीतकार द्रोण रामनारायण की हिंदी फिल्म ‘चिल्लर गैंग’ का म्युज़िक B4U द्वारा रिलीज़

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मुम्बई। पिछले 12 वर्षो से संगीतकार के रूप में काम कर रहे द्रोण रामनारायण अब निर्माता के रूप में हिंदी फिल्म “चिल्लर गैंग” लेकर आ रहे हैं। इस फ़िल्म का म्युज़िक भी उन्होंने दिया है साथ ही दो गाने भी गाये हैं। तरुण मोहम्मद इसके लेखक निर्देशक हैं। इस फ़िल्म को अगस्त 2023 के अंतिम सप्ताह में रिलीज करने की योजना है। इसकी शूटिंग दिल्ली, एनसीआर और मुम्बई में की गई है। द्रोण रामनारायण ने फिल्म में एक किरदार भी निभाया है।
मुम्बई में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया कि इस फिल्म की कहानी झोपड़पट्टी में रहने वाले सात ऐसे नाबालिग बच्चों की कहानी है जिनके जीवन में एक अप्रत्याशित घटना है और आक्रोश में वे अपराध की दुनिया में प्रविष्ट कर जाते हैं। फिर एक भले आदमी के द्वारा उन्हें अपराधबोध होता है और सभी बाल सुधारगृह में चले जाते हैं।
इस फिल्म के माध्यम से समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया है।


इस प्रेस कांफ्रेंस के अवसर पर द्रोण रामनारायण के अलावा ‘आती क्या खंडाला’ सहीत कई प्रसिद्ध कैची गाने लिखने वाले नितिन रायकवार, बी4यू के ज़ुबैर खान, सिंगर अनिल विश्वकर्मा और सिंगर नाजिया चाहत भी उपस्थित थे।
आंख खुली अंधे की गीत को अनूप सिंह ने लिखा है जबकि इसे नितिन रायकवार और अनिल विश्कर्मा ने गाया है। वहीं मुकेश सराशर इसके कोरियोग्राफर हैं।
द्रोण रामनारायण ने कहा कि बतौर निर्माता हालांकि काफी चुनौती का सामना करना पड़ा। टीम का भरपूर सहयोग मिला और फिल्म सीमित बजट में छह महीने में बन गई। कुल मिलाकर बेहतर अनुभव रहा।
इसमें दिल्ली के प्रतिभाशाली बाल कलाकारों का चयन किया गया था। चूंकि फिल्म की पृष्ठभूमि मुम्बई रखी गई है इसीलिए मुम्बईया बोली के लिए बच्चों के खूब अभ्यास कराया गया।
नितिन रायकवार ने कहा कि इस फिल्म जो गाना मैंने गाया है वो मुम्बईया लोग बोलचाल में प्रयोग करते हैं। ‘आंख खुली अंधे की, वाट लगी धंधे की’ मेरे स्टाइल का ही गाना है जिसे गाकर मुझे बहुत मज़ा आया क्योंकि मैं एक गीतकार के रूप में ऐसे ही गाने लिखता हूँ लेकिन ये गाना मेरे लिये किसी और ने लिखा।
डीएम डब्लू क्रिएटर के बैनर तले बनी फिल्म में कोमल पराशर, निखिल राज, अजीता झा इत्यादि ने अभिनय किया है। चिल्लर गैंग का टाइटल सॉन्ग लक्षय, प्याला ये शराब दा को शाहिद माल्या ने गाया है। इस फिल्म में दो गाने सीटू जयपुरी ने लिखे हैं
द्रोण रामनारायण ने बताया कि सिंगर अमन त्रिखा की आवाज़ में इस सावन के महीने में शिव भक्ति गीत ‘सत्य शिवाय’ रिलीज होने जा रहा है।

– संतोष साहू

बॉलीवुड गायक कुमार शानू को उनकी रिकॉर्ड उपलब्धि के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया द्वारा किया गया सम्मानित

