लेखक निर्देशक दानिश जावेद की फ़िल्म “प्यार के दो नाम” का ट्रेलर रिलीज़
मुंबई (अनिल बेदाग ) : रिलायंस एंटरटेनमेंट प्रस्तुत और दानिश जावेद द्वारा निर्देशित “प्यार के दो नाम” का ट्रेलर रिलीज़ किया गया हैं। फ़िल्म में भव्या सचदेवा और अंकिता साहू मुख्य भूमिका में हैं फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ या ‘एक दूसरे के साथ’ टैग लाइन पर आधारित हैं । इश्क़ सुभानअल्लाह, सूफियाना, प्यार मेरा एवं सन्यासी मेरा नाम जैसे रोमांटिक धारावाहिक एवं फिल्मों के लेखक दानिश जावेद द्वारा निर्देशित फ़िल्म “प्यार के दो नाम” एक आधुनिक प्रेम कहानी हैं जो युवाओं के बीच में प्यार को लेकर आधुनिक सोच को बहुत ही इमोशनल तरीके से प्रस्तुत करती हैं ।फ़िल्म के ट्रेलर की शुरुआत मुख्य अभिनेत्री के एक संवाद से होती हैं “फ़िल्म की प्यार एक हादसा हैं जो कभी भी किसी से हो सकता हैं । बैकग्राउंड में एक अनाउंसमेंट होती हैं आज के इस मुकाबले में हमे नेल्सन मंडेला और महात्मा गांधी में से किसी एक को पीस लीडर चुनना हैं। ट्रेलर के अगले हिस्से में आर्यन खन्ना कहते हैं मंडेला जी की ज़िंदगी का एक बहुत बड़ा हिस्सा, हिंसा के ज़रिए अपनी जंग लड़ने में गया। फिर कयारा सिंह कहती हैं महात्मा गांधी अहिंसा वादी थे उन्होंने कभी भी शांति के लिए हिंसा का समर्थन नहीं किया।
कायरा सिंह की माँ सवाल करती है “कितने सारे लड़के तेरे आगे हाथ बढ़ाते हैं मगर तू किसी का भी हाथ नहीं थामती । तो वह जवाब देती हैं कि मैं बिना सोचे समझे मैं अपना हाथ किसी लड़के नहीं सौपेंगी।
ट्रेलर के दूसरे हिस्से में आर्यन खन्ना कहता हैं “तुम्हारी खूबसूरत आँखें मुझे सोने नहीं देती तुम्हारा यह चेहरा मुझे चैन नहीं लेने देता। एक और प्रेमी जोडे के बीच बहस होती हैं हमारी शादी इम्पॉसिबल हैं कबीर, टीवी डिबेट होगी, कुछ लोग मेरे घर के सामने प्रदर्शन करेंगे और कुछ लोग तुम्हारे घर के सामने धरना देंगे। इस का जवाब देते हुए लड़का कहता हैं “हम इस समाज को छोड़ देंगे कही दूर चले जाएँगे। ट्रेलर के इस हिस्से से दो प्रेमियों के बीच मजहब की दीवार की बात होती हैं। कुछ रोमांटिक विज़ुअल्स के बाद एक संवाद आता हैं मैं तुमसे प्यार करने लगी थी आर्यन। और आर्यन कहता हैं मैं अपने पूरे साथ जन्म तुम्हारे साथ बिताना चाहता हूँ। ट्रेलर के आख़िरी संवाद “अब चाहे एक पाल हो या एक जिंदगी मैं तुमसे प्यार नहीं कर सकती” फ़िल्म का २ मिनट और ३७ सेकंड का ट्रेलर टाइटल ट्रैक के यह ट्रेलर एक फ्रेश लव स्टोरी का एहसास कराता हैं । ट्रेलर में दो मधुर गाने भी अपना प्रभाव छोड़ते हैं।
रिलायंस एंटरटेनमेंट और जोकुलर एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की फ़िल्म “प्यार के दो नाम” में मुख्य भूमिका में भव्या सचदेवा , अंकिता साहू के साथ कनिका गौतम, अचल टंकवाल , दीप्ति मिश्रा , नमिता लाल प्रमुख भूमिकाओं में नज़र आएँगे । फ़िल्म के निर्माता विजय गोयल और दानिश जावेद है, और सह निर्माता शहाब इलाहाबादी है। फ़िल्म के लेखक निर्देशक दानिश जावेद हैं इस अनोखी लव स्टोरी का संगीत अंजन भट्टाचार्य और शब्बीर अहमद ने तैयार किया है और गीतों को दानिश जावेद और वसीम बरेलवी ने लिखा हैं । गीतों को जावेद अली, ऋतु पाठक, राजा हसन और स्वाति शर्मा ने गाया हैं।
