भारत ने गौ माता का गोबर बेच कर ₹400 करोड़ की विदेशी मुद्रा अर्जित की
भारत, दुनिया का सबसे बड़ा मवेशी उत्पादक देश होने के साथ, गोबर (काउ डंग) का भी प्रमुख निर्यातक बन चुका है। यहां रोजाना लगभग 30 करोड़ मवेशियों से 30 लाख टन गोबर पैदा होता है। वैश्विक स्तर पर जैविक खेती,… pic.twitter.com/YxJzNxfhzJ
— Gau Bharat Bharati (@BharatiGau) November 30, 2025
भारत, दुनिया का सबसे बड़ा मवेशी उत्पादक देश होने के साथ, गोबर (काउ डंग) का भी प्रमुख निर्यातक बन चुका है। यहां रोजाना लगभग 30 करोड़ मवेशियों से 30 लाख टन गोबर पैदा होता है। वैश्विक स्तर पर जैविक खेती, सस्टेनेबल कृषि और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण गोबर निर्यात में तेजी आई है। 2024-25 वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 तक) के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने गोबर और इससे बने उत्पादों (जैसे खाद, कंपोस्ट, पाउडर) से लगभग ₹400 करोड़ की विदेशी मुद्रा अर्जित की है। यह 2023-24 के ₹386 करोड़ से अधिक है, जो “वेस्ट टू वेल्थ” की मिसाल है। कमाल करते है मोदी जी