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मुम्बई। एक ही दिन में अट्ठाईस गाने रिकॉर्ड करने वाले विश्व रिकॉर्ड धारक बने प्रसिद्ध बॉलीवुड पार्श्वगायक कुमार शानू को मुंबई में वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया के अध्यक्ष पवन सोलंकी द्वारा सम्मानित किया गया। और अब तक वह रिकॉर्ड किसी अन्य कलाकार से अछूता रहा है। एक ही दिन में एक अनुबंधित कार्य को पूरा करने के लिए उन्होंने 28 बॉलीवुड गाने रिकॉर्ड किए थे। गायक के पास 1993 से सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड है।
कहा जाता है कि कुमार सानू ने हिंदी, असमिया, मराठी, भोजपुरी, नेपाली, मणिपुरी, मलयालम, तमिल, पंजाबी, तेलुगु, अंग्रेजी, उड़िया और उनकी मातृभाषा बंगाली सहित कई अन्य भाषाओं में लगभग 21 हजार गाने गाये हैं।
कुमार शानू ने कहा कि आज मैं अपने रिकॉर्ड उपलब्धि के लिए विश्व रिकॉर्ड प्रमाणपत्र और पदक से सम्मानित पवन सोलंकी जी और उनकी टीम का वास्तव में आभारी हूं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया द्वारा पुरस्कार और मान्यता हमारे लिए बहुत प्रेरणादायक है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया 9 जुलाई 2023 को मुंबई, महाराष्ट्र में बॉलीवुड में पार्श्व गायन में उनके योगदान के लिए गर्व से एक विश्व रिकॉर्ड प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है। और वह मुंबई में इस तरह के आयोजन का समन्वय और आयोजन करने के लिए पंकज भट्ट और राजू टांक के भी आभारी हैं।
प्रतिष्ठित गायक ने कई पुरस्कार जीते हैं जिनमें शामिल हैं:
2009 में पद्म श्री पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान
लगातार 5 वर्षों तक फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का पुरस्कार
कुमार शानू ने निम्नलिखित गीतों के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक पुरस्कार जीता:
1990: अब तेरे बिन जी लेंगे हम (आशिकी),
1991: मेरा दिल भी कितना पागल है (साजन),
1992: सोचेंगे तुम्हें प्यार (दीवाना),
1993: ये काली काली आंखें (बाजीगर),
1994: एक लड़की को देखा (1942: एक प्रेम कहानी),
1994: एक लड़की को देखा (1942: ए लव स्टोरी- स्टार स्क्रीन अवार्ड)
2000: आँखों की गुस्ताखियाँ (हम दिल दे चुके सनम-आईफा)

गाय मां का खून चढ़ाकर बचाई नवजात बछड़े की जान

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गाय मां का खून चढ़ाकर बचाई नवजात बछड़े की जान

भिवानी। जिले के गांव लेघां स्थित पशु अस्पताल में एक बछड़े की जान उसकी मां का खून चढ़ाकर बचाई गई है। थलेरिया नामक बीमारी से ग्रस्त नवजात बछड़े का उपचार गांव में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. प्रवीण ने किया है। बछड़े को करीब 200 एमएल खून चढ़ाया गया। पशु चिकित्सक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि गांव लेघां निवासी महिपाल की गाय ने 10 दिन पहले एक बछड़े को जन्म दिया। नवजात बछड़ा काफी कमजोर था और वह अपने आप उठ भी नहीं पा रहा था। महिपाल ने पशु अस्पताल में आकर उनको बछड़े के बीमार होने की सूचना दी। वह महीपाल के घर गए और बछड़े को देखा। बछड़े के खून का नमूना लेकर जांच करवाई गई। जांच में बछड़े में थलेरिया नामक बीमारी सामने आई। उन्होंने बताया कि बछड़े में हिमोग्लोबीन की मात्रा केवल 2.1 ग्राम ही थी, जिससे बछड़े की जान जोखिम में बनी थी। उन्होंने बताया कि नवजात बछड़े की जान बचाने का केवल एक ही उपचार था, जिससे उसकी जान बच सकती थी और वह ब्लड ट्रांसफ्यूजन था। आपातस्थिति में बछड़े की मां के खून लेने की योजना बनाई गई। महीपाल के घर पर ही उन्होंने बछड़े की मां का खून लिया। खून लेकर बछड़े को चढ़ाया गया। खून चढ़ने के साथ ही बछड़ा अपने आप ही खड़ा हो गया। उन्होंने बताया कि जिस दिन खून चढ़ाया गया, तब बछड़ा महज सात दिन का था। उपचार के दो दिन बाद अब बछड़ा पूरी तरह से स्वस्थ है। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. रविंद्र सहरावत ने कहा कि लेघां में ब्लड ट्रांसफ्यूजन कर बछड़े की जान बचाई गई है, शायद यह जिला का पहला ऐसा केस है, जो किसी पशु चिकित्सक द्वारा इस तरह आपात स्थिति में उपचार किया गया हो। उन्होंने बताया कि आमतौर पर ऐसे केस हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय में रेफर किए जाते हैं।

