गौ संवर्धन संस्थान के संस्थापक प्रवीण स्वामी ने किया निर्धन कन्याओं का कन्यादान
सुरजगढ : गौ संवर्धन संस्थान के कार्यकर्ता संजय स्वामी वार्ड नंबर तीन से पार्षद दीपिका नायक राहुल जैदिया की सुचना पर नायक परिवार की दो बेटियों को अपनी बेटी बनाकर प्रवीण स्वामी ने सपत्नी कंचन स्वामी के साथ बेटियों का किया कन्या दान ज्ञात रहे इससे पहले भी 12-2-2024 को एक नायक समाज की बेटी का स्वामी दम्पति ने धर्म की बेटी बनाकर कन्या दान किया था। उक्त कार्य में धीरज हिसारिया, कोयल हिसारिया, सुभाष झाझड़िया, छाजूराम नायक, मगराज नायक, रामवतार, मुन्नाराम, राजकुमार, संजय, अनिल जेदिया, लोकेश, सुभाष आदि मौजूद थे।

कन्यादान के रूप में बेटियों को बैड, गद्दे, आलमारी, ड्रेसिंग टेबल, फ्रीज, चौकी, पायजेब, मच्छी, कान का कांटा, साड़ियां व 2100-2100 रुपए भेंट किए गए।
छत्तीसगढ़ में ‘गौ सेवक’ की हत्या की सीबीआई जांच की मांग
रायपुर, 22 फरवरी : छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य के कबीरधाम जिले में एक गौ सेवक की हत्या को लेकर बृहस्पतिवार को विधानसभा में हंगामा किया और मामले की सीबीआई जांच की मांग की. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी तथा कांग्रेस विधायकों को निलंबित भी किया गया. उल्लेखनीय है कि 20 जनवरी की रात, कवर्धा शहर (कबीरधाम जिले का मुख्यालय) के बाहरी इलाके में गौशाला कर्मी साधराम यादव (48) की कथित तौर पर छह लोगों ने हत्या कर दी थी. हत्या के समय यादव साइकिल से अपने नजदीकी गांव लालपुर जा रहे थे. पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की है.
पुलिस के अनुसार मामले की जांच में पता चला कि छह आरोपियों (सभी मुस्लिम) ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले कवर्धा शहर में आतंक पैदा करने के लिए यादव की गला रेतकर हत्या कर दी थी. सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस विधायकों ने घटना की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की. घटना पर चर्चा की मांग करते हुए विपक्षी सदस्यों ने मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की. भाजपा विधायकों ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन्होंने (पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान) राज्य में सीबीआई के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था, वे अब एजेंसी से जांच की मांग कर रहे हैं.
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि इस मुद्दे का उल्लेख राज्य के गृह मंत्री के बयान (बुधवार को) में पहले ही किया जा चुका है. अध्यक्ष ने बताया कि विपक्ष की चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया गया है. विपक्षी विधायकों ने मामले की सीबीआई जांच, मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और नारेबाजी करते हुए सदन के आसन में आ गए और स्वत: निलंबित हो गए. बाद में कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया. कुछ देर बाद अध्यक्ष ने विधायकों का निलंबन रद्द कर दिया.
विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यादव हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है और यह राज्य में अपनी तरह का पहला मामला है. उन्होंने कहा, ”यह घटना बिरनपुर घटना से अलग है क्योंकि इस मामले में हत्या ‘हथियार’ से नहीं की गई थी बल्कि ‘विचार’ से की गई थी.” उन्होंने कहा कि मामले के आरोपियों का संबंध कश्मीर से है और इसकी जांच जारी है. शर्मा ने बुधवार को घोषणा की थी कि पिछले साल राज्य के बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में सांप्रदायिक हिंसा में भुनेश्वर साहू की हत्या की सीबीआई जांच की सिफारिश की जाएगी.