फ़िल्म के लेखक निर्देशक दानिश जावेद ने कहा कि यह फ़िल्म विश्व के दो महान नेताओं के सिद्धांतों पर आधारित आज की प्रेम कहानी हैं। यह पहली प्रेम कहानी हैं जो आज के युवाओं के प्रेम की बात करती हैं ।
फ़िल्म के निर्माता विजय गोयल ने कहा कि ”इस फ़िल्म, प्यार के दो नाम महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला के प्रेम दर्शन के बीच अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कैंपस में एक अनोखी लव स्टोरी हैं।
फ़िल्म की शुरुआत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद खान के सम्मान में “विश्व शांति नेता” को चुनने के लिए एक सेमिनार की घोषणा के साथ होती हैं। कायरा सिंह और आर्यन खन्ना भी सेमिनार में भाग लेने आए हैं। पहली मुलाकात में दोनों के बीच खट्टी-मीठी लड़ाई शुरू हो जाती है, यहीं से दो विचारधाराओं का टकराव शुरू होता है। जहां कायरा इस बात पर अड़ी है कि अगर प्यार है तो हमें जिंदगी भर साथ रहना होगा, वहीं आर्यन का मानना है कि जब तक प्यार है, हम साथ रहेंगे, प्यार खत्म, साथ खत्म। ३ मई को “प्यार के दो नाम” देशभर के सिनेमागृहों में रिलीज होगी ।
Trailer link : https://youtu.be/n5MSJT3hUpc?si=6JCrtV9LBZNbOOS0
*मजदूर दिवस* – श्रमिकों की याद में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है
कांग्रेस के लिए अभिशाप बनती दलबदल की राजनीति
(राकेश अचल -विभूति फीचर्स)
दल-बदल को लोकतंत्र का सबसे बड़ा अपराध मानकर कांग्रेस की तत्कालीन सरकार के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने दल-बदल के खिलाफ क़ानून की नींव रखी और संयोग देखिये कि आज यही दल-बदल कांग्रेस के लिए अभिशाप और भाजपा के लिए वरदान बन गया है। आज दल-बदल राष्ट्रहित में किया जाने वाला सबसे बड़ा सद्कर्म बनता जा रहा है ।
आपकी आप जानें किन्तु मुझे शुरू से दल-बदलू पसंद नहीं हैं।
मैं दल-बदल को प्रश्रय देने वालों के भी खिलाफ हूं। दल-बदल चाहे कोई भी दल करे या कराये मुझे देशद्रोही लगते है। लेकिन मेरे लगने या न लगने से क्या होता है ? मैं यानि आम जनता दल-बदल को मूकदर्शक की तरह टुकुर-टुकुर देखने ,सहने के लिए अभिशप्त है। जब राजनीतिक दल ही दल-बदल को सबसे बड़ी योग्यता मानते हों तो बेचारा आम आदमी इसके खिलाफ खड़ा होकर कर भी क्या सकता है। मैं आपको दल-बदल के इतिहास में नहीं ले जाऊँगा।गूगल पर विकिपीडिया खंगालने के लिए भी नहीं कहूंगा क्योंकि इससे दल -बदल की सेहत पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है।
दल-बदल एक अनवरत ,सतत,सनातन कार्य है। त्रेता से होता आ रहा है और कलियुग में तो दल-बदल इतना सुगम हो गया है जितना कि दिल-बदलना । दल बदलने में दिल बदलने से भी कम समय लगता है। इंदौर में कांग्रेस के प्रत्याशी किन्हीं बम साहब के दल-बदल ने ये प्रमाणित कर दिया है। लोग मेडिकल टूरिज्म के लिए दुनिया के कोने-कोने से भारत आते है पर अब मुझे लगता है कि भविष्य में दुनिया के तमाम राजनीतिक दल अपने यहां दल-बदल करने के लिए गुरुदीक्षा लेने भारत आया करेंगे। भारत किसी और मामले में विश्व गुरु हो या न हो किन्तु दल-बदल के मामले में तो ब्रह्मंड गुरु बन चुका है।