शामली में बाढ़ का कहर: सात गोवंश की मौत

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शामली में बाढ़ का कहर: सात गोवंश की मौत

शामली। शामली में बाढ़ से यमुना तटबंध टूट गया। वहीं, बाढ़ के पानी से किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं हैं। इसके अलावा सात गोवंशों की पानी में डूबने से मौत हो गई, जिससे अधिकारियों में हड़कंप मचा है। शामली में यमुना नदी में आई बाढ़ के चलते सहपत गांव के पास यमुना तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी गांव के नजदीक फसलों में भर गया। हरियाणा के सनौली गौशाला में भी बाढ़ के पानी में 6-7 गाय की डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा भी कई गोवंश अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। पुलिस ने यमुना किनारे लगाई गई दुकानों को हटवा दिया। बताया गया कि मंगलवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 231.5 मीटर को पार करते हुए 232 मीटर पर बह रहा है। यमुना में आई बाढ़ के कारण सहपत गांव के पास तटबंध का करीब 40 मीटर हिस्सा बाढ़ के पानी में बह गया, जिस कारण यमुना का पानी सहपत गांव के नजदीक फसलों में भर गया। सूचना पर एसडीएम निकिता शर्मा, तहसीलदार गौरव सागवान और ड्रेनेज विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे व जेसीबी पोकलेन मंगा कर तटबंध की मरम्मत का कार्य शुरू कराया। बाद में डीएम रविंद्र सिंह और एडीएम संतोष कुमार यादव ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उधर, बाढ़ का पानी हरियाणा के सनौली स्थित गौशाला में चला गया। बाढ़ के पानी के कारण गौशाला की सैकड़ों गाय पानी में डूब गई। ग्रामीण गोवंश को बचाने के लिए अथक प्रयास में लगे हुए हैं। सूचना है कि 6-7 गोवंश की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। मंगलवार सुबह नौ बजे हथिनी कुंड बैराज से यमुना में तीन लाख 20 हजार से अधिक पानी प्रति सेकंड डिस्चार्ज किया जा रहा है। जिस कारण मंगलवार शाम तक यमुना अपना और अधिक रौद्र रूप दिखाएगी। वहीं, आने वाली संभावित बाढ़ को देखते हुए पुलिस ने यमुना किनारे कांवड़ मेले के लिए लगाई गई दुकानों को हटवा दिया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

फिल्म ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ में देश की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति की झलक

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फिल्म ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ का फिल्मांकन और उसकी कहानी कई मायनों में एक सिनेमाई क्रांति लाएगी। यह पांच अलग-अलग दिलचस्प और बेहतरीन कहानियों पर आधारित है, जो आपस में संबंधित है। इसे चंदेरी जैसे छोटे से शहर की पृष्ठभूमि में स्थापित किया गया है। यह फिल्म एक मिश्रित कहानियों को कहने का एक अनोखा और साहसिक मार्ग है। इस कथा का मूल बुन्देलखंड में चंदेरी नाम का एक छोटा सा शहर है, जो भारत के मध्य प्रदेश राज्य में फैला एक पहाड़ी इलाका है। बुन्देलखण्ड अपनी भौगोलिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति के लिए लोकप्रिय है। इतिहास इस बात के उदाहरणों से भरा पड़ा है कि कैसे इस क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक विशेषताएँ पूरे देश को ताकत देती हैं। फिल्म की पांच कहानियां वास्तविक घटनाओं पर आधारित हैं। इस फिल्म की कहानी विचारोत्तेजक है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। सिनेमैटोग्राफी शानदार है और फिल्म का संगीत बेहद मधुर और सुखद जो निश्चित रूप से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा। फिल्म निर्माता इसे बेहतरीन एक मनोरंजक फिल्म का उदाहरण मानते हैं। जो भारतीय सांस्कृतिक लोकाचार, इतिहास, विरासत और परंपराओं पर ध्यान केंद्रित करने के साथ साथ राष्ट्र निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगी। फिल्म में बड़ी बारीकी के साथ तथ्यों को सही माध्यम से दर्शाया गया है।

