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कामधेनु गाय रखने के कई फायदे होते हैं

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Kamdhenu cow Benefits: कामधेनु गाय को हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्व दिया जाता है. इसे ‘गौ माता’ के रूप में पूजा जाता है और इसे संसार के सभी धर्मों में मान्यता प्राप्त है. गाय को हिंदू समाज में मान्यता प्राप्त होने के पीछे कई कारण हैं और इसके धार्मिक महत्व कई प्रकार से प्रकट होते हैं. पहला कारण है कि गाय को मान्यता दी जाती है क्योंकि वह दैनिक जीवन का एक अहम हिस्सा है. उसका दूध, दही, घी और उत्पादों में उपयोग होता है, जो लोगों के आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके अतिरिक्त, गाय का गोबर खेती में खाद के रूप में उपयोग होता है, जो किसानों को अधिक उत्पादक बनाता है. दूसरा कारण है कि गाय को हिंदू धर्म में मान्यता दी जाती है क्योंकि वह धार्मिक पूजा में उपयोग होती है. गौ माता को गोसेवा के रूप में पूजा जाता है और उसके गौरव के लिए गौशाला की स्थापना की जाती है. गाय को संस्कृति और धर्म से जोड़ा गया है और इसे धार्मिक प्रतीक के रूप में उच्च माना जाता है. तीसरा कारण है कि गाय को संरक्षित किया जाता है क्योंकि वह आर्थिक महत्वपूर्ण है. गाय को पालना सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, और इसके द्वारा मानव समाज को अनेक उत्पादों की प्राप्ति होती है. इसके अतिरिक्त, गाय का पालना और उसकी सेवा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विकसित करने में मदद करता है.
कामधेनु गाय रखने के कई फायदे होते हैं. यहां कुछ मुख्य फायदे हैं
दुध और दूध से बने उत्पाद: कामधेनु गाय से प्राप्त होने वाला दूध उत्तम गुणवत्ता वाला होता है और विभिन्न उत्पादों में इसका उपयोग किया जाता है, जैसे कि दही, घी, पनीर आदि.
गोबर का उपयोग: कामधेनु गाय के गोबर का उपयोग खेती में खाद के रूप में और गोबर गैस के रूप में किया जा सकता है, जो किसानों को अधिक उत्पादक बनाता है.
पूजा और धार्मिक आधार: कामधेनु गाय को हिंदू संस्कृति में मान्यता प्राप्त है और इसे धार्मिक पूजा में उपयोग किया जाता है. इसे माता गाय के रूप में पूजा जाता है.
मानव स्वास्थ्य: कामधेनु गाय का दूध सेहत के लिए लाभकारी होता है, और इसका उपयोग शरीर के पोषण के लिए किया जा सकता है.
सामाजिक और आर्थिक महत्व: गाय को सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है. कामधेनु गाय का देखभाल और पालना स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है और लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करता है.
इस तरह, कामधेनु गाय को रखने से अनेक तरह के लाभ होते हैं, जो समृद्ध और संतुलित जीवन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं.

गौ संवर्धन संस्थान के संस्थापक प्रवीण स्वामी ने किया निर्धन कन्याओं का कन्यादान

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सुरजगढ : गौ संवर्धन संस्थान के कार्यकर्ता संजय स्वामी वार्ड नंबर तीन से पार्षद दीपिका नायक राहुल जैदिया की सुचना पर नायक परिवार की दो बेटियों को अपनी बेटी बनाकर प्रवीण स्वामी ने सपत्नी कंचन स्वामी के साथ बेटियों का किया कन्या दान ज्ञात रहे इससे पहले भी 12-2-2024 को एक नायक समाज की बेटी का स्वामी दम्पति ने धर्म की बेटी बनाकर कन्या दान किया था। उक्त कार्य में धीरज हिसारिया, कोयल हिसारिया, सुभाष झाझड़िया, छाजूराम नायक, मगराज नायक, रामवतार, मुन्नाराम, राजकुमार, संजय, अनिल जेदिया, लोकेश, सुभाष आदि मौजूद थे।

कन्यादान के रूप में बेटियों को बैड, गद्दे, आलमारी, ड्रेसिंग टेबल, फ्रीज, चौकी, पायजेब, मच्छी, कान का कांटा, साड़ियां व 2100-2100 रुपए भेंट किए गए।