भारत में लोकतंत्र की सेहत के लिए दल-बदल एक अनिवार्य प्रक्रिया है। जो दल जितना ज्यादा दल-बदल कराएगा उसे उतना मजबूत और लोकतांत्रिक माना जाएगा। एक दल का दुष्ट -पापी दूसरे दल में आते ही दुष्टता और अपने पापों से मुक्त हो जाता है। अर्थात दल-बदल पाप मोचन का सबसे सरल,सुगम और सुबोध तरीका है। हमारे यहां बड़े-बड़े सूरमाओं ने, राजे-महाराजों ने दल-बदल किये हैं ,बम टाइप के साधारण लोग उनके सामने कहाँ लगते हैं। आज मान्यता हो गयी है कि जिसने अपने राजनीतिक जीवनकाल में दल-बदल नहीं किया उसने समझो कि कुछ नहीं किया। दल के प्रति निष्ठावान बने रहने से क्या मिलता है आखिर ? दल-बदल कीजिये तो नगद नारायण के साथ ही टिकिट,मंत्री पद और न जाने क्या-क्या मिलता है।
मैं अगर सत्ता में होता या तीसरी बार सत्ता में आने की तैयारी कर रहा होता तो अपने चुनाव घोषणा पत्र में दल-बदल को राजधर्म की मान्यता दिलाने के लिए दल-बदल क़ानून को ही समाप्त करने का वचन देता । वचन देता ही नहीं उसे प्राण-पण से निभाता भी। आप सोचकर देखिये कि दल-बदल के फायदे कितने हैं और नुकसान कितने ? गुणा-भाग करने के बाद आप जो हासिल पाएंगे वो लाभ ही निकलेगा हानि नहीं। दल -बदल में सुविधा ये है कि आप इसे जितनी बार करना चाहें कर सकते हैं। दल-बदल के लिए किसी शैक्षणिक योग्यता की जरूरत नहीं। इसके लिए जरूरी है आपका किसी एक दल से ऊबना या किसी एक दल से मुक्ति पाना। मैं अपने ऐसे कुछ मित्रों को जानता हूँ जिन्होंने एक से ज्यादा बार दल बदल किया। दल -बदल का आध्यात्मिक पक्ष ये है कि इसे घाट-घाट का पानी पीना कहते हैं।
आप याद कीजिये कि ये देश पहली बार दल-बदल से नहीं गुजर रहा। लंकापति रावण के भाई विभीषण दल-बदल का आदर्श उदाहरण है। वे दल-बदल न करते तो मुमकिन है कि कभी भी लंकापति नहीं बन पाते। विभीषण ने समझदारी से, होशियारी से, हिकमत अमली से काम लिया और सद्गति को प्राप्त हुए। आज भी दल-बदल करने वाला सबसे पहले विभीषण जी का आभार प्रकट करता है। करना भी चाहिए ,क्योंकि यदि विभीषण ने सत्ता-सुख पाने का ये आसान तरीका ईजाद न किया होता तो अधिकांश दलों में लोग चप्पलें घिसते-घिसते मर जाते लेकिन सत्ता सुख हासिल नहीं कर पाते।शरणागत को ही गति मिलती है।आजकल तो राजनीतिक दलों ने अपने-अपने यहां शरणार्थी शिविर खोल रखे हैं।
दल -बदल का हासिल ये है कि ये महंगे चुनाव खर्च से मुक्ति दिलाता है। अब जैसे इंदौर में ,खजुराहो में या सूरत में कांग्रेस और सपा के प्रत्याशियों ने जिस साधुवाद से दल बदल किया उसका कितना ज्यादा लाभ इस गरीब देश को हुआ। जनता चुनाव प्रचार की कांय-कांय से बची। सड़कें विद्रूप होने से बचीं और केंद्रीय चुनाव आयोग का अमला चुनावी इंतजाम करने से ,हल्दी लगी और न फिटकरी फिर भी रंग चोखा ही आया।
भगवान करे कि भारत जैसे लोकतंत्र में दल-बदलुओं को हमेशा परम पद की प्राप्ति हो। दलितों,पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की जगह दल-बदलुओं कि लिए संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की जाये।दल -बदलुओं को वे सारी सुविधाएं और सम्मान मिलना चाहिए जो किसी परमवीर चक्रधारी या भारतरत्न का तमगा गले में लटकाने वाले को हासिल हैं। मैं तो कहता हूँ कि तमाम दल-बदलुओं का मृत्योपरांत अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किया जाना चाहिए । पार्टी के प्रति निष्ठावान नेताओं और कार्यकर्ताओं को आत्मचिंतन कर पता लगाना चाहिए कि उन्हें उनकी निष्ठा के बदले आखिर मिलता क्या है ? दल -बदलू वो सम्मान पल भर में हासिल कर लेता है जो एक निष्ठावान कार्यकर्ता या नेता पूरी उम्र किसी दल की सेवा करने के बाद भी प्राप्त नहीं कर पाता।