MP News: गाय का शिकार करने वाले तीन आरोपितों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
सीधी, प्रतिनिधि। गाय का शिकार करने वाले तीन आरोपितों को जमोड़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें एक महिला भी शामिल हैं। यह कारवाई पुलिस अधीक्षक डॉ रवींद्र वर्मा के निर्देशन, अरविंद श्रीवास्तव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में विशाल शर्मा थाना प्रभारी टीम ने किया है।
बता दें कि 19 फरवरी को प्रदीप कुमार विश्वकर्मा निवासी ग्राम बंजारी ने थाने में आकर आवेदन पत्र दिया कि 19 फरवरी को शाम करीब 6 बजे आशीष मिश्रा,विवेक पाण्डेय,धीरज पटेल,आकाश पराडे सभी लोग गोपालदास बंधा मार्ग से जा रहे थे। उसके नीचे नीरज साकेत,विकास साकेत व ममता साकेत सभी निवासी पडरा के द्वारा गाय को मारकर उसका मांस काट रहे थे।
आज शाम 5 बजे से महाराष्ट्र रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर
महाराष्ट्र में रेजिडेंट डॉक्टर्स ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है. नोटिस जारी कर डॉक्टर्स ने कहा कि 22 फरवरी यानी आज शाम 5 बजे से महाराष्ट्र रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर रहेंगे. हालांकि इमरजेंसी पेशेंट्स को डॉक्टर देखेंगे लेकिन बाकी मरीजों को जो परेशानी होगी उसकी जिम्मेदार सरकार होगी.
एमएआरडी अध्यक्ष डॉक्टर अभिजीत हेल्गे ने नोटिस जारी कर इस बात की जानकारी दी और बताया कि आखिर क्यों वो केंद्र सरकार से निराश हैं. जानिए महाराष्ट्र में 8000 रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल की वजह क्या है.
क्या है डॉक्टर्स की मांग
रेजिडेंट डॉक्टर्स ने बुधवार को अनिश्चिकालिन हड़ताल का ऐलान कर दिया है, उन्होंने कहा कि 22 फरवरी को देर शाम 5 बजे से अनिश्चितकालिन हड़ताल की शुरूआत की जाएगी. इस हड़ताल की वजह बताते हुए एमएआरडी अध्यक्ष डॉ. अभिजीत हेल्गे ने बताया कि बेहतर छात्रावास, स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और बकाया भुगतान की मांग को राज्य भर के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल करेंगे.
मंत्री को लिखी चिट्ठी
अपनी मांगों को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी लिखी. उन्होंने तीन पन्नों की लंबी चिट्ठी में लिखा कि “हम सेंट्रल एमएआरडी, राज्य भर के रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रतिनिधि संस्था, महाराष्ट्र राज्य के रेजिडेंट डॉक्टरों से किए गए वादों को पूरा करने की ओर से गंभीरता की कमी से बेहद निराश हैं.
हमें आश्वासन दिलाया गया था कि हमारी मांगों को दो दिनों में पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन दो हफ्तों के बाद भी हमारी मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने आगे कहा, हमने सरकार की बातों पर पहले भी भरोसा जताया था और कई बार अपनी हड़ताल को वापस लिया था
हमारी चिंताओं को अनसुना किया गया
स्वास्थ्य मंत्री को भेजी गई चिट्ठी में रेजिडेंट डॉक्टरों ने लिखा कि हमारी कई दलीलों के बाद भी ऐसा लगता है कि हमारी चिंताओं को अनसुना कर दिया गया है. इसी के चलते उन्होंने कहा कि हमारे पास अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
मरीजों की परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदारी
रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से महाराष्ट्र की स्वाथ्य सेवाओं में काफी परेशानी आ सकती है. डॉक्टर्स ने इसी के चलते पहले चिट्ठी में मरीजों से माफी मांगी और आगे कहा कि हम इमरजेंसी केस को देखेंगे. लेकिन मरीजों की देखभाल में कोई भी परेशानी हुई तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी
Maharashtra Association of Resident Doctors Central (MARD) will go on a statewide indefinite strike from 5 pm tomorrow. Emergency services will remain operational to ensure the provision of essential medical care to the people during the strike. Around 8,000 resident doctors… pic.twitter.com/Ro2jHuIEyF
— ANI (@ANI) February 21, 2024
खुशहाल और समृद्ध किसान मोदी सरकार की प्राथमिकता
खुशहाल और समृद्ध किसान मोदी सरकार की प्राथमिकता।
