पीएम मोदी ने वाराणसी में भव्य मेगा रोड शो की शुरुआत कर दी है. BHU गेट से पीएम का रोड शो शुरू हुआ है. इस दौरान मंत्र आदि भी गूंज रहे हैं. पीएम मोदी के साथ रथ पर सीएम योगी भी मौजूद हैं. रोड शो को भव्य बनाने का काम फूल कर रहे हैं. रंग-बिरंगे फूलों की छटा से पीएम मोदी के नामांकन को भव्य बनाने की तैयारी की गई है. इसके लिए बड़ी संख्या में गेंदे और गुलाब के फूल से रास्ते सजाए गए हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय बिहार दौरे पर पटना पहुंचे तो तय कार्यक्रम के तहत सोमवार को पटना साहिब गुरुद्वारा भी पहुंचे. पीएम मोदी यहां सिख पगड़ी पहने नजर आए. पटना सिटी के तख्त श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारे में पहुंचकर दरबार साहिब में पीएम मोदी ने माथा टेका और अरदास की. यहां पीएम मोदी ने प्रसाद ग्रहण किया और लंगर वाले एरिया में चले गए. जहां प्रधानमंत्री ने खुद ही रोटी भी बेला. पीएम खुद अपने हाथ में बाल्टी लेकर उस जगह से बाहर निकले और बाहर भोजन पर बैठे लोगों को अपने हाथ से खाना परोसा.
पगड़ी पहनकर गुरुद्वारा पहुंचे पीएम मोदी..
सोमवार को पीएम मोदी कड़ी सुरक्षा के बीच पटना गुरुद्वारा पहुंचे. करीब 20 मिनट तक पीएम गुरुद्वारे में रहे. उनके साथ बीजेपी के प्रत्याशी रविशंकर प्रसाद और मंत्री अश्विनी चौबे भी मौजूद रहे. बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है जब देश के कोई प्रधानमंत्री पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे.
पीएम ने खुद बेली रोटियां, भोजन परोसे..
पीएम मोदी का गुरुद्वारा में स्वागत किया गया. सिखों के दूसरे बड़े तख्त व श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की जन्मस्थली तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में पीएम मोदी ने हाजिरी लगायी. वहीं प्रसाद ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री का अलग ही अंदाज देखने को मिला. जब वो भोजन बनने वाले एरिया में चले गये और खुद रोटियां बेलने लगे. वहीं भोजन पकाते भी प्रधानमंत्री दिखे और लंगर में खाने बैठे लोगों को खुद ही उन्होने भोजन भी परोसा.
रविशंकर प्रसाद बोले..
पीएम मोदी के साथ पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे भाजपा के प्रत्याशी सह पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पीएम ने यहां मत्था टेका. दर्शन किए. लंगर जाकर खुद उन्होंने चलाया और भोजन वितरण किया. जहां रोटी बनती है वहां जाकर खुद रोटी बेला और वितरण किया. हमें बहुत गर्व है कि भारत के वो पहले प्रधानमंत्री हैं जो यहां आए. बता दें कि तख्त श्री पटना साहिब को तख्त श्री हरिमंदिर जी, पटना साहिब के नाम से भी जाना जाता है, जो सिखों के पांच तख्तों में से एक है. गुरु गोविंद सिंह के जन्मस्थान के रूप में इस तख्त का निर्माण 18वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा करवाया गया था.
