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गौ रक्षा दल के जिला प्रधान अपनी टीम के साथ भाजपा में शामिल

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जगाधरी, जगाधरी विधानसभा में भाजपा संगठन लगातार मजबूत हो रहा है। लगातार भाजपा की रीति-नीति से प्रभावित होकर लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को यमुनानगर गौ रक्षा दल के जिला प्रधान धर्मेंद्र राणा ने अपनी पूरी गौ रक्षा दल की टीम के साथ भाजपा का दामन थाम लिया। हरियाणा के कृषि मंत्री चौ. कंवर पाल गुर्जर ने अपने जगाधरी आवास पर पार्टी का पटका पहना कर इन सभी का भाजपा परिवार में स्वागत किया। कृषि मंत्री कंवर पाल ने इस मौके पर कहा कि पार्टी में शामिल हुए सभी गौ रक्षकों को पूरा मान सम्मान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गौ रक्षक बहुत सराहनीय कार्य कर रहे हैं, इनके पार्टी में आने से भाजपा और मजबूत होगी।

महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी पुस्तक का किया विमोचन

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मुंबई – दिनाँक २९जून को वाग्धारा कला महोत्सव में मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री रमेश बैस के द्वारा डॉ.मुस्तफ़ा युसूफअली गोम की लिखी पहली पुस्तक ‘नरेंद्र मोदी संवाद नए भारत का संकल्प ‘ का विमोचन अंधेरी पश्चिम के मुक्ति शभागार में किया गया।

मंच पर आयोजक वागीश सारस्वत , लेखक – निर्देशक रूमी जाफ़री , प्राचार्य अजय कौल , मशहूर कला निर्देशक जयंत देशमुख , आदि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्साही और दृष्टि संपन्न नेतृत्व को समर्पित यह पुस्तक, भारतीय जनमानस की उम्मीदों और सपनों का प्रतिबिंब है। डॉ. गोम ने इस पुस्तक के माध्यम से श्री मोदी की नेतृत्व शैली और उनके द्वारा विकसित आदर्श भारत की दृष्टि को साझा किया है। उनके नेतृत्व में देश के समग्र विकास की दिशा में की गई प्रगति को यह पुस्तक उजागर करती है। इस पुस्तक का प्रकाशन मुंबई हिंदी अकादमी द्वारा किया गया है।

 

काले परिधान में दिलों की धड़कन बनी मधुरिमा तुली  

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मुंबई (अनिल बेदाग) : मधुरिमा तुली भारतीय मनोरंजन उद्योग में सबसे पसंदीदा और प्रशंसित कलाकारों में से एक हैं। इन वर्षों में दिवा ने विभिन्न माध्यमों में अपनी प्रतिभा और क्षमता साबित की है और कोई आश्चर्य नहीं कि आज, वह उस प्यार और ध्यान को पाने की हकदार है जो उसे मिल रहा है।  चाहे वह टीवी क्षेत्र हो या फिल्में या ओटीटी और रियलिटी शो, वस्तुतः ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां मधुरिमा ने अपनी क्षमता का अच्छा उपयोग न किया हो और कोई आश्चर्य नहीं, उनके वफादार प्रशंसकों को हमेशा उन पर गर्व है। उनकी उपलब्धियाँ खुद बोलती हैं और इसीलिए उनके प्रशंसक हमेशा उस प्यार और प्रशंसा को प्रदर्शित करने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं जिसकी वह हकदार हैं। जबकि मधुरिमा को हमेशा एक ऐसी कलाकार के रूप में जाना जाता है जो अपनी कला पर ध्यान केंद्रित करती है और एक अभिनेत्री के रूप में अपने काम को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।
 हर कोई इस तथ्य से भी वाकिफ है कि वह एक उत्कृष्ट फैशनिस्टा हैं और वह भी सबसे सहज और मनमौजी अंदाज में। वह एक ऐसी दिवा है जो अपनी इच्छा और पसंद के अनुसार एथनिक या कस्टम वेस्टर्न अवतार में रॉक और रोल करने की क्षमता रखती है और यही बात हमें उसकी सबसे ज्यादा पसंद है। वह बार-बार अपने प्रशंसकों को लुभाने और मंत्रमुग्ध करने के लिए अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर स्टनर पोस्ट करने में माहिर हैं। भव्यता और खूबसूरती की प्रतीक उर्फ ​​मधुरिमा ने अपने आकर्षक और आकर्षक ऑल-ब्लैक आउटफिट में सजी-धजी अपनी कुछ शानदार और जबड़ा-गिरा देने वाली तस्वीरें साझा कीं और हम उनसे अपनी नजरें नहीं हटा पा रहे हैं। लाल रंग की लिपस्टिक के साथ उनका बंधा हुआ लंबा हेयरस्टाइल उनके स्वैग को लेकर चर्चा में है और इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि प्रशंसक हमेशा इस प्राकृतिक सुंदरता को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