छत्तीसगढ़ में ‘गौ सेवक’ की हत्या की सीबीआई जांच की मांग

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रायपुर, 22 फरवरी : छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य के कबीरधाम जिले में एक गौ सेवक की हत्या को लेकर बृहस्पतिवार को विधानसभा में हंगामा किया और मामले की सीबीआई जांच की मांग की. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी तथा कांग्रेस विधायकों को निलंबित भी किया गया. उल्लेखनीय है कि 20 जनवरी की रात, कवर्धा शहर (कबीरधाम जिले का मुख्यालय) के बाहरी इलाके में गौशाला कर्मी साधराम यादव (48) की कथित तौर पर छह लोगों ने हत्या कर दी थी. हत्या के समय यादव साइकिल से अपने नजदीकी गांव लालपुर जा रहे थे. पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की है.
पुलिस के अनुसार मामले की जांच में पता चला कि छह आरोपियों (स‍भी मुस्लिम) ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले कवर्धा शहर में आतंक पैदा करने के लिए यादव की गला रेतकर हत्या कर दी थी. सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस विधायकों ने घटना की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की. घटना पर चर्चा की मांग करते हुए विपक्षी सदस्यों ने मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की. भाजपा विधायकों ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन्होंने (पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान) राज्य में सीबीआई के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था, वे अब एजेंसी से जांच की मांग कर रहे हैं.
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि इस मुद्दे का उल्लेख राज्य के गृह मंत्री के बयान (बुधवार को) में पहले ही किया जा चुका है. अध्यक्ष ने बताया कि विपक्ष की चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया गया है. विपक्षी विधायकों ने मामले की सीबीआई जांच, मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और नारेबाजी करते हुए सदन के आसन में आ गए और स्वत: निलंबित हो गए. बाद में कांग्रेस ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया. कुछ देर बाद अध्यक्ष ने विधायकों का निलंबन रद्द कर दिया.
विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यादव हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है और यह राज्य में अपनी तरह का पहला मामला है. उन्होंने कहा, ”यह घटना बिरनपुर घटना से अलग है क्योंकि इस मामले में हत्या ‘हथियार’ से नहीं की गई थी बल्कि ‘विचार’ से की गई थी.” उन्होंने कहा कि मामले के आरोपियों का संबंध कश्मीर से है और इसकी जांच जारी है. शर्मा ने बुधवार को घोषणा की थी कि पिछले साल राज्य के बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में सांप्रदायिक हिंसा में भुनेश्वर साहू की हत्या की सीबीआई जांच की सिफारिश की जाएगी.

MP News: गाय का शिकार करने वाले तीन आरोपितों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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सीधी, प्रतिनिधि। गाय का शिकार करने वाले तीन आरोपितों को जमोड़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें एक महिला भी शामिल हैं। यह कारवाई पुलिस अधीक्षक डॉ रवींद्र वर्मा के निर्देशन, अरविंद श्रीवास्तव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में विशाल शर्मा थाना प्रभारी टीम ने किया है।

बता दें कि 19 फरवरी को प्रदीप कुमार विश्वकर्मा निवासी ग्राम बंजारी ने थाने में आकर आवेदन पत्र दिया कि 19 फरवरी को शाम करीब 6 बजे आशीष मिश्रा,विवेक पाण्डेय,धीरज पटेल,आकाश पराडे सभी लोग गोपालदास बंधा मार्ग से जा रहे थे। उसके नीचे नीरज साकेत,विकास साकेत व ममता साकेत सभी निवासी पडरा के द्वारा गाय को मारकर उसका मांस काट रहे थे।

गाय का मांस काट कर अपने पास रखे है। थाना प्रभारी जमोड़ी मामला दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दिया। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर सभी गौ हत्या के आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से सभी आरोपितों को जिला जेल पडरा भेज दिया गया है।
गोवंश हत्या के संबंध में आरोपितों ने पूछताछ के दौरान बताया कि ममता साकेत के पति को टीवी की बीमारी है। जिसके इलाज के लिए गाय का तेल निकाला जाता था एवं गौ मांस का सेवन करता है। इसी के कारण गोवंश की हत्या की गई थी।