आपको बता दूँ कि दल-बदल करना बेहद आसान सद्कर्म है । बस अपने गले में पड़ा पुराना गमछा उतार फेंकिए और नया गमछा डाल लीजिये।सामने वाले के सामने कृतज्ञ भाव से झुकिए,गुलदस्ता लीजिये या दीजिये। एक ग्रुप फोटो खिंचवाइये और बस हो गया दल बदल। दल-बदल के साथ ही आपको घर की बैठक में लगीं पुरानी तस्वीरें भी बदलना पड़ती हैं । लेकिन ये मंहगा सौदा नहीं है। इसके लिए किंचित बेशर्मी की चादर ओढ़ना पड़ती है और आपका चश्मा मय नंबर और फ्रेम के बदल जाता है। *(विभूति फीचर्स)*
रणबीर कपूर द्वारा कल्याण ज्वैलर्स शोरूम का लॉन्च
नई डिज़ाइन के आभूषणों को लॉन्च करने के साथ मुंबई में अक्षय तृतीया उत्सव की शुरुआत
मुंबई – भारत की सबसे भरोसेमंद और अग्रणी आभूषण कंपनियों में से एक कल्याण ज्वैलर्स ने आज मुंबई के अंधेरी वेस्ट के लिंक रोड पर अपना नया डिज़ाइन किया गया शोरूम लॉन्च किया। बॉलीवुड स्टार रणबीर कपूर ने शोरूम का उद्घाटन किया। इस शोरूम में कल्याण ज्वैलर्स के विभिन्न संग्रहों से डिज़ाइनों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश की गई है। इस शोरूम में ग्राहक विश्व स्तरीय माहौल के साथ अत्याधुनिक सुविधाओं की उम्मीद कर सकते हैं। इस तरह उन्हें खरीदारी का शानदार अनुभव हासिल होता है।
रणबीर कपूर, बॉलीवुड स्टार इस मौके पर एकत्र उत्साहित लोगों को संबोधित करते हुए कहा,‘‘कल्याण ज्वैलर्स के शोरूम लॉन्च इवेंट का हिस्सा बनना वाकई एक सम्मान की बात है। मैं इस प्रतिष्ठित ब्रांड के साथ जुड़कर रोमांचित हूं, एक ऐसा ब्रांड जो विश्वास, पारदर्शिता और ग्राहकों को सबसे आगे रखने के अपने सिद्धांतों पर मजबूती से कायम है। मुझे विश्वास है कि ग्राहक कल्याण ज्वैलर्स का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे और कंपनी के अनूठे आभूषण अनुभव का आनंद अवश्य उठाएंगे। मुझे यकीन है कि ब्रांड के निष्ठावान ग्राहक कल्याण ज्वैलर्स के प्रति अपना प्यार और समर्थन बरसाएंगे, और साथ ही आभूषणों की उत्कृष्ट रेंज का आनंद लेंगे।’’
रमेश कल्याणरमन, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कल्याण ज्वैलर्स ने कहा,‘‘मुंबई के अंधेरी पश्चिम में हमारे पुनर्निर्मित कल्याण ज्वैलर्स शोरूम के शुभारंभ के साथ, हमारा उद्देश्य एक ऐसा सिस्टम विकसित करना है, जिसमें हमारे ग्राहकों की विशिष्ट जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके और उनके खरीदारी के अनुभव को और बेहतर बनाया जा सके। अंधेरी के इस शोरूम को हमने एकदम नया लुक दिया है, जहां हमारे ग्राहकों को विश्व स्तरीय माहौल में खरीदारी का शानदार अनुभव मिलेगा। हमारी कोशिश है कि कंपनी के विश्वास और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर खरा उतरते हुए निरंतर नए आयाम स्थापित कर सकें। कल्याण ज्वैलर्स में, हम गुणवत्ता और सेवा पर ध्यान केंद्रित करते हुए उत्तम और अद्वितीय आभूषण डिजाइनों की विशाल रेंज पेश करना जारी रखेंगे।’’