चित्रकूट धाम के निकट स्थित बगदरा घाटी में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला द्वारा प्रस्तावित गौ अभयारण्य का प्रस्ताव गौ-संवर्धन बोर्ड ने बैरंग लौटा दिया है। 2 मई को प्रस्ताव वापस करते हुए प्रबंध संचालक मप्र गौ संवर्धन बोर्ड ने लिखा है कि मझगवां विकासखंड के बगदरा घाटी क्षेत्र में वनों एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए फेंसिंग एवं भू-जल संरक्षण कार्य का परियोजना प्रतिवेदन गौ-संवर्धन बोर्ड को प्राप्त हुआ है। मप्र गौ संर्वधन बोर्ड गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन को के मकसद से निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए अनुदान प्रदान करता है। यह प्रस्ताव वन तथा वन्य प्राणियों के संरक्षण व संवर्धन से संबंधित है। लिहाजा, यह प्रस्ताव मूलत: वापस कर संबंधित कार्यपालिक विभाग को प्रेषित किया जाए।
159 लाख का तैयार किया प्रस्तावदरअसल, उप मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान काऊ सफारी के लिए वन विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। संबंधित वन विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने मिल कर इसका प्रस्ताव तैयार किया। वन विभाग ने अपनी विभागीय सीमाओं के अनुसार वनों एवं वन्यप्राणी संरक्षण के लिए फेंसिंग एवं भू-जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार की। उसमें 112 लाख रुपए की कार्ययोजना फेंसिंग और लेंटाना कटाई की, 25.70 लाख रुपए में तालाब निर्माण और 21.50 लाख रुपए का मिसलेनियस वर्क का प्रस्ताव शामिल किया गया। अगर इस प्रस्ताव को देखा जाए तो इसमें गायों के संरक्षण का प्लान शामिल ही नहीं था। लिहाजा गौ-संवर्धन का मामला नहीं बनता था। यह बात और रही कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने इस पर कोई गौर नहीं किया और खानापूर्ति के लिए 159.20 लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया था।
अब पर्यावरण विभाग को भेजेंगे
इस मामले में जब उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ प्रमोद शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव को अब स्वीकृति के लिए पर्यावरण विभाग को भेजा जाएगा। हालांकि सवाल अभी भी है कि क्या पर्यावरण विभाग इस कार्य के लिए फंडिंग करता है? इसका स्पष्ट जवाब उप संचालक पशुपालन के पास नहीं था।
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की जनसभा के दौरान एक यूट्यूब चैनल के पत्रकार की पिटाई का मामला सामने आया है। Molitics वेब पोर्टल से जुड़े पत्रकार राघव त्रिवेदी (Raghav Trivedi) का आरोप है कि वह बीजेपी की सभा में महिलाओं से सवाल पूछ रहे थे, जब कथित तौर पर पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरफ से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। उनका मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाया है। जानकारी के अनुसार इस मामले में कैमरामैन की तरफ से 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा- यूपी के रायबरेली में अमित शाह की रैली थी। यहां महिलाओं ने एक पत्रकार को बताया कि उन्हें पैसे देकर रैली में लाया गया है। पत्रकार ने यह बात रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद BJP के गुंडों ने पत्रकार को पकड़ लिया और उससे वीडियो डिलीट करने को कहा। जब पत्रकार ने मना किया तो BJP के गुंडों ने उसे अगवा कर लिया, फिर मंच के पीछे एक कमरे में ले जाकर बुरी तरह पीटा। पत्रकार से रुपए भी छीन लिए। BJP के गुंडों ने हाल ही में अमेठी के कांग्रेस कार्यालय के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला किया था। ये घटनाएं बता रही हैं कि BJP के लोग सामने दिख रही हार से बौखला चुके हैं। अब अन्याय का अंत होने को है।