आज शाम 5 बजे से महाराष्ट्र रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर

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महाराष्ट्र में रेजिडेंट डॉक्टर्स ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है. नोटिस जारी कर डॉक्टर्स ने कहा कि 22 फरवरी यानी आज शाम 5 बजे से महाराष्ट्र रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर रहेंगे. हालांकि इमरजेंसी पेशेंट्स को डॉक्टर देखेंगे लेकिन बाकी मरीजों को जो परेशानी होगी उसकी जिम्मेदार सरकार होगी.
एमएआरडी अध्यक्ष डॉक्टर अभिजीत हेल्गे ने नोटिस जारी कर इस बात की जानकारी दी और बताया कि आखिर क्यों वो केंद्र सरकार से निराश हैं. जानिए महाराष्ट्र में 8000 रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल की वजह क्या है.
क्या है डॉक्टर्स की मांग
रेजिडेंट डॉक्टर्स ने बुधवार को अनिश्चिकालिन हड़ताल का ऐलान कर दिया है, उन्होंने कहा कि 22 फरवरी को देर शाम 5 बजे से अनिश्चितकालिन हड़ताल की शुरूआत की जाएगी. इस हड़ताल की वजह बताते हुए एमएआरडी अध्यक्ष डॉ. अभिजीत हेल्गे ने बताया कि बेहतर छात्रावास, स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और बकाया भुगतान की मांग को राज्य भर के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल करेंगे.
मंत्री को लिखी चिट्ठी
अपनी मांगों को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी लिखी. उन्होंने तीन पन्नों की लंबी चिट्ठी में लिखा कि “हम सेंट्रल एमएआरडी, राज्य भर के रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रतिनिधि संस्था, महाराष्ट्र राज्य के रेजिडेंट डॉक्टरों से किए गए वादों को पूरा करने की ओर से गंभीरता की कमी से बेहद निराश हैं.
हमें आश्वासन दिलाया गया था कि हमारी मांगों को दो दिनों में पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन दो हफ्तों के बाद भी हमारी मांगों पर कोई प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने आगे कहा, हमने सरकार की बातों पर पहले भी भरोसा जताया था और कई बार अपनी हड़ताल को वापस लिया था
हमारी चिंताओं को अनसुना किया गया
स्वास्थ्य मंत्री को भेजी गई चिट्ठी में रेजिडेंट डॉक्टरों ने लिखा कि हमारी कई दलीलों के बाद भी ऐसा लगता है कि हमारी चिंताओं को अनसुना कर दिया गया है. इसी के चलते उन्होंने कहा कि हमारे पास अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
मरीजों की परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदारी
रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से महाराष्ट्र की स्वाथ्य सेवाओं में काफी परेशानी आ सकती है. डॉक्टर्स ने इसी के चलते पहले चिट्ठी में मरीजों से माफी मांगी और आगे कहा कि हम इमरजेंसी केस को देखेंगे. लेकिन मरीजों की देखभाल में कोई भी परेशानी हुई तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी

पंजाब समाचार – मुक्तसर में गौवंश को तस्करी के लिए ले जा रहे गायों से भरी गाड़ी पलटी

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मुक्तसरः पंजाब के मुक्तसर में गौवंश को तस्करी के लिए लेजा रहे गायों से भरा कैंटर पलट गया। कैंटर के पास एक मरी हुई गाय भी मिली है जिसकी मौत कैंटर के पलटने के कारण हुई है। मौके पर पहुंचे गौ भक्तों घटना की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर 3 गौ तस्करों को भी काबू किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गउओं को काटने के मकसद से चोरी करके बचते थे।
पुलिस को जानकारी देते हुए गौ रक्षक व शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कैंटर में भर कर गौवंश के काटने के लिए लेजाया जा रहा है जिसके बाद उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर गौ तस्कर रहे अबोहर की तरफ से आ रहे कैंटर का पीछा करना शुरु कर दिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों को जब इस बात कि भनक मिली तो उन्होंने कैंटर को भगाने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी के चक्कर में कैंटर किसी गाड़ी से टकरा गया है खेतों में जाकर पलट गया। उन्होंने बताया कि कैंटर में डेढ़ दर्जन के करीब गऊएं सवार थीं जिनमें से कुछ खेतों में भाग गईं व एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपियों कैंटर के ड्राइवर मुस्ताक व अन्य सुच्चा महीस व डाडू राम पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