अक्षय तृतीया पर खरीदारी के अनुभव को सरल बनाने के लिए, आभूषण ब्रांड ने अपनी अग्रिम बुकिंग सुविधा शुरू की है। इस प्री-बुकिंग कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, ग्राहक अब सुविधाजनक रूप से अपने आभूषणों का चयन कर सकते हैं और उन्हें पहले से ही ऑर्डर दे सकते हैं, जिससे शुभ दिन के अवसर पर वे बिना किसी परेशानी के खरीदारी पूरी कर सकें।
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डॉ.मुस्तफ़ा युसूफअली गोम की लिखी पहली पुस्तक ”नरेंद्र मोदी संवाद , नए भारत का संकल्प ” प्रकाशित
ऊर्जावान, समर्पित एवं दृढ़ निश्चय वाले नरेन्द्र मोदी एक अरब से अधिक भारतीयों की आकांक्षाओं और आशाओं के द्योतक हैं। मेहनती, लगनशील और जुझारू श्री नरेन्द्र मोदी करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों का चेहरा हैं। जबसे उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभाला है, तबसे देश को उस विकास की ओर ले जाने के लिए अग्रसर हैं जहां हर देशवासी अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा कर सके। प्रधानमंत्री जी अंत्योदय के विचार से काफी प्रेरित हैं, वह अंतिम पायदान पर खड़े एक-एक व्यक्ति का पूर्ण विकास करना चाहते हैं। उनके अनोखे विचारों, निर्णयों ने उन्हें देश और विदेश में काफी लोकप्रिया बना दिया है।
उनकी इसी नेतृत्व को ध्यान में रखते हुए डॉ. मुस्तफ़ा युसूफ अली गोम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चमत्कारी व्यक्तित्व पर एक पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक में भविष्य के भारत की रुपरेखा दर्शाती गई है .इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने विकसित भारत के लिए मोदी के सफल नेतृत्व को रेखांकित किया है।
इस पुस्तक का नाम है ” नरेंद्र मोदी संवाद नए भारत का संकल्प ” पुस्तक का प्रकाशन मुंबई की जानी मानी प्रकाशन संस्था मुंबई हिंदी अकादमी ने की है। पुस्तक पेपरबैक संस्करण में प्रकाशित हुई है।
डॉ.मुस्तफ़ा युसूफअली गोम एक विचारक है। एक लेखक के तौर पर उनकी यह पहली पुस्तक है। देश के नवनिर्माण और सामाजिक जनचेतनाओं की जागृत करने वाले नए भारत के उदय में प्रयासरत डॉ.मुस्तफ़ा युसूफअली गोम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बड़े फ़ैन तो है ही उनके अनमोल सामाजिक राजनैतिक विचारो को लोगो तक ले जाते है। यह प्रथम पुस्तक इसी का परिणाम है जो कलमबद्ध हो कर बाजार में आई है।
अभी हाल ही में डॉ.मुस्तफ़ा युसूफअली गोम को सुप्रसिद्ध सिने अभिनेत्री मन्दाकिनी ने उन्हें सम्मानित किया है। उनके लेखन के मद्देनज़र महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने मुंबई की सामाजिक , साहित्यिक संस्था वाग्धारा ने उन्हें ” वाग्धारा सम्मान २०२४ ” से भी सम्मानित किया था।
इसके अतिरिक्त उन्हें महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें “गऊ भारत भारती” के सर्वोत्तम सम्मान , पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने भी राजभवन में डॉ. बीआर अंबेडकर पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। इसके अलावा अन्य बहुत सी सामाजिक संस्थाओ ने उन्हें सम्मानित किया है।