यूपी के रायबरेली में अमित शाह की रैली थी। यहां महिलाओं ने एक पत्रकार को बताया कि उन्हें पैसे देकर रैली में लाया गया है।
पत्रकार ने यह बात रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद BJP के गुंडों ने पत्रकार को पकड़ लिया और उससे वीडियो डिलीट करने को कहा।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले पर कहा- हिंसा हार की निशानी होती है। भाजपा की रायबरेली की एक रैली में पैसे देकर लाए गये लोगों के बारे में जब दिल्ली के एक पत्रकार ने सच सबके सामने लाना चाहा तो भाजपाइयों ने उसके ऊपर हमला कर दिया। यही है उप्र में क़ानून-व्यवस्था का सच। जब देश के गृहमंत्री की रैली में ये हाल है, जिनके अधीन पुलिस होती है तो फिर बाक़ी देश का कितना बुरा हाल होगा, कहने की ज़रूरत नहीं। भाजपा हिंसक माहौल बनाकर चुनाव जीतना चाहती है। #कभी_नहीं_चाहिए_भाजपा
हिंसा हार की निशानी होती है। भाजपा की रायबरेली की एक रैली में पैसे देकर लाए गये लोगों के बारे में जब दिल्ली के एक पत्रकार ने सच सबके सामने लाना चाहा तो भाजपाइयों ने उसके ऊपर हमला कर दिया।
यही है उप्र में क़ानून-व्यवस्था का सच। जब देश के गृहमंत्री की रैली में ये हाल है, जिनके… pic.twitter.com/R7NYz6MuG0
प्रियंका गांधी ने कहा- रायबरेली में गृहमंत्री जी की सभा में भाजपा के लोगों द्वारा @moliticsindia के पत्रकार राघव त्रिवेदी को बेरहमी से पीटा गया। गृहमंत्री जी भाषण देते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही। पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उन्होंने कुछ महिलाओं से बात की थी जो कह रही थीं कि सभा में आने के लिए उन्हें पैसे दिए गए। पूरे देश के मीडिया का मुंह बंद कर देने वाली भाजपा को यह बर्दाश्त नहीं है कि उनके खिलाफ कहीं कोई आवाज उठे। संविधान खत्म करने का अभियान चला रही भाजपा इस देश से लोकतंत्र को खत्म कर जनता की आवाज छीन लेना चाहती है।
रायबरेली में गृहमंत्री जी की सभा में भाजपा के लोगों द्वारा @moliticsindia के पत्रकार राघव त्रिवेदी को बेरहमी से पीटा गया। गृहमंत्री जी भाषण देते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही। पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उन्होंने कुछ महिलाओं से बात की थी जो कह रही थीं कि सभा में… pic.twitter.com/VKjgVL7hF1
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 12, 2024
वहीं बिहार के नेता पप्पू यादव ने कहा- रायबरेली में गृह मंत्री अमित शाह की रैली में निर्भीक पत्रकार राघव त्रिवेदी पर बीजेपी वालों ने हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। अस्पताल में उनका उपचार हो रहा है, मैं उनसे मिलने जा रहा हूं। भाजपा में हार की बौखलाहट ज़बरदस्त है। भयभीत भाजपा पत्रकारों की पिटाई कर खीज उतार रही है। पत्रकारिता करने पर प्रहार, चाटुकारिता करने पर प्यार.. भाजपा का है यह नया व्यवहार, चार जून को चली जाएगी यह सरकार। पत्रकार राघव त्रिवेदी से रायबरेली ज़िला अस्पताल में मिला! शीघ्र स्वस्थ हों!
मुंबई (अनिल बेदाग) : फिल्म निर्माण की दुनिया में, सिनेमाई जादू पैदा करने के लिए सहयोग अक्सर महत्वपूर्ण होता है। यह विशेष रूप से हिंदी भाषा के नाटक “अनवूमन” के लिए सच है, जो प्यार और स्वीकृति की एक हार्दिक कहानी है जिसने दुनिया भर के दर्शकों के दिलों पर कब्जा कर लिया है। इस सिनेमाई विजय के शीर्ष पर तीन दूरदर्शी प्रतिभाएँ हैं: निर्देशक पल्लवी रॉय शर्मा, निर्माता गुंजन गोयल, और लेखक सुशील शरमन।