मैं ‘बद्तमीज़ गिल’ में कॉमेडी कर रही हूं, एक ऐसा जॉनर जिसे मैंने बहुत ज्यादा एक्सप्लोर नहीं किया है : वाणी कपूर

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खूबसूरत बॉलीवुड अभिनेत्री वाणी कपूर ‘बद्तमीज़ गिल’ में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। यह ड्रामेडी (ड्रामा + कॉमेडी) लोगों के दिलों को छूने का वादा करती है। वाणी अब फिल्म के दूसरे शेड्यूल के लिए यूके जा रही हैं।

वाणी कहती हैं, “हमारा अगला शेड्यूल यूके में है, और मैं इस रोमांचक फिल्मिंग अनुभव का इंतजार कर रही हूं। ‘बद्तमीज़ गिल’ मुझे एक नए अवतार में पेश कर रही है, जिसे लेकर मैं वाकई खुश हूं। यह प्रोजेक्ट मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, और यह जानकर बहुत अच्छा लगता है कि निर्माता मेरी अभिनय क्षमताओं पर विश्वास करते हैं और मुझे लीड रोल में रखते हुए फिल्मों को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। मैं इसे अपना सर्वश्रेष्ठ देने और एक कलाकार के रूप में अपनी विविधता दिखाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।”

वाणी ‘बद्तमीज़ गिल’ के साथ कॉमेडी का भी अन्वेषण कर रही हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक ऐसे जॉनर का भी अन्वेषण कर रही हूं, जिसे मुझे अभी तक गहराई से तलाशने का मौका नहीं मिला था, जो एक अभिनेत्री के रूप में मेरे लिए मजेदार और चुनौतीपूर्ण दोनों है। कॉमेडी, विशेष रूप से परिवारिक कॉमेडी, जिसे हर कोई एक साथ आनंद ले सके, यह जॉनर मुझे बहुत पसंद है। मैं ‘बद्तमीज़ गिल’ की शूटिंग का पूरा आनंद ले रही हूं।”