अभिनेता बृजेंद्र काला ने वर्षों से अपने शानदार अभिनय से प्रशंसकों का दिल जीता है, उनके साथ पूर्वा पराग, उमेश बाजपेयी, सागर वाही, सारिका भरोलिया, माही सोनी, कुरांगी नागराज, हरवीर मलिक और रुहाना खन्ना भी शामिल हैं।

आगामी फिल्म ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ के प्रचार प्रसार करने का अनूठा तरीका देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। और सबसे विशेष बात यह है कि फिल्म देखने पर मालूम चलेगा कि इसमें दर्शकों के लिए एक सरप्राइज है। दर्शकों की भारी भीड़ के लिए आकर्षक पुरस्कार है जिसका फैसला लकी ड्रा से किया जाएगा। जो किसी भाग्यशाली दर्शक को प्राप्त होगा। दर्शक रचनात्मक और सुस्वादु सामग्री का आनंद प्राप्त कर सकेंगे, जो भारत की समृद्ध ग्रामीण सांस्कृतिक विरासत और गौरव का सच्चा प्रदर्शन करेगी। निस्संदेह, प्रत्येक स्क्रीनिंग में तीन लकी ड्रा और बम्पर पुरस्कार जीतने का अवसर दर्शकों को प्राप्त होगा जिससे दर्शक अवश्य रोमांचित होंगे। विजेता को ना केवल एक उपयोगी पुरस्कार प्राप्त होगा बल्कि कुछ पुरस्कार उनकी पहुंच और सोच से ज्यादा आकर्षक होंगे। फिल्म प्रचार प्रसार का यह अनूठा तरीका केवल दर्शकों का ध्यान अच्छे सिनेमा की ओर आकर्षित करना है अन्यथा फिल्म का प्रचार प्रसार करने के लिए अच्छी बजट और बड़े अभिनेता ही काफी होते हैं। प्रोडक्शन हाउस का मूल उद्देश्य भारत के ग्रामीण इलाकों में सिंगल स्क्रीन में नई जान फूंकना भी है। यह प्रयास भारत के विभिन्न क्षेत्रों में सिनेमा की असाधारण प्रतिभा और रचनात्मकता के विकास के लिए एक बहुत जरूरी मंच विकसित करेगा और लोगों को प्रोत्साहित करेगा।

निर्माताओं ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक नया कीर्तिमान बनाने के लिए वितरकों, थिएटर मालिकों, उत्पाद निर्माताओं और दर्शकों के साथ मिलकर नया काम किया है। निर्माताओं को आशा है कि इस प्रयास से पूरे विश्व के सिनेमाओं में नया बदलाव आएगा।इस फिल्म से पूरे परिवार के साथ मनोरंजन का आंनद और सिनेमा की जादुई दुनियां को देखने का बढ़ावा मिलेगा। छोटे बजट के असाधारण कंटेंट निर्माताओं और अद्भुत क्षेत्रीय प्रतिभाओं को एक नया और योग्य स्थान मिलेगा। यह अभियान उन वितरकों और स्क्रीन मालिकों के बीच विश्वास हासिल करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास करता है जो अच्छी फिल्मों का प्रदर्शन करने में स्वाभाविक रूप से झिझकते हैं।

यह कठिन प्रयास दर्शकों, निर्माताओं, वितरकों, सिनेमा मालिकों और अन्य लोगों को आगे बढ़ने का मौका देगा।

निर्माता यह भी उजागर करना चाहते हैं फिल्म प्रचार प्रसार की इस नई रणनीति से कई लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। फिल्म पंचकृति की रिलीज पर दर्शक ध्यान दें, इसमें उन्हें उपहार पाने के अवसर मिलेंगे, जिसे वे प्रसन्नता से अपने घर ले जा सकेंगे।