” नरेंद्र मोदी संवाद नए भारत का संकल्प ” यह पुस्तक अमेज़ॉन पर ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध है।
डॉ.गोम एक अच्छे लेखक तो है ही साथ ही साथ शिक्षा ,चिकित्सा के क्षेत्र में काम करते है। आप अपने समाज मुंबई के कांदिवली में अंजुमन ए नजमी दाऊदी बोहरा जमात के सचिव भी हैं।
‘सनातन की ज्योत जगाने आया ‘सनातन वर्ल्ड’ यूट्यूब चैनल’
एक्ट्रेस मंदाकिनी के हाथों आईसीसीए अवॉर्ड से सम्मानित हुए बिजनेसमैन डॉ निकेश जैन माधानी
मुंबई। सहारा स्टार होटल में बॉलीवुड एक्ट्रेस मंदाकिनी (राम तेरी गंगा मैली फेम) के हाथों इंटरनेशनल कंटेंट क्रिएटर अवॉर्ड 2024 देकर युवा बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को सम्मानित किया गया।
यह अवार्ड डॉ निकेश जैन को बेस्ट बिजनेसमैन के रूप में मिला जो इस अवॉर्ड शो के सहयोगी पार्टनर थे और वीवीआईपी गेस्ट के रूप में उनकी उपस्थिति रही।
वहीं इस समारोह में यूनियन लीडर अभिजीत राणे और एंकर एक्ट्रेस प्रिया आहूजा राजदा की भी उपस्थिति रही। फिल्मोरा मीडिया नेटवर्क एंड डीपीआईटीए द्वारा आयोजित इस पुरस्कार समारोह का आयोजन अखिलेश सिंह ने किया।
उसी अवसर पर सीमा मीणा (मॉडल एक्ट्रेस और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसडर) भी इस अवॉर्ड से सम्मानित हुई।
आपको बता दें कि हाल ही में ग्लैमर एंड लाइफ स्टाइल अवॉर्ड अभिनेत्री महिमा चौधरी के हाथों और प्रीति झंगियानी के हाथों नेशनल इंपैक्ट अवार्ड 2024 बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को प्राप्त हुआ है। इस अवॉर्ड शो में निकेश जैन वीआईपी गेस्ट थे साथ ही उनकी कंपनी माधानी ग्रुप और पुष्पा गृह उद्योग तथा पुष्पम पापड़ इस शो का सहयोगी पार्टनर था।
आपको बता दें कि हाल ही में बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को फिल्म तेरे नाम की अभिनेत्री भूमिका चावला ने तमस आईकॉनिक अवॉर्ड्स 2024 से सम्मानित किया था। वहीं निकेश को दिग्गज अभिनेता निर्माता निर्देशक धीरज कुमार, गदर 2 के एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा और डिस्को डांसर गीत के गायक विजय बेनेडिक्ट एवं शो के ओर्गेनाइजर संजीव कुमार के हाथों बेस्ट बिजनेसमैन कैटेगिरी में राष्ट्रीय अचीवर अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया था। तो वहीं डॉ निकेश जैन माधानी रामायण धारावाहिक में सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया के हाथों दादासाहेब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवार्ड 2024, पार्श्वगायक उदित नारायण के हाथों अखंड भारत गौरव अवार्ड 2024 और अभिनेता सोनू सूद के हाथों एशियन एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित हुए हैं।
इसके साथ ही उन्हें सुप्रसिद्ध अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, एसीपी संजय पाटिल के हाथों दादासाहेब फाल्के अवार्ड प्रस्तुत आईआईएफए अवार्ड 2023 प्राप्त हुआ है।
विदित हो कि कुछ माह पूर्व दिल्ली में डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी को वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रसिद्ध अभिनेत्री काजल अग्रवाल एवं भारतीय पहलवान नरसिंह पंचम यादव के हाथों ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री एवं बिजनेस अवार्ड और विंदू दारा सिंह के हाथों आत्मनिर्भर एक्सीलेंस अवार्ड भी मिल चुका है।