देश को कंगाल बनाने की घृणित राजनीति* 

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(शिव शरण त्रिपाठी – विनायक फीचर्स)
यदि चुनाव के समय राजनीतिक दलों द्वारा अपने घोषणा पत्रों के माध्यम से अपनी राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध के लिये नाना प्रकार की मुफत की रेवाडिय़ा बांटने की संस्कृति पर लगाम न लगाई गई तो देश को कंगाल होने से कोई बचा नहीं सकता।
इससे अधिक दुर्भाग्य और विडम्बना हो भी क्या सकती है कि सुप्रीम कोर्ट और सरकार के बार-बार चिंता जताने और इस पर रोक लगाने की मंशा जताने के बावजूद आज तक न तो सुप्रीम कोर्ट का कोई आदेश आ सका और न सरकार कोई कानून बना सकी।
चुनाव में मुफ्त की रेवडिय़ा बांटकर सत्ता में आने वाली पार्टियों के कार्यकाल में उनके राज्यों की आर्थिक बदहाली का ही नतीजा रहा है कि कहीं बिजली नहीं मिल पा रही है तो कहीं पानी नहीं मिल पा रहा है। विकास के लिये तो मानों धन का अकाल ही पैदा हो गया है।
हाल ही में यदि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को डीजल व पेट्रोल के दामों में भारी वृद्धि करने को विवश होना पड़ा है तो यह मुफत रेवडिय़ां बांटे जाने का ही नतीजा है। यही हाल पंजाब व दिल्ली का हो चुका है।
इस दिशा में 3 अक्टूबर 2022 को भारतीय स्टेट बैंक की एक रपट आंखे खोल देने को काफी है। रपट में मुफ्त रेवड़ी संस्कृति को देश की अर्थ व्यवस्था के लिये घातक बताया गया था।
ज्ञात रहे 2022 में सुप्रीम कोर्ट और मोदी सरकार ने इस दिशा में कड़े कदम उठाये जाने की मंशा जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि समस्या के निदान के लिये एक समिति का गठन किया जाना चाहिये। इसके बाद 2023 में उसने मुफ्त रेवडिय़ां बांटे जाने को लेकर ही एक याचिका पर मध्य प्रदेश राजस्थान और केन्द्र सरकार को नोटिस भी जारी किया था।
16 जुलाई 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुदेलखण्ड एक्सप्रेस वे जनता को सौंपने के बाद जनपद जालौन के कैथोरी गांव में एक जनसभा में कहा था कि देश की राजनीति से मुफ्त रेवड़ी संस्कृति खत्म करेगें। युवाओं को चेताया कि ऐसी राजनीति कर वोट बटोरने वालों से सावधान रहे, ये घातक है। उससे देश को नुकसान हो रहा है। रेवड़ी संस्कृति वाले कभी एक्सप्रेस वे, डिफेंस कॉरीडोर एयरपोर्ट नहीं बनायेगें। वो तो रेवड़ी में  फसाकर खुद के खजाने भरेगें।
ऐसे में एक ही रास्ता बचता है कि देश की प्रबुद्ध जनता ही मुफ्त रेवड़ी संस्कृति को सदा-सदा के लिये खत्म करने को आगे आये वरन देश की आर्थिक बदहाली के नतीजे भोगने के लिये सभी को तैयार रहना ही होगा।
एक प्रत्याशी एक ही सीट से चुनाव लड़े- भारत निर्वाचन आयेाग को सरकार से जल्द से जल्द ये कानून बनाने की मांग करनी चाहिये कि एक प्रत्याशी सिर्फ  एक सीट से चुनाव लड़ सकेगा।  फिलहाल जब तक कानून नहीं बनता तब तक निर्वाचन आयोग को इस दिशा में स्वयं पहल करनी चाहिये।
कौन नहीं जानता कि खासकर बड़े नेताओं की दो-दो सीटों से चुनाव लडऩे की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है दोनो सीटे जीतने पर वे मनचाही एक सीट से प्रतिनिधित्व करते हैं और दूसरी सीट छोड़ देते हैं। नतीजतन उनके द्वारा छोड़ी गई ऐसी सीटों पर दुबारा चुनाव कराया जाता है और जिस पर देश की आम जनता की गाढ़ी कमाई दुबारा फूंकी जाती है।
यह भी कम विचारणीय नहीं है कि ऐसे उपचुनावों से देश की आर्थिक स्थिति पर अनायास बोझ बढ़ जाता है और यह बोझ देश का करदाता उठाने को मजबूर होता है।
और पिसता ही जा रहा है देश का मध्यम वर्ग- चाहे निजी राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि हेतु चुनावी रेवडिय़ां बांटे जाने की बढ़ती परम्परा हो, चाहे गरीबों हेतु चलाई जाने वाली मुफ्त की योजनायें हों और चाहे दो सीटों से जीतने वाले प्रत्याशियों का एक सीट छोड़े जाने से होने वाले उपचुनाव, आखिर इनका बोझ कौन उठाता है? साफ  है देश का करदाता। अब सवाल यह है कि समाज का कौन सा वर्ग है कि करदाता के रूप में जिसकी संख्या देश में सर्वाधिक है। सपाट उत्तर आता है मध्यम वर्ग। मध्यम वर्ग में अधिसंख्य व्यवसायी समाज और नौकरीपेशा लोग आते हैं। सरकारी नौकरी में उच्च पदों पर कार्यरत लोगों को छोड़ दिया जाये तो अधिसंख्य सरकारी व निजी क्षेत्रों के नौकरी पेशा लोगों को समाज का सर्वाधिक बोझ उठाने वाला वर्ग कहा जा सकता है। समाज में ऐसी ही दशा उन छोटे व्यापारियों की भी है जो पारिवर, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने में ही अपनी सारी जिदंगी खपा देते है और मृत्यु पर्यंत उन्हे सुकून नहीं मिल पाता।
 हर बजट में चाहे केन्द्रीय बजट हो और चाहे राज्यों का बजट मध्यम वर्ग की नजरें हमेशा आयकर में छूट को लेकर ही जिज्ञासु रहती है । इसका कारण उसे तंगहाली से राहत मिलने की उम्मीद जो होती है। यह भी किसी को बताने की जरूत नहीं है कि राष्ट्र व समाज की रीढ़ होते हुये भी सरकारी योजनाओं का उसे कोई लाभ नहीं मिल पाता। सारा का सारा लाभ निम्न वर्ग व उच्च वर्ग को प्राप्त होता है।  मध्यम वर्ग को इससे इंकार नहीं है कि सरकार उसके करों से समाज के जरूरतमंद लोगों के लिये लाभ की योजनायें न बनाये, न लागू करें। उसे खीझ व गुस्सा इस बात से है कि राजनीतिक दलों की स्वार्थ पूर्ति हेतु ही उसे बलि का बकरा बनाया जाता है।  चुनाव में रेवड़ी बांटने की संस्कृति का होता विस्तार, दो-दो सीटों से चुनाव लड़कर एक सीट छोडऩे की परम्परा को आखिर मध्यम वर्ग क्यों ढोता फिरे? सरकार व विपक्षी दलों को इस दिशा में गहन विमर्श करना ही होगा और जितनी जल्द हो सके उतना जल्द किया जाये। यदि कहीं मध्यम वर्ग ने कंधा डाल दिया तो हालात संभाले न संभलेगें। (विनायक फीचर्स)