“अनवूमन” की यात्रा रूढ़िवादिता को चुनौती देने और कहानी कहने के माध्यम से सार्थक बातचीत को प्रेरित करने के साझा दृष्टिकोण के साथ शुरू हुई। पल्लवी रॉय शर्मा, जो अपनी साहसिक और विचारोत्तेजक कहानियों के लिए जानी जाती हैं, ने हर फ्रेम को प्रामाणिकता और भावना से भरते हुए, परियोजना में अपनी निर्देशन विशेषज्ञता लायी। जब हमने पल्लवी से पूछा कि वह अपनी फिल्म अनवुमन के माध्यम से क्या संदेश देना चाहती हैं, तो उन्होंने कहा, “मैं समावेशन के संबंध में एक संवाद शुरू करना चाहती थी। फिल्म का आखिरी दृश्य जहां सांवरी बस के फर्श पर बैठती है क्योंकि उसके लिए कोई सीट आरक्षित नहीं थी, मैं हमारे रुख पर प्रकाश डालना चाहता था जहां हम तीसरे लिंग को अपने समाज का हिस्सा नहीं मानते हैं। अंत में यह एक प्रेम कहानी है और प्यार बाधाओं को तोड़ देता है और हम सभी प्यार करना और प्यार पाना चाहते हैं।”
निर्माता गुंजन गोयल द्वारा समर्थित, जिनकी कहानी कहने का जुनून और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता फिल्म के हर पहलू में स्पष्ट है, “अनवूमन” को पंख लग गए। निर्माता से यह पूछने पर कि इस तरह के अनोखे विषय को चुनने के लिए उन्हें किस बात ने प्रेरित किया, गुंजन ने कहा, “मैं एक ऐसी फिल्म बनाना चाहता था जो लोगों को सोचने के लिए प्रेरित करे। यह कोई ऐसी फिल्म नहीं है जिसे आप दो घंटे तक देखते हैं और भूल जाते हैं। आज बहुत से लोग अपने विचार लेकर मुझसे आये हैं और यह एक अच्छी शुरुआत है।”
इस तिकड़ी को पूरा करने वाले लेखक सुशील शरमन हैं, जिनकी सूक्ष्म पटकथा ने “अनवूमन” की शक्तिशाली कथा की नींव रखी। व्यक्तिगत अनुभवों और मानवीय रिश्तों की गहरी समझ से प्रेरित, शरमन की पटकथा, जिसे उन्होंने पल्लवी रॉय शर्मा के साथ मिलकर लिखा था, प्रामाणिकता के साथ प्रतिध्वनित होती है, प्यार और पहचान की जटिलताओं को अनुग्रह और संवेदनशीलता के साथ पकड़ती है। वह कहते हैं, ”’मैंने अपना बचपन एक गांव में बिताया है और मैंने देखा है कि कैसे आम लोगों का जीवन वर्जनाओं के इर्द-गिर्द घूमता है। मैंने लोगों को पूर्वाग्रह के तहत झुकते देखा है और मैं इसे एक कहानी के माध्यम से प्रदर्शित करना चाहता था।
पल्लवी रॉय शर्मा, गुंजन गोयल और सुशील शरमन ने मिलकर एक रचनात्मक शक्ति का निर्माण किया, जिनमें से प्रत्येक ने एक उत्कृष्ट कृति तैयार करने के लिए अपनी अनूठी ताकत पेश की, जो उम्मीदों को चुनौती देती है और सीमाओं से परे है। उनका सहयोग कहानी कहने में एकता की शक्ति का एक प्रमाण है, जो साबित करता है कि जब प्रतिभाशाली दिमाग एक साथ आते हैं, तो संभावनाएं अनंत होती हैं। करण मान, गिरीश पाल सिंह और प्रमोद देसवाल जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों से सजी यह फिल्म मानवीय संबंधों की सूक्ष्म खोज प्रस्तुत करती है, जो इसकी कहानी को नई ऊंचाइयों तक ले जाती है।
जैसा कि “अनवूमन” दर्शकों को आकर्षित कर रहा है और स्वीकृति और समावेशन के बारे में महत्वपूर्ण बातचीत शुरू कर रहा है, भारतीय सिनेमा में अग्रणी के रूप में पल्लवी रॉय शर्मा, गुंजन गोयल और सुशील शरमन की विरासत मजबूती से मजबूत हो गई है। अपने शिल्प के प्रति उनका अटूट समर्पण और कहानी कहने की सीमाओं को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता हर जगह फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा का काम करती है, जो हमें सिनेमा की परिवर्तनकारी शक्ति की याद दिलाती है।
मुंबई (अनिल बेदाग) : आज चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लायंस इंटरनेशनल चेयरमैन और वीएसएसएस (विश्व सिंधी सेवा संगम) के अंतर्राष्ट्रीय निदेशक डॉ चंदर पुरसवानी ने लोखंडवाला में निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार श्री रवींद्र वायकर के लिए लाल साईं धाम में आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बैराणा साहेब की प्रार्थना सभा का आयोजन किया।