इसके साथ ही 2022 में निकेश जैन मधानी को महाराष्ट्र राज्य के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों गऊ भारत भारती अवार्ड तथा कैबिनेट मंत्री परषोत्तम रूपाला (मत्स्य, दुग्ध व उद्योग मंत्री) के हाथों से गऊ भारत भारती सर्वोत्तम सम्मान 2023 एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुरस्कार 2023 प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज गौरव पुरस्कार 2021 भी मिल चुका है। ब्राइट आउटडोर के सीएमडी योगेश लखानी ने अपने जन्मदिन पर निकेश जैन को बिज़नेस आइकॉनिक ब्राइट अवार्ड एवं ब्राइट आउटडोर बी.एस.सी. आईपीओ आने की खुशी में बिज़नेस अवार्ड 2023 से सम्मानित किया। निकेश को परफेक्ट वुमेन अचीवर अवॉर्ड, गोल्डन ह्यूमेनिटी अवॉर्ड भी मिल चुका है। वहीं आईपीएस कृष्ण प्रकाश नायर 2021 और 2022 में उन्हें अवॉर्ड देकर सम्मानित कर चुके हैं।
विदित हो कि डॉ निकेश जैन मधानी फाइनेंस एडवाइजर हैं और इनके कई बिजनेस हैं जैसे कि माधानी फाइनेंस, माधानी एंटरटेनमेंट एंड प्रोडक्शन, माधानी ट्रेडिंग कंपनी, माधानी न्यूज लाइव 24×7 और मधानी इंटरप्राइज इत्यादि। इसके साथ ही निकेश की माँ के नाम पुष्पा गृह उद्योग कंपनी और पुष्पम पापड़ कंपनी है। जल्द ही मधानी कंपनी की लिस्टिंग हो जायेगी।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी ने एक हिंदी कॉमेडी फिल्म प्रोड्यूस की है। इसके पहले उन्होंने 12 म्यूजिक एल्बम ओर शॉर्टफिल्म को माधानी एंटरटेनमेंट और प्रोडक्शन यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है।
निकेश ताराचंद जैन मधानी ने लॉ बुक में इतिहास बनाया है। दरअसल उनके ऊपर 2014 में ईडी पीएमएलए का केस हो गया था। फिर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ते हुए 2017 में सुप्रीम कोर्ट से धारा 45 ए रद्द हुआ जिससे कानून के किताब में डॉ निकेश जैन मधानी का नाम दर्ज हुआ और उनके ऊपर लगे धारा को हटाने में प्रसिद्ध वकील मुकुल रोहतगी ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। निकेश जैन की कानून लड़ाई में जाने माने वकील साजल यादव, वकील नेमीचंद शर्मा और वकील मनीष वोरा ने भी सहयोग किया।
डॉ. निकेश ताराचंद जैन मधानी सबसे सफल व्यवसायी रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम आडानी और लक्ष्मी मित्तल से प्रेरित हैं।
– संतोष साहू
एक्ट्रेस मंदाकिनी के हाथों आईसीसीए अवॉर्ड से सम्मानित हुईं सवाई माधोपुर की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एंबेसडर सीमा मीणा
मुंबई। राजस्थान सरकार के कार्यक्रम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में ब्रांड एंबेसडर के रूप में जुड़ी सीमा मीणा को मुंबई में 21 अप्रैल 2024 को सहारा स्टार होटल में मशहूर अभिनेत्री मंदाकिनी के हाथों इंटरनेशनल कंटेंट क्रिएटर अवॉर्ड 2024 से सम्मानित किया गया। इस अवॉर्ड शो में वीआईपी गेस्ट के रूप में बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी उपस्थित रहे जो कि इस कार्यक्रम के सहयोगी पार्टनर भी थे। वहीं इस समारोह में यूनियन लीडर अभिजीत राणे और एंकर एक्ट्रेस प्रिया आहूजा राजदा की भी उपस्थिति रही।