खुशहाल और समृद्ध किसान मोदी सरकार की प्राथमिकता

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किसान आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने देश के 5 करोड़ गन्ना किसानों को लुभाने के लिए बुधवार को गन्ना उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) में 25 रूपए बढ़ाने की घोषणा की। यह 2014 के बाद से पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से की गई अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी है। अक्टूबर से शुरू होने वाले 2024-25 सीजन के लिए किसानों को प्रति क्विंटल 340 रुपये का भुगतान करना होगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक में गन्ना मूल्य बढ़ाने का फैसला लिया गया। गन्ना प्रमुख रूप से महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उगाया जाता है। एफआरपी का निर्धारण कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर किया गया है।

दुनिया में भारत सबसे ज्यादा दे रहा गन्ना मूल्य
सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि एफआरपी में 8 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। नया एफआरपी गन्ने की ए2+एफएल लागत से 107 फीसदी अधिक है। उन्होंने दावा किया कि भारत दुनिया में गन्ने की सबसे ज्यादा कीमत चुका रहा है। इस फैसले से 5 करोड़ से अधिक गन्ना किसानों और चीनी क्षेत्र से जुड़े लाखों अन्य व्यक्तियों को लाभ होगा। यह किसानों की आय दोगुनी करने की मोदी की गारंटी है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी फसल का सही समय पर सही दाम मिले। सरकार ने कहा कि पिछले सीजन 2022-23 का 99.5 प्रतिशत बकाया और अन्य सभी चीनी सीजन का 99.9 प्रतिशत बकाया पहले ही किसानों को भुगतान कर दिया गया है। ठाकुर ने कहा कि चालू 2023-24 सीजन के लिए किसानों को कुल बकाया राशि का 80 प्रतिशत से अधिक का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।

10 सालों में गन्ने के रेट में 130 रुपए की बढ़ोत्तरी
साल 2023 में सरकार ने 10 रुपए गन्ने का दाम बढ़ाया था। इसके बाद किसानों को 315 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान हो रहा था। अब 25 रुपए बढ़ने से गन्ने का दाम 340 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। 2021 में गन्ने की एमएसपी में 5 रुपए की वृद्धि कर 290 रुपए कर दिया गया था। 2022 में इसमें 15 रुपए का इजाफा हुआ तो दाम 305 रुपए हो गया। साल 2013 और 2014 के सीजन में गन्ने की एफआरपी महज 210 रुपए प्रति क्विंटल था। 10 सालों में गन्ने की एफआरपी में 130 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी हुई है।

 

हरियाणा के पलवल में गौ तस्कर को गिरफ्तार

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Palwal News: हरियाणा के पलवल में उटावड़ थाना पुलिस ने यूपी से मेवात लाई जा रही तीन गौवंशों का वध होने से बचा और एक गौ तस्कर को गिरफ्तार किया। उटावड़ थाना पुलिस ने सूचना के बाद एक पिकअप गाड़ी का पीछा किया और मेवात में वध के लिए ले जाई जा रही गायों को मुक्त कराया। गौ तस्कर पुलिस से घिरा हुआ देखकर गाड़ी को मौके पर छोड़ कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया और एक को मौके पर ही दबोच लिया। हालांकि दो आरोपी फरार होने में कामयाब हो गए।

गौ तस्करी का लिडर है आरोपी

पकड़े गए आरोपी की पहचान जिला गौतमबुद्ध नगर (यूपी) के याकूबपुर गांव निवासी ओमप्रकाश के तौर पर हुई है। कहा गया है कि वह आरोपी गौ तस्करी का लिडर है और पहले भी कई बार गौ तस्करी कर चुका है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पिकअप गाड़ी व उसमें से तीन गौ वंश को बरामद किया है।