मुनमुन चक्रबर्ती बहुमुखी प्रतिभा की है धनी

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मुनमुन चक्रबर्ती कलकत्ता की पृष्टभूमि से है मगर वह बचपन से मुम्बई में पली बढ़ी हैं और यहीं शिक्षा प्राप्त की है। जल्द ही उनकी वेब सीरीज, म्यूजिक वीडियो और शार्ट फिल्म रिलीज होने वाली है वह कई प्रोजेक्ट्स में काम कर रही है।’सुंदरी’ नाम की उनकी म्यूजिक वीडियो रिलीज़ होने वाली है। वह अभिनय के क्षेत्र में व्यस्त हैं। उनकी ‘स्टाइल एजेंट’ नाम की कंपनी है। उनकी इस कंपनी के बैनर तले भी वह कई प्रोजेक्ट्स में काम कर रही है। वह फैशन डिजाइनर, मॉडल और अभिनेत्री के रूप में कई अवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं।हाल ही में उन्हें बैंकॉक में मन्नारा चोपड़ा द्वारा इंडिया इंटरनेशनल इन्फ्लुएंसर अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया है, जहां अभिनेत्री नोजा शेख शो स्टॉपर रही, सुनीता एस बावा क्रिएटिव रही और राजेश राय ने वीडियोग्राफी की है, उन्हें बॉलीवुड लाइफस्टाइल में ईशा कोप्पिकर द्वारा भी सम्मानित किया गया है। लीजेंड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, बॉलीवुड लीजेंड अवार्ड, राष्ट्रीय रत्न सम्मान, बॉलीवुड आइकोनिक अवॉर्ड से सम्मानित हुई हैं, जो इन्हें प्रसिद्ध गायक कुमार शानू और पद्मश्री उदित नारायण जैसे दिग्गजों के हाथों प्राप्त हुआ है। मुनमुन ने बंगला फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है। मॉडलिंग और फैशन शो किया है, उसके बाद मुम्बई में फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। टी सीरीज जैसे कई कंपनियों के म्यूजिक वीडियो में दिखाई दे चुकी हैं। मुनमुन ने कई साड़ी, ज्वैलरी और भारतीय परिधानों के ब्रांड्स की विज्ञापनों में काम किया है।

