भोरे. भोरे में मंगलवार को गौ-रक्षा दल के सदस्यों सहित स्थानीय युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा. युवाओं ने पुलिस पर फर्जी प्राथमिकी दर्ज करने का आरोप लगाते हुए भोरे-मीरगंज मुख्य सड़क को चारमुहानी पर जाम कर दिया.

पुलिस के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

करीब एक घंटे तक आवागमन ठप रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गयी. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. स्थिति विस्फोटक बन गयी. प्रत्याक्षदर्शियों ने बताया कि गौ-रक्षा दल के सदस्यों को इस प्राथमिकी की जानकारी मिली, तो वे भड़क उठे. दल के सदस्यों ने आरोप लगाया कि गौ-तस्करों को बचाने के लिए पुलिस ने निर्दोष युवाओं पर फर्जी केस दर्ज कर दिया है. इसके विरोध में वे जिम्मेनामा पर ली गयीं गायों को लेकर चारमुहानी पहुंचे और सड़क जाम कर दिया. स्थिति थोड़ी देर के लिए तनावपूर्ण हो गयी.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर कराया शांत

सूचना मिलते ही भोरे पुलिस, उप प्रमुख दीपू मिश्रा, समाजसेवी चंदन यादव और संकेश जायसवाल मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया. अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच करायी जायेगी और यदि प्राथमिकी फर्जी पायी गयी, तो उसे रद्द करने की कार्रवाई की जायेगी. आश्वासन के बाद जाम हटाया गया और यातायात सामान्य हुआ.

गौ तस्करी रोकने के लिए बनाया दल

भोरे सहित आसपास के गांवों के युवाओं ने मिलकर एक गौ-रक्षा दल का गठन किया है, जो क्षेत्र में लगातार हो रही पशु तस्करी पर नजर रखता है. इसी क्रम में 19 नवंबर की देर रात करीब 11 बजे दल के सदस्यों ने भोरे चारमुहानी के पास एक पिकअप वैन को रोका, जिस पर सात गायें लदी थीं. युवाओं ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी. पुलिस मौके पर पहुंची और पशुओं को जिम्मेनामा के आधार पर सौंप दिया.

अगले दिन दर्ज हो गयी प्राथमिकी

अगले ही दिन यानी 20 नवंबर को श्रीपुर थाना क्षेत्र के शाह बतरहां निवासी मोहम्मद वजीम ने भोरे थाने में एक प्राथमिकी दर्ज करा दी. इसमें आरोप लगाया गया कि उसका बेटा सेराज आलम पिकअप वैन से गाय खरीद कर घर लौट रहा था. इसी दौरान तेजप्रताप सिंह (खजुराहां पोखरा), अजय कुमार गोंड, अनूप कुमार गोंड (भोरे), राकेश जायसवाल सहित सात लोगों ने मारपीट की, सिर फोड़ दिया, हाथ तोड़ दिया और 35 हजार रुपये व मोबाइल फोन छीन लिया.

पशु तस्करी लंबे समय से समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पशु तस्करी लंबे समय से समस्या बनी हुई है, ऐसे में गौ-रक्षा दल द्वारा पकड़े गये युवकों पर कार्रवाई से ईमानदार प्रयासों पर पानी फिर जाता है. प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग दोहरायी. पुलिस अधिकारी पर भी कार्रवाई की बात पर वे अड़े रहे.

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