गन्ना किसानों के हित में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 340 रुपए प्रति क्विंटल किया निर्धारित।#CabinetDecisions pic.twitter.com/6TtsvfiQDy
— BJP (@BJP4India) February 21, 2024
किसान आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने देश के 5 करोड़ गन्ना किसानों को लुभाने के लिए बुधवार को गन्ना उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) में 25 रूपए बढ़ाने की घोषणा की। यह 2014 के बाद से पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से की गई अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी है। अक्टूबर से शुरू होने वाले 2024-25 सीजन के लिए किसानों को प्रति क्विंटल 340 रुपये का भुगतान करना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक में गन्ना मूल्य बढ़ाने का फैसला लिया गया। गन्ना प्रमुख रूप से महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उगाया जाता है। एफआरपी का निर्धारण कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर किया गया है।
दुनिया में भारत सबसे ज्यादा दे रहा गन्ना मूल्य
सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि एफआरपी में 8 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। नया एफआरपी गन्ने की ए2+एफएल लागत से 107 फीसदी अधिक है। उन्होंने दावा किया कि भारत दुनिया में गन्ने की सबसे ज्यादा कीमत चुका रहा है। इस फैसले से 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों और चीनी क्षेत्र से जुड़े लाखों अन्य व्यक्तियों को लाभ होगा। यह किसानों की आय दोगुनी करने की मोदी की गारंटी है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी फसल का सही समय पर सही दाम मिले। सरकार ने कहा कि पिछले सीजन 2022-23 का 99.5 प्रतिशत बकाया और अन्य सभी चीनी सीजन का 99.9 प्रतिशत बकाया पहले ही किसानों को भुगतान कर दिया गया है। ठाकुर ने कहा कि चालू 2023-24 सीजन के लिए किसानों को कुल बकाया राशि का 80 प्रतिशत से अधिक का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
10 सालों में गन्ने के रेट में 130 रुपए की बढ़ोत्तरी
साल 2023 में सरकार ने 10 रुपए गन्ने का दाम बढ़ाया था। इसके बाद किसानों को 315 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान हो रहा था। अब 25 रुपए बढ़ने से गन्ने का दाम 340 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। 2021 में गन्ने की एमएसपी में 5 रुपए की वृद्धि कर 290 रुपए कर दिया गया था। 2022 में इसमें 15 रुपए का इजाफा हुआ तो दाम 305 रुपए हो गया। साल 2013 और 2014 के सीजन में गन्ने की एफआरपी महज 210 रुपए प्रति क्विंटल था। 10 सालों में गन्ने की एफआरपी में 130 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी हुई है।
हरियाणा के पलवल में गौ तस्कर को गिरफ्तार
Palwal News: हरियाणा के पलवल में उटावड़ थाना पुलिस ने यूपी से मेवात लाई जा रही तीन गौवंशों का वध होने से बचा और एक गौ तस्कर को गिरफ्तार किया। उटावड़ थाना पुलिस ने सूचना के बाद एक पिकअप गाड़ी का पीछा किया और मेवात में वध के लिए ले जाई जा रही गायों को मुक्त कराया। गौ तस्कर पुलिस से घिरा हुआ देखकर गाड़ी को मौके पर छोड़ कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया और एक को मौके पर ही दबोच लिया। हालांकि दो आरोपी फरार होने में कामयाब हो गए।
गौ तस्करी का लिडर है आरोपी
पकड़े गए आरोपी की पहचान जिला गौतमबुद्ध नगर (यूपी) के याकूबपुर गांव निवासी ओमप्रकाश के तौर पर हुई है। कहा गया है कि वह आरोपी गौ तस्करी का लिडर है और पहले भी कई बार गौ तस्करी कर चुका है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पिकअप गाड़ी व उसमें से तीन गौ वंश को बरामद किया है।
फरार आरोपियों का लगाया जा रहा है पता
वहीं, पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है कि वे गौवंश को कहां से लेकर आते है और किसे सप्लाई करते है। पुलिस ने पिकअप से आजाद कराई तीनों गौवंश को बहीन गांव स्थित कान्हा गौशाला में भिजवा दिया है। थाना प्रभारी टेक सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही, ताकि उसके फरार हुए दो साथियों को भी गिरफ्तार किया जा सके। उनका कहना है कि इलाके में इस गौवध का धंधे को पनपने नहीं दिया जाएगा।