मुनमुन चक्रबर्ती बहुमुखी प्रतिभा की धनी है। अभिनय, नृत्य, फैशन डिजाइनिंग और मॉडलिंग करती हैं जिनमें वह बेहतर हैं। वह एक अच्छी स्वीमर है, डिफरेंट और व्यवसायिक स्तर पर कुकिंग करने में निपुण और जुडो कराटे में भी निपुण है। मुनमुन को हमेशा कुछ नया करना और सीखना अच्छा लगता है। मुनमुन कथक नृत्य में पारंगत है साथ में हिपहॉप और बॉलीवुड डांस में बहुत अच्छी है। उन्होंने फ़ैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है और उनका खुद का ब्रांड है जिसमें कई सेलेब्स और फिल्मों में कलाकारों के लिए डिजाइनर कपड़े बनाये जाते हैं। कुकिंग का कोर्स भी इन्होंने सीखा है। मुनमुन चक्रबर्ती अभिनेता शाहरुख खान, सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा और नवाजुद्दीन सिद्धिकी के अभिनय की बहुत बड़ी प्रसंशक है। उन्हें हॉट, बिंदास और ग्लैमरस भूमिकाएं पसंद हैं। मुनमुन को कुछ नया और अलग करना अच्छा लगता है। वह हमेशा कुछ नया सीखती रहती है। उनका कहना है कि आप कभी भी हार मत मानो आपके अंदर प्रतिभाएं छिपी हुई हैं उसे पहचानो। मुनमुन सकारात्मक सोच वाली स्वाभिमानी और रिलिजियस है। बेहद लगनशील और काम के प्रति समर्पित व्यक्ति हैं। वह जल्द हार नहीं मानती। मुनमुन का कहना है कि यदि आप किसी विशेष व्यवसाय या फील्ड में काम करने का निर्णय लेते हैं और सफल नहीं हो पाते तो ऐसे स्थिति में धैर्य से काम लो और शांत मन से सोचो कि क्या उनके लिए सही होगा। क्योंकि पहली बार में ही हर इंसान को सफलता प्राप्त नहीं होती। इस जीवन में आगे बढ़ने के लिए विकल्पों की कमी नहीं है, कोई ना कोई राह आपको मिल ही जायेगा, बस अपने कौशल और खुद पर विश्वास रखें। हमेशा सकारात्मक रहें और मेडिटेशन करें। क्योंकि न्यूटन का नियम है हर क्रिया की विपरीत और बराबर प्रतिक्रिया होती है वैसे ही जो आप इस यूनिवर्स को दोगे वह आपको जरूर वापस करेगा।

ईज़ी परफ्यूम्स का ट्रैवल-साइज़ वेरिएंट लॉन्च

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सफर के दौरान इत्र के शौकीनों के लिए इस्तेमाल होने वाला फ्रेगरेंस

मुंबई – सवाई फ्रेगरेंस के घराने से ईज़ी परफ्यूम ने अपने परफ्यूम लाइन के तहत 18ml वेरिएंट लॉन्च की है। खुशबू के तत्वों के साथ अपनी विशेषज्ञता के लिए मशहूर, इस ब्रांड ने इन कॉम्पैक्ट परफ्यूम्स को मार्च 2023 के डेब्यू कलेक्शन के विस्तार के रूप में पेश किया है, जो आधुनिकता के साथ ही यात्रा-प्रिय ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करता है, जो हमेशा से बहुमुखी प्रतिभा और विलासिता की सराहना करते रहे हैं। यह ब्रांड वैश्विक स्तर पर एसेंशियल ऑइल्स (कई महत्वपूर्ण तेल) और फ्रेग्रेंस का निर्माण, निर्यात करने में मशहूर है। ईज़ी जो इग्बो शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है ‘राजा’ यह राजसी और लालित्य का प्रतीक है। इसकी जीवंत, बेलनाकार डिज़ाइन वाली बोतलों में भी यह गुण दिखाई देता है, जो कांच के बेस और स्लीक क्लिक-ऑन कैप से बना है।