पूरे सिंधी समाज ने लाल साईं धाम पर चांद और अक्षय तृतीया मनाई और मोदी जी के नेतृत्व में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बैराणा साहब की प्रार्थना रखी। पूरे कार्यक्रम का आयोजन डॉ. चंदर पुरसवानी जी ने किया।
इस कार्यक्रम में सभी सिंधी भाई बहनो ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और डॉ.चंद्र पुरसवानी को प्रोत्साहित किया ताकि वे आम जनता की सेवा करते रहें।
आने वाले समय में डॉ.चंद्र पुरस्वानी ने समाज सेवा में जुड़े रहने की बात कही।
डॉ.चंद्र पुरस्वानी, जो भाजपा के पार्टी सदस्य हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेत्रत्व को और आगे बढ़ाने के लिए नई योजनाओं का आरंभ करने की बात है।
लाल साईं धाम, लोकंदवाला में डॉ. चंदर पुरसवानी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सिंधी समाज ने मोदी जी को वोट देने का संकल्प लिया। निर्वाचन क्षेत्र (उत्तर-पश्चिम) से उम्मीदवार श्री रवींद्र वायकर जी को वोट देने की शपथ ली गई।
मुंबई (अनिल बेदाग) : वैदेही तामन द्वारा आयोजित 16वें न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवार्ड से समाज सेविका नीतू जोशी को बेस्ट सोशल वर्कर के सम्मान से नवाज़ा गया। उन्होंने पिछले दो वर्षों में अपने एनजीओ मियाम ए म आई एम के अंतर्गत ट्राइबल्स और किसानों के बच्चों को प्रतियोगिता परीक्षा के लिए नासिक में मुफ्त किताबें वितरित कीं। उनमें से एक छात्र ने यूपीएससी पास किया है। नासिक और आसपास के इलाकों के गरीब बच्चों के लिए वह अक्सर नोट बुक्स, टी शर्ट वितरित करती रहती हैं। जानवरों के लिए उन्होंने शेल्टर बनाए हैं, उनके खाने पीने का इंतेजाम किया है। ऐसे बहुत सारे सोशल वर्क्स के लिए नीतू जोशी को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
बता दें कि नीतू जोशी ने 2022 में MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की थी जो महाराष्ट्र दूरदराज के क्षेत्रों, विशेष रूप से गढ़चिरौली के नक्सली क्षेत्र में सक्रिय है और उम्मीद का एक नया दीपक रौशन कर रही है। नीतू जोशी का यह ट्रस्ट बच्चों की शिक्षा के लिए कार्यरत है। उनकी फीस से लेकर उन्हें पुस्तकें दिलाने तक का नेक काम यह संस्था कर रही है। इस सराहनीय प्रयास की वजह से ही नीतू जोशी को न्यूज़ मेकर्स अचीवर्स अवार्ड द्वारा सर्वश्रेष्ठ समाजसेविका का पुरस्कार मिला है।
मशहूर समाज सेविका नीतू जोशी सामाजिक और पर्यावरणीय कार्य के प्रति समर्पण भाव से कई वर्षों से सक्रिय हैं। समाज और मानव सेवा में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं। नीतू जोशी परोपकार और जनता के कल्याण के लिए लगातार काम करती आ रही हैं।
नीतू जोशी के नेतृत्व में MIAM चैरिटेबल ट्रस्ट अनाथ बच्चों की सहायता, पशु कल्याण और जल संरक्षण सहित विभिन्न परोपकारी कार्य करता है। वह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में निरंतर सेवा भाव के साथ लगी हुई हैं। यही कारण है कि उन्हें प्रशंसा के साथ साथ अवार्ड्स भी मिलते हैं जो उन्हें और अधिक परोपकारी कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
डॉ. मोहन यादव जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 5 महीने पहले शपथ ले रहे थे, तब प्रदेश की जनता के मन में कई सवाल उमड़े थे। सवाल कई तरह के थे कि क्या तीन बार के विधायक रहे यादव प्रदेश की सियासत पर छा पाएंगे। मध्य प्रदेश की राजनीति में उनका कद कितना बढ़ पाएगा। कैसे राजनीति में अपने पद के अनुसार जनता में पैठ बनाएंगे। ऐसे कई अनसुलझे सवाल जनता के साथ ही कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के मन में थे। अब इन सभी सवालों के जबाव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यशैली को देखकर मिलने लगे हैं। अब भाजपा के साथ ही आम जन भी डॉ. मोहन यादव की प्रशासनिक और राजनीतिक दक्षता का लोहा मानने लगे हैं।