बृजेन्द्र काला फिल्म के मुख्य पात्रों में एक हैं। वह एक प्रशंसित अभिनेता हैं। काला कहते हैं कि ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ में कई लोकप्रिय और बड़े कलाकार शामिल है। पांच अलग-अलग कहानियों को अनावश्यक तत्वों के बिना, रचनात्मक रूप से एक सकारात्मक पारिवारिक-मनोरंजन फिल्म में एक साथ पिरोया गया है, जो शहरी और ग्रामीण दर्शकों को बेहद पसंद आएगा।

इस अनूठी फिल्म का निर्देशन संजाॅय भार्गव ने किया है। संजाॅय कहते हैं कि हम फिल्म के माध्यम से अपनी भारतीय परंपरा और संस्कृति पर एक विशेष संदेश देना चाहते हैं जो सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन विरासत को प्रतिबिंबित करती है। फिल्म की सभी पांच कहानियां हमें सोचने पर विवश कर देगी कि हम अपने भारतीय पारंपरिक दैनिक जीवन में कहाँ और कैसे रहते हैं? और क्या करते हैं? यह मानवीय है और किसी भी अंधविश्वास पर आधारित नहीं है। फिल्म में अनुभवी कलाकारों को लिया गया है, कहानी का फिल्मांकन करते समय फिल्म को प्रभावी और सशक्त बनाने के लिए और अभिनय को वास्तविक रूप प्रदान करने के लिए बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पडा है।

फिल्म की निर्माता हरिप्रिया भार्गव का कहना है कि उन्होंने हमारी समृद्ध विरासत, रीति-रिवाजों, परंपराओं और भारतीय ग्रामीण जीवन शैली से प्रभावित होकर यह कहानी बनाई है। वह आगे कहती हैं कि यह फिल्म भारत के दूर दराज क्षेत्रों में रहने वाले उभरते प्रतिभाशाली कलाकारों को काम करने का मौका और नई पहचान दिलाती है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी शामिल होती हैं जो दिल से इस कन्टेन्ट का समर्थन करती हैं। साथ ही फिल्म प्रचार की रणनीति थिएटर मालिक और वितरकों को भी मौका देती है। हरिप्रिया बेहद खुश हुई कि इस फिल्म की कुछ कहानी महिलाओं पर केंद्रित है।

फिल्म ‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ प्रेम से अभिभूत और हृदय को छू लेने वाले आध्यात्मिक गीतों का समावेश है। संगीत राजेश सोनी द्वारा रचित है, फिल्म का संगीत दर्शकों के दिल को अवश्य छू लेगा।

‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ पूरी तरह से मध्यप्रदेश में फिल्माई गई है, जिसमें स्थानीय कलाकारों और सहायक कलाकारों को काम पर रखा गया है। फ़ोटोग्राफ़ी मध्य प्रदेश के ऐसे रमणीय और अनछुए प्राकृतिक दृश्यों को चित्रित करती है जो पर्यटन को बढ़ावा देने मे सहायक होंगे।

‘पंचकृति – फाइव एलिमेंट्स’ का निर्माण उबॉन विजन प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले हरिप्रिया भार्गव और संजॉय भार्गव द्वारा किया गया है।

यह फिल्म मानसून सीज़न में भारत भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। निर्माता, निर्देशक और प्रमोटर देशभर में व्यापक स्तर पर फिल्म के लिए कार्य कर रहे हैं।

अपोलो की बड़ी उपलब्धि, हॉस्पिटल में हुआ 500 अंग प्रत्यारोपण 

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327 किडनी प्रत्यारोपण, 200 लीवर प्रत्यारोपण और 8 हृदय प्रत्यारोपण अपोलो हॉस्पिटल द्वारा किये गये हैं