नए 18ml वेरिएंट्स, परफ्यूम के शौकीनों के लिए यात्रा के अनुकूल समाधान पेश करते हैं, जहां भी ये जाते हैं, कई तरह की खुशबू भी साथ ले जाना पसंद करते हैं। पुरुषों के लिए खट्टे (citrusy), ताजे और वुडी परफ्यूम (एलेशन, सर्ज, नोमैड), महिलाओं के लिए फ्लोरल, ताजा और मीठी खुशबू (फ्लो, अवे, जॉय) और दो ज़ेस्टी, परिष्कृत यूनिसेक्स विकल्प (आईडी, वाइब) सहित एक लाइनअप के साथ, ईज़ी परफ्यूम विविध स्वाद और प्राथमिकताओं को पूरा करता है।

पुष्कर जैन, सीईओ और परफ्यूम, सवाई फ्रेगरेंस ने कहा,”हमें खुशी है कि हम इज परफ्यूम्स के वेरिएंट्स का लॉन्च कर रहे हैं, जिसमें सुविधाओं को विलासिता और गुणवत्ता के साथ मिला कर तैयार किया गया है। है। यह परिचय नवाचार के प्रति हमारे समर्पण और हमारे समझदार ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं को पूरा करने की पुष्टि करता है। ये परफ्यूम ले जाने में आसान हैं, जो हमेशा घूमने वाले लोगों के लिए काफी उपयुक्त है। और गर्व की बात है कि इसे भारत में बनाया गया है। प्रत्येक खुशबू एक परिष्कृत और बढ़िया अनुभव का वादा करती है, जो हर बोतल में उत्कृष्टता की हमारी खोज को दर्शाती है।”

समझदार परफ्यूम के शौकीनों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई, ये कॉम्पैक्ट बोतलें समृद्ध, विशिष्ट खुशबू के साथ समझौता किए बिना बहुमुखी प्रतिभा सुनिश्चित करती हैं, जिसके लिए ईज़ी परफ्यूम (Eze Perfumes) की पहचान है। चाहे वह एलेशन और फ्लो के जीवंत नोट हों, सर्ज और अवे की ताजगी भरी खुशबू हो, नोमैड और जॉय की तरोताजगी से भर देने वाली खुशबू हो, या फिर आईडी और वाइब की विविधता से भरा आकर्षण हो, प्रत्येक खुशबू लालित्य और व्यक्तित्व के लिए ईज़ी परफ्यूम की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह परफ्यूम साथ में कहीं भी ले जाने में आसान है, यह ट्रैवल फ्रेंडली एडिशन हैं, जो शानदार खुशबू की कीमत को समझते हैं। यह व्यक्तिगत उपयोग और उपहार देने के लिए भी आदर्श हैं।

फाइव स्टार होटल में संपन्न होगा बॉलीवुड आइकॉनिक अचिवमेंट अवार्ड्स 2024

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मुंबई। महानगर में जुहू स्थित फाइव स्टार होटल जे डब्ल्यू मैरियट में आज दिनांक 27 जून 2024 को बॉलीवुड आइकॉनिक अचीवमेंट अवॉर्ड्स 2024 समारोह संपन्न होने जा रहा है।

इस अवॉर्ड शो में प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता सोनू सूद और अर्जुन रामपाल के अलावा बॉलीवुड, कॉरपोरेट, राजनीति, प्रशासन से कई दिग्गज हस्तियां अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
बॉलीवुड आइकॉनिक अचीवमेंट अवॉर्ड्स (BIAA) 2024 के प्रस्तुतकर्ता राजकरण तिवारी, पूजा तिवारी, अमित ठाकुर और नेहाल सिंह हैं।
प्रमुख हस्तियों की सूची में फिल्म अभिनेता सोनू सूद ,अर्जुन रामपाल, एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा (घायल, घातक, गदर, गदर 2 फेम), निर्माता विनोद बच्चन (फिल्म तनु वेड्स मनु फेम), शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे, युवा बिजनेसमैन डॉ निकेश ताराचंद जैन माधानी, आरजे अनुराग पांडेय, गरुड़ा राम (फिल्म केजीफ फेम), गोल्डन गाइज ऑफ इंडिया और ब्राइट आउटडोर के कर्ताधर्ता योगेश लखानी सहित कई नामी गिरामी हस्तियां बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित हैं।