उन्होंने अपनी कार्यशैली से मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन को भी जीता है, तब ही प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव की सभाओं में मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर भी डॉ. मोहन यादव के काम काज की जमकर तारीफ की।
डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने अभी मात्र 150 दिन ही हुए हैं, लेकिन उनके इस छोटे से कार्यकार्य में उनकी लोक लुभावन मनमोहक छवि उभरकर सामने आई है जो लोकसभा चुनाव में जमकर चल भी रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही अपने काम काज में प्रशासनिक दक्षता दिखानी शुरु की और कई कठोर निर्णय लेकर उन्होंने अपनी छवि लोक लुभावन नेता के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया।
इस प्रयास में वे लोकसभा के चुनाव आते आते सफल माने जा सकते हैं। जब वे मुख्यमंत्री बने थे, तब महिलाओं के मन में एक भय था कि कहीं लाड़ली बहना के रूप में हर महीने 1250 रुपए की राशि बंद तो नहीं हो जाएगी, डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को सुचारू रखा और यहां महिलाओं के मन से योजना के बंद हो जाने का भय भी निकाल दिया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही सबसे पहले लाउडस्पीकर और खुले में मांस की बिक्री पर रोक के आदेश जारी किए। आदेश जारी कर उसका पालन करवाना टेढ़ी खीर था, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने आदेश को लेकर जो सख्ती दिखाई तो हर जिले का प्रशासन इन दोनों आदेशों का पालन करवाने में जुट गया। दरअसल प्रदेश में खुले में बिकने वाले मांस से खासकर शाकाहारी महिलाएं परेशान थी। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का भी सडक़ों पर चलना दूभर था। उस स्थिति में यह आदेश हिन्दू और जैन परिवारों के लिए राहत का काम कर गया। इसके अलावा भी उनके कई ऐसे निर्णय रहे जो उनकी छवि को जनता के बीच में निखारते रहे।
लोकसभा चुनाव की जब आचार संहिता लगी तब शायद ही किसी को अंदाजा होगा कि मध्य प्रदेश के महज चंद महीनों के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की लोकप्रियता इतनी हो जाएगी कि उन्हें हर दिन सभा या रोड शो करना ही पड़ेगा। चुनाव शुरू हुए उम्मीदवार मैदान में उतरे। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव की चुनावी सभाओं की डिमांड आना शुरू हुई। यह मुख्यमंत्री की चंद महीनों में बनी लोकप्रियता का ही नतीजा है कि लोकसभा चुनाव में उनकी सभा मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी असरकारक मानी जाने लगी है।
*ढाई सौ चुनावी कार्यक्रम
कर दिए डेढ़ महीने में*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के एक मात्र ऐसे नेता हो गए हैं जो लोकसभा चुनाव में अब तक 197 सभाएं और 56 रोड शो चुनाव में किये। वे मध्य प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों में से 185 क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने के लिए पहुंचे।उनके यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश में हुए। इनके अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार, झारखंड और उड़ीसा में भी वे चुनाव प्रचार के लिए गए। उन्होंने मध्य प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में सभाएं की। साथ ही जहां चुनावी सभा की वहीं वे उस क्षेत्र के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भी पहुंचे। इसके अलावा वे 29 में से 22 लोकसभा उम्मीदवारों के नामांकन भरवाने के लिए पहुंचे। इस चुनावी कैम्पेन में वे कभी भी पूरे एक दिन राजधानी भोपाल में नहीं रहे। अमेठी में वे स्मृति ईरानी का नामांकन भरवाने भी गए। राजनीति में पांच महीने के मुख्यमंत्री की जनता में इतनी पकड़ कि उनकी हर जगह से डिमांड आए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं लगता है। अब उनकी डिमांड असम राज्य से भी आ रही है। हो सकता है कि उनका अब जल्द ही असम के लिए भी दौरा कार्यक्रम बने है। उत्तर प्रदेश की बची हुई लोकसभा सीटों के चुनाव में भी वे प्रचार के लिए जाएंगे।