नवी मुंबई। अपोलो हॉस्पिटल्स, नवी मुंबई ने 535 अंग प्रत्यारोपण पूरे करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि अपोलो हॉस्पिटल्स, नवी मुंबई में अपोलो इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसप्लांट के सबसे बड़े और सबसे व्यापक कार्यक्रमों में से एक अत्याधुनिक बहु-अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम के कारण हासिल हुई है। 2017 में शुरुआत करते हुए अपोलो हॉस्पिटल्स, नवी मुंबई ने 327 किडनी प्रत्यारोपण, 200 लीवर प्रत्यारोपण और 8 हृदय प्रत्यारोपण किए हैं।
अपोलो हॉस्पिटल्स के पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्रीय सीईओ संतोष मराठे ने कहा कि अपोलो हमेशा स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी रहा है, और यह उपलब्धि जीवन बचाने की हमारी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। हमारे 535 प्रत्यारोपण (अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से 18 किडनी प्रत्यारोपण और 12 लीवर प्रत्यारोपण) केवल एक संख्या नहीं हैं; यह परिवारों के पुनर्मिलन की खुशी और रोगियों को जीवन का दूसरा मौका मिलने का प्रतीक है। अपोलो का प्रत्यारोपण कार्यक्रम प्रत्येक उस मरीज के लिए आशा की किरण है, जिसका जीवन प्रत्यारोपण के माध्यम से बचाया या सुधारा गया है, जो पूरे अपोलो परिवार के लिए बहुत गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।
डॉ. प्रोफेसर डेरियस मिर्ज़ा (वेस्टर्न रीजन, लिवर-एचपीबी प्रोग्राम लीड कंसल्टेंट, अपोलो हॉस्पिटल्स) ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण टर्मिनल अंग विफलताओं से प्रभावित रोगियों के लिए जीवन-रक्षक हैं, जिससे प्राप्तकर्ता के जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार होता है। अपोलो में, लिवर प्रत्यारोपण विभाग हमेशा उत्कृष्टता के लिए प्रयासरत रहा है। हमारे अंतर्गत 200 लीवर प्रत्यारोपणों के साथ, जिनमें से 65 बच्चों में किए गए हैं, हम लीवर की बीमारी से निपटने में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहे हैं और अपने रोगियों को एक स्वस्थ और अधिक पूर्ण जीवन का मौका दे रहे हैं। हमारा बहु-विषयक दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि हम अपने लीवर प्रत्यारोपण के रोगियों को सर्वोत्तम देखभाल प्रदान करने और सफल परिणाम सुनिश्चित करने में कोई कमी न छोड़ें।
डॉ. अमोल कुमार पाटिल (सीनियर कंसल्टेंट, यूरोलॉजी, यूरो-ऑन्कोलॉजी, किडनी प्रत्यारोपण-रोबोटिक सर्जरी, अपोलो हॉस्पिटल्स, नवी मुंबई) ने कहा कि अपोलो में हमारा किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम, वृक्क निष्क्रियता वाले रोगियों के जीवन को बदलने में आधारशिला रहा है। नवाचार, समर्पण और अद्वितीय रोगी देखभाल के माध्यम से, हमने 300 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। प्रत्येक प्रक्रिया एक नए जीवन की प्राप्ति और हमारे रोगियों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए हमारी अटल प्रतिबद्धता का संकेत देती है।”
डॉ. संजीव जाधव (सीवीटीएस, हार्ट एंड लंग ट्रांसप्लांट सर्जरी कंसलटेंट,अपोलो हॉस्पिटल्स, नवी मुंबई) ने कहा कि हृदय प्रत्यारोपण एक नाजुक चिकित्सा प्रक्रिया है जिसमें सटीकता, विशेषज्ञता और अनुकंपा की आवश्यकता होती है। अपोलो में, हम हृदय पात रोगियों को आशा और नई शुरुआत देने के लिए समर्पित हैं। हमारे द्वारा किया गया प्रत्येक हृदय प्रत्यारोपण अदम्य मानवीय भावना और चिकित्सा उत्कृष्टता की निरंतर खोज का एक प्रमाण है जो हमारी टीम को परिभाषित करता है।
अंग प्रत्यारोपण, विशेष रूप से मृत अंग प्रत्यारोपण भारत जैसे देश में महत्वपूर्ण हैं, जहां अंग दान की उच्च मांग है। अपोलो के 500 प्रत्यारोपण के मील के पत्थर का महत्व इस तथ्य से रेखांकित होता है कि हर वर्ष, भारत में 500,000 से अधिक लोगों को अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, जिसमें 200,000 को लीवर प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है और लगभग 150,000 को किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है। लेकिन अंगों की कमी और प्रत्यारोपण सेवाओं तक सीमित पहुंच के कारण इस मांग का लगभग 5% ही पूरा हो पाता है, और हजारों लोग प्रत्यारोपण के इंतजार में अपनी जान गंवा देते हैं।