5वें बॉलीवुड आइकोनिक अवार्ड 2024 का भव्य आयोजन कृष्णा चौहान द्वारा सम्पन्न

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निर्माता निर्देशक धीरज कुमार, ‘भाभी जी घर पर है’ फेम एक्टर सानंद वर्मा, दिलीप सेन, सुनील पाल, के के गोस्वामी, एसीपी संजय पाटिल, ब्राइट आउटडोर मीडिया की उपस्थिति

मुंबई। कृष्णा चौहान द्वारा 24 जून को बॉलीवुड आइकोनिक अवार्ड 2024 के 5वें सीज़न का भव्य आयोजन किया गया। वह पिछले पांच वर्षों से भव्य रूप से इस समारोह का आयोजन करते आ रहे हैं। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी समारोह में बॉलीवुड की जानी मानी हस्तियों ने शिरकत की।
कृष्णा चौहान फाउंडेशन के संस्थापक कृष्णा चौहान फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर भी हैं साथ ही वह केसीएफ टाइम्स एवं केसीएफ इंटरटेनमेंट (पत्रिका) के संपादक भी हैं। मुम्बई के अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में इस पुरुस्कार समारोह का आयोजन किया गया।
केसीएफ प्रस्तुत इस पुरस्कार समारोह में उन हस्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने फिल्मी दुनिया मे अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। कृष्णा चौहान द्वारा आयोजित इस अवार्ड समारोह में कई हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें मुख्य अतिथि धीरज कुमार, सीरियल ‘भाभी जी घर पर है’ में अनोखे लाल सक्सेना का किरदार निभाने वाले एक्टर सानंद वर्मा, दिलीप सेन, सुनील पाल, एसीपी संजय पाटिल, शशि शर्मा, निक्की बत्रा, के के गोस्वामी, मुकेश साहू माहेश्वरी, डॉ सुनील बी. गायकवाड़ रहे।


संजय अमान ने एंकरिंग की और उन्हें अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। जिन हस्तियों को यह सम्मान मिला उनमें निर्देशक आलोक नाथ दीक्षित, अभिनेता के के गोस्वामी, डॉ मुस्तफा अली गोम, शशि शर्मा, प्रियांश सोनी, नैना छाबड़ा सोनिक, सागर आचार्य, लेखक दीपक, रमेश मुल्तानी, सय्यद मोईन, शाहिदा, पूजा पांडे, दीपिका, असंता यादव, सोनू मित्रा, निक्की बत्रा, अनिल श्रीवास्तव, तरुणा सहानी, ज़ैद खान, इशाक खान सिंगर, आलिया खान, नाफ़े खान, मेघा हेमदेव, आर राजपाल, डॉ रूपांशी सिंह, पी के गुप्ता, पूनम गिरी, पिनाल राडाडिया, उपेंद्र पंडित, नासिर तगाले, पराग जोशी, कृष्णा शर्मा, आनंद पटेल, दिनेश परेशा, चन्द्र प्रकाश माझी, केवल कुमार, गाजी मोइन, नईम सिंह, तजेन्द्रसिंह जडेजा का नाम प्रमुख है।
अवॉर्ड शो में डॉ रूपांशी सिंह ने अपना प्रोडक्ट भी लांच किया।
उल्लेखनीय है कि कृष्णा चौहान पिछले 23 वर्षो से फिल्म जगत में फिल्ममेकर के रूप में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वह सामाजिक कार्यों में भी हमेशा तत्परता दिखाते रहते हैं। कोविड के दौरान उन्होंने न सिर्फ जरूरतमंदों को राशन वितरित किया बल्कि भगवतगीता भी लोगों को भेंट किया।
बता दें कि डॉ कृष्णा चौहान अपनी हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ की शूटिंग भी जल्द शुरू करने जा रहे हैं जिसमें प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन का संगीत देने वाले हैं।