*प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश में की तारीफ*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी डॉ. मोहन यादव के काम काज से खासे प्रभावित हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के इटावा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के काम काज की तारीफ जमकर की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश में नर्मदापुरम क्षेत्र की सभा में कहा कि यहां के मुख्यमंत्री बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। वहीं उन्होंने प्रदेश की कई अन्य सभाओं में भी डॉ. मोहन यादव की तारीफ की। इसके बाद उत्तर प्रदेश के इटावा की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एमपी को दौड़ा रहे हैं। खास बात यह थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सभा में डॉ. मोहन यादव थे ही नहीं ।
उनकी अनुपस्थिति में प्रधानमंत्री ने उनके काम काज की तारीफ दूसरे राज्य में की। चुनाव प्रचार के दौरान रोड शो भी हो रहे हैं, इसी से उत्साहित मुख्यमंत्री ने 65 किलोमीटर लंबा रोड शो भी मध्य प्रदेश में किया। मुख्यमंत्री के तूफानी चुनाव प्रचार में खास बात यह रही कि उन्होंने जनता की बात के साथ अपनी सरकार के कामकाज गिनाए। मौका मिलने पर वे राहुल गांधी पर जुबानी हमला करने से भी नहीं चूके। अब डॉ. यादव की सभाओं और रोड शो का नतीजा भी 4 जून को मतगणना के साथ अपने आप ही आ जायेगा। मुख्यमंत्री का दावा है कि इस बार मध्यप्रदेश की सभी 29 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को विजय प्राप्त होगी। मध्यप्रदेश में भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 27 और 2019 में 28 लोकसभा सीट जीती थी। इस बार यदि 29 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को जीत मिलती है तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री को ही जायेगा।
लोकसभा के तीन चरणों का चुनाव खत्म हो चुका है. सभी राजनीतिक पार्टियां बाकी बचे सीटों पर जोरों शोरों से प्रचार प्रसार कर रहे हैं. मुंबई, ठाणे, पालघर में पांचवें चरण के दौरान 20 मई को मतदान होंगे. मुंबई और आसपास के जिलों के लिए 17 मई शुक्रवार की शाम चुनाव प्रचार के नजरिए से बेहद खास होने वाला है.
एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी और राज ठाकरे
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे मुंबई एक मंच पर दिखने वाले हैं. दोनों ही नेता आसपास के जिलों की जनता को शिवाजी पार्क मैदान के विशाल मंच से संबोधित करेंगे.
शिवाजी पार्क बुक कराया गया
मनसे के महासचिव और प्रवक्ता वागीश सारस्वत ने अधिकृत तौर पर यह जानकारी दी है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने चुनाव घोषित होते ही राज ठाकरे की सभा के लिए शिवाजी पार्क मैदान बुक करवा दिया था. लेकिन राज ठाकरे ने लोकसभा चुनाव लड़ने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने का फैसला किया. महायुति के सभी लोकसभा उम्मीदवारों के समर्थन में मनसे के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मैदान में हैं.
बीजेपी के लिए प्रचार कर रहे राज ठाकरे
तीसरे चरण में मतदान से पहले कणकवली में राज ठाकरे बीजेपी उम्मीदवार नारायण राणे के समर्थन में रैली को संबोधित कर चुके हैं. अब 10 मई को पुणे और 12 मई को ठाणे जिले में राज ठाकरे की रैली आयोजित की गई है. मुंबई, पालघर, और ठाणे जिले की लोकसभा सीटों के लिए 20 मई को मतदान होना है.