फरार आरोपियों का लगाया जा रहा है पता

वहीं, पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है कि वे गौवंश को कहां से लेकर आते है और किसे सप्लाई करते है। पुलिस ने पिकअप से आजाद कराई तीनों गौवंश को बहीन गांव स्थित कान्हा गौशाला में भिजवा दिया है। थाना प्रभारी टेक सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही, ताकि उसके फरार हुए दो साथियों को भी गिरफ्तार किया जा सके। उनका कहना है कि इलाके में इस गौवध का धंधे को पनपने नहीं दिया जाएगा।

मैं कभी भी  इंसेक्योर एक्टर नहीं रहा : अर्जुन कपूर

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अर्जुन कपूर, जिन्हें रोहित शेट्टी की बहुप्रतीक्षित सिंघम अगेन में खलनायक के रूप में उनके निर्दयी दुष्ट रूप के लिए सर्वसम्मत प्यार मिल रहा है, उनका का कहना है कि उन्हें कोई भी भूमिका निभाना पसंद है जो उनके निर्देशक को लगता है कि वह उनके के लिए उपयुक्त हैं। अर्जुन का कहना है कि यह उनका प्यार है सिनेमा के लिए जो उन्हें उन भूमिकाओं के साथ प्रयोग करने की अनुमति देता है जिन्हें वह स्क्रीन पर निभाना चाहते हैं!
अर्जुन कहते हैं, “मैंने कभी एक्टर बनने की योजना नहीं बनाई थी, लेकिन मुझे फिल्मों से प्यार हो गया क्योंकि मैंने यह देखने में अधिक समय बिताया कि हमारे देश के लोगों को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने के लिए इस इंडस्ट्री में लोग कितने समर्पित और भावुक हैं। यह देखकर खुशी हुई कि मेरे करीबी और प्रिय लोग अपने काम के माध्यम से खुशियाँ फैलाना चाहते हैं।”
वह आगे कहते हैं, “इसलिए जब मैं अभिनय के बारे में जानना चाहता था, तो मैं सिर्फ अभिनय करना और कैमरे का सामना करना चाहता था। मैं कभी भी इस बात पर केंद्रित नहीं था कि मुझे स्क्रीन पर रोल के लिए क्या चुना गया है। मैं वही जुनून और खुशी महसूस करना चाहता था जो मैंने अभिनेताओं को शॉट देते समय महसूस करते देखा था। मैं कैमरे के सामने आने की हड़बड़ी महसूस करना चाहता था और अच्छा काम करने के लिए बहुत मेहनत करना चाहता था।
अर्जुन ने खुलासा किया कि उन्हें नहीं पता था कि इश्कजादे में नायक की भूमिका निभाने के लिए उनका ऑडिशन लिया जा रहा है। वह कहते हैं, ”मुख्य भूमिका के तौर पर लॉन्च होना इसलिए भी हुआ क्योंकि आदित्य चोपड़ा ने देखा कि मेरे अंदर स्क्रीन पर हीरो के रूप में अभिनय करने की आग है। मैंने यह जानते हुए कभी ऑडिशन नहीं दिया कि इशकजादे में मुख्य भूमिका के लिए मेरा ऑडिशन किया जा रहा है। जब मुझे यह भूमिका मिली तो मैं अभिभूत हो गया। मुझे आज भी वह दिन याद है। यह शायद मेरे जीवन के सबसे ख़ुशी के दिनों में से एक था।”
अभिनेता भावनात्मक रूप से कहते हैं, “मेरे अंदर केवल इस बात के लिए आभार है कि मुझे अभिनय करने का मौका मिलता है और मैं हर दिन वही कर रहा हूं जो मुझे पसंद है। इसलिए, मैं कभी भी  इंसेक्योर एक्टर नहीं रहा। मैंने मुख्य भूमिका निभाई है, मैं अपने समय में गुंडे में दो हीरो वाली फिल्म करने वाला पहला व्यक्ति था, मुबारकां में एक ग्रुप में काम करने वाला पहला, की एंड का में करीना कपूर खान के हाउस हसबैंड हीरो का किरदार निभाने के लिए चुना गया था।और अब मैं एक पूर्णतः एंटी-हीरो की भूमिका निभा रहा हूं!”
अर्जुन आगे कहते हैं, ”मैं उन सभी निर्देशकों और निर्माताओं का बहुत आभारी हूं जिन्होंने मुझे चमकने का मौका दिया। इसलिए, मैं इस बात से बेहद खुश हूं कि रोहित शेट्टी जैसे दिग्गज फिल्म निर्माता ने देखा कि मुझमें उनकी विशाल सिंघम अगेन में खलनायक की भूमिका निभाने की क्षमता है, जिसमें इतने सारे सितारे हैं। मैं जानता हूं कि मैंने इसमें अपना सब कुछ लगा दिया है और मैं यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि जब फिल्म रिलीज होगी तो लोग मुझ पर कैसी प्रतिक्रिया देंगे।”