फिल्मोरा मीडिया नेटवर्क द्वारा आयोजित इस अवॉर्ड शो का आयोजन अखिलेश सिंह ने किया।
आपको बता दें कि सीमा मीणा राजस्थान राज्य के सवाई माधोपुर की रहने वाली हैं। फैशन इंडस्ट्री में वह कई ब्यूटी पेजेंट कंपीटिशन में नए मॉडल को ट्रेनिंग और ग्रूमिंग करती है। इसके अलावा वह एक सोशल वर्कर के रूप में लड़कियों के उत्थान के लिए नियमित कार्य करती रहती हैं और वह अनेक लड़कियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं।
सीमा मीणा के उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों को देखते हुए फिल्म तेरे नाम की एक्ट्रेस भूमिका चावला के हाथों तमस आईकॉनिक अवॉर्ड्स 2024, फिल्म परदेश की एक्ट्रेस महिमा चौधरी के हाथों ग्लैमर एंड लाइफ स्टाइल अवार्ड 2024 और फिल्म मोहब्बतें की एक्ट्रेस प्रीति झंगियानी के हाथों नेशनल इंपैक्ट अवार्ड 2024 मिल चुका है।
सीमा मीणा मॉडल और अभिनेत्री है और मुंबई में निवासरत हैं। सीमा मीना के पति आशीष मीना मुंबई में रेलवे में पेशे से इंजीनियर हैं। सीमा कहती हैं कि मैंने मॉडलिंग की दुनिया में थोड़ी देरी से प्रवेश किया। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देने से कभी भी पीछे नहीं हटती। सीमा मीणा FENTA Association की राष्ट्रीय सदस्य है। वह मिसेज एशिया इंडिया 2021 और मिसेज राजस्थान 2023 रह चुकी हैं। सीमा ब्यूटी पेजेंट शो फेश ऑफ गुजरात 2023 और मिस एंड मिसेज सुपर इंडियन मॉडल 2024 में ज्यूरी मेंबर रही हैं।
जय श्री राम रामायण में कुंभकरण बने रामकुमार पाल, विदेश में पैरामाउंट थियेटर में हुआ शो
मुंबई। यूएसए ब्रॉडवे पैरामाउंट थियेटर शो का मंचन जय श्री राम रामायण में कुंभकरण के रूप में निर्माता राम कुमार पाल अभिनेता बन गए। राम कुमार पाल को थियेटर शो जय श्री राम रामायण में कुंभकरण के रूप में लॉन्च किया गया। राम कुमार पाल ने कहा कि मुझे थियेटर शो जय श्री राम रामायण में कुंभकरण के रूप में होने पर गर्व है। मैं इस अवसर के लिए निर्देशक पुनीत इस्सर, सिद्धांत इस्सर विन्दु दारा सिंह को विशेष धन्यवाद देता हूं। यह शो शोर मीडिया और आयोजक श्री बालाजी एंटरटेनमेंट US द्वारा आयोजित किया गया। सभी प्रसिद्ध कलाकारों के साथ मंच पर वास्तव में आनंद आया।
बता दें कि महाभारत में दुर्योधन की भूमिका निभाने वाले अभिनेता पुनीत इस्सर की रची रामकथा को देखने वाले दर्शक देश विदेश में लाखों की संख्या में हैं। देश के अलग अलग शहरों में घूमकर अपने इस मेगा संगीतमयी नाटक ‘जय श्री राम-रामायण’ के वह दो दर्जन से ज्यादा शो कर चुके हैं। और, अब निर्माता राम कुमार पाल व पुनीत को सात समंदर पार से बुलावा आया है।
‘जय श्री राम-रामायण’ एक संगीतमय नाटक है। यह नाटक पुनीत इस्सर के बेटे सिद्धांत इस्सर द्वारा लिखित और निर्देशित है। नाटक में रामायण की पूरी कहानी को 13 मूल ट्रैक, लाइव एक्शन और नृत्य के साथ तीन घंटे में संक्षिप्त रूप में दिखाया गया। वहीं कुंभकरण का किरदार निभाने वाले जय श्री राम के निर्माता राम कुमार पाल ने बताया कि भारत में 35 शो सफलतापूर्वक करने के बाद पहली बार इस नाटक का मंचन अमेरिका में हुआ। भारतीय सनातन जीवन वृतांत पहली बार इस नाटक का मंचन यूएसए ओकलेड पैरामाउंट थियेटर में दर्शक इसे बहुत पसंद कर रहे हैं।