इससे पहले 17 मई की शाम को दादर के शिवाजी मैदान के मंच से प्रधानमंत्री के साथ राज ठाकरे की सभा आयोजित की गई है. मनसे महासचिव वागीश सारस्वत के मुताबिक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस महासभा में उपस्थित रहेंगे.
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए 13 मई को 96 सीटों पर मतदान होंगे. वहीं पांचवें चरण के लिए 20 मई को 49 लोकसभा सीटों पर चुनाव होंगे.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने एक टीवी शो के दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कॉन्ग्रेस से लेकर राम मंदिर आदि तमाम मुद्दों पर अपनी बेबाक टिप्पणी है। पाकिस्तान, देश की सुरक्षा, आतंकवाद, राहुल गाँधी आदि अनेकों मुद्दों पर अपनी बात रखी।
दरअसल, रजत शर्मा के शो ‘आपकी की अदालत’ में यूपी के सीएम योगी शामिल हुए। इस दौरान रजत शर्मा ने उनसे कहा कि राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अमिताभ बच्चन को देखा, ऐश्वर्या राय को देखा, लेकिन किसी गरीब-मजदूर को नहीं देखा।
इस सीएम योगी ने कहा, “श्रमिक कौन थे? जो मंदिर का निर्माण किए उनका महिमामंडन प्रधानमंत्री अपनी हाथों से कर रहे हैं। प्रयागराज में सफाई कर्मियों के पैर धोए। ये पहली बार हुआ।” सीएम योगी ने कहा कि राहुल गाँधी के परदादा, दादी और पिताजी प्रधानमंत्री रहे हैं और उनकी माँ सुपर पीएम रही हैं। इन लोगों ने गरीबों के लिए कुछ किया हो तो वो बताएँ।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “देश के उन्हें देखा गुजरात चुनावों के दौरान। उन्हें ये तक नहीं मालूम कि मंदिर में जाकर बैठना कैसे है। ऐसे लगता था कि कोई नमाज पढ़ने के लिए गया हो। पुजारी ने समझाया था कि ये मंदिर है, मस्जिद नहीं है। पालथी मारकर बैठिए और पूजा कीजिए। यहाँ नमाज पढ़ने की कोई मुद्रा नहीं बनानी है। अब ऐसे लोग राम मंदिर के बारे में बात करेंगे, जिनका खानदानी इतिहास रहा है राम मंदिर विरोध का।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गाँधी के उस आरोप का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में राष्ट्रपति को इसलिए नहीं बुलाया गया था, क्योंकि वो आदिवासी हैं। इस सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल के कारण ही एक जनजातीय की महिला देश की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठी हैं।
रजत शर्मा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अपने प्रत्याशी से कहा था कि ‘तुम शिव हो। तुम्हें राम से लड़ना है’। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत की सनातन परंपरा में राम और शिव एक-दूसरे के पूरक हैं। लंका में सेतुबाँध का निर्माण करने से पहले भगवान राम ने भगवान शिव की ही उपासना की थी। इस ज्योतिर्लिंग को राम ने रामेश्वर यानी राम का ईश्वर बताया। वहीं, शिव ने कहा- जिसका ईश्वर राम हैं, वहीं रामेश्वर है।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कॉन्ग्रेस हमेशा बाँटने की राजनीति करती है। उसने धर्म के आधार पर पहले देश को बाँटा, फिर भाषा और क्षेत्र के आधार पर देश को बाँटने की कोशिश किया। इन्होंने 1947 में देश का बँटवारा किया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस आज भी पाकिस्तान का राग अलापती रहती है।
पाकिस्तान के एटम बम को लेकर मणिशंकर अय्यर द्वारा दिए गए बयानों पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “हमारे एटम बम फ्रीज में रखने के लिए हैं क्या? ये कॉन्ग्रेस के मणि हो सकते हैंं, भारत का मणि नहीं हो सकता। ये नया भारत है। नया भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन जो छेड़ता है उसे छोड़ता भी नहीं है। घर के अंदर घुस करके जवाब देगा। दिया भी है। आज तो ये हालत है कि पटाखा भी जोर से फटता है तो पाकिस्तान कहता है कि नहीं, इसमें मेरा हाथ नहीं है। ये है नया भारत।”