अनगिनत आत्माओं को प्रेरित और उत्थान करती रहेगी अमीन सयानी की आवाज़ : रिदम वाघोलिकर

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मुंबई (अनिल बेदाग ) : प्रसिद्ध रेडियो उद्घोषक अमीन सयानी ने इस नश्वर क्षेत्र को अलविदा कह दिया। सात दशकों से अधिक के करियर में सयानी की आवाज़ आकाशवाणी में गूंजती रही, जिसने दुनिया भर के श्रोताओं के दिल और दिमाग पर एक अमिट छाप छोड़ी। जैसा कि हम उनकी अद्वितीय विरासत पर विचार करते हैं। हम उस व्यक्ति को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिनकी आवाज़ वास्तव में पीढ़ियों को जोड़ने वाला एक पुल थी।
लेखक और साक्षात्कारकर्ता रिदम वाघोलिकर, जिन्हें अपनी पुस्तकों के लिए सयानी के साथ बातचीत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था, अस्सी के दशक के अंत में भी सयानी के पास मौजूद ज्ञान और अंतर्दृष्टि को दर्शाते हैं। वाघोलिकर जोर देकर कहते हैं, “प्रसारण की दुनिया में अमीन सयानी का योगदान अतुलनीय है। उनके साथ मेरी बातचीत में, मैं उनकी विनम्रता और उनकी कला के प्रति जुनून से प्रभावित हुआ। उनकी आवाज़ महज़ एक आवाज़ नहीं थी; यह एक ऐसी शक्ति थी जो समय और स्थान से परे थी और श्रोताओं को सादगी और आकर्षण के बीते युग में ले गई।”
दरअसल, सयानी की समृद्ध मध्यम आवाज़ और विशिष्ट शैली ने उन्हें एक घरेलू नाम बना दिया, जिससे उन्हें दशकों तक समर्पित अनुयायी अर्जित हुए। उनके प्रतिष्ठित शो “बिनाका गीतमाला” से लेकर उनके यादगार फिल्मी कथनों तक, सयानी की आवाज़ भारतीय लोकप्रिय संस्कृति के पूरे युग का पर्याय बन गई।
सयानी का प्रभाव प्रसारण के दायरे से बाहर तक फैला; वह एक सांस्कृतिक राजदूत थे जिनका प्रभाव सीमाओं से परे था। संगीत और कहानी कहने की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से श्रोताओं को एकजुट करते हुए, उनकी आवाज़ दक्षिण एशिया और उसके बाहर के घरों में एक परिचित उपस्थिति बन गई।
वाघोलिकर कहते हैं, ”जैसा कि हम अमीन सयानी को विदाई दे रहे हैं, हमें उस विरासत का भी जश्न मनाना चाहिए जो वह अपने पीछे छोड़ गए हैं। उनकी आवाज़ अब प्रसारित नहीं हो सकती है, लेकिन इसकी गूँज आने वाली पीढ़ियों तक गूंजती रहेगी, जो हमें कहानी कहने की शक्ति और एक आवाज़ के स्थायी प्रभाव की याद दिलाती रहेगी।”
वास्तव में, अमीन सयानी की आवाज़ बहुत याद की जाएगी, लेकिन इसकी गूंज आने वाले वर्षों में अनगिनत आत्माओं को प्रेरित और उत्थान करती रहेगी। जैसा कि हम उनकी स्मृति का सम्मान करते हैं, हमें यह जानकर सांत्वना मिलती है कि उनकी विरासत उन लोगों के दिलों में जीवित रहेगी जो उनकी अद्वितीय प्रतिभा और कालातीत ज्ञान से प्रभावित थे।