मध्य प्रदेश गऊ हत्या -आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित

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सिवनी: Seoni Gohatya Case: मध्य प्रदेश पुलिस ने बीते रविवार को सिवनी जिले में 17 जून को 62 गोवंशियों (गाय और बैल) की हत्या में कथित रूप से शामिल नागपुर के सात निवासियों पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिवनी की सीमा महाराष्ट्र के नागपुर से लगती है, जहां एमपी की तरह गोहत्या पर कानूनी प्रतिबंध है.

गत शनिवार को सिवनी जिले में एक नदी और जंगल क्षेत्र में गायों के शव पाए गए थे, जिसके बाद पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था और मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को हटा दिया गया था और संस्कृति जैन को नया कलेक्टर बनाया था. एसपी जबलपुर ने बताया कि गोवंशियों की हत्या का उद्देश्य सांप्रदायिक हिंसा फैलाना था .

पुलिस महानिरीक्षक (जबलपुर क्षेत्र) अनिल सिंह कुशवाह ने सिवनी में संवाददाताओं से कहा, ‘जांच से पता चलता है कि गोवंशियों की हत्या का उद्देश्य सांप्रदायिक उन्माद भड़काना था, लेकिन मकसद की पुष्टि नागपुर के सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगी। हमने इन सातों लोगों पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है.

मुख्यमंत्री ने मामले की गंभारता को देखते सिवनी कलेक्टर और एसपी को हटाया

गौरतलब है गोहत्या मामले में गंभीर सीएम मोहन ने शनिवार देर रात सिवनी के कलेक्टर क्षितिज सिंघल और पुलिस अधीक्षक (एसपी) राकेश कुमार सिंह का तबादला किया और सोशल मीडिया पर ट्वीट कर बताया कि घटना में संलिप्त प्रत्येक आरोप पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है.

क्षितिज सिंघल की जगह संस्कृति जैन को बनाया गया सिवनी का नया कलेक्टर

एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया कि सिवनी जिले में क्षितिज सिंघल की जगह संस्कृति जैन को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि राकेश कुमार सिंह की जगह सुनील कुमार नए सिवनी एसपी बनाए गए है. बता दें,  जिले में दो दिन पहले एक नदी और जंगली इलाके में 40 से अधिक गायों के शव मिले थे, जिसके बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

सीएम ने कहा, गोमाता के खिलाफ कोई भी अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

इससे पहले, मुख्यमंत्री यादव ने ‘एक्स’ पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘गोमाता के खिलाफ कोई भी अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मामले में सीआईडी ​​एडीजी पवन श्रीवास्तव और उनकी टीम को नृशंस गोवंश हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच करने का काम सौंपा गया है. उन्होंने कहा, “मामले में शामिल हर आरोपी को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा”

गोवंश हत्याकांड में पांच आरोपी पुलिस हिरासत में भेजे गए, दो पर लगा रासुका

गौरतलब है सिवनी पुलिस ने दिन में चार आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया, जिसने संतोष कवरेती (40) और रामदास उइके (30) को न्यायिक हिरासत में भेज दिया और आरोपी शादाब खान (27) व वाहिद खान (28) को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शादाब और वाहिद के खिलाफ रासुका लगाया गया है.

शनिवार को मामले में एक आरोपी इरफान मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया

रिपोर्ट के मुताबिक गत शनिवार को एक और आरोपी इरफान मोहम्मद (57) को गिरफ्तार किया गया. सभी आरोपियों पर मप्र गोहत्या प्रतिषेध अधिनियम, 2004, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 और सांप्रदायिक तनाव भड़काने से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. गोहत्या अपराध में 7 साल तक की कैद की सज़ा का प्रावधाना है.